Home Blog Page 4201

जाकिर नाइक का ‘हिन्दू लड़की’ को ज्ञान: गैर-मुस्लिम से शादी न करें, जब तक वह इस्लाम नहीं अपना लेता

भारतीय कानूनी एजेंसियों के डर से भागने वाला इस्लामी कट्टरपंथी उपदेशक जाकिर नाइक अक्सर विवादित और मजहबी टिप्पणियाँ करता रहता है। वह एक बार फिर से गैर-मुस्लिमों, विशेष रूप से हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलने और इस्लामी वर्चस्ववाद के चरमपंथी विचारधारा का प्रचार करने के लिए चर्चा में है।

इस महीने की शुरुआत में नाइक के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर जारी एक वीडियो में मुस्लिम धर्मगुरु को मुशरिकों (गैर-समर्थकों) के खिलाफ शेखी बघारते हुए देखा गया। उसका कहना था कि मुस्लिम पुरुष और महिलाएँ उनसे बहुत बेहतर हैं।

दरअसल, एक लड़की कथित तौर पर तीन साल पहले हिन्दू से इस्लाम में परिवर्तित हो गई थी और वह जीवन भर इस्लाम मजहब में ही रहना चाहती थी। जाकिर नाइक इसी लड़की के सवाल का जवाब दे रहा था। लड़की का सवाल था कि उसके समाज में मुस्लिम पुरुष से शादी करना काफी मुश्किल है तो क्या मुस्लिम व्यक्ति से शादी करना अनिवार्य है या फिर ऐसी परिस्थिति में वह हिंदू युवक से भी विवाह कर सकती है?

इस पर नाइक ने इसका जवाब दिया कि लड़की के लिए मुस्लिम पुरुष से शादी करना नितांत आवश्यक था। नाइक ने अपने जवाब को पुख्ता बनाने के लिए कुरान के आयतों का हवाला दिया।

Source: YouTube

जाकिर नाइक ने कहा, “कुरान (चैप्टर नंबर 2, आयत संख्या 221) के सूरह अल बकराह में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि मुशरिक (एक मूर्तिपूजा वाली महिला) से शादी तब तक नहीं करो, जब तक वह इस्लाम समर्थक न हो। इस्लाम का समर्थन करने वाली महिला, भले ही वह एक दासी हो, वह एक गैर इस्लाम समर्थक महिला की तुलना में काफी बेहतर है। एक इस्लाम का समर्थन करने वाली महिला, भले ही वह नौकर हो, वह बदसूरत हो सकती है, वह एक गैर इस्लाम समर्थ महिला से कहीं बेहतर है, भले ही वह ब्यूटी क्वीन हो या दुनिया की सबसे धनी महिला हो।”

नाइक ने आगे कहा, “एक गैर इस्लाम समर्थक आदमी से शादी मत करो, एक मुशरिक से शादी मत करो, एक मूर्तिपूजक से शादी मत करो, जब तक कि वह इस्लाम को गले नहीं लगाता। इस्लाम का समर्थन करने वाला आदमी, वह एक बंधुआ हो सकता है, वह एक नौकर हो सकता है, वह बदसूरत हो सकता है, लेकिन वह एक मूर्तिपूजक से बेहतर है, एक गैर इस्लाम समर्थक आदमी भले ही वह दुनिया का सबसे सुंदर आदमी हो या फिर दुनिया का सबसे अमीर आदमी हो।”

कट्टरपंथी इस्लामिक उपदेशक ने यह भी कहा कि केवल मुसलमान ही जन्नत (स्वर्ग) के लिए योग्य हैं और जो इस्लाम का पालन नहीं करते हैं, वे नरक में जाते हैं।

“यदि आप मानते हैं कि इस्लाम ऐसा मार्ग है जिससे आपको मोक्ष मिलेगा और आपने तीन साल पहले इस्लाम कबूल किया है और आपने वादा किया है कि आप अपने शेष जीवन के लिए इस्लाम पर रहेंगे, तो आप अपने पति को नरक में क्यों भेजना चाहती हैं?” नाइक ने सवाल किया।

नाइक ने कहा, “हमारे पास औसत जीवन प्रत्याशा 50-60 साल है। अगर आप इसमें उथल-पुथल मचाओगे तो यह आपके के लिए 50-60 साल तक दर्द का कारण बना रहेगा। अगला जीवन चिरकालिक है बहन। तो बहन, भले ही यह आपके लिए मुश्किल हो, मेरी सलाह है कि आप उन कठिनाइयों को सहन करें, एक मुस्लिम व्यक्ति से शादी करें, भले ही वह अच्छा न हो, भले ही वह बदसूरत हो, भले ही वह अमीर न हो। वह सबसे धनी और मूर्तिपूजक पुरुषों की तुलना में कहीं अधिक श्रेष्ठ होगा।”

‘रवीश कुमार जैसे दूसरे धर्म वाले, चाहे वो कितना भी हमारे पक्ष में बोलें, नरक ही जाएँगे’

भगोड़ा जाकिर नाइक फिलहाल भारत से फरार है और मलेशिया में रह रहा है। उसके वीडियोज देख कर कई युवक आतंक का रुख कर लेते हैं। पिछले दिनों एक नए वीडियो में जाकिर नाइक ने रवीश कुमार जैसे पत्रकारों पर तल्ख टिप्पणी किया था।

