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‘लाल सिंह चड्ढा’ को हिट कराने के लिए SRK की शरण में आमिर खान, होगा कैमियो अपीयरेंस: कहा – वो भारत के सबसे बड़े स्टार

सोशल मीडिया पर आमिर खान (Aamir Khan) की अपकमिंग फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ का लगातार बहिष्कार करने की माँग की जा रही है। वहीं, आमिर खान भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने के लिए जोर-शोर से अपनी फिल्म का प्रमोशन कर रहे हैं और इंटरव्यू दे रहे हैं। उन्होंने हाल में दिए अपने इंटरव्यू में खुलासा कि ‘लाल सिंह चड्ढा’ (Laal Singh Chaddh) में उनके साथ शाहरुख खान भी नजर आएँगे। दरअसल, फिल्म में शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) का स्पेशल कैमियो (Cameo) है।

आमिर खान ने अपने इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने कैसे शाहरुख खान को कैमियो करने के लिए मनाया। ‘पीके’ फिल्म के अभिनेता ने कहा, “शाहरुख मेरे अच्छे दोस्त हैं। जब मैंने उनसे कहा कि मुझे एक ऐसे इंसान की तलाश है, जो भारत में अमेरिका के एल्विस (प्रेस्ली) की तरह हो। भारत का सबसे बड़ा स्टार हो। यही वजह है कि मैं आपके पास आया हूँ। ये बात सुनकर उन्होंने इस फिल्म के लिए तुरंत हाँ कर दिया।” हालाँकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि आखिर उनका रोल है क्या।

आपको बता दें कि आमिर खान अपनी फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ को हिट कराने के लिए हर जतन कर रहे हैं। बीते दिनों उन्होंने फिल्म की एक वीडियो क्लिप जारी की थी। इसमें उन्हें करीना कपूर के साथ गोलगप्पे खाते हुए, फिर सेना का प्रशिक्षण लेते हुए दिखाया गया है। इस दौरान उन्हें बंदूक के साथ भी दिखाया गया है। इसमें आमिर खान यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि उनकी माँ उन्हें सेना में भेजना चाहती हैं, लेकिन उन्हें लोगों को मारना अच्छा नहीं लगता।

गौरतलब है कि आमिर खान 4 साल बाद इस फिल्म से बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। ‘लाल सिंह चड्ढा’ हॉलीवुड सुपरहिट फिल्म फॉरेस्ट गम्प का रीमेक है। फिल्म में आमिर के अलावा करीना कपूर खान, नागा चैतन्य भी अहम किरदार में हैं। ये फिल्म 11 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

‘पहली कैबिनेट बैठक में ही देंगे 10 लाख नौकरियाँ’: तेजस्वी यादव को याद दिलाया वादा तो किया टाल-मटोल, बेरोजगारी पर नीतीश कुमार को घेरते थे

तेजस्वी यादव ने सत्ता में आने पर 10 लाख नौकरियों का वादा किया था, लेकिन अब इस सम्बन्ध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। बता दें कि बिहार में सत्ता-परिवर्तन तो हुआ है, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बने रहेंगे। उन्होंने अब भाजपा को किनारे लगा कर फिर से राजद के साथ हाथ मिला लिया है। तेजस्वी यादव इस सरकार में उप-मुख्यमंत्री होंगे। जाहिर है, जनता से किए वादे उन्हें याद दिलाए जाएँगे।

नीतीश कुमार के साथ गठबंधन का ऐलान करने के लिए जब तेजस्वी यादव मीडिया के सामने आए तो उनसे उनके 10 लाख नौकरियों के वादे से जुड़ा सवाल भी पूछा गया। इस पर राजद नेता ने कहा, “तारीख़ तो तय हो जाने दीजिए।” स्पष्ट है, उन्होंने गोलमोल जवाब देकर सवाल को टाल दिया। 164 विधायकों के समर्थन वाला पत्र सौंपने के बाद नीतीश कुमार फिर से सरकार बनाएँगे। शपथग्रहण की तारीख़ फ़िलहाल तय नहीं की गई है।

2020 विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बेरोजगारी के मुद्दे को भुनाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा था, “पहली कैबिनेट में पहली कलम से बिहार के 10 लाख युवाओं को नौकरी देंगे। बिहार में 4 लाख 50 हज़ार रिक्तियाँ पहले से ही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, गृह विभाग सहित अन्य विभागों में राष्ट्रीय औसत के मानकों के हिसाब से बिहार में अभी 5 लाख 50 हज़ार नियुक्तियों की अत्यंत आवश्यकता है।” उन्होंने पूछा था कि नीतीश कुमार आँकड़ों की बात क्यों नहीं करते?

