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CM केजरीवाल पर अभद्र टिप्पणी का आरोप, यूनिवर्सिटी ने AISA की छात्रा पर लगाया ₹5000 का जुर्माना: बिफरे वामपंथी

जहाँ एक तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भाजपा विरोधी दलों के नेताओं के साथ हाथ में हाथ डाल कर खड़े होने पसंद करते हैं, वहीं अब वामपंथी नेताओं ने उन पर निशाना साधा है। वामपंथी अरविंद केजरीवाल से इसीलिए नाराज़ हैं, क्योंकि आरोप है कि उन पर ‘अपमानजनक टिप्पणी’ के आरोप में AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) की एक पदाधिकारी नेहा पर 5000 रुपए का जुर्माना लगा है।

‘परफॉरमेंस स्टडीज’ से MA कर रहीं नेहाफाइनल ईयर में हैं। दिसंबर 2020 में आंबेडकर यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह हुआ था। ऑनलाइन हुए इस कार्यक्रम के यूट्यूब लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान नेहा पर अरविंद केजरीवाल को लेकर ‘अपमानजनक टिप्पणी’ करने का आरोप लगा। यूनिवर्सिटी का कहना है कि नेहा की टिप्पणी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के प्रति अपमानजनक है।

इस विश्वविद्यालय की स्थापना ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली’ की सरकार ने ही किया था। लेफ्ट से जुड़े छात्रों ने AUD की एडमिशन नीति को लेकर ऑनलाइन विरोध प्रदर्शन भी किया। यूनिवर्सिटी पर नस सिर्फ फी बढ़ाने, बल्कि SC/ST छात्रों के साथ दुर्व्यवहार करने के भी आरोप लगाए गए। आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने अपनी आरक्षण की नीति में बदलाव किया है। साथ ही छात्रों ने कहा कि सीएम केजरीवाल को छात्रों की कोई परवाह नहीं।

जून 30, 2021 को प्रॉक्टर ने एक आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि नेहा को फाइनल परीक्षाओं में बैठने के लिए 5000 रुपए का फाइन भरना पड़ेगा। यूनिवर्सिटी ने कहा, “दिसंबर 23, 2020 को हुए विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में यूट्यूब पर नेहा नाम की छात्र द्वारा एक अप्रिय और ठेस पहुँचाने वाली टिप्पणी सामने आई। प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने इसका संज्ञान लिया है। इस मामले की तह में जाने के लिए एक सब-कमिटी गठित की गई, जिसे इस मामले की रिपोर्ट सौंपी।”

उक्त रिपोर्ट में कहा गया है कि नेहा ने सब-कमिटी के सामने स्वीकार किया कि उन्होंने ही ये टिप्पणी की है और साथ ही इस पर खेद जताने से भी इनकार कर दिया। इस रिपोर्ट में उनके इस कृत्य को ‘AUD के अनुशासन कोड और नीतियों का उल्लंघन’ बताते हुए कहा गया है कि यूनिवर्सिटी के ‘मुख्य अतिथि और गेस्ट ऑफ ऑनर’ के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी के माध्यम से जानबूझ कर विश्वविद्यालय और इसके समुदाय को बदनाम करने के लिए किया गया है।

नेहा ने कहा है कि वो इस सज़ा को स्वीकार नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन में वो अकेले नहीं थीं, लेकिन कार्रवाई उनके खिलाफ ही हो रही है और औरों को ‘कारण बताओ नोटिस’ नहीं दिया गया। यूनिवर्सिटी का कहना है कि दीक्षांत समारोह एक पवित्र कार्यक्रम है और इस दौरान नेहा का लहजा छात्रों वाला नहीं था। AISA ने इस कार्रवाई का विरोध किया है। लेफ्ट नेता कविता कृष्णन ने केजरीवाल और सिसोदिया पर बदला लेने का आरोप लगाया।

उन्होंने यूनिवर्सिटी पर आडम्बरवादी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि नेहा की टिप्पणी से किसी का भी अपमान नहीं हुआ है। इससे पहले भी लेफ्टिस्ट और केजरीवाल आमने-सामने आ चुके हैं। अगस्त 2020 में सीएम केजरीवाल ने भाजपा पर शाहीन बाग़ के CAA विरोधी प्रदर्शन के आयोजन और दंगे कराने का आरोप लगाया था। इसके बाद वामपंथियों ने उन्हें ‘संघी साँप’ बताया था। उमर खालिद के खिलाफ UAPA लगाने की मंजूरी देने पर भी वामपंथियों ने उनकी आलोचना की थी।

