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JEE-NEET: 150 से अधिक यूनिवर्सिटी के VC ने PM मोदी को लिखा समर्थन में पत्र, कहा- छात्रों को एक वर्ष गँवाना नहीं पड़ेगा

भारत और विदेशों के विभिन्न विश्वविद्यालयों के 150 से अधिक शिक्षाविदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE (मुख्य) और NEET में यदि और देरी हुई तो छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा।

बुधवार (अगस्त 26, 2020) को लिखे गए इस पत्र में कहा गया है, ”युवा और छात्र राष्ट्र का भविष्य हैं लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण, उनके करियर पर अनिश्चितताओं के बादल छा गए हैं। प्रवेश और कक्षाओं के बारे में बहुत सारी आशंकाएँ हैं, जिन्हें जल्द से जल्द हल करने की आवश्यकता है।” पत्र में कहा गया है कि हर साल की तरह इस साल भी लाखों छात्रों ने अपनी कक्षा 12 की परीक्षाएँ दी हैं और अब प्रवेश परीक्षाओं का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।

इसके साथ ही, पत्र में यह भी लिखा गया है, “सरकार ने जेईई-मेन्स के लिए तारीखों की घोषणा की है और परीक्षा आयोजित करने में किसी भी तरह की देरी के कारण छात्रों के लिए कीमती वर्ष की बर्बादी होगी। हमारे युवाओं और छात्रों के सपनों और भविष्य से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता है। हालाँकि, कुछ हमारे छात्रों के भविष्य के साथ खेलने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वे अपने स्वयं के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ा सकें और सरकार का विरोध कर सकें।”

कई विश्वविद्यालयों के वीसी ने लिखा पत्र

इस पत्र में हस्ताक्षरकर्ताओं में दिल्ली विश्वविद्यालय से श्री प्रकाश सिंह, इग्नू के प्रोफेसर सीबी शर्मा, लखनऊ विश्वविद्यालय, जेएनयू, बीएचयू, महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी, बिहार के वीसी प्रोफेसर संजीव शर्मा, गुजरात के वीसी अमी उपाध्याय, केरल सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रो-वीसी प्रोफेसर जयप्रसाद, आईआईटी दिल्ली और विदेशी विश्वविद्यालयों जैसे लंदन विश्वविद्यालय, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, द हिब्रू विश्वविद्यालय और बेन गुरियन विश्वविद्यालय, इज़राइल में कार्यरत भारत के शिक्षाविद शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “हम दृढ़ता से मानते हैं कि केंद्र सरकार पूरी तरह से सावधानी बरतते हुए जेईई और एनईईटी परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन करेगी, ताकि छात्रों के भविष्य का ध्यान रखा जा सके और 2020-21 के लिए अकादमिक कैलेंडर तैयार किया जा सके।”

NEET और JEE यानी, मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं के लिए 14 लाख से अधिक एडमिट कार्ड बुधवार को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा जारी किए जाने के बाद डाउनलोड किए गए। वहीं, गैर-भाजपा शासित राज्यों ने परीक्षाओं को स्थगित करने के लिए संयुक्त रूप से उच्चतम न्यायालय जाने का फैसला किया।

गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने बुधवार (अगस्त 26, 2020) को केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि छात्रों की समस्याओं और NEET-JEE परीक्षा के मुद्दे को नरेंद्र मोदी की सरकार ने बिना ध्यान दिए ही निपटा दिया है। इस बैठक के बाद 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इन परीक्षाओं के आयोजन के सम्बन्ध में सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का फैसला लिया है।

वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कॉन्ग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, कॉन्ग्रेस समर्थित सरकारों के मुख्यमंत्रियों और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की एक बैठक को संबोधित करते हुए, सोनिया गाँधी ने कहा, “हमें केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करना होगा और साथ ही उनसे लड़ना होगा। छात्रों की समस्याओं और NEET और JEE परीक्षा के मुद्दों को केंद्र द्वारा अनजाने में निपटा दिया गया है।”

इस कॉन्फ्रेंसिंग में मौजूद सभी मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार से परीक्षा की तारीख को आगे बढ़ाने का आग्रह किया है। ममता बनर्जी के अलावा इस बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी शामिल थे।

NEET की परीक्षा आगामी 13 सितंबर को है, जबकि इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेंस 1-6 सितंबर से निर्धारित है। करीब 9.53 लाख उम्मीदवारों ने जेईई-मेन्स के लिए पंजीकरण किया है और 15.97 लाख छात्रों ने एनईईटी के लिए पंजीकरण किया है। इन परीक्षाओं को पहले से ही कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर दो बार टाला जा चुका है।

