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‘जब शेर दहाड़ेगा तब मोदी छुल-छुल कर…’: PM पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले सपा नेता हाजी रजा को खोज रही पुलिस, जमीन कब्जाने से लेकर गैंगस्टर एक्ट तक में दर्ज है मुकदमा

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में समाजवादी पार्टी के नेता और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर भूमाफिया हाजी रजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की है। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेताओं में आक्रोश है। भाजपा की ओर से तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने रजा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

यह वायरल वीडियो जिले के सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। यहाँ पर लोकसभा चुनाव जीतने के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश उत्तम पटेल का स्वागत कार्यक्रम रखा गया था। उसमें नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष के प्रतिनिधि एवं सपा नेता हाजी रजा भी मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने मंच से बोलते हुए यह आपत्तिजनक बयान दिया।

हाजी रजा ने कहा, “हम आपको इस मंच के माध्यम से बताना चाहते हैं और सांसद जी तरफ से भी आश्वस्त करना चाहते हैं कि अब ये फतेहपुर जनपद में नहीं, पूरे उत्तर प्रदेश में नहीं चलने वाले। जिस समय हमारा सांसद लोकसभा में शेर की तरह दहाड़ेगा ना मोदी छुल-छुल करके मूतेगा। बोलने वाला चाहिए। अपनी बात रखने वाला चाहिए।”

हाजी रजा का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद पुलिस ने इस वायरल वीडियो का संज्ञान लिया। फतेहपुर पुलिस ने अपने सोशल मीडिया एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “प्रकरण में थानाध्यक्ष सुल्तानपुर घोष को जांचकर आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।”

हाजी रजा सपा नेता के साथ-साथ भूमाफिया एवं हिस्ट्रीशीटर भी है। उस पर जमीनों पर अवैध कब्जे के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। सदर कोतवाली से रजा पर गैंगस्टर, हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं के 23 मुकदमे दर्ज हैं। करीब 17 मुकदमों में उसे क्लीन चिट मिल चुकी है। लगभग 6 माह पहले नगरपालिका चुनाव के दौरान उसे जिला बदर किया गया था। वह फरवरी 2024 में वापस आया है।

थाना प्रभारी राजेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि युवा मोर्चा भाजपा मंडल संयोजक आलोक सिंह ने तहरीर दी। उसमें सपा नेता हाजी रजा द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित बयान देने की बात कही है। बयान वाले वीडियो के आधार पर 153A, 505/2, 294, 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सपा नेता को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्यवाही जल्द होगी।

एफआईआर दर्ज होते ही एएसपी विजय शंकर मिश्रा, सीओ सिटी वीर सिंह, सर्किल का फोर्स, एक कंपनी पीएसी के साथ हाजी रजा के आवास पनी व चौधराना मोहल्ल में दबिश दी गई। एएसपी ने बताया कि हाजी रजा की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है। उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पास में थी सिर्फ 11 बोतल इसलिए छोड़ दिया… तमिलनाडु में जिसने घर-घर बाँटा ‘जहर’, उसे गिरफ्तारी के तुरंत बाद छोड़ा गया था: रिपोर्ट, जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 47 हुई

तमिलजनाडु के कल्लाकुरुची जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का आँकड़ा बढ़ता जा रहा है। ताजा अपडेट के अनुसार, अब तक मृतकों की संख्या 30 से बढ़कर 47 हो गई है। अभी भी बाकी 30 की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इनके नाम गोविंदराज, दामोदरम और विजया है। इन्हें 5 जुलाई तक हिरासत में रखा जाएगा।

बता दें कि तमिलनाडु से आए जहरीली शराब मामले में एक अन्य जानकारी भी सामने आई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार इस केस का मुख्य आरोपित गोविंदराज उर्फ ​​कन्नुकुट्टी को घटना से कुछ दिन पहले भी शराब की बोतलों की अवैध बिक्री के लिए गिरफ्तार किया गया था, लेकिन रिपोर्ट दावा करती है कि वहाँ उसे तुरंत छोड़ दिया गया क्योंकि उसके पास से केवल 180 मिलीलीटर की 11 शराब की बोतलें थीं।