पहले कोर्ट मैरिज… फिर दूसरी शादी… पहली बीवी से ही पेट्रोल मँगवा उसी पर डाल जिंदा जलाया, शौहर अतीक फरार

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के धूमनगंज थाना क्षेत्र के सुलेमसराय में 1-2 जुलाई की रात 22 वर्षीय फरहीन अपने पति अतीक कुरैशी के घर के पास जली हुई मिली। घटना की जानकारी मिलने के बाद महिला के परिजन मौके पर पहुँचे और एंबुलेंस से उसे स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले गए। फरहीन ने इलाज के दौरान शुक्रवार (जुलाई 2, 2021) दोपहर को दम तोड़ दिया

उसके रिश्तेदारों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी और अतीक और उसके पिता रफीक, माँ नसरीन, भाइयों सुहैन, शाहबाज, आदिल और बहनों शबाना और अफसाना के खिलाफ दहेज और हत्या की शिकायत दर्ज कराई। घटना के बाद से अतीक फरार है। पुलिस अतीक की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस अब तक आरोपितों की तलाश में करेली और कैंट इलाके में कई जगहों पर छापेमारी कर चुकी है। पुलिस ने आश्वासन दिया कि आरोपित को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

फरहीन ने की अतीक की दूसरी शादी रोकने की कोशिश

रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरहीन के भाई सरवर आलम ने बताया कि अतीक कुरैशी और फरहीन ने 2017 में कोर्ट में शादी की थी। उसके ससुराल वाले शादी से खुश नहीं थे। इसलिए वह अपने मायके में रह रही थी। 30 जून को उसे पता चला कि अतीक दोबारा शादी करने की योजना बना रहा है।

मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि इसके बाद वह अपने पति के घर गई, जहाँ उसे पीटा गया और भगा दिया गया। 1 जुलाई को, अतीक ने उसे फोन किया और उसे अपने पास आने के लिए कहा क्योंकि वह उससे बात करना चाहता था। जब वह वहाँ पहुँची तो अतीक और उसके परिवार के सदस्यों ने उस पर पेट्रोल छिड़का और उसे जिंदा जला दिया।

अतीक ने पीड़िता से पेट्रोल लाने को कहा था

फरहीन के भाई सरवर आलम ने आगे आरोप लगाया कि अतीक ने उसकी बहन को पेट्रोल लाने के लिए कहा था क्योंकि उसकी बाइक में तेल नहीं था। उसने उससे कहा था कि बातचीत के बाद वह उसे बाइक पर छोड़ देगा।

फरहीन के साथ क्या होने वाला था, इस बात से अनजान, वह अपने पति अतीक के कहने पर अपनी मौत का सामान लेकर गई थी। जब उन्होंने उसे आग के हवाले किया तो वह चिल्लाने लगी और आस-पास रहने वाले लोग घर से बाहर निकल आए। सभी ने फरहीन को जिंदा जलते देखा, लेकिन किसी ने उसे बचाने की हिम्मत नहीं की।

जाँच जारी

धूमनगंज थाने के इंस्पेक्टर अनुपम शर्मा ने कहा कि जाँच के दौरान उन्होंने पाया कि फरहीन अतीक से प्यार करती थी। जब उसे अतीक की दूसरी शादी के बारे में पता चला तो उसने उसे रोकने की कोशिश की। गुरुवार (जुलाई 1, 2021) की रात वह अतीक के घर पहुँची, जहाँ विवाद हो गया, जिसके बाद यह घटना घटी।

‘सत्यनारायण की कथा’ का बदल जाएगा नाम: हिंदू संगठनों के विरोध के बाद निर्देशक समीर ने लिया फैसला

बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन की अगली फिल्म ‘सत्यनारायण की कथा’ है। कुछ दिनों से फिल्म के नाम को लेकर मध्य प्रदेश में काफी बवाल भी मचा हुआ था। अब फिल्म के निर्देशक समीर विद्वांस ने फिल्म के नाम को लेकर ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी किया है।

समीर ने अपने पोस्ट में लिखा, “किसी भी समुदाय या संगठन के सेंटीमेंट आहत करने का कोई इरादा नहीं था, इसलिए हमने फिल्म का नाम बदलने का फैसला किया है। फिल्म का नाम पहले हमने ‘सत्यनारायण की कथा’ जाने-अनजाने में रखी थी। इससे किसी को आहत करने का कोई इरादा नहीं था।” समीर विद्वांस आगे लिखते हैं, “फिल्म के निर्माता और क्रिएटिव टीम भी इस फैसले का पूरा समर्थन कर रहे हैं। हम जल्द ही फिल्म के नए नाम की घोषणा करेंगे।”

