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महिला को BMW से कुचलने के बाद मिहिर शाह ने बदल लिया था लुक, पहचान छिपाने को हटा ली थी दाढ़ी: घरवालों ने ही छिपाकर रखा था, अब मुंबई पुलिस की गिरफ्त में

मुंबई में महिला को BMW गाड़ी से कुचलने वाले शिव सेना नेता के बेटे मिहिर शाह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी दाढ़ी हटा दी थी। वह क्लीन शेव लुक में आ गया था। उसने ऐसा अपनी पहचान छुपाने के लिए किया था। उसके गिरफ्तार होने के बाद यह सारी जानकारी सामने आई है।

मिहिर शाह महिला को गाड़ी को से घसीटने और कुचलने के बाद मुंबई से फरार हो गया था। उसको पुलिस ने मंगलवार (9 जुलाई, 2024) को मुंबई के विरार से ही गिरफ्तार किया है। जाँच में पता चला है कि उसे घटना के बाद भागने में उसकी बहन और माँ ने मदद की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मिहिर के पिता राजेश शाह ने ही उसे भागने को कहा था। वह दुर्घटना के बाद अपनी गर्लफ्रेंड के घर गया था और वहीं से अपनी बहन और माँ को इस घटना की जानकारी दी थी। मिहिर की बहन ने उसे गर्लफ्रेंड के घर से ले आई थी। इसके बाद राजेश शाह को छोड़ कर पूरा परिवार शाहपुर के एक रिजॉर्ट में चला गया था।

यहाँ मिहिर शाह के साथ उसकी दोनों बहने, माँ और एक दोस्त भी गया था। यह वाकया 7 जुलाई को हुआ था। इसके बाद अगले ही दिन मिहिर शाह 8 जुलाई, 2024 को वापस मुंबई के विरार आ गया था। यहाँ वह अपने एक दोस्त के पास आया था। उसके दोस्त ने अपना फोन ऑन किया था तो पुलिस को उसकी लोकेशन मिल गई।

पुलिस ने इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इस मामले में अब उससे पूछताछ कर रही है। उसने पूछताछ में खुद ही गाड़ी से महिला को घसीटने और कुचलने बात भी कबूली है। पुलिस ने इस मामले में उसे कोर्ट में पेश करते समय घटना का CCTV वीडियो भी दिया है। इसमें घटनाक्रम भी साफ़ हो रहा है।

दूसरी तरफ मिहिर ने यह दुर्घटना के पहले जुहू के जिस बार में बैठ कर शराब पी थी, उस पर भी कार्रवाई की गई है। BMC ने जुहू के इस बार पर बुलडोजर चला दिया है। BMC ने अवैध हिस्से को गिरा दिया है। इससे पहले आबकारी विभाग ने भी इस बार को नोटिस भेजा था।

गौरतलब है कि 7 जुलाई, 2024 को रात में मिहिर शाह ने अपनी BMW गाड़ी से स्कूटी पर जा रहे एक दंपती को टक्कर मार दी थी। इस टक्कर में महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद भी मिहिर शाह अपनी गाड़ी से महिला कावेरी को 1.5 किलोमीटर तक घसीटता रहा था। घटना के बाद फरार हो गया था। मुंबई पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। उसको मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था। मिहिर शाह के पिता राजेश शाह को भी गिरफ्तार किया गया था लेकिन उन्हें जमानत मिल गई थी।

अब मुस्लिम महिलाएँ तलाक के बाद शौहर से ले सकेंगी गुजारा भत्ता, सुप्रीम कोर्ट ने खींची नई लकीर: शाहबानो का हक छीन राजीव गाँधी लाए थे जो ‘तुष्टिकरण’ उस पर लगा फुलस्टॉप

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (10 जुलाई 2024) को एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला अपने पूर्व पति के खिलाफ आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 के तहत भरण-पोषण का दावा दायर कर सकती है। इसको लेकर मुस्लिम महिला (तलाक पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम 1986 धर्मनिरपेक्ष कानून पर हावी नहीं होगा।

शीर्ष न्यायालय की न्यायामूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने मुस्लिम महिला के अधिकार को बरकरार रखा। इसको लेकर पीठ ने अलग-अलग, लेकिन सहमति वाले फैसले सुनाए। दरअसल, एक मुस्लिम व्यक्ति ने तेलंगाना हाई कोर्ट के उस निर्देश को चुनौती दी थी, जिसमें उसे अपनी पूर्व पत्नी को 10,000 रुपए का अंतरिम भरण-पोषण देने का निर्देश दिया गया था।

न्यायमूर्ति नागरत्ना ने फैसला सुनाते हुए कहा, “सीआरपीसी की धारा 125 सभी महिलाओं पर लागू होगी, न कि केवल विवाहित महिलाओं पर।” पीठ ने कहा कि यदि धारा 125 के तहत आवेदन लंबित रहने के दौरान संबंधित मुस्लिम महिला तलाक ले लेती है तो वह मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 का सहारा ले सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह अधिनियम सीआरपीसी की धारा 125 के तहत किए गए उपायों के अतिरिक्त उपाय भी प्रदान करता है। बताते चलें कि सर्वोच्च न्यायालय ने शाहबानो मामले में एक ऐतिहासिक फैसला देते हुए कहा था कि सीआरपीसी की धारा 125 एक धर्मनिरपेक्ष प्रावधान है, जो मुस्लिम महिलाओं पर भी लागू होता है।

