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कॉन्ग्रेस में PK की नो एंट्री, क्योंकि वो राहुल गाँधी के कुत्ते के साथ एक प्लेट में बिस्किट नहीं खा सकते: नेता विदेश में, चाटुकार मौज में

काफी दिनों से बन रही हवा मंगलवार (26 अप्रैल, 2022) को अचानक से ख़त्म हो गई। अब तक गाँधी परिवार के साथ प्रशांत किशोर की बैठकों की खबरें आ रही थीं, अब पता चला है कि PK की कॉन्ग्रेस में एंट्री नहीं होगी। कॉन्ग्रेस ऐसे ही चलती रहेगी, कुछ नया नहीं होगा। कई महीनों से चल रहे मोलभाव के बाद प्रशांत किशोर को कॉन्ग्रेस की ‘एम्पॉवर्ड एक्शन ग्रुप’ में शामिल होने का न्योता मिला, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया।

जैसा कि लोगों से छिपा नहीं है, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव गँवा चुकी कॉन्ग्रेस की अपने दम पर सत्ता फ़िलहाल छत्तीसगढ़ और राजस्थान में ही बची है, जबकि 3 राज्यों (तमिलनाडु, झारखंड और महाराष्ट्र) में वो सरकार में गठबंधन साथी के रूप में साझीदार है। पार्टी का जनाधार किस कदर घटता जा रहा है, ये हमने हालिया 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में देखा। प्रियंका गाँधी का चेहरा और उनकी ‘दादी वाली नाक’ भी फेल हो चुकी है।

ऐसे में पार्टी को उम्मीद थी कि राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर इसमें नई जान फूँक देंगे और सब चंगा हो जाएगा। लेकिन, गाँधी परिवार को ये उम्मीद नहीं रही होगी कि पीके उनकी चाटुकारिता नहीं करेंगे। कभी कहा गया कि प्रशांत किशोर ने कॉन्ग्रेस को रास्ते पर लाने के लिए गाँधी परिवार की जगह किसी और को कमान देने का सुझाव दिया है, तो कभी उनके 85 पन्नों वाले प्रेजेंटेशन की बात गई की गई। कभी कहा गया कि उन्होंने जनता से जुड़ाव के लिए नई रणनीति बनाई है।

ये भी विडंबना ही है कि जब ये सारे विचार-विमर्श चल रहे थे, तब राहुल गाँधी विदेश में छुट्टियाँ मना रहे थे। पार्टी का पूर्व अध्यक्ष, जो भविष्य का अध्यक्ष भी बताया जाता है और अभी भी सारे निर्णय लेता है, उसके इस रवैये से आप समझ सकते हैं कि वो अपनी पार्टी को ऊपर उठाने के लिए कितना चिंतित है। 2024 से पहले ‘राजनीतिक चुनौतियों’ से निपटने के लिए राजस्थान के उदयपुर में 13-14 मई को ‘चिंतन शिविर’ भी आयोजित किया गया है।

प्रशांत किशोर पर वापस आएँ तो उनके पीछे हटने का कारण ये बताया जा रहा है कि उन्हें पार्टी उनकी योजनाओं को लागू करने के लिए खुली छूट नहीं दे रही है। पीके ने ट्वीट कर के बताया कि उन्होंने EAC में शामिल होने या फिर चुनाव की जिम्मेदारियाँ लेने का कॉन्ग्रेस का ऑफर ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा कि उनके विचार में कॉन्ग्रेस को उनसे ज्यादा एक नेतृत्व की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी को बदलाव वाले सुधार कर के अपनी जड़ों में पैठी संरचात्मक समस्याओं को ठीक करने के लिए सामूहिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।

वहीं कॉन्ग्रेस के महासचिव और पार्टी की वर्किंग कमिटी के सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस ट्वीट के कुछ देर पहले ही बयान दिया था कि प्रशांत किशोर के प्रेजेंटेशन और उनके साथ हुई बैठकों के बाद ही अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने ‘EAC 2024’का गठन किया है। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ने कॉन्ग्रेस में शामिल होने का न्योता ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा कि वो प्रशांत किशोर के सुझावों और उनके प्रयासों की प्रशंसा करते हैं।

वहीं ‘कॉन्ग्रेस के पत्रकार’ आदेश रावल की मानें तो प्रशांत किशोर और कॉन्ग्रेस के बीच बात बिगड़ने की पहली बड़ी वजह ‘Absolute Power (संपूर्ण शक्ति)’ है, और दूसरा कॉन्ग्रेस प्रशांत किशोर और IPAC को एक समझ रही थी, जबकि PK कंपनी और खुद को अलग बता रहे थे। बता दें कि ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (IPAC)’ प्रशांत किशोर द्वारा स्थापित कंपनी है, जो पार्टियों के लिए विभिन्न चुनावों की जिम्मेदारी लेती है।

