Home Blog Page 301

‘शिव तांडव स्त्रोत’ और ‘सांबा रेगे’ से हुआ PM मोदी का स्वागत, राजकीय यात्रा पर पहुँचे ब्रासीलिया: द्विपक्षीय वार्ता में कई मुद्दों पर होगी चर्चा, BRICS में भारत ने रखा कड़ा रुख

रियो डि जेनेरियो से BRICS सम्मेलन में शिरकत करने के बाद मंगलवार (8 जुलाई 2025) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया पहुँचे। यहाँ पर उनके स्वागत में शिव तांडव स्त्रोतम और भारतीय शास्त्रीय नृत्यों से किया गया। उनके स्वागत में स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक ब्राजीलियाई सांबा रेगे का प्रदर्शन भी किया।

अपने इस दौरे में पीएम मोदी ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डि सिल्वा के साथ कई मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता कर सकते हैं। इसके तहत ऊर्जा, व्यापार, रक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी समेत कई मुद्दे शामिल होंगे।

पीएम मोदी 2 से 10 जुलाई 2025 तक 5 देशों की यात्रा पर हैं। इसके तहत वे घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो और अर्जेंटीना का दौरा कर ब्राजील पहुँच चुके हैं। इसके बाद पीएम मोदी नामीबिया जाएँगे।

पीएम मोदी ने सोमवार (7 जुलाई 2025) को ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन में जलवायु सम्मेलन, पर्यावरण और वैश्विक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर बात की थी। इसके तहत उन्होंने कहा था कि कोरोना माहामारी से हमने सबक लिया है कि बीमारी पासपोर्ट की मोहताज नहीं होती। हमें पृथ्वी को स्वस्थ रखने के लिए मिलकर कोशिश करनी होगी।

BRICS सम्मेलन में विश्व व्यापार संगठन (WTO) ने लगातार बढ़ते टैरिफ और नियमों के उल्लंघन पर चर्चा की। इसके बाद BRICS से जुड़ने की इच्छा रखने वाले देशों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी भी दी है। 2025 की शुरुआत में भी ट्रंप ने कहा था कि अगर BRICS देश डॉलर को कमजोर करने के प्रयास करते हैं तो अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाया जाएगा।

BRICS में पीएम मोदी ने किन मुद्दों पर की चर्चा

पीएम मोदी ने BRICS शिखर सम्मेलन में कई अहम बातों पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिहाज से BRICS रिसर्च सेंटर का प्रस्ताव देशों के सामने रखा ताकि सभी देश इस दिशा में बेहतर काम कर सकें।

इसके अलावा उन्होंने BRICS देशों की विविधता और सोच पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि BRICS देशों का एक दूसरे पर भरोसा करना ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। संसाधनों के दुरुपयोग पर उन्होंने कहा कि किसी भी देश को ये अधिकार नहीं है कि वो किसी भी संसाधन का उपयोग सिर्फ हथियार के तौर पर अपने फायदे के लिए उपयोग करें। इससे उनका सीधा इशारा चीन के रेयर अर्थ मेटल्स के ऊपर था।

इसके अलावा डिजिटल जानकारियों पर पीएम मोदी ने कहा कि हमें एक ऐसी प्रणाली स्थापित करनी चाहिए जिससे डिजिटली उपलब्ध जानकारियों की पुष्टि भी आसान हो और उनका दुरुपयोग भी न हो पाए। इसके तहत उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भारत में एक बड़े सम्मेलन के आयोजित होने की की घोषणा भी की।

शांति के साथ आतंकवाद पर सख्ती की उठी माँग

जम्मू-कश्मीर का पहलगाम में हुए आतंकी हमलों पर बात करते हुए पीएम मोदी ने आतंकवाद को मानवता के खिलाफ और दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को रोकने के लिए हरसमभव प्रयास किए जाने चाहिए। आतंकवाद के पीड़ितों और समर्थकों को एक समान व्यवहार नहीं मिलना चाहिए। राजनीतिक या व्यक्तिगत फायदे के लिए आतंकवाद को मौन समर्थन देना स्वीकार योग्य नहीं है।

छह दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ब्रासीलिया यात्रा है। अपने दौरे के आखिरी चरण में पीएम मोदी 9 जुलाई 2025 को नामीबिया जाएँगे। वहाँ पीएम मोदी नामीबिया की संसद को भी संबोधित करेंगे।

ट्रंप ने 14 देशों पर बढ़ाया टैक्स, जवाबी कार्रवाई के लिए भी दे डाली धमकी : ग्लोबल टैरिफ से खुद को घाटे से उबारने की कोशिश में अमेरिका, 25 से 40% तक लागू कीं दरें

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 14 देशों के लिए टैरिफ बढ़ाने की घोषणा की है। इनमें सबसे अधिक म्यांमार और लाओस पर 40% टैरिफ लगाई गई है। इसके अलावा जापान, कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, कजाकिस्तान और मलेशिया आदि देशों पर भी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने ग्लोबल टैरिफ बढ़ाने के लिए 01 अगस्त 2025 का अल्टिमेटम भी दे दिया है।

सोमवार (07 जुलाई 2025) को डोनाल्ड ट्रंप ने इन सभी देशों को ट्रेड लेटर भेजा। इसकी जानकारी ट्रंप के एक्स हैंडल ट्रुथ सोशल पर भी दी गई। व्हाइट हाउस से जारी इस लेटर में डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ बढ़ाने को व्यापारिक संबंधों की मजबूती और प्रतिबद्धता करार दिया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने सबसे पहले जापान और साउथ कोरिया पर टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया। इन दोनों देशों पर अब 25 % शुल्क लगेगा। सबसे ज्यादा टैरिफ म्यांमार और लाओस पर लगाई गई है। अमेरिका के साथ व्यापार करने के लिए इनको 40 % टैरिफ देनी होगी।

उधर, थाईलैंड और कंबोडिया पर 36% टैरिफ, बांग्लादेश और सर्बिया पर 35% टैरिफ, इंडोनेशिया पर 32% टैरिफ लगाई है। इसके साथ साउथ अफ्रीका और बोस्निया एंड हर्जेगोविना पर 30%टैरिफ का ऐलान किया है। अंत में मलेशिया, कजाकिस्तान और ट्यूनीशिया को सबसे कम 25% टैरिफ देना होगा।

टैरिफ की जवाबी कार्रवाई को लेकर दी चेतावनी

हर देश को भेजे गए पत्र में डोनाल्ड ट्रंप ने जवाबी कार्रवाई को लेकर भी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा, “अगर किसी भी कारण से आप अपने टैरिफ बढ़ाने का फैसला करते हैं, तो आप उन्हें जितना बढ़ाएँगे, वह हमारे लगाए गए टैरिफ में जोड़ दिया जाएगा।”