ये भी कहा जा रहा है कि गोविंदराज की गिरफ्तारी कोई नई बात नहीं है। उसका अवैध रूप से शराब बेचने का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। उसे पहले भी गुंडा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था। हालाँकि, यह पहली बार है जब उसे अपने ग्राहकों की मौत का कारण गिरफ्तार किया गया हो। इस बार उसे, उसकी पत्नी विजय समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

जाँच कर रही टीम को इस मामले में दो और संदिग्धों पर शक है। पुलिस ने कहा कि केवल वरिष्ठ नागरिकों, शारीरिक रूप से विकलांग और महिलाओं को ही खुदरा शराब बेचने के लिए मजबूर किया जाता था ताकि पुलिस उनके खिलाफ सख्त एक्शन ले न सकें। इस मामले में जो व्यक्ति गिरफ्तार हुआ है उनमें एक शारीरिक रूप से दिव्यांग भी है, वहीं गोविंदराज की बाईपास सर्जरी हो चुकी है।

उल्लेखनीय है कि इस मामले की जाँच को राज्य सरकार ने सीबी-सीआईडी को सौंप दिया है। साथ ही कल्लाकुरिची DM श्रवण कुमार जाटवथ का ट्रांसफर किया है, जबकि SP समय सिंह मीना को सस्पेंड किया है। इसके अलावा कल्लकुरिची जिले की निषेध शाखा के पुलिसकर्मियों समेत 9 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है।

पाली, सूरत, वडोदरा… हर जगह एक जैसा तनाव: कहीं सड़क पर फेंके मवेशी के सिर, कहीं झील में मिले मांस के टुकड़े

राजस्थान के पाली शहर में 4 मवेशियों के सिर मिलने से तनाव फैल गया। इन सिरों पर चमड़ी नहीं थी, ऐसे में स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ये सिर गौवंश के हैं। स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की माँग करते हुए जयपुर-जोधपुर हाईवे को भी ब्लॉक कर दिया। इस बीच राजस्थान पुलिस ने जमकर लाठियाँ भाँजी और करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद हाईवे को खुलवाया। वहीं, दूसरी तरफ गुजरात के सूरत में मांस के बड़े टुकड़े मिलने से तनाव फैल गया, तो वडोदरा की मशहूर सूर सागर झील में भी मांस का बड़ा टुकड़ा मिलने से सनसनी फैल गई। इस सूर सागर झील में भगवान शिव की प्रतिमा भी स्थापित है, जिसके बाद लोगों ने कार्रवाई की माँग की है।

पाली में जमकर बवाल, जाँच जारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजस्थान के पाली शहर के बजरंग बाड़ी इलाके में बांडी नदी के पास गुरुवार (20 जून 2024) रात को मवेशियों के शवों के कटे अवशेष पड़े होने की सूचना पर मस्तान बाबा क्षेत्र में हंगामा हो गया। गौभक्तों के साथ हिन्दूवादी संगठनों ने मवेशी के अवशेष को देखकर हंगामा किया। भीड़ मस्तान बाबा चौराहे पर जमा हो गई और टायर जला कर विरोध जताया। चौराहे पर लोग धरना देकर बैठ गए। इस दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया, जिसमें चार लोग घायल हो गए।

एएसपी विपिन कुमार शर्मा ने बताया कि बांडी नदी के पास चार से ज्यादा सिर मिले हैं, जिन पर चमड़ी नहीं थी। अब जाँच के बाद ही यह पता चलेगा कि ये सिर किस जानवर के हैं। हिंदू संगठनों का कहना है कि ये गोवंशों के अवशेष हैं। मवेशियों के कटे सिर मिलने की सूचना के बाद लोग बजरंग बाड़ी इलाके में एकत्र हो गए। इस बीच, रात 11 बजे मवेशियों के अवशेष का पोस्टमार्टम करने वाली टीम को लेकर लौट रहे पशुपालन विभाग के ड्राइवर देवीलाल स्कार्पियो को अचानक भीड़ के पास ले आया, जिससे लोग और ज्यादा आक्रोशित हो गए। भीड़ ने स्कार्पियो को घेर लिया और ड्राइवर से मारपीट कर दी।

