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जैसे-जैसे खुल रही परतें, रिया चकवर्ती पर कसता जा रहा शिकंजा: सुशांत की मौत में गर्लफ्रेंड के ‘विलेन’ बनने की पूरी कहानी

14 जून 2020 को बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत अपने मुंबई के बांद्रा वाले घर में फंदे से लटके मिले। उनके एक डोमेस्टिक हेल्पर ने इस बात की जानकारी पुलिस को फोन करके दी।

शुरूआती जाँच में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया और उनके पास से कोई सुसाइड नोट न मिलने का खुलासा किया। उनके चाहने वाले उनकी मौत की खबर सुनकर इस बात पर यकीन ही नहीं कर पाए कि सुशांत जैसा प्रतिभावान और जिंदादिल इंसान खुदकुशी कर सकता है। 

15 जून को मुंबई के विले पार्ले स्थित सेवा समाज श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार हो गया। सुशांत के अंतिम संस्कार में गिने-चुने लोग आए। इनमें एक नाम उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती का भी था। 

16 जून को इस मामले में जाँच के दौरान पता चला कि सुशांत ने आखिरी कॉल जिन लोगों को किया उनमें एक नंबर रिया चक्रवर्ती का भी था। इसके बाद से ही कयास लगने शुरू हो गए थे कि पुलिस इस मामले में उनसे पूछताछ करेगी।

17 जून को इस मामले में बांद्रा पुलिस ने पड़ताल शुरू की। रिया समेत 11 लोगों को सुशांत की ‘आत्महत्या’ के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया गया। यहाँ रिया दो साथियों के साथ पहुँची और अपनी स्टेटमेंट रिकॉर्ड करवाई।

दूसरी ओर तब तक सोशल मीडिया पर सुशांत की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार किया जाना शुरू हो चुका था। कई लोग इस बीच रिया का नाम सुशांत की मौत का कारण बताकर उछाल रहे थे और महेश भट्ट के साथ उसकी तस्वीरें शेयर करते हुए दोनों पर संदेह जता रहे थे। 

इस बीच कंगना रनौत, रवीना टंडन जैसे कई कालाकारों ने बॉलीवुड नेक्सस का मुद्दा उठाया। 21 जून को एक बार फिर सबकी निगाहों में रिया चक्रवर्ती चढ़ना तब शुरू हुईं जब बिहार के मुजफ्फरपुर में पटाही निवासी एक युवक ने धारा 306, 109, 504, 506 के तहत रिया के ख़िलाफ़ कोर्ट में याचिका दर्ज करवाई और सुशांत की मौत के लिए रिया को जिम्मेदार बताया। 

16 जुलाई को रिया ने अपने ऊपर लग रहे सभी आरोपों का खंडन किया और ट्विटर पर गृहमंत्री अमित शाह से सीबीआई जाँच की माँग कर डाली। रिया ने कहा कि वह भी जानना चाहती है कि आखिर किस प्रेशर में सुशांत ने यह कदम उठाया।

सुशांत केस में नया मोड़ तो तब आया जब बेटे की मौत के सदमे से उबरते ही सुशांत के पिता ने 28 जुलाई को रिया चक्रवर्ती समेत 6 लोगों के ख़िलाफ़ अपने गृहनगर पटना में एफआईआर दर्ज करवाई। उन्होंने इस केस में रिया पर सुशांत को प्रेम में फँसाकर पैसे ऐंठने का आरोप लगाया। 

इस बीच सुशांत की पूर्व प्रेमिका अंकिता लोखंडे ने भी बिहार पुलिस को ऐसे साक्ष्य उपलब्ध करवा दिए जिनसे मालूम चला कि रिया चक्रवर्ती उनका उत्पीड़न करती थीं। देखते ही देखते पूरे मामले में सीबीआई जाँच की माँग ने जोर पकड़ लिया।

29 जुलाई जब बिहार पुलिस सुशांत के पिता की शिकायत पर चक्रवर्ती को पकड़ने मुंबई पहुँची तो वह ‘भूमिगत’ हो गई। कुछ समय में खबर आई कि रिया फरार नहीं हैं। उन्होंने सफेद सूट में वीडियो जारी किया। इस वीडियो उन्होंने कहा कि यकीन है कि उन्हें इंसाफ जरूर मिलेगा।

थोड़ी देर में पता चला कि रिया ने अपने बचाव के लिए शहर के सबसे महँगे वकील सतीश मानशिंदे को चुना है। वे सलमान खान और संजय दत्त जैसे लोगों का केस लड़ चुके थे। लोग यह सुनकर सवाल खड़े करने लगे कि क्या रिया ने इतना कमाया है कि वह इतना महँगा वकील कर सकें?

