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नाम- जमीअत उलमा-ए-हिंद, एजेंडा गजवा-ए-हिंद वाला: मुस्लिम छात्रों से कहा- स्कूलों में प्रार्थना और सूर्य नमस्कार का करें विरोध, RTE के दायरे में मदरसे भी नहीं कबूल

जमीअत उलमा-ए-हिंद की गवर्निंग काउंसिल की बैठक दिल्ली में हुई। ये बैठक दो दिनों तक चली, जिसमें पहले दिन तो आधुनिक शिक्षा पर बड़ी-बड़ी बातें कही गई, लेकिन दूसरे ही दिन जमीअत उलमा-ए-हिंद ने साफ कर दिया कि वो इस्लामी संगठन है और इस्लाम उसके लिए सबसे पहले है। इस बैठक में कुछ प्रस्ताव भी पारित हुए हैं, जिसमें मुस्लिम छात्रों से स्कूलों में ‘शिर्क’ का विरोध करने और गैर-इस्लामी कामों से दूर रहने की अपील की गई।

यही नहीं, जमीअत ने छात्रों और परिजनों से कहा है कि अगर उन पर प्रार्थना, सूर्य नमस्कार जैसी गतिविधियों में शामिल होने का दबाव डाला जाए, तो वो भी वो इसमें शामिल न हों, बल्कि विरोध करें और कानूनी कार्रवाई करें। इस दौरान जमीअत ने ये भी साफ कर दिया है कि वो मदरसों को ‘शिक्षा के अधिकार यानी आरटीई’ में लाने के खिलाफ है और इसे संवैधानिक अधिकार बताते हुए कहा कि मदसरों को शिक्षा के अधिकार कानून से बाहर ही रखा जाए। ये अधिकार हमें संविधान ने दिया है, जिसे हम छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 4-5 जून 2024 को दिल्ली में जमीअत उलमा-ए-हिंद की गवर्निंग काउसिंल की बैठक में करीब 2000 सदस्यों-पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें पारित प्रस्ताव में मुस्लिम अभिभावकों से आग्रह किया गया है कि वह अपने बच्चों में तौहीद (एकेश्वरवाद) के प्रति विश्वास पैदा करें और शैक्षणिक संस्थानों में किसी भी बहुदेववादी प्रथाओं में भाग लेने से बचें। यदि जबरदस्ती की जाए तो विरोध करें और कानूनी कार्रवाई करें।

प्रस्ताव में कहा गया है- जमीअत उलेमा-ए-हिंद राज्य सरकारों की ओर से शिक्षा प्रणाली को भगवा रंग में रंगने और स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को शिर्क (अल्लाह के अलावा किसी अन्य ईश्वर को मानना) के काम करने के लिए मजबूर करने के प्रयासों की कड़ी निंदा करती है। किसी को भी इस बात में कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि इस्लाम धर्म की मूल मान्यता तौहीद (एकेश्वरवाद) है और कोई भी मुस्लिम किसी भी कीमत पर किसी भी परिस्थिति में अल्लाह के अलावा किसी और की इबादत स्वीकार नहीं कर सकता और न ही वह ऐसे किसी व्यक्ति की इबादत स्वीकार करेगा जो गैर-धार्मिक लोगों की प्रथा और पहचान है। सरकार की ओर से स्कूली छात्र-छात्राओं को सूर्य नमस्कार, सरस्वती पूजा, हिंदू गीत, श्लोक या तिलक लगाने के लिए बाध्य करने का आदेश मजहबी आजादी में हस्तक्षेप और धर्मनिरपेक्ष संविधान का उल्लंघन है, जिसे मुस्लिम या कोई भी न्यायप्रिय भारतीय स्वीकार नहीं कर सकता।

खुद जमीअत के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने एक दिन पहले अधिवेशन में मुस्लिम युवाओं से आधुनिक शिक्षा के माध्यम से देश की सेवा का आह्वान किया था। लेकिन अगले ही दिन शुक्रवार (5 जुलाई 2024) को मदनी ने कहा कि जमीअत विशुद्ध धार्मिक संगठन है। यह आधुनिक शिक्षा के विरोध में नहीं है, लेकिन हमारा स्पष्ट मानना है कि नई पीढ़ी को बुनियादी धार्मिक शिक्षा प्रदान किए बिना स्कूल की शिर्क (किसी को अल्लाह के बराबर दर्जा देना) वाली शिक्षाओं पर आधारित पाठ्यक्रम न पढ़ाया जाए।

मदरसों को आरटीई के दायरे में लाने का विरोध

मौलाना महमूद मदनी ने उत्तर प्रदेश के गैरमान्यता प्राप्त 4,204 मदरसों में पढ़ रहे बच्चों को शिक्षा के अधिकार (आरटीई) कानून के तहत अन्य स्कूलों में प्रवेश दिलाने के उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय का भी तीखा विरोध किया। इसपर टकराव वाला रुख अपनाते हुए मदनी ने कहा कि हम स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि इस्लामी मदरसे शिक्षा के अधिकार कानून से अलग हैं। यह अधिकार हमें संविधान ने दिया है, जिसे हम छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।

हाथरस में भगदड़ के बाद भागा था, अब 4 दिन बाद मीडिया के सामने आया सूरजपाल: कहा- भरोसा बनाएँ रखें, मुख्य आयोजक मधुकर दिल्ली से गिरफ्तार

हाथरस हादसे में 121 लोगों की मौत के बाद से गायब चल रहे बाबा सूरज पाल की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। सूरज पाल ने हादसे को दुखद बताया है और कहा है कि पीड़ितों के परिवार की जिम्मेदारी हमारा ट्रस्ट लेगा और हम उनकी पूरी मदद करेंगे। सूरज पाल ने कहा कि जिनकी वजह से उपद्रव हुआ, प्रशासन उन्हें छोड़ेगा नहीं। इस बीच, हाथरस कार्यक्रम का मुख्य आयोजक और मुख्य आरोपित देव प्रकाश मधुकर दिल्ली से पकड़ा गया है। उस पर 1 लाख का ईनाम घोषित किया गया था।

हाथरस हादसे पर बोला सूरजपाल, – ‘हम सब दुखी’

