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BJP के लिए EVM ‘इलेक्ट्रॉनिक विक्ट्री मशीन’ बन गई है: कॉन्ग्रेस

लोकसभा चुनाव के परिणाम के पहले से ही विपक्ष लगातार ईवीएम और आदर्श आचार संहिता को लेकर भाजपा पर तरह-तरह के आरोप लगा रहा है। विपक्ष ने एक बार फिर से चुनाव परिणाम से पहले ईवीएम और वीवीपैट को लेकर असंतोष जाहिर किया है। बुधवार (मई 22, 2019) को कॉन्ग्रेस ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए और कहा कि ऐसा लगता है कि, बीजेपी के लिए आदर्श आचार संहिता ‘मोदी प्रचार संहिता’ बन गई है। इसके साथ ही कॉन्ग्रेस ने भाजपा के लिए ईवीएम को ‘इलेक्ट्रॉनिक विक्ट्री मशीन’ करार दिया।

कॉन्ग्रेस का यह बयान चुनाव आयोग की 22 विपक्षी दलों की उस माँग को खारिज करने के बाद आया है, जिसमें उन्होंने माँग की थी कि मतगणना से पहले वीवीपैट की पर्चियों के ईवीएम से मिलान की बात कही थी। दरअसल, विपक्ष ने माँग की थी कि अगर वीवीपैट और ईवीएम का मिलान एक जैसा नहीं पाया जाता, तो पूरी विधानसभा की वीवीपैट की पर्चियों को गिना जाए। मगर चुनाव आयोग ने इस माँग को खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि मतगणना के अंत में ही पर्चियों का मिलान किया जाएगा, उससे पहले नहीं।

कॉन्ग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने विपक्ष के द्वारा किए गए दोनों माँग को खारिज कर दिया, लेकिन इसे किस आधार पर खारिज किया गया, इसके बारे में आयोग ने कुछ नहीं कहा। सिंघवी ने चुनाव आयोग पर सिर्फ एक ही पार्टी का पक्ष लेने का आरोप लगाया और कहा कि यह संवैधानिक संस्था के लिए काला दिन है। उन्होंने कहा कि यदि एक ही पक्ष की सुनवाई करनी है तो फिर संस्था की स्वतंत्रता का क्या मतलब रह जाता है? इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आयोग को ईवीएम की विश्वसनीयता को बरकरार रखने के लिए कुछ करना चाहिए।

कन्हैया चल रहे पीछे: घर में सिलिंडर पर छन रही हैं पूड़ियाँ, वही सिलिंडर जिस पर बोला था ‘झूठ’

लोकसभा निर्वाचन 2019 परिणाम के रुझान जैसे-जैसे सामने आ रहे हैं प्रत्याशियों में ख़ुशी का संचार होता जा रहा है। सबसे ज्यादा ख़ुशी कन्हैया कुमार को हो रही है। खबर है कि उनके घर में जीत की ख़ुशी में सिलिंडर पर पूड़ियाँ छन रही हैं। हालाँकि ताजा रुझानों में कन्हैया कुमार तीसरे स्थान पर पीछे चल रहे हैं।

गौरतलब है कि खुद को ‘बेरोजगार’ कहने वाले कन्हैया कुमार अब तक 8,58,650 रुपए की कमाई कर चुके हैं। 2017-18 में कन्हैया कुमार की आय 6,30,360 रुपए थी जबकि 2018-19 में उनकी आय 2,28,290 रुपए की रही। पिछले दो साल में बेरोजगारी के बावजूद 8 लाख रुपए से ज्यादा कमाने वाले कन्हैया अपने घर में एक गैस सिलिंडर तक नहीं खरीद पाए थे।  

श्रवण कुमार की धरती पर शायद ऐसे ही बेटों को ‘कपूत’ की संज्ञा दी जाती होगी। हालाँकि कन्हैया यह तर्क फिर से दे सकते हैं कि 3-4 दिन में खत्म हो जाने वाले सिलिंडर को वह साल भर में 100 से ज्यादा खरीदें तो कैसे खरीदें। लेकिन अब जब उनके घरवाले निर्वाचन में उनकी संभावित जीत की खुशियाँ मना रहे हैं तो उनके पास सिलिंडर कहाँ से आया यह पूछा जाना चाहिए।