इसके बाद, रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तार करने का मामला पीछे छूट गया और बिहार पुलिस व मुंबई पुलिस के बीच आपसी जंग छिड़ गई। महाराष्ट्र सरकार ने भी मामले को सीबीआई को सौंपने से मना कर दिया और साफ कह दिया कि इस मामले को किसी को नहीं सौंपा जाएगा। इस पर मुंबई पुलिस जाँच कर रही हैं।

सुशांत के पिता ने यह सब देखते हुए बिहार सरकार से गुहार लगाई और बिहार सरकार ने केके सिंह की अपील पर सीबीआई जाँच की सिफारिश केंद्र सरकार से की।  

31 जुलाई को सुशांत के बॉडीगार्ड की शिकायत और पिता की शिकायत पर में ईडी ने रिया के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया। उन पर सुशांत के 15 करोड़ रुपए की हेराफेरी का आरोप था। 

उधर, रिया की याचिका के विरोध में बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुँची। रिया ने अपनी याचिका में सारे मामले मुंबई ट्रांसफर करने की मॉंग की थी। 5 अगस्त को यह केस सीबीआई को सौंप दिया गया।

6 अगस्त से सीबीआई ने अपना काम शुरू कर दिया। जाँच एजेंसी ने एसआईटी टीम का गठन किया और त्वरित कार्रवाई नए सिरे से मामला दर्ज किया। 

6 अगस्त को इस मामले में 6 लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किए गए। इसमें रिया चकवर्ती, इंद्रजीत चकवर्ती, संध्या चकवर्ती, शौविक चकवर्ती, सैम्युल मिरांडा, श्रुति मोदी का नाम शामिल हैं।

6 अगस्त को ही इंडिया टुडे ने अपनी रिपोर्ट में नया खुलासा किया। रिपोर्ट में बताया गया कि रिया चक्रवर्ती ने दबाव बनाकर सुशांत को उनकी बहनों से अलग किया।

6 अगस्त यह भी पता चला कि रिया और उसके परिवार वाले सुशांत को मेंटल हॉस्पिटल भेजना चाहते थे। जिसके कारण उन्होंने अपनी बहनों से मदद माँगी थी। 

7 अगस्त को एक नया एंगल सामने आया। रिया के कॉल डिटेल से पता चला कि वह मुंबई पुलिस के टॉप अधिकारी के संपर्क में थी।

आज ईडी ने इस मामले में रिया चक्रवर्ती से पूछताछ की है। इस पूछताछ में रिया से पिछले तीन साल में उसके आय के स्रोत की जानकारी माँगी गई। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में रिया के द्वारा याचिका डाली गई। इसपर कोर्ट ने बिहार सरकार और महाराष्ट्र सरकार से जवाब माँगा और केंद्र ने खुद को एक पक्ष बनाए जाने का सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है।

इधर, बिहार पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में केस सीबीआई को ट्रांसफर किए जाने के कारणों पर हलफनामा दायर किया। इसमें बताया गया है कि एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती सुशांत सिंह राजपूत को अपने घर ले जाकर उन्हें मानसिक रूप से बीमार करने की कोशिश किया करती थी। वह पिछले कई दिनों से लगातार सुशांत को दवाइयों की ओवरडोज दे रही थी।

7 अगस्त को ही यह बात भी सामने आई कि रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक चक्रवर्ती के खाते में सुशांत के बैंक अकाउंट से सीधे पैसे ट्रांस्फर किए जाते थे।

अब पंजाब कॉन्ग्रेस की गुटबाजी आई सामने, सांसदों ने कहा- पार्टी को बचाना है तो CM अमरिंदर को हटाओ

मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड के बाद अब पंजाब कॉन्ग्रेस का मतभेद भी खुलकर सामने आ गया है। राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार पर मॅंडरा रहे संकट के बीच पंजाब में सीएम अमरिंदर के ख़िलाफ पार्टी नेताओं ने घेराबंदी शुरू कर दी है।

पंजाब से कॉन्ग्रेस के दो राज्यसभा सदस्यों प्रताप सिंह बाजवा और शमशेर सिंह ढुल्लो ने शुक्रवार ( 7 अगस्त, 2020) को कहा कि अगर राज्य में पार्टी को बचाना है तो अमरिंदर और प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ को उनके पदों से हटाना होगा।

इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर पार्टी आलाकमान ऐसा निर्णय नहीं लेता है, तो कॉन्ग्रेस का पंजाब में वही हाल होगा जो सिद्धार्थ शंकर राय (पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री) के बाद पश्चिम बंगाल में हुआ था।

बता दें इससे पहले राज्यसभा के दोनों सदस्यों ने जहरीली शराब से मौत के लेकर अपनी ही पार्टी की सरकार घेरा था। बाजवा और ढुल्लो ने राज्यपाल से मुलाकात कर इस मामले में सीबीआई और ईडी से जाँच करवाने की माँग की थी। उन्‍होंने गृह जनपद में दो अवैध डिस्टिलरी चलने का आरोप लगाते हुए राज्य में कानून-व्यवस्था फेल बताया था।

