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टेरर फंडिंग मामला: NIA कोर्ट ने दिया यासीन मलिक को झटका, 23 अक्टूबर तक बढ़ी न्यायिक हिरासत

अलगाववादी यासीन मलिक को आज 2017 के आतंकी फंडिंग मामले में दिल्ली की राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत में पेश किया गया है। जिसके बाद कोर्ट ने अलगाववादी यासीन मलिक की न्यायिक हिरासत को 23 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है।

बता दें कि अलगाववादी यासीन मलिक के ख़िलाफ़ 2017 में टेरर फंडिंग का आरोप है। इसी मामले में कोर्ट ने उसकी न्यायिक हिरासत को 23 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। अलगाववादी यासीन मलिक को दिल्ली के तिहाड़ जेल में रखा गया है। जानकारी के अनुसार, इससे पहले तिहाड़ जेल प्रशासन ने मलिक को अदालत में पेश करने में असमर्थता ज़ाहिर की थी।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने टेरर फंडिंग मामले में यासीन मलिक, आसिया अंदराबी, शब्बीर शाह, मसरत आलम और अन्य के खिलाफ सप्लिमेंट्री चार्जशीट दायर की थी।

जाँच एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें सोशल मीडिया, फोन कॉल, बातचीत और विभन्न दस्तावेज़ों के रूप में नए सबूत मिले हैं। नए तथ्यों से पता चलता हैं कि जिन लोगों के नाम चार्जशीट में हैं उनका संबंध आतंकवादी हाफ़िज़ सईद और सैयद सलाउद्दीन से हैं।

Aarey कॉलोनी में मेट्रो शेड को मिली हरी झंडी, बॉम्बे हाईकोर्ट ने पेड़ों की कटाई संबंधी याचिकाओं को किया ख़ारिज

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई मेट्रो कार शेड के लिए रास्ता बनाने के लिए आरे कॉलोनी में 2,700 पेड़ों को काटने के बॉम्बे नगर निगम के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सभी याचिकाओं को आज ख़ारिज कर दिया। बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी आरे को पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील और बाढ़ क्षेत्र घोषित करने की याचिका को ख़ारिज कर दिया।

मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंदराजोग और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की पीठ ने गोरेगाँव की आरे कॉलोनी के संबंध में एनजीओ और पर्यावरण कार्यकर्ताओं की ओर से दायर चार याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया। बता दें कि गोरेगांव मुंबई महानगर का प्रमुख हरित क्षेत्र है। खंड पीठ ने आरे कॉलोनी को हरित क्षेत्र घोषित करने के संबंध में शहर के एनजीओ वनशक्ति की याचिका को भी ख़ारिज कर दिया।

कोर्ट  ने कहा, “यह मामला सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के समक्ष लंबित है। इसलिए हम याचिका को एक जैसा मामला होने के कारण खारिज कर रहे हैं, न कि गुण-दोष के आधार पर।”

इसके अलावा अदालत ने कार्यकर्ता जोरु बथेना की याचिका को भी ख़ारिज कर दिया जिसमें आरे कॉलोनी को बाढ़ क्षेत्र घोषित करने का अनुरोध किया गया था और मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को कार शेड बनाने के लिए आरे कॉलोनी में 2,656 पेड़ काटने की बीएमसी की मंजूरी को भी चुनौती दी गई थी।

वहीं, पीठ ने शिवसेना पार्षद यशवंत जाधव पर 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया जिन्होंने बीएमसी के वन प्राधिकरण की मंजूरी के ख़िलाफ़ याचिका दायर की थी। बता दें कि यशवंत जाधव वृक्ष प्राधिकरण के सदस्य हैं।

जानकारी के अनुसार, आरे कॉलोनी 1278 हेक्टेयर भूमि पर फैली हुई है, जिसमें से, मेट्रो कार शेड केवल 30 हेक्टेयर आरे की भूमि पर बनाया जाएगा और यहाँ तक ​​कि 5 हेक्टेयर भूमि को हरियाली के लिए बरकरार रखा गया है। इसलिए संक्षेप में, पूरी आरे कॉलोनी का केवल 2% क्षेत्र प्रस्तावित मेट्रो कार शेड के लिए उपयोग किया जाएगा।

