‘सबसे बड़े दलित नेता’ उदित राज ने सुप्रीम कोर्ट पर लगाया धाँधली का आरोप, EVM से हैं नाराज़

इससे पहले उदित राज ने कहा कि चुनाव आयोग बिक चुका है और लोगों को सड़क पर निकल कर आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने देश को 'अंग्रेजों के ग़ुलाम' से बचाने की अपील की। इससे पहले उपेंद्र कुशवाहा भी ख़ूनख़राबे की धमकी दे चुके हैं।

कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने अपनी पार्टी व विपक्ष की परम्पराओं को आगे बढ़ाते हुए अब सीधा सुप्रीम कोर्ट पर ही हमला बोला है। उदित राज ने ट्विटर के माध्यम से पूछा कि सुप्रीम कोर्ट आख़िर क्यों नहीं चाहता कि सारे ईवीएम के साथ वीवीपैट पर्चियों का मिलान हो? इसके बाद उन्होंने देश की शीर्ष अदालत पर ही कथित धाँधली में शामिल होने का आरोप लगा दिया। उदित राज ने साथ ही मतगणना की प्रक्रिया को और लम्बी खींचने की पैरवी करते हुए कहा कि ऐसे भी इतने महीनों से सरकारी काम-काज ठप्प पड़ा है, 2-3 दिन और सही। उदित राज का विवादस्पद बयान देने का पुराना रिकॉर्ड रहा है और कॉन्ग्रेस में शामिल होने के बाद वह नित नए रिकार्ड्स बना रहे हैं।

इससे पहले उदित राज ने कहा कि चुनाव आयोग बिक चुका है और लोगों को सड़क पर निकल कर आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने देश को ‘अंग्रेजों के ग़ुलाम’ से बचाने की अपील की। इससे पहले उपेंद्र कुशवाहा भी ख़ूनख़राबे की धमकी दे चुके हैं। वामपंथी नेता सीताराम येचुरी ने भी क़ानून व्यवस्था बिगड़ने की धमकी दी है। कुशवाहा के बिगड़े बोल पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि ‘जैसे को तैसा‘ जवाब दिया जाएगा। नेताओं द्वारा ईवीएम को लेकर चुनाव आयोग व सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी माँगे ठुकराए जाने के बाद लगातार धमकी भरे बयान दिए जा रहे हैं।

विपक्ष की माँग थी कि सभी ईवीएम के साथ वीवीपैट पर्चियों का मिलान किया जाए जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक़, प्रति विधानसभा पाँच बूथ के ईवीएम और वीवीपैट का मिलान किया जाना है। विपक्ष लगातार अपनी माँग पर अड़ा हुआ है और चुनाव आयोग से मतगणना प्रक्रिया में बदलाव करने को कह रहा है, जिसे नकार दिया गया है।

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हाल ही में उदित राज ने ट्विटर पर लिखा कि केरल में भाजपा आज तक एक भी सीट इसीलिए नहीं जीत पाई क्योंकि वहाँ के लोग अंधभक्त न होकर शिक्षित हैं। इसके बाद उनकी ख़ासी आलोचना हुई थी। ट्विटर पर लोगों ने पूछा था कि क्या उदित राज को 2014 में जिताने वाली दिल्ली की जनता भी अशिक्षित थी? गुरुवार (मई 23, 2019) को लोकसभा चुनाव के परिणाम आने वाले हैं और विपक्ष के नेता अपने पक्ष में परिणाम न आने की आशंका से नाराज़ हैं।

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