वहीं भाजपा ने नीतीश कुमार के फैसले को जनादेश के साथ विश्वासघात बताते हुए कहा है कि जदयू की कम सीटें होने के बावजूद भाजपा ने उन्हें मुख्यमंत्री का पद दिया। पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जदयू तोड़ने के आरोप झूठे हैं। प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि हम 74 सीटें जीतने में कामयाब रहे थे उसके बावजूद भी प्रधानमंत्री ने जो वादा किया था हमने उस वादे का पूर्णत: पालन किया था और नीतीश कुमार इस एनडीए गठबंधन के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने ताज़ा घटनाक्रम को जनता के साथ धोखा करार दिया।

सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने श्रीकांत त्यागी को दिया था विधायक वाला VVIP स्टीकर, कार पर लगा कर बनाता था भय का माहौल: पूछताछ में खुलासा

महिला के साथ बदलूकी करने वाले श्रीकांत त्यागी (Shrikant Tyagi) ने पूछताछ के दौरान बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी कार पर लगा वीवीआईपी स्टिकर उन्हें सपा नेता स्‍वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने दिया था। स्टिकर की मान्यता वर्ष 2023 तक है।

नोएडा के पुलिस कमिश्‍नर आलोक सिंह ने मंगलवार (9 अगस्त 2022) को कहा, “उनकी कार पर लगा विधायक का स्टिकर स्वामी प्रसाद मौर्य ने खुद मुहैया कराया था। इसका उद्देश्य भय का माहौल बनाना था।” पूछताछ में यह भी सामने आया है कि श्रीकांत त्‍यागी नोएडा से भागकर लखनऊ में छिपना चाहता था, लेकिन पुलिस टीमों से बचकर निकलना मुमकिन नहीं हो पाया। नोएडा पुलिस ने श्रीकांत त्यागी का एक अन्य वाहन भी जब्त किया है।

श्रीकांत त्यागी को मंगलवार सुबह में मेरठ से गिरफ्तार किया गया। उसके साथ तीन और लोग गिरफ्तार हुए हैं। प्रशासन ने इससे पहले उसके अवैध घर पर बुलडोजर कार्रवाई की थी। वहीं भाजपा ने भी साफ किया था कि उसका बीजेपी किसान मोर्चा से कोई संबंध नहीं हैं। नोएडा पुलिस कमिश्‍नर ने मीडिया को यह भी बताया कि श्रीकांत पिछले चार दिनों से उत्तराखंड में छिपकर रह रहा था, लेकिन मेरठ में पुलिस ने उसे धर दबोचा। यूपी के पूर्व मंत्री स्‍वामी प्रसाद मौर्य का खास रहा त्‍यागी पुराना हिस्‍ट्रीशीटर है। नोएडा के ही दो थानों में उस पर 9 मुकदमें दर्ज हैं।

गौरतलब है कि 5 अगस्त 2022 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था। इसमें त्यागी एक महिला के साथ अभद्रता करता दिख रहा था। इस वीडियो में उसे महिला के साथ सरेआम गाली-गलौच और हाथापाई करते हुए देखा गया था, जबकि वहाँ खड़े लोग मूकदर्शक बनकर यह सब देख रहे थे, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जब उसकी तलाश शुरू की तो वो फरार पाया गया। पुलिस ने इसके बाद उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया और 8 टीमें बनाकर 3 राज्यों में तलाश जारी की।

