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बसपा सांसद रेप केस वापस लेने का बना रहे दबाव, कह रहे उन्नाव वाली जैसा हाल करूँगा: पीड़िता

कॉलेज छात्रा से रेप मामले में आरोपित बहुजन समाज पार्टी के सांसद और मुख्तार अंसारी के करीबी अतुल राय पर नया आरोप लगा है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे लगातार अतुल राय की तरफ से धमकियाँ दी जा रही है। साथ ही पीड़िता ने आरोप लगाया कि उस पर केस को वापस लेने के लिए दबाव डाला जा रहा है। पीड़िता का आरोप है कि उसके परिजनों को भी डराया जा रहा है। जब भी वो घर से बाहर निकलती है तो अतुल राय के लोग उसका पीछा करते हैं।

पीड़िता ने कहा कि उसके केस करने के एक महीने बाद तक उसे हर तरह का प्रलोभन और धमकी दी गई, मगर जब उसने उसे नहीं माना तो उसके गवाह और पैरोकार पर एक अनजान लड़की से झूठा मुकदमा करवा दिया गया। पीड़िता ने कहा कि जिस तारीख को लेकर मुकदमा दायर किया गया है, उस तारीख के बारे में उसने यूपी के डीजीपी और एसपी से बात की और उन्हें इसके बारे में सारी जानकारी दी, मगर अभी तक किसी तरह का कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है।

पीड़िता का कहना है कि उसकी हर जानकारी लीक हो जा रही है। उसके मैसेज, कॉल टेप किए जा रहे हैं। अतुल राय के लोगों द्वारा हाईकोर्ट के जज तक मैनेज किए जा रहे हैं। पीड़िता ने कहा कि आरोपित अतुल को लोग कह रहे हैं कि वो किसी भी तरह से छूट जाएँगे और फिर उसका उन्नाव रेप पीड़िता से भी बदतर हाल करेंगे। पीड़िता ने कहा कि उसने न्याय के लिए CJI को भी पत्र लिखा है। एसपी बलिया ने पीड़िता से कहा है कि उसका केस क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है।

अतुल राय के लोगों के डर की वजह से पीड़िता लगातार ठिकाने बदल रही है। फिलहाल, वो स्थानीय मीडिया में पूरे परिवार के साथ गायब है। कुछ ख़बरों के अनुसार यह भी माना जा रहा है कि उन्हें सुरक्षा के लिहाज ले किसी दूसरी जगह भेज दिया गया है। पीड़िता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और मुख्य न्यायाधीश से न्याय की गुहार लगाई है।

गौरतलब है कि, अतुल राय 22 जून से जेल में बंद है। लोकसभा चुनाव के दौरान अतुल राय पर कॉलेज की एक छात्रा ने धोखे से घर बुलाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद अतुल राय काफी दिनों तक फरार रहा और फिर बाद में सरेंडर कर दिया था। बनारस के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने 22 जून को उसकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उसे जेल भेज दिया था।

बलूचिस्तान में नरसंहार, चीन में उइगरों की प्रताड़ना पर चुप्पी: बलूच नेता ने पाक की उधेड़ी बखिया

पाकिस्तान के कई नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अपने ही देश के दोहरे रवैये पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। बलूच नेता मेहरान मारी ने वहाँ पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे नरसंहार का जिक्र करते हुए अपने ही देश की सरकार को आड़े हाथों लिया। बलूच नेता ने कहा कि पाकिस्तान बलूचिस्तान में लगातार नरसंहार कर रहा है और मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने इस बात पर आश्चर्य जताया कि इन सबके बावजूद पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय में मानवाधिकार का मुखौटा लगा कर जम्मू कश्मीर की बात करता है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर में आने का निमंत्रण देते हुए कहा था कि वहाँ पर लोग बहुत ज्यादा ख़ुश हैं और कोई भी आकर देख सकता है। उनके इस बयान पर पलटवार करते हुए बलूच नेता ने कहा वह एक बेशर्म आदमी है। उन्होंने कहा कि अपने ही देश के लोगों को मारने वाले पाकिस्तान को दुनिया के किसी भी हिस्से में मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में बात करने का हक़ नहीं है।