लोकसभा चुनाव की निष्पक्षता और पवित्रता पर पूरा भरोसा, स्वतंत्र है ECI: अमेरिका

अब संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने भी भारतीय निर्वाचन आयोग की तारीफ की है। अमेरिका ने कहा है कि लोकसभा चुनावों में जिसकी भी विजय हो, उसे भारत में हुए ताज़ा चुनावों की पवित्रता और निष्पक्षता पर पूरा भरोसा है। अमेरिका ने कहा है कि वो नई सरकार के साथ कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार है, चाहे जो भी प्रधानमंत्री बने। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता मॉर्गन ओर्टागस ने कहा, “मैं संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के नजरिए से कहना चाहूँगा कि हमें भारत में हुए लोकसभा चुनाव की निष्पक्षता और पवित्रता पर पूरा विश्वास है। यह स्पष्ट है कि जिसकी भी विजय हो या फिर जो भी परिणाम आएँ, हम नई सरकार के साथ कार्य करेंगे।

बाकी देशों की तरह अमेरिका अपने चुनाव पर्यवेक्षकों को भारत नहीं भेजता क्योंकि उसे भारतीय निर्वाचन आयोग की स्वतन्त्रता और विश्वसनीयता पर पूरा विश्वास है। भारत को अपना सच्चा रणनीतिक साझेदार बताते हुए अमेरिका ने कहा कि सिर्फ़ एक क्षेत्र में नहीं, बाकि कई क्षेत्रों में अमेरिका और भारत के रिश्ते काफ़ी प्रगाढ़ हैं। अमेरिका ने कई मुद्दों पर भारत का पार्टनर होने की बात कही। अमेरिका ने कहा कि आज विश्व में जो कुछ भी चल रहा है, कुछ देर ठहर कर भारत पर बात करनी चाहिए। ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ ने हाल ही में लिखा था कि भारत का चुनाव विश्व की सबसे व्यापक और विशाल लोकतान्त्रिक प्रक्रिया है।

इस बार के चुनाव में पिछली बार के मुकाबले 8 करोड़ मतदाताओं की वृद्धि हुई है। 2014 में 55 करोड़ लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इंटरनेशनल स्टडीज थिंक टैंक में कार्यरत एक विशषज्ञ के मुताबिक नई सरकार को अमेरिका के साथ रिश्तों को आगे बढ़ाने में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अमेरिका के साथ गुपचुप तरीके से ट्रेड वॉर में आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए और साथ ही सिक्यॉरिटी जैसे मुद्दों पर संबंधों को तेज़ी से आगे बढ़ाना चाहिए। इसे ड्यूल ट्रैक एप्रोच का नाम दिया गया है।

हाल ही में मोदी सरकार ने कस्टम ड्यूटी की बढ़ोतरी करने के साथ-साथ गवर्नमेंट प्रोक्योरमेंट में बदलाव किया है। अगली सरकार द्वारा कुछ नर रिफॉर्म्स लाए जाने कि उम्मीद है और कहा जा रहा है कि अगली सरकार इम्पोर्ट बढ़ाने से ज्यादा विदेशी निवेश आकर्षित करने में ज्यादा जोर देगी। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने इस बार हिन्दू दक्षिणपंथी मुद्दों पर चुनाव लड़ा है और जनता नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा पिछले पाँच वर्षों में किए गए कामकाज पर अपना निर्णय देगी।

वाशिंगटन पोस्ट का मानना है कि भारत अभी चीन से प्रतिस्पर्धा कर रहा है और इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश की ज़रूरत है। प्रधानमंत्री मोदी को हिन्दुत्ववादी नेता बताते हुए अमेरिकी वेबसाइट ने लिखा कि यह चुनाव भारत का भविष्य तय करेगा। वहीं ‘वाल स्ट्रीट जर्नल’ का कहना है कि निवेशक इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि मोदी का कौन सा रूप प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठेगा- निवेश को आकर्षित करने वाला या बाँटने वाला? अमेरिकी वेबसाइटों ने नरेन्द्र मोदी को व्यापार और उद्योग फ्रेंडली तो बताया है लेकिन वे उनके हिन्दुत्ववादी होने की चर्चा करना नहीं भूलते।