हाल ही में, मारोल की एक महिला को मुंबई मेट्रो निर्माण परियोजना का समर्थन करने वाले फेसबुक पोस्ट लिखने के लिए एनजीओ वनशक्ति से एक आरे ‘कार्यकर्ता’ द्वारा धमकी दी गई थी।

प्रस्तावित मेट्रो शेड के कारण व्यापक विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे, इसमें विभिन्न एनजीओ और फ़िल्मी सितारे शेड का विरोध करने के लिए एकजुट हुए थे। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि वर्तमान सरकार शहर को तबाह कर रही है, जंगलों को नष्ट कर रही है और सरकार का यह क़दम पर्यावरण विरोधी है।

‘भाषाओं के परिवार में डायपर वाले बच्चे की तरह है हिंदी, इसे जबरदस्ती हमारे गले मत उतारो’

तमिलनाडु में चल रहे हिंदी पर विवाद के बीच मक्कल नीधि मय्यम (MNM) के चीफ और अभिनेता कमल हासन ने एक कार्यक्रम में हिंदी भाषा को लेकर विवादित बयान दिया है। कमल हासन ने हिंदी की तुलना ‘डायपर में छोटे बच्चे’ से की है। कमल हासन ने अपने भाषण में कहा कि तमिल और संस्कृत जैसी पुरानी भाषाओं की तुलना में हिंदी भाषा एक डायपर पहने छोटे बच्चे जैसी है। कमल हासन ने यह बात चेन्नई के लोयला कॉलेज में एक कार्यक्रम के दौरान की। इस कार्यक्रम में कमल हासन से भाषाओं पर चल रही राजनीति पर सवाल किया गया था।

इस दौरान कमल हासन ने कहा, “भाषाओं के इस परिवार में सबसे छोटी भाषा हिंदी है। यह डायपर में एक छोटा बच्चा है। हमें इसका ध्यान रखना होगा। हिंदी- तमिल, संस्कृत और तेलुगु की तुलना में, यह अभी भी सबसे छोटी भाषा है। मैं हिंदी का अपमान नहीं करता, लेकिन इसे जबरदस्ती हमारे गले मत उतारो।” 

बता दें कि इससे पहले भी कमल हासन ने हिंदी के खिलाफ अपनी आवाज उठा चुके हैं। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा था, “भाषा को लेकर एक और आंदोलन होगा, जो तमिलनाडु में जल्लीकट्टू विरोध प्रदर्शन की तुलना में बहुत बड़ा होगा। हम सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन तमिल हमेशा हमारी मातृभाषा रहेगी। 1950 में देशवासियों से वादा किया गया था कि उनकी भाषा और संस्कृति की रक्षा की जाएगी। कोई शाह, सम्राट या सुल्तान इस वादे को अचानक से खत्म नहीं कर सकता।”

गौरतलब है कि तमिलनाडु में यह पूरा मामला हिंदी दिवस के मौके पर अमित शाह के ट्वीट के बाद शुरू हुआ था। जहाँ अमित शाह ने एक देश एक भाषा की बात कही थी। जिसको लेकर तमिलनाडु में खासा विरोध देखा गया था। तमिलनाडु की भाषा पर राजनीति हमेशा से ही चलती रही है, जहाँ तमिल कार्ड खेलकर राजनेता अपनी अपनी राजनीति करते रहे हैं।

गैर इस्लामिक तरीके से दाढ़ी काटने पर बुरा अंजाम भुगतने की चेतावनी,नाई हिरासत में, ₹5000 का जुर्माना

कश्मीर में मजहब वालों के कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन का दुष्प्रचार कर रहे पाकिस्तान की अभी कुछ दिन पहले ही संयुक्त राष्ट्र के बाहर ईश निंदा के नाम पर हो रहे अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर भारी फजीहत हुई है। अब खबर आ रही है कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वां में चार नाईयों को सिर्फ इसलिए हिरासत में ले लिया गया, क्योंकि उन्होंने गैर इस्लामिक तरीके से लोगों की दाढ़ी बनाई थी।