सूरत के पाल में मिला पशु का सिर

इस बीच, सूरत में जैन देरासर के पास एक जानवर का कटा हुआ सिर मिलने से हड़कंप मच गया। यह मामला सूरत के पाल इलाके में मणिभद्रा रेजीडेंसी के पास का है। आसपास डेरासर हैं और यहाँ जैनियों की अच्छी आबादी रहती है। यहाँ बुधवार (19 जून) सुबह सरेआम एक जानवर का कटा हुआ सिर मिला। तभी जैन समुदाय के महाराजा, नेता और स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस को भी सूचना दी गई।

मौके पर पहुँचे जैन मुनि ने कहा, ”पाल में हिंदू-जैन बड़ी संख्या में रहते हैं, इस तरह से गाय का गला काटने का प्रयास करना एक बुरा कृत्य है। एक वर्ग को उकसाने के लिए यह कृत्य किया गया है। इसके अलावा अन्य संत और जैन समुदाय के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुँचे और पुलिस से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले अपराधियों का पता लगाने और उन्हें कड़ी सजा देने की अपील की। पुलिस ने बताया है कि इस मामले में एफएसएल अधिकारी को बुलाकर अवशेष सौंप दिया गया है। जाँच के बाद पता चलेगा कि अवशेष किस पशु का है।

वडोदरा के सूर सागर में मिला जानवर का टुकड़ा

वडोदरा की प्रसिद्ध सूरसागर झील में बुधवार (19 जून) को जानवर के मांस का एक टुकड़ा मिला, जिसके गाय का होने का संदेह है। सूचना मिलते ही हिंदू संगठन मौके पर पहुंचे और फिर पुलिस को भी सूचना दी गई।

वडोदरा बजरंग दल के एक कार्यकर्ता ने कहा कि जानवर के मांस का टुकड़ा गोमांस जैसा लग रहा है। यह वडोदरा शहर की शांति भंग करने का प्रयास है। हम माँग करते हैं कि जिसने भी यह कृत्य किया है उसका पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया जाए और कड़ी कार्रवाई की जाए।।

बता दें कि सूरसागर झील के मध्य में भगवान शिव की एक विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है। वहीं पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए सैंपल एफएसएल को भेज दिए हैं। एफएसएल जाँच के बाद पता चलेगा कि टुकड़ा गोमांस का है या नहीं। फिलहाल आगे की जाँच चल रही है।

अभी तिहाड़ जेल से बाहर नहीं आ पाएँगे दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल, हाई कोर्ट ने बेल पर लगाई रोक: ED ने बताया- अब तक मोबाइल का पासवर्ड नहीं दिया

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत पर दिल्ली हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। इससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट ने उनकी बेल को मंजूरी दी थी, जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय इस फैसले को चुनौती देने हाई कोर्ट पहुँचा और वहाँ बेल पर रोक लगी।

मामले की सुनवाई जस्टिस सुधीर जैन और जस्टिस रविंदर डुडेजा की बेंच ने की। इस दौरान ई़डी की ओर से एएसजी राजू पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन्हें मामले में दलीलें रखने का मौका नहीं मिला। वहीं केजरीवाल के वकील कहते रहे कि फैसले को शालीनता से मान लेना चाहिए।

दोनों पक्षों के सुनने के बाद हाई कोर्ट ने कहा की याचिका पर सुनवाई होने तक ट्रायल कोर्ट के आदेश को प्रभावी नहीं माना जाएगा। यानी हाई कोर्ट का जब तक फैसला नहीं आ जाता तब तक केजरीवाल जेल में ही रहेंगे।

केजरीवाल ने अभी तक नहीं दिया मोबाइल का पासवर्ड

बता दें कि इस मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने कल (20 जून 2024) केजरीवाल को बेल दी थी। तब, ईडी की ओर से पेश वकील ने कहा था कि ईडी ने अपनी जाँच हवा में नहीं की है। केजरीवाल के खिलाफ ईडी को पुख्ता सबूत मिले हैं।

इसके अलावा बेल रिजेक्ट करने का मजबूत आधार यह है कि केजरीवाल ने अभी तक अपने मोबाइल का पासवर्ड नहीं दिया है। उन्हें केस में बेल नहीं मिलनी चाहिए। वहीं केजरीवाल के वकील ने मामला को कल्पना पर आधारित बनाया था।

