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500 आतंकी घुसपैठ की फिराक में, पाकिस्तान ने फिर शुरू किया बालाकोट अड्डा: सेना प्रमुख

जम्‍मू-कश्‍मीर मेंअनुच्‍छेद-370 को निरस्त किए जाने के बाद से घाटी में मौजूद आतंकवादियों का सम्पर्क उनके पाकिस्‍तान स्‍थित आकाओं से टूट गया है। ऐसा होने से अब आतंकवादियों को किसी भी तरह का निर्देश नहीं मिल पा रहा है। यह जानकारी भारतीय सेनाध्‍यक्ष जनरल विपिन रावत ने सोमवार को चेन्‍नई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दी।

उन्होंने कहा कि बालाकोट को पाकिस्तान ने हाल ही में फिर से शुरू कर दिया है। इससे पता चलता है कि बालाकोट प्रभावित हुआ था। वह क्षतिग्रस्त और नष्ट हुआ था। इसलिए लोग वहाँ से चले गए थे और अब वह फिर से सक्रिय हो गया है।

इस कार्यक्रम में पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए सीजफायर का उल्‍लंघन करता है, लेकिन हमें पता है कि उससे कैसे डील करना है। हमारे जवानों को पता है कि ऐसी परिस्थियों से कैसे निपटना है।

उन्होंने कहा कि क़रीब 500 घुसपैठिए भारत में घुसने की फिराक में हैं। किसी भी तरह की घुसपैठ को रोकने के लिए जवान उच्‍चतम स्‍तर के अलर्ट पर हैं। विपिन रावत ने कहा, “मुझे लगता है कि कुछ तत्वों द्वारा इस्लाम की व्याख्या इस तरह की जा रही है, जैसे लगता है कि वे व्यवधान पैदा करना चाहते हैं। मुझे लगता है कि हमारे पास प्रचारक हैं जो इस्लाम के सही अर्थ को बता सकते हैं।”

सेनाध्यक्ष ने सरहद पर जारी तनाव के संदर्भ में कहा कि हमारी उत्तर-पश्चिम की सीमाओं पर तनाव की स्थिति है। उन्होंने कहा कि हर देश को अपनी सीमाओं को सुरक्षित करना होगा। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि देश में किसी भी तरह से घुसपैठ न होने पाए। पाकिस्तान का नाम लिए बिना सेनाध्यक्ष ने कहा कि हमारा पश्चिमी पड़ोसी राज्य प्रायोजित आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और जम्मू-कश्मीर में हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहा है।

ग़ौरतलब है कि पुलवामा में आतंकी हमले के बाद 26 फरवरी को भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान स्थित बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। भारतीय वायु सेना की इस एयरस्ट्राइक में जैश के ट्रेनिंग कैम्प ध्वस्त हो गए थे। वायु सेना की रिपोर्ट के अनुसार बालाकोट में उनके 80% निशाने सही लगे।

अलवर में गौ तस्कर मुनफेद खान की भीड़ ने की पिटाई, उसकी गाड़ी से 7 गोवंश बरामद, अस्पताल में भर्ती

राजस्थान के अलवर जिले में रविवार (सितंबर 22, 2019) देर रात गौ तस्करी के आरोप में मुनफेद खान नामक शख्स की पिटाई की घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि गौ तस्करी के कई मामलों के आरोपित मुनफेद की स्थिति इस घटना के बाद गंभीर है, उसे शाहजहाँपुर के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उसके शरीर में कई फ्रैक्चर आए हैं।

आजतक में प्रकाशित खबर की मानें तो पुलिस ने बताया कि देर रात खुसा की ढाणी में भीड़ ने मुनफेद खान को घेरा और उसकी गाड़ी से 7 गोवंश बरामद किए। इस दौरान लोगों का गुस्सा उसपर फूट पड़ा और उन्होंने मुनफेद की जमकर पिटाई कर दी।