बताया जा रहा है कि श्रीकांत त्यागी लगातार अपनी पत्नी और वकील से संपर्क करने की कोशिश कर रहा था। इसी के चलते उसकी लोकेशन का खुलासा हुआ और आखिरकार वह पकड़ा गया। श्रीकांत पर पहला मुकदमा वर्ष 2007 में गुंडा एक्ट के तहत दर्ज हुआ था। उसे लग्जरी गाड़ियाँ रखने और लोगों पर रौब जमाने का शौक था।

तेज प्रताप यादव ने दी ‘मातम’ की शुभकामनाएँ, कॉन्ग्रेस के अधीर रंजन भी मुहर्रम की मुबारकबाद देकर हुए ट्रोल: देखें वीडियो

बिहार में जारी राजनीतिक उठापठक जारी है। इस बीच तेज प्रताप यादव मुहर्रम पर अपनी एक हरकत के कारण सुर्ख़ियों में हैं। दरअसल, उन्होंने मातम वाले पर्व मुहर्रम के मौके पर मुस्लिमों को मुहर्रम की शुभकामनाएँ दी है। वहीं अक्सर अपने बयानों से सुर्ख़ियों में रहने वाले वाले कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद अधीर रंजन चौधरी ने भी मुहर्रम की बधाई देकर एक और गलती कर दी है।

हालाँकि, गलती करने के बाद जब जहाँ कॉन्ग्रेस नेता ने पोस्ट डिलीट कर दी, वहीं लालू के पुत्र तेजस्वी का मुहर्रम पर दी गई शुभकामना वायरल हो रही है।

बता दें कि डिलीट करने के बाद भी अधीर रंजन की मुहर्रम पर मुबारकबाद देती पोस्ट वायरल है। क्योंकि उनकी पोस्ट का स्क्रीन शॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग कॉन्ग्रेस नेता को ट्रोल कर रहे हैं।

ANI की रिपोर्ट के अनुसार, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव ने भी मीडिया से बातचीत के दौरान मुहर्रम की बधाई दी है। न्यूज एजेंसी ANI ने उसका वीडियो भी जारी किया है।

वीडियो में तेज प्रताप यादव ने कहा, “मैं पूरे देश भर में मुहर्रम पर अपने सभी मुस्लिम भाइयों को बधाई देता हूँ। ढेर सारी शुभकामनाएँ।”

हालाँकि, यह पहला मौका नहीं है जब तेज प्रताप यादव अपने बयान के कारण मुश्किलों में फँसे हैं। इससे पहले भी वो कई उल्टे-सीधे बयान देते रहे हैं। फिलहाल, लोग तेज प्रताप यादव के मुहर्रम पर दिए गए बयान को लेकर उनकी आलोचना कर रहे हैं।

गौरतलब है कि मुहर्रम शोक मनाने का 10वाँ दिन होता है। ऐसे मौके पर बधाई देना वर्जित है। मुहर्रम को रोज ए आशूरा के नाम से भी जाना जाता है। बता दें कि मुहर्रम इस्लामी हिजरी वर्ष का पहला महीना होता है। हिजरी वर्ष का आरंभ इसी महीने से होता है। इस माह को इस्लाम के चार पवित्र महीनों में शुमार किया जाता है।

जबरील कुरैशी ने किया हिन्दू नाबालिग लड़की का अपहरण, दोस्तों संग मिल कर किया गैंगरेप: धर्मांतरण न करने पर परिवार को हत्या की धमकी

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से नाबालिग लड़की के साथ गैंग रेप और जबरन धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है। नाबालिग लड़की को प्यार का झाँसा देकर पहले जबरील कुरैशी ने उसे अगवा किया, फिर अपने चार साथियों के साथ मिलकर उसका रेप किया। इसके बाद आरोपित ने धर्म परिवर्तन न करने पर उसके पिता और भाई को जान से मारने की धमकी दी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना से हिन्दू संगठनों में काफी आक्रोश है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के दखल के बाद पुलिस ने लड़की के पिता की शिकायत पर आरोपित जबरील कुरैशी सहित पाँच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मोबाइल नंबर ट्रेस कर अगवा लड़की को बरामद कर लिया है। वहीं, मुख्य आरोपित जबरील कुरैशी अपने चार साथियों के साथ अभी भी फरार है। वीएचपी ने फरार आरोपितों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की माँग की है।