बंगाल में तस्करों से ₹35.3 करोड़ की देवी पार्वती, मनसा, भगवान विष्णु और सूर्य सहित 25 प्राचीन मूर्तियाँ बरामद

पश्चिम बंगाल कस्टम की प्रीवेंटिव यूनिट की टीम ने 25 प्राचीन मूर्तियों को जब्त किया है, उनकी कीमत 35.3 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इसमे हिंदू देवी-देवता के साथ जैन धर्म से जुड़ी मूर्ति भी पाई गई हैं।

जानकारी के मुताबिक 23 अगस्त की रात, पश्चिम बंगाल के आयुक्तालय (निवारक) के अधिकारियों ने गुप्त सूचना के आधार पर दक्षिण दिनाजपुर जिले में एक ट्रक को कालियागंज सीमा के पास रोका। जब ट्रक की तलाशी ले गई तो उसमें अधिकारियों को धान के नीचे छिपी यह बेशकीमती मूर्तियाँ मिलीं।

बता दें जब्त की गई 25 प्राचीन मूर्तियों में, देवी पार्वती, मनसा देवी, भगवान विष्णु और भगवान सूर्य की सात पत्थर की मूर्तियाँ थीं। हिंदू और जैन मंदिरों में धातु की मूर्तियों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कांस्य और ऑक्टो मिश्र धातु से बनी सात धातु की मूर्तियाँ और अन्य 11 टेराकोटा मूर्तियों के अलावा सभी जब्त किए गए प्राचीन वस्तुएँ 9 वीं शताब्दी ईस्वी से 16वीं शताब्दी तक की है।

ट्रक से मूर्तियों को जब्त कर लिया गया है। वहीं मूर्तियों को नॉर्थ बंगाल विश्वविधालय के अक्षय पुरातत्व म्यूजियम को सौंप दिया गया है। जहाँ अक्षय कुमार मैत्रेय विरासत संग्रहालय के विशेषज्ञों की मदद से इनकी कीमत की पहचान की गई है। विशेषज्ञों की मदद से कस्टम अधिकारियों को पता चला कि इनकी कीमत 35.3 करोड़ रुपए है।

पश्चिम बंगाल के कस्टम अधिकारियों ने इसके पहले भी 11 करोड़ की 7 मूर्तियाँ बरामद की थी। सीमा से मूर्तियों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी को लेकर कस्टम ने जाँच तेज कर दी है।

JEE और NEET परीक्षा के विरोध में हाथ पर ब्लेड लगाने की पुरानी तस्वीरों के जरिए कॉन्ग्रेस आईटी सेल फैला रहा झूठ

लाखों छात्रों के भविष्य और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर केंद्र सरकार ने JEE और NEET परीक्षा कराने का फैसला किया है, लेकिन कॉन्ग्रेस और कुछ गैरजिम्मेदार राजनीतिक पार्टियाँ इसके खिलाफ देश भर के युवाओं को उकसाने का प्रयास कर रही हैं। 

इसके अलावा सोशल मीडिया के जरिए भी युवाओं को भ्रमित करने की साजिश रची जा रही है। कई फर्जी ट्वीट अकाउंट से पुरानी तस्वीरें पोस्ट कर JEE और NEET परीक्षा के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।

Debjani नाम के सोशल मीडिया हैंडल से इस बात का खुलासा किया गया है कि किस तरह कुछ लोग फेक अकाउंट से परीक्षा के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि कैसे हाथ पर ब्लेड लगाने की पुरानी तस्वीरों को बच्चों का बता कर कॉन्ग्रेस आईटी सेल झूठ फैला रहा है। 

उन्होंने बताया कि कुछ लोग साजिश के तहत युवाओं में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं कि छात्र JEE-NEET परीक्षा के खिलाफ हैं। सोशल मीडिया यूजर्स ने बताया कि कॉन्ग्रेस आईटी सेल 4 साल पुरानी यानी 2016 की ब्लेड से हाथ काटने की तस्वीर को छात्र का बताते हुए शेयर की जा रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि जिस ट्विटर हैंडल से यह शेयर किया जा रहा है वह फेक आईडी है। इसे 2020 में ही बनाया गया है और इसके टाइमलाइन पर प्रो कॉन्ग्रेसी ट्वीट्स भरे हुए हैं।

बता दें कि AnanyaS06358832 हैंडल से एक ट्विटर यूजर ने हाथ पर ब्लेड लगाने की एक तस्वीर को शेयर किया। इसके साथ दावा किया गया कि वह शेड्यूल के अनुसार परीक्षा को जारी रखने के सरकार के फैसले के खिलाफ आत्महत्या कर रही है।