बड़े नाम: नरेंद्र मोदी, साध्वी प्रज्ञा, रवि किशन आगे, शत्रुघ्न सिन्हा रह गए पीछे

वाराणसी से नरेंद्र मोदी 11000 वोटों से आगे चल रहे हैं।

भोपाल में बीजेपी की साध्वी प्रज्ञा 10000 वोटों से आगे हैं।

पटना साहिब से रवि शंकर प्रसाद आगे चल रहे हैं। बॉलीवुड हीरो-कम-अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा रह गए पीछे।

योगी आदित्यनाथ की परंपरागत सीट गोरखपुर से रवि किशन 16000 वोटों से आगे।

अमेठी से कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी पीछे चल रहे हैं। पोस्टल बैलट की शुरुआती रुझान में स्मृति इरानी राहुल से आगे निकल गई हैं। वायनाड से राहुल के लिए थोड़ी राहत की खबर है – लीड कर रहे हैं।

रायबरेली से सोनिया गाँधी आगे चल रही हैं।

भोपाल से साध्वी प्रज्ञा आगे चल रही हैं। दिग्विजय सिंह शुरुआती रुझानों में पिछड़ गए हैं।

कॉन्ग्रेस के बड़े चेहरे में से एक शशि थरूर केरल के थिरुअनंतपुरम से पीछे चल रहे हैं।

ऐतिहासिक: भाजपा का तिहरा शतक, हाफ-सेंचुरी पर सिमटी कॉन्ग्रेस

कुछ ही देर में लोकसभा चुनावों के रुझान आने शुरू हो जाएँगे और कौन किस स्थिति में होगा सरकार बनाने के, यह स्पष्ट रूप से पता चल जाएगा। हाल ही में आए एग्जिट पोल के हिसाब से 10 में से 9 एग्जिट पोल ने भाजपा और समर्थित पार्टियों को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाया था। इसके बाद कई पार्टियों ने EVM पर सवाल उठाने शुरू कर दिया जिससे कुछ लोगों ने प्रतिक्रिया दी कि शायद ये उनके हार की स्वीकृति है।

14:06 ताजातरीन आँकड़ो के अनुसार भाजपा समर्थित NDA ने पहली बार रुझानों में 350 की संख्या पार कर ली। अब NDA 352 सीट पर आगे है, UPA 92 सीट पर, सपा-बसपा 20 सीट पर और अन्य पार्टियाँ 78 सीटों पर बढ़त बना कर चल रही है। BJP 300 से ज़्यादा सीटों पर आगे चल रही है।

12:12 भाजपा समर्थित NDA को 344, UPA को 93, सपा-बसपा गठबंधन को 24 और अन्य पार्टियों को 80 सीटों पर बढ़त है।

11:42 बंगाल में अब तक कुल 40 सीटों में तृणमूल 21 सीटों पर, बीजेपी 17 सीटों पर और कॉन्ग्रेस 2 सीट पर आगे है।

11:38 लगभग सारे सीटों के रुझान आ गए हैं और भाजपा समर्थित राजग को 335, UPA को 103, सपा-बसपा गठबंधन को 24 और अन्य पार्टियों को 83 सीटों पर बढ़त है।

10:38 रिपब्लिक टीवी के ताजा आँकड़ो के अनुसार 328 सीटों पर NDA आगे, UPA 107 पर बढ़त बनाए हुए है। सपा-बसपा गठबंधन 25 पर चल रही है आगे।

ECI की साइट से ताजा रुझान

10:07 ABP आनंद के अनुसार, ताजा रुझानों में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस 20 सीटों पर, बीजेपी 15 सीटों पर और कांग्रेस 2 सीट पर आगे चल रही है। अभी तक कुल 37 सीटों के रुझान आ चुके हैं।