यह मामला खागा कोतवाली क्षेत्र का बताया जा रहा है। पीड़ित पिता ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया कि नाबालिग लड़की फतेहपुर के खागा इलाके में अपने ननिहाल में रहती है। 6 अगस्त को खागा के ही रहने वाले जबरील कुरैशी ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर उनकी नाबालिग बेटी को अगवा कर लिया। फिर उसे अपने घर में बंधक बनाकर उसके साथ रेप किया।

उन्होंने कहा, “आरोपितों ने धर्म परिवर्तन नहीं करने पर बेटी को धमकी दी कि वो मुझे और मेरे बेटे को जान से मार देंगे। हमारी सिर्फ इतनी सी माँग है कि आरोपितों के खिलाफ सम्बंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजे।”

बता दें कि विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय महामंत्री वीरेंद्र पांडेय ने खागा कोतवाली पहुँचकर आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग की है। डीएसपी ने बताया कि पिता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर सभी की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा। जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लड़की का मेडिकल कराया गया है।

ओवैसी की पार्टी का नेता निकला ISIS आतंकी, 15 अगस्त को बम ब्लास्ट की रच रहा था साजिश: यूपी ATS ने आजमगढ़ से दबोचा

उत्तर प्रदेश ATS ने आजमगढ़ से ISIS के आतंकी सबाउद्दीन आजमी को गिरफ्तार किया है, जो स्वतंत्रता दिवस पर बम ब्लास्ट की साजिश रच रहा था। ये गिरफ़्तारी मंगलवार (9 अगस्त, 2022) को हुई है। बता दें कि देश 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ मना रहा है और देश भर में इसके लिए कई कार्यक्रमों की योजनाएँ है, कई चल रहे हैं। ये भी पता चला है कि ISIS आतंकी सबाउद्दीन आजमी असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का भी सक्रिय सदस्य है।

अब आतंकरोधी दस्ते की टीम सबाउद्दीन आजमी को लेकर मुख्यालय पहुँची है, जहाँ उनसे पूछताछ जारी है। इस दौरान ATS ने उनके मोबाइल फोन का डेटा भी खँगाला है। वो आतंकी जिहाद करने के लिए युवाओं का ब्रेनवॉश भी कर रहा था। ISIS द्वारा तैयार किए गए टेलीग्राम चैनल से भी वो जुड़ा हुआ है। इस चैनल का नाम ‘अल स्वायर मीडिया’ है। ATS पता कर रही है कि सबाउद्दीन आजमी कहाँ बम विस्फोट करने की साजिश रच रहा था।

जम्मू कश्मीर में जिस तरह से आतंकियों पर कार्रवाई हो रही है, इस पर वो कश्मीर के लोगों से भी बातचीत कर के उन्हें भड़का रहा था। राजनीति को ही उसने युवाओं का ब्रेनवॉश का माध्यम बनाया था। AIMIM से जुड़े हुए वो अन्य लोगों को भी अपनी आतंकी गतिविधियों में जोड़ रहा था। नगर पालिका माहुल के वार्ड नंबर 9 से उसने सभासद का चुनाव भी लड़ा था। चुनाव के प्रचार-प्रसार को जरिया बना कर वो जिहादी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।

आतंकी गतिविधियों के लिए वो खुद का संगठन भी तैयार कर रहा था। पार्टी के नाम से उसने अपना एक व्हाट्सएप्प ग्रुप भी बना रखा था। इसमें से इसके गिरोह के कई लोगों का खुलासा होने की आशंका है। इसके कई साथियों को जल्द ही दबोचा जा सकता है। आजमगढ़ जिले की ख़ुफ़िया यूनिट और पुलिस ने भी इस गिरफ़्तारी के बाद सक्रियता और सतर्कता बढ़ा दी है। इस गिरफ़्तारी से इस गिरोह द्वारा बम ब्लास्ट की साजिश विफल हो गई है।

