Homeरिपोर्टमीडियाAltNews के मोहम्मद जुबैर के खिलाफ FIR, बच्ची की ऑनलाइन प्रताड़ना का है मामला

AltNews के मोहम्मद जुबैर के खिलाफ FIR, बच्ची की ऑनलाइन प्रताड़ना का है मामला

इस मामले में ट्विटर को भी नोटिस भेजा गया था। ट्विटर के निवेदन के बाद NCPCR ने उसे मोहम्मद जुबैर के ट्वीट के सम्बन्ध में और अधिक जानकारी देने के लिए 10 दिनों का अतिरिक्त समय दिया है।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने जानकारी दी है कि ‘ऑल्टन्यूज़’ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। NCPCR के अध्यक्ष ने ट्विटर पर इसकी सूचना देते हुए बताया कि आयोग की ‘एक्शन टेकेन रिपोर्ट’ के अनुसार, नाबालिग लड़की की ऑनलाइन प्रताड़ना के आरोप में मोहम्मद जुबैर के खिलाफ पॉस्को एक्ट के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।

इस मामले में ट्विटर को भी नोटिस भेजा गया था। ट्विटर के निवेदन के बाद NCPCR ने उसे मोहम्मद जुबैर के ट्वीट के सम्बन्ध में और अधिक जानकारी देने के लिए 10 दिनों का अतिरिक्त समय दिया है। जुबैर के ट्वीट के बाद उसे फॉलो करने वाले ट्विटर एकाउंट्स @de_real_mak और @syedsarwar ने भी बच्ची के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया था, इसीलिए एफआईआर में उनका नाम भी शामिल है।

इससे पहले प्रोपेगेंडा वेबसाइट ‘ऑल्टन्यूज़’ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर द्वारा छोटी बच्ची की तस्वीर सार्वजनिक करने, धमकियाँ देने और टॉर्चर करने के आरोप में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने ट्विटर को नोटिस भेजा था। आयोग ने कहा था कि वह इस मामले में स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है और इसके लिए ट्विटर के सीनियर मैनेजर्स को 4 सितम्बर को उपस्थित होना होगा। अब उन्हें 10 दिन का फिर से समय दिया गया है।

ज़ुबैर के साथ दो अन्य ट्विटर यूजर्स के खिलाफ भी मामला दर्ज

फैक्ट चेकिंग के नाम पर लोगों की निजी और गोपनीय जानकारियाँ सार्वजानिक करने के लिए कुख्यात समूह ऑल्टन्यूज़ के संस्थापकों में से एक मोहम्मद जुबैर ने शुक्रवार (अगस्त 07, 2020) को एक ट्विटर यूजर को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करने के लिए नाबालिग बच्ची की तस्वीर सार्वजानिक कर दी थी। बताया गया था कि यह बच्ची उस यूजर की पोती थी और उसे जुबैर के ट्वीट के बाद रेप की धमकियाँ मिली थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -