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बाढ़ पीड़ितों से आपकी काफ़ी तारीफ सुनी, दोबारा सुनने को न मिले: गिरिराज सिंह

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने संसदीय क्षेत्र बेगूसराय के बाढ़ पीड़ित इलाक़ों का दौरा किया। गिरिराज ने बाढ़ पीड़ितों की बात सुनी और इस सम्बन्ध में राज्य सरकार व अन्य अधिकारियों से बात कर उनकी समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। हालाँकि, इस दौरान वह एसडीओ पर भड़क गए और बीच सड़क उन्हें जमकर फटकार लगाई।

दरअसल, ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री से उक्त एसडीओ की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्होंने अधिकारी की क्लास लगाई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें गिरिराज ने एसडीओ को कैम्प लगाने को कहा।

बाढ़ पीड़ितों की शिकायत के बाद गिरिराज सिंह ने एसडीओ को सुनाई खरी-खरी

वायरल वीडियो में केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री गिरिराज सिंह ने अनुमंडल पदाधिकारी से कहा:

“एसडीओ साहब भला गाड़ी से क्यों उतरेंगे? वो तो बाबू हैं, साहब हैं। एसडीओ साहब बहुत बड़े आदमी हैं। मैंने बाढ़ पीड़ितों से आपकी (एसडीओ की) काफ़ी तारीफ (शिकायत) सुनी है। कोशिश कीजिए कि मुझे ये तारीफ दोबारा सुनने को न मिले। आप सरकारी अधिकारी हैं। सारे लोग आपके लिए बराबर हैं। 2016 में बाढ़ के दौरान यहाँ पीड़ितों के लिए कैम्प लगाया गया था। अगर इस बार कैम्प नहीं लगा तो मैं आपके दफ़्तर के बाहर धरना दूँगा। हम जनप्रतिनिधियों से भी ज्यादा आपका दायित्व बनता है। आप पक्षपात न करें।”

वीडियो में देखा जा सकता है कि स्थानीय लोग एसडीओ से काफ़ी नाराज़ दिख रहे हैं। गिरिराज सिंह ने बारिश में भींगते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और लोगों की समस्याओं को जाना। इस दौरान राज्य सरकार के अधिकारी नदारद रहे। गिरिराज ने फोन कर के अधिकारियों को लोगों की समस्याओं के बारे में बताया और बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था करने को कहा। अधिकारियों से बात करते हुए उन्होंने उन्हें घर से बाहर निकलने और क्षेत्र में घूमने की सलाह दी।

गिरिराज सिंह ने बिहार के मुख्य सचिव से बात कर उन्हें लोगों की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि राज्य प्रशासन से सहयोग का आश्वासन मिला है। उन्होंने राज्य सरकार से मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराने की भी अपील की। उन्होंने राज्य सरकार से माँग करते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए दवाइयों और नाव की व्यवस्था की जाए।

सेक्स रैकेट: फरार RJD विधायक अरुण यादव का सुराग नहीं, जब्त होगी संपत्ति

सेक्स रैकेट मामले में फरार चल रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक अरुण यादव के खिलाफ कोर्ट ने कुर्की वारंट जारी किया है। आरा कोर्ट की विशेष पोक्सो कोर्ट ने विधायक के खिलाफ यह आदेश जारी किया है। भोजपुर पुलिस ने वारंट के लिए कोर्ट में आवेदन दिया था। अब विधायक से जुड़ी सारी संपत्ति जब्त की जाएगी। 

बता दें कि, अरुण यादव पटना-आरा देह व्‍यापार व दुष्‍कर्म कांड में फरार चल रहे हैं। उनका मोबाइल अभी तक बंद है। मोबाइल का अंतिम लोकेशन झारखंड में मिलने के कारण माना जा रहा है कि वे बिहार के बाहर भूमिगत हैं।

