Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयभूखी-प्यासी चिल्लाती रही माँ-बेटी, सोहेल ने घर में घुस जिंदा चुनवा दिया: पड़ोसियों ने...

भूखी-प्यासी चिल्लाती रही माँ-बेटी, सोहेल ने घर में घुस जिंदा चुनवा दिया: पड़ोसियों ने दीवाल तोड़ बचाई जान, पाकिस्तान के हैदराबाद की घटना

तस्लीम जहाँ ने बताया कि अपने घर में वह अपनी बेटी के साथ रहती है। घर के एक हिस्से में उसका एक देवर इरफ़ान और उसका भतीजा सोहेल रहता है। उसके पति अब्दुल हक़ ने सोहेल के बाप अब्दुल अजीज को इसी मकान में रहने के लिए हिस्सा दिया था।

पाकिस्तान के हैदराबाद में एक माँ-बेटी को उसके रिश्तेदारों ने दीवाल से चुनवा दिया। माँ-बेटी को उसके पड़ोसियों ने बचाया। माँ-बेटी को सम्पत्ति के विवाद के कारण दीवाल में चिनवाया गया। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हैदराबाद के लतीफाबाद इलाके में रहने वाली तस्लीम जहाँ और उसकी बेटी दुआ को उसके देवर ने बंद करके यह कारनामा किया है। तस्लीम जहाँ ने बताया कि उसके शौहर की 20 साल पहले मौत हो चुकी है।

तस्लीम जहाँ ने बताया कि अपने घर में वह अपनी बेटी के साथ रहती है। घर के एक हिस्से में उसका एक देवर इरफ़ान और उसका भतीजा सोहेल रहता है। उसके पति अब्दुल हक़ ने सोहेल के बाप अब्दुल अजीज को इसी मकान में रहने के लिए हिस्सा दिया था।

सोहेल वर्तमान में इस घर में अपनी पत्नी के साथ रहता है। सोहेल ने कुछ वर्षों से तस्लीम जहाँ और उसकी बेटी दुआ को परेशान कर रखा है। सोहेल ने शुक्रवार (28 जून, 2024) को तस्लीम और उसकी बेटी को पहले एक जगह बंद कर दिया।

इसके बाद सोहेल ने पहले ही से लाकर रखे गए ईंट और सीमेंट से उनके चारों तरफ दीवाल बना दी। इससे महिला इसी जगह फंस कर रह गई। महिला को लम्बे समय तक इसी चारदीवारी में भूखे प्यासे बंद रहना पड़ा। इसके कुछ समय बाद उससे उनके पड़ोसियों ने सम्पर्क किया।

जब पड़ोसियों को पता लगा कि तस्लीम जहाँ को दीवाल से चुनवा दिया गया है, तो उन्होंने यह सूचना पुलिस को दी। इसके बाद तस्लीम जहाँ के पड़ोसियों ने पुलिस के साथ मिलकर दीवाल तोड़ी और उसे बचाया।

महिला का कहना है कि उसका देवर भी इस मामले में उसकी कोई मदद नहीं कर रहा और घर कागज उसके ही पास हैं। महिला की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है। पुलिस ने सोहेल या उसके किसी भी परिजन को गिरफ्तार नहीं किया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या सरकार सच में CJP प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस ले सकती है? जानिए कानून क्या कहता...

कानून के शासन से चलने वाले एक कामकाज करने वाले लोकतंत्र के लिए यह जरूरी है कि जो लोग कानून तोड़ते हैं, चाहे वे प्रदर्शनकारी हों या आम नागरिक, उन्हें अपने कामों का नतीजा भुगतना पड़े।

भारत का रुपया 6 साल में पहली बार हुआ ‘अंडरवैल्यूड’, इंटरनेशनल मार्केट में होगा फायदा: जानिए क्यों आती है ऐसी स्थिति, कैसे चीनी युआन...

भारतीय रुपए के मूल्य में गिरावट से निर्यात को फायदा होगा, व्यापार घाटा कम करने में मदद मिलेगी। आरबीआई गर्वनर ने भी अवमूल्यन की बात मानी है।
- विज्ञापन -