बकौल जाकिर नाइक, रवीश कुमार हों या ‘समुदाय विशेष का पक्ष लेने वाले’ अन्य दूसरे धर्मों वाले, उन सभी के लिए समान सज़ा की ही व्यवस्था है। जाकिर नाइक ने अपने अनुयायियों को समझाया कि जन्नाह अलग-अलग तरह के होते हैं, जैसे फिरदौस और फिरदौस आला। नाइक ने कहा कि जब कोई जन्नत में जाता है तो सबके लिए अलग-अलग लेवल की व्यवस्था की गई है, सारे जन्नाह समान नहीं होते।

जाकिर नाइक ने कहा कि मजहब के सभी लोग भले ही उच्च-कोटि वाले जन्नाह में नहीं जाएँगे लेकिन मजहब के सारे सच्चे लोग जन्नाह में ही जाएँगे। दूसरे धर्म वालों के बारे में उसने कहा कि जन्नाह की तरह नरक भी अलग-अलग प्रकार के होते हैं और दूसरे धर्म वाले दिल के कितने भी अच्छे क्यों न हों, उन्हें जाना नरक में ही है। जाकिर नाइक ने स्पष्ट कहा कि दूसरे धर्म वालों का नरक में जाना तय है। बकौल नाइक, अगर कोई मरते समय इस्लाम का अनुयायी नहीं है तो उसके लिए नरक की ही व्यवस्था है।

‘मैरी क्रिसमस’ कहना हराम, तुम जहन्नुम में जाओगे’

हाल ही में एक वीडियो में कट्टरपंथी जाकिर ने कहा था, “अपने उद्देश्य तक पहुँचने के लिए तुम गलत ज़रिया नहीं चुन सकते हो। जो उनके लिए हराम है वह तुम्हारे लिए भी हराम है। जब तुम किसी को मैरी क्रिसमस कहते हुए इसकी बधाई देते हो तो इसका मतलब है कि तुम स्वीकार कर रहे हो कि वो (जीसस) भगवान की संतान है और ऐसा करना शिर्क (पाप) है। ऐसा इसलिए क्योंकि वहाँ के लोग मानते हैं कि जीसस क्राइस्ट भगवान की संतान हैं। चाहे वह ईसाई धर्म से जुड़ी प्रक्रियाओं का हिस्सा हों या नहीं, वो लोग इसलिए ख़ुशी मनाते हैं क्योंकि यह जीसस का जन्मदिन है।” 

क्रिसमस पर सुपरस्प्रेडर ‘सांता क्लॉज’ ने दिया 157 को ‘कोरोना गिफ्ट’: संक्रमण से 18 बुजुर्गों की मौत

बेल्जियम (Belgium) के एक केयर होम में रहने वाले लोगों के लिए सांता क्लॉज से गिफ्ट लेना भारी पड़ गया। कोरोना वायरस से संक्रमित सांता क्लॉज बने एक व्यक्ति ने 157 लोगों को कोरोना संक्रमित कर दिया। इनमें से 36 स्टाफ मेंबर बताए जा रहे हैं। ‘डेली मेल‘ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से 18 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित था और वह केयर होम क्रिसमस की बधाइयाँ देने पहुँचा था।

बुजुर्गों का बढ़ाना चाहते थे मनोबल

रिपोर्ट के अनुसार, बेल्जियम के एन्टवर्प के केयर होम के कर्मचारी वहाँ रहने वाले बुजुर्गों का मनोबल बढ़ाना चाहते थे। इसलिए उन्होंने सांता क्लॉज बुलवाकर उनके हाथों से बुजुर्गों को गिफ्ट दिलवाने की योजना बनाई। प्लान के तहत उन्होंने केयर होम के लोगों की देखभाल करने वाले एक चिकित्सक को सांता क्लॉज बनने के लिए तैयार कर लिया।

सांता क्लॉज बना ‘सुपरस्प्रेडर’

इस केयर होम में एक के बाद कई कोरोना पॉजिटिव मामले पाए जाने पर वहाँ रह रहे सभी लोगों और देखभाल कर रहे सभी स्टाफ की जाँच की गई। यहाँ जब 157 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए तो सांता क्लॉज को ही सुपरस्प्रेडर करार दिया गया। क्रिसमस से एक दिन पहले और क्रिसमस के दिन पाँच लोगों ने अपनी जान गँवाई है, जिसके बाद केयर होम के अभी तक 18 लोग अपनी जान गँवा चुके हैं। कुछ लोगों को ऑक्सीजन वेंटिलेंटर पर रखा गया है।

सांता क्लॉज अपने कुछ साथियों के साथ बेल्जियम के एन्टवर्प के केयर होम में पहुँचे थे

नियमों की हुई अनदेखी

स्थानीय मेयर विम कीयर्स ने कहा कि केयर होम के लिए यह बुरा समय है। उन्होंने कहा कि आगामी कुछ दिन बहुत ही मुश्किल भरे होंगे। मेयर ने पहले यह बयान दिया था कि सांता क्लॉज के केयर होम जाने के दौरान नियमों का पालन किया गया था। हालाँकि मेयर ने केयर होम की तस्वीरें देखने के बाद यह कहा कि यहाँ नियमों का पालन नहीं हुआ। सभी लोगों ने मास्क नहीं पहना था। सांता भी दो मीटर से कम की दूरी पर बुजुर्गों के समीप खड़ा था।