गौरतलब है कि, 18 जुलाई को देह व्‍यापार गिरोह के चंगुल से निकलकर भागी 11 वर्षीय एक नाबालिग लड़की भोजपुर पुलिस के पास पहुँची। उसने पुलिस को बताया था कि विधायक की करीबी एक महिला उसे विधायक अरुण यादव के पटना स्थित आवास पर ले गई थी़। जहाँ उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता के बयान वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने उसका दूसरी बार कोर्ट में 164 के तहत कलमबंद बयान दर्ज किया।

इस सेक्स रैकेट का खुलासा होने और RJD विधायक का नाम सामने आने के बाद से ही कुछ लोगों द्वारा किशोरी पर दबाव दिया जाने लगा था। इसके लिए धमकी के साथ प्रलोभन भी दिए जा रहे थे। इसमें शहर के ही एक युवा नेता का नाम सामने आया था, वह आरोपित विधायक का करीबी व एक प्रकोष्ठ के राज्य स्तर का नेता बताया जा रहा है।

पीड़िता के बयान के आधार पर भोजपुर पुलिस ने सेक्स रैकेट की संचालिका अनीता देवी, इंजीनियर अमरेश कुमार, दलाल संजीत और सेक्स रैकेट का संचालक संजय यादव उर्फ जीजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब पुलिस के आग्रह पर कोर्ट ने कुर्की का वारंट भी जारी कर दिया है।

इससे पहले, भोजपुर पुलिस ने पास्को कोर्ट में एडीजे-1 आरके सिंह के यहाँ फरार विधायक अरुण यादव के घर इश्तेहार चस्पा करने की भी इजाजत माँगी थी और कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने विधायक के आवास पर इश्तेहार का नोटिस चस्पा कर दिया था।

Video Viral: सरपंच असलम ने हिन्दू विधवा को गोमांस खिलाया, जबरन इस्लाम क़बूल करा अकबर से कराई शादी

बिहार के अररिया ज़िले के बौंसी थाना क्षेत्र के फरकिया पंचायत में एक विधवा महिला का जबरन धर्म परिवर्तन और विवाह कराने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो बड़ी तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक आदमी और एक विधवा महिला को रस्सी से बांध रखा है और सरपंच उन्हें भरी पंचायत में छड़ी से पीट रहा है।

दरअसल, इस वीडियो के वायरल होने से मामले ने तूल पकड़ लिया है। ख़बर के अनुसार, विधवा महिला का जबरन धर्म परिवर्तन भी कराया गया। सरपंच की अगुआई में एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने घटना को अंजाम दिया। वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित महिला के पिता के आवेदन पर सरपंच समेत 16 लोगों के ख़िलाफ़ बौंसी थाने में FIR दर्ज कराई गई है।

ग्रामीणों ने दोनों के बीच अवैध संबंध होने का आरोप लगाया और उनके साथ मारपीट की। इसके बाद घटना की सूचना स्थानीय सरपंच मोहम्मद असलम को दी गई। सरपंच अपने दल-बल के साथ घटना-स्थल पर पहुँचा, जहाँ कुल 16 नामज़द व्यक्तियों ने पीड़िता व अकबर के साथ बेरहमी से मारपीट की।

मारपीट के बाद सरपंच के समक्ष सभी आरोपितों ने मिल कर पंचायती की। पंचायती में दोनों को छोड़ने के बदले में 25-25 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया गया। पीड़ित के पिता ने कहा कि जान बचाने के लिए दोनों ने अपने-अपने खेत बंधक लगा कर कुल पचास हज़ार रुपए सरपंच को दिए। आरोप यह भी लगाया गया कि जुर्माना देने के बाद भी दोनों का जबरन विवाह कराने से पहले धर्म परिवर्तन करने के लिए गाय का मांस खिलाया।

इसके बाद सरपंच की मौजूदगी में सभी आरोपितों ने मारपीट कर विधवा महिला का अकबर के साथ जबरन शादी करा दी। इस घटना के बाद से दोनों (अकबर और पीड़िता) लापता हैं, काफ़ी खोजबीन के बाद भी दोनों का कुछ पता नहीं चल सका है। महिला के पिता ने आरोपितों के ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई करने की भी माँग की है।