कॉन्ग्रेस में अभी भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा हैं। गुजरात में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल लगातार याद दिला रहे हैं कि उनकी उपेक्षा हो रही है। हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा से कार्यकर्ताओं की नाराजगी के बावजूद उनके करीबी को प्रदेश अध्यक्ष का पद थमा दिया गया। महाराष्ट्र में गठबंधन में रहने के बावजूद पार्टी के मंत्री-विधायक लगातार MVA (महा विकास अघाड़ी) सरकार के खिलाफ आलाकमान से शिकायत करते रहते हैं।

प्रशांत किशोर के कॉन्ग्रेस में शामिल न होने की असली वजह तो ये है कि राहुल गाँधी को रणनीतिकार या नेता नहीं, बल्कि चाटुकार चाहिए। असम के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता हिमंता बिस्वा सरमा ने एक वाकया सुनाया था। जब वो कॉन्ग्रेस में हुआ करते थे और पार्टी से नाराज़ चल रहे थे, तब वो राहुल गाँधी से मिलने गए थे। इस दौरान वो अपने कुत्ते को बिस्किट खिलाते हुए हर बात पर ‘So What (तो क्या?)’ कहते रहे। सबसे बड़ी बात कि तरुण गोगोई जैसे बुजुर्ग नेता भी उसी प्लेट से बिस्किट उठा कर खाते रहे।

राहुल गाँधी को ऐसे ही लोग चाहिए। नेता ऐसा होना चाहिए, जो उनके हर ऐन मौकों पर विदेश जाने को चैनल-चैनल घूम कर बचाव करे। नेता ऐसा, जो उनके रिट्वीटस-लाइक्स गिना कर उन्हें उनकी उच्च श्रेणी की याद दिलाता रहे। नेता ऐसा, जो पंजाब के मुख्यमंत्री रहे चरणजीत सिंह चन्नी की तरह उनकी गाड़ी की ‘डिक्की’ में भी बैठ कर सफर कर सके। नेता ऐसा, जो उनके इस्तीफे के बाद फिर से अध्यक्ष बनाए जाने की माँग करे। जो एक ही प्लेट में उनके कुत्ते के साथ बिस्किट खा सके।

प्रशांत किशोर को इससे पहले भी चुनावी रणनीतिकार की जिम्मेदारियाँ 2014 में नरेंद्र मोदी के बाद से आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल, पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह, पश्चिम बंगाल और गोवा में तृणमूल कॉन्ग्रेस ने दी है। कॉन्ग्रेस ने भी यूपी में उनसे काम लिया। बिहार में जदयू के नीतीश कुमार ने उन्हें राज्यमंत्री स्तर तक का दर्जा दे डाला था। लेकिन, गाँधी परिवार के साथ उनकी बात नहीं बनी। क्या वो ‘चाटुकार’ नहीं हैं, इसीलिए?

₹200 करोड़ का बंगला, ₹25 लाख का नेमप्लेट: गौरी के कहने पर ‘मन्नत’ में चेंज, शाहरुख खान की रईसी से नेटिजन्स हैरान

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) अपने आलीशान घर मन्नत (Mannat) की नेमप्लेट बदलवाने के बाद से खासा सुर्खियों में हैं। इस नई नेमप्लेट की कीमत सुनकर आप भी शॉक्ड रह जाएँगे। दरअसल, शाहरुख के घर की नेमप्लेट की कीमत लाखों में बताई जा रही है, जो हमारे और आपकी साल भर की सैलरी से भी कहीं ज्यादा है।

बॉलीवुड लाइफ के मुताबिक, “शाहरुख खान की बीवी गौरी खान, जो कि एक इंटीरियर डिजाइनर हैं, उनके एक्सपर्ट सुपरविजन में इस नेमप्लेट को तैयार किया गया है। इस नेमप्लेट की कीमत 20 से 25 लाख रुपए है, क्योंकि गौरी को कुछ क्लासी चाहिए था, जो उनकी खान फैमिली के स्टैंडर्ड को सूट करे।” नेमप्लेट को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है। यूजर्स मन्नत की पहले और अबकी नेमप्लेट की फोटो शेयर कर रहे हैं। इस नेमप्लेट की जितनी कीमत बताई जा रही है, एक मध्यम वर्गीय परिवार इतनी बड़ी रकम में अपने लिए एक शानदार कार खरीद सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहरुख खान के बंगले ‘मन्नत’ की कीमत 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की है। साल 1997 में अपनी फिल्म ‘यस बॉस’ की शूटिंग के दौरान शाहरुख खान ने मन्नत को देखा था। शाहरुख से पहले ये बंगला एक गुजराती बिजनेसमैन नरीमन दुबाश का था, जो बाई खोर्शेड के नाम पर रजिस्टर था।