हालाँकि, मुस्लिम महिला (तलाक पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम 1986 द्वारा सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को निरस्त कर दिया गया और 2001 में कानून की वैधता बरकरार रखी गई थी। इस अधिनियम के तहत तलाकशुदा मुस्लिम महिला सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की माँग नहीं कर सकती है।

सीआरपीसी की धारा 125 के अनुसार, एक व्यक्ति जिसके पास पर्याप्त साधन हैं वह अपनी पत्नी, बच्चों (वैध या नाजायज) और पिता या माता का भरण-पोषण करने के लिए उत्तरदायी है। इस धारा के अनुसार, ‘पत्नी’ में वह महिला शामिल है, जिसका अपने पति से तलाक हो चुका है और उसने दोबारा विवाह नहीं किया है।

यह मामला तेलंगाना के हैदराबाद के मुस्लिम परिवार का है। मार्च 2019 में एक मुस्लिम महिला ने हैदराबाद की एक पारिवारिक अदालत में एक याचिका दी कि उसका पति अब्दुल समद ने उसे तीन तलाक दिया है। इसलिए उसने सीआरपीसी की धारा 125 के तहत 50,000 रुपए मासिक भरण-पोषण की माँग की। इसके बाद कोर्ट ने जून 2023 में 20,000 रुपए प्रतिमाह भरण-पोषण देने का निर्देश दिया।

अब्दुल समद ने पारिवारिक अदालत के आदेश को तेलंगाना हाई कोर्ट में चुनौती दी और तर्क दिया कि उसने साल 2017 में मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसार तलाक लिया था। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि उसने अपनी पूर्व पत्नी को ‘इद्दत’ अवधि के दौरान भरण-पोषण के रूप में पहले ही 15,000 रुपए का भुगतान कर दिया है।

इसके बाद हाई कोर्ट ने दिसंबर 2023 में उच्च न्यायालय ने भरण-पोषण की राशि को संशोधित कर 10,000 प्रतिमाह कर दिया। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने पारिवारिक न्यायालय को छह महीने के भीतर इस मामले का निपटारा करने का निर्देश दिया। हाई कोर्ट के इस फैसले से अब्दुल समद संतुष्ट नहीं हुआ। उसने सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल की।

याचिकाकर्ता मोहम्मद अब्दुल समद के वकील ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष बताया कि मुस्लिम महिला (तलाक पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम 1986 के अनुसार, तलाकशुदा मुस्लिम महिला सीआरपीसी की धारा 125 के तहत लाभ का दावा करने की हकदार नहीं है। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया।

इस्लाम के ‘हाफिज’ कैसे, कह रहे बेटियों को ‘वेश्या’ बनाना है तो स्कूल भेजो: मुस्लिम लड़कियों को शिक्षा से रोकने के लिए पाकिस्तान में बन रहे गाने

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पाकिस्तानी यूट्यूबर की वीडियो खूब वायरल हो रही है। यूट्यूबर का नाम हाफिज हसन इकबाल चिश्ती है। हसन इकबाल ने वीडियो में गाना गाया है और लोगों से कहा है कि वो अपनी लड़कियों को स्कूल न भेजें क्योंकि वहाँ लड़कियाँ नाचती हुई मिली हैं। इसके अलावा हसन ने गाने में ये भी कहा है कि अगर लड़कियों को कंजरी (महिलाओं का चरित्र हनन के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द) बनाना है तो वो उन्हें स्कूल भेजें।

इस गाने को तीन हफ्ते पहले जून में रिलीज किया गया था। गाने का शीर्षक भी यही दिया गया था- “अपनी धी स्कूलो हटा ले, ओथे डांस करदी पाई ए (यानी अपनी लड़की को स्कूल से निकाल ले, वो वहाँ डांस करती हुई मिली है)”

इसके अलावा इस गाने के कुछ और बोल भी है जहाँ विवादित बातें कही गई हैं। जैसे – लड़की को स्कूल से निकाल ले, घर में पर्दा करवाकर बिठा ले, अपनी इज्जत बचा ले और अगर ऐसा नहीं कर सकता, तुझे अपनी इज्जत गँवानी ही है, लड़की को वेश्या बनाना ही है तो फिर उसे स्कूल में पढ़ा ले।

वीडियो में इस गाने को बनाने का संदर्भ दिखाया जा रहा है कि पाकिस्तान के स्कूल में यूनेस्को के कहने पर डांस प्रतियोगिता करवा दी गई है। इसी पर आगे यूट्यूबर हसन इकबाल चिश्ती अपना गाना गाते दिखाई देते हैं। उनके चैनल पर सबसे चलने वाली वीडियो यही है। इस वीडियो को उन्होंने 19 जून 2024 को डाला था। अब तक इसे 1 लाख 73 हजार लोग देख चुके हैं। वहीं 2.9 हजार लोगों ने इसे पसंद किया है।