घटना 30 सितंबर की बताई जा रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने पर यह खबर आम हो गई। पाकिस्तान के अखबार ‘द डॉन’ के मुताबिक वीडियो में स्थानीय ट्रेड यूनियन नेता समीन स्थानीय पुलिस को चार नाईयों को हिरासत में लेने को कह रहा है। पुलिस के साथ वह उन नाईयों से पूछ रहा है कि उन्होंने लोगों की दाढ़ी फैशन के अनुरूप स्टाइलिश क्यों काटी, जबकि ट्रेड यूनियन ने इसे गैर इस्लामिक बताते हुए प्रतिबंधित किया है। वीडियो के मुताबिक इस बारे में फैसला लेने के बाद यूनियन ने सभी स्थानीय दुकानदारों को इसके बारे में अवगत करा दिया था।

समीन के मुताबिक कुछ नाई प्रतिबंध की अवहेलना कर लोगों की स्टाइलिश दाढ़ी काट रहे थे। वीडियो में दिखाया गया है कि स्थानीय पुलिस उन चार नाईयों को हिरासत में लेकर उनसे 5,000 रुपए का जुर्माना वसूलने के बाद चेतावनी के साथ रिहा कर देती है। साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर उन्होंने गैर इस्लामिक तरीके से लोगों की स्टाइलिश दाढ़ी आगे भी काटी तो अंजाम और बुरा होगा। खबर के अनुसार स्थानीय पुलिस ने नाईयों को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि करते हुए हुए कहा कि स्थानीय ट्रेड यूनियन की शिकायत के बाद यह कदम उठाया गया था।

पाकिस्तान में कोई गैर-मुस्लिम नहीं बन सकता PM या राष्ट्रपति, संसद ने खारिज किया संशोधन बिल

पाकिस्तान की संसद ने किसी गैर-मुस्लिम व्यक्ति के देश का प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बनने की अनुमति दिए जाने के मकसद से लाए गए संविधान संशोधन विधेयक पर रोक लगा दी। विपक्षी पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के एक इसाई सांसद नवीद आमिर जीवा ने बुधवार (अक्टूबर 2, 2019) को पाकिस्तानी संविधान के आर्टिकल 41 और 91 में संशोधन के लिए एक विधेयक संसद में पेश करना चाहते थे, ताकि पाकिस्तान में गैर-मुस्लिमों को भी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बनने का हक मिल सके। मगर पाकिस्तानी संसद ने बहुमत के साथ इस बिल को खारिज कर दिया। जिसके बाद ये साफ हो गया है कि अब कोई भी गैर-मुस्लिम देश का प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति नहीं बन सकता है। 

संसदीय मामलों के राज्य मंत्री अली मोहम्मद ने विपक्षी सांसद के इस प्रस्तावित बिल का विरोध किया। मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान एक इस्लामिक रिपब्लिक है जहाँ सिर्फ मुस्लिम ही राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री बन सकता है। पाकिस्तान की दक्षिणपंथी राजनीतिक दल जमात-ए-इस्लामी के सदस्य अब्दुल अकबर चित्राली ने संसदीय राज्य मंत्री अली मोहम्मद के इस विचार की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी कानून जो इस्लामिक मूल्यों और शिक्षाओं के खिलाफ हो, पास नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया कि संसद में ऐसे बिल को पेश भी नहीं किया जाना चाहिए और न ही उस पर चर्चा होनी चाहिए।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत पर हमले करते हुए कहा कि नई दिल्ली (भारत सरकार) मुस्लिमों को उनके मौलिक अधिकारों से वंचित कर रही है और यह मुस्लिम बहुल कश्मीर घाटी की जनसांख्यिकी को बदलने का प्रयास कर रही है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान दावा करते हैं कि उनकी सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के साथ भेदभाव नहीं करती है, लेकिन देश की नेशनल असेंबली के हालिया फैसले ने उनके पाखंड को उजागर कर दिया है। इमरान खान ने बार-बार कहा कि उनके देश में अल्पसंख्यक पूरी तरह से स्वतंत्रता और सुरक्षा का आनंद ले रहे हैं। उनके अधिकारों की रक्षा की जा रही है, मगर संसद के इस फैसले से साफ जाहिर हो रहा है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की क्या स्थिति है।