हाथरस में 121 लोगों की मौत के मामले में सूरज पाल उर्फ भोले बाबा उर्फ नारायण साकार विश्व हरि ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। सूरज पाल ने घटना पर दुख जताया और कहा, “प्रभु हमें दुख की घड़ी से उबरने की शक्ति दें। सभी शासन प्रशासन पर भरोसा बनाए रखें। हमें विश्वास है जो भी उपद्रवकारी हैं वो बख्शे नहीं जाएँगे। हमने अपने वकील डॉक्टर एपी सिंह के माध्यम से कमेटी के महापुरुषों से यह प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्माओं के परिजनों एवं ईलाजरत घायलों के साथ जीवन पर्यन्त तन, मन और धन से खड़ा रहने का आग्रह किया है। सभी इस जिम्मेदारी को निभा भी रहे हैं। सभी महामन का सहारा न छोड़ें।”

मुख्य आरोपित देव प्रकाश मधुकर दिल्ली से गिरफ्तार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाथरस कांड के मुख्य आरोपित देव प्रकाश मधुकर को शुक्रवार (05 जुलाई 2024) को गिरफ्तार कर लिया गया। हादसे के बाद मधुकर पर एक लाख रुपये का इनाम रखा गया था। सामने आया है कि देव प्रकाश मधुकर ने सरेंडर किया है। दिल्ली के नजफगढ़ – उत्तम नगर के बीच के एक अस्पताल में यूपी की हाथरस पुलिस पहुँची थी, देव प्रकाश ने उनके सामने सरेंडर किया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हाथरस पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

कौन है देव प्रकाश मधुकर?

देव प्रकाश ने ही ग्राम फुलरई, मुगलगढ़ी में सत्संग के लिए अनुमति ली थी। इसके लिए 72 सदस्यों वाली मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम समिति बनाई। सत्संग स्थल पर लगाए गए बोर्ड पर इनके नाम लिखे थे। देव प्रकाश मधुकर सिकंदराराऊ का मूल निवासी है। न्यू कालोनी दमदपुरा में मकान है, जहाँ परिवार रहता है। एटा के शीतलपुर ब्लाक में मनरेगा में तकनीकी सहायक के पद पर तैनात है। नौकरी के चलते वह जलेसर विकास खंड के सलेमपुर मितरौल रहता था। एक लाख रुपये का इनाम और प्राथमिकी होने के बाद प्रशासन ने शिकंजा कसते हुए उसके पास से सभी चार्ज हटा दिए गए हैं। इस मामले में बीडीओ से रिपोर्ट भी माँगी गई है। माना जा रहा है कि उसकी नौकरी भी जा सकती है।

कार्यक्रम का मुख्य आयोजक देव प्रकाश मधुकर (फोटो साभार : दैनिक जागरण)

बता दें कि हाथरस में सिकंदराराऊ के गाँव फुलरई के पास जीटी रोड के किनारे मंगलवार (2 जुलाई 2024) को हुए भगदड़ में 121 लोगों की जान चली गई थी। पुलिस प्रवचनकर्ता बाबा सूरजपाल के सेवादारों और सत्संग के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जाँच-पड़ताल कर रही है। इस मामले में सिकंदराराऊ कोतवाली के अंतर्गत पोरा चौकी प्रभारी ब्रजेश पांडे की तरफ से भारतीय न्याय सहिता की धारा 105, 110, 126 (2), 223, 238 के अंतर्गत केस दर्ज कराया गया है, जिसमें 6 लोग पहले ही पकड़े जा चुके हैं। अभी तक मुख्य आरोपित और कार्यक्रम का आयोजक देवप्रकाश मधुकर फरार चल रहा था। हालाँकि उसे दिल्ली से हाथरस पुलिस ने पकड़ लिया।

मणिपुर में भगवान जगन्नाथ की यात्रा के लिए तैयार किया जा रहा था रथ, अज्ञात बंदूकधारियों ने की फायरिंग: जाँच में जुटी पुलिस

मणिपुर की राजधानी इम्फाल में शुक्रवार रात (4 जुलाई, 2024) को रथ यात्रा के लिए बनाए जा रहे रथ पर हमला किया गया। अज्ञात बदमाशों ने रात करीब 12.30 बजे निर्माणाधीन रथ पर फायरिंग की और फिर मौके से फरार हो गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना इम्फाल के सना कोनुंग के पास हुई, जहाँ रथ खड़ा किया गया था। हमलावर एडवांस हॉस्पिटल की दिशा से एक कार में सवार होकर आए थे। इसके बाद उन्होंने रथ पर दो राउंड फायरिंग की। फायरिंग करने के बाद हमलावर तेजी से पैलेस गेट की ओर वापस भाग गए। फायरिंग में कोई हताहत नहीं हुआ है।

इंफाल ईस्ट पुलिस को इस घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद वह मामले की जाँच करने के लिए घटनास्थल पर पहुँची। यह रथ यात्रा 8 जुलाई, 2024 को होनी है। इसके लिए ही इस विशेष रथ को तैयार किया जा रहा था। इस रथ पर हमला क्यों हुआ, इसका कारण साफ़ नहीं है।

यह रथ यात्रा मैतेई समुदाय के लोग निकलते हैं। मणिपुर सरकार की वेबसाइट बताती है कि इम्फाल में निकलने वाली यह रथ यात्रा राज्य के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह उत्सव 10 दिनों तक चलता है। यह रथ यात्रा ओडिशा के पुरी में निकलने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा की तरह ही होती है।

इस रथ यात्रा में भी भगवान जगन्नाथ, बलदाऊ और सुभद्रा को रथ पर बिठाया जाता है। यह रथ लगभग 20 फीट ऊँचा होता है और इसे श्रृद्धालु अपने हाथों से खींचते हैं। इस रथ को काफी सजाया भी जाता है। यात्रा को इस उत्सव के पहले और अंतिम दिन ही निकाला जाता है।

इस रथ पर हमला बीते लगभग डेढ़ वर्षों से मणिपुर में चल रही अशांति के बीच हुआ है। राज्य के दो समुदायों कुकी और मैतेई के बीच चल रहे इस संघर्ष में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है और बड़ी संख्या में लोग बेघर हुए हैं। सरकार लगातार यहाँ स्थितियाँ सामान्य करने में जुटी हुई है।

मंदिर का दौरा, हिन्दूफोबिया की आलोचना और भारत को बताया आर्थिक महाशक्ति: दिल्ली से रिश्ते सुधारने के मूड में ब्रिटेन की किएर स्टार्मर सरकार

विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ब्रिटेन में सत्ता बदल गई है। कंजर्वेटिव पार्टी 14 साल सत्तारूढ़ रहने के बाद अब विपक्ष में बैठेगी। लेबर पार्टी ने पिछले एक सदी की सबसे बड़ी जीत हासिल की है। उसके मुखिया किएर स्टार्मर ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। भारतवंशी प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने डाउनिंग स्ट्रीट को अलविदा कह दिया है। ब्रिटेन के इस राजनीतिक फेरबदल के बीच नई दिल्ली में बैठे लोगों की उत्सुकता इस बात को लेकर बढ़ गई है कि ब्रिटेन की नई सरकार का भारत के प्रति का क्या रुख होने वाला है।

भारतवंशी पारम्परिक रूप से लेबर पार्टी के वोटर माने जाते रहे हैं। लेकिन 2019 में लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन और अन्य सांसदों की कश्मीर को लेकर बयानबाजी और ब्रिटिश संसद में प्रस्ताव लाने के क़दमों के बाद भारतवंशी और भारत के राजनयिक समुदाय, दोनों ही उनसे कुछ दूर छिटक गए थे। हालाँकि, जेरेमी कॉर्बिन और उनके कश्मीर वाली नीतियाँ अब पुरानी बात हो चुकी हैं। किएर स्टार्मर वाली लेबर पार्टी भारत को लेकर सहयोग वाला रवैया अपना रही है।

किएर स्टार्मर का भारत को लेकर रुख सकारात्मक

ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ने किएर स्टार्मर भारत को लेकर सकारात्मक रवैया अपनाया है। उन्होंने ब्रिटेन में 10 लाख से अधिक की संख्या वाले हिन्दू समुदाय को भी चुनाव अभियान में साधने का प्रयास किया है। स्टार्मर अपने चुनाव अभियान के अंत में लंदन के एक हिन्दू मंदिर गए थे। यहाँ उन्होंने हिन्दू धर्म के सेवा के मंत्र की प्रशंसा की और इसे अपनी सरकार का हिस्सा बनाने का वादा भी किया था। यहाँ उन्होंने हिन्दू वोटरों को लुभाने के लिए जय स्वामीनारायण का उद्घोष किया था।

किएर स्टार्मर ने स्पष्ट किया था कि ब्रिटेन के भीतर हिन्दूफोबिया की कोई जगह नहीं है। उन्होंने यहाँ यह भी साफ किया था कि वह भारत के साथ नई रणनीतिक साझेदारी पर काम करेंगे। किएर स्टार्मर से भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नवम्बर, 2023 में मुलाकात की थी। भारत के रणनीतिक गलियारों को यह अहसास हो गया था कि वर्तमान में सत्तारूढ़ सुनक की सरकार वापस नहीं आएगी और उसे आगे अपने रिश्तों को चलाने के लिए किएर स्टार्मर से अच्छे रिश्ते चाहिए होंगे।

किएर स्टार्मर ने जून, 2024 में आयोजित इंडिया ग्लोबल फोरम में भी भारत से सुदृढ़ रिश्तों की बात दोहराई थी। उन्होंने कहा था कि यह दोनों देशों के बीच रिश्तों को रिन्यू करने का समय है। उन्होंने इस दौरान कहा था कि यह बदली हुई लेबर पार्टी है, इसने सभी मोर्चों पर अपनी सोच में बदलाव किया है। उनका इशारा लेबर पार्टी के भारत के पहले के रुख की तरफ था। किएर स्टार्मर ने भारत को मजबूत और आधुनिक देश बताया था और कहा था कि वह विश्व में लोकतंत्र का सबसे अच्छा उदाहरण है।

किएर स्टार्मर ने सरकार बनने के बाद भारत आने की इच्छा भी जताई थी और पीएम मोदी की तारीफ भी की थी। उन्होंने भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर आगे बढ़ने की बात भी की थी। इसको लेकर भारत और ब्रिटेन के बीच लम्बे समय से बातचीत चल रही है। उन्होंने यहाँ भी इशारों में बताया था कि कई मुद्दों पर उनकी पार्टी का रुख बदल चुका है। उनका इशारा कश्मीर की तरफ था। किएर स्टार्मर ने कहा था कि वह भारत के साथ रिश्तों को और आगे ले जाना चाहेंगे।

ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने बताया भारत को महाशक्ति

ब्रिटेन की नई सरकार में डेविड लैमी को विदेश मंत्री बनाया गया है। वह विपक्ष में रहते हुए शैडो फॉरेन मिनिस्टर थे। लैमी की माँ के पूर्वज भारतीय थे और वह कैरिबियन आइलैंड ले जाए गए थे। लैमी ने भी भारत के साथ सकारत्मक रिश्तों की अहमियत को स्वीकारा है। उन्होंने ग्लोबल इंडिया फोरम में भारत को विश्व की महाशक्ति करार दिया था। उन्होंने कहा था कि भारत के बिना विश्व की कल्पना नहीं हो सकती। उन्होंने भारत के साथ रिश्तों को नए सिरे से चालू करने की वकालत की थी।

डेविड लैमी ने फरवरी माह में भारत का दौरा भी किया था। वह इस दौरान कई लोगों से मिले थे और अपनी पार्टी के लिए समर्थन भी जुटाया था। डेविड लैमी से विदेश मंत्री जयशंकर भी नवम्बर, 2023 में मिले थे। डेविड लैमी का भारत को लेकर नजरिया काफी सहयोगपूर्ण रहा है। ऐसे में उनके मंत्री बनने पर भारत के साथ रिश्ते और भी आगे बढ़ने की उम्मीद है।

भारत ने अच्छे रिश्तों की जताई आशा

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री को जीत की शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “यू.के. के आम चुनावों में जीत पर किएर स्टार्मर को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ। मैं सभी क्षेत्रों में भारत-यू.के. व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने, आपसी विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए हमारे बीच सकारात्मक और रचनात्मक सहयोग की आशा करता हूँ।”

भारत और ब्रिटेन के बीच सहयोग का सबसे बड़ा मुद्दा वर्तमान में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है। इसको लेकर कई चरणों में बातचीत हो चुकी है लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका है। भारत की ब्रिटेन की नई सरकार के साथ पहली प्राथमिकता यह समझौता पूरा करने की होगी। इसके अलावा भारत नई सरकार से खालिस्तान और भारत विरोधी तत्वों को ब्रिटेन में प्रश्रय ना देने और उन्हने हतोत्साहित करने को लेकर भी कह सकता है।