ट्रंप ने आगे कहा, “कई सालों से चली आ रही टैरिफ और गैर-टैरिफ नीतियों और व्यापार बाधाओं को ठीक करने के लिए यह जरूरी था। इसकी वजह से ही अमेरिका को व्यापार में घाटा हुआ है। यह घाटा हमारी अर्थव्यवस्था और वास्तव में हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।”

भारत के साथ बेहतर व्यापार समझौता बेहद करीब

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 14 देशों के साथ टैरिफ बढ़ाने के ऐलान में भारत का नाम शामिल नहीं किया है। वहीं, भारत के साथ बेहतर व्यापार समझौते को बढ़ावा देने की बात कही है। ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा, “हमने यूनाइटेड किंगडम के साथ डील की है, हमने चीन के साथ भी डील की है और अब हम भारत के साथ डील करने के बेहद करीब हैं।”

ट्रंप ने यह भी कहा, “हमने जिन देशों को टैरिफ लेटर भेजा है। उनके साथ भी मुलाकात की है और हमें नहीं लगता कि हम डील कर पाएँगे, इसीलिए उन्हें एक पत्र भेजा गया है। यही नहीं हम अन्य देशों को पत्र भेज रहे हैं, जिसमें उन्हें बताया जा रहा है कि उन्हें कितना टैरिफ देना होगा।”

ट्रंप ने 2 अप्रैल को किया था टैरिफ का ऐलान

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल 2025 को दुनिया के अधिकतर देशों पर जवाबी टैरिफ लगाया था। इसमें भारत पर 26% टैरिफ लगाया गया था। हालाँकि, बाद में इसे 90 दिन के लिए स्थगित कर दिया गया था ताकि सभी देश अमेरिका के साथ नए सिरे से समझौता कर सकें। ट्रंप ने 09 जुलाई 2025 आखिरी तारीख तय की थी, लेकिन अब नए टैरिफ ऐलान में इसे बढ़ाकर 01 अगस्त 2025 कर दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो की PM को दिया चाँदी का राम मंदिर, सरयू के पवित्र जल से भरा कलश: अर्जेंटीना की उपराष्ट्रपति को सूर्य की ऊर्जा से सराबोर मिथिला की मधुबनी पेंटिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 दिन की विदेश यात्रा पर हैं। इस दौरान पीएम पश्चिमी अफ्रीकी देश घाना, कैरिबियन देश त्रिनिदाद और टोबैगो, लैटिन अमेरिकी देश अर्जेंटीना और ब्राजील जा चुके हैं। आने वाले दिनों में अफ्रीकी देश नामीबिया का भी दौरा करेंगे। विदेश यात्रा पर पीएम देश के दिए तोहफे हमेशा चर्चा में रहते हैं।

इस बार भी प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की संस्कृति से जुडे़ खास तोहफे दिए हैं। इनमें अयोध्या राम मंदिर का सिल्वर प्रतिकृति, पवित्र जल से भरा कलश और मधुबनी कला को समर्पित पेंटिंग शामिल है। सभी तोहफों में भारत की संस्कृति की अद्भुत झलक है।

त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री को गिफ्ट किया चाँदी जड़ित राम मंदिर

पीएम मोदी ने विदेश दौरे में त्रिनिदाद और टोबैगो भी पहुँचे। यहाँ पीएम ने अभिवादन के तौर पर देश की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर को अयोध्या राम मंदिर का सिल्वर रेप्लिका गिफ्ट किया। साथ ही सरयू का पवित्र जल से भरा कलश भी भेंट किया।

यह रेप्लिका शुद्ध चाँदी से निर्मित है। जो कि मंदिर की पवित्रता, भक्ति और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। यह स्मृति सजाव से इतर अयोध्या की आध्यात्मिक विरासत और भारत की पवित्र परंपराओं का सम्मान करती है।

अर्जेंटीना की उप राष्ट्रपति को भेंट की मधुबनी पेंटिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्रा के दौरान अर्जेंटीना का भी दौरान किया। इस मौके पर पीएम ने अर्जेंटीना की उप राष्ट्रपति विक्टोरिया विलारुएल को मधुबनी पेंटिंग तोहफे में दी। पेंटिंग में सूर्य की कृति को उजागर करती है, जो ऊर्जा और जीवन का प्रतीक है।

मधुबनी पेंटिंग बिहार के मिथिला क्षेत्र की भारत के सबसे पुराने लोक कला परंपराओं में से एक खूबसूरती को प्रदर्शित करती है।

चलता रहेगा बुलडोजर, देवभूमि का स्वरुप नहीं बदलने देंगे: 4 साल पूरे होने पर ऑपइंडिया से बोले CM धामी, कहा- नहीं बदलने देंगे डेमोग्राफी

पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के तौर 4 साल पूरे कर लिए हैं। उनकी सरकार मजारों, अवैध ढाँचों पर कार्रवाई, UCC जैसे कानून बनाने और डेमोग्राफी जिहाद की साजिशों पर कार्रवाई को लेकर चर्चा में रही है। इसके अलावा टूरिज्म प्रमोट करने, चारधाम यात्रा को सुगम बनाने से लेकर राज्य के स्थानीय लोगों के हितों को संरक्षित करने का भी काम धामी सरकार में हुआ है। ऑपइंडिया ने CM पुष्कर सिंह धामी से इन्हीं सब मुद्दों को लेकर विशेष बातचीत की है।

उत्तराखंड में 6500 एकड़ से अधिक जमीन को कब्जामुक्त करवाया जा चुका है और 500 से अधिक अवैध मजारें तोड़ी जा चुकी हैं। CM धामी ने ऑपइंडिया से कहा कि राज्य के भीतर अवैध ढाँचों पर इसी तरह बुलडोजर चलता रहेगा। CM धामी ने बताया कि सरकारी जमीन पर भी जो कब्जा था उसे हटा दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में अवैध ढाँचों पर हुई कार्रवाई को विधिसम्मत तरीके से किया गया है।

CM पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि उनके सारे काम सनातन को बढ़ावा देने वाले से ही जुड़े हैं। उत्तराखंड में डेमोग्राफी बदलाव पर भी उन्होंने स्पष्ट किया वह प्रदेश में यह बदलाव संभव नहीं होने देंगे। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में इस्लामी कट्टरपंथियों की घुसपैठ पर उन्होंने बताया कि अब लगातार उन्हें चिन्हित करने का प्रयास चल रहा है। CM धामी ने ऑपइंडिया को बताया कि लगातार ऐसे लोगों को पहचान कर उनके आधार कार्ड, राशन कार्ड और बाकी कागज जब्त हो रहे हैं।