मुहर्रम पर बरेली और वाराणसी में बवाल, पथराव और धारदार हथियारों से किया हमला, दर्जनों लोग हुए घायल: वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश के बरेली और वाराणसी में मुहर्रम के जुलूस के दौरान बवाल हो गया। यहाँ ताजिया जुलूस के दौरान बवाल के बाद जमकर मारपीट हुई और धारदार हथियार से हमला किया गया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। सबसे ज्यादा बवाल वाराणसी के मिर्जामुराद इलाके में हुआ। यहाँ ईंट-पत्थर के साथ हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया, जिसमें दर्जनों लोग घायल हो गए हैं। बताया जा रहा हैं कि करधना बाजार में ताजिया ले जाते समय जामुन का पेड़ काटने को लेकर विवाद हुआ था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग ताजिये के लिए खदेरू साव की दुकान के सामने छायादार जामुन के पेड़ को काटने लगे, जिसका विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। लोगों ने कहा कि ताजिया जाने के लिए पर्याप्त रास्ता है। विवाद के बीच दुकानदार को लाठी डंडों से पीट दिया। उन्होंने दुकान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे पूरे गाँव में अफरातफरी मच गई।

सूचना पाकर मौके पर भारी मात्रा में पुलिस फोर्स पहुँची। उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं माने उन्हें अलग करने के लिए बल का प्रयोग किया गया। इसी बीच जैसे ही घटना की जानकारी हिन्दू संगठन के लोगों को लगी, वे भी जय श्रीराम व वंदेमातरम का नारा लगाते हुए पहुँच गए। इसके बाद डीआईजी, एडिशनल एसपी, एसपी ग्रामीण भी वहाँ पहुँच गए।

वहीं बरेली में मुहर्रम जुलूस के दौरान भोजीपुरा के मझौआ गंगापुर में दुकानों में जमकर पत्थरबाजी की गई। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें आप देख सकते हैं कि कैसे लोगों ने दूसरे समुदाय की दुकानों को निशाना बनाया है और वहाँ जमकर पथराव किया। पथराव करने वालों में महिलाएँ भी शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पक्षों में करीब आधे घंटे तक पत्थरबाजी होती रही, जिसको लेकर वहाँ अफरा-तफरी मच गई। हालाँकि, पुलिस अब दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत कर मामला शांत कराने में जुट गई है।

‘मैं क्यों आमिर खान को फ्री में ट्रोल करूँ? ‘ : लाल सिंह चड्ढा के डायरेक्टर अद्वैत चंदन ने ‘ट्रोलर्स’ पर तंज कसा, बोले- मुझे भी पैसे दो

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ को बॉयकॉट करने की माँग पिछले कुछ दिनों से ट्विटर पर ट्रेंड में हैं। इस बीच फिल्म के डायरेक्टर अद्वैत चंदन ने इस माँग को लेकर अपना रिएक्शन दिया है।

अद्वैत ने #BoycottLaalSinghChaddha ट्रेंड पर लिखा, “मुझको पता चला है कि आमिर सर को ट्रोल करने के लिए लोगों को पैसे दिए गए हैं। यह सुनकर बहुत दुख हुआ। यह ठीक नहीं है। मैं बिना पैसे के उन्हें ट्रोल क्यों करूँ?” अपने इस बयान के साथ उन्होंने ट्रोलर्स पर तंज कसने के लिए “Pay Every TRoll” लिखा।

अद्वैत चंदन की स्टोरी का स्क्रीनशॉट

बता दें कि लाल सिंह चड्ढा के आने से पहले सोशल मीडिया पर आमिर खान की कुछ पुरानी क्लिप वायरल होने लगीं थीं। एक में उन्होंने बता रखा था कि देश में असहिष्णुता के कारण उनकी बीवी देश छोड़ने की बातें करती हैं। वहीं एक में उन्होंने कहा था कि अगर लोगों को उनकी फिल्म नहीं पसंद तो वह उसे न देंखें। इसी तरह करीना कपूर की एक भी एक क्लिप सामने आई थी जिसमें वह दर्शकों पर गुस्सा जाहिर करते हुए कह रही थीं कि अगर उन्हें फिल्म नहीं पसंद तो वो न जाएँ।