IAF ने जारी किया बालाकोट एयर स्ट्राइक का प्रमोशनल वीडियो: पाकिस्तान में ऐसे तबाह हुए थे आतंकी ठिकाने

भारतीय वायु सेना ने बालाकोट एयर स्ट्राइक का प्रमोशनल वीडियो जारी कर दिया है। इसमें भारत ने आतंकी संगठन जैश के ठिकानों को बमबारी से तबाह कर दिया था। पुलवामा में सीआरपीएफ के काफ़िले पर आतंकी हमले के जवाब में भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। शुक्रवार (4 अक्टूबर) को भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बालाकोट एयर स्ट्राइक का एक प्रमोशनल वीडियो जारी किया। इस वीडियो में बालाकोट एयर स्ट्राइक के सीन हैं।

बता दें कि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान स्थित बालाकोट में जैश के आतंकी ठिकानोंं को तबाह करने संबंधी ‘मिशन’ को महज़ 90 सेकंड के अंदर अंजाम दिया था। इस ऑपरेशन को जिस सीक्रेसी के तहत अंजाम दिया गया उसका अंदाज़ा तो इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इसे अंजाम देने वाले पायलट्स के परिवारों को इसके बारे में कुछ भी नहीं मालूम था।

प्रेस कॉन्फ्रेन्स में एयर चीफ़ मार्शल भदौरिया ने कहा कि पिछले एक साल में भारतीय वायु सेना ने कई बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाइयों को बड़ी उपलब्धि बताया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में पाकिस्तान की तरफ से कोई भी आतंकी गतिविधि को अंजाम दिया गया तो सरकार की योजना के अनुसार उसका उचित जवाब दिया जाएगा।

एक सवाल चीफ़ मार्शल से पूछा गया कि क्या पाकिस्तान, भारत के पायलट्स का कम्यूनिकेशन जाम करने में फिर से सफल हो पाएगा, जैसा कि विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के मामले में हुआ था? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि सेफ रेडियो कम्यूनिकेशन को सुनिश्चित करने के लिए उचित ठोस क़दम उठाए जा चुके हैं, इसलिए अब पाकिस्तान हमारे बीच की किसी बात को नहीं सुन पाएगा।

मीडिया से बातचीत के दौरान चीफ़ मार्शल भदौरिया ने कहा कि राफेल और S-400 का इंतज़ार है, इनके आने के बाद वायु सेना की ताक़त में कई गुना इज़ाफ़ा होगा। उन्होंने 27 फरवरी को बड़गाम में MI-17 चॉपर क्रैश की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा, “कोर्ट ऑफ़ इन्क्वॉरी पूरी हो चुकी है। हमारी ही मिसाइल से हमारा चॉपर क्रैश हुआ, यह हमारी ही ग़लती थी। हम दो अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे। हम स्वीकार करते हैं कि यह हमारी बड़ी चूक थी और आश्वासन देते हैं कि ऐसी ग़लती भविष्य में फिर से नहीं होगी।”

कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता नवरात्रि के दौरान सोनिया गाँधी की करते हैं पूजा, मानते हैं ‘देवी’: कामना उनके प्रधानमंत्री बनने की

मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता डॉक्टर टीके नवरात्रि के दौरान ‘देवी’ के रूप में सोनिया गाँधी की पूजा-अर्चना करते हैं, क्योंकि उन्हें कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पर उतना ही विश्वास है जितना भगवान में है। इतना ही नहीं उन्होंने यह तक क़सम खाई हुई है सोनिया गाँधी जब तक भारत का प्रधानमंत्री नहीं बन जाती तब तक वो अपना सिर मुंडवाए रखेंगे।

मध्य प्रदेश के दतिया में, डॉ टीके नवरात्रि के दौरान सोनिया गाँधी की पूजा करते हैं क्योंकि उनका मानना है कि वह देवी का अवतार हैं। वो उनसे प्रार्थना करते हैं और नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक सोनिया गाँधी के लिए व्रत रखते हैं। यहाँ तक कि वह सोनिया गाँधी से प्रार्थना करने के लिए नवरात्रि का उपवास भी रखते हैं।