कैप्‍टन को हटाने के लिए कॉन्ग्रेस की राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष सोनिया गाँधी से माँग तक कर डाली है। उन्होंने कहा कि अमरिंदर सरकार ने सही समय पर सख्त कदम नहीं उठाए। इसकी वजह से 100 से ऊपर लोगों की मौत हो गई है।

वहीं पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों ने जहरीली शराब मामले में राज्य सरकार की आलोचना करने पर बाजवा और ढुल्लो को तत्काल कॉन्ग्रेस से निष्कासित करने और अनुशासनहीनता को लेकर कार्रवाई करने की माँग की थी।

गौरतलब है कि कुछ महीने पहले मध्य प्रदेश में इसी तरह की स्थिति में कमलनाथ सरकार गिर गई थी। ज्योदितारित्य सिंधिया की कॉन्ग्रेस में उपेक्षा से नाराज उनके समर्थक विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था।

वहीं राजस्थान में सरकार बनने के बाद से ही उपेक्षा झेल रहे उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बगावती तेवर ने गहलोत सरकार को मुश्किल में डाल रखा है। सचिन पायलट के विद्रोह करने के बाद कॉन्ग्रेस के आलाकमान ने उन्हें उप मुख्यमंत्री पद से भी हटा दिया। बावजूद कॉन्ग्रेस हाईकमान इस बगावत खत्म करने में असफल रही। कॉन्ग्रेस ने अपने विधायकों की होटल में घेराबंदी कर रखी है।

पिछले दिनों झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार में उपेक्षा से परेशान कॉन्ग्रेस के नौ विधायकों ने आलाकमान से फरियाद लगाई थी। विधायकों ने दिल्ली पहुँच कर शिकायत की। राज्यसभा सदस्य धीरज साहू के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस के तीन विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और उमाशंकर अकेला ने सोनिया गाँधी के सलाहकार अहमद पटेल और गुलाब नबी आजाद से गुहार लगाई थी।

विधायकों ने हाइकमान को आगाह किया था कि अगर इस मामले में कुछ एक्शन नहीं लिया जाता तो झारखंड में भी सरकार अस्थिर हो सकती है। दिल्ली में वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेताओं की ओर से उन्हें शांत रहने की नसीहत दी गई थी।

केरल में विमान के दो टुकड़े: खाई में गिरा दुबई से आया विमान, 191 लोग थे सवार

एयर इंडिया का विमान कारीपुर एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह एयरपोर्ट केरल के कोझीकोड में हैं। विमान दुबई से आ रहा था।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार विमान रनवे पर फिसलने के बाद घाटी में जा गिरा। विमान के दो टुकड़े हो गए। पायलट की मौत की बात कही जा रही है। हालॉंकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

विमान में कुल 191 लोग सवार थे। इनमें 174 वयस्क यात्री, 10 नवजात, दो पायलट और 5 क्रू मेंबर थे। डीजीसीए ने दुर्घटना की जॉंच के आदेश दिए हैं। हादसे के बाद एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुॅंच गई है। यह प्लेन दुबई से शाम के 4 बजकर 45 मिनट पर उड़ा था।

रिपोर्ट्स के अनुसार रनवे पर पानी जमा होने के कारण लैंडिंग के वक्त दुर्घटना हुई। जलभराव की वजह से प्लेन रनवे से आगे निकल गया। करीब 30 फीट गहरी खाई में जा गिरा और इसके दो टुकड़े हो गए।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हादसे पर दुख जताया है। अपने ट्वीट कर कहा है, केरल के कोझिकोड में एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर सुनकर दुख हुआ। एनडीआरएफ की टीम को घटनास्थल पर पहुॅंचने और रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद करने के निर्देश दिए हैं।

डीजीसीए के अनुसार हादसे का शिकार हुए एयर इंडिया का विमान बोइंग-737 था, हादसे में विमान के पायलट की मौत हो गई है। राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। कितने लोगों की मौत हुई है यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। केरल की कोंदोत्ती पुलिस के अनुसार आज शाम करीब 7 बजकर 45 मिनट पर विमान हादसे का शिकार हुआ है।

सुशांत सिंह के अकाउंट से रिया चकवर्ती के भाई के खाते में ट्रांसफर हुआ था पैसा: बैंक स्टेटमेंट के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में दावा

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सुशांत के बैंक अकाउंट से रिया चकवर्ती के भाई के खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए थे।

सीबीआई ने गुरुवार को रिया सहित 6 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया था। आज ईडी ने आगे की पड़ताल में रिया से उनकी पिछले 3 साल की आय के स्रोत का जवाब माँगा।

इस बीच खबर आई है कि रिया के भाई शौविक चक्रवर्ती के अकाउंट में पैसे सीधे सुशांत के अकाउंट से ट्रांस्फर हुए। इसका खुलासा सीएनएन- न्यूज 18 ने अपनी रिपोर्ट में किया।