हालाँकि, मौक़े पर पहुँची पुलिस ने मुनफेद को बचाकर शाहजहाँपुर के अस्पताल में भर्ती करवाया, लेकिन वहाँ उसकी स्थिति गंभीर हैं। कहा जा रहा है कि भीड़ का शिकार हुआ गौ तस्कर पुलिस की नाकाबंदी तोड़कर भाग रहा था, लेकिन हड़बड़ाहट में वो भीड़ के हत्थे चढ़ गया।

गौरतलब है कि इससे पहले भी राजस्थान से गौ तस्करी के कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ पर गौ तस्करों पर लोगों का गुस्सा फूटता हुआ देखा गया। 1 अप्रैल 2017 को पहलू खान वाली घटना इसका सबसे ज़्यादा सुना हुआ उदहारण है। इसके अलावा साल 2018 में रकबर खान नामक शख्स भी इस आरोप में भीड़ के गुस्से का शिकार हुआ था, तब इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

PM मोदी ने नहीं किया अमेरिकी चुनाव में हस्तक्षेप: ‘अबकी बार ट्रम्प सरकार’ पर कॉन्ग्रेस, मीडिया गिरोहों ने फैलाया झूठ

ह्यूस्टन, टेक्सास में आयोजित मेगा इवेंट में कल रात प्रधानमंत्री मोदी ने दर्शकों को याद दिलाया कि कैसे 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान, डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका में भारतीय प्रवासी मतदाताओं से अपील करते हुए ‘अबकी बार ट्रम्प सरकार’ कहा था।

पीएम मोदी ने कहा, “हम भारत में राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ अच्छी तरह से जुड़े हैं, उम्मीदवार ट्रम्प के शब्द, ‘अबकी बार ट्रम्प सरकार’, स्पष्ट हैं।” अक्टूबर 2016 में, अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव प्रचार के दौरान, तत्कालीन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ट्रम्प थे, उन्होंने कहा था कि अमेरिका में भारतीय और हिन्दू समुदाय का ‘दोस्त’ व्हाइट हाउस में होगा। फिर, प्रधानमंत्री मोदी के 2014 के लोकप्रिय चुनावी नारे, ‘अबकी बार, मोदी सरकार’ का उपयोग करते हुए, डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था, ‘अबकी बार, ट्रम्प सरकार’ (इस बार, यह एक ट्रम्प सरकार होगी)।

कल रात, अमेरिका में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रम्प द्वारा उपरोक्त अभियान के नारे को याद किया।

हालाँकि, कॉन्ग्रेस नेताओं और अन्य मीडिया गिरोहों ने मिलकर झूठ फैलाया कि पीएम मोदी ने 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प का समर्थन किया।

कॉन्ग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी पर ट्रम्प के लिए सक्रिय रूप से प्रचार करने का आरोप लगाया और ट्वीट किया और उन्हें यह याद दिलाने की कोशिश की कि वह भारत के प्रधानमंत्री के रूप में अमेरिका गए थे न कि अमेरिकी चुनावों में स्टार प्रचारक के रूप में।

द हिंदू की को-चेयरपर्सन मालिनी पार्थसारथी ने इसे डोनाल्ड ट्रम्प के रीइलेक्शन के लिए ‘वर्चुअल एंडोर्समेंट’ के रूप में घोषित कर दिया।

सागरिका घोष भी झूठ फैलाने में इस फेहरिस्त में शामिल हो गईं।

अचंभे वाली बात तो यह है कि सागरिका के लेख में स्पष्ट रूप से यह लिखा गया कि पीएम मोदी 2016 के चुनावी नारे का उपयोग कर रहे थे। जिसका सीधा सा मतलब साफ़ निकलकर सामने आता है कि पीएम मोदी आने वाले चुनाव के संदर्भ में बात नहीं कर रहे थे।

पीएम मोदी द्वारा इस्तेमाल किए गए नारे को ब्लूमबर्ग ने भी 2020 के चुनाव के लिए ट्रम्प के समर्थन के रूप में ग़लत तरीके से समझा और प्रस्तुत किया।

