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कंगना रनौत के दफ्तर में तोड़फोड़ को शरद पवार ने बताया ‘गैरजरूरी’, कहा- मुंबई में और भी हैं अवैध निर्माण

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के बांद्रा स्थित ऑफिस पर बीएमसी (BMC) की कार्रवाई को शिवसेना की सहयोगी एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार ने गलत बताया है। शरद पवार ने कहा कि बीएमसी की कार्रवाई गैर जरूरी है, मुंबई में और भी अवैध निर्माण हैं। शरद पवार ने कहा कि बीएमसी की कार्रवाई ने अनावश्यक रूप से (कंगना को) बोलने का अवसर दे दिया है। मुंबई में कई अन्य अवैध निर्माण हैं। यह देखने की जरूरत है कि अधिकारियों ने यह निर्णय क्यों लिया।

एक्ट्रेस कंगना रनौत और शिवसेना सांसद संजय राउत के बीच शुरू हुआ विवाद लगातार गहराता जा रहा है। बीएमसी द्वारा मंगलवार (सितंबर 8, 2020) को उनके ऑफिस (मणिकर्णिका फिल्म्स) पर अवैध निर्माण का नोटिस लगाने के बाद बुधवार (सितंबर 9, 2020) को इसे तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की। हालाँकि इस पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है।

कंगना के बेबाक बयानों से शिवसेना बौखलाई हुई है। कंगना के मुंबई के कथित अपमान पर शिवसेना खासकर उसके सांसद संजय राउत इस कदर भड़के हुए हैं कि वे असंसदीय भाषा समेत अवैध तरीके से कंगना के खिलाफ कार्रवाई करने से भी गुरेज नहीं कर रही।

इसी बीच एक्ट्रेस कंगना रनौत मुंबई पहुँच गई हैं। एयरपोर्ट पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। उधर, उनके समर्थक में कई लोग सामने आए हैं। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के समर्थक एयरपोर्ट पर मौजूद हैं। इसके साथ ही शिवसेना के कई समर्थक हाथों में काले झंडे और बैनर लेकर पहुँचे हैं। ये लोग कंगना के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

उनकी सुरक्षा में मुंबई पुलिस के फील्ड मार्शल, सीआईएसएफ और मुंबई पुलिस के 24 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं। आरपीआई के कार्यकर्ता एयरपोर्ट पर उनके समर्थन में लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। कंगना के साथ उनकी बहन भी हैं।

इससे पहले कंगना रनौत ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार और उसके गुंडे अवैध रूप से उनकी संपत्ति को ध्वस्त करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये सब जारी रखो, इससे उनके आत्मबल में और वृद्धि ही होती जाएगी। कंगना ने भावुक होकर ट्विटर पर लिखा कि ‘मणिकर्णिका फिल्म्स’ में पहली फ़िल्म ‘अपराजित अयोध्या’ की घोषणा हुई थी। कंगना रनौत ने कहा कि यह उनके लिए एक इमारत नहीं बल्कि राम मंदिर ही है, आज वहाँ बाबर आया है, आज इतिहास फिर खुद को दोहराएगा।

गौरतलब है कि संजय राउत और शिवसेना की धमकी को नजरअंदाज कर कंगना ने पहले ही कह दिया था कि वह 9 सितंबर को मुंबई पहुँच रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने चुनौती देते हुए कहा था कि जिसमें दम है, वह उन्हें रोक कर दिखाए।

महाराष्ट्र में जारी चकल्लस पर कॉन्ग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने किया अपनी ही पार्टी पर तंज, कॉन्ग्रेसी ट्रोल्स ने दी दूसरा सचिन पायलट ना बनने की सलाह

चीन के साथ सीमा पर जारी गतिरोध पर कॉन्ग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाने के बाद कॉन्ग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा कंगना रनौत के खिलाफ चलाए जा रहे द्वेषपूर्ण अभियान पर भी बेहद अस्पष्ट ढंग से अपनी ही पार्टी के पक्ष पर कटाक्ष किया है।

बुधवार (सितम्बर 09, 2020) को कॉन्ग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक तंज भरा ट्वीट किया। मिलिंद देवड़ा ने बिना किसी का नाम लेते हुए लिखा, “बताइए, एक तर्कहीन सांस्कृतिक जंग छेड़ने के लिए महामारी से बेहतर समय नहीं हो सकता?”