इन दलीलों के बाद कोर्ट ने केजरीवाल को बेल देने का फैसला दिया था लेकिन 2 शर्तों के साथ। पहली वह मामले की जाँच में बाधा डालने या गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे। दूसरा जरूरत पड़ने पर वह अदालत में पेश होंगे और जाँच में हर तरह से सहयोग करेंगे। कोर्ट का फैसला सुन पार्टी सदस्यों ने सड़कों पर पटाखे फोड़कर जश्न भी मनाया था।

कब हुए थे केजरीवाल गिरफ्तार

उल्लेखनीय है कि दिल्ली शराब घोटाला के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 21 मार्च को अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया था। 1 अप्रैल को उन्हें तिहाड़ में डाला गया था। फिर 10 मई को उन्हें चुनावों के लिए 21 दिन जमानत मिली थी और 2 जून को फिर से तिहाड़ पहुँच गए थे। 19 जून को उनकी न्यायिक हिरासत को 3 जुलाई तक बढ़ा दिया गया था।

साल भर में 70% कम हुआ स्विस बैंकों में रखा धन, 2019 से भारत के साथ जानकारी साझा कर रहा है स्विट्जरलैंड: जानिए क्यों कम हुआ भारतीयों का पैसा

स्विस बैंकों में जमा भारतीयों और भारत की कंपनियों का पैसा साल 2023 के मुकाबले काफी घट गया है। बीते एक साल में इसमें 70 फीसदी की गिरावट आई है, जिसके बाद जमा रकम चार साल के निचले स्तर 1.04 अरब स्विस फ्रैंक (9,771 करोड़ रुपए) पर आ गई। स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक ने गुरुवार को यह डेटा जारी किया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्विस बैंकों में भारतीय ग्राहकों की कुल जमा में लगातार दूसरे वर्ष गिरावट दर्ज की गई है। 2021 में 14 साल के उच्चतम 3.83 अरब स्विस फ्रैंक (359 अरब रुपए) को छूने के बाद, यह गिरावट मुख्य रूप से बॉन्ड, प्रतिभूतियों और विभिन्न अन्य फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट के माध्यम से रखी गए फंड में तेज गिरावट के कारण आई। इसके अलावा, भारत में ग्राहक जमा खातों और अन्य बैंक शाखाओं के माध्यम से रखी गई धनराशि में भी काफी गिरावट आई है।

ये बैंकों द्वारा स्विस नेशनल बैंक (SNB) को बताए गए ऑफिशियल आँकड़े हैं और स्विट्जरलैंड में भारतीयों द्वारा रखे गए बहुचर्चित कथित काले धन की मात्रा का संकेत नहीं देते हैं। इन आँकड़ों में वह पैसा भी शामिल नहीं है जो भारतीयों, NRI या अन्य लोगों के पास तीसरे देश की संस्थाओं के नाम पर स्विस बैंकों में रखा हो सकता है।

स्विस नेशनल बैंक द्वारा 2023 के आखिर में स्विस बैंकों की ‘कुल देनदारियों’ या उनके भारतीय ग्राहकों को ‘बकाया राशियों’ के रूप में 103.98 करोड़ स्विस फ्रैंक यानी (9,771 करोड़ रुपए) बताए गए हैं। इनमें ग्राहक जमा में 39.4 करोड़ स्विस फ्रैंक (36.95 अरब रुपए) से कम होकर 31 करोड़ स्विस फ्रैंक (29 अरब रुपए), अन्य बैंकों के माध्यम से रखे गए 111 करोड़ स्विस फ्रैंक (102 अरब रुपए) से कम होकर 42.7 करोड़ स्विस फ्रैंक (40.05 अरब रुपए), न्यासों या ट्रस्टों के माध्यम से 2.4 करोड़ स्विस फ्रैंक (2.26 अरब रुपए) से कम होकर एक करोड़ स्विस फ्रैंक (93.8 करोड़ रुपए) और बॉन्ड, प्रतिभूतियों और विभिन्न अन्य वित्तीय साधनों के रूप में ग्राहकों को देय अन्य राशियों के रूप में 189.6 करोड़ स्विस फ्रैंक (178 अरब रुपए) से कम होकर 30.2 करोड़ स्विस फ्रैंक यानी 22.31 अरब रुपए हो गए हैं।

