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‘अधीर रंजन चौधरी पेश हों’: महिला आयोग ने कॉन्ग्रेस नेता को भेजा नोटिस, ‘राष्ट्रपत्नी’ कह कर द्रौपदी मुर्मू का किया था अपमान

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chowdhury) द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए ‘राष्ट्रपत्नी’ (Rashtrapatni comment)) शब्द का इस्तेमाल किए जाने पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने उन्हें नोटिस भेजा है। ‘राष्ट्रपत्नी’ वाले विवाद पर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने कॉन्ग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और अपनी टिप्पणी के लिए लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए एक नोटिस भेजा है। इस मामले में 3 अगस्त को सुबह 11:30 बजे सुनवाई की जाएगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रीय महिला आयोग (National Commission for Women) और 12 राज्य महिला आयोगों ने गुरुवार (28 जुलाई, 2022) को कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) को ‘राष्ट्रपत्नी’ कहने पर उनकी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी बेहद अपमानजनक और सेक्सिस्ट है।

NCW की चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने ट्विटर पर कहा, “राष्ट्रीय महिला आयोग और विशाखापत्तनम की बैठक में मौजूद 12 राज्य महिला आयोग की महिलाओं ने अधीर रंजन चौधरी द्वारा भारत की राष्ट्रपति के लिए की गई अपमानजनक और सेक्सिस्ट टिप्पणी की निंदा की है। राष्ट्रीय महिला आयोग उन्हें समन भेज रहा है।” उन्होंने कहा कि 12 राज्य महिला आयोग में आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा के आयोग शामिल हैं। शर्मा ने अपने पोस्ट के साथ एक संयुक्त बयान को भी टैग किया है।

इसमें लिखा है, “राष्ट्रीय महिला आयोग और सभी राज्य महिला आयोग अधीर रंजन चौधरी की कड़ी निंदा करते हैं, उन्होंने भारत की माननीय राष्ट्रपति को ‘राष्ट्रपत्नी’ कहा है। उनके शब्द बेहद अपमानजनक और सेक्सिस्ट हैं।” बयान में यह भी कहा गया है, “हम सही सोच रखने वाले लोगों से उनके अपमानजनक शब्दों की कड़ी से कड़ी निंदा करने का आह्वान करते हैं।”

बता दें कि कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा राष्ट्रपति पर दिए बयान को लेकर बीजेपी ने आज लोकसभा में जोरदार तरीके से विरोध किया। बीजेपी ने कहा कि कॉन्ग्रेस आदिवासी और गरीब, महिला विरोधी है। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इसे देश का अपमान बताया है। स्मृति ईरानी ने कहा कि जब से द्रौपदी मुर्मू का नाम राष्ट्रपति के उम्मीदवार के रूप में घोषित हुआ है तभी से द्रौपदी मुर्मू कॉन्ग्रेस पार्टी की घृणा और उपहास का शिकार हो रही हैं। राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने के बाद भी उनके खिलाफ हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।

ये थे अधीर रंजन चौधरी के बेतुके बोल

संसद भवन परिसर में कॉन्ग्रेस का प्रदर्शन चल रहा था, तभी पत्रकारों के सवाल पर जवाब देते हुए कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति के लिए ‘राष्ट्रपत्नी’ शब्द का इस्तेमाल किया। एक पत्रकार ने पूछा था कि कल आप राष्ट्रपति भवन जा रहे थे, जाने नहीं दिया गया। इसके जवाब में कॉन्ग्रेस नेता ने कहा कि आज भी जाने की कोशिश करेंगे। इसके बाद चौधरी ने कहा कि हिंदुस्तान की राष्ट्रपति सबके लिए है। हिंदुस्तान की ‘राष्ट्रपत्नी’ सबके लिए है। हमारे लिए क्यों नहीं। अब इसी को लेकर भाजपा अब हमलावर है।

‘घृणा और गुस्से का सामना नहीं कर पा रहा’: हिन्दू विरोधी ‘शमशेरा’ के डायरेक्टर का छलका दर्द, फिल्म से कहा – मुझे माफ कर दो

बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) की फिल्म शमशेरा (Shamshera) बॉक्स ऑफिस पर धराशाही हो गई है। चार साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी करने वाले रणबीर कपूर दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकामयाब रहे। 22 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई शमशेरा की कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन केवल 39.75 करोड़ रुपए ही हो पाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 150 करोड़ रुपए के बजट में बनी यह फिल्म छठे दिन मुश्किल से 2.30 करोड़ रुपए ही कमा पाई। शमशेरा फिल्म से मेकर्स को काफी उम्मीदें थीं। फिल्म के फ्लॉप होने के बाद डायरेक्टर करण मल्होत्रा ने अपना दर्द बयाँ किया है।

करण मल्होत्रा ने चुप्पी तोड़ते हुए ट्विटर पर लिखा, “मेरे प्यारे शमशेरा, आप जैसे हैं वैसे ही प्रभावशाली हैं। मेरे लिए इस मंच पर खुद को व्यक्त करना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह वो जगह है जहाँ आपके लिए प्यार, नफरत, खुशी और अपमान मौजूद है।”

करण ने आगे लिखा, “मैं आपसे माफी माँगना चाहता हूँ। पिछले कुछ दिनों से मैं कुछ कह नहीं पा रहा था, क्योंकि मैं नफरत और गुस्सा सहन नहीं सकता था। मेरा तुम्हारा साथ न दे पाना मेरी कमजोरी थी और इसके लिए कोई बहाना नहीं है, लेकिन अब मैं आपके साथ खड़े होकर गर्व और सम्मानित महसूस कर रहा हूँ कि आप मेरे हैं।

शमशेरा के निर्देशक ने यह भी कहा, “हर चीज का एक साथ सामना करेंगे, अच्छा बुरा और बदसूरत। शमशेरा परिवार, शमशेरा के कलाकारों और क्रू मेंबर्स के लिए बहुत सम्मान है। जिन्होंने हमें इतना प्यार, आशीर्वाद दिया और हमारे बारे में सोचा। वह सबसे कीमती है और कोई भी इसे हमसे दूर नहीं कर सकता है।”

बता दें कि ‘शमशेरा’ फिल्म की स्क्रिप्ट बेहद खराब है, जिसे समीक्षकों ने भी नकार दिया। कहानी में कोई दम नहीं है। रणबीर कपूर डाकू के रोल में जँचे नहीं हैं, बल्कि उनकी आवाज़ अभी भी डाकू वाली नहीं बन पाई। स्क्रीनप्ले को भी समीक्षकों ने नकार दिया। संजय दत्त कुछ इसी तरह का किरदार ‘KGF 2’ सहित कई फिल्मों में कर चुके हैं। ज़रूरत से ज्यादा गानों और एक्शन दृश्यों को दोहराए जाने ने लोगों को बोर कर दिया।

मुंबई के डॉक्टर ने अब्दुल को नौकर रखा: पहले की चोरी, अब पत्नी की अंतरंग तस्वीरें वायरल करने की धमकी

मुंबई में एक डॉक्टर ने अपने पूर्व नौकर पर अपनी अंतरंग तस्वीरें ले कर ब्लैकमेल करने की शिकायत दर्ज करवाई है। आरोप है कि आरोपित नौकर ने अपने मालिक की पत्नी को तस्वीरें भेज कर फिरौती माँगी। साथ ही पैसे न मिलने पर तस्वीरों को वायरल करने की धमकी भी दी गई। आरोपित नौकर का नाम मोहम्मद जियाबुद्दीन अब्दुल अजीज है। पुलिस ने FIR दर्ज कर के आरोपित की तलाश शुरू कर दी है। तस्वीरें 24 जुलाई, 2022 (रविवार) को भेजी गई थीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला खार इलाके का है। शिकायतकर्ता का वहाँ पर एक अस्पताल है। बताया जा रहा है कि आरोपित नौकर ने 4 साल तक डॉक्टर के घर पर काम किया था। साल 2016 में वह चोरी कर के भाग निकला था। तब डॉक्टर ने उसके खिलाफ चोरी की शिकायत दर्ज करवाई थी। लगभग 6 साल बाद उसने डॉक्टर की 39 वर्षीय पत्नी को अचानक ही उनके व्हाट्सएप पर अंतरंग तस्वीरें भेजीं।