एसएचओ साजीद आलम (बौंसी थाना) ने बताया कि पीड़िता के पिता की शिक़ायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है। फ़िलहाल, मामले की जाँच चल रही है। जल्द ही पीड़िता को बरामद कर लिया जाएगा। वहीं, सरपंच ने अपनी ग़लती स्वीकार कर ली है। लेकिन, जुर्माने की रकम वसूले जाने की बात का असलम ने पूरी तरह से खंडन किया।

Article 370 ने 40,000 लोगों की जान ली, हमारी 3 पीढ़ियों ने J&K के लिए बलिदान दिया: शाह

महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने हैं और भाजपा केंद्र सरकार द्वारा पिछले दिनों लिए गए निर्णयों को मुद्दा बना कर चुनावी वैतरणी पार करने की तैयारी में है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करना मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के सबसे बड़े फ़ैसलों में से एक है और भाजपा जन-जन तक इसके बारे जानकारियाँ पहुँचाने में लगी है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अनुच्छेद 370 को लेकर अपनी बात रखी।

शाह ने महाराष्ट्र में आयोजित एक कार्यक्रम में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने का श्रेय पीएम मोदी की इच्छाशक्ति को दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से ही देश में एक विधान और एक निशान का सपना साकार हो सका। शाह ने कहा कि अब भारत की संसद से पारित कानून जम्मू-कश्मीर में भी लागू होंगे। वहाँ अब परिसीमन होगा, महिलाओं को प्रोपर्टी के अधिकार होंगे और सफाई कर्मचारियों को उनका हक़ मिलेगा।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि उनकी पार्टी के नेता अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने के लिए समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं। उन्होंने बताया कि अनुच्छेद 370 और 35ए का जनसंघ और भाजपा शुरू से विरोध करती रही है। शाह के अनुसार, 370 देश के साथ कश्मीर के जुड़ाव में बाधा रही है और साथ ही देश की एकता में भी बाधा रही है। जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पीएम मोदी के साहस और हौसले के कारण अनुच्छेद 370 को उखाड़ फेंका जा सका। शाह ने कहा:

“एक विधान-एक निशान के नारे के साथ श्यामा प्रसाद मुखर्जी कश्मीर गए, उस समय वहाँ जाने के लिए परमिट की ज़रूरत पड़ती थी, लेकिन वो बिना परमिट के गए थे। उन्हें शेख अब्दुल्ला द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया और वहीं संदिग्ध परिस्थितयों में उनकी मृत्यु हो गई। राहुल बाबा तो आजकल आए हैं राजनीति में। हमारी 3-3 पीढ़ियाँ कश्मीर के लिए अपना बलिदान देने से कभी पीछे नहीं हटी। अनुच्छेद 370 हटाना भाजपा के लिए राजनीतिक मुद्दा नहीं है, भारत माँ को एक और अखंड बनाने का संकल्प है जो मोदी जी ने पूरा किया है। कॉन्ग्रेस को इसमें राजनीति दिखाई देती है और हमें इसमें देशभक्ति दिखती है।

अमित शाह ने कहा कि बँटवारे के बाद पाकिस्तान से आए हिन्दुओं को जम्मू-कश्मीर में नागरिकता नहीं दी गई। जबकि मनमोहन सिंह, आइके गुजराल और एलके आडवाणी जैसे लोग जो देश के दूसरे हिस्सों में बसे वे प्रधानमंत्री और उप-प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुँचे। शाह ने बताया कि कश्मीर में हिन्दू शरणार्थियों को वोट देने तक का अधिकार नहीं था। अमित शाह ने आँकड़े गिनाते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 के कारण 40,000 लोग मारे गए। उन्होंने इसे आतंकवाद की जननी करार दिया।

जम्मू कश्मीर में सबकुछ ठीक-ठाक न होने की ख़बरों को नकारते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि सिर्फ़ 10 थाना क्षेत्रों में ही प्रतिबंधित धाराएँ लगी हैं और 99% लैंडलाइन्स खोल दिया गया है। उन्होंने बताया कि कश्मीर के विकास के लिए भेजे गए 2 लाख 27 हजार करोड़ रुपए वहाँ की जनता तक नहीं पहुँचे और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए, क्योंकि वहां ‘एंटी करप्शन ब्यूरो’ नहीं था।