बताया जाता है कि साल 2001 में शाहरुख ने इस बंगले को 13.32 करोड़ रुपए में खरीदा था। फिर साल 2005 में, शाहरुख खान और गौरी ने इस घर का नाम ‘मन्नत’ रखा था। दोनों ने इसे बेहद शानदार और महँगी चीजों से सजाया है। इस घर को गौरी ने खुद डिजाइन किया है।

वर्क फ्रंट की बात करें तो शाहरुख खान ने अपनी आगामी फिल्म ‘पठान’ की शूटिंग स्पेन में पूरी कर ली है। इस फिल्म में उनके साथ दीपिका पादुकोण और जॉन अब्राहम भी होंगे। इसके अलावा वह दक्षिण भारतीय फिल्मों के निर्देशक एटली की फिल्म में भी काम कर रहे हैं। यह फिल्म अगले साल जनवरी में सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी। शाहरुख, राजकुमार हिरानी की फिल्म ‘Dunki’ में भी नजर आएँगे। इस फिल्म में उनके अपोजिट तापसी पन्नू लीड रोल में होंगी।

जहाँगीरपुरी के बाद अब शाहीनबाग में बुलडोजर चलाने का प्लान रेडी, दक्षिणी दिल्ली में 1 महीने चलेगा से अतिक्रमण हटाओ अभियान

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में बुलडोजर चलने के बाद अब शाहीन बाग से भी अतिक्रमण हटाया जाएगा। इस संबंध में जानकारी दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के मेयर मुकेश सुर्यन द्वारा दी गई है। सुर्यन ने कहा है कि आने वाले दिनों में शाहीन बाग में भी बुलडोजर चलेगा क्योंकि यहाँ भी लोगों ने अवैध कब्जे किए हुए हैं। शाहीन बाग के अलावा सरिता विहार, ओखला, तिलक नगर और कालिंदी कुंज भी प्रशासन का बुलडोजर पहुँचेगा। ये अभियान एक महीने चलेगा।

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के मेयर मुकेश ने बताया कि शाहीन बाग में लोगों ने सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण किया हुआ है जबकि सरिता विहार, कालिंदी कुंज में कॉलोनियों को काटकर अवैध कब्जा किया हुआ है। सुर्यन कहते हैं, “हम दिल्ली में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। दिल्ली में रोहिंग्या व बांग्लादेशियों ने कई जगह पर कब्जा किया हुआ है। हमने इस संबंध में सर्वे किया था। अब उसकी रिपोर्ट आ गई है, जितनी जगह पर अतिक्रमण हुआ है वहाँ कार्रवाई होगी।”

दिल्ली की पुरानी सरकारों पर निशाना साधते हुए दक्षिणी दिल्ली के मेयर ने आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “70 सालों में कॉन्ग्रेस और 7 सालों में आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली वालों के लिए कभी कुछ नहीं सोचा। दोनों ही सरकारों ने घुसपैठियों और बांग्लादेशियों को बसाने का काम किया किया, मगर दिल्ली की चिंता कभी नहीं की। दिल्ली वाले पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। मगर AAP सरकार और उनके विधायक पानी पहुँचा रहे है रोहिंग्याओं को। नाइट शेल्टर्स में बस आती है उन्हें खाना देने।”

गौरतलब है कि पिछले दिनों हनुमान जन्मोत्सव पर जहाँगीरपुरी में जो हिंसा हुई उसके बाद प्रशासन ने इलाके में फैले अतिक्रमण पर कार्रवाई करते हुए वहाँ बुलडोजर चलाया था। इसी के साथ खबर आई थी कि दिल्ली के भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने 20 अप्रैल को पत्र लिखकर रोहिंग्या, बांग्लादेशी और आसामाजिक तत्वों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने की बात कही है। जिसका जिक्र भाजपा नेता व मेयर सुर्यन ने करते हुए कहा कि इस काम के लिए नियमित बैठकें की जा रही हैं। जिन इलाकों में अतिक्रमण ज्यादा है वहाँ यातायात जाम सहित तमाम परेशानियाँ आती हैं। मेयर के अनुसार, ऐसे इलाकों की पहचान चल रही है। आगे इसकी लिस्ट बनेगी और फिर ये तय होगा कि किस दिन से अतिक्रमण हटाया जाएगा।

अजान के वक्त अपने घर में भी संगीत बजाना हुआ हराम: रेलवे सब इंस्पेक्टर के खिलाफ केस, महाराष्ट्र में मुस्लिम तुष्टिकरण चरम पर