सीएनएन-न्यूज 18 का दावा है कि उनके हाथ शौविक की बैंक स्टेटमेंट लगी है। यह बताती है कि सुशांत के अकाउंट से पैसा शोविक के खाते में ट्रांसफर किया गया था।

गौरतलब है कि ईडी, सुशांत के पिता केके सिंह की शिकायत के बाद रिया और उनके परिजनों समेत 4 लोगों से पूछताछ कर रही है। इन पर आरोप है कि इन्होंने सुशांत के कमाए पैसों की हेर-फेर की।

अधिकारियों के अनुसार, आज रिया से इस संबंध में पूछताछ हुई। इसके लिए वह केंद्रीय एजेंसी के समक्ष अपने भाई शौविक से साथ आई। इसके अलावा श्रुति मोदी भी एजेंसी द्वारा तलब किए जाने के बाद पेश हुई।

टाइम्स नाऊ की खबर भी दावा करती है कि उनके पास शौविक की बैंक स्टेटमेंट है। जिसमें साफ पता चल रहा है कि सुशांत सिंह राजपूत ने शौविक के खाते में कई बार पैसे ट्रांसफर किए हैं।

सुशांत के खाते से शौविक के खाते में सबसे बड़ा ट्रांजैक्शन 40,000 रुपए का 10 जून, 2019 को किया गया। इसके अलावा इससे कम रुपए के कई ट्रांजैक्शन किए गए।

उल्लेखनीय है कि सुशांत सिंह राजपूत ने अपनी मौत से कुछ दिन पहले बैंक से अपने खाते को बंद करने के लिए कहा था और वह नया खाते खोलने के लिए कहा था। इस बात की जानकारी सुशांत की फैमिली ने बिहार पुलिस को दी थी।

यहाँ यह भी बता दें कि शौविक चक्रवर्ती का नाम उन्हीं लोगों में है जिनके खिलाफ़ कल सीबीआई ने मामला दर्ज किया। इसके अलावा उसे लेकर ये भी कहा जा रहा है कि वह सुशांत सिंह राजपूत की कंपनी में हिस्सेदार रह चुके हैं।

रैपर बादशाह से मुंबई पुलिस ने पूछे 238 सवाल, 175 सितारों ने पैसे देकर बनाए फेक फॉलोवर्स: 50 कंपनी फर्जीवाड़े में शामिल

फेक फॉलोवर्स घोटाले में शुक्रवार को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रैपर बादशाह से पूछताछ की। उनसे करीब 238 सवाल ​किए गए। सोशल मीडिया पर फेक फॉलोवर्स बनाने के इस मामले में क्राइम ब्रांच ने गुरुवार (6 अगस्त, 2020) को भी बादशाह को तलब किया था।

बादशाह बॉलीवुड के पहले सेलिब्रिटी हैं जिनसे इस घोटाले को लेकर पूछताछ की गई है। संयोग से इसी समय सोशल मीडिया पर बादशाह को ‘अनफॉलो’ (Unfollow) करने वालों की संख्‍या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसे देखते हुए क्राइम ब्रांच ने रैपर से उनके सभी फॉलोवर्स की सूची माँगी है।

हालाँकि बादशाह के रैप बेहद लोकप्रिय हैं। यूट्यूब पर उनके वीडियो लाखों लोग देखते हैं। लेकिन अजीब बात है कि इन गानों पर बहुत ही कम कमेंट किए गए है। मुंबई पुलिस ने उनसे इस संबंध में भी पूछताछ की है।

कथित तौर पर रैपर ने दावा किया था कि उनके गाने ‘पागल’ को एक दिन में 75 मिलियन यानी कि 7.5 करोड़ बार देखा गया था। हालाँकि यह दावा अब गूगल ने खारिज कर दिया है।

क्राइम ब्रांच अब उनके दावों के साथ-साथ व्यूज और कमेंट्स के बीच असमानता के कारणों की भी जाँच करेगी। इसके अलावा 175 अन्य हाई-प्रोफाइल सितारे हैं जिन्होंने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर पैसे देकर फर्जी फॉलोवर्स बढ़ाए हैं।

गौरतलब है कि यह मामला तब सामने आया जब बॉलीवुड सिंगर भूमि त्रिवेदी ने सोशल मीडिया पर अपनी फर्जी प्रोफाइल मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी।

उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले ही मुंबई पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी फॉलोवर उपलब्‍ध कराने वाले रैकेट का भंडाफोड़ किया था। इसके बाद कई सेलेब्रिटीज़ द्वारा फर्जी फॉलोवर्स खरीदने का पर्दाफाश हुआ था। पुलिस ने फर्जी फॉलोवर्स बढ़ाने के इस खेल में 50 से अधिक फर्म्स कंपनियों का पता लगाया था। ये सोशल मीडिया पर फॉलोवर्स, लाइक और कमेंट बेचने के धंधे में शामिल थे।