मेयर ने जताया अफसोस

मेयर विम कैयर्स व्यक्तिगत रूप से इस मामले की जाँच करा रहे हैं। उनका कहना है यह इवेंट खुशियाँ बाँटने और मनोरंजन के अच्छे इरादे से आयोजित किया गया था लेकिन अफसोस कि यहाँ आए लोगों को कोविड से संक्रमित होना पड़ा।

उन्होंने केयर होम के लिए इसे एक ब्लैक डे करार दिया। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार सेंटा बना व्यक्ति पहले अस्वस्थ महसूस नहीं कर रहा था और न ही उसमें कोविड-19 का का कोई लक्षण दिखा था।

9 महीनों से वेतन माँग रहे श्रमिकों ने ‘दीदी’ के खिलाफ खोला मोर्चा, बैठक में चली कुर्सियाँ तो भाग निकले मंत्री

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले ममता बनर्जी एक ओर जहाँ पार्टी में आंतरिक कलह से जूझ रही हैं तो अब दूसरी ओर श्रमिकों ने भी रुकी हुई सैलरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दरअसल पश्चिम बंगाल में प्रदेश सरकार के अंतर्गत काम करने वाले हज़ारों अस्थाई श्रमिक राज्य की सरकार के विरोध में उतर आए हैं।

स्थाई नौकरी सहित पिछले 9 माह से रुके हुए वेतन की माँग करते हुए कर्मचारियों ने ‘नेताजी इनडोर स्टेडियम’ में मंत्रियों के सामने विरोध प्रदर्शन किया, नारे लगाए और कुर्सियाँ ​​फेंकीं। वेतन ना मिलने से गुस्साए श्रमिकों ने वहाँ लगे होर्डिंग्स तक फाड़ डाले।

पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा चलाई जा रही सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत हज़ारों ‘अस्थाई श्रमिक’ कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि पिछले कुछ समय से उनके वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। नतीजतन आज हज़ारों श्रमिकों ने कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में खूब हंगामा किया। कुछ ही देर में हालात इतने अनियंत्रित हो गए कि ममता सरकार के तमाम मंत्रियों को बैठक छोड़कर ही भागना पड़ गया।  

राज्य सरकार के अधीन कार्य कर रहे अस्थाई श्रमिकों का कहना है कि SLO (Self Employed Labour Organisers) एसोसिएशन के अस्थाई श्रमिक लॉकडाउन के समय से ही लगातार काम कर रहे हैं। वेतन नहीं मिलने की वजह से वह काफी समय से लगातार माँग उठा रहे थे, लेकिन उनके तमाम प्रयासों के बावजूद कोई नतीजा निकल कर नहीं आया।

इन अस्थाई मजदूरों की माँगों के मुद्दे पर आज (28 दिसंबर 2020) प्रदेश की राजधानी कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में बैठक बुलाई गई थी। बैठक में नगर विकास मंत्री फिरहाद हकीम, श्रम और क़ानून मंत्री मलय घटक, सोवनेब चटर्जी समेत अन्य मंत्री शामिल हुए थे, लेकिन इस बैठक में अस्थाई श्रमिकों की माँगों को लेकर कोई समाधान नहीं निकला।

बैठक के किसी नतीजे पर नहीं पहुँचने की वजह से श्रमिकों ने मौके पर ही विरोध करना शुरू कर दिया और फिर मंत्रियों को वहाँ से निकलना पड़ा। ममता सरकार के इस रवैए से गुस्साए श्रमिकों ने जमकर बवाल किया और स्टेडियम के बाहर लगे टीएमसी के पोस्टर भी फाड़ दिए। 

इस घटना की वजह से मौके पर हालात बेकाबू हो गए, जिसके मद्देनज़र भारी पुलिसबल तैनात कर दिया गया। फ़िलहाल अस्थाई श्रमिकों के वेतन के मुद्दे पर ममता सरकार कोई समाधान नहीं निकाल पाई है। ‘बंगाल मिरर’ की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के वरिष्ठ मंत्री शोभन देव चट्टोपाध्याय ने कहा कि श्रम विभाग की लापरवाही के कारण यह हालात बने हैं।

शोभन देव ने इसके लिए राज्य के श्रम विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग के अधिकारियों के कारण ही इन अस्थाई श्रमिकों का डाटा मिट गया, जिस कारण इन लोगों को महीनों से कमीशन का भुगतान नहीं हो रहा है।

कॉन्ग्रेस नेता ने पंजाब में 1300 Jio टावरों पर हमला करने वालों का किया उत्साहवर्धन, देश में इसी तरह के तोड़-फोड़ के लिए उकसाया

यूथ कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अभियान प्रभारी श्रीवत्स को पंजाब में Jio मोबाइल टावरों से बिजली काटने वाले किसानों का उत्साहवर्धन करते देखा गया। कर्नाटक कॉन्ग्रेस के पूर्व मीडिया प्रमुख इस बात को लेकर उत्साहित थे कि राज्य के 9000 Jio मोबाइल टावरों में से 1300 में बिजली की आपूर्ति नहीं है।

Senior Youth Congress leader cheers for criminal behaviour
युवा कॉन्ग्रेस नेता ट्वीट