पीड़ित डॉक्टर के मुताबिक, भेजी गईं तस्वीरें साल 2016 में खींचीं गई थीं और वो डॉक्टर के लॉकर में रखी गई थीं। डॉक्टर की पत्नी ने लॉकर चेक किया तो फोटो वहाँ नहीं थी। डॉक्टर की पत्नी ने तस्वीर भेजने वाले से तस्वीर को ले कर सवाल किया तो वो उसे वायरल करने की धमकी देते हुए पैसे की माँग करने लगा। आरोप है कि तस्वीर भेजने वाले ने खुद को डॉक्टर के पूर्व नौकर के ही तौर पर परिचित करवाया था। उसने धमकाते हुए तस्वीरों को डॉक्टर के रिश्तेदारों को भी भेज कर उनकी छवि को धूमिल करने की धमकी दी।

आख़िरकार डॉक्टर ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई। पुलिस के मुताबिक आरोपित को पकड़ने के लिए टीमें काम कर रही हैं। शक इस बात का भी जताया जा रहा है कि आरोपित ने खुद पर दर्ज चोरी के केस का बदला लेने के ये कदम उठाया हो। पुलिस ने आरोपित पर IPC की धारा 381 और 385 के तहत FIR दर्ज की है।

‘पीरियड के दौरान पेड़ लगाओगी तो सड़ जाएँगे..’: महाराष्ट्र में शिक्षक ने आदिवासी छात्राओं को वृक्षारोपण से रोका, जाँच के आदेश

महाराष्ट्र के नासिक जिले में पीरियड्स की वजह से छात्राओं से भेदभाव का मामला सामने आया है। जहाँ एक सरकारी आवासीय स्कूल की आदिवासी छात्रा ने आरोप लगाया है कि एक पुरुष शिक्षक ने पीरियड की वजह से उसे और अन्य लड़कियों को पौधरोपण अभियान में भाग लेने से रोक दिया। वहीं अब आदिवासी विकास विभाग ने इस मामले में जाँच के आदेश दिए हैं। महाराष्ट्र के महिला आयोग ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के नासिक जिले के त्र्यंबकेश्वर ब्लॉक के देवगाँव में लड़कियों के लिए संचालित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक आवासीय स्कूल की यह घटना है। जहाँ 12वीं कक्षा की छात्रा ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने उसे और अन्य आदिवासी लड़कियों से कहा था कि अगर पीरियड्स वाली लड़कियाँ पेड़ लगाती हैं तो वो नहीं उगेंगे और जल जाएँगे। छात्रा का कहना है कि शिक्षक ने अपनी विकृत मानसिकता के कारण ऐसा किया।

बता दें कि स्कूल में घाटी इस घटना को जब छात्रा ने अपने घर में बताया तो सब लोग शिक्षक के ऊपर नाराजगी जताने लगे। इसके बाद छात्रा के परिजनों ने आदिवासी विकास विभाग के पास इस मामले की शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद मामला आदिवासियों से जुड़ा होने की वजह से तूल पकड़ लिया और अपर आयुक्त ने दोषी शिक्षक पर कार्रवाई करने के आदेश दिए। इसके बाद इस मामले में महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया।

गौरतलब है कि स्कूल में 500 छात्राएँ हैं। वहीं छात्रा ने अपनी शिकायत में कहा है कि शिक्षक ने पिछले सप्ताह स्कूल परिसर में आयोजित वृक्षारोपण अभियान के दौरान मासिक धर्म वाली लड़कियों को पेड़ लगाने से रोक दिया था। शिक्षक ने छात्राओं से कहा कि वे पेड़ों के पास न जाएँ क्योंकि पिछले साल लगाए गए पौधे मासिक धर्म के कारण नहीं बढ़े थे।

इसके बाद छात्रा के परिजनों ने श्रमजीवी संगठन के नासिक जिला सचिव भगवान मधे से संपर्क किया। मधे ने कहा कि लड़की पुरुष शिक्षक का विरोध नहीं कर सकती क्योंकि वह उसका कक्षा शिक्षक है और उसे धमकी दी थी कि मूल्यांकन के 80 प्रतिशत अंक स्कूल अधिकारियों के हाथ में हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, आदिवासी विकास विभाग (टीडीडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस मामले में शिकायत मिलने की पुष्टि की है। इस मामले में जानकारी देते हुए अतिरिक्त आयुक्त संदीप गोलेत ने कहा कि छात्राओं, शिक्षकों, अधीक्षक और प्राचार्य सहित सभी के बयान लिए जाएँगे और जाँच की जाएगी।

