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तेजस्वी यादव के PS ने सिकंदर यदुवंशी के लिए बुक करवाया कमरा: NEET पेपर लीक में बिहार के डिप्टी CM का खुलासा, अमित आनंद ने ₹30-32 लाख में डील कबूला

नीट-यूजी पेपर लीक कांड से बिहार की राजनीति में भूचाल आ चुका है। इस पेपर लीक कांड का सरगना जिस सिकंदर यादवेंदु को बताया जा रहा है, वो बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्‍वी यादव के पीएस प्रीतम कुमार का करीबी है। बिहार के डिप्‍टी सीएम विजय सिन्‍हा ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके खुद इस बात का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि तेजस्वी यादव के पीएस प्रीतम कुमार ने ही सिकंदर के नाम से कमरे की बुकिंग के लिए बार-बार कॉल किए थे। उसी ने मंत्री जी के नाम से बुकिंग कराई थी। तेजस्वी यादव पहले मंत्री रहे हैं, इसलिए अनुराग नाम के अभ्यर्थी के लिए जो कमरा बुक किया गया था, उसकी बुकिंग के आगे ब्रेकट में (मंत्री जी) लिखा है। इस बीच, नीट पेपर लीक घोटाले के अभियुक्तों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने प्रत्येक अभ्यर्थी से 30-40 लाख रुपए की डील की थी।

बिहार के डिप्टी सीएम ने सिलसिलेवार तरीके से बताई कमरे की बुकिंग की कहानी

उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गेस्ट हाउस की बुकिंग के लिए तेजस्वी यादव के पीएस प्रीतम कुमार और पथ निर्माण विभाग के पदाधिकारी प्रदीप कुमार के बीच बातचीत का रिकॉर्ड भी सामने रखा। उन्होंने मीडिया कर्मियों से कहा, “1 मई को तेजस्वी यादव के निजी सचिव प्रीतम कुमार के मोबाइल नंबर 7488061813 से रात्रि 9 बजकर 7 मिनट में पथ निर्माण विभाग में कार्यरत प्रदीप कुमार के मोबाइल नंबर 9430469924 पर NHAI गेस्ट हाउस में सिकंदर कुमार यादवेंदु के लिए कमरे की बुकिंग कराने के लिए फोन आया था। उस दिन प्रदीप कुमार इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया।”

उन्होंने आगे कहा, “फिर 4 मई सुबह 8.49 मिनट में प्रीतम कुमार के मोबाइल नंबर 7488061813 से प्रदीप कुमार के मोबाइल पर कॉल कर सिकंदर कुमार यादवेंदु के लिए कमरे की बुकिंग के लिए स्मारित किया गया। इस बार पथ निर्माण विभाग में कार्यरत प्रदीप कुमार द्वारा NHAI के गेस्ट हाउस में सिकंदर कुमार के नाम से बुकिंग के लिए पदास्थापित कनीय अभियंता को वॉट्सऐप पर मैसेज भेज दिया। प्रीतम कुमार पहले यहीं पर पीएस थे, जब विभाग के मंत्री थे तेजस्वी यादव, इसीलिए मंत्री शब्द का उपयोग करवा लिए। दोनों अधिकारियों ने ये बात लिखकर दी है।” उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कमरे के आबंटन के लिए कोई लेटर नहीं मिला है। ये बुकिंग फोन पर हुई, जिसकी जानकारी दी जा चुकी है।

नीट-यूजी पेपर लीक काँड में गिरफ्तार अनुराग यादव ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसके साथ कुछ और गिरफ्तार अभ्यर्थियों ने भी अपना गुनाह कबूला है। अनुराग यादव ने बताया है कि उसे उसके फूफा सिंकदर यादवेंदु ने कोटा से बुलाया था और कहा था कि ‘पूरी सेटिंग हो गई है।’

अमित आनंद ने लीक कराया पेपर, सिकंदर लाया अभ्यर्थी

वहीं, नीट घोटाले में शामिल सिकंदर के सहयोगी ने अमित आनंद ने भी अपना गुनाह कबूल कर दिया है। उसने कबूलनामे में कहा कि नीट परीक्षा से एक दिन पहले पेपर लीक हो गया था। परीक्षा से एक दिन पहले अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र रटाए गए थे और प्रश्न पत्र के बदले अभ्यर्थियों से 30-32 लाख रुपये लिए गए थे। उसने यह बात भी कबूली है कि वह पहले भी पेपर लीक कराता रहा है। पेपर लीक का मास्टरमाइंड अमित मुंगेर जिले का रहने वाला है। हालाँकि, वह वर्तमान में पटना के एजी कॉलोनी के एक किराए के फ्लैट में रह रहा था। इस कबूलनामे में उसने बताया है कि किस तरह से उसकी मुलाकात उन छात्रों से हुई, जिन्हें आंसर रटवाए गए थे।