राजनाथ सिंह ने बताया कैंसर

वहीं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पटना में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अनुच्छेद 370 एक ऐसा कैंसर था, जिसमें जम्मू-कश्मीर में कइयों का ख़ून बहाया है। उन्होंने कहा कि राज्य की 75% जनता अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के पक्ष में थी।

उन्होंने पाकिस्तान को चुनौती देते हुए कहा कि वह देखना चाहते हैं कि पाकिस्तान कितने आतंकी भेज सकता है, क्योंकि उनमें से एक भी लौट कर वापस नहीं जा सकेगा।

अम्बेडकर नहीं थे पक्ष में: नड्डा

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने अनुच्छेद 370 के माध्यम से आदिवासियों का हक़ मारने का काम किया है। उन्होंने इस समस्या के लिए प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि संविधान सभा में कोई भी इसके पक्ष में नहीं था। उन्होंने कहा कि देश के पहले क़ानून मंत्री भीमराव अम्बेडकर भी इसको लेकर राज़ी नहीं थे।

नड्डा के अनुसार, अम्बेडकर ने शेख अब्दुल्ला से पूछा था कि क्या आप जम्मू कश्मीर में भारतीयों को नागरिकता अधिकार नहीं देना चाहते हैं? अम्बेडकर ने इसे अस्वीकार्य बताया था।

मदरसे में रह रहा था अलकायदा का खूँखार आतंकी कलीमुद्दीन, ATS ने जिहाद करने से पहले धर दबोचा

झारखण्ड एटीएस को आतंकियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई में बड़ी सफलता मिली है। इसी क्रम में जमशेदपुर से वैश्विक आतंकी संगठन अलकायदा के आतंकी मोहम्मद कलीमुद्दीन मुजाहिर को गिरफ़्तार किया गया। संवेदनशील मामला होने के कारण फिलहाल कलीमुद्दीन को एटीएस ने अज्ञात स्थान पर ले जाकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। अलकायदा की स्थापना ओसामा बिन लादेन ने की थी, जिसे पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिका ने मार गिराया था। अलकायदा जम्मू कश्मीर में भी सक्रिय रहा है।

दबोचा गया आतंकी कलीमुद्दीन स्लीपर सेल्स के माध्यम से किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहा था। वह मानगो इलाक़े के आज़ादनगर थाना क्षेत्र का निवासी है। वह काफ़ी लम्बे वक़्त से अलकायदा से जुड़ा हुआ था। देश भर में सुरक्षा एजेंसियाँ 2016 से ही इस कुख्यात आतंकी की तलाश में लगी हुई थीं। वह भारत में अलकायदा के मुख्य चेहरों में से एक था। उसे अलकायदा ने स्लीपर सेल्स तैयार करने की ज़िम्मेदारी सौंपी थी।

एक और बड़ा खुलासा यह हुआ है कि आतंकी संगठन अलकायदा का कुख्यात आतंकी मोहम्मद कलीमुद्दीन मुजाहिर एक मदरसे में छिप कर रह था था और जिहाद के लिए युवाओं को प्रशिक्षित कर रहा था। वह पिछले 3 सालों से फरार चल रहा था और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से वांछित था। वह मूल रूप से रांची के चान्हो ब्लॉक के राडगाँव का है।

अब्दुल रमन उर्द कटकी और अब्दुल सामी जैसे आतंकी कलीमुद्दीन के सहयोगी रहे हैं। ये दोनों ही आतंकी फ़िलहाल दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद हैं। कलीमुद्दीन उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और गुजरात सहित कई राज्यों में भ्रमण कर के अलकायदा का नेटवर्क बढ़ाने का कार्य कर रहा था। आतंकी गतिविधियों में वह बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका और सऊदी अरब भी जा चुका है।