स्विस नेशनल बैंक के आँकड़ों के अनुसार, साल 2006 में कुल राशि लगभग 6.5 अरब स्विस फ्रैंक (609 अरब रुपए) के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर थी। इसके बाद 2011, 2013, 2017, 2020 और 2021 सहित कुछ वर्षों को छोड़कर यह ज्यादातर नीचे की ओर ही रही है।

स्विस बैंक में जमा रुपयों के मामले में सबसे ऊपर यूनाइटेड किंगडम (UK) के नागरिकों का नाम है। इसके बाद अमेरिका और फ्रांस का नंबर आता है। टॉप 10 देशों में इन तीनों देशों के बाद वेस्ट इंडीज, जर्मनी, हॉन्ग कॉन्ग, सिंगापुर, लक्जमबर्ग और ग्वेर्नसी का नाम आता है। भारत साल 2022 की लिस्ट में 46वें नंबर पर था, लेकिन ताजी लिस्ट में वो 67वें रैंक पर आ चुका है, यानी कि दूसरे देशों के मुकाबले भारतीयों ने कहीं अधिक धन की निकासी की है। इस बीच, बांग्लादेश और पाकिस्तान के नागरिकों के भी धन में कमी आई है।

मोदी सरकार के आने के बाद से मिलने लगी सूचना

बता दें कि स्विट्जरलैंड और भारत के बीच कर मामलों में सूचनाओं का आदान-प्रदान 2018 से लागू है। इस ढाँचे के तहत साल 2018 से स्विस वित्तीय संस्थानों में खाते रखने वाले सभी भारतीय नागरिकों की विस्तृत वित्तीय जानकारी पहली बार सितंबर 2019 में भारतीय कर अधिकारियों को प्रदान की गई थी और इसका पालन हर साल किया जा रहा है। इसी क्रम में इस साल के आँकड़े जारी किए गए हैं।

गौरतलब है कि स्विट्जरलैंड में पहले बैंक की स्थापना वर्ष 1713 में की गई थी। वर्तमान में स्विट्जरलैंड में करीब 400 से अधिक बैंक कार्य कर रहे हैं। इन बैंकों को स्विस फेडरल बैंकिंग एक्ट के गोपनीयता कानून के सेक्शन-47 के तहत बैंक अकाउंट खोलने का अधिकार है। हम जिसे स्विस बैंक कहकर बुलाते हैं, दरअसल वो यूबीएस है, जो 1998 में यूनियन बैंक ऑफ स्विट्जरलैंड और स्विस बैंक कॉरपोरेशन के मर्जर के बाद अस्तित्व में आया था। स्विस बैंक की गिनती दुनिया के टॉप-3 बैंकों में की जाती है।

सियालकोट से स्वात घूमने गया युवक, इस्लामी भीड़ ने पहले पीटा फिर आग में झोंका: पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में एक और हत्या, थाने को भी फूँका

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में ईशनिंदा का आरोप लगाकर इस्लामी कट्टरपंथियों की हिंसक भीड़ ने एक शख्स की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि उस पर कुरान के पन्ने जलाने का आरोप था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर थाने में बैठाया हुआ था, लेकिन कट्टरपंथियों को लगा कि कानूनी सजा उसके लिए कम है इसलिए भीड़ पहले थाने पहुँची, वहाँ उन्होंने हंगामा किया। इसके बाद आगजनी हुई फिर युवक को थाने से निकालकर भीड़ ने मारा, और आखिर में उसे उसी आग में झुलसने को झोंक दिया।

पुलिस ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि गुरुवार (20 जून) रात को खैबर पख्तूनख्वा के स्वात जिले के मद्यन इलाके में कुरान का अपमान करने वाले व्यक्ति की भीड़ ने हंगामे के बाद हत्या कर दी। घटना में 8 लोग घायल हो गए हैं।

स्वात के जिला पुलिस अधिकारी (DPO) जहीदुल्लाह ने बताया कि मरने वाला शख्स सियालकोट का रहने वाला है और शख्स पर आरोप था कि उसने पवित्र कुरान के कुछ पन्ने कथित तौर जलाए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने उसको हिरासत में लिया, लेकिन कुछ देर बाद भीड़ ने थाने को घेर लिया पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए हवाई फायर भी किए।