वहीं बुधवार को नासिक जिले की अतिरिक्त कलेक्टर और टीडीडी परियोजना अधिकारी वर्षा मीणा ने इसी सिलसिले में स्कूल में आदिवासी छात्राओं से मुलाकात की और उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। संबंधित अधिकारी ने कहा कि मामले की जाँच की जा रही है और जल्द ही इस पर कुछ ना कुछ निर्णय लिया जाएगा।

BJYM नेता की हत्या के मामले में कर्नाटक पुलिस ने 2 को पकड़ा, नाम – ज़ाकिर और शफीक: 15 से पूछताछ, कई जिलों में हिन्दुओं ने बुलाया बंद

कर्नाटक (Kranataka) के दक्षिण कन्नड़ में भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) के कार्यकर्ता प्रवीण नेत्तारू (Praveen Nettaru) की हत्या (Murder) के मामले में कर्नाटक पुलिस ने एक्शन लेते हुए गुरुवार (28 जुलाई, 2022) को दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपितों की पहचान जाकिर और शफीक के तौर पर हुई है।

इस मामले को लेकर दक्षिण कन्नड़ जिले के एसपी सोनावने ऋषिकेश ने कहा कि प्रवीण की हत्या के दोषियों की पहचान जाकिर और शफीक के रूप में हुई है। जाकिर को हावेरी जिले के सावनूर से गिरफ्तार किया गया, जबकि शफीक को बेल्लारी में हिरासत में लिया गया। शफीक पर पहले से केस चल रहा है। इस मामले में 15 लोगों से पूछताछ की गई है। कई जिलों में बाजार वगैरह बंद रहे।

रिपोर्ट के मुताबिक, आशंका जताई जा रही है कि पकड़े गए दोनों ही आरोपितों का संबंध पीएफआई और एसडीपीआई से हो सकता है।

इस बीच प्रवीण नेत्तारू की हत्या बाद कर्नाटक सरकार ने अपने कार्यकाल के एक साल पूरे होने के मौके पर मनाए जाने वाले ‘जनोत्सव’ कार्यक्रम को रद्द कर दिया है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बुधवार (27 जुलाई 2022) देर रात इसकी घोषणा की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा, “अपनी सरकार के एक साल पूरे होने पर हम 28 जुलाई को ‘जनोत्सव’ नाम से डोड्डाबल्लापुरा में कार्यक्रम आयोजित करने वाले थे। लेकिन अब हमने इसे रद्द कर दिया है।” उन्होंने इस घटना को जघन्य करार दिया है।

गौरतलब है कि प्रवीण नेट्टारू पर 26 जुलाई 2022 की रात दक्षिण कन्नड़ जिले की बेल्लारे में कुल्हाड़ी से हमला हुआ था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। हत्या के पीछे PFI और SDPI का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसा बताया जा रहा है कि उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या के विरोध में प्रवीण ने फेसबुक पर किया पोस्ट था, जिसके कारण उन्हें निशाना बनाया गया। हालाँकि हत्या की वजह आधिकारिक तौर पर अभी सामने नहीं आई है।

‘₹1 लाख करोड़ का हुआ गुजरात का डेयरी बाजार’: PM मोदी ने साबर डेयरी को दी 1000 करोड़ की सौगात, कहा – 2 साल में 3 करोड़ किसानों को मिला क्रेडिट कार्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साबर डेयरी प्लांट में कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिसका सीधा फायदा कई किसानों को होगा। गुजरात दौरे के पहले दिन पीएम मोदी ने साबरकांठा के गढ़ोडा चौकी स्थित इस साबर डेयरी का दौरा किया। हिम्मतनगर के पास साबरकांठा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (साबर डेयरी) के 305 करोड़ रुपए के मिल्क पाउडर संयंत्र का उद्घाटन भी हुआ। 1.20 लाख टन वाली इस डेयरी को 1000 करोड़ रुपए के परियोजनाओं की सौगात मिली।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि आज साबर डेयरी का विस्तार हुआ है और सैकड़ों करोड़ रुपए के नए प्रोजेक्ट यहाँ लग रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आधुनिक टेक्नॉलॉजी से लैस मिल्क पाउडर प्लांट और ए-सेप्टिक पैकिंग सेक्शन में एक और लाइन जुड़ने से साबर डेयरी की क्षमता और अधिक बढ़ जाएगी। साथ ही याद दिलाया कि दो दशक पहले यहां क्या स्थितियाँ थीं, ये आप भी जानते हैं और उन्होंने भी भलीभाँति देखा है।