ऐसे कराई गई अभ्यर्थियों को तैयारी

अमित ने अपने बयान में कहा, “मेरी दोस्ती सिकंदर से हुई थी, जो दानापुर नगर निगम कार्यालय में जूनियर इंजीनियर है। मैं अपने एक निजी काम से उससे मिलने गया था। मेरे साथ नीतीश कुमार भी था। बातचीत के सिलसिले में मैंने सिकंदर से कहा था कि मैं किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक कराकर अभ्यर्थियों को पास कराता हूँ। सिकंदर ने इसपर मुझसे कहा कि मेरे पास 4-5 अभ्यर्थी हैं, जो नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें पास करवा दीजिए। बच्चों को पास करने के बदले में मैंने बताया कि 30-32 लाख रुपए लगेंगे। इस पर सिकंदर तैयार हो गया और कहा कि वह 4 अभ्यार्थी की हमें देगा। इसी बीच नीट परीक्षा की तारीख आ गई। सिकंदर ने पूछा लड़कों को कब लाना है। मैंने कहा कि पाँच मई को परीक्षा है। चार मई की रात को अभ्यर्थियों को लेकर आना। चार मई की रात में नीट परीक्षा का क्वेश्चन पेपर लीक करवाकर सभी अभ्यर्थियों को उत्तर के साथ पढ़ाया-रटवाया जा रहा था।”

पुलिस को दिए कबूलनामे में मास्टरमाइंड अमित आनंद ने बताया, “सिकंदर को पुलिस ने पकड़ लिया और फिर उसकी निशानदेही पर हम लोग भी पकड़ गए। हमारे किराए वाले फ्लैट से पुलिस को नीट समेत अलग-अलग एग्जाम का एडमिट कार्ड, नीट का प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका का जला हुआ अवशेष बरामद हुआ है। पुलिस ने इसे जब्त कर लिया है। मैंने पहले भी पेपर लीक करवाए हैं। मैं अपने अपराध को कबूल करता हूँ।”

ता दें कि अब तक इस मामले में अब तक 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिसमें 4 अभ्यर्थी भी हैं। इस मामले में सिकंदर की संलिप्तता के बाद बिहार में राजनीतिक भूचाल भी आ गया है। बिहार के उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आरोप लगाया है कि सिकंदर तेजस्वी यादव का करीबी है। इस मामले में तेजस्वी यादव के पीएस की भी अहम भूमिका है।

चोर औरंगजेब की पिटाई को इस्लामी कट्टरपंथी बता रहे ‘मुस्लिम को हिंदू भीड़ ने मार डाला’, अलीगढ़ मामले में पुलिस ने बताई सच्चाई

अलीगढ़ में 18 जून 2024 को एक घर में एक चोर घुसते हुए पकड़ा गया। घर के लोगों ने और आसपास की भीड़ ने उसे देखा तो उसे पकड़कर मारा-पीटा गया। इस दौरान चोर को गंभीर चोटें आईं और बाद में अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। चोर का नाम मोहम्मद फरीद उर्फ औरंगजेब था और जिस घर में वो घुसा था वो एक हिंदू का घर था।

अलीगढ़ पुलिस ने इस केस को लेकर अपना बयान भी जारी किया है। एसएसपी अलीगढ़ ने बताया कि थाना गाँधी पार्क में 18 जून को पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी जिसके आधार पर उन्होंने घटनास्थल पर जाकर देखा तो पता कि एक मुस्लिम युवक एक हिंदू के घर में चोरी करने के इरादे से घुसा था। उसके बाद उस परिवार के लोगों ने व स्थानीय लोगों ने उस व्यक्ति के साथ मारपीट की। बाद में उसे तत्काल अस्पताल लेकर जाया गया जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस अलर्ट हो गई। बॉडी का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। फिर उसे सुपूर्द-ए-खाक किया गया।

पुलिस ने बताया कि इस घटना के बाद हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्ष ने प्रदर्शन किया। इस बीच थोड़ा तनाव भी हुआ। लेकिन, जैसा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट कह रहे हैं कि इलाके में पथराव हुआ, वो जानकारी गलत है। एसएसपी ने कहा कि अधिकारी मौके पर मौजूद थे, पूरे अलीगढ़ में कहीं पर भी कोई पथराव नहीं हुआ है। स्थिति बिलकुल कंट्रोल में है। जो दोनों पक्षों के बीच टेंशन थी, पुलिस उनसे निरंतर वार्ता में है। पुलिस अपने काम में लगी है।

बता दें कि ये पूरा मामला अलीगढ़ के मामू भांजा इलाके में रात 10:15 का है। 35 साल का औरंगजेब घास की मंडी का रहने वाला था। पुलिस ने उसकी लिचिंग मामले में 10 लोगों पर एफआईआर की है। इनमें से 6 को गिरफ्तार किया जा चुका है।

अब इस मामले में हिंदू पक्ष के लोग गिरफ्तार लोगों को रिहा कराने की माँग कर रहे हैं। उनका कहना है कि औरंगजेब 4-6 अन्य मुस्लिमों के साथ हिंदू के घर में घुसा था। पकड़े जाने पर बाकी तो भाग गए, पर औरंगजेब पकड़ लिया गया। इस मामले में हिंदू पक्ष जाँच की माँग कर रहा है ताकि सिर्फ आरोपित गिरफ्तार हों कोई निर्दोष नहीं।

वहीं मुस्लिम पक्ष की ओर से सपा नेता अज्जू इशाक भी शामिल हैं। उन्होंने कहा है कि देश संविधान और कानून से चलेगा, किसी व्यक्ति को, भले ही वो संदिग्ध हो, मजहबी पहचान पर नहीं मारना चाहिए था। इनके अलावा सोशल मीडिया पर भी इस नैरेटिव को हवा देते देखा जा सकता है।