श्रीवत्स ने आगे कहा, “किसानों को समझ आ गया है कि मोदी से सीधे बात करने का एकमात्र तरीका अंबानी को तकलीफ देना है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के आपराधिक व्यवहार को पूरे देश में दोहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर यह पूरे भारत में होने लगा, तो मोदीजी दौड़ते हुए सिंघु बॉर्डर पर आएँगे।”

इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने ‘प्रदर्शनकारी’ किसानों से अपील की थी कि वे बिजली बाधित करके या फिर बुनियादी ढाँचे को नष्ट करके आम जनता के लिए असुविधा उत्पन्न न करें। उन्होंने ‘प्रदर्शनकारियों’ से कनेक्टिविटी को बंद न करने और टेलीकॉम वर्कर्स के साथ मारपीट न करने का भी आग्रह किया था। हालाँकि, ऐसा लगता है कि ‘प्रदर्शनकारी किसानों’ ने मुख्यमंत्री की अपील पर कोई ध्यान नहीं दिया और अब ऐसा लगता है कि कॉन्ग्रेस नेता भी इस तरह की अराजकता की वाह-वाही कर रहे हैं। वहीं आज भी CM ने टॉवर में तोड़-फोड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

‘प्रदर्शनकारी’ रिलायंस जियो टावरों को निशाना बना रहे हैं क्योंकि उनका दावा है कि रिलायंस के साथ ही अडानी समूह नए कृषि कानूनों की मदद से किसानों का शोषण करेंगे। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि जब साइट मैनेजर ने प्रदर्शनकारियों को बुनियादी ढाँचे को नष्ट करने से रोकने की कोशिश की तो उन्हें थप्पड़ मारा गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। बिजली लाइनों को तोड़ दिया गया और टावरों को कुल्हाड़ी मारने की कोशिश की गई।

उधर मोगा में मोबाइल टॉवर में तोड़-फोड़ करने खबर है। और ये सिलसिला पंजाब में बढ़ता ही जा रहा है।

गौरतलब है कि ‘किसानों’ का प्रदर्शन अब प्रदर्शनकारियों की हरकत के कारण संदेह के घेरे में आता दिख रहा है। पिछले दिनों हमने वायरल वीडियो में किसानों को Jio मोबाइल टावर कुल्हाड़ी से काटते देखा और फिर बाद में एक नई वीडियो सामने आई, जिसमें वह जियो के जेनरेटर लूट कर शेखी बघारते नजर आए।

प्रदर्शन के नाम पर वीडियो में देखा जा सकता है कि ये कथित प्रदर्शनकारी टेलीकॉम टॉवर्स से जुड़े जियो जेनरेटर को वीडियो में ट्रैक्टर से बाँध कर उसे उसकी जगह से जबरदस्ती हटा रहे थे और फिर उसे सड़क पर घसीट कर गुरुद्वारे में ले जाकर डोनेट करते दिख रहे थे। इस दौरान ट्रैक्टर पर एक झंडा भी लगाया गया था और कई लोग उसके पीछे चल रहे थे।

दलित नेता डॉ उदित राज के समर्थकों ने हैक की कॉन्ग्रेस आईटी सेल की ज़ूम मीटिंग: उठाई उन्हें ‘राष्ट्रीय अध्यक्ष’ बनाने की माँग

देश में ऐसे कम ही नेता हैं जिन्हें कॉन्ग्रेस नेता डॉ उदित राज जितना स्नेह और समर्थन हासिल होता है। सभी जानते हैं कि डॉ उदित राज के चाहने वालों की तादाद कितनी ज़्यादा है और वह अपने चाहने वालों के बीच कितने लोकप्रिय हैं, जिन्हें आम तौर पर उदितियंस (Uditians) कहा जाता है। उनके चाहने वालों ने एक बार फिर अपने प्रबुद्ध नेता के लिए अपनी वफ़ादारी और भक्ति दिखाई है हालाँकि, ऐसा करते हुए वह अक्सर कुछ ज़्यादा ही दूर चले जाते हैं।  

कॉन्ग्रेस के सामने फ़िलहाल नेतृत्व का संकट है ऐसे में डॉ उदित राज का वफ़ादार ‘फैन बेस’ पुरजोर माँग उठा रहा है कि उनके नेता को पार्टी का अध्यक्ष बनाया जाए। उदित राज के चाहने वाले अक्सर ट्विटर पर उनके समर्थन में हैशटैग ट्रेंड कराते हैं और उनका समर्थन करते हुए नज़र आते हैं। कॉन्ग्रेस नेता सोशल मीडिया की इस पूरी प्रक्रिया का भरपूर आनंद भी लेते हैं। 

उदितियंस ने हैक की कॉन्ग्रेस की ज़ूम मीटिंग, कहा उदित राज को बनाया जाए राष्ट्रीय अध्यक्ष 

इस बार उदितियंस ने एक कदम आगे बढ़ते हुए कॉन्ग्रेस आईटी सेल की ज़ूम मीटिंग ही हैक कर ली। ज़ूम मीटिंग पर इस तरह धावा बोलने के बाद उदितियंस माँग उठाने लगे कि कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष पद डॉ उदित राज के हवाले किया जाए। इस मीटिंग में कॉन्ग्रेस दलित नेता डॉ उदित राज खुद शामिल हुए थे, फिर उनके एक समर्थक ने मीटिंग हैक की और कहा कि उदित राज को पार्टी का अध्यक्ष बनाया जाए। 

