Saturday, July 13, 2024
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नमाज पढ़ रही थी अजीम बेग की 3 बेटियाँ, घर में विस्फोट से मलबे में दबकर मर गईंः 1 घंटे तक आती रहे धमाके की आवाज, पीलीभीत की घटना

जहाँ फिरोज बेगम ने बताया कि हादसे के दौरान तीनों बेटियाँ नमाज पढ़ रहीं थीं। वहीं मीडिया रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि पटाखा बनाते समय हुए विस्फोट से मकान भर-भराकर गिर गया।

पीलीभीत के जहानाबाद कस्बे के जोशीटोला में घनी बस्ती के बीच बने एक मकान में अवैध रूप से रखी पटाखे की 25 पेटियों में मंगलवार (2 अगस्त, 2022) दोपहर में आग लगने से विस्फोट हो गया। ब्लास्ट के कारण दो मंजिला मकान के परखच्चे उड़ गए। हादसे में पटाखा व्यापारी अजीम बेग की तीन बेटियों की झुलसने और मलबे में दबकर मौत हो गई। मृतकों की पहचान निशा, सानिया और नगमा के रूप में हुई है।

धमाका इतना तेज था कि आस-पास के घरों के लोग डर गए थे। बताया जा रहा है कि करीब आधा किलोमीटर दूर तक धमाकों की आवाज सुनी गई थी। वहीं घटना की सूचना मिलने पर एसपी दिनेश कुमार पी, एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी, एसडीएम योगेश कुमार गौड़, फोरेंसिक टीम मौके पर पहुँची। बताते है कि पुलिस और दमकल की गाड़ियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

पटाखा बनाते समय हुआ हादसा

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, अजीम बेग ने अपने घर में नीचे के कमरे में पटाखों का भंडार जमा कर रखा था। घर में दोपहर करीब ढाई बजे पटाखे में आग लगने से विस्फोट हो गया। विस्फोट के समय मकान में पटाखा व्यापारी अजीम बेग की पत्नी फिरोज बेगम और उसके 6 बच्चे मौजूद थे। तीन बेटियाँ अंदर के हिस्से में और माँ समेत 3 बच्चे बाहरी हिस्से में थे। जहाँ फिरोज बेगम ने बताया कि हादसे के दौरान तीनों बेटियाँ नमाज पढ़ रहीं थीं। वहीं मीडिया रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि पटाखा बनाते समय हुए विस्फोट से मकान भर-भराकर गिर गया।

रिपोर्ट के अनुसार, पटाखों का कारोबार करने वाले अजीम बेग मंगलवार को किसी काम से बाहर गए हुए थे। इस दौरान उनकी बेटियाँ नगमा, सानिया और निशा पटाखा बना रही थी।कहा जा रहा है कि हवाई पटाखा बनाते वक्त यह हादसा हुआ। उसी दौरान पास के रहने वाले लोगों को तेज से धमाके की आवाज सुनाई दी। विस्फोट के समय छत पर बने कमरे में मौजूद अजीम बेग की दो बेटियाँ निशा और सानिया बुरी तरह घायल हो गईं। जबकि तीसरी बेटी नगमा नीचे गिरकर मलबे में दब गई।

बताते हैं कि करीब एक घंटे तक पटाखों में विस्फोट की आवाज आती रही। इस बीच तेज आवाज और चीख पुकार सुनकर पहुँचे स्थानीय लोगों की मदद से आग की लपटों के बीच से घुसकर पुलिस ने निशा और सानिया को निकाला और जिला अस्पताल भर्ती कराया जहाँ उनकी गंभीर हालत देखते हुए उन्हें बरेली हायर सेंटर रेफर कर दिया। वहाँ शाम को तीनों की मौत हो गई।

गौरतलब है कि अजीम के घर विस्फोट होने से उनके सगे भाई नसीम बेग, कदीर ख़ाँ, महीवली जोशी, पप्पू के मकान क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं एसपी ने बताया कि पटाखा बनाने और बिक्री के लिए अजीम के पास वर्ष 2025 तक का लाइसेंस है। उसने इसके लिए कस्बे से एक किलोमीटर दूर गोदाम भी बनाया है। लाइसेंस भी वहीं के लिए है। इसके बावजूद अजीम ने अपने घर में काफी पटाखे जमा कर रखा था। पुलिस और फोरेंसिक विभाग इस मामले में जाँच कर रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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