विद्वांस ने ट्विटर पर बयान साझा किया और कार्तिक ने भी अपने ट्विटर हैंडल से इसे ट्वीट किया। अभिनेता ने इसे इंस्टाग्राम पर भी साझा किया। नए नाम को अभी गुप्त रखा गया है। कार्तिक ने पिछले महीने इंस्टाग्राम पर साझा की गई फिल्म के मोशन पोस्टर के साथ आधिकारिक तौर पर फिल्म के शीर्षक की घोषणा की थी। इंस्टाग्राम पर मोशन पोस्टर के साथ, कार्तिक ने लिखा था, “मेरे दिल के करीब एक कहानी सत्यनारायण की कथा। विशेष लोगों के साथ एक विशेष फिल्म।”

फिल्म के बारे में बात करते हुए कार्तिक ने कहा था, “सत्यनारायण की कथा’ एक संगीतमय प्रेम गाथा है, जो राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता जैसे लोगों के पावरहाउस को एक साथ लाती है। समीर विद्वान सर के साथ यह मेरे लिए भी पहली बार है, जिनमें संवेदनशील विषय को भी बेहद मनोरंजक बनाने की चतुराई वाली भावना है।” कार्तिक ने कहा, “ईमानदारी से, मैं बहुत दबाव और जिम्मेदारी महसूस करता हूँ, क्योंकि मैं इस टीम में बिना राष्ट्रीय पुरस्कार का एकमात्र सदस्य हूँ।”

पिछले दिनों भोपाल में हिंदू संगठन ‘संस्कृति बचाओ मंच’ ने फिल्म के टाइटल का विरोध करते हुए चेतावनी दी थी कि साजिद नाडियावाला अगर भोपाल या मध्य प्रदेश में आएँगे तो उनका मुँह काला करके गधे के ऊपर घुमाया जाएगा।

मंच के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि पिछले कुछ सालों से विधर्मी लोग देवी-देवताओं को फिल्मों के माध्यम से अपमानित करने का प्रयास कर रहे हैं चाहे फिल्म ‘ओह माय गॉड’, ‘पीके’, ‘लवरात्रि’, ‘तांडव’ हो या अब ‘सत्यनारायण कथा’। इस प्रकार की फिल्मों का निर्माण करके हिंदू जन भावनाओं को ठेस पहुँचाने का जो प्रयास किया जा रहा है, उसे संस्कृति बचाओ मंच कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।

फिलीपींस में सेना का विमान क्रैश: 85 सवार मुस्लिम-बहुल क्षेत्र में आतंक के खिलाफ तैनाती के लिए जा रहे थे, 40 बचे

फिलीपींस में सेना का एक विमान क्रैश हो गया है। इस विमान में 85 लोग सवार थे। फिलीपींस के सैन्य प्रमुख ने कहा कि एक सी-130 विमान (C-130 plane) सैनिकों को लेकर जा रहा था। ये विमान देश के दक्षिणी हिस्से में क्रैश हो गया। 

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अब तक इस विमान के जलते हुए मलबे से 40 लोगों को बचा लिया गया है। सी-130 विमान सुलु प्रांत में जोलो द्वीप पर उतरने की कोशिश कर रहा था। इसी वक्त विमान क्रैश हो गया। फिलीपींस सैन्य प्रमुख सिरिलिटो सोबेजाना ने बताया, “विमान के मलबे से कम से कम 40 लोगों को बचा लिया गया है। हम कोशिश कर रहे हैं कि हम और लोगों की जान बचा सकें।” बचाव अभियान अभी जारी है।

जानकारी के मुताबिक कई यात्रियों ने हाल ही में बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण से स्नातक किया था और मुस्लिम-बहुल क्षेत्र में आतंकवाद से लड़ने वाले संयुक्त कार्य बल के हिस्से के रूप में अशांत द्वीप पर तैनात करने के लिए ले जाए जा रहे थे।

‘मैं उन्हें पसंद नहीं करता था, फिर साथ बैठ कर पीने लगे’: पहले तलाक के बाद ‘असभ्य’ सलमान ने कुछ यूँ की थी आमिर की मदद

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान और उनकी दूसरी पत्नी किरण राव ने 15 सालों की शादी को ख़त्म करते हुए तलाक की घोषणा कर दी है। हालाँकि, आमिर खान के लिए ये पहली बार नहीं है जब वो तलाक ले रहे हों। 2002 में अपनी पहली पत्नी रीना दत्ता के साथ भी उनका तलाक हो गया था। तब सलमान खान ने उन्हें इससे उबरने में मदद की थी। इसके लगभग दो दशक बाद आमिर खान ने फिर से तलाक लिया है।