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में मुस्लिम तुष्टिकरण चरम पर है। हनुमान चालीसा को लेकर महिला सांसद और उनके विधायक पति पर राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। अब एक और चौंकाने वाली घटना राज्य के औरंगाबाद से सामने आई है। यहाँ रेलवे के एक सब इंस्पेक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, क्योंकि वे अजान के वक्त अपने घर में ब्लूटूथ स्पीकर से संगीत बजा रहे थे।

सब इंस्पेक्टर किशोर मलकुनाइक औरंगाबाद की अमृतसाई प्लाजा सोसायटी में रहते हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ अपने घर में ब्लूटूथ स्पीकर पर संगीत बजाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। दरअसल किशोर अपने घर संगीत बजा रहे थे, उस समय उनके घर के सामने की मस्जिद में अजान हो रहा था।

जानकारी के मुताबिक किशोर मलकुनाइक अमृतसाई प्लाजा हाउसिंग सोसाइटी के बी-विंग में चौथी मंजिल पर रहते हैं। 23 अप्रैल 2022 की शाम वह अपने परिवार के चार सदस्यों के साथ अपनी पत्नी का जन्मदिन मना रहे थे। इस दौरान वह ब्लूटूथ स्पीकर पर संगीत बजा रहे थे। ब्लूटूथ स्पीकर को उन्होंने अपने घर की खिड़की पर रखा था। उसी समय शाम के करीब सात बजे मलकुनाइक के घर के सामने मस्जिद से अजान बज रही थी।

मलकुनाइक के संगीत बजाने से समाज में रहने वाले कुछ लोग ‘परेशान’ हो गए। दिव्य मराठी की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय निवासी शेख शफीक, शेख शब्बीर, इमरान खान, मुदस्सिर अंसारी और अन्य ने सतारा पुलिस स्टेशन के कंट्रोल रूम में फोन कर किशोर मलकुनाइक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद इंस्पेक्टर सुरेंद्र मलाले, सब-इंस्पेक्टर और हवलदार की अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस सिल्क मिल इलाके में सफा मस्जिद के बाहर पहुँची और फिर मलकुनाइक के घर की जाँच-पड़ताल की।

पुलिस को मलकुनाइक के घर के बेडरूम की खिड़की पर रखा ब्लूटूथ स्पीकर मिला। पूछताछ के बाद, मलकुनाइक ने संगीत बजाना स्वीकार किया। पुलिस ने कथित तौर पर स्पीकर को जब्त कर लिया और मलकुनाइक के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 (बी), (सी) और महाराष्ट्र पुलिस की धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया है।

मामले की जाँच सतारा थाना के सब-इंस्पेक्टर कराले कर रहे हैं। आरोप साबित होने पर मलकुनाइक को तीन साल तक की जेल हो सकती है। वर्तमान में मलकुनाइक स्थानीय अदालत में जमानत के लिए आवेदन करने की कोशिश में हैं। घटना के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “23 अप्रैल को अचानक रात करीब साढ़े आठ बजे पुलिस आ गई, उस समय हम अपने घर के अंदर जश्न मना रहे थे। कल्पना कीजिए कि एक ब्लूटूथ स्पीकर कितना शोर करेगा?” उन्होंने बताया कि अगले दिन उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

किशोर मलकुनाइक ने आरोप लगाया, “हम इस समाज में लंबे समय से रह रहे हैं। कई मुस्लिम आसपास रहते हैं और हमारे बीच कभी कोई विवाद नहीं रहा। फिर भी अगर मैं अपने घर में संगीत बजाता हूँ तो विवाद पैदा हो जाता है… यह अस्वीकार्य है। इसके पीछे वाकई एक बड़ी साजिश है!” मलकुनाइक दंपति को पुलिस थाने में लंबी पूछताछ के बाद रात के 1 बजे राहत मिली थी। उनके अनुसार उन्होंने अज़ान के दौरान मस्जिद के सामने कभी भी ‘लाउडस्पीकर’ नहीं बजाया, जबकि पुलिस ने उनके खिलाफ ऐसा करने के लिए मामला दर्ज किया है।

सूर्योदय और सूर्यास्त पर हनुमान चालीसा, 3 बार प्रतिदिन रामधुन: MP के इंदौर में मंदिर के लाडस्पीकर से गूँजने लगा प्रभु का नाम

महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा (Hanuman chalisa) और मस्जिदों के लाउडस्पीकर पर जारी विवाद के बीच मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित एक मंदिर से माइक के जरिए रोजाना पाँच बार प्रभु के नाम का गुणगान भी शुरू हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार मंदिर के लाउडस्पीकर से दो बार हनुमान चालीसा और तीन बार रामधुन बजाया जा रहा है। हनुमान चालीसा का पाठ सूर्योदय और सूर्यास्त के समय हो रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर में लाउडस्पीकर से हनुमान चालीसा का पाठ इंदौर के चंद्रभागा क्षेत्र के खेड़ापति हनुमान मंदिर में शुरू किया गया है। स्थानीय संगठन ‘हिंदवी स्वराज’ ने जल्द ही शहर के बाकी मंदिरों में भी लाउडस्पीकर से हनुमान चालीसा का पाठ करने की बात कही है। संगठन के प्रमुख और पेशे से वकील अमित पांडे ने सोमवार (25 अप्रैल 2022) को कहा, “इस पुराने मंदिर में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा बजाया जा रहा है। मंदिर में लाउडस्पीकर पर दिन में तीन बार रामधुन बजाया जा रहा है।”

पांडे का कहना है कि मस्जिदों से लाउडस्पीकर पर अजान के खिलाफ लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों में कई वकीलों ने मौजूदा नियमों का हवाला देते हुए शहर के पुलिस स्टेशनों को मस्जिदों में उच्च डेसिबल स्तर पर लाउडस्पीकर बजाए जाने को लेकर लिखा है। तेज आवाज से बीमार, बच्चों और बुजुर्गों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस ओर भी प्रशासन का ध्यान दिलाया गया। लेकिन, न तो पुलिस ने और न ही जिला प्रशासन ने कोई उचित कदम उठाया।

पांडे ने बताया कि उनके संगठन ने शहर में ऐसे 25 मंदिरों की पहचान की है, जहाँ दिन में पाँच बार लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा और रामधुन बजाने की योजना बनाई जा रही है। इस बीच इंदौर के कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा है कि शांति कायम रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस मसले को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों से बातचीत की जाएगी।

CM योगी ने अवैध लाउडस्पीकर्स पर तलब की रिपोर्ट, 17000 स्थलों पर कम की गई आवाज़, ईद पर पुलिस तैयार: 125 जगह उतरवाए गए भोंपू

देश भर के मस्जिदों में लाउडस्पीकर को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने राज्य में धार्मिक स्थलों से अवैध लाउडस्पीकरों को हटाने का आदेश दिया है। पिछले हफ्ते सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Aditynath) ने रिहायशी इलाकों में स्थित धार्मिक स्थलों में सामान्य मानक के अनुसार ही लाउडस्पीकर (Loudspeakers) बजाने का निर्देश दिया था। साथ ही उन्होंने धार्मिक स्थलों में तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने वालों की रिपोर्ट माँगी थी।

अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी ने जानकारी दी, “शनिवार (24 अप्रैल, 2022) को राज्य में धार्मिक स्थलों से अवैध लाउडस्पीकरों को हटाने का आदेश जारी किया गया था। इस संबंध में जिलों से 30 अप्रैल तक रिपोर्ट माँगी गई है।” अवस्थी ने बताया कि पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वह धार्मिक स्थलों के धर्मगुरुओं से बातचीत कर अवैध लाउडस्पीकरों को हटवाएँ।”

ADG लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने सोमवार (25 अप्रैल 2022) को बताया, “अभी तक उत्तर प्रदेश में में 125 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटवाए गए हैं। वहीं, 17 हजार धार्मिक स्थलों पर स्पीकर की आवाज कम की गई है। इसके अलावा शासन ने तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने वालों की रिपोर्ट तलब की है। ये रिपोर्ट 30 अप्रैल तक देनी होगी।”

अगले महीने ईद और अक्षय तृतीया एक ही दिन पड़ने की संभावना है। ऐसे में सीएम ने निर्देश दिए हैं कि लाउडस्पीकर के इस्तेमाल से किसी भी प्रकार के धार्मिक जुलूस के दौरान दूसरे समुदाय को असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसे पुलिस की अनुमति के बिना नहीं निकाला जाना चाहिए। ADG लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत ने यह भी बताया, “अलविदा की नमाज और इसके पहले जो अन्य धर्मों के भी त्योहार हुए हैं, उनमें लाउडस्पीकर की आवाज कम करने के लिए लगभग 37,344 धर्मगुरुओं से बात की गई है।”

ईद की तैयारियों को लेकर प्रशांत कुमार ने कहा, “अलविदा की नमाज (रमजान महीने का आखिरी जुमा) लगभग 31 हजार जगहों पर होनी है। इसके चलते करीब 75 हजार ईदगाह और 20 हजार मस्जिदों में नमाज पढ़ी जाएगी। इन सभी जगहों पर बात कर लाउडस्पीकर की आवाज को या तो परिसर तक ही सीमित रखा जाएगा या फिर लाउडस्पीकर उतरवाए जाएँगे। संवेदनशील जिलों में 45 कंपनी PAC, 7 कंपनी CRPF और स्थानीय पुलिस फोर्स को अलर्ट किया गया है।”