दरअसल, मिलिंद देवड़ा का इशारा महाराष्ट्र सरकार द्वारा सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जाँच से लेकर बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को लेकर छेड़ी गई लड़ाई की ओर है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में इस समय एनसीपी, शिवसेना और कॉन्ग्रेस की सरकार है। और महाराष्ट्र के नेता इस समय अपनी मराठा छवि, क्षेत्रीय गौरव और जय मराठा जैसे राग अलाप रहे हैं। वहीं, कॉन्ग्रेस में राहुल गाँधी के समकक्ष युवा नेता मिलिंद देवड़ा ने अपनी ही पार्टी के पक्ष पर चोट करते हुए ट्वीट किया है।

मिलीं देवड़ा के इस ट्वीट पर उनके समर्थक कई प्रकार की प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। उनके इस ट्वीट को देखते हुए कॉन्ग्रेसी ट्रोल भी उन पर कूद पड़े। किसी ने उनसे पूछ दिया कि हाल-फिलहाल उन्होंने राहुल गाँधी के कितने ट्वीट या वीडियो को शेयर किया है तो कोई उन्हें दूसरा सचिन पायलट बताने पर लगा हुआ है।

यही नहीं, कुछ कॉन्ग्रेस समर्थकों ने देवड़ा पर आरोप लगाया है कि इसी तरह से कॉन्ग्रेसी नेताओं के नैतिकता में आगे रहने की ललक ने कॉन्ग्रेस को डुबोया है।

उल्लेखनीय है कि गत जून के माह ही चीन के साथ सीमा संघर्ष के बीच भी कॉन्ग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने अपनी ही पार्टी को घेरते हुए ट्विटर पर लिखा था कि एकजुट होने के वक्त हो रही राजनीतिक कीचड़बाजी से हम दुनिया में तमाशा बन गए हैं। देवड़ा ने कहा कि चीन के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है।

देवड़ा ने ट्विटर पर लिखा था, “यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब चीन के अतिक्रमण के खिलाफ राष्ट्र की एक आवाज होनी चाहिए, तब उसकी जगह राजनीतिक कीचड़बाजी हो रही है। हम दुनिया में तमाशा बन गए हैं। चीन के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है।”

देवड़ा ने यह बयान तब दिया था जब कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी चीन के खिलाफ भारत सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे थे। वहीं, अब वर्तमान में महाराष्ट्र सरकार द्वारा कंगना रनौत के खिलाफ छेड़ी गई जंग में द्वेषपूर्ण तरीके अपनाने पर भी कॉन्ग्रेस महाराष्ट्र सरकार के साथ खड़ी नजर आ रही है। कम से कम कॉन्ग्रेस की अब तक इस मामले पर चुप्पी तो यही साबित करती है कि वह इस पूरे प्रकरण में शिवसेना को रोकने के मूड में नहीं है।

‘एक धक्का और दो इस घर को तोड़ दो’: प्रियंका गाँधी के ‘अवैध’ बंगले को तोड़ने की उठी माँग, गुस्साए लोगों ने कहा- कानून एक जैसा हो!

मुंबई में अभिनेत्री कंगना रनौत के कार्यालय पर बीएमसी की कार्रवाई के बाद हर जगह महाराष्ट्र सरकार की आलोचना हो रही है। कॉन्ग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के गठबंधन वाली महाविकास अघाड़ी सरकार पर द्वेषपूर्ण राजनीति करने के आरोप लग रहे हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर भी कंगना के समर्थकों ने एक नई माँग उठा दी है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की सरकार से गुहार लगाई है कि शिमला में प्रियंका गाँधी की अवैध संपत्ति को फौरन ध्वस्त कर दिया जाए, या उस पर कार्रवाई हो।