ख़बर के अनुसार, वह पिछले 20 सालों से सोनिया गाँधी की पूजा कर रहे हैं। डॉ टीके का कहना है कि वो सिर्फ़ इतना चाहते हैं कि सोनिया गाँधी देश की प्रधानमंत्री बनें और बुराई को नष्ट करें। वह प्रतिदिन स्नान करने के बाद सोनिया गाँधी से प्रार्थना करते हैं।

दतिया के उनाव गाँव जो कि पूरे देश में भगवान भास्कर के लिए विख्यात है, यहाँ निजी चिकित्सक का काम कर रहे कॉन्ग्रेस नेता डॉ टीके कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष को माँ दुर्गा का दर्जा देते हैं, और उसी भाव से उनकी तस्वीर के आगे दिया जलाकर, फूल-पत्तियों से उनकी अराधना करते हैं, निश्चित तौर पर यह बात हैरान कर देने वाली है।

नवरात्रि जैसे पावन अवसर पर देश-विदेश में लोग आदिशक्ति की पूजा-अर्चना करते हैं। पश्चिम बंगाल में तो लोग जगह-जगह विशेष पूजा का आयोजन भी करते हैं। ऐसे में मूलत: पश्चिम बंगाल के डॉ टीके का इस तरह का व्यवहार बेहद आश्चर्यजनक तो लगता ही है, साथ में उनकी चाटूकारिता को भी उजागर करता है।

पाकिस्तान में तख्तापलट की आशंका, इमरान खान को सत्ता से हटाने के लिए ‘आजादी मार्च’ का ऐलान

पाकिस्तान में इमरान सरकार पर मुसीबतों के बादल मंडरा रहे हैं। पद संभालने के बाद से ही ‘सेलेक्टेड पीएम’ का तंज झेल रहे है इमरान खान के खिलाफ पाकिस्तान की अन्य पार्टियाँ एकजुट हो चुकी हैं। पाकिस्तान की मुख्य दक्षिणपंथी पार्टी ‘अक्षम’ सरकार गिराने की तैयारी में है और इस बार उनका साथ देने के लिए विपक्ष ने भी हामी भर दी है।

पार्टी ने देश में उपजे आर्थिक संकट के लिए इमरान सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी का आरोप है कि खान आर्थिक संकट से गुजर रहे देश को समस्याओं से बाहर निकाल पाने में असफल हैं। पार्टी ने इमरान खान को प्रधानमंत्री पद से हटाने के लिए आजादी मार्च निकालने की घोषणा की है। जमियत अलेमा-ए-इस्लाम-फज्ल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फज्लुर रहमान ने गुरुवार (अक्टूबर 3, 2019) को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि 27 अक्टूबर से आजादी मार्च निकाली जाएगी।

बता दें कि दो दिन पहले ही शीर्ष विपक्षी पार्टियों पीएमएल-एन (PML-N) और पीपीपी (PPP) ने सरकार के खिलाफ किसी भी एकल संघर्ष का विरोध किया था। साथ ही प्रधानमंत्री इमरान खान को सत्ता से बाहर करने और आम सहमति विकसित करने के लिए सभी दलों की बैठक बुलाने का फैसला किया था। फज्लुर रहमान ने कहा था कि विपक्षी पार्टियों ने 25 जुलाई का चुनाव खारिज कर दिया था और फिर से चुनाव कराने की माँग की थी।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में फजलुर रहमान ने कहा, “यह सरकार फर्जी चुनावों का परिणाम है। हम डी-चौक पर इकट्ठा होंगे। हम वे लोग नहीं हैं, जिन्हें आसानी से तितर-बितर किया जा सकता है।” उन्होंने आगे कहा, “सभी विपक्षी पार्टियाँ इस बात पर सहमत हैं कि नए सिरे से चुनाव कराए जाएँ ताकि पता चल सके कि किसे वास्तविक जनादेश हासिल है।” उन्होंने अकेले आगे बढ़ने की बात को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी अन्य सभी पार्टियों के साथ संपर्क में है और उनके साथ सलाह मशविरा करके ही फैसले ले रही है।

राहुल टाइगर रिजर्व में नाईट ट्रैफिक प्रतिबंध के ख़िलाफ़, मंत्री ने कहा- उन्हें माफ़ियाओं के हितों की अधिक चिंता