NDTV ने 327 सीटों पर भाजपा को बढ़त दिखाई

9:42 ZEE न्यूज़ के मुताबिक 464 सीटों के रुझानों में बीजेपी 300 और कांग्रेस 101 सीटों पर आगे, अन्य 72 सीटों पर आगे

9:33 महागठबंधन (सपा-बसपा) को उत्तर प्रदेश में 27 सीटों पर बढ़त मिल रही है। बाकी रुझान में 183 पर NDA आगे, 99 पर UPA, अन्य को 62 पर बढ़त है। गिरिराज सिंह बेगूसराय में आगे हैं, स्मृति ईरानी अमेठी में राहुल गाँधी से आगे हैं। वहीं सोनिया गाँधी 600 मतों से पीछे हो गई हैं रायबरेली में।

9:17 अभी तक आए रुझानों के मुताबिक 122 पर NDA आगे, 91 पर UPA को बढ़त

9:02 ABP आनंद के अनुसार पश्चिम बंगाल में TMC को 6, BJP को 3, और कॉन्ग्रेस को 2 सीटों पर बढ़त। आसनसोल से भाजपा के बाबुल सुप्रियो आगे चल रहे हैं।

8:56 पहली बार सौ से ज़्यादा सीटों के रुझान आ चुके हैं जहाँ 112 सीटों में 61 पर NDA, 21 पर UPA और 30 पर अन्य को शुरुआती बढ़त है।

8:46 ताजा आँकड़ों के अनुसार 64 में से 38 पर NDA आगे चल रही है। बड़े नामों में राहुल गाँधी अमेठी में शुरुआती बढ़त के बाद पिछड़े; शशि थरूर भी तिरुवनंतपुरम में पीछे; कन्हैया भी पीछे।

8:36 43 में से 24 पर NDA, 15 पर UPA और 4 पर अन्य आगे चल रहे हैं। राजस्थान और गुजरात की सारी सीटों पर NDA आगे।

8:27 7 राज्यों में भाजपा को बढ़त, रिपब्लिक टीवी और C-Voter के अनुसार 32 में से 17 पर NDA, 13 पर UPA और 2 पर अन्य आगे चल रहे हैं

8:25 पश्चिम बंगाल में 5 में 4 सीटों पर BJP आगे चल रही है।

8:16 शुरुआती रुझानों में भाजपा 9 में 8 सीटों पर आगे चल रही है। रिपब्लिक टीवी के अनुसार भोपाल में साध्वी प्रज्ञा आगे चल रही हैं।

8:00 मतगणना शुरू हो चुकी है और EVM से पहले पोस्टल बैलेट की गिनती हो रही है। CNN News 18 के अनुसार पोस्टल बैलेट में भाजपा 6 सीट पर आगे है। हालाँकि, इन रुझानों का कोई ख़ास मतलब नहीं होता।

7:47 महागठबंधन की पार्टियों ने अजीब सी डिमांड रखी है जहाँ उन्होंने कहा है कि अगर किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलता तो उन्हें सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए। ये किस आधार पर कहा गया ये तो नहीं पता लेकिन जिस पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलती हैं उन्हें ही सरकार बनाने का आमंत्रण मिलने की परंपरा रही है।

7:30 लोकसभा चुनाव परिणामों के साथ ही तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और ओडिशा के विधानसभा चुनावों के परिणाम भी आज ही आएँगे।

7:25 वोटों की गिनती 8 बजे से शुरू होगी और EVM से पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी। सबसे अंत में VVPAT की पर्चियों का EVM में दर्ज संख्या से मिलान होगा। यूँ तो दिन ख़त्म होने तक ही सारे नतीजे स्पष्ट होंगे, लेकिन दोपहर 12-1 बजे तक के रुझान से पता चल जाएगा कि सरकार किसकी बनेगी।

7:15 कॉन्ग्रेस और वाड्रा परिवार यूँ तो पूजा-पाठ में व्यस्त हैं वहीं कॉन्ग्रेस नेता अजय माकन ने कहा है कि उनकी पार्टी आश्वस्त है कि लोकसभा चुनावों के नतीजे उनकी पार्टी के पक्ष में आएँगी और राहुल गाँधी प्रधानमंत्री बनेंगे।