‘अपने बॉस का पजामा थामने में व्यस्त हैं’: रेखा शर्मा पर TMC सांसद महुआ मोइत्रा की टिप्पणी से भड़का महिला आयोग, स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कार्रवाई की माँग

तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष रेखा शर्मा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है। शर्मा हाथरस हादसे वाली जगह पर गई थीं। इस दौरान उनके पीछे एक व्यक्ति छाता पकड़ पीछे चल रहा है। इसको लेकर सवाल उठे तो महुआ ने अभद्र टिप्पणी कर दी। इस पर NCW ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है। साथ ही भाजपा ने इस्तीफा माँगा है।

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा रेखा शर्मा के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी की निंदा की। इसके साथ ही इस बयान का स्वतः संज्ञान लिया और सांसद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। इसके लिए NCW ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भी लिखा है।

NCW ने अपने X पोस्ट में लिखा, “अभद्र टिप्पणी अपमानजनक है और एक महिला के सम्मान के अधिकार का उल्लंघन है। आयोग ने पाया कि यह टिप्पणी भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 79 के अंतर्गत आती है। एनसीडब्ल्यू सुश्री मोइत्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अनुरोध करता है।”

राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, “उनके (महुआ मोइत्रा के) खिलाफ FIR दर्ज की जानी चाहिए और 3 दिनों के भीतर आयोग को कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट दी जानी चाहिए।” ANI की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस के आयुक्त संजय अरोड़ा से भी शिकायत की गई है।

दरअसल, रेखा शर्मा भगदड़ के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए हाथरस गई थीं। घटनास्थल पर बारिश के दौरान उनके पीछे एक व्यक्ति छाता पकड़ कर चल रहा था। पत्रकार निधि राजदान ने एक्स पर जानना चाहा कि चेयरमैन ने खुद छाता क्यों नहीं पकड़ा। मोइत्रा ने एक्स पर राजदान की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए टिप्पणी की, “वह अपने बॉस का पजामा थामने में बहुत व्यस्त हैं।”

NCW की शिकायत पर प्रतिक्रिया देते हुए महुआ मोइत्रा ने पछतावा दिखाने के बाजय दिल्ली पुलिस को चुनौती दे दी। उन्होंने ट्वीट किया, “आओ दिल्ली पुलिस कृपया इन स्वत: संज्ञान वाले आदेशों पर तुरंत कार्रवाई करो। अगर आपको अगले 3 दिनों में मेरी ज़रूरत पड़े तो मैं नादिया में हूँ, ताकि मैं जल्दी से जल्दी गिरफ़्तारी दे सकूँ। मैं अपना छाता खुद ही थाम सकती हूँ।”

इस बीच भाजपा ने महुआ मोइत्रा के इस्तीफे की माँग की है। भाजपा के नेता शहजाद पूनावाला ने कहा, “सांसद महुआ मोइत्रा, जिन्होंने संदेशखली और तालिबानी पिटाई को न्यायसंगत ठहराने की कोशिश की और उस पर चुप्पी साधे रखी, स्वाति मालीवाल पर चुप रहीं, अब एक अन्य महिला और वह भी NCW प्रमुख पर घृणित टिप्पणी करती हैं!”

उन्होंने आगे कहा, “कल्पना कीजिए कि अगर भाजपा के किसी सांसद ने ऐसा कहा होता तो सब कुछ बिगड़ जाता!! महुआ मोइत्रा को टीएमसी द्वारा बर्खास्त किया जाना चाहिए! क्या प्रियंका वाड्रा, राहुल गाँधी, खड़गे जी, सोनिया गाँधी, प्रियंका चतुर्वेदी और AAP इस पर आवाज़ उठाएँगे? क्या ममता दीदी उन पर कार्रवाई करेंगी? नहीं, ठीक वैसे ही जैसे वे संदेशखली और चोपड़ा पर चुप रहीं।”

बदइंतजामी और साजिश: हाथरस हादसे में SIT ने CM योगी को सौंपी जाँच रिपोर्ट, ‘भोले बाबा’ के राजनीतिक संबंधों का जिक्र; यूपी पुलिस ने मीडिया रिपोर्ट को नकारा

SIT द्वारा जाँच रिपोर्ट सौंपने की खबरों का ADG आगरा द्वारा नकारने के बाद इस खबर को अपडेट किया गया है.

उत्तर प्रदेश के हाथरस में भगदड़ से हुई 121 लोगों की मौत की जाँच के लिए गठित विशेष जाँच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कार्यक्रम की स्वीकृति लेने के दौरान आयोजन समिति ने सभी जरूरी इंतजाम करने का आश्वासन दिया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया। हालाँकि, आगरा ADG ने मीडिया रिपोर्ट को नकारा है और कहा कि रिपोर्ट अभी सौंपी नहीं गई है।

इस जाँच रिपोर्ट में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित 100 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। इस जाँच को आगरा जोन के ADG अनुपम कुलश्रेष्ठ और अलीगढ़ के कमिश्नर वी. चैत्र को सौंपा गया था। SIT से जाँच रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और डीजीपी प्रशांत कुमार इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा।

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, SIT ने 15 पन्नों की अपनी जाँच रिपोर्ट में कहा है कि साकार हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आए थे। इनमें पुराने की अपेक्षा नए श्रद्धालु ज्यादा थे। ये श्रद्धालु बाबा को देखना चाहते थे। इसके लिए वे आगे बढ़े और इसी दौरान भीड़ अनियंत्रित हो गई। इसके कारण बड़े पैमाने पर यह हादसा हुआ।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भीड़ को सड़क पर नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन की मदद माँगी गई थी। इसके साथ ही अनुमति देने के दौरान LIU की रिपोर्ट में बाबा के सत्संग में सेवादारों की ओर से पूरे इंतजाम की बात कही गई थी। हालाँकि, स्थानीय अफसरों ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा नहीं लिया। सत्संग शुरू होने के बाद भीड़ बढ़ती रही।