कंगना के मुंबई स्थित ऑफिस पर बीएमसी की कार्रवाई के बाद ट्विटर पर #DemolishPriyankaHimachalHome ट्रेंड हो रहा है। खबर लिखने तक इस हैशटैग के अंतर्गत 15 हजार से ज्यादा ट्वीट हो चुके थे। इन ट्विट्स में यूजर्स प्रियंका गाँधी की उस प्रॉपर्टी को गिराने की माँग हिमाचल सरकार से उठा रहे हैं, जिसके लिए 3 साल पहले भी हाईकोर्ट ने उन्हें नोटिस भेजा था।

जानकारी के मुताबिक, कोर्ट ने यह नोटिस प्रियंका गाँधी को आशी भट्टाचार्या की याचिका पर जारी किया था। इस याचिका में आरटीआई कार्यकर्ता ने प्रियंका की जमीन का विवरण और हिमाचल प्रदेश किराएदारी और भूमि सुधार अधिनियम के तहत राज्य सरकार से मिलने वाली अनुमति की जानकारी माँगी थी।

लोगों का कहना है कि एक गैर हिमाचली, प्रदेश में घर नहीं खरीद सकता है, इसलिए यह घर अवैध है। इसे जल्द से हटाया जाए या फिर हर भारतीय को अधिकार दे दिया जाए कि वह हिमाचल में संपत्ति खरीद सकते हैं।

एक यूजर लिखते हैं, “शिवसेना और कॉन्ग्रेस की तरह भाजपा राजनीतिक प्रतिशोध के लिए नहीं जानी जाती है। इसलिए यही बढ़िया है कि प्रियंका गाँधी के घर को छोड़ दिया जाए। क्योंकि हमें कॉन्ग्रेस का साल 2024 में पूरा सफाया चाहिए। ऐसे में गाँधी परिवार को आराम करने के लिए घर की जरूरत पड़ेगी।”

कंगना की संपत्ति पर इस तरह का हमला देखने के बाद लोगों का कहना है कि कानून सबके लिए एक जैसा होना चाहिए। अगर कंगना की संपत्ति को अवैध कहकर तोड़ा गया तो अवैध संपत्ति तो तोड़ी ही जा सकती है। कुछ लोग इस हैशटैग पर प्रियंका के बंगले की तस्वीर शेयर करके लिख हिमाचल सरकार को टैग करके लिख रहे हैं, “एक धक्का और दो, इस घर को तोड़ दो।”

गौरतलब है कि प्रियंका गाँधी के पास शिमला के छराबड़ा में एक घर है। यह घर शिमला के वीवीआईपी इलाके में बनाया गया है। हिमाचल प्रदेश किराएदारी और भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 का हवाला देकर इस संपत्ति पर अक्सर सवाल उठते रहते हैं। इस धारा के अंतर्गत प्रावधान है कोई भी बाहरी प्रदेश में हिमाचल प्रदेश में जमीन नहीं ले सकता है।

यदि कोई इच्छुक भी हो, तो उसे भूअधिनियम की धारा 118 के तहत अनुमति लेनी होती है। इसकी परमिशन राज्य सरकार कैबिनेट में देती है। हालाँकि, कहा जाता है कि प्रियंका ने इस प्रक्रिया का पालन किया है। पर, फिर भी कार्यकर्ताओं और याचिकाकर्ताओं की माँग ये है कि इस जमीन से जुड़े दस्तावेज ऑन रिकॉर्ड लेकर आए जाएँ।

बता दें कि #DemolishPriyankaHimachalHome के अलावा इस समय कुछ लोग अवैध रूप से बनाए गए मस्जिद-मजार तोड़ने की माँग भी उठाने लगे हैं जिन्हें हाईवे और सड़क के बीच में खड़ा करके देश की प्रगति को रोका गया। लोगों का कहना है कि कानून तो सबके लिए समान होना चाहिए।