अन्य लोगों ने भी यह कहते हुए अपनी अज्ञानता को उजागर किया कि यह पीएम मोदी थे जिन्होंने अब की बार ट्रम्प सरकार का नारा गढ़ा था।

आम आदमी पार्टी के अरविंद झा ने इसे ‘अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप’ करार दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कल रात ह्यूस्टन, टेक्सास में भारतीय प्रवासियों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का स्वागत करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज हमारे साथ एक महत्वपूर्ण शख्स मौजूद हैं, इन्हें किसी पहचान की जरूरत नहीं है। इनका नाम धरती का हर व्यक्ति जानता है।”

पीएम मोदी ने इस दौरान विश्व की एनर्जी कैपिटल कहे जाने वाले ह्यूस्टन में अमेरिकी कॉन्ग्रेस के कई नेताओं से मुलाक़ात की। कार्यक्रम में 50,000 लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को अमेरिका के बड़े नेता और अमेरिका के ‘हाउस मेजोरिटी लीडर’ स्टेनी होयर ने भी सम्बोधित किया। होयर ने इस दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की बात की और पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए भारत-अमेरिका संबंधों के बारे में बात की।

बसपा के कार्यकर्ता सम्मेलन में चले लाठी-जूते, सांसद सतीशचंद्र मिश्रा को भागना पड़ा, Video वायरल

हरियाणा के बल्लभगढ़ में रविवार (सितंबर 22, 2019) को पृथला विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी सुरेंद्र वशिष्ठ के लिए आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में दो गुटों की लड़ाई के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आयोजन में पहुँचे पार्टी के सांसद सतीशचंद्र मिश्रा को कार्यक्रम बीच में छोड़कर भागना पड़ा। जानकारी के मुताबिक यहाँ वशिष्ठ की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे लोगाें और समर्थकों में जमकर लाठियाँ-डंडे चले। पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन काफी मशक्कत के बाद वो स्थिति पर काबू पाने में सफल हुए।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बहुजन समाज पार्टी की तरफ से पृथला विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी सुरेंद्र वशिष्ठ रविवार को बल्लभगढ़ की अग्रवाल धर्मशाला में एक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करने पहुँचे थे। जिसमें सांसद सतीश चंद्र मिश्रा भी शिरकत करने आए थे।

लेकिन जानकारी के मुताबिक इस दौरान कार्यक्रम में विरोधी गुट के वो लोग भी आ पहुँचे, जो गिरीराज जटौला को पार्टी से निकाल दिए जाने को लेकर नाराज थे और वशिष्ठ को उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर उनका विरोध कर रहे थे।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार जटौला के भाई और उनके कुछ समर्थकों ने इस कार्यक्रम में आने के बाद वशिष्ठ के विरोध में पहले नारेबाजी करनी शुरू की, जिससे दोनों पक्षों में तनातनी बढ़ गई और कुछ ही देर में दोनों ओर से लाठियाँ चलने लगीं। जिस कारण झड़प में वशिष्ठ के 2 कार्यकर्ताओं को चोटें आई।

हालाँकि, पुलिस ने हालातों को काबू पाने के बाद गिरिराज जटौला के भाई को हिरासत में ले लिया और माहौल को शांत करवाया। लेकिन इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो गई, जिस कारण बहुत से लोग इसपर बसपा अध्यक्ष मायावती का नाम उछालकर चुटकियाँ ले रहे हैं।

राहुल की आदित्य ठाकरे से तुलना पर कॉन्ग्रेस नेता ने अंजना ओम कश्यप को खुलेआम दी पिटाई की धमकी