सत्संग स्थल पर जो बल तैनात किया गया था, उसमें से कुछ पुलिसकर्मी ही सत्संग के बाहर लगाए गए थे। ज्यादातर पुलिस फोर्स सड़क पर भीड़ नियंत्रण और यातायात को मैनेज करने में लगी हुई थी, ताकि हाईवे जाम ना हो। वहीं, अंदर की व्यवस्था सेवादार देख रहे थे। रिपोर्ट में अनुमति की शर्तों का उल्लंघन करने और तथ्यों को छुपाने के लिए आयोजकों को जिम्मेदार ठहराया है।

वहीं, ABP न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, SIT ने रिपोर्ट में ‘भोले बाबा’ के राजनीतिक संबंधों का जिक्र है। माना जा रहा है कि भगदड़ देखकर मौके से भागे ‘भोले बाबा’ ने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में एक खास राजनीतिक दल की मदद की थी। रिपोर्ट में साफ तौर पर राजनीतिक साजिश की ओर इशारा किया गया है, जिसका अभी तक आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं हुआ है।

बताते चलें कि यह हादसा 2 जुलाई को ‘धार्मिक उपदेशक’ नारायण साकर हरि के ‘सत्संग’ में हुआ था। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएँ एवं बच्चे मारे गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुपम कुलश्रेष्ठ की अध्यक्षता में गठित एसआईटी को 24 घंटे के भीतर जाँच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था।

मीडिया रिपोर्ट को ADG आगरा जोन ने नकारा है। अपने X पोस्ट में ADG आगरा हैंडल ने लिखा, “खण्डन! दिनांक 02.07.2024 को थाना सिकंदराराऊ क्षेत्रांतर्गत हुई दुःखद दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में ADG आगरा जोन श्रीमती अनुपम कुलश्रेष्ठ की अध्यक्षता में एसआईटी टीम का गठन किया गया था।”

इसमें आगे लिखा गया है, “कतिपय सोशल मीडिया व न्यूज चैनलों के माध्यम से संज्ञान में आया है कि एसआईटी टीम द्वारा अपनी रिपोर्ट सौंप दी गई है, जो कि असत्य व निराधार है। कृपया असत्य व भ्रामक खबर न फैलाये।” इस तरह उत्तर प्रदेश पुलिस ने जाँच रिपोर्ट सौंपे जाने की मीडिया की खबरों को पूरी तरह नकार दिया।

घटना के बारे में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा था, “सभी जानते हैं कि सज्जन (उपदेशक) की तस्वीरें किसके साथ हैं और उनके राजनीतिक संबंध किससे हैं। आपने देखा होगा कि पिछले दिनों रैलियों के दौरान कहाँ भगदड़ मची और इसके पीछे कौन था? हमें इसके बारे में जानना जरूरी है। जो लोग मासूम लोगों की जिंदगी से खेलते हैं, उन्हें इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा।”

दरअसल, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को पिछले दिनों भोले बाबा के कार्यक्रमों में शामिल होते देखा गया था। कई वीडियो और तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हो रही हैं, जिसमें उन्हें भोले बाबा और उनकी ‘ईश्वरीय गतिविधियों’ की प्रशंसा करते देखा जा सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, नारायण हरि साकार की संपूर्ण ब्रह्मांड में सदा-सदा के लिए जय जयकार हो।”

इस बीच, विपक्ष के नेता राहुल गाँधी भी हाथरस और अलीगढ़ जाकर उन परिवारों से मिले, जिन्होंने भगदड़ में अपने परिजनों को खो दिया है। उन्होंने परिवारों से मुलाकात की और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त सजा की माँग की। उन्होंने राज्य सरकार से भगदड़ में जान गँवाने वालों के परिवारों को मुआवजा देने की भी माँग की।

भारतीय विमान का अपहरण करने वाले खालिस्तानी आतंकी गजिंदर सिंह की मौत, लाहौर के अस्पताल में पड़ा दिल का दौरा: पाकिस्तान सरकार ने दे रखी थी सुरक्षा

भारत के भगोड़े खालिस्तानी आतंकी गजिंदर सिंह का पाकिस्तान के लाहौर में बुधवार (3 जुलाई 2024) को निधन हो गया। गजिंदर की उम्र 73 साल थी और वह साल 1981 में अपने साथियों संग मिलकर इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण कर उसे लाहौर ले गया था। गजिंदर सिंह गृह मंत्रालय के रिकॉर्ड में मोस्ट वॉन्टेड व्यक्तियों में से एक था।

कहा जा रहा है कि गजिंदर सिंह बीमारी से जूझ रहा था। कुछ दिन पहले उसे दिल का दौरा पड़ा था। इसके बाद उसे पाकिस्तान के लाहौर स्थित पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी में भर्ती कराया गया था। उसने साल 2022 में पाकिस्तान को अपना ठिकाना बनाया था। विमान हाईजैक करने के बाद उसने कुख्यात आतंकी भिंडरावाले की रिहाई और 500,000 डॉलर की माँग की थी।

अलगाववादी सिख संगठन ‘दल खालसा’ के संस्थापक गजिंदर सिंह ननकाना साहिब में अकेले रहते थे। वहाँ उनके पास घर और खेत थे। पाकिस्तान सरकार ने उसे सुरक्षा भी दे रखी थी। पिछले साल मई में लाहौर में खालिस्तान कमांडो फोर्स के प्रमुख परमजीत सिंह पंजवार की हत्या के बाद पाकिस्तान सरकार ने उसे सरकारी गेस्ट हाउस में स्थानांतरित कर दिया था।

दअसल, खालिस्तानी आतंकी जनरैल सिंह भिंडरावाले जेल से छुड़ाने के लिए 29 सितंबर 1981 को इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण कर लाहौर ले गया था। भिंडरावाले ने हिंद समाचार समूह के संस्थापक संपादक लाला जगत नारायण की हत्या के लिए गिरफ्तार किया गया था। बाद में भिंडरावाले का एनकाउंटर कर दिया गया था।

विमान हाईजैक करने वाले पाँच आतंकियों में गजिंदर सिंह भी शामिल था। इस जुर्म में उसे खालिस्तानी गजिंदर सिंह को 14 साल पाकिस्तानी जेल में बितना पड़ा था। साल 1995 में पाकिस्तानी जेल से रिहा होने के बाद से गजिंदर सिंह निर्वासन में रह रहा था। गजिंदर भारत के 20 कुख्यात आतंकियों में से एक रहा है।