आमिर खान ने खुद इसका खुलासा किया था कि कैसे रीना दत्ता से अलग होने के बाद सलमान खान ने उनकी मदद की थी। ‘कॉफी विथ करण’ के एक एपिसोड में उन्होंने बताया था कि उनके जीवन में एक ऐसा समय भी था जब वो सलमान खान से दूरी बना कर रहते थे, लेकिन उनके तलाक के बाद जब सलमान खान ने इससे उबरने में मदद की तो उसके बाद दोनों के बीच के फैसले मिट गए।

आमिर खान ने बताया था, “फिल्म ‘अंदाज़ अपना अपना’ में सलमान खान के साथ काम करने का मेरा अनुभव काफी बुरा रहा था। तब मैं उन्हें पसंद नहीं करता था। मेरी नजर में वो असभ्य और अविवेकी थे। उनके साथ काम कर के ऐसा कड़वा अनुभव हुआ कि मैं उनसे दूर ही रहना चाहता था। फिर सलमान खान मेरे जीवन में तब आए, जब मेरी स्थिति ठीक नहीं थी। मेरा तलाक हुआ था। तभी सलमान ने मेरे से मिलने की इच्छा जाहिर की।”

आमिर खान ने बताया कि जब वो मिले तो दोनों के बीच एक बॉन्डिंग बन गई और वो साथ पीने लगे। आमिर के शब्दों में समझें तो इसके बाद एक सही मित्रता की शुरुआत हुई और तब वो लगातार बढ़ती ही रही। बता दें कि ‘अंदाज़ अपना अपना’ फिल्म 1994 में आई थी, जब आमिर और सलमान नए-नए आए थे, लेकिन एक जाना-पहचाना चेहरा बन चुके थे। दोनों की पहली फ़िल्में ब्लॉकबस्टर हो चुकी थीं।

इधर आमिर खान के बेस्ट फ्रेंड आमीन हाजी ने कहा है अभी भी आमिर खान और किरण राव कारगिल में अपने बेटे आज़ाद के साथ हैं। तलाक के दिन ही सुबह किरण राव ने उन्हें तीनों की साथ में एक तस्वीर भेजी थी। उन्होंने कहा, “कभी-कभी दो अच्छे लोग साथ नहीं रह सकते। ये दोनों परिपक्व हैं। दोनों एक टीम के रूप में काफी अच्छे हैं और व्यक्तिगत व प्रोफेशनल रूप से भी साथ हैं। आमिर और किरण ने भरोसा दिया है कि वो एक-दूसरे से मिलते रहेंगे और उनके बीच कुछ नहीं बदला है।”

18 साल का कुरैशी खुद को बताया यादव, धर्म बदल नाबालिग लड़की से निकाह, हुई गर्भवती: UP पुलिस ने किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में 18 साल के एक लड़के को ‘अपनी पसंद’ की लड़की से शादी के एक दिन बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया। उसे लड़की के गैरकानूनी धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। किशोरी और उसके प्रेमी ने कथित तौर पर एक साथ घर से भाग जाने के बाद निकाह कर लिया। हालाँकि आरोप है कि उसने निकाह की आड़ में लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन कराया। 

18 वर्षीय आरोपित की पहचान कासिम कुरैशी के रूप में हुई है। आरोप है कि आरोपित युवक ने नाम बदल कर छात्रा से दोस्ती की। उसे फुसलाकर अपने साथ ले गया। अपने घर में कैद करके रखा। इस दौरान जबरन छात्रा को धर्म परिवर्तन कराकर निकाह किया गया। गुरुवार (जुलाई 1, 2021) को किशोरी वापस आई, तब मामले का पता चला। वह गर्भवती थी। पुलिस ने दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में पाँच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

शिकायतकर्ता ने कहा कि युवक अपना नाम विक्की यादव बताकर उनके घर आया करता था। वरिष्ठ पुलिस इंस्पेक्टर अमित प्रसाद ने बताया कि उसकी बहन ने भी अपना नाम सोनम यादव बताया। युवक के अब्बा रईसुद्दीन, अम्मी रुखसार और बहन समेत पाँच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक पूर्व मेयर ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्‍होंने आरोप लगाया कि किशोरी को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। हालाँकि लड़की ने दावा किया है कि उसने अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म अपनाया है।