हालाँकि, रिवर्स इमेज सर्च करने पर पता चलता है कि यह इंटरनेट पर काफी समय से उपलब्ध है और इसे ट्विटर पर कई बार शेयर किया जा चुका है। जब काफी सोशल मीडिया यूजर्स ने बताया कि यह तस्वीर गूगल से ली गई है, तो ट्विटर यूजर ने ट्वीट डिलीट कर दिया।

एक अन्य ट्विटर यूजर ने हाथ से खून टपकने की एक और तस्वीर शेयरकी, जिसमें आरोप लगाया गया कि सरकार द्वारा परीक्षाओं को स्थगित करने के फैसले के बाद कई छात्रों ने आत्महत्या करने का प्रयास किया है। ट्विटर यूजर ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र के फैसले के कारण छात्र डिप्रेशन और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।

पॉलिटिकल साइंस के एक छात्र ने एक ट्वीट के जरिए आरोप लगाया गया है कि वह कोरोना वायरस महामारी और बाढ़ के कारण जेईई और एनईईटी की परीक्षा नहीं दे सकता।

कई अन्य यूजर्स ने भी कॉन्ग्रेस आईटी सेल की पोल खोलने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से इसके खिलाफ कार्रवाई करने की माँग की है।

गौरतलब है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने दूरदर्शन के साथ बातचीत में बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले और छात्रों-अभिभावकों के दवाब के मद्देजनर NEET-JEE परीक्षा कराने का फैसला किया है ताकि स्टूडेट्स का साल बर्बाद न हो। 

उन्होंने बताया कि JEE परीक्षा के लिए अब तक 85 फीसदी स्टूडेंट्स एडमिट कार्ड डाउनलोड कर चुके हैं। निशंक ने कहा कि छात्रों की सुविधा को देखते हुए परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। बता दें कि JEE की परीक्षा 1 से 6 सितंबर के बीच होनी हैं जबकि NEET परीक्षा 13 सितंबर को होगी। 

उधर, कॉन्ग्रेस और दूसरी राजनीतिक पार्टियाँ JEE-NEET परीक्षा को लेकर राजनीति करने पर उतर गई है। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने बुधवार (अगस्त 26, 2020) को NEET और JEE परीक्षा को लेकर 7 गैर बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। 

इस बैठक में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश सिंह बघेल, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, पुडुचेरी के सीएम नारायणसामी, महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिस्सा लिया। 

ये सभी राज्य कोरोना काल में NEET और JEE की परीक्षा टालने की माँग कर रहे हैं। हालाँकि हकीकत यह है कि ये सभी मुख्यमंत्री अपने राज्यों में सारी गतिविधियों की अनुमति दे रखी हैं। कॉन्ग्रेस और विपक्षी पार्टियाँ अब युवाओं के कंधे पर बंदूक रखकर मोदी सरकार पर निशाना साधने की कोशिश कर रही हैं। एक तरफ ये नेता लॉकडाउन को लेकर लगातर ढील देने की वकालत कर रहे हैं तो दूसरी तरफ परीक्षा रद्द करने की माँग कर रहे हैं।

मध्यप्रदेश: नाबालिग लड़कियों से रेप मामले में पत्रकार प्यारे मियाँ समेत 6 पर 3 FIR दर्ज

मध्य प्रदेश पुलिस ने 68 वर्षीय भोपाल के पत्रकार प्यारे मियाँ समेत 6 लोगों के ख़िलाफ़ इंदौर में 3 FIR दर्ज की है। इनके ऊपर 3 नाबालिग लड़कियों के बलात्कार का आरोप है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्य प्रदेश पुलिस ने प्यारे मियाँ उर्फ ​​अब्बा और उसके पाँच साथियों के खिलाफ इंदौर में मामला दर्ज किया। पलासिया पुलिस स्टेशन के प्रभारी विनोद दीक्षित ने कहा कि आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नौकरी देने की लालच देकर इंदौर में तीन नाबालिगों के यौन शोषण के आरोप के मामले में प्यारे मियाँ व पाँच अन्य के खिलाफ तीन FIR दर्ज किया गया है।

पुलिस अधिकारी ने बताया, “भोपाल में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के लिए आरोपितों पर पहले अलग एफआईआर दर्ज की गई थी। अब स्थानीय जाँच के लिए इंदौर पुलिस को तीन मामले भेजे गए हैं, यही वजह है कि एफआईआर औपचारिक रूप से यहाँ दर्ज की गई है।”