साल 2001 में भारतीय संसद पर हुए आतंकी हमले के बाद गृह मंत्रालय ने प्रत्यर्पण के लिए पाकिस्तान को 20 लोगों की सूची दी थी। उसमें इसका भी नाम था। खालिस्तानी गजिंदर सिंह की पत्नी मनजीत कौर का कई वर्ष पहले निधन हो गया है। वहीं, उसकी बेटी बिक्रमजीत कौर यूनाइटेड किंगडम में रहती है।

गैर-मुस्लिम बदकिस्मत, उन्हें मुस्लिम बना अल्लाह को खुश करो: बंगाल के खास इलाके को ‘मिनी पाकिस्तान’ बताने वाले TMC नेता फिरहाद हकीम ने कहा- हमें ताकत दिखानी है

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के मेयर और TMC सरकार में कैबिनेट मंत्री फिरहाद हकीम ने गैर-मुस्लिमों को बदकिस्मत बताया। हकीम ने सार्वजनिक तौर पर उन्हें इस्लाम कबूल करने का आह्वान किया। इसके बाद उनके इस बयान पर विवाद हो गया।

फिरहाद हकीम ने यह बयान 3 जुलाई, 2024 को दिया। हकीम कोलकाता के धोनो धोन्यो स्टेडियम में ‘आल इंडिया कुरान प्रतियोगिता’ में हिस्सा लेने आए थे। इसी दौरान उन्होंने यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “जो लोग इस्लाम में पैदा नहीं हुए, वे बदकिस्मत हैं। अगर हम उन्हें दावत (इस्लाम कबूल करने को कहना) दे सकें और उनमें ईमान (इस्लाम के प्रति निष्ठा) ला सकें, तो हम अल्लाह को खुश कर पाएँगे।”

फिरहाद हकीम यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा, “हमें गैर-मुसलमानों के बीच इस्लाम का प्रसार करने की जरूरत है। अगर हम किसी को इस्लाम के रास्ते पर ला सकते हैं, तो हम इसे फैलाकर एक सच्चे मुसलमान साबित होंगे।”

उन्होंने आगे जोर दिया, “जब हजारों लोग इस तरह से खोपड़ी पर टोपी पहनकर बैठते हैं तो हम सबको ताकत दिखाते हैं। यह हमारी एकता दिखाता है और यह भी साफ़ कर देता है कि देता है कि कोई भी हमें दबा नहीं सकता।”

कोलकाता के मेयर को यह भी कहते हुए सुना गया कि “हम इस्लाम में पैदा हुए हैं, इसलिए पैगंबर और अल्लाह ने हमारे लिए जन्नत का रास्ता साफ कर दिया है। अगर हम कोई पाप नहीं करते हैं, तो हम सीधे जन्नत जाएँगे।”

पहले भी विवादों में रहे हैं फिरहाद हकीम

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम गलत कारणों से चर्चा में आए हैं। अप्रैल 2016 में उन्होंने कोलकाता के मुस्लिम बहुल इलाके को ‘मिनी पाकिस्तान‘ करार दिया था। फरवरी 2021 में उन्हें कोलकाता की एक मस्जिद में राजनीति से सम्बन्धित भाषण देते हुए देखा गया था, यह आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन था।

CAA के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान मुस्लिम दंगाइयों को शांत करने के लिए फिरहाद हकीम ने उन्हें ‘भाई’ बता दिया था। उन्हें अर्धसैनिक बलों और भाजपा को ‘सुअर एर बच्चा’ (सुअरों के बच्चे) कहते हुए भी देखा गया था। हकीम ने बंगाल के उर्दूकरण का खुलकर समर्थन किया है। इसको लेकर उन्होंने कहा था, “इंशाअल्लाह, एक दिन ऐसा आएगा जब बंगाल की आधी आबादी उर्दू बोलेगी और इसी में कविता सुनाएगी।”

उंगली काटना, हिंदू देवताओं का अपमान: INDI गठबंधन को बढ़त के साथ ही महाराष्ट्र में हिंदुओं पर बढ़े इस्लामी हमले, 15 दिन में 8 बर्बर घटनाएँ

महाराष्ट्र राज्य में हिंदुओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है, खास कर लोकसभा चुनाव के बाद। महाराष्ट्र में कॉन्ग्रेस-एनसीपी(शरद पवार) और शिव सेना (यूबीटी) ने लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीती हैं, जिसके बाद से महाराष्ट्र में इस्लामिक कट्टरपंथी बेखौफ हो गए हैं। इसी का परिणाम है कि राज्य भर में हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं और नेताओं पर अकारण हमले किए जा रहे हैं। बीते एक सप्ताह में ही महाराष्ट्र में 8-9 घटनाएँ हुई हैं, जिसमें इस्लामिक कट्टरपंथियों ने हिंदुओं पर हमले किए। ऐसी ही घटनाओं पर एक नजर…

1-पुणे में कट्टरपंथी इस्लाम के खिलाफ बोलने पर अक्षय धवरे पर हमला

हाल के समय में महाराष्ट्र के पुणे में बीते सप्ताह ही बड़ी घटना सामने आई। पुणे के लोहियानगर इलाके में अक्षय धवरे नाम के हिंदूवादी कार्यकर्ता पर अतुल खान, सलमान शेख, सुल्तान शेख, असलम पटेल, आसिफ शेख और अन्य 4 लोगों ने हमला कर दिया। अक्षय हिंदूवादी और दलित कार्यकर्ता हैं। उन पर हमला इसलिए किया गया, क्योंकि वो इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा दलितों के उत्पीड़न के खिलाफ बोलते थे। इस मामले में दर्ज हुई एफआईआर की कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। इस मामले में खड़क पुलिस स्टेशन ने भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 307, 324, 323, 143, 147, 148, आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 4 और 25, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 37(1), 135 और एससी/एसटी एक्ट, 1989 की धारा 3(1)(2) और 3(1)(10) के तहत मामला दर्ज किया है।

हमलावरों ने अक्षय से कहा कि वो दलितों के लिए ज्यादा ही भगवान बनता है। उस पर दो बार हमला हुआ, लेकिन वो बच गया। लेकिन इस बार नहीं बचेगा। इस्लामिक कट्टरपंथियों ने अक्षय पर तलवार से हमला किया। जिसमें उसके सिर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। इस दौरान उन्होंने कहा, “हम यहाँ के बाप हैं। हमारे खिलाफ अगर कोई बोलेगा तो हम उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे।” इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ी जा सकती है।