पत्रकार जैद मसरूर खान ने इस मामले में नया ही एंगल दे दिया। उन्होंने कहा कि ईद के दिन मुस्लिम युवक अपने दोस्त के घर जा रहा था, गलती से किसी और के घर में घुस गया तो उसे पीट दिया गया।

जैद के इस ट्वीट को मोहम्मद जुबैर द्वारा भी रीपोस्ट किया गया था। इसके अलावा मीर फैजल ने भी इस मामले पर हिंदुत्व भीड़ को जिम्मेदार ठहराया। वहीं खुद को पत्रकार कहने वाले एक अन्य इस्लामवादी अलीशान जाफरी ने इस घटना को ‘मुस्लिम विरोधी हमला’ करार दिया था।

इस मामले में औरंगजेब के भाई ने कुछ अलग ही बयान देते हुए पुलिस में एफआईआर कराई थी। मोहम्मद जकी का कहना था कि उसका भाई अपने काम से लौट रहा था जब मामू-भांजा इलाके में कुछ लोगों ने उसे घेरा और उसकी मुस्लिम आइडेंटी जानकर उसकी पिटाई कर दी।

ऊपर दिए गए सारे बयानों से समझ सकते हैं कि मुस्लिम पक्ष के पास औरंगजेब को लेकर अलग थ्योरी थी, मगर अब जब पुलिस ने इस मामले को साफ कर दिया है कि ये मामला चोरी का था और औरंगजेब चोरी के इरादे से हिंदू के घर में घुस रहा था, तो कुछ बातें समझने की जरूरत है।

पहले तो इस केस में ये मानने से इनकार नहीं किया जा सकता है कि भले ही औरंगजेब चोरी करने की नीयत से घर में घुसा था… लेकिन फिर भी भीड़ को उसे पकड़ने के बाद कानून हाथ में लेकर उसे पीटना नहीं चाहिए था। उसे पुलिस को सौंपा जा सकता था, उसके खिलाफ कंप्लेन हो सकती थी या फिर उसे समझाकर, चेतावनी देकर मानवता के आधार पर छोड़ा भी जा सकता था, पर हुआ ऐसा कुछ भी नहीं, जो कि गलत था।

दूसरा ये कि जो लोग इस मामले में हिंदुओं को बदनाम कर रहे हैं उन्हें ये जान लेने की जरूरत है कि किसी भी शख्स के घर में जब कोई चोर घुसता है तो पहले उसे उसकी मजहबी पहचान पूछकर नहीं पकड़ा जाता है। लोग उसे पकड़ने दौड़ते हैं और पकड़ने के बाद उनकी प्रतिक्रिया एक होती है। घटना में हिंदुत्वादी भीड़ कह कहकर हिंदुओं को बदनाम करना दुष्प्रचार से अधिक कुछ भी नहीं है। अगर औरंगजेब की जगह वहाँ कोई और धर्म का चोर होता तो भी भीड़ शायद वही प्रतिक्रिया देती और पुलिस की कार्रवाई में तब भी आरोपितों को गिरफ्तार किया जाता।

नोट- ये खबर अमित केलकर द्वारा मूल रूप से अंग्रेजी में लिखे गए लेख पर आधारित है। आप इसे इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

केरल की लेखिका एश्लिन जिम्मी के लिए मुंबई पर आतंकी हमला ठीक, कहा- मुझे शाहरुख-सलमान के साथ काम नहीं करने दिया, इसलिए वहाँ के लोगों को मारें पाकिस्तानी आतंकी

केरल की लेखिका बताई जाने वाली एक महिला का एक विवादित वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में वह देश में आतंकी हमले का समर्थन कर रही है। वह चाहती है कि मुंबई में पाकिस्तान से आतंकी आकर लोगों को मारें तो उसे खुशी होगी। अब उस पर कार्रवाई की माँग हो रही है।

मुंबईकरों पर हमले की इच्छा रखने वाली इस महिला का नाम एश्लिन जिम्मी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए जा रहे एक वीडियो में जिम्मी एक लड़के से अंग्रेजी में बातचीत कीर्ति दिखाई देती है। स्क्रीन देखने पर पता चलता है कि यह बातचीत डिसकॉर्ड नाम के एक एप पर हो रही है।

बातचीत में लड़का उससे पूछता है कि क्या वह 26/11 जैसे मुंबई हमलों का समर्थन करती है। इस पर जिम्मी कहती है, “मैंने कहा कि मैं पाकिस्तानियों के मुंबई आने और लोगों को मारने का समर्थन करती हूँ। क्योंकि मुंबई एक बेकार जगह है।”

इस पर लड़का जिम्मी से इस घृणा का कारण पूछता है तो वह बताती है, “अगर मुंबई के लोग एक दूसरे को स्नेह करते तो वह मुझे बुलाकर शाहरुख़ खान कि हीरोइन बनने का मौक़ा देते। लेकिन मुझे किसी ने नहीं बुलाया। आखिर उन्होंने मुझे शाहरुख या सलमान की हीरोईन बनने का मौक़ा क्यों नहीं दिया।”