CM धामी ने यह भी बताया कि यह कार्रवाई सिर्फ चिन्हित कर घुसपैठियों को बाहर करने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो रही है, जिन्होंने यह कागज जारी किए। ऑपइंडिया से बातचीत में CM धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि जो उनके अतिक्रमण विरोधी अभियानों या फिर लैंड जिहाद आदि को रोकने का प्रयास कर रहे हैं वह बाधा डाल कर खुश रहने वाले हैं। उन्होंने बिना नाम लिए कॉन्ग्रेस पर हमला बोला और कहा कि उन्हें जनता लगातार जवाब दे रही है।

ऑपइंडिया से CM धामी ने राज्य में चल रहे विकास कार्यों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि आगामी अर्धकुम्भ के लिए उनकी सरकार ने अभी से तैयारी चालू कर दी है। उन्होंने बताया कि इस बार चारधाम में यात्रा करने वालों का आँकड़ा 38 लाख पहुँच गया है, लेकिन व्यवस्थाएँ और सुगम बनती रहें, इसके लिए लगातार इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया जा रहा है। कैंची धाम में लगने वाले जाम पर उन्होंने बताया कि बाईपास का काम तेजी से चल रहा है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

CM धामी ने महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर भी बात की और कहा कि सुरक्षा भी जरूरी है। उन्होंने बताया है कि उनकी सरकार आने वाले समय में इन विषयों पर और काम करने वाले हैं।

मजहब नहीं, भारत में ममदानी की ‘मूर्खता’ पर हो रही बात: लिबरल एजेंडे के लिए देश को बदनाम करना बंद करो निधि राजदान, मीरा नायर के बेटे के ‘इस्लाम’ से अमेरिका ही भयभीत

न्यूयॉर्क के मेयर चुनावों से चर्चा में आए जोहरान ममदानी को लिबरल और वामपंथी हर तरह से मीडिया में हीरो दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों में एक नाम निधि राजदान का भी है। निधि ने हाल में एक्स (पहले ट्विटर) पर जोहरान ममदानी के लिए लिखे एक विचार को शेयर किया। इसमें उन्होंने जोहरान ममदानी की प्रशंसा के बहाने भारत को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास किया।

यह वही निधि राजदान हैं जो कभी NDTV में काम करती थीं। फिर इन्होंने ऐलान किया था कि वह अब हार्वर्ड विश्वविद्यालय पढ़ाने जा रही हैं। बाद में पता चला था कि उन्हें इस संबंध में एक फर्जी मेल आया था और राजदान स्वयं एक फिशिंग अटैक का शिकार हो गईं थी। इससे उनकी काफी जगहंसाई हुई थी।

निधि राजदान ने क्या कहा?

पोस्ट में निधि राजदान ने गल्फ न्यूज पर लिखे अपने एक लेख को साझा किया। निधि राजदान ने इसमें कहा कि जोहरान ममदानी पर अमेरिका में चर्चा का कारण उनकी विचारधारा है जबकि भारत में ममदानी को लेकर होने वाली बात उनके मजहब तक केन्द्रित है। राजदान ने दावा किया कि कई लोग उसे पाकिस्तान से जोड़ रहे हैं।

राजदान ने लिखा है कि ममदानी से दक्षिणपंथी इसलिए इतनी नफरत करते हैं क्योंकि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आलोचक हैं और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू की गाजा पर कार्रवाई का विरोध कर चुके हैं।

अपने लेख में उन्होंने ममदानी के वादों की तुलना आम आदमी पार्टी के वादों से की और ये दिखाया कि वो कितनी कल्याणकारी योजनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। आगे ममदानी ने कहा कि भारत में सिर्फ ममदानी का मजहब देखा जा रहा है, जबकि अमेरिका में उनके विचार क्रान्ति ला सकते हैं।

निधि राजदान ने यह दावा किया कि ममदानी की बढ़ती लोकप्रियता से उनके विरोधी रिपब्लिकन तो क्या, उनकी पार्टी के ही डेमोक्रेट भी डरे हुए हैं। निधि राजदान ने इसी को आधार बनाते हुए यह ज्ञान दिया कि भारतीयों को इसी तरह सीख लेनी चाहिए और ममदानी के मजहब पर बात नहीं होनी चाहिए।

अमेरिका में ममदानी का मजहब ही चर्चा में

दिलचस्प बात ये है कि भारत को कोसने के चक्कर में निधि राजदान ने अमेरिका से आने वाली जोहरान ममदानी से जुड़ी खबरों पर आँख मूँद ली है। चूँकि अगर गौर से देखती तो उन्हें ये पता चलता कि भारत से कहीं अधिक जोहरान ममदानी के मजहब को लेकर उतना नहीं उछाला गया जितना अमेरिका में इसे लेकर बातें हो रही हैं।

अमेरिकी खुलेआम उनके इस्लाम से जुड़ाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि 24 साल पहले मुस्लिमों के समूह ने 2753 लोगों को 9/11 पर मार गिराया था और अब एक मुस्लिम न्यूयॉर्क सिटी चलाएगा?

अमेरिका में उनके बयानों को देखते हुए उन्हें इस्लामिक समर्थक नेता के तौर पर माना जाने लगा है। लोग उन पर खुलेआम नस्लीय टिप्पणियाँ कर रहे हैं। नवंबर में न्यूयॉर्क का मेयर चुन लिया जाएगा। इसे देखते हुए ममदानी को अमेरिका में 9/11 घटना की याद दिलाई जा रही है। लोग कह रहे हैं कि आतंकियों ने 2753 लोगों को मार दिया था। अब ऐसा ही ‘मुस्लिम सोशलिस्ट’ न्यूयॉर्क का मेयर बनने की दौड़ में है। यहाँ तक कि डोनल्ड ट्रंप जूनियर भी कह रहे हैं कि ‘न्यूयॉर्क शहर ढह जाएगा।’

रिपब्लिकन सांसद एंडी ओगल्स ने यहाँ तक कह दी है कि जोहरान ममदानी की नागरिकता रद्द कर दी जानी चाहिए। ममदानी को ‘छोटा मुहम्मद’ कहकर संबोधित किया जा रहा है। उन्होंने एक्स पर लिखा है, ”जोहरान ‘लिटिल मुहम्मद’ ममदानी यहूदी विरोधी, समाजवादी और कम्युनिस्ट है, वह बेहतरीन सिटी न्यूयॉर्क को बर्बाद कर देगा। उसे वापस भेज देना चाहिए। इसीलिए मैं नागरिकता छीनने की प्रक्रिया शुरू करने की माँग कर रहा हूँ।”

लोग यहाँ तक कह रहे हैं कि अगर न्यूयॉर्क मेयर का चुनाव जोहरान ममदानी जीतते हैं तो न्यूयॉर्क को पहला ‘मुस्लिम मेयर’ मिल जाएगा। यहाँ तक कि खुद ममदानी से स्वीकार किया है कि अमेरिका में मुस्लिम होने की वजह से कई तरह के हमलों का उन्हें सामना करना पड़ा है।