अपने चाहने वालों द्वारा उठाई गई इस माँग पर डॉ उदित राज पूरी नरमी से पल्ला झाड़ते हुए नज़र आए। उन्होंने कहा, “ये भाजपा आईटी सेल ने यह हरकत कॉन्ग्रेस की मीटिंग रोकने के लिए की है। भाजपा के पूरे आईटी सेल को इस प्रोपेगेंडा प्रचार की ज़िम्मेदारी मिली है कि मुझे कॉन्ग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया जाए।” लेकिन उनके वफ़ादार इस बात से ज़रा भी सहमत नहीं हुए, बल्कि वह इस बात से निराश हुए कि उनके प्रयासों का श्रेय भाजपा आईटी सेल को दे दिया गया। 

 कॉन्ग्रेस नेता उदित राज की प्रचंड लोकप्रियता 

डॉ उदित राज को मिलने वाला समर्थन कोई हाल फ़िलहाल की प्रक्रिया नहीं है बल्कि पिछले कुछ ही समय में यह तेजी से बढ़ा है। नवंबर की शुरुआत में जब अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों का ऐलान होने वाला था, उदितियंस ने ट्विटर पर ‘DrUditRajForPOTUS’ ट्रेंड करा दिया। उनका कहना था कि उदित राज की विशेषताओं और क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें POTUS (अमेरिकी राष्ट्रपति) बनाना नाइंसाफी होगी।

अगस्त 2020 के दौरान जब 23 कॉन्ग्रेसी नेताओं ने अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी को पार्टी संकट को लेकर पत्र लिखा था तब अफ़वाहें सामने आई थीं कि कॉन्ग्रेस किसी गैर-गाँधी व्यक्ति को पार्टी का अध्यक्ष चुन सकती है। उसके ठीक बाद से ही ट्विटर पर #UditRajForCongressPresident ट्रेंड करने लगा। ऐसी अफ़वाहों के सामने आते ही उदितियंस ने भी अपनी कोशिशों की रफ़्तार बढ़ा दी। 

जहाँ एक तरफ डॉ उदित राज ने इस माँग को सिरे से खारिज कर दिया कि उन्हें कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक़ यह भाजपा आईटी सेल की साजिश थी लेकिन उनके चाहने वालों का कहना है कि उनकी यही माँग है और ऐसा करने के लिए उन्हें किसी से रुपए नहीं मिले। श्री उदित राज जी अक्सर लोगों के असल मुद्दों को लेकर मुखर रहते हैं और अपनी माँगों में वज़न भी रखते हैं जो कि राहुल गाँधी के बयानों में नहीं नज़र आता है। यह बात एक डिजिटल एक्टिविस्ट और उदित राज के घनघोर समर्थक ने ऑपइंडिया से बात करते हुए कही।     

अमेरिका की फटकार के बाद इमरान खान ने लगाई पत्रकार डेनियल पर्ल के हत्यारों की रिहाई पर रोक

अमेरिका की चेतावनी से डरकर पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने पत्रकार डेनियल पर्ल (Daniel Pearl) के हत्यारों की रिहाई पर रोक लगा दी है। अब पाकिस्तान ने ब्रिटेन में जन्मे अलकायदा आतंकवादी अहमद उमर सईद शेख (Ahmed Omar Saeed Sheikh) और उसके तीन सहयोगियों को रिहा नहीं करने का निर्णय किया है।

हाल ही में, सिंध हाईकोर्ट ने अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल के हत्यारे पाकिस्तानी आतंकी अहमद उमर शेख, फहाद नसीम, सईद सलमान साकिब और शेख मोहम्मद आदिल को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया था।

डेनियल पर्ल हत्याकांड की सुनवाई करते हुये सिंध हाईकोर्ट ने कहा था कि चारों आतंकवादियों को जेल में रखना गैरकानूनी है। जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे चिंताजनक करार दिया था।

पाकिस्तान के द्वारा इन आतंकियों की रिहाई के फैसले पर अमेरिकी विदेश विभाग ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका डेनियल पर्ल की हत्या के लिए जिम्मेदार कई आतंकवादियों को रिहा करने के सिंध हाईकोर्ट के 24 दिसंबर के आदेश की खबरों से चिंतित हैं।

अमेरिका ने कहा कि उन्हें आश्वासन दिया गया है कि अभियुक्तों को इस समय रिहा नहीं किया गया है। अमेरिका इस मामले में सभी घटनाक्रम की निगरानी करता रहेगा और साहसी पत्रकार के रूप में डेनियल पर्ल की विरासत का सम्मान करते हुए उनके परिवार का समर्थन करना जारी रखेगा।

अमेरिकी सरकार की सख्त प्रतिक्रिया के बाद पाकिस्तान सरकार ने सभी आरोपितों की रिहाई पर रोक लगा दी है। सरकार के फैसले के बाद सिंध हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने उनकी रिहाई पर रोक लगाने का आदेश दिया है, तो उन्हें रिहा नहीं किया जाना चाहिए। पाकिस्तानी मीडिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 28 सितंबर के आदेश के अनुसार सिंध प्रांत की सरकार उनको रिहा नहीं करेगी।

उल्लेखनीय है कि 38 साल के अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के दक्षिण एशिया ब्यूरो प्रमुख थे और जनवरी, 2002 में पाकिस्तान स्थित कराची में अलकायदा से जुड़े आतंकवादियों ने उनका अपहरण कर हत्या कर दी थी।