पुणे में रोहित थोराट नाम के हिंदू-दलित नेता पर हमला

पुणे के लोहियानगर इलाके में 27 जून को ऐसी ही घटना हुई, जिसमें हिंदू दलित नेता रोहित थोराट पर अफरीदी शेख, सादिक सज्जा, इजाज शेख और चार अन्य साथियों के एक समूह ने हमला किया। थोराट पर किया गया हमला दलित समुदाय को बेहतर बनाने के उनके प्रयासों पर हमला एक टारगेटेड अटैक जाहिर होता है। थोराट अपने समुदाय के सामने आने वाली चुनौतियों और अन्याय के बारे में मुखर रहे हैं, जिसकी वजह से वो कट्टरपंथियों के निशाने पर आ चुके हैं।

थोराट पर हमले के मामले की एफआईआर कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। एफआईआर की कॉपी के अनुसार, पुणे के गंगाधा इलाके में जब पीड़ित अपने रिश्तेदार के घर से घर लौट रहा था, तब आरोपितों ने उसे रोका और उसके साथ मारपीट की। आरोपितों ने पीड़ित की बाइक पर ऑटोरिक्शा चढ़ा दिया और उसे धमकाना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने पीड़ित पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया।

पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 504, 341, 506, 34, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1), 135 और एससी/एसटी अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(आर), 3(1)(एस), 3(2), 3(वी), 3(2)(वीए) और 6 के तहत मामला दर्ज किया है।

पुणे के लोहियानगर में हिंदू कार्यकर्ता पर तीसरा खतरनाक हमला: एलआरओ

इसी कड़ी में पुणे जिले के लोहियानगर इलाके में एक हिंदू कार्यकर्ता पर तीसरा भयानक हमला हुआ। 3 जुलाई 2024 को मातंग में हिंदू दलित युवक आदर्श भारत हनुवते पर हमला किया गया, इस घटना को लीगल राइट्स ऑब्ज़र्वेटरी (LRO) ने सोशल मीडिया पर शेयर किया। LRO ने पुणे सिटी पुलिस पर हिंदुओं को प्रताड़ित करने और अपराधियों को बचाने के लिए अपराध को छिपाने का आरोप लगाया।

पुणे और मुंबई के अलावा राज्य के अन्य हिस्सों जैसे नांदेड़, सभाजीनगर और ठाणे में भी हमले हुए।

नांदेड़ में टी20 विश्व कप की जीत का जश्न मना रहे हिंदुओं पर मुस्लिम छात्रों का हमला

अभी कुछ दिन पहले 29 जून को महाराष्ट्र के नांदेड़ क्षेत्र के श्रीनगर इलाके में भारत की टी20 विश्व कप जीत का जश्न मनाने के बाद 20-25 मुस्लिम युवकों ने 4 हिंदू छात्रों पर हमला कर दिया। आरोपित हमलावर चारों पीड़ितों के किराए के अपार्टमेंट में घुस गए और उन पर लाठी और लोहे की रॉड से हमला किया। विकास माडवी, रावसाहेब नरवड़े, बालाजी पोरमद और कपिल पाटिल के रूप में पहचाने गए पीड़ितों को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में रिकॉर्ड हो गई जिसमें आरोपितों को पीड़ितों के अपार्टमेंट में घुसते हुए देखा जा सकता है। अपार्टमेंट के मालिक ने घटना की पुष्टि की और कहा कि सभी आरोपित मुस्लिम समुदाय के हैं।

ठाणे में हिंदू महिला से छेड़छाड़, एफआईआर दर्ज न करने की धमकी

बीती 27 तारीख को ठाणे पुलिस ने शहजाद शेख नामक एक व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354डी और 452 के तहत एक एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें उसने एक हिंदू महिला से छेड़छाड़ की और उसे अपना मुँह बंद रखने के लिए मजबूर किया। यह घटना पिछले सप्ताह ठाणे के हजूरी दरगाह क्षेत्र में हुई थी, जो मुस्लिम बहुल क्षेत्र है। आरोपी ने इलाके में रहने वाली एक हिंदू महिला से छेड़छाड़ की। बाद में सकल हिंदू समाज के अनुसार जब महिला पास के एक मंदिर में शरण लेने गई, तो लगभग 100-150 मुस्लिम जूते पहनकर मंदिर में घुस गए और महिला को पुलिस में शिकायत दर्ज न करने की धमकी दी। इससे पहले, हिंदू समुदाय ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया था, लेकिन बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में एक पार्षद आरोपितों की मदद कर रहा था।

नासिरुल्लाह ने ठाणे के मदरसे में नाबालिग लड़के के साथ किया दुराचार

बुधवार (26 जून) को महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर में एक मदरसे के परिसर में 11 वर्षीय लड़के के साथ दुराचार करने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित की पहचान नसीरुल्लाह के रूप में हुई है। यह घटना उस समय हुई जब पीड़ित मदरसे में पढ़ रहा था। नसीरुल्लाह ने नाबालिग लड़के का यौन उत्पीड़न किया और ‘अप्राकृतिक यौन संबंध’ बनाए। आरोपी पर बाल यौन अपराध रोकथाम (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब नसीरुल्लाह को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

हिंदू परिवार पर ईद के बकरे को मारने के विवाद में हमला

पुणे में ईद के बकरे द्वारा बच्चे को मारने पर हुए विवाद के बाद मोंटी सैयद, जमीर और अन्य लोगों ने हिंदू परिवार पर हमला कर दिया। इस साल 17 जून को पुणे के यरवदा इलाके में रहने वाले एक हिंदू परिवार पर एक बड़ी मुस्लिम भीड़ ने बेरहमी से हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब उनके परिवार की 3 साल की हिंदू लड़की आँगन में खेल रही थी। इसी दौरान उसी इलाके में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के 3-4 नाबालिग लड़के बकरीद पर कुर्बानी के लिए लाए गए बकरों के साथ खेल रहे थे।