बलूच नेता ने पाकिस्तान को यह भी याद दिलाया कि चीन में उइगरों के साथ क्या किया जा रहा है? मेहरान ने कहा कि शिनजियांग में चीन निर्दोष उइगरों को प्रताड़ित कर रहा है, उन पर अत्याचार कर रहा है लेकिन फिर भी वह पाकिस्तान का सबसे विश्वस्त पार्टनर बना हुआ है। बलूच नेता ने कहा कि पाकिस्तान ने ख़ुद को दुनियाभर के इस्लाम के समर्थकों के मानवाधिकार रक्षक होने का तमगा दिया हुआ है। उन्होंने कहा, “चीन में लाखों उइगरों पर अत्याचार हो रहा लेकिन पाकिस्तान चुप है क्योंकि बलूचिस्तान में चीन भी उसका ‘पार्टनर इन क्राइम’ है।“

जेनेवा में मानवाधिकार आयोग में पाकिस्तान की किरकिरी हुई। भारत ने करारा जवाब देते हुए पाकिस्तान पर पलटवार किया और उसे आतंकवाद का केंद्र बिंदु बताया। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वह बेइज्जत हो चुका है। पीओके के सामाजिक कार्यकर्ता आरिफ आजाकिया ने भी पाकिस्तानी सरकार को लपेटे में लिया और पाक मंत्रियों को लताड़ा था।

‘The Wire’ फिर से झूठ बोलते पकड़ा गया, फर्जी निकला ‘कश्मीर में अख़बार नहीं छप रहे’ का दावा

जम्मू-कश्मीर से 370 निष्प्रभावी किए जाने के बाद से पत्रकारिता का समुदाय विशेष लगातार वहाँ के हालात और सुरक्षा बलों की भूमिका को लेकर अनर्गल झूठ बोले जा रहा है। इन्हीं झूठों की श्रृंखला में The Wire का वह वीडियो है जिसमें ‘वरिष्ठ पत्रकार’ जयशंकर गुप्ता, प्रेम शंकर झा और उर्मिलेश के पैनल डिस्कशन में दावा किया जाता है कि 5 अगस्त (अनुच्छेद 370 हटने का दिन) से कश्मीर में कोई समाचार पत्र प्रकाशित नहीं हुआ है। The Wire के इस डिस्कशन में कश्मीर की कथित स्थिति को “(1975-77 के) आपातकाल से भी बदतर” भी इसी आधार पर बताया गया था।

The Wire के इस झूठ की पोल खोलते हुए दूरदर्शन के पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने एक टीवी डिबेट में इस दावे की क्लिप चलाने के बाद कश्मीर में छप और बँट रहे अख़बारों के न केवल नाम गिनाए, बल्कि उनकी तस्वीरें भी दिखाईं। वह तस्वीरें उनके रिपोर्टर ने कश्मीर से मुहैया कराईं थीं। इनमें ग्रेटर कश्मीर, राइज़िंग कश्मीर, कश्मीर उज़्मा (उर्दू अख़बार), तामीर इरशाद (उर्दू अख़बार), कश्मीर इमेज, कश्मीर रीडर, कश्मीर टाइम आदि बहुत से अख़बार शामिल हैं। उन्होंने हाल के दिनों में प्रकाशित अख़बारों के साथ ही कुछ पुरानी प्रतियाँ (18-19 अगस्त, 2019) भी गिनाईं।

नया नहीं है प्रोपेगंडा

‘The Wire’ और फर्जी प्रोपेगंडा का पुराना रिश्ता किसी को दोबारा बताए जाने की ज़रूरत नहीं है। इसके पहले वह कश्मीर में जीवनरक्षक दवाओं की कमी का भी दावा कर चुका है, जोकि बाद में झूठा ही निकला था।

‘गाय’ और ‘ॐ’ सुनते कुछ लोगों के बाल खड़े हो जाते हैं, PM मोदी ने मथुरा में विपक्षियों की चुटकी ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (सितम्बर 11, 2019) को मथुरा में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक के ख़िलाफ़ लोगों को जागरूक बनाने के लिए नई पहल का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने घर एवं कार्यक्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग बंद करें। इसके लिए उन्होंने लोगों से इस वर्ष गाँधी जयंती तक की समयावधि निर्धारित करने को कहा। उन्होंने मथुरा में कचरा बीनने वाली महिलाओं के साथ भी मुलाक़ात की।