लोगों की माँग है कि महाराष्ट्र सरकार की करनी का जवाब हिमाचल सरकार ऐसे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करके दे। वहीं कुछ लोग हैं जो कंगना रनौत के मामले में पीएमओ से दखल करने की अपील कर रहे हैं। साथ ही इस पूरे फैसले को कंगना रनौत और महाराष्ट्र सरकार के बीच चल रही तनातनी बता रहे हैं। इसके अलावा कुछ लोग मीम्स शेयर करके ये बताना चाह रहे हैं कि अवैध प्रॉपर्टी पर बीएमसी की कार्रवाई सुन कर कॉन्ग्रेस अपनी कई संपत्तियों को लेकर सोच में हैं।

कंगना रनौत पहुँचीं मुंबई: एयरपोर्ट पर शिवसेना और करणी सेना आमने-सामने, मिल रहा है तगड़ा समर्थन

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत मुंबई पहुँच चुकी हैं। Y-कैटेगरी सुरक्षा प्राप्त कंगना रनौत के मुंबई पहुँचते ही उनके पक्ष में जबरदस्त नारेबाजी हुई। मुंबई एयरपोर्ट पर पहले से ही करणी सेना के लोग डटे हुए थे, जिनका कहना है कि वो कंगना के काफिले के साथ ही रहेंगे क्योंकि उन्हें महाराष्ट्र की सरकार पर भरोसा नहीं है। कंगना रनौत के घर के बाहर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और एयरपोर्ट पर भी भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।

उधर कंगना रनौत के वकील रिजवान सिद्दीकी ने कहा है कि बीएमसी द्वारा दिया गया नोटिस अवैध है और उनलोगों ने अवैध रूप से परिसर में घुस कर संपत्ति को नुकसान पहुँचाया। हालाँकि, बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस कार्रवाई को रोक दी है लेकिन फिर भी उद्धव ठाकरे की सरकार ने अपनी हनक दिखाने के लिए ये कार्रवाई की, ऐसा लोगों का कहना है। मुंबई एयरपोर्ट पर कंगना रनौत के विरोध के लिए भारी संख्या में शिवसैनिक भी पहुँचे हुए हैं।

इससे पहले कंगना रनौत ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार और उसके गुंडे अवैध रूप से उनकी संपत्ति को ध्वस्त करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये सब जारी रखो, इससे उनके आत्मबल में और वृद्धि ही होती जाएगी। कंगना ने भावुक होकर ट्विटर पर लिखा कि ‘मणिकर्णिका फिल्म्स’ में पहली फ़िल्म ‘अपराजित अयोध्या’ की घोषणा हुई थी। कंगना रनौत ने कहा कि यह उनके लिए एक इमारत नहीं बल्कि राम मंदिर ही है, आज वहाँ बाबर आया है, आज इतिहास फिर खुद को दोहराएगा।

कंगना रनौत ने आगे कहा कि राम मंदिर फिर टूटेगा मगर बाबर को ये याद रखना चाहिए कि यह मंदिर फिर बनेगा। साथ ही उन्होंने बीएमसी और मुंबई पुलिस की वो तस्वीरें भी शेयर की, जो उनके दफ्तर के हिस्सों को तोड़ने की प्रक्रिया में लगी हुई थी।

मुंबई पहुँची कंगना, ऑफिस पर अब नहीं चलेगी BMC की JCB: बॉम्बे हाईकोर्ट ने लगाई रोक

बॉम्बे हाई कोर्ट ने कंगना रनौत की संपत्ति पर BMC (बृहन्मुंबई नगर निगम) की तोड़फोड़ पर रोक लगाई है। इस मामले पर कल दोपहर तीन बजे फिर से सुनवाई होगी। बुधवार (सितम्बर 09, 2020) को बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के मुंबई पहुँचने से पहले ही BMC ने उनके मुंबई स्थित ‘मणिकर्णिका फिल्म्ज’ ऑफिस में कथित अवैध निर्माण में तोड़फोड़ शुरू कर डाली। कंगना के वकील ने कहा है कि BMC इस इमारत को उनके जवाब को अस्वीकर करने से पहले ही तोड़ने के लिए तैयार थी।