हाल ही में अपने शो के दौरान बैकग्रॉउंड में युवा सेना के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे को भावी राहुल गाँधी बताकर आजतक की एंकर अंजना ओम कश्यप एक बार फिर से ट्रोल हो गईं। उनकी इस गलती की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, जिसमें साफ़ सुना जा सकता है कि वो आदित्य ठाकरे की बाइट के पीछे कह रहीं है, “यह शिवसेना का ‘राहुल गाँधी’ साबित होगा। लिखकर रख लीजिए।”

हालाँकि, बाद में अंजना ओम कश्यप द्वारा इस घटना के संबंध में ट्वीट करके खेद व्यक्त किया गया। उन्होंने अपने ट्विटर पर इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “आदित्य ठाकरे पर दिए गए मेरे जिस बयान को विद्वेष के साथ फैलाया जा रहा है वह एक निर्णय संबंधी चूक थी। मैं इसके लिए खेद व्यक्त करती हूँ। मेरे इस बयान का मेरे चैनल या नेटवर्क से किसी भी तरह का संबंध नहीं है।”

यहाँ उल्लेखनीय है कि इस वीडियो क्लिप के वायरल होने के बाद लोगों ने तरह-तरह की बातें करते हुए अंजना ओम कश्यप को खूब खरी खोटी सुनाई। लेकिन कॉन्ग्रेस पार्टी के एक नेता ने तो हद ही कर दी, जब उन्होंने खुले आम एक महिला पत्रकार को अपने ट्वीट के जरिए हिंसात्मक नोटिस दिया।

दरअसल, कॉन्ग्रेस नेता और NSUI के पूर्व अध्यक्ष कुमार राजा ने अपने ट्वीट में लिखा, “कॉन्ग्रेस के सभी युवा साथियों से अपील है कि जो भी हो कोई नेता या अंजाना ओम कश्यप जैसे बिके हुए पत्रकार, अगर हमारे नेता के बारे में कोई बेहूदा टिप्पणी करते हैं, तो उसको मजबूती से जवाब मिलेगा उसके ही भाषा में और जरूरत पड़ने पर पिटाई भी। जय हिन्द।”

इस ट्वीट के बाद कुमार राजा के समर्थकों की इस पोस्ट पर भीड़ लग गई। लोगों ने न केवल अंजना की इस दौरान आलोचना की बल्कि इस पिटाई वाले संदेश पर लोग ये भी पूछने लगे कि ये कबसे शुरू करना है। किसी ने कहा, कॉन्ग्रेस की महिला नेत्रियों को सुष्मिता देव के नेतृत्व में आजतक के स्टूडियो में घुसकर अंजना का ‘यथोचित सत्कार’ करना चाहिए था तो किसी ने दूसरे दर्शकों से गुहार लगाई कि इस चैनल को देखना बंद करें।

एक ने तो कुमार राजा से ये तक कहा कि ये पिटाई वाला विकल्प आरक्षित रखा था, अब इसे आजमाइश में लाया जाए।

हालाँकि, कॉन्ग्रेस नेता और उनकी इस इस खुली चेतावनी के बाद शिवसेना के नेता राहुल कालते ने कुमार राजा को उनके बयान पर घेरते हुए पार्टी की विचारधारा पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, “राहुल गाँधी अपनी रैलियों में प्यार की राजनीति की बात करते हैं, और उनके युवा नेता महिला पत्रकार की पिटाई की तैयारी कर रहे है। कॉन्ग्रेस पार्टी जैसी ढोंगी पार्टी पूरे ब्रह्मांड में नही मिलेगी।”

बता दें कुमार राजा को इस संबंध में कोई फर्क़ नहीं पड़ा। बल्कि वो खुलकर अपनी हिंसात्मक संदेश का समर्थन कर रहे हैं और जो लोग उनके विरोध में बोल रहे हैं, वो उन्हें आपत्तिजनक भाषा में प्रतिक्रिया दे रहे हैं। जिसका स्क्रीनशॉट एक यूजर ने राहुल कालते के ट्वीट में लगाया भी है।

