Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाऊँचाई वाले 39 स्थलों पर ITBP के जवानों ने डाला डेरा, LAC पार भी...

ऊँचाई वाले 39 स्थलों पर ITBP के जवानों ने डाला डेरा, LAC पार भी चीन की गतिविधियों पर रहेगी नजर

सब-सेक्टर नॉर्थ से लेकर सब-सेक्टर साउथ तक 5000 ITBP के जवानों को लद्दाख और चीन सीमा से सटे उससे जुड़े इलाकों में तैनात किया गया है। बता दें कि हाल ही में जब चीन ने सीमा पर मौजूदा स्थिति को बिगाड़ने का प्रयास किया था तो उसे नाकाम करने में ITBP के जवान भी शामिल थे।

भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच ‘लाइन ऑफ एक्चुअल कण्ट्रोल’ (LAC) पर जवानों की तैनाती बढ़ा दी गई है। भारतीय सेना के जवानों के अलावा इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP) के जवानों को भी मोर्चे पर लगाया गया है। कई ऐसी रणनीतिक ऊँचाई वाली जगहों पर ITBP के जवानों ने डेरा जमा लिया है, जहाँ से चीन के सैनिकों की गतिविधियों पर सीधे नजर रखी जा सकती है। इससे LAC के पार भी नजर रखी जा सकती है।

सब-सेक्टर नॉर्थ से लेकर सब-सेक्टर साउथ तक 5000 ITBP के जवानों को लद्दाख और चीन सीमा से सटे उससे जुड़े इलाकों में तैनात किया गया है। बता दें कि हाल ही में जब चीन ने सीमा पर मौजूदा स्थिति को बिगाड़ने का प्रयास किया था तो उसे नाकाम करने में ITBP के जवान भी शामिल थे। पांगोंग त्सो के दक्षिण में ऊँचाई वाली जगहों पर भारतीय सेना मौजूद है, जिससे चीन के हर इरादे को नाकाम किया जा सकता है।

वहीं ITBP के 30 जवानों ने पूर्वी लद्दाख में ब्लैक टॉप एरिया में डेरा जमाया है, जहाँ से चीन की गतिविधि पर सीधे नज़र रखी जा सकती है। इस जगह का अपना ही रणनीतिक महत्व है। फुरचुक ला पास से गुजरते हुए ITBP के जवानों ने उन रणनीतिक स्थलों पर डेरा जमाया है, जहाँ पहले सशस्त्र बलों की कोई उपस्थिति नहीं थी। फिंगर 2 और फिंगर 3 के पास पांगोंग के उत्तर में धन सिंह पोस्ट सहित कई जगहों पर ITBP के लोग मौजूद हैं।

ये सभी स्थल इतनी ऊँचाई पर है, जहाँ से LAC पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी द्वारा की जाने वाली गड़बड़ियों को तुरंत भाँपते हुए त्वरित कार्रवाई की जा सकती है। पूर्वी लद्दाख के पांगोंग त्सो क्षेत्र में ITBP के जवाब चीन को अपनी ताकत दिखा चुके हैं। सुरक्षा एजेंसी के मुखिया एसएस देसवाल 6 दिनों के लिए LAC के दौरे पर थे, जहाँ उन्होंने जवानों की तैयारी का जायजा लिया। उन्होंने दौलतबेग से लेकर दक्षिणी लद्दाख तक दौरा किया।

फ़िलहाल LAC पर 39 ऐसी जगहें हैं, जहाँ ITBP के जवानों ने रणनीतिक रूप से अपने अधिकार में ले रखा है। बता दें कि विस्तारवादी चीन की चाल इस बार असफल रही है। भारतीय सेना के मुताबिक, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी पीएलए के करीब 500 सैनिकों ने 29-30 अगस्त की रात काला टॉप और हेमलेट टॉप इलाकों पर यथास्थिति बदलने की कोशिश की, लेकिन सतर्क भारतीय सैनिकों ने ऐसा नहीं होने दिया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

₹15 लाख करोड़ के संदिग्ध रेवेन्यू से SEBI की कार्रवाई तक: जानिए कौन हैं राजेश मेहता और क्यों घिरी उनकी कंपनी Rajesh Exports

सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक राजेश मेहता के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

पंजाब के ‘शिक्षा सुधारों’ का श्रेय लेने पर कॉन्ग्रेस और AAP में जंग, पढ़े- जब दिल्ली में केजरीवाल पर शीला दीक्षित के काम को...

पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में नंबर-1 बनने के दावे पर विवाद। जानिए AAP और कॉन्ग्रेस के दावों के बीच पूरा रियलिटी चेक और शिक्षा सुधार की टाइमलाइन।
- विज्ञापन -