BMC (बृहन्मुंबई नगर निगम) की इस कार्रवाई के खिलाफ कंगना ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने BMC (बृहन्मुंबई नगर निगम) की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। BMC की टीम बुधवार सुबह ही बुलडोजर और JCB मशीनें लेकर बाँद्रा के पाली हिल बंगले पर पहुँची और कंगना रनौत के ऑफिस को गिराने लगी। इस पर कंगना ने एक ट्वीट में कहा कि मैंने कभी गलत नहीं किया और मेरे दुश्मन बार-बार यह साबित कर रहे हैं कि मुंबई अब पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) क्यों है।

कंगना रनौत मुंबई स्थित छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुँच चुकी हैं, जहाँ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए एयरपोर्ट के बाहर भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।

BMC द्वारा कंगना रनौत का दफ्तर तोड़े जाने को लेकर कंगना ने ट्वीट कर कहा, “मणिकर्णिका फिल्म्स में पहली फिल्म अयोध्या की घोषणा हुई, यह मेरे लिए एक इमारत नहीं राम मंदिर ही है। आज वहाँ बाबर आया है, आज इतिहास फिर खुद को दोहराएगा राम मंदिर फिर टूटेगा मगर याद रख बाबर यह मंदिर फिर बनेगा यह मंदिर फिर बनेगा, जय श्री राम, जय श्री राम , जय श्री राम।”

राजदीप सरदेसाई ने पूछा, कानून रिया चक्रवर्ती के अधिकार की रक्षा कब करेगा?

वहीं इंडिया टुडे के प्रोपेगेंडा पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा कंगना के ऑफिस में की जा रही तोड़फोड़ पर रोक लगाए जाने की सूचना देते हुए कहा है कि कानून राज्य के विरुद्ध नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा करता है, क्या ऐसा ही रिया चक्रवर्ती के मामले में भी होगा?

गौरतलब है कि राजदीप सरदेसाई शुरू से ही बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत में आरोपित रिया चक्रवर्ती का बचाव करते हुए उनके मीडिया मैनेजर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। कुछ ही दिन पहले राजदीप सरदेसाई ने अपने चैनल पर रिया चक्रवर्ती का इंटरव्यू कर उन्हें ‘क्लीन चिट’ देने का भी प्रयास किया था।

असम: 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ रिकी अहमद ने किया 20 से भी ज्यादा बार बलात्कार, गिरफ्तार

असम के डिब्रूगढ़ जिले में रिकी अहमद नाम के युवक द्वारा 15 साल की नाबालिग लड़की के साथ कई बार बलात्कार करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपित रिकी अहमद को नालीपुल के कावेरी पैटी क्षेत्र से मंगलवार (9 सितंबर, 2020) को गिरफ्तार कर लिया है। परिजनों ने बताया पीड़िता के साथ 20 बार से ज्यादा दुष्कर्म किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, डिब्रूगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पद्मनाव बरुआ ने कहा, “पीड़िता के परिवार के सदस्यों द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी के आधार पर, हमने नालिपुल के कावेरी पैटी क्षेत्र से एक व्यक्ति ( रिकी अहमद उर्फ बिक्की) को गिरफ्तार किया है।”

पद्मनाव बरुआ ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि एफआईआर के मुताबिक, रिकी अहमद द्वारा 20 से भी अधिक बार नाबालिग के साथ बलात्कार किया गया था। वहीं इस मामले की जानकारी पीड़िता के परिजनों को भी नहीं थी।

बरुआ ने कहा, “आरोपित के खिलाफ डिब्रूगढ़ पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 448/376 डी (ए) / 506, यौन अपराध अधिनियम से बच्चों की सुरक्षा की धारा 4 के तहत (1513/20) मामला दर्ज किया है।”

पुलिस अधिकारी ने बताया, इस अपराध में आरोपित ने अपनी भूमिका से इनकार कर दिया है। लेकिन हमारे पास आरोपित के खिलाफ कई सबूत मौजूद हैं। जिसको मद्देनजर रखते हुए रिकी अहमद को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

अतिरिक्त एसपी ने कहा, “एक सप्ताह के भीतर, हम चार्जशीट पेश करेंगे और फास्ट-ट्रैक कोर्ट में इस मामले की सुनवाई की दरख्वास्त करेंगे।” गौरतलब है कि कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन के दौरान असम में आपराधिक मामलों में काफी बढ़त हुई है।

थाली बजा कर मोदी सरकार का विरोध कर रहे हैं छात्र? कॉन्ग्रेस पार्टी द्वारा शेयर की गई तस्वीर का FACT-CHECK

कॉन्ग्रेस पार्टी एक बार फिर से मोदी सरकार पर निशाना साधने के चक्कर में झूठ फैलाती हुई नज़र आई। ‘यूथ कॉन्ग्रेस’ ने सोशल मीडिया पर पुरानी तस्वीर वायरल करके इसे ताजा विरोध प्रदर्शन का बताया। वायरल की गई तस्वीर में दिख रहा है कि कई युवा हाथों में थाली लेकर खड़े हैं। ‘यूथ कॉन्ग्रेस’ ने दावा किया कि ये तस्वीर उन छात्रों की है, जो रेलवे भर्ती परीक्षा के लिए मोदी सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।

‘यूथ कॉन्ग्रेस’ ने ही शनिवार (सितम्बर 5, 2020) को सबसे पहले इस तस्वीर को शेयर किया, जिसके बाद इसे कई लोगों ने सोशल मीडिया और वायरल किया। बता दें कि विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने उस दिन छात्रों से आह्वान किया था कि वो रेलवे-एसएससी की परीक्षाएँ आयोजित कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाने हेतु थाली बजाएँ। इसी क्रम में कई लोगों ने इससे जुड़ी तस्वीरें शेयर कर के सरकार का विरोध किया।

लेकिन, कॉन्ग्रेस ने जो तस्वीर शेयर की, वो पुरानी है। सर्च इंजन गूगल पर जब इसका रिवर्स इमेज सर्च किया गया तो पता चला कि ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की वेबसाइट पर इस तस्वीर को मार्च 23, 2020 को डाला गया था। इस खबर में बताया गया था कि किस तरह से टीवी सेलेब्स ने ‘जनता कर्फ्यू’ के दौरान उनलोगों का विरोध किया, जो थाली बजाते-बजाते सड़कों पर निकल आए थे। साथ ही ये तस्वीर भी डाली गई थी।

मार्च 2020 की तस्वीर को कॉन्ग्रेस ने अभी भुनाया

उस दिन कई लोगों ने उत्साह में सड़क पर निकल कर जुलूस निकाला था, ये तस्वीर उन्हीं में से किसी एक की थी। इसीलिए, इस वायरल तस्वीर का छात्रों के विरोध प्रदर्शन से कुछ लेना-देना नहीं है बल्कि ये तो सरकार को मिलने वाले समर्थन को दिखाता है। ‘जनता कर्फ्यू’ की तस्वीर को कॉन्ग्रेस पार्टी ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन का बता कर शेयर कर दिया। इससे पहले भी कई बार कॉन्ग्रेस इस तरह की हरकत कर चुकी है।

ज्ञात हो कि भारतीय रेलवे (Indian Railways) जल्द ही कई पदों पर भर्तियाँ करेगा। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार (सितंबर 5, 2020) को ट्वीट करते हुए बताया कि रेलवे में 1 लाख 40 हजार, 640 पद खाली पड़े हैं, जिस पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। रेलवे में विभिन्न पदों की सभी 3 श्रेणियों के लिए भर्ती प्रक्रिया के आवेदनों की जाँच पूर्ण की जा चुकी है, विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाओं का आयोजन 15 दिसंबर से शुरु किया जाएगा।

कंगना रनौत ने ‘बाबर’ और ‘बाबर की सेना’ को ललकारा, कहा – ‘आज टूटा है लेकिन मेरा राम मंदिर फिर बनेगा’

मुंबई में कंगना रनौत के दफ्तर के कुछ भाग को अवैध निर्माण बता कर ध्वस्त किया गया। कंगना रनौत ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ये ऐसा ही है, जैसे बाबर राम मंदिर को ध्वस्त करने आया हो। कंगना रनौत ने कहा कि ये मुंबई में उनका घर है।

कंगना मानती हैं कि महाराष्ट्र ने उन्हें सब कुछ दिया है, मगर उन्होंने भी महाराष्ट्र को अपनी भक्ति और प्रेम से एक ऐसी बेटी की भेंट दी है, जो शिवाजी महाराज की जन्मभूमि में स्त्री सम्मान और अस्मिता के लिए अपना ख़ून भी दे सकती है।

कंगना रनौत ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार और उसके गुंडे अवैध रूप से उनकी संपत्ति को ध्वस्त करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये सब जारी रखो, इससे उनके आत्मबल में और वृद्धि ही होती जाएगी। कंगना ने भावुक होकर ट्विटर पर लिखा कि ‘मणिकर्णिका फिल्म्स’ में पहली फ़िल्म ‘अपराजित अयोध्या’ की घोषणा हुई थी। कंगना रनौत ने कहा कि यह उनके लिए एक इमारत नहीं बल्कि राम मंदिर ही है, आज वहाँ बाबर आया है, आज इतिहास फिर खुद को दोहराएगा।

कंगना रनौत ने आगे कहा कि राम मंदिर फिर टूटेगा मगर बाबर को ये याद रखना चाहिए कि यह मंदिर फिर बनेगा। साथ ही उन्होंने बीएमसी और मुंबई पुलिस की वो तस्वीरें भी शेयर की, जो उनके दफ्तर के हिस्सों को तोड़ने की प्रक्रिया में लगी हुई थी। कंगना ने उन्हें ‘बाबर की सेना’ करार दिया। उन्होंने कहा कि ये लोकतंत्र की हत्या है। कंगना कहा कि उनके दुश्मन लगातार साबित कर रहे हैं कि वो गलत नहीं हैं, इसीलिए उनकी मुंबई आज POK बन गई है।

कंगना रनौत ने इस दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि कोरोना वायरस आपदा के कारण 30 सितम्बर तक किसी भी प्रकार के निर्माण को ध्वस्त न किया जाए। कंगना रनौत ने दोहराया कि उनकी संपत्ति में कहीं से भी कोई अवैध निर्माण नहीं है। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड को अब देखना चाहिए कि फासिज्म दिखता कैसा है। कंगना को सोशल मीडिया पर खूब समर्थन मिल रहा है।

एक अन्य तस्वीर शेयर कर के कंगना ने कैप्शन में ‘पाकिस्तान’ लिखा। बता दें कि सुशांत सिंह मामले के बाद से चर्चा में आईं बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और महाराष्ट्र सरकार के बीच विवाद अब बढ़ता ही जा रहा है। बीते दिनों उन्होंनें मुंबई पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए जिसके बाद शिवसेना नेता उन पर हमलवार हो गए। संजय राउत ने न उन्हें मुंबई वापस लौटने की धमकी दी। वहीं उन पर बात करते हुए उन्हें ‘हरामखोर’ तक कह डाला।

स्वामी ने रखा BJP के सामने ‘पाँच ग्राम प्रस्ताव’: IT सेल से हटाए जाएँ अमित मालवीय, वरना करेंगे खुद अपना बचाव

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने आज (सितंबर 9, 2020) भाजपा को चेतावनी दी है कि वह पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय के ख़िलाफ़ एक्शन लें। इससे पहले उन्होंने मालवीय पर आरोप लगाया था कि मालवीय उनके खिलाफ़ अभियान चला रहे हैं।

ट्विटर पर भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को आखिरी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर अमित मालवीय को भाजपा आईटी सेल से नहीं हटाया जाता है तो उन्हें खुद का बचाव करना पड़ेगा।

उन्होंने लिखा, “अगर कल तक अमित मालवीय को भाजपा आईटी सेल से नहीं हटाया गया, तो इसका मतलब पार्टी मुझे डिफेंड नहीं करना चाहती है। अगर पार्टी में ऐसा कोई फोरम नहीं है जहाँ मैं अपनी राय रख सकूँ तो मुझे ही खुद को डिफेंड करना होगा।“