गौरतलब है कि बीते दिनों हिंदू नववर्ष, रामनवमी और हनुमान जन्मोत्सव पर देश के अलग-अलग राज्यों में शोभा यात्राओं पर हुए हमलों के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई कड़े निर्देश जारी किए थे। इसके तहत यूपी में बिना अनुमति के कोई भी जुलूस और धार्मिक यात्रा निकालने पर रोक लगा दी गई है। आयोजकों को जुलूस के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखने के संबंध में शपथ पत्र भी देना होगा। नियमों का उल्लंघन होने पर कठोर कार्रवाई की बात भी कही गई है।

हनुमान शोभा यात्रा पर मुस्लिम भीड़ का हमला, मूर्ति पर शराब की बोतलें फेंकी: BJP ने की ‘बुलडोजर जस्टिस’ की माँग, आंध्र की जगन सरकर निशाने पर

भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार (26 अप्रैल, 2022) को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में रविवार (24 अप्रैल, 2022) को हनुमान शोभा यात्रा पर हमला करने वाले बदमाशों के खिलाफ ‘बुलडोजर न्याय’ की माँग की। इस घटना को लेकर वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करते हुए, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और आंध्र प्रदेश के सह-प्रभारी सुनील देवधर ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री लंबे समय से हिंदुओं और भाजपा के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “हिंदुओं ने कल नेल्लोर में भयावह स्थिति देखी जब ‘हनुमान शोभा यात्रा’ पर अवैध मस्जिद से पथराव हुआ और मूर्ति पर शराब की बोतल फेंकी गई! यह शर्मनाक है! जगन मोहन रेड्डी, आप कब तक हिंदुओं के धैर्य की परीक्षा लेते रहेंगे? आंध्र प्रदेश #BulldozerJustice की जरूरत है।” ट्वीट में उन्होंने गृह मंत्रालय को भी टैग किया है।

इसके साथ ही MLC वाकाती नारायण रेड्डी ने भी मंगलवार ट्विटर पर कहा कि नेल्लोर शहर में जब हनुमान जयंती जुलूस नेल्लोर जिला कोर्ट रोड से शांतिपूर्वक गुजर रहा था तो मस्जिद के युवाओं ने भद्दे इशारे किए। उन्होंने आरोप लगाया कि मस्जिद परिसर के कुछ लोगों ने जुलूस में शामिल लोगों को भड़काने की कोशिश की।

सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए, उन्होंने उपद्रवियों द्वारा लगाए गए इस्लामी नारे और जुलूस के दौरान शांति भंग करने के उनके कृत्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने ट्विटर पर स्थानीय भाषा में लिखा था, “ये दूसरी तरफ से किए गए नारे थे जब जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से गुजर रहा था। हिंदुओं के देश में हमारे हिंदुओं की यही स्थिति है। उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। अब अगर हम शांति और धर्मनिरपेक्षता पर विचार करें तो हम सड़कों पर चल भी नहीं पाएँगे। यह दुनिया को यह बताने का समय है कि हमारा देश एक हिंदू देश है।”

आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में हनुमान जुलूस पर हमला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेल्लोर शहर में हनुमान जयंती जुलूस की शुरुआत टीटीडी कल्याण मंडपम से स्टोनहाउस पेट एरिया तक की गई। शांतिपूर्ण जुलूस में 15,000 से अधिक हिंदुओं ने भाग लिया था। जुलूस जब शांतिपूर्ण तरीके से जिला कोर्ट रोड से गुजर रहा था तो पास की मस्जिद के मुस्लिम भीड़ ने पत्थर और काँच की बोतलों से जुलूस पर हमला कर दिया।

मुस्लिम भीड़ ने भगवान हनुमान की प्रतिमा पर शराब की बोतलें भी फेंकी। उन्होंने भद्दे इशारे किए और जुलूस में इस्लामी नारे लगाए। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और आंध्र प्रदेश के सह-प्रभारी सुनील देवधर ने 26 अप्रैल को यह भी कहा कि नेल्लोर जिला न्यायालय के पास बनी मस्जिद अवैध थी और राज्य सरकार को अवैध निर्माण पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने हाल ही में दिल्ली के जहाँगीरपुरी और मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे अन्य राज्यों में हुए अतिक्रमण विरोधी अभियान का उल्लेख किया और कहा कि सांप्रदायिक झड़पों में शामिल लोगों के घरों और संपत्तियों को गिरा दिया जाना चाहिए।