आरोपित प्यारे मियाँ वर्तमान में न्यायिक हिरासत के तहत जबलपुर की जेल में बंद हैं। पुलिस जल्द ही मियाँ को पूछताछ के लिए इंदौर ला सकती है।

भोपाल पुलिस की टीम ने मंगलवार को इंदौर में स्थित मियाँ के उस बंगले की तलाशी ली, जहाँ लड़कियों के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया था। पुलिस ने 15 दिन पहले परिसर को सील कर दिया था।

उल्लेखनीय है कि प्यारे मियाँ की काली करतूतों का खुलासा अभी बीते दिनों (12 जुलाई) उस समय हुआ जब देर रात गश्त करती पुलिस को 5 लड़कियाँ सड़क पर दिखीं। कारण पूछा गया तो जवाब देने के हालत में एक भी लड़की नहीं थी। सब शराब के नशे में थीं।

नाबालिग लड़कियों का शराब के नशे में होना पुलिस को खटका। फिर पुलिस ने सभी 5 लड़कियों को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया और वहाँ इनकी काउंसलिंग की गई। जब पूछताछ हुई तो इन्होंने यौन शोषण का खुलासा किया। इसके बाद पूरा मामला प्रकाश में आया।

पार्टियों में पैसे के बदले डांस करने और उसके बाद यौन शोषण (संभोग, रेप) के लिए प्यारे मियाँ ने इन नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फँसाया था। इस काम के लिए उसकी असिस्टेंट स्वीटी ने उसका साथ दिया था। लड़कियों ने पुलिस को बताया है कि उन्हें शाहपुरा क्षेत्र में शनिवार की रात एक जन्मदिन की पार्टी में नाचने के लिए ले जाया गया था। वहीं इस मामले के सामने आने के बाद प्यारे मियाँ फरार हो गया था। जिसे 15 जुलाई को श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया था।

68 साल के प्यारे मियाँ का दामन और इतिहास, दोनों ही दागदार हैं। प्यारे मियाँ ने बेटी के रूप में गोद ली गई 13 साल की बच्ची से भोपाल और इंदौर में दुष्कर्म किया था। इस मामले में प्यारे मियाँ से पहले दो महिलाओं सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें महिला दलाल स्वीटी विश्वकर्मा (21), उवैस, अनस और राबिया भी शामिल थी। उबेज और अनस मुख्य आरोपित प्यारे मियाँ के रिश्तेदार हैं। एक पीड़िता की दादी को भी गिरफ्तार किया गया था।

प्यारे मियाँ के ड्राइवर के भाई उबेज ने भी किया था बच्ची से दुष्कर्म

आरोपित प्यारे मियाँ के ड्राइवर और रिश्तेदार अनस के भाई उबेज ने भी बच्ची से ज्यादती की थी। इंदौर में बच्ची के गर्भवती होने पर उसका गर्भपात भोपाल के शाहजहांनाबाद क्षेत्र के एक अस्पताल में कराया गया।

गर्भपात के दौरान उसके परिजन के रूप में अस्पताल में प्यारे मियाँ की ही एक सहयोगी 21 वर्षीय स्वीटी विश्वकर्मा मौजूद रहीं। चाइल्ड लाइन और कोहेफिजा पुलिस को प्यारे मियाँ की इन तमाम कारस्तानियों का खुलासा उसकी हैवानियत की शिकार हुई 16 वर्षीय किशोरी के बयानों से हुआ था। फिलहाल उसे कई नाबालिगों के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

सुशांत का घर छोड़ने से पहले रिया ने करवाई थी 8 हार्ड ड्राइव नष्ट: दोस्त सिद्धार्थ पिठानी ने CBI से किया खुलासा

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जाँच में जुटी सीबीआई टीम को आज (अगस्त 26, 2020) एक चौंकाने वाली जानकारी मिली। एक्टर के साथ फ्लैट में रहने वाले उनके दोस्त सिद्धार्थ पिठानी ने जाँच टीम को पूछताछ के दौरान बताया कि 8 जून को रिया ने फ्लैट छोड़ने से पहले 8 हार्ड ड्राइव नष्ट करवाई थीं।

सिद्धार्थ ने बताया कि हार्ड ड्राइव के लिए बाकायदा आईटी प्रोफेशनल को बुलवाया गया था। लेकिन यह साफ नहीं है कि उसे बुलाया किसने था। पिठानी के अनुसार, इस दौरान सुशांत और रिया दोनों कमरे में मौजूद थे और सब कुछ देख रहे थे। उनके अलावा डोमेस्टिक हाउसहेल्पर दीपेश सावंत और बावर्ची नीरज भी कमरे में थे।