भाजपा नेता स्वामी ने महाभारत के ‘शांति प्रस्ताव’ वाली घटना का हवाला देते हुए कहा कि उनका प्रस्ताव भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के लिए ‘पाँच ग्राम के समझौता’ प्रस्ताव के अलावा कुछ नहीं था क्योंकि उन्होंने सिर्फ़ मालवीय को बर्खास्त करने की माँग की।

इससे पहले सुब्रमण्यम स्वामी ने सोमवार को मालवीय पर फर्जी ट्विट्स का इस्तेमाल करके उनके ख़िलाफ़ अभियान चलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने लिखा, “भाजपा आईटी सेल दुष्ट हो गया है। इसके कुछ सदस्य मुझ पर निजी हमले करने के लिए फर्जी आईडी से ट्वीट कर रहे हैं। यदि मेरे नाराज फॉलोवर्स काउंटर हमले करते हैं तो मुझे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है जैसे कि भाजपा को पार्टी के दुष्ट आईटी सेल के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।”

बता दें, भाजपा नेता का है यह बयान उस समय आया जब सोशल मीडिया पर उनकी कुछ वीडियोज वायरल होना शुरू हुईं। इन वीडियोज में वह राम मंदिर न बनने के कारण नरेंद्र मोदी सरकार के ख़िलाफ़ बोल रहे थे। इनमें से कुछ वीडियोज और मीम्स में स्वामी को ‘चीनी एजेंट’ भी कहा गया।

प्यार में फँसा कर पति से तलाक, निकाह के नाम पर सेक्स: जिस उम्मेर ने किया यह सब, उसके छोटे भाई ने भी किया रेप

दिल्ली में अपने पति और तीन बच्चों के साथ गुजर-बसर कर रही महिला का उम्मेर ने पहले तलाक करवाया और फिर उसे अपने गाँव ले गया। वहाँ उसने उसके पैसे और जेवरात हड़पे। वहीं, उसके छोटे भाई ने महिला के साथ जबरन संबंध बनाया। जब महिला ने इन सबकी शिकायत करनी चाही तो उसे जान से मारने का प्रयास हुआ। अब पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश की सीतापुर निवासी महिला की शादी 15 साल पहले अपने जनपद के ही गाँव के एक युवक से हुई थी। दोनों को 3 बच्चे पैदा हुए। इस दौरान महिला अपने पति के साथ दिल्ली में रह रही थी। तभी पड़ोस में किराए के कमरे में रहने वाला उम्मेर चौधरी उसके संपर्क में आया।

उम्मेर गंगवार का निवासी था। उसने महिला को अपने जाल में फँसाकर उससे संबंध बनाए। फिर उसे शादी का झाँसा देकर उसका उसके पति से तलाक करवा दिया और बाद में उसे अपने साथ गंगवार ले आया। गंगवार में दोनों का एक बेटा भी पैदा हुआ।

मगर, अब महिला का कहना है कि उम्मेर ने उससे 2 लाख रुपए व 6 तोले सोने के जेवर भी हड़प लिए। वहीं पिछली 3 अप्रैल को उम्मेर के छोटे भाई जीशान ने जबरन महिला से संबंध बनाए।

पीड़िता कहती है कि जब उसने विरोध किया तो उसे धमकी दी गई कि अगर किसी को बताया तो खैर नहीं होगी। महिला ने शिकायत करने की बात कही तो आरोप के मुताबिक उसे मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जलाने का प्रयास किया गया व उससे मारपीट भी हुई।

इस मामले के संबंध में पुलिस अधिकारी नीरज कुमार का कहना कि महिला की शिकायत के आधार पर उम्मेर चौधरी व जीशान, दानिश, शहाबुद्दीन, इकरा और गयासुद्दीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। उम्मेर व जीशान पर दुष्कर्म जबकि बाकी पर मारपीट करने संबंधी धाराओं में मुकदमा हुआ है। फिलहाल आरोपित फरार हैं।