इस दौरान उन्होंने 1000 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया। उन्होंने पशु आरोग्य मेले में किसानों से मुलाक़ात कर यह जाना कि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं? केंद्र में दूसरी बार भाजपा की सरकार बनने के बाद पीएम मोदी पहली बार मथुरा पहुँचे थे। उन्होंने यूपी में बड़ी संख्या में लोकसभा सीटों पर भाजपा की विजय के लिए जनता का धन्यवाद किया।

भगवान श्रीकृष्ण की नगरी में पर्यावरण का महत्व समझाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यमुना और गाय के बिना कान्हा की कोई भी तस्वीर पूरी नहीं होती। उन्होंने कहा कि दूध, दही और माखन के बिना श्रीकृष्ण की कल्पना की ही नहीं जा सकती। पीएम मोदी ने समझाया कि जिस तरह प्रकृति, पशुधन और पर्यावरण के बिना भगवान कृष्ण अधूरे नज़र आते हैं, उसी तरह इनके बिना भारत भी अधूरा लगेगा। उन्होंने प्रकृति से संतुलन बना कर चलने की अपील की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को प्लास्टिक के कारण उत्पन्न ख़तरे के बारे में बताया। विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि कुछ लोगों के कान में जैसे ही ‘ॐ’ या ‘गाय’ शब्द पड़ते हैं, उनके बाल खड़े हो जाते हैं। प्लास्टिक कचरे से मुक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने कहा:

“प्लास्टिक कचरे की समस्या समय के साथ गंभीर होती जा रही है। ब्रजवासी अच्छी तरह जानते हैं कि कैसे प्लास्टिक पशुओं की मौत का कारण बन रहा है। मैं देशभर में काम कर रहे सभी स्वास्थ्य संगठन, सिविल सोसाइटी, युवा मंडल, महिला मंडल, क्लब, स्कूल, कालेजों से सिंगल यूज प्लास्टिक खत्म करने के मिशन में शामिल होने का आग्रह करता हूँ। महात्मा गाँधी ने भी स्वच्छता को प्रमुखता दी। उनकी 150वीं जयंती पर यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

प्रधानमंत्री ने अपने सम्बोधन की शुरुआत ब्रजभाषा से की। इस दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने प्लास्टिक-कूड़ा अलग करने वाले लोगों से न सिर्फ़ बातचीत की बल्कि उनके काम में हाथ भी बँटाया।

मुहर्रम जुलूस: भिड़े दो गुट, जमकर काटा बवाल, 18 घरों में लगाई आग, पुलिस की जीप, 4 बाइक फूँका

मंगलवार (सितंबर 10, 2019) को मुहर्रम के दौरान तजिया जुलूस निकालने को दो गुट आपस में ही भिड़ गए और जमकर बवाल किया। घटना बिहार के बेतिया की है। दरअसल, बेतिया के मनुआपुल थाना के कर्बला मैदान में मंगलवार की शाम एक ही समय में दो समूहों द्वारा ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था। इस दौरान दोनों समूहों के बीच आपसी विवाद उत्पन्न हो गया। 

इनके बीच का विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि मारपीट के बाद शरारती तत्वों ने 18 घरों में आग लगा दी और कई वाहन फूँक दिए। इस दौरान उपद्रवी तत्वों ने मनुआपुल थाने की पुलिस जीप और 4 बाइक को भी फूँक डाला।

घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी ललन मोहन प्रसाद, डीएम डॉ निलेश रामचंद्र देवरे और एसपी जयंतकांत सहित कई थानों की पुलिस घटनास्थल पर पहुँच गई। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। शरारती तत्वों ने जिनके घर जलाए हैं, उनका कहना है कि इस घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है। उपद्रवी ट्रक में लुकार भरकर लाए थे। 

इसके अलावा, बिहार के नरकटियागंज और झंझारपुर में भी मुहर्रम के जुलुस के दौरान मारपीट और विवाद की खबर है। हालाँकि, पुलिस ने समय पर पहुँच कर स्थिति पर काबू पा लिया। वहीं, दरभंगा के सिंहवारा में भी मुहर्रम जुलूस के दौरान झड़प हो गई, जिसमें 6 लोग जख्मी हो गए।