घरवालों को थी रिश्‍ते से आपत्ति

जानकारी के मुताबिक आरोपित नोएडा में एक कपड़े की दुकान पर काम करता था और लड़की भी उसी इलाके में रहती थी। दोनों एक दूसरे से मिले और जल्द ही रिलेशनशिप में आ गए। जब लड़की के परिवार वालों को उनके रिश्ते की जानकारी हुई तो उन्होंने आपत्ति जताई। लड़की भी नाबालिग है। उसका कहना है कि वह आगे पढ़ना चाहती थी, लेकिन उसके पिता को जब उसके मुस्लिम लड़के के साथ रिलेशनशिप की जानकारी हुई तो वह उसकी शादी कराने में जुट गए। ऐसे में करीब दो महीने पहले दोनों एक साथ घर से भाग गए और अलीगढ़ चले गए।

लड़की का जबरन धर्मांतरण से इनकार

‘टाइम्‍स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, किशोरी का कहना है कि इस्लाम धर्म अपनाने के बाद शुक्रवार (जुलाई 2, 2021) को उन्‍होंने ‘निकाह’ कर लिया। उसका कहना है कि निकाह से पहले उसने अपना नाम बदल लिया और इस्लाम धर्म अपना लिया। इसके लिए उसे किसी ने मजबूर नहीं किया। उसने अपनी मर्जी से ऐसा किया है।

बीजेपी नेता, विहिप का आरोप

बीजेपी की पूर्व मेयर शकुंतला भारती का आरोप है कि उन्हें एक नाबालिग हिंदू लड़की को जबरन धर्म परिवर्तन करने और एक मुस्लिम लड़के से उसकी शादी की सूचना मिली थी, जिसके बाद उन्‍होंने पुलिस को अलर्ट किया। उन्‍होंने दावा किया कि शिकायत के बाद लड़की को मुक्‍त करा लिया गया है और बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है।

एसपी (सिटी) कुलदीप सिंह गुनावत ने कहा कि FIR दर्ज कर ली गई है। लड़के, उसकी माँ और दो अन्य पर गैरकानूनी धर्मांतरण, हत्या के प्रयास और बाल विवाह निषेध अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। गुनावत ने कहा, “लड़की के परिवार से संपर्क किया गया है, लेकिन वे अभी तक अलीगढ़ नहीं पहुँचे हैं।”

‘ये तुम्हारी फूफी लगती है या बहन?’: गाय को बचाने पर इरफ़ान, इरशाद और दिलशाद सहित 6 ने युवक को पीटा, नूरपुर की घटना

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के टप्पल थाने के अंतर्गत स्थित नूरपुर गाँव से हिन्दुओं के पलायन का मामला कुछ ही दिनों पहले सामने आया था। अब वहाँ से एक आवारा गाय को पीटा जाने की खबर आई है। इतना ही नहीं, जब एक युवक ने गाय के साथ क्रूरता का विरोध किया तो उसे भी पीट-पीट कर घायल कर दिया गया। शनिवार (जुलाई 3, 2021) को हुई इस घटना के दौरान गाय और उक्त युवक घायल हो गए।

इस पूरी घटना के मामले में इरफान व इरशाद पुत्र बल्लू व दिलशाद पुत्र उन मुहम्मद के अलावा 3 अज्ञात FIR दर्ज करवाई गई है। रिंकू सिंह ने अपनी तहरीर में बताया है कि वो दोपहर को अपने ट्रैक्टर पर ईंट लाद कर टप्पल से लौट रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि कुछ युवक एक छुट्टा गाय को परेशान कर रहे हैं। इस पर उन्होंने उन लड़कों को टोका और पास बैठे बुजुर्गों से उन्हें मना करने का निवेदन किया।

इस पर आरोपित भड़क गए और उन्होंने लाठी-डंडों और सरिये से रिंकू सिंह की पिटाई शुरू कर दी। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया है कि उनके हाथ और पसलियों में चोटें आई हैं। इस घटना के सामने आते ही ‘अखंड भारत हिंदू सेना’ के सह जिला संयोजक गणेश हिंदू, हिंदू वाहिनी मंच के जिलाध्यक्ष अजय शर्मा, युवा सोच आर्मी के फाउंडर रोहित गोस्वामी और सचिन पंडित ने प्रशासन से माँग की कि आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

स्थानीय पत्रकार केशव मलान के अनुसार, यह कहते हुए धारदार हथियार से रिंकू पर हमला किया कि ‘यह तुम्हारी फूफी लगती है या बहन’। पुलिस ने दो आरोपितों को हिरासत में भी ले लिया है। घटनास्थल पर रिंकू के परिवार वाले और पुलिस भी पहुँची। टप्पल के थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ये आपसी विवाद का मामला है और पीड़ित की शिकायत के बाद FIR दर्ज कर ली गई है।