गौरतलब है कि सीबीआई की स्पेशल जाँच टीम सुशांत केस में जाँच कर रही है। उन्होंने सिद्धार्थ और नीरज से अब तक दो बार पूछताछ कर ली हैं। इनके अलावा सुशांत के सीए संदीप श्रीधर से और पुराने अकॉउंटेंट रजत मेवाती से भी सवाल पूछे जा रहे हैं।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रिया के ख़िलाफ़ किया केस दर्ज

रिया की व्हॉट्सएप चैट का खुलासा होने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने भी उनके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कर ली है। यह मामला नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट की धाराओं 20, 22, 27 और 29 के तहत दर्ज किया गया है। इस केस में रिया के भाई, उनकी टैलेंट मैनेजर जया शाह और सुशांत के पूर्व मैनेजर श्रुति मोदी व गौरव आर्या का नाम भी शामिल है।

इससे पहले NCB के डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने कहा था कि NCB सुशांत केस की जाँच भी शुरू करने जा रही है। इंडिया टुडे के सूत्रों के मुताबिक ईडी ने NCB को चिट्ठी लिखी है और कहा है कि सुशांत से जुड़े कुछ लोग ड्रग्स लेते थे। कुछ लोगों का ड्रग्स डीलर से कॉन्टेक्ट भी था, लिहाजा बड़े पैमाने पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो इसकी जाँच शुरू करने वाली है।

जानकारी के अनुसार, सीबीआई के सामने सिद्धार्थ पिठानी और सैमुअल मिरांडा ने कबूल किया था कि सुशांत मारिजुआना का नशा करते थे, लेकिन रिया के मोबाइल से जो खुलासे हुए हैं, उसके बाद से तो इस केस का ड्रग एंगल सबसे मजबूत दिखने लगा है। वहीं रिया के वकील ने उनकी ओर से सफाई देते हुए कहा कि चक्रवर्ती ने कभी भी ड्रग नहीं लिए, वे अपने ब्लड टेस्ट के लिए भी तैयार हैं।

सुशांत केस में ड्रग एंगल सामने आने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रिया और अन्य के खिलाफ दर्ज किया मामला

सीबीआई और ईडी के बाद अब सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में एक और केंद्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसी जुड़ गई है। जाँच के दौरान इस मामले में ड्रग्स का एंगल सामने आने के बाद, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने रिया और अन्य के खिलाफ में एक मामला दर्ज किया।

इससे पहले यह बताया गया था कि प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में की जाँच करने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को चिट्ठी लिखी थी। जाँच के दौरान इस बात का खुलासा हुआ था कि सुशांत सिंह मामले से जुड़े कई लोग ड्रग्स लेते हैं। साथ ही उनके ड्रग डीलरों के साथ नियमित संपर्क हैं। यही वजह है कि एनसीबी इस मामले की जाँच करेगी।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के निदेशक राकेश अस्थाना ने मीडिया को बताया कि ईडी को इस मामले में सबूत मिले है कि दिवंगत अभिनेता और उनकी प्रेमिका रिया चक्रवर्ती को ड्रग्स सप्लाई की गई थी। जिसके बाद ईडी द्वारा एनसीबी को एक चिट्ठी भेजा गया।

एनसीबी के निदेशक राकेश ने कहा, “हमें मंगलवार शाम को ईडी की तरफ से एक पत्र मिला। जिसमें कहा गया था कि वित्तीय पहलुओं की जाँच के दौरान उन्होंने पाया कि रिया और सुशांत को ड्रग्स की सप्लाई की गई थी। एनसीबी की एक टीम अब इस एंगल पर जाँच करेगी और इसमें शामिल लोगों से पूछताछ की जाएगी।”

गौरतलब है कि सुशांत की पूर्व प्रेमिका अभिनेता रिया चक्रवर्ती द्वारा भेजे गए व्हाट्सएप मैसेजों को ईडी द्वारा बरामद किए जाने के बाद ड्रग्स एंगल सामने आया। जिसमें एमडीएमए, मारिजुआना आदि ड्रग्स के उपयोग पर चर्चा की गई थी। बता दें यह चैट रिया द्वारा डिलीट कर दी गई थी। लेकिन उन्हें जाँच एजेंसी ने बरामद कर लिया। व्हाट्सएप मैसेज में रिया को इस बात की सलाह दी जा रही थी कि कैसे किसी को चाय के साथ नशीली दवा दी जाए। इन मैसेज में गौरव नाम के एक ड्रग डीलर का भी नाम सामने आया था।