बकौल पीएम मोदी, आजकल हम गुजरात के कई हिस्सों में अतिवर्षा की चुनौती से जूझ रहे हैं, लेकिन बारिश आना ही गुजराती के लिए इतना बड़ा सुख और संतोष होता है, इसका अंदाजा बाहर के लोगों को नहीं है। उन्होंने उदाहरण गिनाया कि जैसे जैसे सिंचाई की सुविधाओं का गुजरात में विस्तार हुआ, वैसे वैसे कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में हमनें बहुत विकास किया और डेयरी ने उसे बहुत बड़ी ताकत दी। अर्थव्यवस्था को डेयरी ने स्थिरता भी दी, सुरक्षा भी दी और प्रगति के नए अवसर भी दिए।

पीएम मोदी ने कहा, “गुजरात में बीते 2 दशक में जो व्यवस्थाएँ तैयार हुईं, आज उसके बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। आज गुजरात का डेयरी मार्किट 1 लाख करोड़ रुपए तक पहुँच चुका है। गुजरात में सहकारिता की एक समृद्ध परंपरा रही है, और संस्कार भी है। तभी तो सहकार है और सहकार है, तभी तो समृद्धि है। दूध से जुड़े सहकारी आंदोलन को जो सफलता मिली है, इसका विस्तार अब हम खेती से जुड़े बाकी क्षेत्रों में भी कर रहे हैं। देश में आज 10 हजार किसान उत्पादक संघ – FPOs के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है।”

पीएम मोदी ने बताया कि इन FPOs के माध्यम से छोटे किसान फूड प्रोसेसिंग से जुड़ी, एक्सपोर्ट से जुड़ी वैल्यू और सप्लाई चेन से सीधे जुड़ पाएंगे। इसका बहुत अधिक लाभ गुजरात के किसानों को भी होने वाला है। उन्होंने कहा कि किसान की आय बढ़ाने के लिए जो प्रयास बीते 8 वर्षों में केंद्र सरकार ने किए हैं, उसकी वजह से गुजरात समेत देश के अलग अलग हिस्सों में किसानों की आय में बढ़ोतरी देखी जा रही है। किसानों की आय में बागवानी, पशुपालन, मछलीपालन की वजह से भी काफी वृद्धि हुई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि छोटी जमीन वाले किसानों की आय में भी वृद्धि हुई है, यानी फसलों के अलावा आय के वैकल्पिक माध्यमों पर काम करने की रणनीति आज काम आ रही है। खादी और ग्रामोद्योग भी इसका एक उत्तम उदाहरण बताते हुए उन्होंने कहा कि खादी ग्रामोद्योग का टर्नओवर पहली बार 1 लाख करोड़ रुपए से ऊपर गया है। उन्होंने बीते 8 वर्षों में इसी क्षेत्र से डेढ़ करोड़ से ज्यादा रोजगार गाँव में बनने के पीछे का श्रेय इसे ही दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि 2014 तक देश में 40 करोड़ लीटर से भी कम इथेनॉल की ब्लेंडिंग होती थी, लेकिन आज ये करीब 400 करोड़ लीटर तक पहुँच रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि हमारी सरकार ने बीते 2 वर्षों में विशेष अभियान चलाकर 3 करोड़ से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड भी दिए हैं। बकौल पीएम मोदी, खेती की लागत कम करने पर भी हम लगातार काम कर रहे हैं। नीम कोटिड यूरिया, खाद के बंद पड़े कारखानों को फिर से शुरू करने का काम किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जी के जन्म दिवस को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया है। हमारी सरकार देशभर में आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की याद में विशेष संग्रहालय भी बनवा रही है। आजादी के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर एक और बड़ा संयोग हुआ है। पहली बार जनजातीय समाज से आने वाली देश की बेटी भारत के सबसे बड़े संवैधानिक पद पर पहुँची हैं। देश ने श्रीमती द्रोपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाया है। ये 130 करोड़ से अधिक भारतवासियों के लिए बहुत गौरव का क्षण है।

बिहार में कई जगहों पर NIA की छापेमारी, कई लोगों को हिरासत में लेने की खबर: पटना के फुलवारी शरीफ केस में PFI के खिलाफ ऐक्शन