नूरपुर में गाय को बचाने पर युवक की पिटाई

उन्होंने बताया कि अब इलाके में पूरी तरह शांति है और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है। नूरपुर हाल में ऐसे ही कई कारणों से चर्चा में आया है। कुछ दिनों पहले ही खबर आई थी कि यहाँ पर कोरोना के नियमोंं को दरकिनार कर मदरसे में बच्चों को तालीम दी जा रही है। सैकड़ों छोटे बच्चों को उर्दू और अरबी की शिक्षा दी जा रही थी। गाँव में लगभग 800 मुस्लिम परिवार रहते हैं। हिन्दुओं के 125 परिवार हैं, जिनमें अधिकतर आबादी जाटव समाज (अनुसूचित जाति) की है।

पिछले दिनों नूरपुर गाँव में 150 हिंदू परिवारों के पलायन की खबर के बाद AIMIM ओवैसी की यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष सैयद नाजिम अली ने धमकी देते हुए कहा था कि नूरपुर में नमाज तो होगी, लेकिन हिंदुओं को वहाँ बारात नहीं निकालने दिया जाएगा। 26 मई 2021 को एक दलित घर में दो बेटियों की एक साथ बारात जा रही थी। आरोप है कि बारात लाते वक्त बीच में मस्जिद पड़ी। वहाँ मुस्लिम समुदाय से जुड़े कुछ लोगों ने बारातियों के साथ मारपीट शुरू कर दी थी। 

‘दोनों साथ हैं, बस शादी ख़त्म हुई है’: आमिर और किरण की शादी के ‘बेस्ट मैन’ ने उनके तलाक पर की बात

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान और उनकी दूसरी पत्नी किरण राव ने तलाक की घोषणा की है, जिसके बाद उनकी शादी के ‘बेस्ट मैन’ ने उनके रिश्तों को लेकर बात की है। दोनों की मुलाकात ‘लगान’ फिल्म के सेट पर हुई थी। दोनों ने साथ मिल कर ‘पीपली लाइव’, ‘डेल्ही बेली’ और ‘दंगल’ जैसी फिल्मों का निर्माण किया। आमिर खान के बेस्ट फ्रेंड आमीन हाजी ने कहा है कि वो भी इस निर्णय से हैरान हैं।

अमीन हाजी ने आमिर खान और किरण राव के तलाक पर बात करते हुए शनिवार (जुलाई 3, 2021) को कहा, “मेरे परिवार को इसके बारे में पहले से कुछ-कुछ पता था। अब आमिर खान और किरण राव ने तलाक की घोषणा की है। ये मेरे लिए भी एक बड़ी क्षति है, जिससे मैं उबरने की कोशिश कर रहा हूँ। अभी भी वो लोग कारगिल में अपने बेटे आज़ाद के साथ हैं। किरण राव ने आज ही सुबह मुझे तीनों की साथ में एक तस्वीर भेजी है।”

अमीन हाजी ने आगे कहा, “मैंने अपने परिवार को वो तस्वीर दिखाई और उन्हें बताया कि ये दोनों अभी भी साथ हैं, बस उनकी शादी आधिकारिक रूप से ख़त्म हुई है। ये मेरे लिए एक व्यक्तिगत क्षति है, क्योंकि मेरी शादी के दौरान आमिर खान ‘बेस्ट मैन’ बने थे और उनकी शादी में मैं। मैं कह रहा हूँ कि वो लोग बिना किसी सोच-विचार के कोई निर्णय नहीं लेंगे। मैंने उनसे ये नहीं कहा कि आपको ऐसा नहीं करना चाहिए, लेकिन मैं ये कह नहीं सका।”

आमीन हाजी ने कहा कि वो आमिर खान और किरण राव के निर्णय का के निर्णय का वो सम्मान करते हैं, क्योंकि ये उन दोनों के लिए भी दिल टूटने वाला क्षण रहा होगा। उन्होंने कहा, “मैं भी दुःखी हूँ और मैंने अपनी शेर्लोट को ये बताया भी है। ये मेरे लिए एक बड़ी हार है। कभी-कभी दो अच्छे लोग साथ नहीं रह सकते। ये दोनों परिपक्व हैं। दोनों एक टीम के रूप में काफी अच्छे हैं और व्यक्तिगत व प्रोफेशनल रूप से भी साथ हैं।”

आमीन हाजी ने कहा कि हमें बिना किसी सवाल के उनके निर्णय का सम्मान करना चाहिए, पसंद करना चाहिए और स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वो आगे इन दोनों के अच्छे जीवन की कामना करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें आमिर और किरण ने भरोसा दिया है कि वो एक-दूसरे से मिलते रहेंगे और उनके बीच कुछ नहीं बदला है। बता दें कि आमिर और किरण कारगिल में ‘लाल सिंह चड्ढा’ की शूटिंग कर रहे हैं।