गाने के बोल सुनने के बाद पढ़े-लिखे लोग इस पर कमेंट करके गाने का विरोध कर रहे हैं और पूछ रहे हैं कि पाकिस्तान किस दिशा में जा रहा है। लेकिन, दूसरी ओर हैरानी की बात ये है कि पाकिस्तान के कई यूजर्स इस गाने को सराह रहे हैं। हसन इकबाल चिश्ती को ऐसा गाना बनाने के लिए धन्यवाद दिया जा रहा है। कई तो कमेंट में गाने में कही बातों से सहमति व्यक्ति करते हुए हसन इकबाल चिश्ती अमर रहे जैसी बातें भी बोल रहे हैं..वो भी बिन ये समझे कि हसन इकबाल के ये बोल और ऐसी सोच आखिर समाज के लिए क्यों गलत है जो उन्हें मजबूत बनाने की जगह गर्त में ले जाएगी।

वीडियो पर आए कमेंट (फोटो साभार: फ्री प्रेस जर्नल)

आज के समय में हर विकासशील देश में लड़कियों को उच्च शिक्षा दिलाने पर जोर दिया जाता है ताकि लड़कियाँ पढ़ें तो समाज और अधिक सशक्त हो, लेकिन इस्लामी मुल्कों में ऐसा नहीं है। वहाँ तो मौका और मुद्दे ढूँढे जाते हैं कि किस तरह से सिर्फ लड़कियों को उनके मूलभूत अधिकारों से भी वंचित कर दिया जाए। ऐसे मुल्कों में जहाँ लड़कियों के लिए बेसिक शिक्षा पाना ही बहुत मुश्किल है तो वहाँ उच्च शिक्षा के बारे में कोई कैसे सोचेगा।

इस्लामी मुल्कों में लड़कियों की ऐसी हालत के जिम्मेदार सिर्फ हसन इकबाल चिश्ती जैसे लोग हैं जो इस्लाम के नाम पर खुलेआम आम लोगों को उकसा रहे हैं कि वो अपनी बच्चियों को शिक्षा न दिलाएँ, पर्दे में बिठाएँ… बिलकुल वैसे ही जैसे महिलाओं की शिक्षा पर तालिबान की नीतियाँ है।

अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार ने महिलाओं की शिक्षा को 2022 से बैन किया हुआ है। वहाँ अगर कोई महिला यूनिवर्सिटी में जाने का प्रयास करती है तो उस पर वाटर कैनन की बौछार करके उसे रोका जाता है और सुनिश्चित किया जाता है महिलाएँ शैक्षिक केंद्रों में न जाएँ। उनकी इस सोच का कारण यही है कि वो मानते हैं कि शैक्षिक केंद्रों में जाने से लड़कियाँ बिगड़ जाएँगी। तालिबान ने भी जब शिक्षा को बैन किया था तो सफाई में कहा था कि यूनिवर्सिटी में छात्राएँ तालिबानी ड्रेस कोड का पालन नहीं करतीं और इस तरह सज-धज कर पढ़ने जाती थीं मानो शादी समारोह में जा रही हैं। तालिबान का कहना था कि यूनिवर्सिटी में औरतें और मर्द स्वतंत्र रूप से मिलते थे इसलिए उन्होंने शिक्षा पर बैन लगा दिया।

अब पाकिस्तान में यही आधार अपनाकर लड़कियों की शिक्षा को बंद करवाने की सोच सामने आई है, सिर्फ इसलिए क्योंकि स्कूलों में डांस होगा उनकी तुलना वेश्याओं से की जा रही है ताकि लड़कियों के अभिभावक अपनी नाक बचाने के डर से बच्चियों का स्कूल छुड़वाकर उन्हें घर में बिठा दें। सोचिए अगर ऐसे गानों से कोई एक व्यक्ति भी प्रभावित होता है तो उस व्यक्ति के घर में जन्मी लड़की की स्थिति क्या की जाएगी। मालूम रहे कट्टरपंथी तत्वों का शुरुआत से ये काम रहा है कि मजहब बचाने की आड़ में सबसे पहले महिलाओं को निशाना बनाया जाता है। कभी उनके कपड़ों से दिक्कत हो जाती है, तो कभी उनके सजने-सँवरने से। हालाँकि वो मसले महिला की निजी पसंद न पसंद के होते हैं इसलिए इतना विरोध नहीं होता, मगर बात जब शिक्षा से अछूता करने पर आएगी तो इसके दुष्परिणाम लड़कियों के जीवन पर देखने को मिलेंगे जो कि काफी घातक साबित हो सकते हैं।

सीरियल की शूटिंग के दौरान निहंगों ने तलवार लेकर बोल दिया हमला: गुरुद्वारा वाला सेट बनाना भी अब ‘बेअदबी’, SGPC से आदेश जारी करने की माँग

पंजाब के मोहाली में उडारियाँ सीरियल की शूटिंग के दौरान निहंग सिख आ धमके। उन्होंने प्रोडक्शन टीम के लोगों की जमकर पिटाई की और सेट पर तोड़फोड़ की। निहंग सिखों ने सेट पर गुरुद्वारा की डमी बनाए जाने का विरोध किया और कहा कि सेट पर निशान साहिब, पालकी का स्वरूप बनाकर और गुरुद्वारे की डमी बनाकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की जा रही है।