इससे पहले, सुशांत सिंह राजपूत के पूर्व हाउसकीपर ने भी दावा किया था कि दिवंगत अभिनेता मारिजुआना धूम्रपान करते थे। उन्होंने कहा था कि सुशांत अपने फ्लैट पर रिया, आनंदी और आयुष के साथ हर हफ्ते एक या दो बार पार्टी करते थे। जहाँ वे शराब और मारिजुआना सिगरेट का सेवन करते थे।

सुशांत के पिता केके सिंह ने व्हाट्सएप चैट के खुलासे के बाद आरोप लगाया कि सुशांत को उनकी जानकारी के बिना दवा दी गई, जिसकी वजह से उनकी मृत्यु हो गई।

भैया अपने स्वास्थ्य को लेकर थे काफी सजग, नहीं किया कभी ड्रग्स का इस्तेमाल: सुशांत के पूर्व मैनेजर

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले में अब ड्रग्स एंगल सामने आया है। ड्रग्स को लेकर रिया के व्हाट्सऐप चैट सामने आने के बाद सुशांत की फैमिली और उनके एडवोकेट ने इस मामले में अपने बयान जारी किए थे। वहीं अब सुशांत के पर्सनल असिस्टेंट अंकित आचार्य ने भी इस मामले में खुलासा किया है।

टाइम्स नाऊ की रिपार्ट के अनुसार, अंकित आचार्य ने कहा, “मैंने कभी अपने रहते हुए सुशांत को ड्रग्स लेते हुए नहीं देखा। सुशांत अपनी हेल्थ को लेकर काफी सजग रहते थे। सुशांत अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए ज्यादातर प्रोटीन, कैल्शियम और विटमिन्स युक्त जैसी चीजें ही खाते थे।”

बता दें अंकित अंकित आचार्य सुशांत सिंह राजपूत के पूर्व मैनेजर हैं। उनका मानना है कि सुशांत आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकते हैं। वहीं इस मामले में अपने द्वारा दिए गए बयान की वजह से अंकित आचार्य को नौकरी से निकल दिया गया है। वहीं उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी मिल रही है।

गौरतलब है कि रिया चक्रवर्ती के ‘रिट्रीव चैट्स’ के हवाले से ड्रग्स एंगल का खुलासा हुआ था। जिसे अभिनेत्री ने डिलीट कर दिया था। चैट रिया चक्रवर्ती और गौरव आर्या के बीच का है। बताया गया है कि गौरव एक ड्रग डीलर है, जो इस कारोबार में कई सालों से लगा हुआ है। मार्च 8, 2020 को भेजे गए मैसेज में रिया ने लिखा था कि अगर हम हार्ड ड्रग्‍स की बात करें तो मैंने ज्‍यादा ड्रग्‍स का इस्‍तेमाल नहीं किया है। वहीं दूसरी चैट में रिया ड्रग डीलर गौरव से पूछ रही हैं कि क्या उसके पास MD है?

बता दें कि MDMA को शॉर्ट फॉर्म में MD कहा जाता है। इसका आशय Methylenedioxymethamphetamine से है, जिसे काफी स्ट्रॉन्ग ड्रग माना जाता है।

व्हाट्सऐप चैट में रिया चक्रवर्ती से जया कहती हैं, ”चाय, कॉफी या पानी में 4 बूँद डालो और उसे पीने दो। असर देखने के लिए 30 से 40 मिनट रुको।” दोनों के बीच यह बात 25 नवंबर, 2019 को हुई थी।

इजराइल के लोगों को मारने के लिए फिलिस्तीनी इस्लामी आतंकी लोड कर रहे थे रॉकेट, धमाके में खुद के ही उड़े परखच्चे

फिलिस्तीन (Palestinian) के इस्लामी आतंकवादी समूहों के चार आतंकवादियों ने सोमवार (अगस्त 24, 2020) को शेजैया के पास गाजा सिटी के एक शिविर में बम तैयार करने के दौरान खुद को ही धमाके में उड़ा लिया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, चारों आतंकवादियों को फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद विंग के आतंकियों के रूप में पहचाना गया। कहा जा रहा है जब घटना घटी उस समय ये लोग उस रॉकेट को लोड कर रहे थे जिसके निशाने पर इजराइल की आबादी थी।