अमेरिका में यहूदी विरोधी बयान को लेकर कई लोगों ने कहा है कि न्यूयॉर्क में यहूदी विरोध नहीं चलेगा। वहीं गाजा हमला, ईरान हमले को लेकर इजरायल की आलोचना करने के ममदानी के तरीके पर सवाल उठाए हैं।

ममदानी ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि अगर उन्हें न्यूयॉर्क के मेयर के रूप में इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का स्वागत करना पड़ा तो वे क्या करेंगे? इसके जवाब में ममदानी ने कहा था कि वो नेतन्याहू को गिरफ्तार कर लेंगे। ममदानी के बयानों की अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कड़ी आलोचना की थी और यहाँ तक कहा था कि अगर ममदानी यूयॉर्क के मेयर बनते हैं तो वे फंड रोक देंगे।

ममदानी का इतिहास भारत विरोध से भरा

अमेरिका में सोशल मीडिया इन सब खबरों से पटा पड़ा है। लेकिन भारत में सोशल मीडिया से लेकर ममदानी के बयानों पर बात हुई है। ममदानी के भारत विरोधी और पीएम मोदी के खिलाफ दिये गए बयानों की न सिर्फ भारत में आलोचना हुई, बल्कि उनके निर्वाचन क्षेत्र न्यूयॉर्क में रहने वाले भारतीय अमेरिकी समुदाय के करीब 2 लाख से अधिक लोगों ने ममदानी की आलोचना की थी।

ममरानी ने 2002 के गुजरात दंगों को लेकर पीएम मोदी को लगातार निशाना बनाया है। ममदानी ने पीएम मोदी को ‘युद्ध अपराधी’ और ‘मुसलमानों के नरसंहार’ करने वाला तक बताया है। इस दौरान सिर्फ पीएम मोदी पर हमला नहीं किया गया, बल्कि हिंदू धर्म और संस्कृति को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई है।

ममदानी ने एक फोरम में पीएम मोदी की तुलना इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से की और दोनों को ‘युद्ध अपराधी’ करार दे दिया था।

भारत में ममदानी की ‘सोच’ पर चल रही चर्चा

भारत में ममदानी को लेकर जब भी बात हुई है तो उसके विचारों और बयानों को ही आधार बनाया गया है ना कि उसके मजहब को निशाना बनाया गया है। फिल्ममेकर मीरा नायर के बेटे ममदानी के विचारों की आलोचना ऑपइंडिया ने भी की है। ऑपइंडिया ने पीएम मोदी को फासिस्ट कहने और और भारत विरोधी खासकर हिन्दुओं के खिलाफ जहर उगलने पर उसकी आलोचना की थी ना कि उसके मजहब को निशाना बनाया था।

भारत में ममदानी की आलोचना का केंद्र उसके वादे भी रहे हैं। ममदानी अपने चुनाव में न्यूयॉर्क के भीतर राशन की दुकानें खुलवाने, फ्री बस चलवाने, किराए बढ़ाने पर रोक लगाने और टैक्स बढ़ाने के वादे कर रहे हैं। भारत में आलोचना हो रही है कि यह आइडिया सालों पहले भारत में आजमाए जा चुके हैं और फेल भी हुए हैं। ममदानी लेकिन अब उन्हीं कथित समाजवादी आइडिया को अमेरिका भीतर नई पैकिंग में बेच रहे हैं। इसकी भारत में काफी आलोचना हुई थी।

भारतीयों नहीं, निधि राजदान की नीयत में खोट

बात दरअसल ये है कि निधि राजदान जैसे लिबरल पत्रकार किसी दूसरे लिबरल की आलोचना स्वीकार करने में सक्षम नहीं हैं। भले ही इसके लिए उन्हें भारत को ही नीचा क्यों ना दिखाना पड़े। निधि राजदान अगर असल बात पकड़ पातीं तो उन्हें पता चलता कि भारत में बिल्कुल पिन पॉइंट तरीके से ममदानी की आलोचना हुई है। यदि भारत में आलोचना का अकेला एक आधार किसी नेता का मुस्लिम होना होता तो भारतीय दिन रात फिर सऊदी अरब के प्रधानमंत्री या UAE के नेताओं की आलोचना करते रहते।

भारतीयों ने शायद ही कभी इन नेताओं की आलोचना की हो। यहाँ तक कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ की भी आलोचना का केंद्र उसकी भारत विरोधी हरकतें और बयान होते हैं ना कि उसका मुस्लिम होना। ऐसे में यह कहना कि भारतीयों की आलोचना का दायरा सिर्फ मजहब तक रहता है एकदम आधारहीन और खुद की सतही सोच का नतीजा है। अच्छा होगा कि निधि राजदान थोड़ा असलियत को समझतीं और खुद आलोचना करते समय यह बौद्धिक जुगाली ना करके ढंग की बात कहतीं।

मुहर्रम जुलूस को भाइयों के साथ देख रहे थे अजय यादव, तलवार से काट कर मार डाला: BJP बोली- तेजस्वी यादव ने लगवाए ‘शहाबुद्दीन जिंदाबाद’ के नारे, अब हिंदुओं पर हो रहे हमले

बिहार के मोतिहारी में मुहर्रम जुलूस में विवाद के बाद हिंदू युवक की हत्या कर दी गई। मृतक युवक की पहचान 22 वर्षीय अजय यादव के रूप में हुई है। इस्लामी कट्टरपंथियों ने अजय यादव पर तलवार से सिर पर वार किया। घटना में दो अन्य हिंदू युवक घायल हुए हैं। जबकि अजय की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना मोतिहारी जिले के मेहसी थाना क्षेत्र के कनकट्टी बाजार की है। पुरानी रंजिश को लेकर इस्लामी कट्टरपंथियों ने मुहर्रम जुलूस की आड़ में अजय यादव की हत्या की साजिश रची। रविवार (06 जुलाई 2025) शाम 7 बजे क्षेत्र में मुहर्रम के ताजिया का जुलूस निकाला जा रहा था।

जुलूस में शिया मुस्लिम की भीड़ लाठी-डंडे, तलवार और बरछी लेकर करतब दिखा रहे थे। वही देखने अमवा निवासी अजय यादव, भाई धनंजय यादव और चचेरे भाई नवल किशोर यादव पहुँचे थे। तभी जुलूस में शामिल करतब दिखाने वाले लोगों से अजय यादव की कहासुनी हो गई। तभी तलवार भांज रहे एक मुस्लिम ने अजय के गले पर तलवार से वार किया। अजय के साथियों से भी मारपीट की।