वहीं फिल्म निर्देशक रामगोपाल वर्मा ने भी इन दोनों के अलग होने पर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि जब आमिर खान और किरण राव को तलाक लेने में कोई समस्या नहीं है तो पूरी दुनिया को क्यों इसका तनाव है? उन्होंने कहा कि जब ये दोनों इसे प्रोफेशनल ले रहे हैं तो ट्रोल करने वालों को व्यक्तिगत होने की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि तलाक का जश्न विवाह से ज्यादा मनाया जाना चाहिए, क्योंकि ये बुद्धिमत्ता और ज्ञान से होता है, जबकि शादी बेहूदगी और अज्ञानता से होती है।

पैगंबर मोहम्मद का अपमान… कोर्ट ने फ्री कर दिया… लेकिन पुलिसकर्मी अब्दुल ने मार डाला, 5 साल से कर रहा था प्लानिंग

पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में चार साल तक जेल में बंद रहने के बाद लाहौर हाई कोर्ट से बरी युवक को एक पुलिसकर्मी ने चाकू मारकर हत्या कर दी। हत्या करने वाले 21 वर्षीय पुलिसकर्मी अब्दुल कादिर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

बता दें कि मोहम्मद वकास नाम के युवक को ईशनिंदा के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस पर अदालत में 2016 से मुकदमा चल रहा था। उस पर पैगंबर मोहम्मद का अपमान करने वाले कंटेंट को ऑनलाइन शेयर करने का आरोप लगाया गया था। 2020 में लाहौर हाई कोर्ट ने वकास को दोष मुक्त कर दिया।

आमतौर पर ईशनिंदा के आरोपितों को जान का खतरा बना रहता है, इसीलिए वकास भी जेल से छूटने के बाद एक साल तक अपने घर नहीं पहुँचा। कुछ हफ्ते पहले ही वह अपने घर आया था। पुलिसकर्मी अब्दुल कादिर ने मोहम्मद वकास को बरी किए जाने के फैसले का विरोध किया और पंजाब प्रांत के रहीम यार खान शहर में देर रात उस पर चाकू से हमला कर दिया।

पुलिस अधिकारी राणा मुहम्मद अशरफ ने AFP को बताया, “वह पैगंबर मोहम्मद का अपमान करने के आरोपों को लेकर 2016 से ही उसे मारने की योजना बना रहा था।” पुलिस प्रवक्ता अहमद नवाज ने घटना की पुष्टि की और कहा कि हमले में पीड़ित का भाई भी घायल हुआ है। नवाज ने बताया कि हमले को अंजाम देने के बाद कॉन्स्टेबल ने स्वेच्छा से खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।

गौरतलब है कि हाल ही में पाकिस्तान की एक आतंक रोधी अदालत ने पिछले साल पूर्वी पंजाब प्रांत में ईशनिंदा के आरोपों पर अपने बैंक मैनेजर की हत्या करने के जुर्म में एक पूर्व सुरक्षा गार्ड को मौत की सजा सुनाई है। लाहौर से करीब 190 किलोमीटर दूर सरगोधा शहर की अदालत ने अहमद नवाज को सजा-ए-मौत सुनाते हुए उस पर 6 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। 

उल्लेखनीय है कि पाक के कानून में ईशनिंदा के दोषी को मृत्यु दंड तक की सजा का प्रविधान है। पाकिस्तान में ईशनिंदा के कड़े कानूनों की मानवाधिकार संगठनों के द्वारा भी निंदा की गई है। इन कानून का अल्पसंख्यकों को फँसाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। कट्टरपंथी ईशनिंदा के आरोपित को खुद ही मारने के लिए आमादा हो जाते हैं। 2020 में ऐसे ही पाकिस्तान मूल के अमेरिकी नागरिक ताहिर नसीम की पेशावर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस पर ईशनिंदा का आरोप था।

‘ये सिर्फ धर्मांतरण नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला, लगी है 500 अधिकारियों की टीम’: CM योगी ने कहा – हिन्दू होने पर गर्व

उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण गिरोह को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त हैं। ‘रिपब्लिक’ पर एक इंटरव्यू में अर्णब गोस्वामी ने उनसे पूछा था कि क्या उनकी सरकार अल्पसंख्यकों के खिलाफ है? साथ ही पूछा था कि आखिर हर चुनाव से पहले ही भाजपा धर्मांतरण का मुद्दा क्यों उठाती है? इस पर मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून चुनाव से काफी पहले ही बना दिया गया था।