आनंद कारज का सीन होना था शूट

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उडारियाँ सीरियल में आनंद कारज (सिख परंपरा के अनुसार विवाह) का सीन शूट किया जाना था, जिसके लिए मोहाली के घडुँआ क्षेत्र में सेट बनाया गया था। शूटिंग की प्रोडक्शन टीम ने सेट पर ही गुरुद्वारा बनवाया था और वहाँ प्रतीक के तौर पर निशान साहिब और पालनी का स्वरूप सजाया था। इस सीन की शूटिंग के लिए 3 ग्रंथी भी बुलाए गए थे, लेकिन तभी निहंग सिख आ धमके। जानकारी के मुताबिक, निहंगों को किसी ने सूचना दी थी कि घडुँआ के अकालगढ़ में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की जा रही है। निहंग सिखों ने उडारियाँ के सेट पर आकर तोड़फोड़ की और शूटिंग रुकवा दी। उन्होंने क्रू मैंबर्स के साथ मारपीट भी की। इस दौरान कई घंटों तक जमकर हंगामा हुआ। वहीं, पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों पक्षों को थाने लेकर गई।

एक-एक हजार रुपए में आए फर्जी ग्रंथी

निहंग बाबा निहाल सिंह बरौली ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि शूटिंग वाली जगह पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी सजाई गई थी और तीन ग्रंथी वीडियो बना रहे थे। इसके पीछे शरगुन मेहता और उनके पति का हाथ है। उन्हें सजा मिलनी चाहिए। अगर पुलिस ने सही तरीके से मामले को नहीं निपटाया, तो हम खुद इस मामले को अपने हाथों में लेंगे। निहंगों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने पूरे सेट की वीडियो बनाई है। किस तरह सब कुछ फर्जी तैयार किया गया था। एक-एक हजार रुपये में यह फर्जी ग्रंथी लेकर आए हुए थे। उन्हें सबसे ज्यादा दुख इस बात का है कि हमारे ही सिख खुद अपनी आंखों के सामने गुरु की बेअदबी करवा रहे थे।

शिरोमणि गुरुद्वारा कमेटी जारी करे आदेश

हंगामे का पता चलते ही पंजाबी कलाकार जरनैल सिंह भी पहुँच गए। उन्होंने कहा कि वह खुद सिख हैं। वह मानते हैं कि सेंटीमेंट्स हर्ट हुए हैं। हालाँकि उन्होंने कहा किसी फिल्म में सिख युवक का विवाह आदि दिखाना तो किसी समाज की अच्छी गतिविधि है, उसका एक तरीका अवश्य होना चाहिए। शिरोमणि कमेटी ने जैसे मैरिज पैलेसों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप ले जाने पर पाबंदी लगा दी है, इसी तरह शूटिंग को लेकर भी साफ आदेश होने चाहिए। हालाँकि इससे पहले भी कई फिल्मों में इस तरह के सीन शूट किए जा चुके हैं।

अब मिस नहीं, मिस्टर कहिए… महिला IRS अफसर बनीं पुरुष, एम अनुसूया को सरकार ने दी लिंग और नाम बदलने की अनुमति

भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की एक महिला अधिकारी अब अपना लिंग बदल कर पुरुष बन गई हैं। उन्होंने अपने नाम से सुश्री हटा कर श्री अपना लिया है। उनके इस कदम को वित्त मंत्रालय ने भी इजाजत दे दी है। यह देश में अपनी तरह का पहला मामला है।

जानकारी के अनुसार, 2013 बैच की IRS एम. अनुसूया ने कुछ दिनों पहले अपना लिंग चेंज करने की अनुमति अपने विभाग से माँगी थी। उनको यह अनुमति मंगलवार (9 जुलाई, 2024) को दे दी गई। उन्हें यह अनुमति वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्सेज ने दी है।

इस संबंध में एक आदेश CBDT की तरफ से जारी किया गया है। इसमें लिखा है, “सुश्री एम. अनुसूया, IRS (C&IT: 2013) वर्तमान में चीफ कमिश्नर (CESTAT), हैदराबाद के कार्यालय में ज्वाईंट कमिश्नर के रूप में तैनात हैं। उन्होंने अपना नाम सुश्री एम. अनुसूया से श्री एम.अनुकाथिर सूर्या और लिंग महिला से पुरुष में बदलने का अनुरोध किया है। सुश्री एम. अनुसूया के अनुरोध पर विचार किया गया है। अब से, अधिकारी को सभी आधिकारिक रिकॉर्डों में उनका नाम ‘श्री एम.अनुकाथिर सूर्या’ के रूप में पहचाना जाएगा।”

यानी अब उनके नाम के आगे सुश्री नहीं बल्कि श्री लगाया जाएगा। देश में किसी प्रशासनिक अधिकारी का लिंग बदलने का यह पहला मामला है। इसमें वित्त मंत्रालय की सहमति भी सरकार के लिंग समानता को लेकर उठाए गए क़दमों को दर्शा रही है।

एम अनुकाथिर सूर्या हैदराबाद में तैनात हैं और वर्तमान में 36 वर्ष के हैं। उनका 2013 में IRS में चयन हुआ था। उनकी सबसे पहली पोस्टिंग चेन्नई में हुई थी। इसके बाद दो बार वह पदोन्नत भी हो चुके हैं। वर्तमान में वह ज्वाइंट कमिश्नर के रूप में तैनात हैं। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल दिखाती है कि उन्होंने मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में स्नातक किया है। वह इसके अलावा कानून के छात्र भी रहे हैं।