घटना में अजय यादव बुरी तरह घायल हो गया, जिसके बाद उसे और बाकी दोनों घायलों को मेहसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहाँ डॉक्टर हरेंद्र कुमार रवि ने अजय यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं, अजय के चचेरे भाई नवल किशोर को मुजफ्फरपुर SKMCH में बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।

वहीं, अजय के भाई धनंजय यादव ने घटना की पूरी जानकारी दी। धनंजय यादव ने कहा, “भैया पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। तलवार से सिर पर पीछे से मार दिया। गाँव का ही निजामुल आया और उन्हें गोद में उठा लिया। जब मना किया तो मुझे भी मारा।”

पुरानी रंजिश को लेकर मुहर्रम जुलूस की आड़ में रची हत्या की साजिश

घटना के बाद क्षेत्र में भारी सुरक्षाबल को तैनात किया गया है। मोतिहारी SP स्वर्ण प्रभात ने बताया कि मेहसी थाना क्षेत्र में घटना मोहर्रम जुलूस में हुई, लेकिन मोहर्रम से जुड़ी नहीं है। पुरानी रंजिश को दोनों पक्षों की आपस में मारपीट हो गई। 15 दिन पहले भी आपसी विवाद हुआ था। उस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

वहीं, मृतक अजय यादव के भाई धनंजय यादव ने बताया कि पंचायत चुनाव में चचेरे भाई राजेश यादव प्रत्याशी थे। चुनाव के दौरान उनका निजामुद्दीन से विवाद हुआ था। तभी से मनमुटाव चल रहा है। अब निजामुद्दीन ने साजिश रचकर मुहर्रम जुलूस की आड़ में भाई अजय यादव की हत्या कर दी।

बता दें कि पुलिस ने मामले में शामिल 12 लोगों को हिरासत में लिया है। साथ ही इलाके में शांति का माहौल बनाए रखने की अपील की है।

BJP ने तेजस्वी यादव की चुप्पी पर किया सवाल

मोतिहारी में अजय यादव की हत्या पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने चुप्पी साधी हुई है। इस पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राजद को घेरा है। बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने तेजस्वी यादव को यादव समाज का साथ न देने का आरोप लगाया है।

अमित मालवीय ने ट्वीट कर लिखा, “तेजस्वी यादव ने हाल ही में मंच से ‘शाहबुद्दीन ज़िंदाबाद’ के नारे लगवाए और उसके तुरंत बाद ही बिहार में अराजक तत्वों ने मुहर्रम के जुलूस की आड़ में हिंदू समाज पर हमले शुरू कर दिए।”

उन्होंने मोतिहारी में अजय यादव की हत्या का मामला बताते हुए कहा, “मोतिहारी में ऐसी ही एक घटना में अजय यादव की नृशंस हत्या कर दी गई। तेजस्वी यादव, जो स्वयं यादव समाज से आते हैं, ने अब तक इस हत्या पर एक शब्द नहीं बोला। क्या राजद की राजनीति में मुस्लिम तुष्टिकरण इतना हावी हो गया है कि यादव समाज की जान की कोई कीमत ही नहीं रह गई?”

तेजस्वी यादव के शहाबुद्दीन प्रेम को लेकर अमित मालवीय ने घेरते हुए कहा, “मुहर्रम के नाम पर हाल के दिनों में बिहार के कई जिलों में हुई हिंसा उसी शाहबुद्दीनवादी मानसिकता का परिणाम है, जिसे तेजस्वी यादव मंच से महिमामंडित कर रहे हैं।”

तेजस्वी यादव ने ‘शहाबुद्दीन जी अमर रहे’ के लगाए थे नारे

बता दें कि अमित मालवीय जिस शहाबुद्दीन की बात कर रहे हैं। वो वही शहाबुद्दीन है, जिसके अमर रहने के नारे तेजस्वी यादव ने राजद के स्थापना दिवस पर लगाए थे। और यह वही शहाबुद्दीन है, जिसका बिहार के सीवान जिले में राज चला करता था। गैंगस्टर के नाम पर शहाबुद्दीन ने कई मासूम लोगों की जान ली। इनमें चंदा बाबू के तीन बेटें भी शामिल हैं, जिनको तेजाब से नहला दिया गया था।

इसी शहाबुद्दीन के समर्थन में तेजस्वी यादव ने नारे लगाए। जबकि तेजस्वी यादव अपने ही समाज के युवक अजय यादव की इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा की गई हत्या पर खामोश हैं।

‘गोमांस खाओ, कुरान पढ़ो, इस्लाम कबूलो’: जिसके झाँसे में आकर घर से भागी हिंदू युवती, वही शहबाज अब कह रहा- मेरे घर में भगवान नहीं चाहिए, अल्लाह को मानो

बिहार के बेगूसराय में इंदौर की हिंदू युवती को मोहम्मद शहबाज ने जबरन धर्म परिवर्तन और गोमांस खिलाने का दबाव बनाया। दो साल तक लिव-इन में रहने के बाद निकाह किया। आरती से आरती परवीन बना दिया। युवती का कहना है कि शौहर इस्लाम धर्म न अपनाने पर मारपीट करता है। युवती ने पुलिस से घर वापस भेजने की गुहार लगाई है।

आरती ने महिला पुलिस थाने पहुँचकर आपबीती सुनाई है। आरती ने बताया कि शहबाज ज्वेलरी शॉप में माला गूंथने का काम करता था। तब वीडियो कॉल करके कहता था कि यह उसकी दुकान है। शहबाज ने जिंदगी भर खुश रखने का वादा किया। इसके बाद साल 2018 में आरती इंदौर से भागकर बेगूसराय शहबाज के पास आ गई।

यहाँ 2 साल लिव-इन में रहने के बाद साल 2020 में शहबाज ने आरती से निकाह कर लिया। आरती का नाम बदलकर आरती परवीन रख दिया। तब से रोजाना धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाता है। गोमांस खाने और नमाज पढ़ने के लिए जबरदस्ती करता है।

“पैसे माँगों, नहीं तो धंधा करवाऊँगा”

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, आरती ने बताया कि पहले शहबाज उसे खुश रखता था, लेकिन अब रोजाना मारपीट करता है। आरती ने कहा, “गंदी-गंदी गालियाँ भी देता है। दहेज के लिए प्रेशर बनाता है। कहता है कि माँ और भाई से एक लाख रुपए माँगो, नहीं तो धंधा करवाऊँगा गोमांस खाने को मजबूर करता है। नहीं खाती तो पीटता है।”

आरती कहती है, “मैं हिंदू धर्म ही मानती हूँ। मैंने धर्म परिवर्तन नहीं किया है। लेकिन वो कहता है नमाज पढ़ो, रोजा रखो, कुरान पढ़ो। मेरे मोबाइल में कृष्ण भगवान की फोटो थी, वह भी डिलीट कर दिया। उसका कहना है कि मेरे घर में कोई भगवान नहीं चाहिए, सिर्फ मेरे अल्लाह को मानो।”