बता दें इससे पहले भी साल 2018 में इस तरह की एक घटना सामने आई थी। उस समय भी इस्लामिक जिहाद समूह के चार आतंकियों की मौत ऐसे ही हुई थी। वह भी इजराइल पर हमले की तैयारी में जुटे थे। मगर, उत्तरी गाजा शहर में आतंकवादी शिविरों के पास हुए बम विस्फोट पर फिलिस्तीन मीडिया ने दावा किया था कि विस्फोट इजरायल वायु सेना के हमलों के कारण हुए। जबकि इजराइल के सुरक्षा अधिकारियों ने उस क्षेत्र में आतंकी समूहों के ख़िलाफ़ किसी भी एक्शन से इंकार किया था और आशंका जाहिर की थी कि हो सकता है ये विस्फोट उनके ‘काम’ के दौरान हुआ हो।

इस घटना के बाद आतंकवादी समूह ने घोषणा भी की थी कि ‘कब्जे वाली भूमि से आपराधिक लोगों को हटाने की तैयारी के समय’ एक विस्फोट में चार आतंकवादी – इयाद जमाल अल-जिदी, मुताज़ अमीर अल-मुबिद, याह्या फरीद अल-मुबिद और याक़ूब ज़ायदेह मारे गए।

बता दें कि हालिया घटना के बाद हमास के एक सदस्य ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे यहूदियों की जमीन पर ऐसी हिंसा जारी रखेंगे, जब तक कि उनकी माँग पूरी नहीं हो जाती। हमास के नेता इस्माइल राडवान ने कहा, “इस घेराबंदी को तोड़ना हमारा अधिकार है।”

आतंकी हमले पर क्या बोला इजराइल

हाल ही में, गाजा से लगातार रॉकेट फायरिंग और आगजनी व बैलून हमलों के जवाब में इजरायल डिफेंस फोर्सेज उनके भूमिगत बुनियादी ढाँचे, हथियार उत्पादन सुविधाओं, सीमेंट कारखानों पर बमबारी कर रही हैं।

इजराइल के लड़ाकू जेट और टैंकों ने रविवार को दक्षिणी गाजा में हमास के आतंकी ठिकानों पर बमबारी की थी। जिसके बाद आतंकी समूहों ने सैकड़ों विस्फोटक उपकरणों और फायरब्रिजों को दक्षिणी इजराइल की ओर लॉन्च किया था। आईडीएफ ने कहा कि उन्होंने “दक्षिणी गाजा में हमास के आतंकी समूह की सैन्य चौकियों और भूमिगत ढाँचे पर हमला किया।”

इजराइल ने हमलों के बाद गाजापट्टी में अपना एकमात्र कमर्शियल क्रॉसिंग भी बंद कर दिया। उन्होंने केवल भोजन, दवा और मानवीय सहायता की अनुमति दी है। इज़राइल ने इसके अलावा तटीय परिक्षेत्र के आसपास मछली पकड़ने के क्षेत्र को भी बंद कर दिया है।

इसके अलावा यह भी उल्लेखनीय है कि साल 2007 में फिलिस्तीन प्रशासन के निष्कासन के बाद गाजापट्टी पर इजराइल और मिस्र ने नाकाबंदी की हुई है।

मैं नाबालिग थी, वो मेरे ड्रिंक में मिलाते थे ड्रग ताकि पुलिस के पास न जाऊँ: कंगना रनौत

सुशांत सिंह राजपूत के केस में ड्रग एंगल की अब हर जगह चर्चा है। इसी बीच एक्ट्रेस कंगना रनौत ने एक बार दोबारा बॉलीवुड के एक निश्चित तबके को अपने निशाने पर लिया है। कंगना ने अपने हालिया ट्वीट में लिखा है कि यदि बॉलीवुड में नॉरकोटिक्स टेस्ट हो गया तो कई सितारे में जेल में होंगे। इसके अलावा उन्होंने अपने एक ट्वीट में ये भी बताया कि जब वह छोटी थीं तो उन्हें ड्रिंक में ड्रग्स दिए जाते थे।

उन्होंने लिखा, “अगर नॉरकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो बॉलीवुड में आ गया तो कई A लिस्टर जेल में पहुँच जाएँगे। अगर ब्लड टेस्ट हुआ तो कई बड़े खुलासे होंगे। उम्मीद करती हूँ कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत बॉलीवुड के इस गटर को भी साफ किया जाए।”

इसके बाद उन्होंने अपने अगले ट्वीट में लिखा, “मैं तब नाबालिग थी और मेरे मेंटॉर इतने खतरनाक बन चुके थे कि वह मेरी ड्रिंक में ड्रग्स मिला देते ताकि मैं पुलिस के पास न जा सकूँ। जब मैं कामयाब हो गई और मुझे मशहूर फिल्मों की पार्टियों में एंट्री मिलने लगी और तब मेरा सामना सबसे शॉकिंग और भयानक दुनिया व ड्रग्स, अय्याशी और माफिया जैसी चीजों से हुआ था।”