19 मई को मतदान समाप्त होने और एग्जिट पोल के नतीजों में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी के अनुमान के बाद से विपक्षी नेताओं में हिंसा की धमकी की बाढ़ सी आ गई है। पहले रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मनमुताबिक परिणाम न आने पर सड़कों पर खून बहाने की धमकी दी, फिर सीताराम येचुरी ने कानून व्यवस्था की चिंता की आड़ लेकर यही प्रयास किया, और अंत में गृह मंत्रालय को कल परिणामों की घोषणा के समय भारी हिंसा की आशंका को देखते हुए सभी राज्यों को हाई अलर्ट जारी करना पड़ा।

कॉन्ग्रेस उम्मीदवार पर चुनाव नतीजों से कुछ घंटों पहले चली अंधाधुंध गोलियाँ

थोड़ी ही देर में मतगणना शुरू होने वाली है और नतीजे स्पष्ट होने लगेंगे, लेकिन इसी बीच ओडिशा से खबर है कि वहाँ की अकसा विधानसभा सीट से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार मनोज जेना पर अज्ञात हमलावरों ने लगातार गोलियाँ चलाई। देर रात हुए हमले के कारण प्रत्याशी की हालत नाजुक बताई जाती है। उन्हें उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती किया गया है।

ओडिशा में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव एक साथ हो रहे हैं। बताया जाता है कि जेना अपने मित्र के साथ मोटर साइकिल से जा रहे थे जब चार हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग की। हमले की जाँच जारी है। कहा जा रहा है की हमले की वजह आपसी रंजिश है।

इससे पहले, 19 मई को मतदान समाप्त होने और एग्जिट पोल के नतीजों में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी के अनुमान के बाद से विपक्षी नेताओं में हिंसा की धमकी की बाढ़ सी आ गई है। पहले रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मनमुताबिक परिणाम न आने पर सड़कों पर खून बहाने की धमकी दी, फिर सीताराम येचुरी ने कानून व्यवस्था की चिंता की आड़ लेकर यही प्रयास किया, और अंत में गृह मंत्रालय को कल परिणामों की घोषणा के समय भारी हिंसा की आशंका को देखते हुए सभी राज्यों को हाई अलर्ट जारी करना पड़ा।

7 तरीकों से मैंने देखा, मोदी की जीत तय: बेजान दारुवाला की भविष्यवाणी

चुनावों के नतीजे थोड़ी ही देर में सामने आने लगेंगे और रुझानों से 11 बजे तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि किस पार्टी या गठबंधन को जनादेश मिलेगा। हालाँकि, हम भारतवासियों को हर तरह से नतीजे पता करने का कुतूहल होता है। इसी सन्दर्भ में प्रसिद्ध ज्योतिषशास्त्री बेजान दारुवाला ने जो भविष्यवाणी की थी हम वो बताने जा रहे हैं।

बेजन दारूवाला ने न्यूज़ एजेंसी ANI को दिए अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि 2019 के लोकसभा चुनावों में NDA को बहुमत मिलेगा और वो मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाएँगे। उन्होंने कहा था कि जिन 7 मानदंडों पर वो राहुल गाँधी और मोदी को आँक रहे हैं, उनके सितारे बताते हैं कि इस बार भी मोदी की ही जीत होने वाली है।

इससे पहले, 19 मई को मतदान समाप्त होने और एग्जिट पोल के नतीजों में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी के अनुमान के बाद से विपक्षी नेताओं में हिंसा की धमकी की बाढ़ सी आ गई है। पहले रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मनमुताबिक परिणाम न आने पर सड़कों पर खून बहाने की धमकी दी, फिर सीताराम येचुरी ने कानून व्यवस्था की चिंता की आड़ लेकर यही प्रयास किया, और अंत में गृह मंत्रालय को कल परिणामों की घोषणा के समय भारी हिंसा की आशंका को देखते हुए सभी राज्यों को हाई अलर्ट जारी करना पड़ा।