सोशल मीडिया पर एश्लिन जिम्मी का यह वीडियो वायरल होने के बाद अब उस पर कार्रवाई की माँग हो रही है। एक्स पर कई यूजर सुरक्षा एजेंसियों से जिम्मी पर नजर बनाए रखने के लिए कह रहे हैं। बताया गया है कि एश्लिन जिम्मी केरल के तिरुवनंतपुरम की रहने वाली है और लेखिका है।

कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने यह भी बताया है कि उसकी परवरिश दुबई में हुई है। उसका वीडियो साझा करते हुए कुछ यूजर्स ने केरल पुलिस से कार्रवाई की माँग भी की है। ऐसे ही एक यूजर ने लिखा, “केरल की लेखिका एश्लिन जिम्मी से मिलिए, जो भारत में आतंकवादी हमलों का समर्थन करती है। वह मुंबई पर आतंकवादी हमले को उचित ठहराती है, क्योंकि उसे शाहरुख खान और सलमान खान के साथ हीरोइन बनने का मौका नहीं मिला। NIA उसकी गतिविधियों पर नज़र रखें।”

एक और यूजर ने भी इस महिला की जाँच किए जाने की माँग की। अभी इस एश्लिन जिम्मी के विषय में और जानकारियाँ सामने नहीं आई हैं। लेकिन उसके विचारों को लेकर सोशल मीडिया पर गुस्सा जाहिर किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश में गोवंश के 50 शव मिले, कई के कटे हुए थे सिर: गोतस्करों के खिलाफ कार्रवाई के बाद हत्या कर वैनगंगा में फेंके जाने की आशंका

मध्य प्रदेश के सिवनी में बुधवार (19 जून 2024) को गोवंश के दर्जनों कटे शव मिले हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और घटना की जाँच में जुट गई है। प्रशासन ने मवेशी डॉक्टर को बुलाकर शवों का परीक्षण करवाया है। इसके बाद गोवंश के शवों कों दफना दिया गया है। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन सबके कौन हैं।

दरअसल, सिवनी जिले के पिंडरई के पास वैनगंगा नदी में 19 गोवंश के शव मिले। वहीं, धूमा क्षेत्र में ऐसे 32 शव मिले। इन शवों के गर्दन कटे हुए थे। शवों का कुछ हिस्सा नजदीकी जंगलों में भी फेंका गया है। पुलिस ने गाँव के लोगों की मदद से गोवंश के शवों को वैनगंगा नदी से बाहर निकाला और उन्हें दफनाया।

ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटना इलाके में पहली बार हुई है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि कुछ गोवंश शव नदी में बहकर आए हैं। यह माना जा रहा है कि सरकार मवेशी तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। ऐसे में पुलिस से बचने के लिए तस्करों ने गोवंश की हत्या करके उसे नदी या अन्य जगहों पर फेंक दिया होगा।

हालाँकि, लोगों या पुलिस-प्रशासन का यह अंदाजा है। इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं, जिसकी जाँच पुलिस कर रही है। पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि पुलिस मवेशी तस्करों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। पूरे जिले में मवेशी तस्करों पर नजर रखा जा रहा है और मवेशियों का अवैध रूप से परिवहन करने वालों को पकड़ा जा रहा है।

इस घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उन्होंने इस मामले की जल्द से जल्द जाँच करके दोषियों को अविलंब पकड़ने का आग्रह पुलिस से किया। इसके साथ ही आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की भी माँग की। पुलिस ने आरोपितों पर कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

जुलाई 2023 में भी सिवनी जिले में 10 गायों का सिर मिला था। उन गायों के सिर को काटकर उनके सिर को सड़क के किनारे और खेतों में फेंक दिए गए थे। वहीं, एक सिर गाँव के कुएँ में भी मिला था। हिंदू संगठनों का कहना था कि दंगे कराने की साजिश के तहत यह सब किया गया है। वहीं, इस घटना का संबंध बकरीद से होने की बात भी कही जा रही है।

मामला सिवनी जिले के बरघाट तहसील अंतर्गत अरी गाँव के अमराई टोला का है। यहाँ 4 जुलाई 2023 की सुबह स्थानीय ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तभी उन्हें सड़क किनारे गायों के सिर कटे हुए दिखाई दिए। इसके बाद यह बात पूरे गाँव में फैल गई। इसी दौरान गाँव के ही गोवर्धन साहू नामक व्यक्ति के कुएँ में भी गाय का कटा हुआ सिर मिला।

‘फूफा ने कहा कोटा से आ जाओ सेटिंग हो चुकी है’: NEET पेपर लीक में अनुराग यादव का कबूलनामा, कहा- परीक्षा से एक रात पहले मिल गया था पेपर

नीट-यूजी पेपर लीक काँड में गिरफ्तार अनुराग यादव ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसके साथ कुछ और गिरफ्तार अभ्यर्थियों ने भी अपना गुनाह कबूला है। अनुराग यादव ने बताया है कि उसे उसके फूफा सिंकदर यादवेंदु ने कोटा से बुलाया था और कहा था कि ‘पूरी सेटिंग हो गई है।’ इस मामले में अब तक 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिसमें 4 अभ्यर्थी भी हैं। वहीं, कई अन्य अभ्यर्थियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अनुराग यादव ने पुलिस के सामने दर्ज कराए बयान में कहा है कि जो प्रश्न पत्र लीक हुआ, वही परीक्षा में आया और 100 प्रतिशत वही सवाल परीक्षा में पूछे गए थे। मेरे पास ये प्रश्न पत्र एक दिन पहले ही आ गया था।