उन्होंने कहा कि ‘लव जिहाद’ के खिलाफ बने क़ानून का अगले विधानसभा चुनाव से कोई लेनादेना नहीं है और न ही उनकी सरकार ने कभी इसका दुरुपयोग किया है। उन्होंने बताया कि कानून का उपयोग हमेशा राष्ट्र और प्रदेश हित के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण गिरोह वाला मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने गाजियाबाद के डासना स्थित शिव-शक्ति धाम में छद्म हिन्दू नाम के साथ अपराधियों के घुसने का मुद्दा उठाया।

उन्होंने ध्यान दिलाया कि कैसे उनके पास से सर्जिकल ब्लेड निकले थे। उन्होंने बताया कि मौलाना मोहम्मद उमर गौतम ने बाटला हाउस से देश भर में धर्मांतरण का नेटवर्क फैलाया। उन्होंने इसकी पुष्टि की कि विदेश से फंडिंग लेकर धर्मांतरण कराया जा रहा था। उन्होंने कहा कि ये मूक-बधिर बच्चों को इसीलिए निशाना बनाया जाता है, क्योंकि वो ‘सॉफ्ट टारगेट’ होते हैं। उन्होंने बताया कि घर के भीतर घुसपैठ कर के परिवार को धर्मांतरण कराना इन लोगों का काम था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “बच्चों को जिहादी बनाया जाता है जिनका इस्तेमाल धार्मिक स्थानों पर, आस्था पर चोट करने और VVIP सुरक्षा की सेंध लगाने में किया जाता है। हमारे पास इसके पूरे प्रमाण हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने का पूरा काम है, सिर्फ धर्मांतरण का नहीं है। सरकार ने जबरन धर्मांतरण और इसके गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए अपने 500 से अधिक अधिकारियों की एक टीम लगा रखी है।”

राम मंदिर के मुद्दे पर भी योगी आदित्यनाथ ने याद किया कि देश की स्वतंत्रता के बाद ही राम मंदिर मुद्दे का समाधान हो सकता था, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया गया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे थे, जो इस मुद्दे को हमेशा जागृत रखना चाहते थे। उन्होंने पूछा कि विवाद को बरकरार रखे वाले लोग कैसे इसके समाधान को स्वीकार कर सकते हैं। जब उन्हें कोई मुद्दा नहीं मिला तो उन्होंने राम मंदिर पर प्रहार करना शुरू कर दिया है।

उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट पर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा कि इसका सत्य से कोई लेनादेना नहीं है। वहीं कोरोना के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 24-25 करोड़ की जनसंख्या में से एक-एक मौत दुःखद है। उन्होंने महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश की तुलना की, जहाँ 1.22 लाख लोगों की मौत हुई जबकि यूपी में 22.6 हजार लोगों की कोरोना के कारण मौत हुई। जबकि महाराष्ट्र की जनसंख्या यूपी की आधी से भी कम है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आँकड़ों का हवाला देते हुए पूछा कि किस राज्य का कोरोना को लेकर प्रबंधन अच्छा रहा? उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा ऑक्सीजन की सप्लाई को लेकर की गई राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे ऑडिट के बाद सामने आया कि ऑक्सीजन की सप्लाई में बड़ा घपला हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा यूपी में 300 से अधिक सीटें जीतेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘रिपब्लिक’ पर अर्णब गोस्वामी को दिया इंटरव्यू

वहीं AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी के उत्तर प्रदेश में सक्रिय होने पर उन्होंने कुछ खास नहीं कहा। सीएम योगी ने बस इतना कहा कि वो एक बड़े नेता हैं और उन्हें गठबंधन करने का अधिकार है, लेकिन भाजपा इस चुनौती को स्वीकार करती है। वहीं विदेशी अख़बारों में खुद को ‘हिन्दू मिलिटेंट लीडर’ बताए जाने पर उन्होंने कहा कि उनकी सोच जितनी होगी, वो उतना ही बोलते हैं। उन्होंने कहा कि एक हिन्दू होने पर वो गर्व महसूस करते हैं और यही हिन्दू संस्कार ‘सबका साथ, सबका विकास’ वाली भावना को जन्म देता है।

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बिना किसी भेदभाव के जनहित की योजनाओं का लाभ लोगों को दिया गया और बिना जाति-मजहब देखे ही अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे पहले अपराधी हिन्दू होते थे तो उनका अपराध अपराध माना जाता है, जबकि वो किसी और मजहब के होते थे तो उन्हें छूट दी जाती थी। उन्होंने बताया कि कैसे उन अपराधियों को मुख्यमंत्री अपने घर में बुला कर सम्मानित करते थे।