जिनको ‘वर्क वाइफ’ बता रोहित शर्मा को चिढ़ाती हैं घरवाली, उन्होंने एक्स्ट्रा पैसा लेने से किया इनकार: T20 का वर्ल्ड चैंपियन बनने पर BCCI ने दिए थे ₹125 करोड़

भारतीय क्रिकेट टीम को नया कोच मिल गया है। टी-20 विश्वकप जीतने के साथ ही राहुल द्रविड ने कोचिंग छोड़ दी है और अब गौतम गंभीर टीम इंडिया के मुख्य कोच बन गए हैं। इस बीच, भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने राहुल द्रविड की विदाई वाला भावुक पोस्ट सोशल मीड़िया पर पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने राहुल द्रविड़ को प्रेरणास्रोत बताया है, साथ ही बताया है कि उनकी पत्नी उन्हें उनकी ‘वर्क वाइफ’ कहकर टाँग खींचती है।

इस बीच, राहुल द्रविड़ की पर्सनालिटी से जुड़ी एक और खबर सामने आ रही है, जिसमें उन्होंने विश्व कप की जीत के बाद मिले बोनस के 5 करोड़ रुपए में से सिर्फ 2.5 करोड़ रुपए ही स्वीकार किए हैंं, जिसका बाकी के सपोर्ट स्टाफ को मिला।

भावनाओं को जताने के लिए शब्द नहीं

रोहित शर्मा ने इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखा, “अपनी भावनाएँ व्यक्त करने के लिए मैं सभी शब्द ढूँढने की कोशिश कर रहा था। मुझे भरोसा नहीं है कि मैं कभी ऐसा कर भी पाउँगा, फिर भी ये मेरी तरफ से एक कोशिश है।” उन्होंने आगे लिखा, “बचपन से करोड़ों दूसरे लोगों की तरह मैंने आपको खेलते हुए देखा है, लेकिन मैं खुशकिस्मत हूँ कि आपके साथ इतने करीब से काम करने का मौका मिला। आप इस खेल के महान योद्धा हैं, लेकिन कोच बनकर जब आए तब आपने अपने सारी उपलब्धियों को पीछे छोड़ दिया और जहाँ पर हम सब लोग आपसे अपने मन की बात कह सके, उस लेवल पर (सभी खिलाड़ियों के लिए सर्वसुलभ कर लिया) आ गए।”

पत्नी बोलती है ‘वर्क लाइफ’

रोहित शर्मा ने आगे लिखा, “इतने समय के बाद भी यह इस खेल के लिए आपका तोहफा, आपकी विनम्रता और आपका प्यार रहा। मैंने आपसे काफी कुछ सीखा और हर एक याद पर खुशी मनाई जाएगी। मेरी पत्नी आपको मेरी ‘वर्क वाइफ’ पुकारती है और मैं भाग्यशाली हूँ कि मैं भी आपको ऐसे पुकारता हूँ।” रोहित ने आखिर में लिखा, “आपके खजाने में सिर्फ एक चीज की ही कमी थी और मुझे खुशी है कि हमने साथ मिलकर इसे हासिल किया। राहुल भाई आपको अपना भरोसा, अपना कोच और अपना दोस्त कहना मेरे लिए सम्मान की बात है।”

राहुल द्रविड़ ने सपोर्ट स्टाफ के सपोर्ट में 2.5 करोड़ रुपए ठुकराए

इस बीच, बीसीसीआई ने टी-20 विश्वकप जीतने वाली टीम के सभी सदस्यों और मुख्य कोच राहुल द्रविड़ को 5-5 करोड़ रुपए दिए। वहीं, सपोर्ट स्टाफ को 2.5-2.5 लाख रुपए देने की घोषणा की थी, लेकिन राहुल द्रविड़ ने 5 करोड़ रुपए की जगह सिर्फ 2.5 करोड़ रुपए ही स्वीकार किए। उन्होंने बीसीसीआई से जुड़े सूत्र ने कहा, “राहुल सभी स्टाफ के बराबर 2.5 करोड़ रुपए ही चाहते थे, क्योंकि बॉलिंग कोच पारस म्हाम्ब्रे, फील्डिंग कोर्ट टी दिलीप और बैटिंग कोच विक्रम राठौड़ को भी उतना ही मिला। ऐसे में उन्होंने सबके बराबर की राशि स्वीकारी।”

ऐसा वो पहले भी कर चुके हैं। साल 2018 में जब उनकी अगुवाई में भारतीय टीम ने अंडर-19 विश्वकप जीता ता, तो मुख्य कोच राहुल द्रविड़ को 50 लाख देने का ऐलान हुआ था। सपोर्ट स्टाफ को 20 लाख और खिलाड़ियों को 30 लाख रुपए देने का ऐलान किया गया था, लेकिन राहुल द्रविड़ ने उसे ठुकरा दिया था, जिसके बाद बीसीसीआई ने बीच का रास्ता निकालते हुए राहुल द्रविड़ समेत सभी सपोर्ट स्टाफ को 25-25 लाख रुपए दिए थे।