साथ ही, MLC रेड्डी ने उल्लेख किया कि जिस जमीन पर मस्जिद खड़ी थी वह लोक निर्माण विभाग की थी और कुछ साल पहले उस पर कब्जा कर लिया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाई कोर्ट ने चार साल पहले बेदखली का आदेश दिया था, लेकिन अधिकारी अभी तक निर्देशों को लागू करने में विफल रहे हैं। रेड्डी ने चेतावनी दी कि अगर ऐसी घटना दोबारा हुई तो हिंदू चुप नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह शहर में असामाजिक तत्वों के खिलाफ अदालत में अवमानना ​​याचिका दायर करेंगे। इस बीच भाजपा ने इस घटना पर गंभीर आपत्ति जताई है और जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है जिसमें शहर में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए कहा गया है।

महिला पुलिकर्मी से छेड़छाड़ में पकड़े गए जिग्नेश, जहाँगीरपुरी वाले अंसार की तरह कैमरे पर किया ‘पुष्पा’ स्टेप: वीडियो

विवादित ट्वीट के मामले में असम पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद जमानत मिलने और फिर गिरफ्तार किए जाने पर कॉन्ग्रेस के विधायक जिग्नेश मेवाणी फिल्म पुष्पा का ‘झुकेगा नहीं’ वाला स्टेप कैमरे पर करके पुलिस के साथ जाते दिखे। ये वीडियो गुजरात कॉन्ग्रेस सेवादल के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से शेयर किया गया है।

दरअसल, जब पुलिस की टीम जिग्नेश मेवाणी को जीप में लेकर जा रही थी तो एक रिपोर्टर ने उनसे सवाल पूछने की कोशिश की। इस पर मेवाणी ने बाहर देखा और अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा स्टाइल में इशारे किए। 10 सेकंड की क्लिप में मेवाणी की ये हरकत देखी जा सकती है।

गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर किए गए एक ट्वीट के मामले में जमानत मिलने के बाद मेवाणी को महिला पुलिस अधिकारी से छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार करने के आरोप में असम पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले अदालत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादित ट्वीट के मामले में उनकी जमानत अर्जी पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

इस मामले पर असम पुलिस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी को बारपेटा पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ दर्ज एक नए मामले में केस नंबर 81/22 और आईपीसी की धारा 294, 323, 353, 354 के तहत फिर से गिरफ्तार किया गया है।”

जहाँगीरपुरी हिंसा के आरोपित अंसार ने भी पुष्पा स्टाइल दिखाया था

इससे पहले जहाँगीरपुरी के दंगों के मुख्य आरोपित मोहम्मद अंसार ने भी पुलिस हिरासत में अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा के इसी सिग्नेचर मूव का इस्तेमाल किया था। ये एक्शन उसने कोर्ट ले जाते वक्त किया था। इसके जरिए ये संदेश देने की कोशिश की गई थी उसे कोई पछतावा नहीं है।

उसे दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने 17 अप्रैल 2022 को सुनवाई के बाद पुलिस की हिरासत में भेज दिया था। यही वो दिन था जब उसने पुष्पा स्टाइल में इशारे किए। गौरतलब है कि अंसार पर आरोप था कि हिंदुओं की शोभा यात्रा निकलते वक्त पथराव और हमले करने के लिए लोगों को उकसाया था।

‘जैसे कोरोना में खाली हिंदू को बीमारी पकड़ा था… खुदा फिर ऐसा करेगा’: जहाँगीरपुरी की औरतों का ‘जहर’ भी माशाअल्लाह

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में शनिवार (16 अप्रैल 2022) को हनुमान जन्मोत्सव पर निकाली गई हिंदुओं की शोभा यात्रा पर हमला हुआ था। इसके बाद कई वीडियो वायरल हुए थे जिसमें दंगाई पत्थरबाजी करते, गोली चलाते, हथियार लहराते दिखे थे। इलाके में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण की बात भी सामने आई थी। अवैध निर्माणों को हटाने के लिए नगर निगम ने अभियान शुरू किया था जिसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद रोक दिया गया। इस अभियान के बाद से ही इस कार्रवाई को मुस्लिम विरोधी प्रचारित करने की कोशिशें की जा रही है।

इस बीच जहाँगीरपुरी की एक औरत का वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वह कह रही है कि कोरोना केवल हिंदुओं को हुआ था। मुसलमानों को कुछ नहीं हुआ था। इसी तरह फिर से हिंदुओं पर कोई मुसीबत आएगी। पांचजन्य से बात करते हुए इस औरत ने कहा, “हमें कोई जानकारी (अतिक्रमण हटाने के अभियान की) नहीं दी गई थी। वे सीधे आए और एकाएक तोड़फोड़ शुरू कर दी। इन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट से इसकी इजाजत भी नहीं ली। मुस्लिमों को ले जाकर उनके साथ मारपीट की जा रही है। उनकी बीवियों को उठा रहे हैं और उनके घरों को तोड़ा जा रहा है। हर जुल्म तो मुस्लिमों पर ही किया जा रहा है। ये कैसा अन्याय है, ऊपर वाला फैसला करेगा।”