आरती का घरवालों से नहीं कोई संपर्क

साल 2018 में शहबाज के झाँसे में आकर आरती घरवालों के खिलाफ आकर घर से भाग गई थी। आरती बताती हैं कि इसके बाद से ही माता-पिता से कोई संपर्क नहीं रहा है। आरती ने कहा कि शहबाज को चुनकर उन्होंने गलती की है। आरती ने पुलिस से अपने इंदौर शहर वापस भेजने का आग्रह किया है। वह कहती हैं कि अकेले गुजारा कर लूँगी, लेकिन शहबाज के साथ नहीं रहना है।

आरती ने बताया कि शहबाज ने आधार कार्ड में भी आरती का नाम बदलकर आरती परवीन करवा दिया है। आरती ने कहा, “उसने आधार कार्ड पर मेरा नाम बदलकर आरती परवीन करवा दिया। रोज मारने की धमकी देता है। तीन-चार बार जान से मारने की कोशिश की है। मैं किसी तरह बचकर थाने पहुँची हूँ।”

आरती को अल्पावास गृह भेजा गया

DSP सुबोध कुमार ने बताया कि पीड़िता 05 जुलाई 2025 को थाने आई थी। यहाँ पीड़िता ने बयान दर्ज कराया कि अब वह अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती है। लेकिन पीड़ित ने लिखित शिकायत देने से इनकार कर दिया है। फिलहाल मेडिकल जाँच के बाद पीड़िता को अल्पावास गृह भेजा गया है। साथ ही पीड़िता के परिजनों को भी सूचना दी गई है।

26/11 के समय मुंबई में ही था तहव्वुर राणा, CSMT की रेकी भी की… लश्कर से ली 3 बार ट्रेनिंग: पूछताछ में कबूला- मैं पाक फ़ौज का ट्रस्टेड आतंकी, हमले की योजना में था शामिल

26/11 मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा ने पूछताछ के दौरान बताया है कि हमले के समय वह मुंबई में था और पाकिस्तानी फौज का भरोसेमंद एजेंट था।

तहव्वुर राणा अभी दिल्ली की तिहाड़ जेल में NIA की हिरासत में है। मुंबई क्राइम ब्रांच से पूछताछ में तहव्वुर राणा ने बताया कि दोस्त डेविड कोलमैन हेडली ने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के साथ कई ट्रेनिंग ली थी।

तहव्वुर राणा ने यह भी बताया कि लश्कर-ए-तैयबा मुख्य रूप से एक जासूसी नेटवर्क के रूप में काम करता था।

मुंबई में मौजूदगी और साजिश

तहव्वुर राणा ने खुलासा किया कि मुंबई में अपनी कंपनी का एक इमिग्रेशन सेंटर खोलने का विचार उसी का था। तहव्वुर राणा ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस जैसी जगहों का भी रेकी किया था।

तहव्वुर राणा ने कहा कि 26/11 के हमले पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के सहयोग से किए गए थे और यह आतंकियों की योजना का हिस्सा था।

पाकिस्तानी फौज से संबंध

तहव्वुर राणा ने यह भी बताया कि उसे पाकिस्तानी फौज ने खाड़ी युद्ध के दौरान सऊदी अरब भेजा था। तहव्वुर राणा ने 1986 में पाकिस्तानी फौज में कैप्टन डॉक्टर के रूप में काम किया था।

तहव्वुर राणा सियाचिन जैसे संवेदनशील इलाकों में तैनात रहा। तहव्वुर राणा ने दावा किया कि पाकिस्तानी फौज प्रतिष्ठान उस पर भरोसा करता था।

हेडली से संबंध और फर्जी दस्तावेज

तहव्वुर राणा और हेडली स्कूल के दोस्त थे। तहव्वुर राणा ने पूछताछ में बताया कि हेडली ने उसे आश्वस्त किया था कि वह उसके रिकॉर्ड को साफ करने में मदद करेगा, इसलिए वह आतंकी साजिश का हिस्सा बनने को तैयार हो गया।

तहव्वुर राणा ने यह भी बताया कि हेडली ने लश्कर-ए-तैयबा के तीन ट्रेनिंग कैंप्स में भाग लिया था। NIA की चार्जशीट के अनुसार, हेडली ने इमीग्रेंट लॉ सेंटर नाम से कंपनी के एजेंट के रूप में भारत के कई शहरों का दौरा किया था।

तहव्वुर राणा ने बताया कि यह कंपनी बनाने का विचार उसका ही था और इसका उपयोग आतंकियों की निगरानी के लिए किया गया था। तहव्वुर राणा के भूमिका की पुष्टि 14 गवाहों ने की।

हालाँकि, फर्जी भारतीय दस्तावेजों के लिए तहव्वुर राणा ने भारतीय दूतावास को दोषी ठहराया। लेकिन जाँच से पता चला है कि तहव्वुर राणा ने हेडली को फर्जी दस्तावेजों से भारत में घुसने में मदद की थी।

कई मामलों में पूछताछ जारी

तहव्वुर राणा को साल 2025 की शुरुआत में अमेरिका से भारत डिपोर्ट किया गया था। मई 2025 में उसे ज्यूडिशियल कस्टडी में लिया गया था।

तहव्वुर राणा से साजिश, हत्या, आतंकी साजिश और जालसाजी सहित कई आरोपों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। दिल्ली की एक कोर्ट ने पिछले महीने (जून 2025) तहव्वुर राणा की ज्यूडिशियल कस्टडी 9 जुलाई 2025 तक बढ़ा दी थी।

बता दें कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले में 166 लोग मारे गए थे। आतंकी समुद्र रास्ते पाकिस्तान से आए थे और उन्होंने मुंबई में कई जगह पर हमला कर 60 घंटे तक दहशत फैलाई थी। तहव्वुर राणा ने इन हमले वाली जगहों की रेकी और प्लानिंग में मदद की थी।

कन्हैया लाल हत्याकांड पर बनी फिल्म के विरोध में उतरी जमीयत उलेमा ए हिन्द, कोर्ट में लगाई रोकने को याचिका: मुखिया मदनी ने किया ऐलान, नुपुर शर्मा का समर्थन करने पर रियाज और गौस ने रेता था गला

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मुखिया अरशद मदनी ने शनिवार (5 जुलाई 2025) को एक विवादास्पद बयान दिया है। मदनी ने कहा है कि उनकी संस्था ने ‘उदयपुर फाइल्स: कन्हैयालाल टेलर मर्डर’ फिल्म की रिलीज को रोकने के लिए देश के कई हाई कोर्ट में याचिकाएँ दायर की हैं।