कलीमुद्दीन को टाटानगर रेलवे स्टेशन से गिरफ़्तार किया गया। वह युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कर उन्हें पाकिस्तान भेजा करता था। 2014 में वह दुबई के रास्ते पाकिस्तान गया था और कराची में रुका था। वहीं उसे हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी दिया गया था।

तिरुपति मंदिर ने सुनी केरल सरकार की गुहार: काजू उद्योग के 3 लाख लोगों को राहत

केरल में काजू उद्योग डूब रहा है। पिछले कुछ वर्षों में इस उद्योग को भारी नुक़सान झेलना पड़ा है। कहा जा रहा है कि केरल में पिछले 5 सालों में काजू से सम्बंधित 800 से भी अधिक उद्योग या तो बंद हो चुके हैं या बंद होने वाले हैं। यह केरल स्टेट कैश्यु डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के चिंता का सबब बना हुआ है। ऐसी संकट की घड़ी में केरल की वामपंथी सरकार ने तिरुपति बालाजी से केरल के काजू उद्योग को बचाने की गुहार लगाई है। इस सम्बन्ध में केरल की सरकार ने आंध्र प्रदेश की सरकार के साथ एक पैक्ट पर भी हस्ताक्षर करने का निर्णय लिया है।

आंध्र प्रदेश स्थित तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर विश्व के भव्य मंदिरों में से एक है और यहाँ प्रसाद के रूप में बड़ी मात्रा में लड्डू बनाए जाते हैं। प्रतिदिन बनाए जाने वाले प्रसाद के लिए 3,000 किलो काजू की रोज ज़रूरत पड़ती है। यानी तिरुपति बालाजी के लड्डू प्रसादम् के लिए मंदिर को प्रतिदिन 3 टन काजू की आवश्यकता होती है। इस हिसाब से महीने में मंदिर को 90 टन काजू की ज़रूरत पड़ती है और पूरे साल में 1,000 टन काजू की ख़रीददारी की जाती है।

अब तिरुपति बालाजी मंदिर केरल के काजू उद्योग के लिए नया जीवन बन कर आएगा। आंध्र प्रदेश और केरल की सरकारों के बीच करार होने के बाद वेंकटेश्वर तिरुपति मंदिर सालाना केरल के काजू उद्योग से 1,000 टन काजू ख़रीदेगा। केरल के काजू कॉर्पोरेशन ने भी तिरुपति बालाजी मंदिर के कारण अब राहत की साँस ली है। यह जानने लायक बात है कि काजू उत्पादन के मामले में भारत विश्व का सबसे अग्रणी देश है और दुनिया का 45% काजू यहीं उगाया जाता है।

केरल सरकार ने जानकारी दी है कि तिरुपति बालाजी मंदिर जल्द ही 70 करोड़ रुपए के काजू ख़रीदेगी। कॉर्पोरेशन में 12 हज़ार लोग हैं, जिनकी आजीविका सीधे काजू उद्योग से जुड़ी है। हर महीने 6 करोड़ रुपए का नुकसान झेल रहा कॉर्पोरेशन अगर प्रति महीने 90 टन काजू तिरुपति बालाजी को सप्लाई करता है तो केरल का काजू उद्योग फिर से पटरी पर आ जाएगा। केरल के कई कर्मचारियों और किसानों की आय काजू उद्योग पर निर्भर है।

केरल में 3 लाख से भी अधिक लोग काजू की प्रोसेसिंग से जुड़े हैं, जिनमें अधिकतर महिलाएँ हैं। आंध्र सरकार से करार पर मुहर के बाद केरल काजू कॉर्पोरेशन के 12 हज़ार कमचारियों की नौकरी भी सुरक्षित हो जाएगी। केरल के कोल्लम को कभी काजू उद्योग की वैश्विक राजधानी माना जाता था। यहाँ काजू उद्योग से आने वाले रुपयों से लाइब्रेरी से लेकर होटल तक बने। इतना ही नहीं, दादा साहब फाल्के अवॉर्ड जीतने वाले निर्देशक अडूर गोपालकृष्णन भी इसी उद्योग की वजह से फ़िल्में बना पाए।