बरेली धर्म परिवर्तन मामला: अजहर बना रहा है पीड़िता पर समझौता करने का दबाव, वरना फेंक देगा तेजाब

उत्तर प्रदेश के बरेली से कुछ दिन पहले इंसानियत को शर्मसार करने वाला धर्म परिवर्तन का एक मामला सामने आया था। जहाँ एक हिंदू महिला ने थाने पहुँचकर मोहम्मद अजहर नाम के शख्स पर आरोप लगाया था कि उसने पहले खुद को हिंदू बताकर महिला को प्रेम जाल में फँसाया, उससे शारीरिक संबंध बनाया, अपने दोस्त जीशान की मदद से उसका अश्लील mms बनवाया, फिर उसका धर्मपरिवर्तन करवाके उससे निकाह किया और बाद में उसे अपने दोस्तों के साथ सोने पर मजबूर करने लगा।

हालाँकि, पुलिस ने उस समय (शनिवार को) महिला की इस शिकायत पर मामले को दर्ज कर लिया था और अजहर समेत 4 लोगों के ख़िलाफ़ जाँच शुरू कर दी थी। लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आया है। बताया जा रहा है कि आरोपित अब महिला पर समझौता करने का न केवल दबाव बना रहा है बल्कि ऐसा न करने पर उस पर तेजाब डालने की भी धमकी दे रहा है। जिसके चलते महिला ने परेशान होकर फिर से पुलिस में शिकायत की हैं और डीआईजी ने बारादरी पुलिस को जाँच के आदेश दिए हैं।

खबरों की मानें तो अजहर के ख़िलाफ़ शनिवार को मामला दर्ज होने के बाद से ही वो पीड़िता को धमका रहा हैं। उसे मुँह खोलने पर तेजाब डालने की धमकी दे रहा हैं। जिससे महिला काफ़ी परेशान हो गई है और सुरक्षा के लिए पुलिस के पास पहुँची है।

इस मामले के संबंध में बता दें कि सोशल मीडिया पर लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी गुहार लगा रहे हैं कि वो खुद इस मामले का संज्ञान लें और पीड़िता को न्याय दिलवाएँ। ताकि ऐसे कुकर्म को अंजाम देने वालों के लिए एक उदहारण स्थापित हो सके।

जानकारी के लिए बता दें कि शनिवार को महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने ये मामला धारा 323, 506 और 376 डी के तहत दर्ज कर लिया था। साथ ही कहा था कि इस मामले की विभिन्न एंगल से जाँच की जा रही हैं। जाँच पूरी होने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

धार्मिक भावना भड़काने के लिए गणपति की मूर्ति को किया गया खंडित, बिखरी मिली पूजा सामग्री

गुजरात के खटोदरा थाना क्षेत्र में गणपति की प्रतिमा को खंडित कर धार्मिक भावनाएँ भड़काने की खबर सामने आई है। हालाँकि, मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मौक़े पर पहुँची पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है, लेकिन फिर भी इस घटिया हरकत करने वाले के प्रति लोगों में काफ़ी रोष हैं।

जानकारी के अनुसार खटोदरा स्ठिट गज्जर कंपाउंड में गणेश मंडल द्वारा गणपति की प्रतिमा को स्थापित किया गया था। यहाँ सोमवार (सितंबर 10, 2019) को पूजा आरती के बाद मंडल के लोग अपने-अपने घर चले गए थे, लेकिन जब सुबह आए तो प्रतिमा खंडित थी। गणपति को चढ़ाई पूजा सामग्री भी बिखरी हुई थी और मंडप में की गई लाइटिंग को भी काफ़ी नुकसान पहुँचाया गया था।

जिसे देखने के बाद कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को घटना की सूचना दी गई। पुलिस ने मौक़े पर पहुँचकर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम और डॉग स्क्वॉड से पूरे मामले की जाँच करवाई और बताया कि अराजक तत्वों द्वारा धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाने के लिहाज से तथा शांतिभंग करने के इरादे से इस करतूत को अंजाम दिया गया है। जिसके संबंध में सीसीटीवी फुटेज भी जाँच की जा रही हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल गणेश उत्सव के दौरान बैगमपुरा क्षेत्र से भी गणपति की प्रतिमा को खंडित करने का मामला सामने आ चुका है। जहाँ समुदाय विशेष के लोगों द्वारा गणेश मंडल के युवकों के साथ मारपीट की गई थी और प्रतिमा को क्षतिग्रस्त भी किया गया था।