पर्ल का सर कलम कर दिया गया और लगभग एक महीने बाद कराची के यूएस दूतावास को इस क्रूरता का एक ग्राफिक वीडियो भी भेजा गया। डेनियल आईएसआई और आतंकी संगठन अलकायदा के बीच संबंधों को लेकर एक खोजी खबर के सिलसिले में पाकिस्तान गए थे।

इससे पहले, वर्ष 1994 में आतंकी अहमद उमर शेख, जो की पर्ल की हत्या में आरोपित है, ने कश्मीर में 4 विदेशी पर्यटकों का अपहरण कर लिया था। उमर शेख द्वारा अपहरण किए जाने के बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में उमर शेख को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद उमर शेख गाजियाबाद समेत देश की कई जेलों में रहा। लेकिन, वर्ष 1999 में एयर इंडिया के विमान के अपहरण के बाद जिन आतंकवादियों को छोड़ा गया, उनमें उमर शेख भी शामिल था।

राहुल बाबा बैंकॉक क्यों जाते हैं? | Ajeet Bharti on Rahul Gandhi foreign trips?

चाहे पार्टी की हार हो, टिकट बाँटना हो, कोई आंदोलन चल रहा हो, चुनाव आने वाले हों, संसद सत्र हो… राहुल गाँधी यूरोप-थाइलैंड-बैंकॉक करते रहते हैं…

पूरा वीडियो यहाँ देखें

अमेजन के ‘रेप साहित्य’ में ‘रं$# कु*या’ हिंदू महिला लेती है बलात्कार का आनंद, करती है मुस्लिम के लिंग की पूजा

अमेजन के किंडल एडिशन पर साहित्य के नाम पर तमाम तरह की अश्लील और रेप कल्चर को डिफाइन करने वाली सामग्री मौजूद हैं। शर्मनाक बात यह है कि इसमें खास कर मुस्लिम युवकों और हिंदू महिलाओं का प्रमुख रूप से जिक्र किया गया है।

स्वराज पर प्रकाशित लेख के अनुसार इस प्लेटफऑर्म पर Indian Hindu wife’s affair with her Muslim lover नाम की किताब अनलिमिटिड सब्सक्रिप्शन पर फ्री में पढ़ने के लिए मौजूद है। इस किताब की लेखिका का नाम नीलिमा स्टिवन्स है। 35 पृष्ठों की किताब के कवर पेज में एक व्यक्ति इस्लामी टोपी पहने दिखता है। वहीं महिला डीप क्लिवेज दिखाते हुए बिंदी लगाए नजर आती है। 

The cover of the e-book
स्वराज की रिपोर्ट के एक पैरा ग्राफ में किताब केअंश

इस किताब में श्वेता नाम की महिला और उसकी सहेली राजिया के शौहर अशरफ के बीच शारीरिक संबंधों पर बात हुई है। हिंदू महिलाओं के चरित्र पर सवाल खड़ा करते हुए मुस्लिम युवक को एक स्टड की तरह दिखाया गया है। अंत में ये भी बता दिया गया कि शाकाहारी श्वेता कैसे अशरफ के कहने पर माँस खाने लगती हैं और यौन संबंध बनाने के लिए उससे पैसे लेने को भी राजी हो जाती है।

स्वराज्य की रिपोर्ट कहती है कि इस लेखक के नाम पर किंडल में 20 किताब मौजूद हैं। अगली किताब का नाम- Indian wife cheating: sex with neighbour है। इस किताब में एक हिंदू महिला की व्याख्या एक रूढ़िवादी अय्यर परिवार से जोड़ कर की जाती है जो धार्मिक माहौल में पलती-बढ़ती है। इसके अलावा इस किताब में दूसरा कैरेक्टर महिला का पड़ोसी है जिसका नाम मुर्शीद शेख है। किताब में महिला के लिए मद्रासी वेश्या (Madrasi prostitute) और रं$# हिंदू कु*या (whore Hindu bitch) जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है।

एक अन्य किताब इसी लेखिका की  Cheating wife’s affair with husband’s friend के नाम से है। किताब के एक पैराग्राफ में हिंदू महिला को लेकर कहा गया है, “विनीता मुस्लिम युवक के लिंग की पूजा करती है और उसके गुप्तांग के कोने कोने से होकर गुजरती है।”

इसके बाद हिंदू महिला और मुस्लिम पुरूष के संबंधों पर रेप फैंटसी को लिखने वालों में एक नाम सुनीता सरण का भी है। इस लेखिका की आधा दर्जन किताबें ईबुक के रूप में किंडल पर मौजूद हैं। इनमें से एक किताब में ‘भारतीय पत्नी की कामुक दास्तां’ का जिक्र किया जाता है और कहा जाता है कि कैसे वो मुस्लिम माफिया के लिए रात में भोग वस्तु बन गई।

इस किताब में एक आदमी दाढ़ी में दिख रहा है जबकि महिला साड़ी में नजर आ रही हैं। किताब का उद्देश्य सिर्फ ये बताना है कि कैसे महिला को उसकी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर हर रात मुस्लिम डॉन उसका बलात्कार करता है और महिला चुपके चुपके इस बलात्कार को एंजॉय करती है।