पटना के फुलवारी शरीफ टेरर मॉड्यूल मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की टीम गुरुवार (28 जुलाई 2022) सुबह से ही बिहार में कई जगहों पर छापेमारी कर रही है। एनआईए द्वारा UAPA के तहत मामला दर्ज करने और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के पाँच संदिग्धों को गिरफ्तार करने के लगभग एक सप्ताह बाद पूर्वी चंपारण, दरभंगा (Dharbhanga), मोतिहारी (Motihari) और नालंदा (Nalanda) में छापा मारा गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन जगहों पर छापेमारी की जा रही हैं, ये सभी लोग सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) से जुड़े हैं। इस दौरान कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में भी लेने की खबर है।

बताया जा रहा है कि एनआईए (NIA) की टीम मोतिहारी के चकिया के कुआंवा गाँव में PFI का जोनल सेक्रेटरी रियाज मारूफ उर्फ बबलू के घर पर पहुँची, जहाँ उससे जुड़े लोगों के आतंकी कनेक्‍शन तलाश की जा रही है। आरोप है कि रियाज PFI का मास्टर ट्रेनर है। हालाँकि, रियाज अभी फरार है। उसके घर से क्या-क्या बरामद हुआ है, एनआईए ने अभी तक इसका खुलासा नहीं किया है।

वहीं, दरभंगा में भी PFI के सदस्यों के घर छापेमारी जारी है। यह छापेमारी लहेरियासराय थाना क्षेत्र के उर्दू बाजार में नूरुद्दीन जंगी और सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र में मोहम्मद मुस्तकिम और मोहम्मद सनाउल्लाह के घर पर की गई। नूरुद्दीन जंगी के घर 3 घंटे तक छापेमारी चली।

नूरुद्दीन लखनऊ से पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। उससे मिले सुराग के बाद अब NIA की टीम पाकिस्‍तान से जुड़े आतंकी कनेक्‍शन की जाँच में जुटी है। 18 जुलाई 2022 को बिहार पुलिस का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ जवान नुरुद्दीन जंगी के साथ सत्तू पीते नजर आ रहे थे।

जंगी एक वकील है और कट्टरपंथी इस्लामी संगठन PFI का सक्रिय सदस्य है। जंगी को पेशी के लिए पटना कोर्ट लाया गया था। इस दौरान उसे पुलिसकर्मियों के साथ आराम से बात करते और सत्तू पीते देखा गया था। बता दें कि फुलवारी शरीफ (Phulwari Connection) थाने में 26 लोगों के खिलाफ राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

क्या है मामला

बिहार की पटना पुलिस ने 13 जुलाई 2022 को फुलवारी शरीफ से आतंकी गतिविधियों में शामिल मोहम्मद जलालुद्दीन और अतहर परवेज को गिरफ्तार किया था। दोनों मार्शल आर्ट्स सिखाने के नाम पर युवकों का ब्रेन वॉश कर रहे थे और उन्हें हथियार चलाना सिखा रहे थे।

फुलवारी शरीफ के एएसपी मनीष कुमार सिन्हा ने इस संबंध में बताया था कि भारत विरोधी गतिविधि में संलिप्त लोग 2 माह से इनसे अलग-अलग जगहों से मिलने आते थे और अपनी टिकट व होटल की बुकिंग किसी और नाम से करते थे।

पुलिस को इनके पास से 8 पन्नों का दस्तावेज मिला था। इसमें साल 2047 तक भारत को इस्लामी देश बनाने की साजिश दर्ज थी। इस दस्तावेज में लिखा था कि यदि 10 फीसदी मुस्लिम आबादी PFI के साथ आ जाए तो कायर हिंदुओं को घुटने पर ला दिया जाएगा और उनसे इस्लाम कबूल करवाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के पटना यात्रा को लेकर सतर्कता की वजह से इस देश विरोधी इस गतिविधि का खुलासा हुआ था।

मुस्लिम संगठन कर्नाटक में खोलेंगे 13 नए कॉलेज, हिजाब विवाद के बाद लिया फैसला: सरकार के पास भेजा आवेदन