PM ने ‘Howdy Modi’ कार्यक्रम में किया 370 हटाने का जिक्र तो भड़कीं महबूबा, कहा- यह इस देश की विडंबना…

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा अपनी विवादित और तीखी टिप्पणियों से आए दिन सुर्ख़ियों में बनी रहती हैं। अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी की लोकप्रियता और कार्यक्रम की सफलता महबूबा के गले नहीं उतर रही है। वे भी इस कार्यक्रम पर तीखी टिप्पणी से बाज नहीं आईं।

इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर तीखी प्रतिक्रिया दर्ज करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा कहा जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को हटाने का फ़ैसला इसलिए लिया गया जिससे राज्य के ‘विशेष हितों’ को सुरक्षित किया जा सके, यह इस देश की विडंबना है। इस फ़ैसले को लेकर कई जगहों पर ख़ुशियाँ मनाई जा रही हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोग ही इससे ख़ुश नहीं हैं, जहाँ इसका लाभ सबसे अधिक होने की उम्मीद की जा रही है।

बता दें कि यह कोई पहला मौक़ा नहीं है जब महबूबा मुफ़्ती ने मोदी सरकार की आलोचना की हो। फरवरी महीने में उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार, राज्यपाल सत्यपाल मलिक के माध्यम से राज्य में आग से खेलने का प्रयास कर रही है राज्य की मुस्लिम बहुल चरित्र को तोड़ने का प्रयास कर रही है। मुफ़्ती ने कहा था कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक को ज़रिया बनाकर केंद्र सरकार जो भी निर्णय ले रही है, वो जम्मू-कश्मीर राज्य के लोगों और उनके हितों के ख़िलाफ़ है।

इसके अलावा, अप्रैल महीने में पीडीपी नेता महबूबा मुफ़्ती ने धमकी दी थी कि अगर बीजेपी या किसी ने भी संविधान के अनुच्छेद-370 को हटाया तो जम्मू-कश्मीर हिन्दुस्तान से अलग हो जाएगा। दरअसल, तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद-370 और 35-A को हटाकर जम्मू-कश्मीर का पूर्ण विलय बीजेपी की देशवासियों के प्रति पुरानी प्रतिबद्धता है, जिसे 2020 में राज्यसभा में बहुमत मिलने के बाद पूरा किया जाएगा।

इसके जवाब में महबूबा मुफ़्ती अमित शाह के बयान की न सिर्फ़ खिल्ली उड़ाई थी बल्कि इसे दिवास्वप्न बताया और धमकी दी कि जो कोई भी 370 और 35-A को हटाने की कोशिश करेगा, उसके हाथ काट लिए जाएँगे।  

पंजाब: पाकिस्तान ने ड्रोन से गिराए हथियार, बड़े हमले की साजिश नाकाम, 4 खालिस्तानी आतंकी गिरफ्तार

पंजाब पुलिस ने रविवार (सितंबर 22, 2019) को राज्य में पुनर्जीवित हुए खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के एक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए भारी मात्रा में हथियार गोला-बारूद के साथ 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि इस कामयाबी के साथ पुलिस ने पंजाब एवं आसपास के राज्यों में होने वाले आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिह ने इस मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ बताते हुए आगे की जाँच को एनआईए को सौंपने का फैसला किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कहा जा रहा है कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन को पाकिस्तान और जर्मनी स्थित एक आतंकी संघठन का समर्थन मिला हुआ था। जिसकी मदद से यह संगठन पंजाब और उसके पड़ोसी राज्यों में आंतकी हमले की तैयारी में जुटा था। इनका काम देश में पैसों और हथियारों की व्यवस्था के अलावा स्लीपर सेल की पहचान करना, कट्टरपंथी युवकों की पहचान करना और उनकी भर्ती करना था।