इस बीच, अनुराग यादव का इकबालिया बयान भी सामने आ गया है। अनुराग यादव ने अपने बयान में कहा, “मैं नीट की परीक्षा की तैयारी कोटा में एलेन कोटिंग सेंटर में रहकर कर रहा था। मेरे फूफा सिकंदर प्रसाद यादवेन्दु द्वारा बताया गया कि 5 मई 2024 को नीट की परीक्षा है, कोटा से वापस आ जाओ। परीक्षा की सेटिंग हो चुकी है। मैं कोटा से वापस आ गया तथा मेरे फूफा द्वारा 4 मई 2024 को रात्रि में अमित आनंद एवं नीतीश कुमार के पास मुझे छोड़ा गया। जहाँ पर नीट की परीक्षा का प्रश्न पत्र एवं उत्तर पुस्तिका दी गई एवं रात्रि में पढ़वाया एवं रटवाया गया। मेरा सेंटर डी.वाई. पाटिल स्कूल में था तथा मैं स्कूल में परीक्षा देने गया तो जो प्रश्न पत्र रटवाया गया था, वही प्रश्न सही-सही परीक्षा में मिल गया। परीक्षा के उपरांत अचानक पुलिस तथा मुझे पकड़ लिया।”

ये वही अनुराग यादव है, जिसे पुलिस ने परीक्षा सेंटर से और उसकी माँ को NHAI के गेस्ट हाउस से गिरफ्तार किया था। इस गेस्ट हाउस में वो किसी मंत्री जी के कनेक्शन से रुका था। उस समय गेस्ट हाउस के रजिस्टर पर एंट्री दर्ज की गई थी। इस गेस्ट हाउस की बुकिंग में अनुराग के फूफा सिकंदर प्रसाद यादवेंदु का नाम आ रहा है, वो तेजस्वी यादव के पीएस प्रीतम का नजदीकी रिश्तेदार है। इस नीट-पेपर लीक कांड का मुख्य सरगना भी सिकंदर यादवेंदु ही बताया जा रहा है।

NHAI गेस्ट हाउस में अनुराग यादव की एँट्री दर्ज (फोटो साभार : TV9Bharatvarsh)

गौरतलब है कि 4 जून को नीट परीक्षा का रिजल्ट आया तो पहली बार 67 स्टूडेंट्स टॉपर बने और उन्हें 720 में से 720 अंक मिले। टॉपर्स की लिस्ट देखने के बाद नीट परीक्षा में धाँधली का मुद्दा उठाया गया। 13 जून को एनटीए ने फैसला लिया कि ग्रेस मार्क्स वाले छात्रों की परीक्षा दोबारा आयोजित कराई जाएगी, लेकिन अभी भी छात्रों का गुस्सा थमा नहीं है। ये मामला सुप्रीम कोर्ट में भी है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 8 जुलाई को अगली सुनवाई करेगा। अभी तक इस मामले में पटना में 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिसमें 4 छात्र शामिल हैं। इस पेपर लीक के लिए छात्रों से 30-40 लाख रुपए तक वसूले गए थे।

बिहार में सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में नहीं मिलेगा 65% आरक्षण, पटना हाई कोर्ट ने लगाई रोक: कहा- इन मामलों पर संवैधानिक बेंच करेगी फैसला

पटना हाईकोर्ट ने बिहार में एससी-एसटी और ईबीसी वर्ग को दिए जाने वाले 65% आरक्षण को समाप्त कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि बिहार सरकार ने जो पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण 50% से बढ़ाकर 65% किया था, उसे समाप्त किया जाता है।

समाचार पोर्टलों के अनुसार, कोर्ट ने बिहार में ‘पदों और सेवाओं में रिक्तियों में आरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2023‘ और बिहार (शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश में) आरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2023 को संविधान के विरुद्ध और संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 के तहत समानता के खंड का उल्लंघन मानते हुए रद्द कर दिया।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले पर फैसला मुख्य न्यायाधीश के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति हरीश कुमार की खंडपीठ ने दिया। उन्होंने गौरव कुमार व अन्य द्वारा इस संबंध में डाली गई याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्णय को 11 मार्च 2024 को सुरक्षित रख लिया था, जिस पर अब फैसला सुनाया गया है।

बता दें कि इस संबंध में डाली गई याचिकाओं में राज्य सरकार के 9 नवंबर 2023 को पारित कानून को चुनौती दी गई थी। इसमें एससी, एसटी, ईबीसी व अन्य पिछड़े वर्गों को 65 फीसदी आरक्षण दिया था व सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए मात्र 35 फीसद ही पदों पर सरकारी सेवा देने की बात थी।

अब हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अगर आरक्षण की सीमा बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी तो ये संवैधानिक बेंच ही तय करेंगी। कोर्ट ने कहा कि आरक्षण की जो सीमा पहले से ही निर्धारित है, उसे बढ़ाया नहीं जा सकता है। ये मामला संवैधानिक है। सुनवाई के बाद ही कोई भी निर्णय होगा।

वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिवक्ता गौरव ने बताया कि इस याचिका को सुनने के बाद पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने माना कि ये निर्णय नियमावली के खिलाफ है। अब बिहार सरकार इस मामले को सुप्रीम कोर्ट लेकर जा सकती है, जहाँ इस मामले में आगे सुनवाई होगी।

क्या NEET पेपर लीक के पीछे हैं तेजस्वी यादव, जिस सरकारी गेस्ट हाउस में पेपर लेकर आया था सिकंदर यदुवंशी उनसे क्या है RJD नेता का कनेक्शन: जानिए सब कुछ

नीट-यूजी पेपर लीक कांड का मास्टर माइंड बिहार सरकार में जेई के तौर पर काम करने वाला सिकंदर कुमार यदुवंशी को बताया जा रहा है। वो पहले भी पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामले में जेल जा चुका है। ईओयू की जाँच में ये बात सामने आयी है कि बिहार में कुछ महीने पहले हुए शिक्षक परीक्षा प्रश्नपत्र घोटाले और नीट पेपर लीक मामले को एक ही गिरोह ने अंजाम दिया है, जिसका सरगना सिकंदर कुमार यदुवंशी है। बिहार के उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दावा किया है कि उसका पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से करीबी संबंध है।

जानकारी के मुताबिक, सिकंदर यादवेंदु ने 4 मई को एनएचएआई के गेस्ट हाउस में अपने साले की पत्नी रीना कुमारी और उसके बेटे अनुराग को ठहराया था। पुलिस ने 5 मई को रीना को एनएचएआई के गेस्ट हाउस से ही गिरफ्तार किया था। गेस्ट हाउस के एंट्री रजिस्टर में छात्र अनुराग यादव के नाम के आगे ब्रैकेट में ‘मंत्री जी’ लिखा हुआ है। यही नहीं, एनएचएआई गेस्ट हाउस से ईओयू को एक ओएमआर शीट भी मिली थी। ऐसे में सिकंदर यादव कौन है, और कैसे इसने NHAI में कमरे की बुकिंग कराई, ये बड़ा सवाल बना हुआ है।

बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला सिकंदर यदुवंशी घोटाले के मामले में जेल भी जा चुका है। वो पहले राँची में ठेकेदारी का काम करता था, लेकिन साल 2012 में उसने बिहार एसएसपी की परीक्षा पास कर लिया और बतौर जूनियर इंजीनियर सरकारी नौकरी में आ गया। उसका बेटा और बेटी दोनों ही MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं तो दामाद MBBS करने के बाद पीजी की पढ़ाई कर रहा है। सिकंदर तीन करोड़ के एलईडी घोटाले में भी गिरफ्तार हो चुका है।

तेजस्वी यादव से जुड़ा है मामला, आरजेडी मानसिकता के लोगों का काम: उप-मुख्यमंत्री

बता दें कि नीट-यूजी पेपर लीक मामले में जेल में बंद जेई सिकंदर कुमार यदुवंशी के साले के बेटे अनुराग यादव और उसकी माँ रीना कुमारी को ठहराया गया था। सिकंदर कुमार यदुवंशी तेजस्वी यादव के पीएस प्रीतम का करीबी है। अनुराग और रीना कुमारी को NHAI के गेस्ट हाउस से ही गिरफ्तार किया गया था। अनुराग को 5 जून 2024 की परीक्षा से एक दिन पहले ही 4 जून को प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए गए थे और उसकी तैयारी गेस्ट हाउस में ही कराई गई थी।

एनएचएआई गेस्ट हाउस मामले में बिहार के डिप्टी सीएम और पथ निर्माण विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दावा किया कि पूरा मामला तेजस्वी यादव से जुड़ा हुआ है। विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि पेपर लीक घोटाले का किंगपिन सिकंदर कुमार यदुवंशी तेजस्वी यादव के पीएस प्रीतम कुमार का निकट संबंधी है। उसी ने गेस्ट हाउस बुक कराया था। सारा खेल तेजस्वी यादव के घर से ही खेला जा रहा था।

एक चैनल से बात करते हुए उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, “NHAI गेस्ट हाउस में जो लोग पकड़े गए हैं, कोई यदुवंशी है, उसका संबंध प्रीतम है, जो तेजस्वी यादव से जुड़ा है। जो दोषी होंगे, कार्रवाई होगी। जिनका नाम आ रहा है, (तेजस्वी यादव के पीएस का), उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। जिन लोगों के इशारे पर ऐसी बुकिंग हो रही थी, हम उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। हमने पहले भी कहा है आरजेडी की मानसिकता अपराधियों को संरक्षण देने का है। माफियाओं को आरजेडी का संरक्षण प्राप्त है। जाँच से ये स्पष्ट हो जाएगा।”

बता दें कि पटना स्थित NHAI के गेस्ट हाउस में रीना और अनुराग रुके थे। अनुराग के साथ ही कई अन्य अभ्यर्थियों को भी इसी गेस्ट हाउस में परीक्षा की तैयारी कराई गई थी। नीट-यूजी मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है। इस मामले में 14 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिसमें कई अभ्यर्थी भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सिकंदर यादुवंशी शिक्षक परीक्षा के दौरान हुए घोटाले में भी सामने आया था। उसने बिहार शिक्षक पेपर लीक वाला ही तरीका नीट-यूजी में अपनाया था और वो ही दोनों घोटालों का मास्टरमाइंड है।