क्राइम ब्रांच की सेंट्रल इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने 14 जुलाई को अभिषेक दावडे को गिरफ्तार किया था, जो इसी तरह की सर्विस लोगों को देता था। 21 वर्षीय अभिषेक अपने ग्राहकों की सोशल मीडिया अकाउंट पर इंगेजमेंट बढ़ाने के लिए बॉट्स (bots) या फर्जी प्रोफाइल का उपयोग कर रहा था। दावडे इन सब कामों के लिए 170 से ज्यादा अकाउंट्स का इस्तेमाल करता था। इन अकाउंट्स को ओरिजनल दिखाने के लिए अभिषेक ने इनमें पाँच लाख से ज्यादा फॉलोवर्स जोड़ रखे थे।

सुल्तानपुर: भूमिपूजन पर बॉंटी मिठाई तो घर पर समुदाय विशेष के लोगों ने बोला हमला, दुकान में तोड़फोड़

राम मंदिर भूमिपूजन के अवसर पर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में भगवान राम के भक्तों पर हमला करने वाले उपद्रवियों के ख़िलाफ़ पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। उपद्रवियों पर आरोप है कि इन्होंने पहले एक व्यापारी के घर पर हमला किया, उसके परिवार को पीटा और फिर हनुमानगंज बाजार स्थित उसकी दुकान में भी तोड़फोड़ की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना 5 अगस्त को उस समय घटी जब भूमिपूजन संपन्न होने के बाद ग्रामीण बाजार में इकट्ठा हुए और मिठाइयाँ बाँटनी शुरू की। इसी बीच यह सब देखकर दूसरे समुदाय के लोगों को गुस्सा आ गया और दर्जन भर लोगों ने सियाराम मोदनवाल के घर पर हमला बोलकर उनके परिजनों को पीट दिया।

जब पुलिस घटनास्थल पर हिंसा को रोकने पहुँची तो उन पर भी ईंट और पत्थरों से हमला किया गया। इस पूरी घटना में सियाराम घायल हो गए। लेकिन पुलिस ने उपद्रवियों को पकड़ लिया। वहीं इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस टीम को क्षेत्र में तैनात कर दिया।

गुरुवार की सुबह लंभुआ के डिविजनल ऑफिसर विद्धेष कुमार और सीओ लालचंद्रा चौधरी घटनास्थल पर पहुँचे व स्थिति का जायजा लिया। एसपी शिव हरि मीणा ने बताया कि कुलदीप मोदनवाल की बाइक पैदल जा रहे सद्दाम से टकरा गई थी। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। फिलहाल मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

ऑपइंडिया ने इस संबंध में पुलिस से बात करने का प्रयास किया। लेकिन संपर्क नहीं हो सका। जैसे ही इस मामले पर आगे जानकारी आएगी, हम अपनी खबर को अपडेट करेंगे।

लखीमपुर में भी मुस्लिम युवक ने की धार्मिक भावना भड़काने की कोशिश

उत्तरप्रदेश के लखीमपुर में भी कुछ समुदाय विशेष के युवकों पर धार्मिक भावना को भड़काने का आरोप लगा।

जानकारी के अनुसार, 5 अगस्त को मोहल्ला शुक्लापुर के मोहम्मद फैय्याज मंसूरी ने अपनी फेसबुक आईडी पर धार्मिक भावनाएँ भड़काने वाली पोस्ट की। मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद शादाब व तीन चार अन्य लोगों ने इसका समर्थन किया।

इस संबंध में बाजारगंज निवासी सागर कपूर ने कल मामला दर्ज करवाया। लेकिन केस दर्ज होते ही आरोपित भाग निकले। इसके बाद कुछ हिंदू संगठन ने मोहम्मदी नाम के युवक की गिरफ्तारी के लिए जमकर हंगामा किया और सड़क जाम कर दीं।

राम मंदिर पर अपने ही दावे से पीछे हटी यूथ कॉन्ग्रेस, राजीव गाँधी के गान वाला ट्वीट डिलीट

राम मंदिर भूमिपूजन के दौरान कॉन्ग्रेस ने हिंदुओं को लुभाने के लिए तमाम पैंतरे अपनाएँ। लेकिन जब पार्टी का सॉफ्ट हिन्दू पैंतरा फैल हो गया तो वह वापस से तुष्टिकरण के अपने पुराने तौर-तरीकों पर लौट आई है। इसकी झलक गुरुवार (6 अगस्त, 2020) को तब दिखी जब कॉन्ग्रेस यूथ विंग ने भूमिपूजन के स्वागत का ट्वीट डिलीट कर दिया।

बुधवार को दिल्ली यूथ कॉन्ग्रेस ने एक ट्वीट किया था। इसमें दावा किया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने राम मंदिर के ताले खुलवाए थे। यूथ विंग ने यह भी दावा किया कि अयोध्या में ऐतिहासिक स्थल पर आधारशिला रखने वाले वे पहले व्यक्ति थे।