बता दें, नवंबर 2021 से कोच का पद संभाल रहे राहुल द्रविड़ का कार्यकाल वनडे विश्व कप के बाद समाप्त हो गया था। लेकिन टी20 विश्व कप को देखते हुए उन्हें कार्यकाल विस्तार मिला था। राहुल द्रविड़ ने इसके बाद कार्यकाल का विस्तार नहीं लेने का फैसला लिया। इसके बाद अब गौतम गंभीर को टीम इंडिया की कोचिंग का जिम्मा सौंपा गया है।

VIP नंबर की डिमांड करने वाली महिला ट्रेनी IAS का हुआ ट्रांसफर, अधिकारियों के चैंबर पर कर रही थी कब्जा: परेशान होकर पुणे के DM को करनी पड़ी थी शिकायत

पुणे में अपनी अनुचित माँगों को लेकर चर्चा में आई महिला ट्रेनी आईएस अधिकारी का प्रशिक्षण पूरा होने से पहले ही ट्रांसफर कर दिया गया। महिला ट्रेनी आईएएस का नाम पूजा खेडकर है। उनके खिलाफ पुणे के जिलाधिकारी ने मुख्य सचिव को शिकायत भेज एक्शन की माँग की थी।

फैसले में पूजा खेडकर को पुणे से वाशिम ट्रांसफर कर दिया गया। आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि 2023 बैच की आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर को उनके प्रशिक्षण की शेष अवधि पूरी करने के लिए वाशिम स्थानांतरित किया गया है और वह 30 जुलाई, 2025 तक वहाँ सुपरन्यूमेरी सहायक कलेक्टर के रूप में काम करेंगी।

बता दें कि पूजा खेडकर के खिलाफ मुख्य सचिव को भेजी गई शिकायत का खुलासा पुणे मिरर की रिपोर्ट से हुआ था। इस रिपोर्ट में अधिकारियों से बात करके बताया गया था कि कैसे पूजा खेडकर अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल करने में लगी हैं। वो प्रोबेशन पीरियड में होते हुए वीआईपी नंबर प्लेट के साथ बत्ती वाली गाड़ी की डिमांड कर रही थीं।

इसके अलावा उन्हें एक चैंबर भी चाहिए था। जब उनकी सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने अतिरिक्त कलेक्टर अजय मोरे की अनुपस्थिति में उनका चैंबर कब्जा लिया। उन्होंने चैंबर पर अतिक्रमण कर वहाँ से सारे सामान हटवा दिए और अपना नाम उस जगह लगा दिया। साथ ही उनके नाम से लेटर हेड, विजिटिंग कार्ड, पेपरवेट, नेमप्लेट, इंटरकॉम लाने को कहा। वहीं उनके पिता तो खुद प्रशासनिक अधिकारी रहे हैं, उन्होंने इस मामले में बेटी को समझाने की बजाए अधिकारियों को धमकाया कि वो लोग उनकी बेटी की डिमांड मानें वरना अंजाम बुरा होगा। इन्हीं कारणों से तंग आकर पुणे कलेक्टर डॉ. सुहास दिवसे को मुख्य सचिव सुजाता सैनिक को पत्र लिखकर मदद माँगनी पड़ी।

रूस में दिखा PM मोदी का जलवा तो अमेरिका भी हुआ मुरीद, कहा- भारत खत्म करवा सकता है यूक्रेन से युद्ध: ऑस्ट्रिया के चांसलर ने पोस्ट की सेल्फी

भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रूस यात्रा के बाद अमेरिका ने भी भारतीय विदेश नीति का लोहा माना है। अमेरिका ने कहा है कि भारत अपनी रूस के साथ पुरानी दोस्ती के सहारे यूक्रेन-रूस संघर्ष खत्म करवा सकता है। अमेरिका के व्हाइट हाउस ने यह टिप्पणी की है।

अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रेस सचिव जीन पियरे ने मंगलवार (9 जुलाई, 2024) को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “भारत हमारा रणनीतिक साझेदार है और हम उसके साथ सभी मुद्दों पर एकदम खुलेपन से बात करते हैं, इन मुद्दों में उसके रूस के साथ रिश्ते भी शामिल हैं। हमने इस मामले पर पहले भी बातचीत की है। हमें लगता है कि यह जरूरी है कि भारत समेत सभी देश यूक्रेन के मामले में स्थायी शांति हासिल करने के प्रयासों को समर्थन दें।”

आगे उन्होंने भारत के इस मामले में सहयोग करने को लेकर कहा, “भारत के रूस के साथ उसके पुराने रिश्ते उसे यह क्षमता भी देते हैं कि वह रूसी राष्ट्रपति पुतिन से युद्ध हो खत्म करने की बात कह सके।” अमेरिका ने कहा कि युद्ध रूस द्वारा चालू किया गया था और इसे उसके द्वारा ही खत्म किया जाएगा।

अमेरिका की यह टिप्पणी पीएम मोदी के रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत में यूक्रेन-रूस संघर्ष को उठाने के बाद आई है। पीएम मोदी ने मंगलवार (9 जुलाई, 2024) को राष्ट्रपति पुतिन के साथ आधिकारिक बातचीत में कहा था कि दोनों देशों के विवाद का समाधान युद्धभूमि पर नहीं निकलने वाला है। उन्होंने कहा था कि बम, बंदूकों और गोलीबारी के बीच बातचीत नहीं हो सकती है।

पीएम मोदी ने इस बातचीत के दौरान कहा था कि भारत शांति बहाली के लिए हर सहयोग को तैयार है। उन्होंने कहा था भारत स्वयं भी शांति के पक्ष में है और विश्व समुदाय को यह बात जाननी चाहिए। पीएम मोदी ने इस दौरान यह भी कहा था कि राष्ट्रपति पुतिन का शांति के विषय में बात करना उन्हें आशान्वित कर रहा है।

राष्ट्रपति पुतिन ने भी इस दौरान पीएम मोदी के शांति प्रयासों की सराहना की थी। उन्होंने इस दौरान भारत और रूस के मजबूत रिश्तों पर भी बात की थी। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी को रूस का सर्वोच्च सम्मान दिया था।

गौरतलब है कि पीएम मोदी तीन दिवसीय विदेश (8-10 जुलाई) दौरे पर हैं। वह रूस में विदेश यात्रा पूरी करने के बाद मंगलवार को ऑस्ट्रिया पहुँचे थे। यहाँ ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्री ने उनके एयरपोर्ट पर स्वागत किया था। पीएम मोदी ने ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमार से भी मुलाक़ात की है। वह उनके साथ अब आधिकारिक बातचीत में शामिल होंगे।

बिग बॉस का झगड़ा अब कानूनी लड़ाई की धमकी तक पहुँचा: बोली विशाल पांडे की बहन- हमने चूड़ियाँ नहीं पहनी, केस करेंगे; भाई की अरमान मलिक ने की थी पिटाई

बिग बॉस ओटीटी 3 सीजन में अरमान मलिक द्वारा विशाल पांडे को थप्पड़ मारने का मामला शांत नहीं हुआ है। बिग बॉस के अंदर भले ही सबने इस मामले को स्पेशल केस कहकर अरमान को बेघर होने से बचा लिया हो, मगर हकीकत यह है कि बिग बॉस के बाहर अरमान का खूब विरोध हो रहा है। अब इसी क्रम में विशाल पांडे की बहन नेता पांडे ने एक इंटरव्यू में कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है।

नेहा ने यह इंटरव्यू न्यूज 18 शोशा को दिया। अपने इंटरव्यू में उन्होंने इस मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए कह- “मुझे लगता है कि अरमान को बेघर किया जाना चाहिए वरना औरों को बहुत गलत संदेश जाएगा। अगले सीजन में तो लोग और भी ज्यादा वायलेंट हो जाएँगे। अरमान को बेघर ही किया जाना चाहिए। वो बेघऱ नहीं हैं और मेरा भाई भी वहाँ है। मैं चाहती हूँ विशाल स्टॉन्ग रहे और शो को जीते।”

इसके अलावा जब अरमान ने विशाल पांडे को थप्पड़ मारा तो कृतिका ने अरमान मलिक को शांत कराने की बजाय कहा कि इसे बाहर देख लेंगे… इसी बात पर नेहा पांडे ने प्रतिक्रिया देते हुए तीनों पति-पत्नी के विरुद्ध कार्रवाई करने की माँग की।

नेहा पांडे ने कहा, “ये एक खुली धमकी है। हमने इसे मुद्दा नहीं बनाया। पायल मलिक अब शो से बाहर होने के बाद कई चीजों पर वीडियो क्लिप बना रही है। उसे ऐसा करने दो। अगर वे कह रहे हैं कि वे हमें शो के बाहर देख लेंगे, तो हम भी उन्हें जवाब देंगे। हमने चूड़ियाँ नहीं पहनी हैं। हम उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। उनके खिलाफ पहले से ही कई मामले हैं और शायद एक नया मामला उनके लिए कोई मायने नहीं रखेगा।

नेहा ने इस दौरान पायल से ये भी पूछा कि आखिर जब अरमान मलिक ने दूसरी शादी की थी तो पायल ने अपने लिए स्टैंड क्यों नहीं लिया। शादीशुदा होते हुए अरमान की दूसरी शादी करने को सही ठहराया जा रहा है। पायल आज कृतिका के लिए तो स्टैंड ले रही है पर उसने ऐसा अपने लिए क्यों नहीं किया। उसने क्यों इतनी तकलीफें झेलीं। क्या महिलाएँ पति के बिना सफल नहीं हो पातीं। क्या वे अपने बच्चों की देखभाल नहीं करतीं। सिंगल मदर्स होती हैं उसे भी यही करना था। अपना स्टैंड लेना चाहिए था।

गौरतलब है कि इस हफ्ते वीकेंड के वार पर पायल मलिक द्वारा विशाल पर लगाए गए आरोपों के बाद ये पूरा मामला उठा है। अरमान मलिक ने पायल की बात सुनने के बाद ही अपनी इस मसले पर नाराजगी जाहिर की और फिर गुस्से में जाकर विशाल को थप्पड़ मार दिया। घर के कई लोग इस बात में अरमान के साथ दिखे जबकि बाहर की दुनिया में जिसने भी अरमान मलिक की इस हरकत को देखा वो सारे लोग विशाल के हक में बात कर रहे हैं और उन्हें इंसाफ दिलाने की गुहार लगा रहे हैं।