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पहने का मामला फिर उठने लगा है। चुनाव से पहले मुस्लिम संगठनों ने हिजाब विवाद को एक नया रंग देने की कोशिश की है। कर्नाटक के दक्षिणी जिलों के मुस्लिम संगठनों ने 13 नए प्राइवेट PG कॉलेज खोलने की योजना बनाई है। ये मामला तब सामने आया जब 13 नए निजी कॉलेज खोलने के लिए मुस्लिम संगठनों ने आवेदन दिया। जहाँ छात्राओं के हिजाब पहनने पर कोई पाबंदी नहीं होगी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 5 साल में मुस्लिम संगठनों ने एक भी आवेदन नहीं किया था। वहीं एक साथ इतने प्राइवेट कॉलेज खोलने के लिए इतनी बड़ी संख्या में आवेदन हैरानी की बात है। तो वहीं इसे कर्नाटक में अगले साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर हिजाब विवाद को राजनीति रंग देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

बता दें कि कर्नाटक में राज्य की पिछली कॉन्ग्रेस सरकार ने सभी सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में ड्रेस कोड को अनिवार्य कर दिया था। हालाँकि, इसमें निजी शैक्षणिक संस्थानों को छूट दी गई थी। वहीं अब राज्य में सभी सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में धार्मिक चिह्नों पर भी प्रतिबंध लग गया है, लेकिन निजी शैक्षणिक संस्थान अपने हिसाब से हिजाब पहनने में छूट दे सकते हैं। इसीलिए कहा जा रहा है कि मुस्लिम संगठन अब हिजाब की व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने लिए नए कॉलेज खोलना चाहते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य में नए PG कॉलेज खोलेने के मुस्लिम संगठनों के आवेदनों की जाँच की जा रही है, अभी एक आवेदन मंजूर हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नए कॉलेज खोलने के आवेदन सभी मापदंडों को पूरा करते हैं तो उन्हें मंजूरी दी जा सकती है।

गौरतलब है कि इससे पहले 1 जनवरी 2022 को कर्नाटक के उडुप्पी में हिजाब विवाद शुरू हुआ था जो धीरे-धीरे पूरे देश में विवाद का कारण बना था, जिसके बाद यह मामला कर्नाटक हाईकोर्ट तक पहुँचा था। फिलहाल, अभी कोर्ट के आदेशानुसार, कर्नाटक में राज्य के सभी शासकीय शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर पाबंदी है। इस वजह से मुस्लिम समुदाय की सैकड़ों लड़कियों ने परीक्षा तक छोड़ दी थी।

बता दें कि कर्नाटक के सभी सरकारी एजुकेशनल संस्थाओं में छात्राओं के हिजाब पहनने पर रोक है। करीब तीन महीने से अधिक समय तक चले हिजाब विवाद पर 15 मार्च को कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने साफ कहा था कि हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है और स्कूल-कॉलेज में हिजाब पहनने की इजाजत देने से मना कर दिया था।

हालाँकि, कर्नाटक हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। लेकिन, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया था। वहीं CJI एन वी रमन्ना ने मामले को स्वीकार करते हुए कहा था कि जल्द ही इस मामले में सुनवाई होगी। फ़िलहाल इस मामले में सुनवाई की तारीख तय नहीं की गई है।

भजन गाने से नाराज़ अनीश, शोएब और एजाज ने गन्ने के खेत में ले जाकर किया अप्राकृतिक रेप, पीटा भी: आजमगढ़ में FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश (UP) के आजमगढ़ जिले में एक हिन्दू व्यक्ति ने अनीश, शोएब और एजाज पर अपने साथ अप्राकृतिक रेप करने का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक, तीनों आरोपित पीड़ित के भजन गाने से नाराज थे। घटना 20 जुलाई 2022 की बताई जा रही है। पुलिस पर ठीक से कार्रवाई न करने का आरोप लगा कर ग्रामीणों ने 27 जुलाई 2022 (बुधवार) को सड़क को जाम किया और विरोध प्रदर्शन किया है। पीड़ित युवक जन्म से मानसिक विक्षिप्त है।

पुलिस में दी गई शिकायत के मुताबिक घटना अतरौलिया थानाक्षेत्र की है। मामले में खुद पीड़ित ही शिकायतकर्ता है। पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में उन्होंने लिखा, “घटना के दिन सुबह साढ़े सात बजे मैं अपनी बेटी को स्कूल छोड़ कर भजन गाता हुआ लौट रहा था। रास्ते में मुझे रमज़ान का बेटा अनीश, पप्पू का बेटा शोएब और पीर मोहम्मद का बेटा एजाज मिले। इन्होने मुझे रोका और भजन गाने पर सवाल किया।”