इस रेप लिटरेचर को बढ़ावा देने वाले अगले लेखक का नाम पविश सिंह है। इनकी किताब किंडल पर 226 रुपए में मौजूद है। इसका शीर्षक Hindu wife sexy encounter with Muslim driver है।

अन्य लेखक इस सूची में निक्की रवलानी हैं। इनकी दो किताबें इस प्लेटफॉर्म पर हैं। इनमें से एक का नाम Four tales of high-class married Hindu women being taken by low-class Muslim males है। जो किंडल पर मात्र 164 रुपए में मौजूद है। ये साऱी किताबें 2015,2016, 2017 में पब्लिश हुई हैं।

बता दें कि ये सारी किताबें, इनमें निहित विषय सामग्री आदि से साफ पता चल रहा है कि किताबों के पब्लिशर ने अमेजन किंडल पर डायरेक्ट पब्लिशिंग सर्विस का फायदा उठाकर आसानी से इन घृणित विषयों को पब्लिक स्पेस में उतारा। इसके लिए फेक पब्लिशर्स के नामों का इस्तेमाल भी किया गया।

गौरतलब है कि इस प्लेटफॉर्म पर जहाँ हिंदू महिलाओं और मुस्लिम पुरूषों को लेकर अश्लील सामग्री मौजूद है। वहीं दूसरी ओर मुस्लिम महिलाओं के साथ हिंदू पुरूषों के संबंध पर भी किताब है। मगर, इसमें भी हिंदू पुरूष को अत्याचारी दिखाया गया। जैसे सना खान की किताब के कवर पेज में लिखा है मुस्लिम बीवीयाँ वेश्या बन रही हैं और नीचे लिखा है भारतीय मुस्लिम महिला को हिंदू स्टड ने किया डॉमिनेट।

On Kindle Store, A Sea Of Pornographic And Rape Fantasy Books Featuring Hindu Women And Muslim Men

अब ऐसी किताबों के शीर्षक पढ़कर कहाँ से लग रहा है कि इनका मकसद समाज को साहित्य के नाम पर उसका आइना दिखाना है। वो भी तब जब आए दिन हिंदू महिलाएँ कट्टरपंथियों की बर्बरता का शिकार हो रही हैं। इन किताबों के शीर्षक भर पढ़ लेने से ऐसा लगता है जैसे रेप आदि का महिमामंडन किया जा रहा हो और एक विशेष समुदाय की महिलाओं और पुरूषों को मलिन किया जा रहा हो

याद दिला दें कि अमेजन पर हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने का सिलसिला बहुत पुराना है। साल 2017 में सुषमा स्वराज ने इस मामले को उठाया था। जिसके बाद अमेजन को माफी माँगनी पड़ी थी। उस समय अमेजन ने डोरमेट पर हिंदू देवी देवताओं की तस्वीर को डाला था।

अब हाल में स्वराज्य पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा की रिपोर्ट के बाद महिला आयोग अध्यक्ष रेखा शर्मा ने इस पर संज्ञान लिया है। उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए अमजेन के वरिष्ठ अध्य़क्ष अमित अग्रवाल को ऐसी सामग्रियों पर रोक लगाने को कहा है जिनमें महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध को बढ़ावा दिया गया हो और एक समुदाय के लिए गलत संदेश दिया हो।

फेसबुक पर CM पिनराई विजयन की आलोचना पड़ी भारी: एयरपोर्ट कर्मचारी को धोना पड़ा नौकरी से हाथ

केरल में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का नया मामला सामने आया है। कन्नूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (KIAL) के एक स्टाफ मेंबर केएल रमेश को फेसबुक पोस्ट के कमेंट सेक्शन में केरल के सीएम पिनराई विजयन के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणी करने के बाद नौकरी से निकाल दिया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, 20 नवंबर को पद्मनाभस्वामी मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के संबंध में रमेश ने अपने फेसबुक पोस्ट पर केरल के सीएम और राज्य सरकार की आलोचना की थी। उनके फेसबुक पोस्ट के खिलाफ कई ‘शिकायतें’ सामने आई। जिसके बाद  KIAL ने मामले का संज्ञान लिया और अधिकारियों ने जाँच का आदेश दिया था। रमेश को पोस्ट के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया, जिसे कथित तौर पर अनुशासनात्मक मानदंडों का उल्लंघन माना गया था। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि सीएम पिनाराई विजयन भी KIAL के अध्यक्ष हैं।

KIAL उनके स्पष्टीकरण से ‘संतुष्ट’ नहीं हुआ और प्रबंध निदेशक वी. थुलासीदास ने रमेश को टर्मिनेशन लेटर जारी किया। रमेश एयरपोर्ट के फायर एंड रेस्क्यू विंग के सहायक प्रबंधक के रूप में काम करते थे।

रमेश ने KIAL अधिकारियों पर प्रतिशोध का आरोप लगाया

रमेश ने कहा, “मैंने समिति को बताया था कि मैं एक हिंदू हूँ और तिरुवनंतपुरम से हूँ और पोस्ट KIAL के संबंध में नहीं था। एक नागरिक के रूप में मुझे अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है।” हालाँकि, उनका मानना है कि उन्होंने कन्नूर हवाई अड्डे पर कई अनियमितताओं के बारे में अधिकारियों को बताया था, जिसका खामियाजा उन्हें टर्मिनेशन के रुप में भुगतना पड़ा। कथित तौर पर रमेश ने अपने फेसबुक पोस्ट को हटा दिया था और माफी भी माँगी थी लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। जाँच समिति ने उन्हें टर्मिनेट कर दिया।