आगे यह औरत कहती है, “जैसे कोरोना में हुआ था। उस दौरान केवल हिंदुओं को बीमारी हुई थी, मुस्लिमों को नहीं। खुदा ऐसा करेगा कि फिर कोई मुसीबत हिंदुओं पर आएगी। मुस्लिमों पर तो चाहे, जितने भी अत्याचार कर लें।” वैसे यह पहला मौका नहीं है जब जहाँगीरपुरी की किसी औरत के भीतर का मजहबी जहर इस तरह सामने आया हो। शोभा यात्रा पर हमले के बाद एक औरत का वीडियो सामने आया था जिसमें वह जय श्रीराम के नारे को लेकर अपनी नफरत प्रदर्शित कर रही थी।

वायरल वीडियो में इस औरत ने कहा था, “हमारे नमाज पढ़ते हुए डीजे क्यों बजाया जा रहा है। जय श्रीराम का नारा बहुत जोर-जोर से ये लोग चिल्ला रहे थे तो कोई भी बर्दाश्त नहीं करेगा। डीजे हमारे मस्जिद के आगे आखिर क्यों बजाया जाएगा।” इतना ही नहीं दंगाइयों के बचाव में उनके घर की औरतें भी अजीबोगरीब तर्क देती रही हैं।

जहाँगीरपुरी की हिंसा के दौरान गोली चलाने वाले सोनू चिकना और सलीम चिकना की अम्मी ने गोली चलाने की बात को कबूल करते हुए कहा था कि उसके बेटे को बेवजह गिरफ्तार किया गया है। उसने तो हिंसा के दौरान सिर्फ ‘अपने समुदाय का समर्थन’ करने के लिए बंदूक उठाई थी।

गौरतलब है कि जहाँगीरपुरी हिंसा में घायल हुए एएसआई अरुण कुमार ने बताया था कि शोभा यात्रा के गुजरते समय गाली-गलौच करने वालों में औरतें ज्यादा थीं। उनके अनुसार वे लोग जैसे ही सी ब्लॉक से बाहर निकले वैसे ही उनके ऊपर पथराव शुरू हो गया। हमलावरों के हाथों में लाठी, तलवार, सरिया सब कुछ था।

सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति को अदालत से राहत नहीं: अब 29 अप्रैल को जमानत पर सुनवाई, कोर्ट पर ‘काम का बोझ’

महाराष्ट्र के अमरावती से सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा को मंगलवार (26 अप्रैल, 2022) को भी राहत नहीं मिली। अब राणा दंपति (Navneet Rana and Ravi Rana) की जमानत याचिका पर 29 अप्रैल को मुंबई के सेशन कोर्ट में सुनवाई होगी। सांसद नवनीत राणा के वकील ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, “अदालत पर काम का बहुत बोझ है, इसलिए हम 29 अप्रैल को जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए राजी हो गए हैं। अदालत आगे की सुनवाई का फैसला करेगी। 29 अप्रैल और उसके बाद भी फैसला आ सकता है।”

वकील रिजवान मर्चेंट ने यह भी बताया कि राणा दंपति ने बांद्रा मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष लंबित अपनी जमानत याचिका वापस लेने का फैसला किया है, जिसने उन्हें गिरफ्तारी के एक दिन बाद यानी 24 अप्रैल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

मालूम हो कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार (25 अप्रैल, 2022) को महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा पढ़ने के कारण गिरफ्तार किए गए सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा की दूसरी FIR को रद्द करने से इनकार कर दिया था। याचिका पर हाई कोर्ट के जस्टिस पीबी वराले और एसएम मोदक की बेंच ने सुनवाई की थी। कोर्ट ने कहा था कि दोनों याचिकाएँ अलग-अलग हैं और ये सुनवाई करने के लायक नहीं है। राणा दंपति को हनुमान चालीसा का पाठ करने को लेकर उठे विवाद के बाद शनिवार को गिरफ्तार किया गया था।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि लाउडस्पीकर और हनुमान चालीसा पर जारी सियासत के बीच अमरावती से सांसद नवनीत राणा ने उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करने का ऐलान किया था, जिसके बाद 23 अप्रैल, 2022 को मुंबई की खार पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। उन पर मुंबई पुलिस ने राजद्रोह (आईपीसी की धारा 124 A) और धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप लगाए थे। इसके अलावा उन पर आईपीसी की धारा 353 (सरकार काम में बाधा) के तहत केस दर्ज किया गया था। इसी एफआईआर को कोर्ट ने खारिज करने से इनकार कर दिया है।