इस घटना के बाद भी इलाके में तनाव फैल गया था और झड़पें हुईं थीं। इस दौरान पुलिस ने गणेश विसर्जन करवाकर आरोपितों की गिरफ्तारी भी की थी।

मुस्लिम बहुल इलाके के काली मंदिर में देवी प्रतिमा के साथ की गई तोड़फोड़, स्थिति तनावपूर्ण

उत्तरप्रदेश के देवरिया थाना क्षेत्र के मदिरा पाली भरत राय में सोमवार (सितंबर 9, 2019) को काली मंदिर में देवी की प्रतिमा को अराजक तत्वों द्वारा खंडित कर दिया गया। जिसका पता चलते ही मंगलवार (सितंबर 10, 2019) को इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। घटना की सूचना मिलने पर वहाँ डीएम एवं एसपी बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ पहुँचे और तत्काल देवी की मूर्ति को ठीक करवाया गया। सुरक्षा के लिहाज से इलाके में पुलिस बल को भी तैनात किया गया।

जानकारी के अनुसार ये काली मंदिर मुस्लिम बहुल इलाके में स्थित था, जहाँ माता की प्रतिमा हाथी पर रखी गई थी। लेकिन, देर रात किसी अराजक तत्व ने प्रतिमा का हाथ व हाथी की सूड़ को तोड़कर पूरी मूर्ति को खंडित कर दिया। सुबह होते-होते इसकी भनक लोगों को लगनी शुरू हुई, तो वहाँ स्थिति बिगड़ने लगी।

जागरण में प्रकाशित खबर का स्क्रीनशॉट

कुछ ग्रामीणों द्वारा इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई। जिसके बाद वहाँ पुलिस अधिकारी पहुँचे और दोनों पक्षों के लोगों को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान डीएम अमित किशोर व एसपी डॉ श्रीपति मिश्र ने भी लोगों को समझाने की कोशिश की। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी में ही मिस्त्री को बुलवाया और मूर्ति को ठीक करवाने का कार्य संपन्न करवाया।

हालाँकि, पुलिस की मानें तो उनके मुताबिक मूर्ति में हाथी की सूड़ टूट गई थी, जिसे उन्होंने सही करवा दिया है। अब दोनों पक्षों के बीच बात भी करवा दी गई हैं, जिससे किसी प्रकार के तनाव की स्थिति नहीं है। खबरों की मानें तो डीएम और एसपी से वहाँ चहारदीवारी बनाकर गेट लगाने की माँग की गई है।

मामला न्यायालय में चल रहा है, जिसके कारण अधिकारी भी इसपर टिप्पणी करने से बच रहे हैं। लेकिन फिलहाल दोनों पक्षों में शांति कमेटी बना दी गई हैं, जिसमें हिंदू समुदाय के 5 लोग और मुस्लिम समुदाय के 5 लोगों को शामिल किया गया हैं। ये लोग मंदिर की सुरक्षा के अलाव गाँव के हर त्यौहार में शांति बनाए रखने पर काम करेंगे।

बाबरी मस्जिद गिराना साजिश नहीं, यह करोड़ों हिंदुओं की भावनाएँ दबाने का नतीजा: कल्याण सिंह

राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह ने मंगलवार (सितंबर 10, 2019) को लखनऊ में कहा कि 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद को गिराए जाने की घटना किसी षडयंत्र का हिस्सा नहीं, बल्कि सदियों से करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को दबाए जाने का परिणाम था। बता दें कि, दिसंबर 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिराए जाने के समय कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट के विशेष जज सुरेंद्र कुमार यादव ने सीबीआई को कल्याण सिंह के मामले में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। इस पर सीबीआई ने एक आवेदन दायर किया था, जिस पर बुधवार (सितंबर 11, 2019) को सुनवाई होगी।