इस मामले में बिहार पुलिस ने सबसे पहले सिकंदर यदुवंशी को ही पकड़ा था। उसके साथ अखिलेश और बिट्टू नाम के युवक भी शास्त्रीनगर के बेली रोड पर राजवंशी नगर मोड़ पर पकड़े गए थे। उसके पास से नीट-यूजी के कई एडमिट कार्ड भी मिले थे। यदुवंशी से मिले इनपुट के बाद आयुष, अमित और नितीश को गिरफ्तार किया गया, तो नालंदा के संजीव सिंह को भी पुलिस ने पकड़ा।

GF के लिए फैन को उतारा मौत के घाट, फिर बीवी के घर गया: कन्नड़ अभिनेता दर्शन की पत्नी से पुलिस ने की 5 घंटे पूछताछ, घर से अहम सबूत जुटाए

कर्नाटक में हुए फैन मर्डर केस में आरोपित दर्शन की पत्नी के फ्लैट की छानबीन के बाद कुछ नए खुलासे हुए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार विजयलक्ष्मी से पूछताछ में पता चला है कि 8 जून को दर्शन की हत्या करने के बाद दर्शन 9 जून को अपनी पत्नी के घर गया था। वहाँ उसने अपनी पत्नी के साथ पूजा की थी, इसके बाद वो 11 जून को मैसूर के लिए रवाना हो गया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, दर्शन की पत्नी विजयलक्ष्मी को इस मामले की पूछताछ के लिए अन्नापूर्णेशवरी नगर थाने में बुधवार (19 जून 2024 को) बुलाया गया था। यहाँ उनसे इस संबंध में करीबन 5 घंटे तक बात हुई। पुलिस ने पूछा कि अगर विजयलक्ष्मी को रेणुकास्वामी के मर्डर केस के बारे में कुछ भी पता है तो वो उन्हें बताएँ। इसके अलावा दर्शन ने अगर उन्हें इस संबंध में बताया है तो वो भी वो उनसे साझा करें। विजयलक्ष्मी से सवाल किए गए कि आखिर घटना को अंजाम देने के बाद दर्शन उनके फ्लैट पर क्यों आए थे।

पुलिस ने विजयलक्ष्मी के घर से दर्शन के चप्पल भी बरामद किए। ये चप्पल वहीं है जो दर्शन ने घटना वाले दिन पहने हुए थे। इन्हें इस पूरे केस में अहम सबूत माना जा रहा है। पुलिस ने विजयलक्ष्मी से यह जानकारी भी ली कि कहीं दर्शन की चप्पलों का इस्तेमाल किसी और ने तो नहीं किया था, या फिर इसे धोया-पोंछा तो नहीं गया था।

बताया जा रहा है कि दर्शन की पत्नी विजयलक्ष्मी ने पुलिस द्वारा पूछे गए हर सवाल का जवाब दिया। माना जा रहा है कि केस में विजयलक्ष्मी को एक विटनेस के तौर पर पेश किया जा सकता है कि सबूत बरामदगी के दौरान छेड़छाड़ नहीं हुई।

गौरतलब है कि कर्नाटक में हुए रेणुका स्वामी मर्डर केस में अब तक 17 से ज्यादा गिरफ्तारियाँ हो गई हैं। मामले में कन्नड़ अभिनेता दर्शन के आरोपितों से सीधे संबंध मिलने के बाद उन्हें मैसूर से अरेस्ट किया गया था। वहीं उनकी गर्लफ्रेंड जिसके चलते ये पूरा हत्याकांड हुआ उसे भी पकड़ा जा चुका है। 33 साल के रेणुकास्वामी को मारने के लिए इन्होंने हर बर्बर तरीका आजमाया था। उसे इलेक्ट्रिक शॉक तक दिया गया था, उसके प्राइवेट पार्ट पर भी हमला किया गया था और बाद में उसे मारकर नाले के किनारे फेंक दिया गया था।

UGC-NET जून 2024 परीक्षा रद्द, 18 जून को 11.21 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा: साइबर क्राइम सेल से मिला सेंधमारी का इनपुट, CBI करेगी जाँच

शिक्षा मंत्रालय ने यूजीसी-नेट जून 2024 की परीक्षा रद्द कर दी है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 18 जून 2024 को देश के विभिन्न शहरों में दो शिफ्ट में ओएमआर (पेन और पेपर) माध्यम से यूजीसी-नेट जून 2024 की परीक्षा आयोजित की थी, जिसमें सेंधमारी की आशंकाएँ सामने आई। इसी के बाद शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा रद्द करते हुए सीबीआई जाँच की सिफारिश कर दी है।

भारत सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, 19 जून, 2024 को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई से इस परीक्षा को लेकर कुछ जानकारियाँ मिलीं। इन जानकारियों से प्रथम दृष्टया संकेत मिलता है कि उक्त परीक्षा की सत्यता से संभवतः समझौता हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस परीक्षा प्रक्रिया की उच्चतम स्तर की पारदर्शिता और पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि यूजीसी-नेट जून 2024 परीक्षा रद्द की जाए। एक नई परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसके लिए जानकारी अलग से साझा की जाएगी। साथ ही इस मामले की गहन जांच के लिए मामले को केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सी.बी.आई.) को सौंपा जा रहा है।

शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि परीक्षा का आयोजन नए सिरे से किया जाएगा, जिसकी जानकारी अलग से साझा की जाएगी। सरकार परीक्षाओं की शुचिता सुनिश्चित करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

बता दें कि यूजीसी नेट परीक्षा जून 2024 देश भर के 317 शहरों में 1205 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें 11,21,225 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था। 18 जून को आयोजित नेट की परीक्षा की पहली शिफ्ट सुबह 9.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक थी। एनटीए ने एक ही दिन में सभी 83 विषयों के लिए परीक्षा आयोजित की थी।

मंच से उड़ा रहे थे भगवान राम और माता सीता का मजाक, नीचे से बज रही थी सीटी: एक्शन में IIT बॉम्बे, छात्रों पर जुर्माना-कई हॉस्टल से निलंबित

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी/ ITT) बॉम्बे के छात्रों द्वारा इस साल मार्च में ‘राहोवन’ नाम का नाटक आयोजित करके भगवान राम और माता सीता का मजाक उड़ाया गया था। अब इसी मामले में एक्शन लेते हुए आईआईटी बॉम्बे ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। कॉलेज प्रशासन ने नाटक में शामिल एक छात्र पर 1.2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

जानकारी के मुताबिक, छात्र को ‘जुर्माने’ का नोटिस 4 जून को जारी किया गया था। इससे पहले नाटक के बारे में जो शिकायतें प्रशासन को मिली थी उसे लेकर उन्होंने 8 मई को अनुशासन समिति की बैठक बुलाई थी। इस दौरान बैठक में छात्रों ने भी भाग लिया था और बातचीत के बाद सजा तय हुई थी।

भगवान का मजाक उड़ाने वाले छात्र को जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि उसे 1.20 लाख रुपए का जुर्माना 20 जुलाई, 2024 को छात्र मामलों के डीन के कार्यालय में जमा किया जाना है।

इसके अलावा ये भी कहा गया कि अगर सजा का उल्लंघन किया तो आगे और भी सख्त प्रतिबंध लगाए जाएँगे। ये नोटिस फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल है। विवादित कार्यक्रम को देखने के बाद जिन लोगों ने आवाज उठाई थी कि छात्रों पर एक्शन लिया जाए, वही इस जानकारी को साझा कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि इस मामले में 8 छात्रों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है। इममें संस्थान ने स्नातक कर रहे चार छात्रों पर 1.20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। वहीं चार अन्य स्नातक छात्रों को 40,000 रुपए का जुर्माना भरने और छात्रावास खाली करने का आदेश दिया गया है। हालाँकि सामने आए नोटिस में सिर्फ एक छात्र का नाम है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में स्थित IIT बॉम्बे में 31 मार्च को कल्चरल फेस्ट का आयोजन किया गया था। इसी दौरान ये रामायण पर आधारित नाटक ‘राहोवन’ दिखाकर भगवान राम की आलोचना की गई थी। इसके अलावा ‘राहोवन’ नाम के इस नाटक में नारीवादी मुद्दों के नाम पर भगवान राम के किरदार से ही छेड़छाड़ की गई थी और पात्रों के नामों में हल्का बदलाव किया गया था। मंच पर लोग भगवान का मजाक बना रहे थे और नीचे सीटी मारी जा रही थी।

वीडियो में क्या है राम-सीता का संवाद

इसमें सीता कहती है, “स्वामी, ऐसी अवस्था में ये अकेली सुहागन अपना हृदय संवाद किसके साथ करे?” इस पर सामने से राम के पात्र में दिखाया लड़का कहता है, “खोल”। ‘क्या’ का वो जवाब देता है – ‘संकोच’। एक अन्य दृश्य में राम से कहलवाया गया है, “तू किसी दूसरे कबीले में जा किसी दूसरे मर्द के यहाँ रह आई, इसीलिए ये कबीला तेरा स्वीकार वापस नहीं करेगा।”

इस पर सीता कहती है, “दूसरा मर्द, अरे बंदी थी मैं वहाँ?” इस पर राम आरोप लगाते हैं कि सीता ने कबीले की सीमा लाँघी, रेखा का उल्लंघन किया। राम से कहलवाया गया है, “तू कुछ नहीं कहेगी, सिर्फ मेरी सुनेगी।” फिर सीता कहती हैं, “मर्द होने निकला था तू, इंसान बनना भूल गया।” इस पर राम कहते हैं, “अब एक औरत समझाएगी मुझे कि मर्द बनना क्या होता है?” एक दृश्य में सीता कहती है, “एक अलग दुनिया है वहाँ। और अच्छा हुआ, अघोरा (रावण) मुझे वहाँ लेकर गया।”

सीता आगे कहती हैं, “वहाँ की औरतों को अच्छी प्रतिष्ठा मिलती है। उसने मुझसे खुद बोला कि मेरी अनुमति के बिना मुझे छुएगा भी नहीं। उसमें मुझे ऐसा मर्द दिखा जो मुझे इस कबीले में नहीं दिखा। तुमलोग जश्न मना रहे थे न कि दानव को मार दिया। असली दानव तो आपने आज तक मरा ही नहीं है।”