‘BJP छोड़ दो वरना हम दुनिया से उठा देंगे’: भाजपा नेताओं को भेजे ‘खालिस्तान-पाकिस्तान जिंदाबाद’ वाला पत्र, ‘गद्दार’ बताते हुए जान से मारने की धमकी

चंडीगढ़ में बीजेपी के 4 बड़े नेताओं को जान से मारने की धमकी मिली है। ये चार नेता पंजाब से है और सिख हैं। हत्या की धमकी का पत्र चंडीगढ़ में स्थित बीजेपी ऑफिस में भेजा गया है, इसके साथ ही कुछ ज्वलनशील पदार्थ भी मिले हैं। पत्र में बीजेपी नेताओं को चेतावनी दी गई है कि वे बीजेपी छोड़ दें या फिर दुनिया छोड़ दें। लेटर में खालिस्तान और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लिखे गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी के जिन नेताओं को धमकी मिली है, उनमें बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा, बीजेपी सिख समन्वय समिति व राष्ट्रीय रेलवे कमेटी के सदस्य तेजिंदर सिंह सराँ और बीजेपी महासचिव परमिंदर बराड़ शामिल हैं। इसके अलावा इसमें भाजपा के प्रदेश संगठन महासचिव श्रीनिवासुलु का भी नाम है। धमकी भरा पत्र मिलने के बाद बीजेपी नेताओं ने इस बारे में चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दी है। जिसके बाद पुलिस ने पत्र में मिली सामग्री को जाँच के लिए भेज दिया है। तेजिंदर सिंह सरां ने कहा वो इस मामले में पंजाब और चंडीगढ़ के डीजीपी से मिलेंगे।

बीजेपी छोड़ दो वर्ना दुनिया से उठा देंगे

बीजेपी नेता​ परमिंदर सिंह बराड़ और तेजिंदर सराँ को लिखा गया है कि हमने पहले भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आपको चेतावनी दी थी कि आप लोगों ने अपने सिर पगड़ी में बाँध रखी हैं। आप बीजेपी और आरएसएस के साथ मिलकर सिखों और पंजाब के लोगों को धोखा दे रहे हैं। आप आरएसएस के साथ सिख मामलों में दखल दे रहे हैं, हमने आपको पहले भी चेतावनी दी थी। आप या तो बीजेपी छोड़ दें या हम आपको इस दुनिया से उठा देंगे।

पंजाब के लोगों को गुमराह करने का आरोप

पत्र में लिखा है, “आपने बीजेपी के साथ मिलकर किसान आंदोलन को तोड़ने का काम किया। आप सिख धर्म के गद्दार हैं। आप बीजेपी-आरएसएस की मदद से पंजाब के लोगों को गुमराह कर रहे हैं और लोगों को बीजेपी में शामिल होने के लिए कहने की योजना बना रहे हैं। आप सिखों और मुसलमानों के रिश्ते खराब करने का काम कर रहे हैं, बीजेपी और आरएसएस आपका इस्तेमाल करने के बाद आपको बाहर निकाल देंगे। कई लोग सिखों और पंजाब को बर्बाद करने आए और भगा दिए गए। न तो सिख खत्म हो पाए और न ही पंजाब। तुमने पंजाब को बर्बाद कर दिया है। जिसे हम अब साफ कर देंगे और बहुत जल्द हम तुमसे मिलेंगे।”

कनाडा-पाकिस्तान में मारे गए भाईयों का लेंगे बदला

पत्र में लिखा गया है कि चंडीगढ़ में बैठकर तुम हमारे खिलाफ साजिश कर रहे हो और हम जल्द ही इसका बदला लेंगे। मनजिंदर सिरसा भी आरएसएस की भाषा बोलता है, हम उसे भी सबक सिखाएँगे। मनजिंदर सिरसा ने दिल्ली एसजीपीसी को बीजेपी आरएसएस को सौंप दिया। हम उसे कभी नहीं छोड़ेंगे। हम जल्द ही दिल्ली डीएसजीएमसी के गुरुद्वारों को बीजेपी से मुक्त कराएँगे। तुम जैसे कई गद्दारों ने बीजेपी सरकार के साथ मिलकर कनाडा पाकिस्तान और भारत में हमारे भाइयों को मारा है और हम इसका बदला लेंगे।

बीजेपी नेताओं को धमकी वाला पत्र (फोटो साभार: डेली संवाद)

पत्र में लिखा गया, “हम बीजेपी प्रदेश संगठन महामंत्री श्रीनिवासुलू को भी चेतावनी देते हैं कि वह जल्द ही पंजाब छोड़ दें क्योंकि हमारी उनसे कोई दुश्मनी नहीं है लेकिन हम सिखों के किसी भी गद्दार को नहीं छोड़ेंगे। खालिस्तान जिंदाबाद है और रहेगा।” पत्र के आखिर में खालिस्तान जिंदाबाद, पाकिस्तान जिंदाबाद खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स, हरदीप निज्जर जिंदाबाद, अवतार सिंह खंडा जिंदाबाद, परमजीत सिंह पंजवड जिंदाबाद, मौलाना रहीम उल्ला तारिक जिंदाबाद, पीर बशीर अहमद जिंदाबाद, मौलाना जीआर रहमान जिंदाबाद लिखा गया है।