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का श्रेय लेने का दावा करते हुए कॉन्ग्रेस पार्टी की यूथ विंग ने प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा, “फीता काटने वाला कोई भी हो राम मंदिर के ताले खुलवाने वाले राजीव गॉंधी थे।”

कॉन्ग्रेस मूल रूप से 1985 में रामजन्मभूमि के दरवाजे खोलने पर तत्कालीन राजीव गाँधी सरकार के फैसले का हवाला दे रही थी।

दिल्ली यूथ कॉन्ग्रेस की तरह ही दमन और दीव कॉन्ग्रेस सेवादल ने भी इसी तरह का एक ट्वीट किया था। इसमें कहा गया कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन किसने किया, क्योंकि यह राजीव गाँधी थे जिन्होंने 1985 में राम मंदिर का ताला तोड़ कर उसे मंदिर घोषित किया था। सेवादल ने राजीव गाँधी को ‘हिंदू शेर’ के रूप में संबोधित किया।

हालाँकि राम जन्मभूमि आंदोलन का श्रेय लेने के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी का उत्साह, लंबे समय तक नहीं रहा।

गौरतलब है कि राम मंदिर आयोजन के दौरान अपने द्वारा किए गए ट्वीट के लिए कॉन्ग्रेस को अपने वोटरों के समर्थन का डर सताने लगा। जिसके चलते दिल्ली यूथ कांग्रेस और दमन और दीव कॉन्ग्रेस सेवादल दोनों ने ही अयोध्या में राम मंदिर के लिए राजीव गाँधी को श्रेय देने वाले ट्वीट को बाद में डिलीट कर दिया।

भाजपा सरकार पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाते हुए कई मौलवी और संगठन खुले तौर पर भूमि पूजन की निंदा करते रहे हैं। असदुद्दीन ओवैसी जैसे कुछ राजनीतिक नेताओं ने कॉन्ग्रेस पर भी कथित अल्पसंख्यकों को धोखा देने और हिंदू वोटों के लिए सस्ती राजनीति करने का आरोप लगाया था।

वहीं हनुमान चालीसा का जाप करने और भगवान राम की पूजा करने पर एमपी कॉन्ग्रेस के कमलनाथ की भी एक मजहबी संगठन द्वारा आलोचना की गई थी।

‘घुस के मारो सालों को’: बंगाल में मुस्लिम भीड़ ने राम की पूजा कर रहे हिंदुओं को बनाया निशाना, देखें Video

5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर का ऐतिहासिक भूमि पूजन हुआ। इस मौके पर भी पश्चिम बंगाल में हिंसा की घटनाएँ सामने आई। धीरे-धीरे कर इन हिंसक घटनाओं से जुड़ी कई जानकारी सामने आ रही है। ये घटनाएँ तब हुई जब राज्य सरकार ने 5 अगस्त को पूरे प्रदेश में लॉकडाउन लगा रखा था।

प्रदेश के खड़गपुर में अलग-अलग जगहों पर पूजा का आयोजन किया गया था। इन्हें पुलिस वालों ने जबरन रुकवाया था। ख़बरों के मुताबिक़ पुलिस ने मंदिरों में पूजा कर रहे लोगों को घसीटकर बाहर निकाला। लाठी चार्ज किया और मंदिरों को भी नुकसान पहुँचाया।

अब जो जानकारी सामने आ रही है उससे पता चलता है कि ऐसा केवल पुलिस ने ही नहीं किया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी भारी संख्या में मंदिरों में घुस कर हिंदुओं को पूजा करने से रोका था।   

बीजेपी समेत कई हिंदू संगठनों ने कोलकाता में अलग-अलग जगहों पर पूजा का आयोजन किया था। इनमें से कई पूजा स्थलों पर मुस्लिम भीड़ ने हमला किया। इस काम में पुलिस भी उनका साथ दे रही थी। कोलकाता का रज़ा बाज़ार मुस्लिम बाहुल्य इलाका है। यहाँ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने राम के नाम पर आयोजित की गई हर पूजा को निशाना बनाया।

मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भगवा झंडे पर भी गुस्सा जताया और हटाने की हरसंभव कोशिश की। वीडियो में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है एक हिंदू ने अपनी दुकान के सामने भगवा झंडा लगा रखा है। इस वजह से एक मुस्लिम उससे विवाद कर रहा है। वीडियो में मुस्लिम व्यक्ति का भगवा झंडे को लेकर घृणा साफ नजर आ रहा है।

जवाब में जब हिंदू व्यक्ति ने कहा कि यह क्षेत्र किसी एक व्यक्ति का नहीं है, तब मुस्लिम ने धमकाते हुए कहा पूरा भारत मेरा है। इसके बाद उसने भगवा झंडा जलाने की धमकी तक दे डाली। इसके कुछ ही समय बाद मौके पर मुस्लिमों की भीड़ इकट्ठा हुई। इसकी वजह से दोनों समुदायों के बीच विवाद शुरू हुआ।   