केरल में काजू उद्योग से सम्बंधित 173 ऐसी फैक्ट्रियाँ हैं, जो क़र्ज़ में डूबी हुई हैं और उन्हें एनपीए (नॉन परफार्मिंग एसेट) घोषित किया जा चुका है। केरल की सरकार भी काजू उद्योग को वापस पटरी पर लाने के लिए कई तरह के कार्यक्रम चला रही है।

माँ वैष्णो देवी के अब होंगे ‘स्वर्णिम दर्शन’: नवरात्र पर देवी मंदिर में लगेगा सोने का दरवाजा

इस नवरात्र पर माता वैष्णो देवी मंदिर की शोभा कई गुना बढ़ जाएगी। 29 अक्टूबर से शुरू होने वाली नवरात्र के दौरान वैष्णो देवी मंदिर की गुफा में सोने का दरवाजा लगवाया जाएगा। इससे पहले यहाँ संगमरमर (मार्बल) के बने द्वार थे। श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि इस साल नवरात्रि में मंदिर में प्रवेश पर एक ‘स्वर्ण द्वार’ का निर्माण किया जा रहा है। इस स्वर्ण दरवाजे के साथ ही सुसज्जित रास्ते, यहाँ आने वाले श्रद्दालुओं के लिए आकर्षण का केन्द्र होंगे।

श्राइन बोर्ड के सीईओ सिमरनदीप सिंह ने कहा, “यह एक स्थायी विशेषता होगी। इस पर 3 महीने पहले काम शुरू हुआ था और अब यह पूरा होने के अंतिम चरण में है।” सिमरनदीप सिंह ने कहा कि सोने के इस नए दरवाजे के एक पल्ले पर माता लक्ष्मी और दूसरे पर आरती उकेरी गई है। दरवाजे के ऊपरी हिस्से में देवी दुर्गा, भगवान गणेश और हनुमान के साथ ही अन्य देवी-देवता भी होंगे। उन्होंने बताया कि दरवाजे का बेस चाँदी का होगा, जिस पर सोने की परत चढ़ी होगी।

बता दें कि इसे बनाने के लिए श्राइन बोर्ड ने उन कारीगरों को बुलाया था, जिन्होंने इससे पहले मुंबई में सिद्धिविनायक और दिल्ली में झंडेवालान मंदिर में नक्काशी का काम किया है। सिमरनदीप सिंह ने बताया श्राइन बोर्ड की नई डोनेशन पॉलिसी के तहत मंदिर के द्वार को सोने से बनवाया जा रहा है। श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, द्वार के निर्माण में करीब 12 किलोग्राम सोना, 1200 किलोग्राम तांबा और 1100 किलोग्राम चाँदी का इस्तेमाल किया गया है।

इस नवरात्र फेस्टिवल के दौरान नौ दिनों तक अलग-अलग कार्यक्रम होंगे। इस कार्यक्रम का उद्घाटन जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सतपाल मलिक करेंगे। इसमें 4 लाख तीर्थयात्रियों के आने की संभावना है। जम्मू संभाग के आयुक्त संजीव वर्मा ने संवाददाताओं से कहा, “जहाँ तक तीर्थयात्रियों की सुरक्षा का सवाल है, हम श्रद्धालुओं की भीड़ के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का पक्का वादा है। हमें उम्मीद है कि इस साल नवरात्रि के दौरान श्राइन में 3.5 लाख से 4 लाख तीर्थयात्री आएँगे।”

दलित नाबालिग से नाजिक, आदिल ने रेप कर बनाया वीडियो, ग्रामीणों के बवाल के बाद मामला दर्ज