इसके अलावा मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में भी कहा गया कि टेरर मॉड्यूल पंजाब और उसके पड़ोसी राज्यों में आतंकी हमले की तैयारी में था। गिरफ्तार हुए आतंकियों की पहचान बलवंत सिंह उर्फ बाबा, आकाशदीप उर्फ आकाश रंधावा, हरभजन सिंह और बलबीर सिंह के रूप में हुई है। इनके ख़िलाफ़
गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम, शस्त्र अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, कारागार अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस को इन आतंकियों के कब्जे से भारी मात्रा में (500 राउंड) गोला-बारूद बरामद हुआ है। साथ ही पुलिस को इनके पास से 5 एके-47, कुछ पिस्टल्स, सैटलाइट फोन और एक सफेद मारूती सुजुकी कार भी मिली है, जिस पर पंजाब का रजिस्ट्रेशन नंबर है। इनके पास से 10 लाख रुपए की फर्जी करेंसी भी प्राप्त हुई है।

यहाँ बतातें चलें कि शुरूआती जाँच में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवादियों को हथियार और संचार हार्डवेयर पहुँचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा था। जिसकी जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान में दी गई है। इस बयान में ये भी बताया गया है कि मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से भारतीय वायु सेना और सीमा सुरक्षा बल को आवश्यक जवाबी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश देने का आग्रह किया था।

वहीं, डीजीपी दिनकर गुप्ता के अनुसार, पाकिस्तान की आईएसआई द्वारा प्रायोजित जिहादी और समर्थक खालिस्तानी आतंकवादी संगठनों को सीमा पार से हाल ही में हथियारों की डिलीवरी की गई थी। उनके मुताबिक, “घाटी में हाल के घटनाक्रमों के मद्देनजर बड़े पैमाने पर घुसपैठ जम्मू और कश्मीर, पंजाब और भारतीय भीतरी इलाकों में आतंकवाद और उग्रवाद को बढ़ाने के उद्देश्य से की गई।”

सोनिया गाँधी, मनमोहन सिंह ने तिहाड़ जेल में चिदंबरम से की मुलाकात, स्कोर गेनिंग का एक और प्रयास

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से मिलने के लिए कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी और पूर्व प्राधनमंत्री डॉ मनमोहन सिंह तिहाड़ जेल पहुँच गए हैं। INX मीडिया मामले में पी चिदंबरम 5 सितंबर से तिहाड़ जेल में बंद हैं। सोनिया गाँधी और मनमोहन सिंह ने चिदंबरम से जेल संख्या सात के मुलाक़ात कक्ष में मुलाक़ात की।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मनमोहन सोनिया के इस मुलाकात का उद्देश्य यह दिखाना है कि पार्टी पूरी तरह चिदंबरम के साथ है। इससे कहीं न कहीं राजनीतिक हलकों में चिदंबरम के कारनामों में कॉन्ग्रेस के पूरी तरह समर्थन के रूप में भी देखा जा रहा है। कुल मिलाकर यह पार्टी के आला नेताओं का स्कोर गेनिंग का एक प्रयास है। क्योंकि पार्टी लगातार इसे ऐसा दिखाना चाहती है जैसे यह भयंकर भ्रष्टाचार के कारण नहीं बल्कि राजनीतिक दुश्मनी की वजह से उठाया गया कदम है। इसके अलावा, चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम भी तिहाड़ में अपने पिता से मिलने पहुँचे।

पूर्व वित्त मंत्री पर आरोप है कि उन्होंने पद पर रहते हुए साल 2007 में रिश्वत लेकर INX मीडिया को 305 करोड़ रुपए लेने के लिए विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड से मंजूरी दिलाई थी। इस मामले में CBI ने पिछले साल 15 मई को FIR दर्ज की थी।

बता दें कि पिछले दिनों सुनवाई के दौरान पी चिदंबरम को कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा था। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान चिदंबरम की न्यायिक हिरासत को 3 अक्टूबर तक बढ़ा दिया था। उनकी ज़मानत याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।