न सिर्फ मीडिया और अन्य संस्थानों के एग्जिट पोल, बल्कि कॉन्ग्रेस का खुद का एग्जिट पोल भाजपा-नीत एनडीए को 272 के बहुमत के आँकड़े के करीब 230 के आस-पास सीटें दे रहा है। भाजपा को भी 200 के करीब सीटें मिलने की उम्मीद है। इसके उलट पूरा यूपीए मिल कर भी इस सर्वे में 200 का आँकड़ा नहीं छू पा रहा है। कॉन्ग्रेस खुद 140 पर सिमटती हुई नजर आ रही है। 

चुनाव परिणामों को लेकर AAP नेता ने दी दंगों, गृह युद्ध की धमकी

ग्रेटर कैलाश से आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भरद्वाज ने लोकसभा निर्वाचन 2019 के नतीजों पर गृह युद्ध और भारी संख्या में दंगों की धमकी दी है। इसका ठीकरा भी उन्होंने निर्वाचन आयोग के ही सर फोड़ने की कोशिश की है। इसी मामले के लिए उन्होंने आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की भी घोषणा की थी जो अभी तक हुई नहीं है।

अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा कि अगर निर्वाचन आयोग पहले जीतने और हारने वाले की घोषणा कर देगा और इसके बाद VVPAT वाला मिलान करेगा (और इस मिलान में कहीं नतीजा उलट गया तो) तो इससे पहले हार और जीत चुके नेताओं और उनके समर्थकों के नए नतीजों को न मानने की आशंका है। इस निर्णय से देश में गृहयुद्ध और भारी संख्या में दंगे होंगे।

कपिल मिश्र और तेजस्वी सूर्या ने लिया आड़े हाथों

सौरभ भरद्वाज के इस बयान को सोशल मीडिया पर आड़े हाथों लिया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के ही विधायक कपिल मिश्र और भाजपा नेता तेजस्वी सूर्या ने उन्हें सोशल मीडिया पर घेरते हुए इस बयान की आलोचना की है।

दंगों की धमकी दे रहे नेताओं की बाढ़

19 मई को मतदान समाप्त होने और एग्जिट पोल के नतीजों में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी के अनुमान के बाद से विपक्षी नेताओं में हिंसा की धमकी की बाढ़ सी आ गई है। पहले रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मनमुताबिक परिणाम न आने पर सड़कों पर खून बहाने की धमकी दी, फिर सीताराम येचुरी ने कानून व्यवस्था की चिंता की आड़ लेकर यही प्रयास किया, और अंत में गृह मंत्रालय को कल परिणामों की घोषणा के समय भारी हिंसा की आशंका को देखते हुए सभी राज्यों को हाई अलर्ट जारी करना पड़ा।


‘सबसे बड़े दलित नेता’ उदित राज ने सुप्रीम कोर्ट पर लगाया धाँधली का आरोप, EVM से हैं नाराज़

कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने अपनी पार्टी व विपक्ष की परम्पराओं को आगे बढ़ाते हुए अब सीधा सुप्रीम कोर्ट पर ही हमला बोला है। उदित राज ने ट्विटर के माध्यम से पूछा कि सुप्रीम कोर्ट आख़िर क्यों नहीं चाहता कि सारे ईवीएम के साथ वीवीपैट पर्चियों का मिलान हो? इसके बाद उन्होंने देश की शीर्ष अदालत पर ही कथित धाँधली में शामिल होने का आरोप लगा दिया। उदित राज ने साथ ही मतगणना की प्रक्रिया को और लम्बी खींचने की पैरवी करते हुए कहा कि ऐसे भी इतने महीनों से सरकारी काम-काज ठप्प पड़ा है, 2-3 दिन और सही। उदित राज का विवादस्पद बयान देने का पुराना रिकॉर्ड रहा है और कॉन्ग्रेस में शामिल होने के बाद वह नित नए रिकार्ड्स बना रहे हैं।