पद्मनाभस्वामी मंदिर की पंक्ति को लेकर त्रावणकोर शाही परिवार पर SC का फैसला

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने तिरुवनंतपुरम में ऐतिहासिक श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर को अपने नियंत्रण में लाने के केरल सरकार के प्रयास के खिलाफ फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने केरल उच्च न्यायालय के 2011 के फैसले को पलट दिया जिसने राज्य सरकार को मंदिर, उसके प्रबंधन और संपत्ति पर नियंत्रण रखने की शक्ति प्रदान की।

जस्टिस इंदु मल्होत्रा और यूयू ललित की 2-सदस्यीय पीठ द्वारा पारित फैसले में कहा गया है कि त्रावणकोर परिवार के एक राजा की मौत परिवार और मंदिर के अधिकारों को प्रभावित नहीं करेगी, यह परिवार द्वारा प्रबंधित किया जाना जारी रहेगा।

केरल में कम्युनिस्ट सरकार ने ‘आलोचकों’ को गिरफ्तार करने के लिए अध्यादेश पारित किया

कम्युनिस्ट नेतृत्व वाली केरल राज्य सरकार ने कानून में धारा 118-ए को जोड़कर केरल पुलिस अधिनियम में विवादास्पद संशोधन लाया था जो मूल रूप से 2011 में पारित किया गया था।

नया सेक्शन पुलिस को मीडिया के खिलाफ कार्रवाई करने और संबंधित धारा के तहत संज्ञेय अपराध का पता लगाने की स्थिति में मामले दर्ज करने का अधिकार देता है। संशोधन में सोशल मीडिया के माध्यम से किसी भी व्यक्ति को डराने, अपमान करने या बदनाम करने के लिए कम्युनिकेशन के किसी भी माध्यम से अपमानजनक सामग्री का उत्पादन, प्रकाशन या प्रचार करने के लिए दोषी पाए जाने वाले लोगों को पाँच साल की कैद और 10,000 रुपए का जुर्माना देने का प्रस्ताव है।

Video: पूर्वी दिल्ली नगर निगम में पार्षदों के बीच चले जूते-चप्पल, भाजपा ने केजरीवाल सरकार पर लगाया सैलरी रोकने का आरोप

आम आदमी पार्टी (AAP) और भाजपा, दोनों दलों के पार्षद पूर्वी दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के सदन में सोमवार (दिसंबर 28, 2020) की सुबह धन के कथित दुरुपयोग को लेकर आपस में भिड़ पड़े। जुबानी भिड़ंत के साथ-साथ दोनों पार्टियों के नेताओं में जमकर भिड़ंत हुई और जूते-चप्पल भी चले।

सोमवार सुबह दिल्ली, ईस्ट एमसीडी कार्यालय के अंदर जमकर हंगामा हुआ। पूर्वी दिल्ली निगम में भाजपा के 47 नगरसेवक हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार नगर निगम के इस्तेमाल के लिए फंड जारी नहीं कर रही है।

भाजपा पार्षद दिल्ली सरकार पर निगम कर्मचारियों की सैलरी के लिए पैसा रिलीज नहीं करने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। इस बीच दोनों पार्टियों के पार्षद आमने-सामने आ गए और बात हाथापाई तक पहुँच गई।

वीडियो में दोनों दलों के सदस्य एक-दूसरे के साथ हाथापाई करते हुए दिखाई दे रहे हैं। भाजपा के आरोपों के जवाब में, AAP ने भाजपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उत्तरी नगर निगम में कथित तौर पर 2500 करोड़ रुपये घोटाले को लेकर AAP पार्षद हंगामा करने लगे। AAP पार्षदों ने माँग की कि महापौर इसकी जाँच CBI से कराएँ।

हंगामा इतना बढ़ गया कि एमसीडी कार्यालय में पार्षद एक-दूसरे पर जूते- चप्पल लहराने लगे। सदन में AAP पार्षद मोहिनी जीनवाल के हाथ में चप्पल और भाजपा पार्षद नीतू त्रिपाठी के हाथ में जूता देखा गया। महापौर ने नेता प्रतिपक्ष मनोज त्यागी और AAP पार्षद मोहिनी जीनवाल को सदन की कार्रवाई बाधित करने के आरोप में 15 दिन के लिए निलंबित कर दिया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हंगामे को लेकर आम आदमी पार्टी के तीन पार्षदों की ओर से दिल्ली के पटपड़गंज थाने में भाजपा पार्षद बिपिन बिहारी सिंह, संतोष पाल और कन्हैया लाल के खिलाफ शिकायत दी गई है। शिकायत में तीनों भाजपा पार्षदों पर मारपीट का प्रयास, धक्का मुक्की और गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज करने की माँग की गई।

इससे पहले, 18 दिसंबर को भी एमसीडी फंडों की कथित हेराफेरी को लेकर दिल्ली विधानसभा में इसी तरह का हंगामा देखने को मिला था। AAP विधायकों ने कथित 2,500 करोड़ रुपए के घोटाले में सीबीआई जाँच की मांग के लिए विधानसभा में नारेबाजी की और बैनर लगाए थे।