शिकयत कॉपी और आरोपित

शिकायत में पीड़ित ने आगे लिखा, “कुछ देर बाद ये तीनों आरोपित मुझे गन्ने के खेत में ले गए। वहाँ तीनों ने मुझे बुरी तरह से मारा-पीटा और मेरे साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। जब मैंने इसका विरोध किया तब आरोपितों ने मेरे मुँह को गमछे से बंद कर दिया और एक केबल से बुरी तरह से मेरी पिटाई की। कुछ लोगों द्वारा मौके पर पहुँच कर मुझे छुड़ाया गया और तब मैं घर आ पाया।”

FIR कॉपी

पुलिस ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए तीनों आरोपितों पर IPC की धारा 323, 342, 377 और 511 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक मामले की जाँच की जा रही है।

आजमगढ़ पुलिस

पीड़ित के परिजनों के मुताबिक, “4-5 मुस्लिमों द्वारा मार कर कुकर्म किया गया है। उनके दबाव के चलते थाने पर सुनवाई नहीं हुई हमारी। थाने वालों ने जो चाहा लिख दिया जबकि हम सब उन्हें सच बताते रहे। हम DM से मिल कर उन्हें सच बताने आए हैं। हम आरोपितों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना चाहते है।”

पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली से असंतोष जताते हुए आजमगढ़ के SP को एक एप्लिकेशन भी भिजवाया है। इस प्रार्थना पत्र में आरोपितों द्वारा पीड़ित के साथ दुष्कर्म के प्रयास के बजाए दुष्कर्म किए जाने का जिक्र किया गया है। साथ ही केस के जाँच अधिकारी द्वारा पीड़ित का मेडिकल परीक्षण न करवाया जाना बताया है।

शिकायती पत्र

घटना के विरोध में 27 जुलाई 2022 को स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क को जाम किया और धरना भी दिया। अधिकारियों ने इस मामले में निष्पक्ष जाँच और कार्रवाई का भरोसा दिया है।

चलती ट्रेन में शराब की पार्टी, लड़कियों ने की बिकनी डांस: वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने याद दिलाई मंकीपॉक्स बीमारी

चलती ट्रेन में शराब की पार्टी और बिकनी गर्ल के साथ डांस……. है ना अटपटा, लेकिन अमेरिका में ऐसा हुआ है। सोशल मीडिया पर बिकनी गर्ल्स के साथ पार्टी करते हुए लोगों का वीडियो सामने आया है।

इस वीडियो का कुछ हिस्सा @_mikefromqueens नाम के ट्वीटर यूजर ने शेयर किया है। इसके बाद यह वीडियो वायरल हो गया है। इस वीडियो पर लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रिया मिल रही है।

घटना न्यूयॉर्क सिटी मेट्रो के एल ट्रेन के अंदर की है। इसमें बिकनी में महिलाओं को घुमते, शराब पीते और कैरिज-फ्लोर स्लिप एन ‘स्लाइड में करते देखा गया। इतना ही नहीं, महिलाओं ने पूल डाँस किया और शराब की बोतलों को एक पैसेंजर से दूसरे पैसेंजर को दिया।

कुछ लोगों ने इस पार्टी को बेहद गंदा कहा तो कुछ लोगों ने कहा कि इन लोगों ने कानून को तोड़कर जुर्म किया है। हालाँकि, यह अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ट्रेन में पार्टी क्यों की गई। वीडियो में एक जगह शख्स डांस करती लड़कियों के बीच ‘viral exposure’ का पोस्टर पकड़े दिखता है।

न्यूयॉर्क पुलिस विभाग के आँकड़े बताते हैं कि साल 2021 की तुलना में इस साल सफर के दौरान हुए अपराधों में 55 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले साल जुलाई तक 800 अपराध हुए थे, जबकि इसी 17 जुलाई 2022 तक कुल 1,244 अपराध दर्ज हुए हैं।

ट्विटर पर एक यूजर ने मंकीपॉक्स वायरस के खतरे का जिक्र करते हुए कहा कि इस पार्टी से एक नया ‘मंकीपॉक्स पनपने वाला है’। बता दें कि मंकीपॉक्स के 830 मामलों के साथ न्यूयॉर्क अमेरिका में सबसे ऊपर है। इसके बाद कैलिफोर्निया में 356 मामले दर्ज किए गए हैं।