यह फिल्म 28 जून 2022 को उदयपुर में हुई दर्जी कन्हैयालाल की हत्या पर आधारित है। यह हत्या इस्लामी आतंकियों मुहम्मद रियाज़ अत्तारी और मुहम्मद ग़ौस ने की थी। कन्हैयालाल ने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में एक पोस्ट की थी, जिसके बाद उन्हें ‘ईशनिंदा’ का आरोपित बताया गया और सरेआम उनकी हत्या कर दी गई।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद पर पहले भी आतंकियों के पक्ष में खड़े होने के आरोप लग चुके हैं और अब इस संगठन ने अब इस फिल्म का विरोध किया है। संगठन ने दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र के हाई कोर्ट में याचिकाएँ दायर कर फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की माँग की है।

मदनी ने अब आरोप लगाया है कि फिल्म में इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बातें कही गई हैं। उन्होंने कहा, “फिल्म के ट्रेलर में नूपुर शर्मा का वह बयान दिखाया गया है, जिसने पूरे देश में बवाल मचा दिया था। इस बयान से भारत की कई देशों के साथ दोस्ताना रिश्तों पर असर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि भी खराब हुई। इसके चलते बीजेपी को उन्हें पार्टी से निकालना पड़ा।”

मदनी का कहना है कि अगर यह फिल्म रिलीज होती है, तो इससे देशभर में मुस्लिम समुदाय में आक्रोश फैल सकता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। उनके इस बयान को कई लोग धमकी के तौर पर देख रहे हैं।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स: कन्हैयालाल टेलर मर्डर’ के ट्रेलर को लेकर गंभीर आपत्तियाँ जताई हैं। उन्होंने कहा, “इस फिल्म के ट्रेलर में इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद और उनकी पवित्र बीवीयों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गई हैं, जो देश की शांति और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ सकती हैं।”

मदनी ने दावा किया है कि फिल्म में देवबंद को कट्टरता का केंद्र दिखाया गया है और उलेमा के खिलाफ भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म मुसलमानों को बदनाम करती है और समाज में नफरत फैलाने का काम करती है।

इसके साथ ही अरशद मदनी ने फिल्म में विवादित ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़े दृश्यों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि “ऐसे दृश्य संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हैं।” मदनी ने माँग की है कि इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई जाए ताकि देश में सौहार्द बना रहे।

‘उदयपुर फाइल्स: कन्हैयालाल टेलर मर्डर’ 11 जुलाई को होगी रिलीज

‘उदयपुर फाइल्स: कन्हैयालाल टेलर मर्डर’ फिल्म सिनेमाघरों में शुक्रवार (11 जुलाई) को रिलीज होने वाली है। यह फिल्म उदयपुर के दर्जी कन्हैयालाल की बेरहमी से हुई हत्या पर आधारित है।

फिल्म में अभिनेता विजय राज मुख्य भूमिका में नजर आएँगे। इसके अलावा रजनीश दुग्गल, प्रीति झंगियानी, कमलेश सावंत, काँची सिंह और मुश्ताक खान जैसे कलाकार भी फिल्म का हिस्सा हैं।

इस फिल्म का निर्देशन और लेखन भारत एस. श्रीनाथे ने किया है, जबकि फिल्म के निर्माता अमित जानी हैं। वहीं फिल्म का वितरण रिलायंस एंटरटेनमेंट द्वारा किया जा रहा है। फिल्म में 2022 में उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या के दौरान और उसके बाद देश में घटी घटनाओं को दिखाया गया है।

जमीयत उलमा-ए-हिंद और आतंकवादियों का बचाने का उसका इतिहास

जमीयत उलमा-ए-हिंद का आतंकियों को इसी तरह से बचाने और पनाह देने का इतिहास रहा है। इसी के तहत जमीयत उलमा-ए-हिंद (JUH) ने 2007 में अपने नेता अरशद मदनी के नेतृत्व में एक लीगल सेल (कानूनी प्रकोष्ठ) शुरू किया था, इसका मकसद आतंकवाद में गिरफ्तार हुए मुस्लिम लड़कों को कानूनी मदद देना।

उन्होंने जिनको बचाया, वह इसलिए छूटे क्योंकि उनके खिलाफ सबूत नहीं थे। जमीयत ने 7/11 का मुंबई ट्रेन विस्फोट, 2006 मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपितों को सहायता दी है। इसी तरह जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने 26/11 मुंबई आतंकी हमला मामले, 2011 मुंबई ट्रिपल ब्लास्ट केस, मुलुंड ब्लास्ट केस, गेटवे ऑफ इंडिया ब्लास्ट केस के आरोपितों का भी बचाव किया था।

मुहर्रम जुलूस की भीड़ ने महावीर मंदिर पर किया हमला, ताजिया निकालने के दौरान हिन्दू-पुलिसवालों पर चलाए पत्थर… 20 घायल: FIR दर्ज, बिहार के कटिहार का मामला

बिहार के कटिहार में 6 जुलाई 2025 की दोपहर मुहर्रम के जुलूस के दौरान कट्टरपंथियों ने नया टोला स्थित महावीर मंदिर पर पथराव करना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि वार्ड नंबर 34 और 35 से ताजिया जुलूस निकल रहा था। तभी अचानक मंदिर और वहाँ रह रहे लोगों पर कट्टरपंथियों ने हमला कर दिया।

ऑपइंडिया से बात करते हुए स्थानीय लोगों ने बताया कि मुहर्रम जुलूस शांति से निकाला जा रहा था, पर नया टोला में पहुँचते ही यह उग्र हो गया।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कट्टरपंथी महावीर मंदिर पर पत्थर फेंक रहे हैं। वे सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों और घरों पर भी पत्थर बरसा रहे हैं।

कुछ लोगों और पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। हिंसा सिर्फ नया टोला तक सीमित नहीं रही, यह पानी टंकी चौक, दौलत राम चौक और आजाद चौक जैसे अन्य इलाकों तक भी फैल गई।

कट्टरपंथियों के उपद्रव की अलग-अलग वीडियो

ये मुहर्रम जुलूस के नाम पर कट्टरपंथियों के जरिए हिंसा हो रही है। 3 अलग-अलग वीडियो है। एक वीडियो में स्थानीय लोगों ने अपने घर की बालकनी से पत्थरबाजी करते हुए रिकॉर्ड किया है, जिसमें ईंट के बड़े-बड़े टुकड़े लोगों पर और पुलिसकर्मियों पर फैंके जा रहे हैं।

दूसरी वीडियों में महावीर मंदिर के पास खड़े स्थानीय लोगों को कट्टरपंथी लाठी-डंडों से मारने के लिए दौड़े चले आ रहे हैं।