रज़ा बाज़ार इलाके के दूसरे वीडियो में देखा जा सकता है मुस्लिमों की भीड़ भगवा झंडे उतारने में जुट जाती है। वीडियो में बेहद साफ़ तौर पर यह भी सुनाई देता है, जब एक आदमी कहता है- उतारो-उतारो सब को (झंडे)। इसके बाद दूसरा व्यक्ति कहता है-घुस के मारो सालों को। 

रज़ा बाज़ार के नरकेलदंगा इलाके में भी मुस्लिम समुदाय द्वारा उपद्रव की घटनाएँ नज़र आई। मुस्लिम इस बात पर आपत्ति जताते हुए देखे जा सकते हैं कि हिंदू राम की पूजा कर रहे हैं और राम के नारे लगा रहे हैं। पूजा रोकने के लिए मुस्लिमों ने रास्ते तक जाम कर दिए थे। घटनास्थल पर दंगे जैसे हालात होने के पहले पुलिस आ गई और स्थिति को नियंत्रण में किया।

जहाँ एक तरफ हिंदुओं पर 5 अगस्त के दिन राम मंदिर के नाम पर पूजा करके लॉकडाउन की अनदेखी का आरोप लगा। वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय के लोग अलग-अलग जगहों पर भारी संख्या में नज़र आए।   

सोशल मीडिया पर एक और वीडियो खूब चर्चा में रहा। इसमें साफ़ देखा जा सकता है कि मुस्लिम समुदाय के लोग पूजा रोक रहे हैं। वह इतने पर थमते नहीं हैं बल्कि नज़र आने वाले हर भगवा झंडे को फेंकते हैं। 5 अगस्त के दिन ममता बनर्जी की सरकार ने पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन का ऐलान किया था।   

भाजपा सरकार ने इस सम्बन्ध में पश्चिम बंगाल सरकार से निवेदन भी किया था कि 5 अगस्त का लॉकडाउन किसी दूसरे दिन रखा जाए। लेकिन ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के इस आग्रह को ठुकरा दिया था।     

बच्चों का इस्तेमाल कैसे कर सकते, वे कैसी संस्कृति सीखेंगे: अधनंगे बदन पर पेंटिंग करवाने वाली रेहाना फातिमा से SC

केरल की रेहाना फातिमा को सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। मामला अर्ध नग्न शरीर पर अपने बच्चों से पेटिंग करवाते हुए एक वीडियो जारी करने से जुड़ा है।

इस संबंध में मामला दर्ज होने के बाद रेहाना ने केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। वहॉं अग्रिम जमानत नहीं मिलने पर वह सुप्रीम कोर्ट पहुॅंची थी।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया में यह अश्लीलता फैलाने का मामला है। इससे नाबालिग बच्चों पर देश की संस्कृति को लेकर क्या प्रभाव पड़ेगा। कोर्ट ने पूछा कि क्या वह सामाजिक कार्यकर्ता होते हुए कोई भी तर्कहीन हरकत करेंगी। इससे बच्चों पर क्या असर पड़ेगा?

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा के नेतृत्व वाली एक शीर्ष अदालत की बेंच ने कहा, “आप यह सब क्यों करती हैं? आप एक कार्यकर्ता हो सकती हैं लेकिन यह किस प्रकार की बकवास है? यह अश्लीलता फैला रही है क्या आप? यह समाज में एक बहुत बुरा असर छोड़ देगा।”

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अगुवाई वाली पीठ ने कहा, “इस तरह के मामले में कोई दिलचस्पी नहीं है। आप इसके लिए बच्चों का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं? बच्चे किस तरह की संस्कृति सीखेंगे?”

जवाब में रेहाना के वकील ने कहा कि वीडियो कामुकता को लेकर संकीर्ण विचारों पर जागरूकता फैलाने के इरादे से बनाया गया था। उन्होंने कहा, “उनका स्टैंड हमेशा से रहा है अगर कोई पुरुष आधा नग्न खड़ा है, तो उसके बारे में कुछ भी सेक्सुअल नहीं है, लेकिन अगर कोई महिला ऐसा करती है, तो यह अश्लील है। वह कहती हैं कि इसमें सुधार लाने का एकमात्र तरीका लोगों को इस बारे में संवेदनशील बनाना है।” इसके जवाब में न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा, “वे इन बातों को समझने के लिए काफी उम्रदराज हैं।”

क्या है मामला?