इससे पहले उदित राज ने कहा कि चुनाव आयोग बिक चुका है और लोगों को सड़क पर निकल कर आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने देश को ‘अंग्रेजों के ग़ुलाम’ से बचाने की अपील की। इससे पहले उपेंद्र कुशवाहा भी ख़ूनख़राबे की धमकी दे चुके हैं। वामपंथी नेता सीताराम येचुरी ने भी क़ानून व्यवस्था बिगड़ने की धमकी दी है। कुशवाहा के बिगड़े बोल पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि ‘जैसे को तैसा‘ जवाब दिया जाएगा। नेताओं द्वारा ईवीएम को लेकर चुनाव आयोग व सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी माँगे ठुकराए जाने के बाद लगातार धमकी भरे बयान दिए जा रहे हैं।

विपक्ष की माँग थी कि सभी ईवीएम के साथ वीवीपैट पर्चियों का मिलान किया जाए जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक़, प्रति विधानसभा पाँच बूथ के ईवीएम और वीवीपैट का मिलान किया जाना है। विपक्ष लगातार अपनी माँग पर अड़ा हुआ है और चुनाव आयोग से मतगणना प्रक्रिया में बदलाव करने को कह रहा है, जिसे नकार दिया गया है।

हाल ही में उदित राज ने ट्विटर पर लिखा कि केरल में भाजपा आज तक एक भी सीट इसीलिए नहीं जीत पाई क्योंकि वहाँ के लोग अंधभक्त न होकर शिक्षित हैं। इसके बाद उनकी ख़ासी आलोचना हुई थी। ट्विटर पर लोगों ने पूछा था कि क्या उदित राज को 2014 में जिताने वाली दिल्ली की जनता भी अशिक्षित थी? गुरुवार (मई 23, 2019) को लोकसभा चुनाव के परिणाम आने वाले हैं और विपक्ष के नेता अपने पक्ष में परिणाम न आने की आशंका से नाराज़ हैं।

ब्रह्मोस का सुखोई MKI-30 से सफल परीक्षण, दक्षिण-पूर्वी एशिया के देशों को निर्यात की तैयारी

रक्षा मंत्रालय द्वारा आज शाम जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार वायु सेना ने ब्रह्मोस मिसाइल के हवाई संस्करण का आज सफल परीक्षण किया है। सुखोई एमकेआई-30 से दागी गई यह मिसाइल विज्ञप्ति के मुताबिक जमीन पर स्थित अपने निर्धारित लक्ष्य को भेदने में सफल रही। मिसाइल की डिजाइनिंग और विकास भारत-रूस के संयुक्त तत्वाधान में बनी कंपनी ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड (BAPL) ने किया है। परीक्षण में नौसेना ने भी फायरिंग रेंज को खाली रखते हुए सहयोग किया।

पिछले साल अपनी श्रेणी की पहली बनी थी वायु सेना

पिछले ही साल भारतीय वायु सेना ने 2.5 टन की इस सुपरसोनिक (आवाज़ की गति से तेज चलने वाली) मिसाइल को 2.8 मैक (ध्वनि के अनुपात में गति नापने की इकाई) से हवा से पानी की सतह पर टेस्ट फायर किया गया था। 22 नवंबर, 2017 को ऐसा कर, ऐसी हवा से सतह पर हमला करने में सक्षम क्रूज़ मिसाइल से ऐसी क्षमता पाने वाली पहली वायु सेना बनी थी।

मिसाइल की शुरुआत से ही वायु सेना इसके विकास के हर कदम पर इसमें शामिल रही है। उसके इंजीनियरों ने मिसाइल का सॉफ्टवेयर भी बनाया था। HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) ने मिसाइल के इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल हिस्सों पर काम किया था

दूसरे देश भी दिखा रहे रुचि  

BAPL के मुख्य मानव संसाधन महाप्रबंधक (चीफ जनरल मैनेजर, एचआर) कमोडोर एसके अय्यर ने पिछले हफ्ते यह जानकारी मीडिया को दी थी कि इस मिसाइल को खरीदने में कई दक्षिणपूर्वी एशियाई और खाड़ी देशों ने रुचि दिखाई है। उन्होंने यह जानकारी IMDEX 2019 प्रदर्शनी में भागीदारी के दौरान दी। उन्होंने बताया कि दक्षिण-पूर्वी एशिया के देशों को यह मिसाइल निर्यात किए जाने में केंद्र सरकार और उन देशों के बीच सहमति बनने की देर है।