चिदंबरम की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने के CBI के अनुरोध पर अपना विरोध जताया था। कपिल सिब्बल ने अदालत से अनुरोध किया था कि चिदम्बरम को न्यायिक हिरासत के दौरान तिहाड़ जेल में रहते हुए समय-समय पर मेडिकल जाँच तथा पर्याप्त मात्रा में पूरक आहार उपलब्ध कराया जाए।

सिब्बल ने कहा कि चिदंबरम को कई बीमारियाँ हैं और हिरासत में रहने के कारण उनका वज़न भी कम हुआ है। बता दें कि कॉन्ग्रेस नेता पाँच सितंबर से न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं।

ख़बर के अनुसार, पी चिदंबरम की तरफ़ से पैरवी करने वाले दूसरे वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि चिदंबरम पहले से ही 14 दिन की पुलिस हिरासत और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रह चुके हैं। उन्होंने चिदंबरम की न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने का विरोध किया।

इससे पहले, कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद और अहमद पटेल पिछले हफ्ते तिहाड़ जेल में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से मुलाकात कर चुके हैं। इस दौरान उनके साथ चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम भी मौजूद थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आधे घंटे तक चली बैठक के दौरान नेताओं ने मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चिदंबरम से चर्चा की। इस दौरान कश्मीर, आगामी चुनाव और देश में आर्थिक स्थिति भी चर्चा का विषय रही।

चिन्मयानंद यौन शोषण मामला: हाईकोर्ट से अग्रिम ज़मानत की कोशिश में लॉ स्टूडेंट, SIT आज दाखिल करेगी स्टेटस रिपोर्ट

चिन्मयानंद यौन शोषण मामले में सोमवार (23 सितंबर) को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इलाहाबाद हाईकोर्ट में अब तक हुई जाँच की कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट दाखिल करेगी। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने SIT को आदेश दिया था कि वो 23 सितंबर तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दे। 

वहीं, दूसरी तरफ़ यौन शोषण के आरोप में जेल की सलाखों के पीछे भेजे गए चिन्मयानंद से रंगदारी माँगने के मामले में गिरफ़्तारी से बचने के लिए पीड़ित छात्रा अपने पिता और भाई के साथ प्रयागराज पहुँच गई है। कयास लगाया जा रहा है कि पीड़िता अग्रिम ज़मानत के लिए याचिका दाखिल कर सकती है। ख़बर के अनुसार, छात्रा, उसके पिता और भाई जब इलाहाबाद के लिए निकले तो उनके साथ हाईकोर्ट की महिला वकील शुभांगी सिंह और अंशुल भी मौजूद थे, यानी इलाहाबाद के लिए एक कार से पाँच लोग रवाना हुए।

अगर छात्रा को अग्रिम ज़मानत नहीं मिलेगी तो ऐसी सूरत में उसकी गिरफ़्तारी होना लगभग तय है। वहीं, छात्रा के दोस्त संजय, विक्रम और सचिन को रंगदारी माँगने के जुर्म में गिरफ़्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

इस मामले की जॉंच कर रही एसआईटी के अनुसार जनवरी 2019 से अगस्त महीने तक चिन्मयानंद और पीड़ित छात्रा के बीच 200 बार फोन पर बातचीत हुई थी। वहीं, पीड़ित छात्रा की उसके साथी संजय से इसी अवधि में 4200 बार कॉल पर बातचीत हुई। हालॉंकि, छात्रा और उसके परिजन इन आरोपों को ग़लत बताया और दावा किया कि उन्हें बेवजह फॅंसाने की कोशिश हो रही है।

मीडिया रिपोर्टों में पीड़ित छात्रा के हवाले से कहा गया कि संजय, सचिन और दुर्गेश ने किससे और कितने पैसे मॉंगे इसकी उसे कोई जानकारी नहीं। परेशान करने के लिए इस मामले में उसका नाम शामिल किया गया। दबाव बनाने की कोशिश हो रही थी जिससे चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ मज़बूत पैरवी न कि जा सके। इस संबंध में शनिवार (21 सितंबर) को छात्रा के पिता ने वकीलों से घंटों मशविरा किया। उनका कहना था कि उनकी बेटी का ही उत्पीड़न हुआ और अब उसे ही आरोपित बनाने की साजिश रची जा रही है।