बकरियों में से एक ने दौड़कर लड़की को मारा जिसके बाद उसका परिवार यह देखने के लिए आँगन में पहुँचा कि क्या हुआ है। जब उन्होंने लड़कों से घटना के बारे में पूछा तो वे हिंदू परिवार के सदस्यों से बहस करने लगे और उनके साथ मारपीट भी करने लगे। अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने हिंदू परिवार पर पत्थरबाजी की। उन्होंने रॉड और डंडों से भी परिवार पर हमला किया।

पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और नाबालिगों समेत 12 लोगों को हिरासत में लिया है। इस घटना की एफआईआर कॉपी ऑपइंडिया को मिली है। पुणे पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 143 (अवैध रूप से एकत्र होना), 147 (दंगा करने की सजा), 149, 323 (स्वेच्छा से चोट पहुँचाना), 504 (जानबूझकर अपमान या उकसावा) और 337 के तहत धाराएँ लगाई हैं। इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ी जा सकती है।

मीरा रोड: सोसायटी में बकरा काटने से रोकने पर हिंदुओं पर इस्लामी कट्टरपंथियों का हमला

मुंबई के मीरा रोड इलाके का यह मामला 18 जून को ऑपइंडिया द्वारा एक्सक्लूसिव तौर पर रिपोर्ट किया गया था। काशीगांव पुलिस स्टेशन ने हिल गैलेक्सी अपार्टमेंट में रहने वाले वजूद नामक व्यक्ति पर हिंदुओं का अपमान करने, उन्हें धमकाने और धर्म को गाली देते हुए ‘हिंदुओं के म** की च**’ कहने का आरोप लगा है। भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 295A और 153A के तहत FIR दर्ज की गई।

यह घटना 16 जून को हुई जब मीरा रोड पर हिल गैलेक्सी अपार्टमेंट और जेपी नॉर्थ सेलेस्टे सोसाइटी में रहने वाले मुस्लिम निवासियों ने बकरीद के त्यौहार से पहले अवैध रूप से वध के लिए सोसाइटी परिसर में बकरियाँ ले आए। हिंदुओं ने इस घटना का विरोध किया और पुलिस को बुलाया। हालाँकि, पुलिस ने यह कहते हुए बकरियों को जाने दिया कि सोसाइटी के भीतर कोई नीति नहीं है। इस बीच, हिंदुओं ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया और सोसायटी के परिसर में कुर्बानी पर आपत्ति जताई। हालाँकि, मुस्लिम निवासियों ने हिंदुओं के साथ बहस की और दावा किया कि वे सोसायटी के परिसर में बकरे काटेंगे।

ऑपइंडिया को मिली एफआईआर की कॉपी में कहा गया है कि मुसलमानों ने हिंदुओं को धमकाते हुए कहा कि वे (मुसलमान) सोसायटी परिसर में ही बकरे काटेंगे, चाहे कुछ भी हो जाए। एफआईआर के अनुसार वजूद ने कहा, “जो कर सकते हो करो। हम यहीं सोसायटी परिसर में ही जानवरों को काटेंगे। हिंदुओं के म** की च**।”

शिकायत में निवासी ने आगे कहा कि आरोपी व्यक्ति ने भगवान गणेश का भी अपमान किया। वजूद ने हिंदुओं को धमकाते हुए कहा, “आप लोग गणेश उत्सव मनाते हैं। क्या हम तब कुछ कहते हैं? जब हम आपके भगवान गणेश को देखते हैं तो हमें गुस्सा आता है और उल्टी आती है। हम देखेंगे कि आप यहाँ अपना गणेश उत्सव कैसे मनाते हैं।”

इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट यहाँ और यहाँ पढ़ी जा सकती है।

ये खबर मूल रूप से अंग्रेजी भाषा में लिखी गई है। मूल खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

लग्जरी कार खरीद कैश में बेच देते… केरल में मुजीब रहमान के शो रूम से चल रहा था ‘काला धन’ का धंधा, फिल्मी सितारों-खिलाड़ियों पर आयकर विभाग की नजर

केरल में आयकर विभाग ने पुरानी कार के शोरूम में छापेमारी करके 102 करोड़ रुपए के कालेधन का पता लगाया है। आयकर विभाग ने मलप्पुरम निवासी मुजीब रहमान की कंपनी ‘रॉयल ​​ड्राइव’ में कालेधन के लेनदेन का खुलासा किया। इसमें सिनेमा और खेल जगत के कई बड़े खिलाड़ी शामिल हैं। आयकर विभाग अब इन सबको नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है।

कार के शोरूम तिरुवनंतपुरम, एर्नाकुलम, मलप्पुरम और कोझिकोड में हैं और आयकर विभाग ने यहाँ दो दिनों तक छापेमारी की थी। आयकर विभाग ने पिछले कुछ महीनों में यहाँ बड़ी रकम के लेन-देन का संदेह जताया है। इसमें मलयालम फिल्मों के कई सितारे तथा राष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ियों की भी मिलीभगत सामने आई है।

आयकर विभाग ने पाया कि कई मशहूर हस्तियों ने लग्जरी कारें खरीदीं। उन्हें एक या दो साल तक इस्तेमाल किया और फिर अपने खातों में लेन-देन दर्ज किए बिना उन्हें रॉयल ड्राइव को बेच दिया। यह भी पाया गया कि शोरूम से कारें खरीदी गईं, जिनकी कीमत कालेधन से चुकाई गई। इस घटना में एक भारतीय क्रिकेटर और कई मलयालम फिल्म सितारे भी शामिल हैं।

खास बात यह है कि यह पैसा खातों में लेन-देन दर्ज किए बिना ही प्राप्त कर लिया जाता था। जाँच में यह भी पता चला कि शोरूम से गाड़ियाँ काले धन से खरीदी गई थीं। आयकर विभाग ने इस मामले में शामिल फिल्मी सितारे और खिलाड़ियों सहित सभी लोगों को नोटिस भेजने का फैसला किया है।

बता दें कि पिछले साल कोझिकोड में 20 कपड़ा दुकानों पर जीएसटी खुफिया छापेमारी की थी। इसमें फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के जरिए 27 करोड़ रुपए की कर चोरी का खुलासा हुआ था। केएस अशरफ अली, नूरजहाँ और शबीर की दुकानों के साथ-साथ के अब्बास के घर पर छापेमारी की गई थी। इस धोखाधड़ी में केरल के बाहर से खरीदे गए सामानों के लिए कर दस्तावेजों में जालसाजी शामिल थी।