इन वीडियोज के वायरल होने के बाद लोगों ने आमिर की फिल्म को बॉयकॉट करना शुरू कर दिया था। यह देख आमिर खान ने कहा भी था, “मुझे दुख होता है। मुझे ये भी लगता है कि जो ये कह रहे हैं उन्हें लगता है मैं देश से प्यार नहीं करता। लेकिन ये गलत हैं। ऐसा नहीं है। मेरी फिल्म को बॉयकॉट मत करो। प्लीज उसे देखो।”

गौरतलब है कि आमिर खान ने फिल्मी दुनिया में 4 साल बाद दोबारा एंट्री की है। उनकी फिल्म की एडवांस बुकिंग भी शुरू हो गई है। रिलीज डेट 11 अगस्त 2022 है। इसी बीच अक्षय कुमार की रक्षा बंधन भी आ रही है। ऐसे में पहले ही आमिर की फिल्म के लिए चुनौती थी। लेकिन अब इसकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं क्योंकि दर्शक इसे देखने से मना कर रहे हैं।

केजरीवाल ने दिए 9 साल में सिर्फ 857 ऑनलाइन जॉब्स, चुनावी राज्यों में लाखों नौकरियों के वादे: RTI से खुलासा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चुनावी राज्यों में बेरोजगारों के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएँ कर रहे हैं। चाहे उत्तराखंड हो, गोवा, पंजाब हो या गुजरात हर राज्य के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सर्वेसर्वा केजरीवाल ने जो ने बेरोजगार युवाओं ख्वाब दिखाए हैं न। दिल्ली उसी सपने के टूटने का दंश झेल रही है। मतलब जहाँ सत्ता में हैं वहाँ तो रोजगार का आँकड़ा पिछले 9 साल में भी हजार के आँकड़ें तक नहीं पहुँचा लेकिन चुनावी राज्यों में रोजगार देने के साथ-साथ यदि किसी बेरोजगार युवा को रोजगार नही मिल पाता है तो बेरोजगारी भत्ता देने का वादा भी कर डाला है।

दरअसल, केजरीवाल के रोजगार को लेकर बड़े-बड़े वादों और विज्ञापनों की पोल दिल्ली में नौकरियों पर डाले गए एक RTI ने खोल दी है। RTI एक्टिविस्ट विवेक पांडेय के द्वारा दायर की गई एक आरटीआई ने दिल्ली सरकार के कथनी और करनी के अंतर को उजागर कर दिया है। उनकी कथन औऱ करनी में बहुत बड़ा अंतर है, जोकि अब साफ साफ नजर आ रहा है।

दिल्ली में लाखों नौकरियों के वादे निकले झूठ

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की सरकार के द्वारा बेरोजगार युवाओं को दिए गए रोजगार की वास्तविक स्थिति जानने के लिए विवेक पांडेय के द्वारा ऑनलाइन माध्यम से एक आरटीआई रोजगार निदेशालय में दायर की गई थी। जिसमें वर्ष 2014 से 2022 के बीच अब तक दिल्ली सरकार के द्वारा दी गई नौकरियों की कुल संख्या का वर्षवार विवरण एवं नौकरियों की संख्या और दिए गए रोजगार का नाम शामिल था। जिसके जवाब में रोजगार निदेशालय ने जो आँकड़ें दिए हैं। वह चौंकाने वाले है और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के झूठे वादों की पोल खोल रहे है।

रोजगार निदेशालय के द्वारा दिए गए जवाब में बताया गया है कि वर्ष 2014 से अब तक मात्र 857 रोजगार ही दिए गए जिसमें 2014 में – 417, वर्ष 2015- 176, वर्ष 2016- 102, वर्ष 2017- 66, वर्ष 2018- 68, वर्ष 2019 – 0, वर्ष 2020- 28 , वर्ष 2021- 0, वर्ष 2022 में भी अभी तक मामला 0 पर अटका हुआ है। इन आँकड़ों को आप दिए गए RTI जवाब में देख सकते हैं।