यहाँ बता दें कि कंगना के ख़िलाफ़ कल गुरुग्राम सेक्टर 37 थाने में एक शिकायत भीमसेना के प्रमुख नवाब सतपाल तंवर द्वारा की गई है। उनके अनुसार कंगना रनौत ने ट्वीट करके संविधान का अपमान किया है। इसके अलावा कंगना के आरक्षण संबंधी मुद्दे पर ट्वीट करने के कारण उन्हें बॉयकॉट करने की माँग भी उठ रही है। लेकिन सुशांत सिंह राजपूत के मामले में कंगना लगातार अपनी राय सोशल मीडिया पर रख रही हैं।

कुछ लोग उन पर इल्जाम भी लगा रहे हैं। लोग उन्हें अवसरवादी, पाखंडी और तरह-तरह की बाते कह रहे हैं। किंतु कंगना लगातार अपने स्टैंड पर स्पष्ट हैं। उनके निशाने पर सुशांत के गुनाहगारों के अलावा वे सब लोग हैं जो बॉलीवुड में नेपोटिज्म को बढ़ावा देते हैं। साथ ही बाहरी कलाकारों को दुत्कारते हैं।

सुशांत सिंह मामले में ड्रग एंगल की जाँच

बता दें, सुशांत सिंह केस में एक्टर के पिता द्वारा शिकायत दर्ज करवाने के बाद सीबीआई के अलावा ईडी भी अपनी जाँच कर रही है। इसी क्रम में उन्होंने रिया चक्रवर्ती की कुछ डिलीट चैट को रिट्रीव करके उनसे कुछ जानकारी निकाली है। मीडिया संस्थानों का दावा है कि उन्होंने उन चैट को एक्सेस किया जिससे पता चला कि रिया अपने टैलेंट मैनेजर जया साहा से ड्रग संबंधी बात कर रही थी और कुछ सुशांत केस से जुड़े अन्य संदिग्धों ने भी ड्रग्स को लेकर बात की थी। इन चैट्स के सामने आने के बाद ईडी ने ये बातचीत सीबीआई और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को सौंप दी।

याद दिला दें कि सुशांत की मौत को उनके परिजन व फैन्स हत्या बता रहे हैं। ऐसे में हाल में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी सुशांत ड्रग कनेक्शन पर सवाल उठाए थे। उन्होंने पूछा था, “जैसे एम्स के डाक्टर्स को सुनंदा पुष्कर के पेट में असली जहर मिला था। वैसा श्रीदेवी और सुशांत के केस में नहीं हुआ। सुशांत ने मौत के दिन दुबई के ड्रग डीलर अयाश खान ने उनसे मुलाकात की थी? आखिर क्यों?”

कुत्ते को पैर से कुचलते हुए महिला का वीडियो वायरल: सोशल मीडिया पर लोगों ने की सख्त कार्रवाई की माँग

सोशल मीडिया पर इस वक्त कुत्ते के बच्चों के साथ की जा रही क्रूरता के कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में चलती कार में बैठी महिला दो अलग अलग मौकों पर दो पिल्लों को अपने पैरों से रौंदती हुई नजर आ रही है। इतना ही नहीं, महिला तब तक पिल्लों को कुचलती रहती है जब तक कि वो मर नहीं जाता।

डिस्क्लेमर: महिला की बर्बरता का यह वीडियो आपको विचलित कर सकती है। कृपया इसे अपनी रिस्क पर ही देखें।

वायरल वीडियो में दिख रही महिला का नाम पूजा ढिल्लो बताया जा रहा है। यह लखनऊ की रहने वाली हैं। पूजा लगातार पिल्ले (कुत्ते के बच्चे) को पैर से कुचलती हुई नजर आ रही है और कुत्ते का बच्चा दर्द से रोते हुए कराह रहा है। वहीं एक दूसरे वायरल वीडियो में महिला (संभवतः एक ही महिला) को कार के पीछे एक और पिल्ला को कुचलते हुए देखा जा सकता है। उसके साथ एक शख्स और है जो पिल्ला को टॉर्चर और मारने के तरीके पर अपने सुझाव दे रहा है।

इस वीडियो में कुत्ते के बच्चें के मुँह से खून बहता हुआ भी दिख रहा है। वीडियो को देखते हुए सोशल मीडिया यूजर ने दावा किया है कि पिल्ला मर गया है।

कुत्ते के बच्चों के साथ की गई निर्दयता और क्रूरता को देखते हुए सोशल मीडिया यूज़र्स ने महिला की जमकर आलोचना की है। इसके साथ ही उन्होंने ट्वीटर के जरिए महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है।