ग़ौरतलब है कि गुरुवार (20 सिंतबर) को लॉ स्टूडेंट के साथ बलात्कार के आरोप में चिन्मयानंद को गिरफ़्तार कर लिया गया था। पीड़िता की तरफ़ से वीडियो जारी करने के बाद से ही चिन्मयानंद की गिरफ़्तारी की माँग लगातार उठ रही थी। वहीं, पीड़िता ने भी चिन्मयानंद को गिरफ़्तार न किए जाने पर आत्महत्या की धमकी दी थी।

बुधवार (सितंबर 18, 2019) को चिन्मयानंद की ख़राब तबीयत का हवाला देते हुए उन्हें ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री पर अपने ही कॉलेज की लॉ स्टूडेंट से रेप करने का आरोप है। पीड़िता की ओर से इस संबंध में लगातार कई विडियो जारी कर चिन्मयानंद पर आरोप लगाए गए थे। हालाँकि, चिन्मयानंद और उनके समर्थक लगातार कह रहे थे कि वह निर्दोष हैं और उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

Howdy Modi की सफलता से पाकिस्तान ही नहीं जली तो लिबरलों की भी है, फवाद चौधरी ने बताया फ्लॉप शो

ह्यूस्टन में हाउडी मोदी कार्यक्रम का पूरे विश्व ने लोहा माना, लेकिन पाकिस्तान जैसे आँख के अंधे देश को ये बात न दिखाई दी न समझ आई। इतना ही नहीं पाकिस्तान के विज्ञान और तकनीक मंत्री चौधरी फवाद हुसैन तो इस मेगा शो से इतना झल्ला गए कि उन्होंने इसे फ्लॉप शो करार दे दिया। क्यों कहा पाकिस्तान ने इसे समझना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। वैसे यह ऐसा पहला ऐसा अवसर नहीं है कि जब भारत की सफलता से पाकिस्तान को मिर्ची लगी हो और उसके मंत्री फवाद जल कर झल्ली हो गए हों। बता दें कि इससे पहले भी फवाद चंद्रयान-2 पर भी विवादित ट्वीट कर चुके हैं। जिससे सोशल मीडिया पर पाक के खिलाफ अनगिनत मीम्स बने और चौधरी का जमकर मजाक उड़ चुका है।

भारत के खिलाफ अक्सर अपनी विवादित बोल के चलते सुर्खियों में रहने वाले फवाद हुसैन ने हाउडी मोदी कार्यक्रम को लेकर एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में उनकी झल्लाहट साफ दिखी। उन्होंने ट्वीट में लिखा, “मोदी जनता का निराशाजनक शो। लाखों रुपए खर्च करने के बाद ये लोग केवल यूएसए, कनाडा और दूसरी जगहों से लोगों को इकट्ठा कर सकते हैं। लेकिन यह दिखाता है कि पैसों से सब कुछ नहीं खरीदा जा सकता।” इसके साथ उन्होंने #ModiInHouston हैशटैग का भी इस्तेमाल किया।

खैर, मोदी के इस कार्यक्रम से पाकिस्तान की ही नहीं जली तो लिबरलों की भी है। क्योंकि, अमेरीका के ह्यूस्टन शहर में ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में न सिर्फ पाक को परोक्ष रूप से ही सही आतंकी देश कह दिया गया बल्कि राम मंदिर की गूँज भी सुनाई दी। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में शामिल लोगों ने ‘राम लला हम आएँगे, मंदिर वहीं बनाएँगे’ के जमकर नारे लगाए। कार्यक्रम शुरू होते ही लोगों ने अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाकर राम मंदिर को लेकर नारे लगाए।