बता दें कि आरटीआई से मिली यह सूचना स्वयं दिल्ली सरकार की है। इससे दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल स्वयं भी इनकार नहीं कर सकते। यहाँ गौर करने वाली बात यह भी है कि आरटीआई में माँगी गई जानकारी भी अधूरी दी गई है। विभाग ने यह नही बताया कि यह रोजगार के पद क्या हैं, साथ ही इनमें क्या सरकारी एवं प्राइवेट नौकरियाँ दोनों शामिल हैं।

14 लाख से ज्यादा बेरोजगार युवाओं को है दिल्ली में रोजगार ली तलाश

बता दें कि दिल्ली सरकार के द्वारा वर्ष 2020 रोजगार बाजार को लॉन्च किया गया था। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के मुताबिक, यह पोर्टल बेरोजगार युवाओं और दिल्ली के छोटे व्यापारियों के लिए लाइफलाइन साबित हुआ था। इस पोर्टल पर अब तक 14 लाख बेरोजगार लॉगिन कर चुके हैं। वहीं 10 लाख रोजगार को रोजगार बाजार पोर्टल पर एडवर्टाइज किया गया है।

अब आप खुद समय सकते हैं कि जहाँ अरविन्द केजरीवाल 9 साल से शासन में हैं वहाँ का यह हाल है। दिल्ली में रोजगार की वास्तविक स्थिति दिल्ली सरकार द्वारा ही दिए गए आरटीआई जवाब में साफ-साफ नजर आ रही है। वैसे शुरू से ही अरविंद केजरीवाल के ज्यादातर वायदे झूठे साबित हुए हैं। इन्हें देख कर यही लगता है कि मुख्यमंत्री जी बस सत्ता में आने के लिए जनता से झूठे वादों की एक झड़ी लगा रहे हैं। बस एक बार सत्ता आ जाए बाद की बाद में देखी जाएगी।

रामविलास का पूरा कुनबा BJP के साथः पशुपति पारस बोले- हम नहीं नीतीश के साथ, चिराग ने कहा- बिहार में लगे राष्ट्रपति शासन

बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता यूनाइटिड दल (जदयू) का गठबंधन टूटने के बाद दूसरे दलों के नेताओं ने नीतीश के फैसले पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है। केंद्रीय मंत्री व लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पशुपति पारस ने जहाँ जदयू और राजद के होने वाले गठबंधन को बिहार के लिए अच्छा संकेत नहीं माना। वहीं चिराग पासवान ने नीतीश कुमार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं।

केंद्रीय मंत्री व आरएलजेपी अध्यक्ष पशुपति पारस ने कहा, “इससे पहले भी राजद और जदयू के बीच प्रयोग हुआ था, लेकिन वह चला नहीं। दोबारा ऐसा गठबंधन आ रहा है। ये बिहार के विकास के लिए अच्छा संकेत नहीं हैं। हमने सोच लिया है कि हमारी पार्टी एनडीए का ही हिस्सा बनकर रहेगी।”

वही रामविलास पासवान के बेटे व लोजपा नेता चिराग पासवान ने कहा, “नीतीश कुमार की विश्वसनीयत शून्य है। हम चाहते हैं कि बिहार में राष्ट्रपति शासन लागू हो। राज्य में फिर चुनाव हों। तुम्हारी (नीतीश कुमार) कोई विचारधारा है या नहीं? अगले चुनावों में जदयू को जीरो मिलेगा।”

बता दें कि बिहार में एक बार फिर से दल बदलने के लिए आगे बढ़ चुकी नीतीश कुमार ने अपने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद वो पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास पर राजद नेताओं से मिलने के लिए निकल गए। 

इस्तीफा देते समय मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार ने कहा, “सभी सांसद और विधायक इस बात पर सहमत हुए कि हमें NDA छोड़ देना चाहिए। इसके तुरंत बाद मैंने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।”

उल्लेखनीय हैं कि ऐसी खबरें आ रही हैं कि 160 विधायकों के समर्थन का पत्र पेश करते हुए नीतीश कुमार ने नई सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। वामपंथी दल पहले ही उन्हें समर्थन का ऐलान कर चुके हैं और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी से भी उनकी फोन पर बात हुई है। तेजस्वी यादव के साथ बैठक के बाद महागठबंधन की नई सरकार का औपचारिक ऐलान होगा।