कर्नाटक राज्य के बांदीपुर टाइगर रिजर्व से गुज़रने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर रात के यातायात प्रतिबंध के ख़िलाफ़ कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के रुख़ पर सवाल उठाते हुए, कर्नाटक के पर्यटन मंत्री सीटी रवि ने गुरुवार (3 अक्टूबर) को आरोप लगाया कि उन्हें जंगली जानवरों के जीवन की सुरक्षा की तुलना में विभिन्न माफ़ियाओं के हितों की चिंता अधिक है।

पर्यटन मंत्री ट्वीट किया, “कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी चाहते हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग बांदीपुर वन से गुज़रने वाले वाहनों को रात के समय भी वाहनों के आवागमन के लिए खोला जाए। इससे स्पष्ट है कि जंगली जानवरों की सुरक्षा और जीवन की तुलना में कॉन्ग्रेस के लिए विभिन्न माफ़ियाओं के हित अधिक महत्वपूर्ण हैं।” 

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी इस मुद्दे पर यहाँ ‘राजनीति खेल रहे थे‘ और इस संबंध में उन्होंने एक अदालत के आदेश का उल्लेख भी किया। वन्य जीवन की रक्षा करना राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी होती है।

बुधवार (2 अक्टूबर) को, मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा था, “रात में वाहनों को अनुमति नहीं देने के संबंध में अदालत का आदेश है। मैं अदालत के आदेश का उल्लंघन नहीं कर सकता। राहुल गाँधी को इसके बारे में पता होना चाहिए।”

वन्यजीवों के प्रति डर को कम करने के लिए बाघ रिजर्व के माध्यम से यातायात की आवाजाही पर रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रोक लगाई गई है।

राहुल गाँधी, जो केरल में वायनाड लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्होंने हाल ही में नई दिल्ली में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से मुलाक़ात की थी और उन्हें रात्रि यातायात प्रतिबंध होने के कारण वायनाड के लोगों की कठिनाइयों से अवगत कराया था।

उन्होंने वायनाड के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की है जो इस मुद्दे पर पिछले कई दिनों से विरोध कर रहे हैं। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि राहुल गाँधी के शुक्रवार (4 अक्टूबर) को वायनाड में प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल हो सकते हैं।

रामचंद्र गुहा, मणिरत्नम, अपर्णा सेन, अनुराग कश्यप समेत 50 वामपंथियों पर FIR दर्ज, राजद्रोह सहित कई धाराएँ लगी

देश में बढ़ रहे मॉब लिंचिंग के मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला खत लिखने वाले रामचंद्र गुहा, मणि रत्नम और अपर्णा सेन समेत 50 नामी-गिरामी हस्तियों के खिलाफ बिहार में गुरूवार (अक्टूबर 4, 2019) को प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह एफआईआर बिहार के मुजफ्फरपुर में दर्ज की गई है।

बता दें कि स्थानीय वकील सुधीर कुमार ओझा की ओर से दो महीने पहले दायर की गई एक याचिका पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सूर्य कांत तिवारी के आदेश के बाद यह प्राथमिकी दर्ज हुई है। ओझा ने कहा कि सीजेएम ने 20 अगस्त को उनकी याचिका स्वीकार कर ली थी। इसके बाद गुरूवार को सदर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज हुई। 

ओझा का आरोप है कि इन हस्तियों ने देश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को कथित तौर पर धूमिल किया। पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। इसमें राजद्रोह, उपद्रव करने, शांति भंग करने के इरादे से धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित धाराएँ लगाई गईं हैं। 

पत्र लिखने वालों में इतिहासकार रामचंद्र गुहा, फिल्म निर्देशक मणिरत्नम, फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप, फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल, अभिनेता सौमित्र चटर्जी, अभिनेत्री अपर्णा सेन, कोंकणा सेन शर्मा और गायिका सुधा मुद्गल आदि शामिल हैं। इस पत्र में लिखा गया था कि ‘जय श्री राम’ एक भड़काऊ नारा बन गया है और इसके नाम पर मॉब लिंचिंग की कई घटनाएँ हो रही हैं, जो कि कानून व्यवस्था के लिए समस्या बन गया है।