कल्याण ने कहा, “अभी तक मैं राजस्थान का राज्यपाल था और मुझे समन नहीं किया जा सकता था। लेकिन अब मुझसे पूछताछ की जाएगी। इसके लिए मैं कोर्ट में पेश होऊँगा। मैं वहाँ पर सभी सवालों का जवाब दूँगा।” उन्होंने कहा, “मैं कोर्ट का सम्मान करता हूँ। यदि सीबीआई मुझसे पूछताछ करना चाहती है तो मैं इसे स्वीकार करता हूँ। वे इसके लिए जब भी तारीख तय करते हैं, मैं उस दौरान हाजिर रहूँगा। यह मुद्दा अदालत में है और 12-13 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं। मैं कोर्ट को बताऊँगा कि इसमें कोई साजिश नहीं था।”

पूर्व राज्यपाल ने कहा कि अयोध्या करोड़ों भारतीयों की आस्था का केंद्रबिंदु है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होता है तो इससे करोड़ों भारतीयों की इच्छा पूरी होगी। उन्होंने कहा कि वो राम मंदिर निर्माण का समर्थन करते हैं। यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। उन्होंने कहा, “हम लोग कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। फैसला आने के बाद केंद्र सरकार को इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। मेरा पक्ष इस मुद्दे पर पूरी तरह स्पष्ट है।”

इससे पहले, दोबारा बीजेपी का सदस्य बनने के बाद उन्होंने सभी राजनीतिक दलों को राम मंदिर मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा था कि सभी राजनीतिक दलों को बताना चाहिए कि वे अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के पक्ष में हैं या नहीं। उन्होंने सुझाव दिया कि मुस्लिम पक्ष को इस मामले में अपने दावे को वापस लेने के पक्ष में सोचना चाहिए। इससे देश की एकता और अखंडता सुनिश्चित होगी।

9/11 की 18वीं बरसी पर काबुल में अमेरिकी दूतावास पर हुआ रॉकेट से खतरनाक हमला

आज 9/11 की 18 वीं बरसी पर अफगानिस्तान के काबुल में अमेरिकी दूतावास पर रॉकेट से एक खतरनाक हमला हुआ। जिसकी तीव्रता काफ़ी ज्यादा बताई जा रही हैं। ये हमला बुधवार तड़के हुआ। हालाँकि, संतोषजनक बात ये है कि इस हमले से कोई घायल नहीं हुआ, जिसकी पुष्टि खुद अधिकारियों ने हमले के एक घंटे बाद की। लेकिन अफगान अधिकारियों द्वारा इस मामले पर कोई तत्काल टिप्पणी नहीं हुई हैं। नाटो मिशन का भी कहना है कि कोई कर्मी घायल नहीं हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो न्यूज एजेंसी शिनहुआ ने इस हमले की जानकारी दी और बताया कि अमेरिकी दूतावास पर हुआ हमला एक रॉकेट हमला था।

जानकारी के अनुसार इस हमले से काबुल में आधी रात धुआँ छा गया था और सायरन बजने की आवाजें आने लगीं थी। जिसके बाद दूतावास के अंदर कर्मचारियों को एक संदेश सुनाई दिया कि परिसर में रॉकेट से हमला हुआ हैं।

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा पिछले सप्ताह तालिबान के साथ शांति वार्ता समाप्त करने के बाद, अफगानिस्तान में ये पहला बड़ा हमला हुआ है, वो भी अमेरिकी दूतावास पर। इससे पहले तालिबान कार बमों के धमाकों ने काबुल को झकझोर के रख दिया था, जिसमें वहाँ के कई नागरिक और नाटो मिशन के 2 सदस्य मारे गए थे। इस धमाके के बाद ही ट्रंप ने अमेरिकी सेवा सदस्य की मौत का हवाला देकर अमेरिका-तालिबान शांति वार्ता को समाप्त किया था।

खैर, बता दें कि अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी किसी भी आतंकी संगठन द्वारा नहीं ली गई हैं, लेकिन ये हमला उस समय हुआ है जब तालिबान पहले ही अमेरिका के सैनिकों के ख़़िलाफ़ बड़े हमले की धमकी दे चुका हैं। साथ ही यहाँ ये गौर करने वाली बात है कि इस हमले को 9/11 तारीख को अंजाम दिया गया है। ये वही दिन है जब साल 2001 में हमले के बाद अमेरिकी सेना ने 9/11 के मास्टरमाइंड और अलकायदा के खूँकार आतंकी को ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था।