तीसरी वीडियो में देखा जा सकता है कि महावीर मंदिर के सामने कट्टरपंथी तोड़फोड़ कर रहे हैं। हाथों में लाठी-डंडे लिए हुए है। स्थानीय लोग अपने घरों से वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं।

पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

इस घटना पर पुलिस ने प्रतिक्रिया दी है। डीएम मनीष कुमार मीणा और एसपी वैभव कुमार शर्मा मौके पर पहुँचे। उन्होंने नगर वासियों से घरों में रहने और सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाने की अपील की।

बिहार गृह सचिवालय ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि गलत और भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। कटिहार शहर में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।

पुलिस और प्रशासन ने हिंसा में शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। वर्तमान माहौल तनावपूर्ण है पर पुलिस की भारी तैनाती के बाद स्थिति नियंत्रण में है।

पुलिसकर्मी समेत लोग घायल

कट्टरपंथियों के पथराव का शिकार वहाँ की पुलिसकर्मी और आम जनता हुई। इसमें कई पुलिसकर्मियों समेत 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और एमएलसी अशोक अग्रवाल भी मौके पर पहुँचे।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की ढीली व्यवस्था के कारण बवाल बढ़ा। डीएसपी और नगर विधायक इलाके में कैंप कर रहे हैं।

देशभर में मुहर्रम पर अन्य हिंसक घटनाएँ

देश के कई हिस्सों में 6 जुलाई 2025 को मुहर्रम के ताजिया जुलूसों के दौरान हिंसा और सांप्रदायिक तनाव की खबरें सामने आई हैं।

  • मध्य प्रदेश- उज्जैन में मुहर्रम जुलूस के दौरान खजूर वाली मस्जिद के पास हंगामा हुआ। उपद्रवियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और प्रतिबंधित मार्ग पर घोड़ा ले जाने की जिद की। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो हमला किया गया। इसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। जुलूस के आयोजक इरफान खान उर्फ लल्ला समते 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
  • राजस्थान- राजसमंद के कुंभलगढ़ किले में मुहर्रम जुलूस की अनुमति को लेकर पाँच दिनों से विवाद चल रहा है। हिंदू संगठनों और व्यापारियों ने 5 जुलाई 2025 को बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया।
  • उत्तर प्रदेश- रायबरेली में 4 जुलाई 2025 को कुढ़ा गाँव में बिना अनुमति निकाले गए मुहर्रम जुलूस के दौरान आपत्तिजनक नारेबाजी हुई। विरोध करने पर मुस्लिम लोग उग्र हो गए और लाठी-डंडों व हथियारों से हमला किया। 4 बाइक, एक ऑटो और एक ट्रैक्टर तोड़ दिए गए। 150 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
  • कुंडा- मुहर्रम से पहले शांति व्यवस्था के लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को नजरबंद किया गया।
  • महाराजगंज- मुहर्रम जुलूस के दौरान बीजेपी नेता शिवभूषण चौबे से मारपीट की गई। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित निकाला और तीन लोगों को हिरासत में लिया।
  • देवरिया– मुहर्रम जुलूस में एक कट्टरपंथी को फिलिस्तीन की टीशर्ट पहनने पर हिरासत में लिया गया। श्रीनगर में भी ऐसे ही झंडे दिखे थे।
  • आजमगढ़– भुजी गांव में मुहर्रम जुलूस के दौरान मुस्लिम युवक आपस में भिड़ गए, जिसमें 7 लोग घायल हुए। 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
  • कुशीनगर- गुलहरिया रेगुलेटर पर मुहर्रम जुलूस के दौरान एक प्राचीन शिव मंदिर के सामने इस्लामिक झंडा फहराया गया और भड़काऊ नारे लगाए गए, जिससे तनाव फैल गया। रामकोला में डीजे की आवाज को लेकर विवाद में एक बच्चा घायल हुआ।
  • बरेली– साहूकारा बाजार में ताजिया रखने को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव हुआ। हिंदू व्यापारियों ने विरोध में बाजार बंद कर दिया।
  • बिहार- गोपालगंज माँझा थाना क्षेत्र में ताजिया मिलान के दौरान हिंसक झड़प और पत्थरबाजी हुई, जिसमें 6 से अधिक लोग घायल हुए।
  • भागलपुर में दो पक्षों में भिड़ंत हुई। इसमें 8 लोग घायल हुए। एक वीडियो में एक युवक फायरिंग करते देखा गया था।
  • वैशाली में दो अखाड़ों के बीच झड़प हुई। इसमें आजाद अखाड़ा और पगला अखाड़ा शामिल था।

पिछली घटनाएँ और उठते सवाल

कटिहार की इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। खासकर सांसद तारिक अनवर के कार्यकाल में ऐसी घटनाओं का होना चिंताजनक है। साल 2017 में भी मुहर्रम के समय ही दुर्गा पूजा के दौरान हिंसा हुई थी।

अब 8 साल बाद फिर से मुहर्रम पर यह घटना हुई है। 2017 की घटना के बाद हिंदू संगठनों ने त्योहारों पर कोई अनहोनी न हो, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ली थी। 2022 और 2025 में बजरंग दल ने हिंदू शोभायात्राओं के दौरान मस्जिद पर रंग गुलाल पड़ने से रोकने के लिए ह्यूमन चेन भी बनाई थी।

प्रशासन की सतर्कता और पीस कमेटी पर सवाल

इन सभी घटनाओं के बाद प्रशासन अलर्ट पर है। बिहार और यूपी में सख्त गाइडलाइंस जारी की गई हैं। बिना अनुमति जुलूस निकालने पर रोक है। भड़काऊ हरकतों पर सख्ती बरती जा रही है।

कई जिलों में ड्रोन और CCTV से निगरानी हो रही है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। डीएम और एसपी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक तनाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

हैरानी की बात यह है कि इन सभी जगहों पर पीस कमेटियों (शांति समितियों) की बैठकें हुई थीं। लेकिन इसके बावजूद हिंसा का दौर नहीं थमा।

ऑपइंडिया ने अपने लेख में बताया था कि इन पीस कमेटियों की बैठकों का इस्तेमाल अक्सर हिंदुओं को कटघरे में खड़ा करने के लिए होता है। जबकि घटना को अंजाम हमेशा इस्लामी पक्ष देता है।

महाराष्ट्र में ईरान समर्थक बैनर

महाराष्ट्र के पुणे में लोनी खलबोर गाँव में मुहर्रम पर ईरान के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और रुहोल्ला खुमैनी के ईरान के झंडे वाले बैनर लगाए गए।

बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के विरोध के बाद पुलिस और नगर निगम ने बैनर हटाए। पुलिस ने बताया कि बैनर लगाने की कोई अनुमति नहीं ली गई थी।

साथ में हर्षवर्धन