रेहाना फातिमा ने 19 जून 2020 को ही यूट्यूब वीडियो फेसबुक पर शेयर किया था। इसमें उनके बेटे और बेटी को उनकी सेमी न्यूड बॉडी पर पेंटिंग करते देखा जा सकता है। इस वीडियो के साथ उन्होंने हैशटैग #BodyArtPolitics पोस्ट किया था।

रेहाना के मुताबिक, यह वीडियो उन्होंने इसलिए बनाया था, ताकि महिलाएंँ सेक्स और अपने शरीर को लेकर ज्यादा खुल सकें, वो भी ऐसे समाज में जहाँ यह दोनों चीजें प्रतिबंधित हैं।

हालाँकि, एक भाजपा नेता की शिकायत के बाद फातिमा को पॉक्सो एक्ट की धारा 13, 14, 15, आईटी एक्ट की धारा 67 (B) और धारा 75 के तहत एर्नाकुलम पुलिस ने मामला दर्ज किया था।

गौरतलब है कि रेहाना फातिमा अक्सर विवादों में रहती हैं। इससे पहले भी बहुत बार हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने के आरोप में उनपर मामला दर्ज हो चुका है। वहीं, केरल मुस्लिम जमात काउंसिल ने भी ‘लाखों हिंदू श्रद्धालुओं की भावनाएँ आहत करने’ को लेकर फातिमा को मुस्लिम समुदाय से निष्कासित कर दिया था।

फातिमा ने 2018 में तरबूजों के साथ टॉपलेस फोटो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। ये फोटो फातिमा द्वारा तब शेयर की गई थी जब कोझिकोड के एक प्रोफेसर ने महिलाओं के वक्ष की तुलना तरबूज से की थी। उस समय फातिमा की हरकत पर फेसबुक पर बहुत बवाल हुआ था।

सोमनाथ और अक्षरधाम मंदिरों से भी भव्य होगा राम मंदिर: लार्सन एंड टुब्रो जल्द शुरू करेगा निर्माण, 36-40 महीनों में पूर्ण होगा कार्य

अयोध्या में 5 अगस्त को पीएम मोदी द्वारा राममंदिर भूमिपूजन और शिलान्यास का कार्य संपन्न हो चुका है। अब बहुत जल्द ही दिग्गज कंस्ट्रक्शन कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एल & टी) वहाँ पर नींव की खुदाई कर भव्य राममंदिर का निर्माण आरंभ करने जा रही है।

इकोनॉमिक टाइम्स रिपोर्ट के अनुसार राम मंदिर की पहली मंजिल अगले डेढ़ साल में बन कर तैयार हो जाएगी। संभावना है कि मंदिर स्थल की खुदाई का काम मॉनसून खत्म होने के बाद शुरू हो सकता है। इस कार्य को पूरा होने में लगभग 4-5 महीने लग सकते हैं।

वहीं मंदिर की नींव डालने के काम में लगभग 6 से 8 महीने लग सकते है। राम मंदिर 3 मंजिल का बनाया जाना है। जिसका पहला मंजिल लगभग 6 से 8 महीने में तैयार हो जाएगा।

उम्मीद है कि पूरे मंदिर का निर्माण लगभग 36 से 40 महीनों में हो जाएगा। बाकी बचे दो फ्लोर के निर्माण में 18 महीने का समय लग जाएगा। इसके अलावा मंदिर की सुंदरता और साज-सज्जा में 4 महीने का अतिरिक्त समय और लगेगा।

अयोध्या मंदिर के ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा के अनुसार, ट्रस्ट सबसे पहले मंदिर के लेआउट प्लान के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण से आधिकारिक अनुमति लेगा। लेआउट प्लान के लिए 2 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर के लिए अधिकांश पत्थरों को पहले से ही तैयार किया जा चुका है।

इकोनॉमिक्स टाइम्स रिपोर्ट के अनुसार मिश्रा ने बताया, मंदिर ट्रस्ट और पत्थरों की व्यवस्था भी करेगा क्योंकि मंदिर का आकार अपनी मूल योजना से लगभग दोगुना हो गया है। भव्य मंदिर निर्माण में लगभग 20 प्रतिशत और अधिक पत्थरों की आवश्यकता होगी। मंदिर की साइट पर एल & टी पहले से ही काम कर रहे हैं। जल्द ही कंपनी अपने उपकरणों को लाकर नींव रखने के लिए स्थल पर खुदाई का काम शुरू कर देगी।

मिश्रा ने कहा कि मंदिर मुख्य रूप से बांसी पहाड़पुर पत्थर से बना होगा। मिश्रा ने आगे कहा कि लार्सन एंड टुब्रो और सोमपुरा परिवार इस परियोजना पर एक साथ काम करेंगे। आशीष सोमपुरा वही हैं जिन्होंने मंदिर का संशोधित डिज़ाइन तैयार किया है। एल & टी सोमपुरा द्वारा निर्मित आर्किटेक्चरल डिजाइन का निर्माण करेगा।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राम मंदिर सोमनाथ मंदिर और अक्षरधाम मंदिरों से भी भव्य बनने जा रहा है। विहिप द्वारा ओरिजिनल मॉडल को सोमपुरा द्वारा डिजाइन में संशोधन किया गया था। जिससे प्रस्तावित मंदिर पहले से अधिक बड़ा और अद्भुत हो गया। संशोधित मॉडल में और शिखरों को भी जोड़ा गया है।