उत्तर प्रदेश के कौशांबी ज़िले के अकिल थाना क्षेत्र में रविवार (22 सितंबर) को एक 15 वर्षीय दलित नाबालिग के साथ गैंगरेप कर उसका अश्लील वीडियो बनाने की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, सराय अकिल कोतवाली इलाक़े के गाँव में दलित लड़की शनिवार (21 सितंबर) की दोपहर क़रीब डेढ़ बजे घोसिया स्थित पुराने टेलीफोन एक्सचेंज के पास घास छीलने गई थी। इसी दौरान घोसिया गाँव के नाजिक पुत्र उबैर उल्ला, आदिल उर्फ़ छोटू पुत्र इस्माइल और एक अज्ञात युवक ने लड़की को घेर लिया।

तीनों आरोपित लड़की को पकड़ कर झाड़ियों में ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान लड़की बार-बार दया की भीख माँगती रही, लेकिन आरोपितों ने उसकी एक न सुनी और पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। लड़की की चीख-पुकार सुनकर खेतों में काम कर रहे लोग घटनास्थल पर पहुँचे और नाजिक को पकड़ लिया। उसकी जमकर पिटाई की। आदिल और अज्ञात युवक मौक़े से भागने में क़ामयाब रहे।

पुलिस पर शिकायत लेकर पहुॅंचे पीड़िता के पिता के साथ मारपीट का आरोप भी लगा है। ख़बर के अनुसार, पुलिस के रवैए से ग्रामीणों में रोष फैल गया और उन्होंने थाने का घेराव किया। इस बात की सूचना जब एसपी प्रदीप गुप्ता को मिली तो वे कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ सराय अकिल पहुँचे। इस घटना के क़रीब पाँच घंटे बाद पिता की शिक़ायत पर तीनों आरोपितों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया।

ऑप इंडिया ने इस संबंध में पुलिस का पक्ष जानने की कोशिश की। सरकारी वेबसाइट पर दर्ज सराय अकिल कोतवाली के नंबर पर हमने कॉल किया। लेकिन, खुद को इंस्पेक्टर सैनी बताने वाले शख्स ने कहा कि यह मामला उनके थाना क्षेत्र का नहीं है।

पुलिस को नाजिक के मोबाइल से गैंगरेप की घटना का पूरा वीडियो भी मिला। एसपी ने बताया कि फ़रार आरोपितों की गिरफ़्तारी के लिए एक पुलिस टीम को रवाना किया गया है। उन्होंने कहा कि यह मामला दो समुदायों का होने के कारण इलाके में तनाव की स्थिति है। एसपी ने आरोपितों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

जैश के 3 OGW गिरफ्तार: घाटी में धमकी भरे पोस्टर जारी करना और लोगों को धमकाना था काम

दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में स्थानीय लोगों को डराने-धमकाने और जैश-ए-मोहम्मद के धमकी भरे पोस्टर जारी करने के आरोप में तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इनकी पहचान शौकत अहमद मीर निवासी कदलबल पांपोर, इनायतुल्ला खान और शब्बीर अहमद रेशी के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि तीनों को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के पास अवंतीपोरा के लधु गाँव से गिरफ्तार किया गया था। तीनों ने स्वीकार किया कि वह पुलवामा, खिरयू, पांपोर, लडू इलाके में जबरन बंद कराने के लिए लोगों को धमकाते हैं।

कश्मीर ज़ोन पुलिस ने इसकी जानकारी देते हुए अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट किया, “लधु में पुलिस ने स्थानीय लोगों को डराने और धमकाने में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। वे जैश-ए-मोहम्मद के धमकी भरे पोस्टर को सार्वजनिक रूप से जारी करने में शामिल थे।” पुलिस ने उनके पास से आतंकी संगठन के पोस्टर व अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद कर मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जाँच की जा रही है।

दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर का स्क्रीनशॉट

कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीनों जैश-ए-मोहम्मद के ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) हैं। दरअसल, वादी में अपने जिहादी एजेंडे को नाकाम होते देख आतंकी संगठन अब अपने ओवरग्राउंड नेटवर्क के जरिए आम लोगों को डरा-धमकाकर जबरन बंद करा रहे हैं। ओवरग्राउंड वर्कर अपने तंत्र के जरिए कई जगह युवकों को पथराव के लिए भी उकसा रहे हैं।

पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने हाल ही में कहा कि पुलिस आतंकवादियों से नागरिकों को होने वाले खतरे के प्रति सचेत है और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने के प्रभावी उपाय किए गए हैं। आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए पूरी घाटी में अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा था, “हम लोगों के साथ हैं और वे हमारे साथ हैं। हम एक-दूसरे के हैं और खतरे के प्रति बहुत सचेत हैं और हम किसी तरह के खतरे को उनके पास नहीं आने देंगे। जो लोग धमकी दे रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और आतंकवादी निष्प्रभावी हो जाएँगे।”

सिंह ने कहा कि पिछले एक महीने में घाटी में कई आतंकी मारे गए हैं। उनके मददगार रहे दो दर्जन से अधिक स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया गया है।। शनिवार को अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में कई स्थानों पर छापे मारे थे। कठुआ से गिरफ्तार 3 आतंकियों से मिले सुराग के आधार पर जैश के ओवर ग्राउंड कार्यकर्ताओं को पकड़ा गया।

RJD विधायक की भतीजी और उसके प्रेमी आसिफ़ की हत्या: रेप नहीं कर पाया तो दोस्त दानिश ने मारी गोली

बिहार के मुंगेर में हुए दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने बताया है कि राजद विधायक विजय कुमार विजय की भतीजी रिया उर्फ़ ट्विंकल और उसके प्रेमी मोहम्मद आसिफ़ ने आत्महत्या नहीं की थी। दोनों की हत्या आसिफ के दोस्त दानिश ने अपने अन्य साथियों के साथ ​मिलकर की।

शुक्रवार (20 सितंबर) देर रात दोनों का शव मिला था। पुलिस के मुताबिक रिया के साथ बलात्कार करने में नाकाम होने के बाद आसिफ़ के दोस्त दानिश ने अपने अन्य साथियों के साथ मिल कर इस घटना को अंजाम दिया।

मुंगेर के पुलिस उपमहानिरीक्षक (आईजी) मनु महाराज ने कहा, “दानिश और उसके तीन अन्य दोस्तों ने रेप करने में नाकाम रहने के बाद रिया और आसिफ दोनों को गोली मार दी। दानिश ने आसिफ को फोन कर मिलने के लिए बुलया था। आसिफ और रिया साथ-साथ गए थे। वहॉं दानिश और उसके तीन अन्य दोस्तों ने फब्तियाँ कसी और रिया के साथ जबर्दस्ती करने की कोशिश की।”

न्यूज़ 18 की ख़बर के अनुसार,  घटना के बाद डीआईजी मनु महाराज, एसपी गौरव मंगला और एसएफएल की टीम ने घटनास्थल का घंटों मुआयना किया था। गोली मारने के तरीके से शक़ की सूई आत्महत्या से हत्या की ओर घूमने लगी। हत्‍याकांड के आरोपित दानिश से काफ़ी पूछताछ की गई, आख़िरकार उसने डबल मर्डर को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।

इससे पहले, आसिफ़ का दोस्त दानिश शनिवार को पूरे दिन पुलिस को बरगलाता रहा, लेकिन डीआईजी द्वारा कड़ाई से की गई पूछताछ में उसने हत्या के कारणों का ख़ुलासा कर दिया। शुरुआत में दानिश ने बताया कि आसिफ़, रिया से प्यार करता था। तीन-चार दिन पहले आसिफ़ ने उससे एक पिस्टल लाने की बात कही थी क्योंकि रिया पिस्तौल चलाना सीखना चाहती थी। कड़ाई से पूछताछ के बाद दानिश ने बताया कि उसने पिस्तौल देने के बहाने दोनों को बुलाया, इसके बाद उसने अपने तीन दोस्तों के साथ रिया का बलात्कार करने की कोशिश की।

आसिफ़ ने रिया के साथ हो रही बदसलूकी का विरोध किया तो दानिश और तीन अन्य युवकों ने मिलकर आसिफ़ और रिया की गोली मारकर हत्या कर दी। दानिश के साथियों की तलाश जारी है।