पुलिस के मुताबिक भीड़ इतनी बड़ी तादाद में थी कि उन्हें काबू करना नामुमकिन था। इस दौरान भीड़ ने पुलिस स्टेशन पर पत्थरबाजी करते हुए उसमे आग लगाई और शख्स को लाठी-डंडों से पीटते हुए बाहर ले गई। शख्स के मौत के बाद भीड़ उसकी बॉडी को भी आग लगा दी।

बता दें कि पाकिस्तान की इस पूरी घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवक का शव आग में जल रहा है और कट्टरपंथियों की भीड़ चारों ओर खड़े होकर खुशी से हल्ला कर रही है। आग में जूते फेंके जा रहे हैं। पीछे से सीटी मारने की आवाज आ रही है।

लोग इस प्रकार से इस्लामी कट्टरपंथियों की क्रूरता देख ज्यादा हैरान नहीं हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि ये पहला मामला नहीं है जब उन्होंने किसी को इतनी बर्बरता से मौत के घाट उतारा हो। मई के आखिर में ही पाकिस्तान के पूर्वी पंजाब इलाके में भीड़ ने एक ईसाई युवक को पीट पीटकर मार डाला था। फरवरी में भी भीड़ ने कुरान के अपमान के आरोप में एक मुस्लिम शख्स की हत्या कर दी थी।

टेलीग्राम पर ₹500 में मिल रहा था UGC-NET का पेपर, CBI कर रही जाँच: सॉल्वर गैंग का सरगना खुद पास नहीं कर पाया था NEET, कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले में बाप भी जा चुका है जेल

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा ( UGC-NET ) के प्रश्न पत्र डार्कनेट पर लीक हो गए थे। ये आसानी से टेलीग्राम जैसे ऐप पर उपलब्ध थे, वो भी महज 500 से 5000 रुपए में। जब राष्ट्रीय साइबर अपराध निरोधक एजेंसी ने इसकी सूचना यूजीसी और शिक्षा मंत्रालय को दी, तब शिक्षा मंत्रालय ने यूजीसी-नेट की परीक्षा रद्द घोषित कर दी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रश्न पत्र लीक होने को स्वीकार किया है और कहा है कि ये प्रक्रिया का हिस्सा है कि अगर प्रश्न पत्र लीक हो जाते हैं, तो उक्त परीक्षा को रद्द कर दिया जाता है। इस मामले की जाँच अब सीबीआई कर रही है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार (20 जून 2024) को खुलासा किया कि प्रश्नपत्र “डार्कनेट” में लीक हो गए थे। यूजीसी-नेट मंगलवार (18 जून 2024) को आयोजित की गई थी, औत इसके तुरंत बाद सोशल मीडिया पर इस पेपर के लीक होने की बात कही जाने लगी थी। हालाँकि ये परीक्षा रद्द कर दी गई। इस मामले में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि परीक्षा रद्द अचानक नहीं की गई, बल्कि “भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई से मिली जानकारी के आधार पर प्रथम दृष्टया पाया गया कि डार्कनेट में प्रश्नपत्र थे। टेलीग्रामपर भी प्रश्नपत्र प्रसारित किए जा रहे थे।” धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि लीक के नाम पर बिक रहे प्रश्न पत्रों का जब मूल प्रश्नपत्रों से मिलान किया गया, तो दोनों एक जैसे ही पाए गए, इसीलिए अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए परीक्षा रद्द करनी पड़ी।

क्या है डार्क नेट?

डार्क वेब इंटरनेट का एक एन्क्रिप्टेड हिस्सा है जो Google जैसे पारंपरिक सर्च इंजन के माध्यम से आम जनता को दिखाई नहीं देता है। डार्कनेट के रूप में भी जाना जाने वाला डार्क वेब इंटरनेट पर अवैध गतिविधि का एक बड़ा हिस्सा है। यूजीसी-नेट के लिए 11 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया था। इससे पहले दिन में शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल ने कहा कि जल्द ही एक नई परीक्षा आयोजित की जाएगी। हालाँकि, कोई समयसीमा घोषित नहीं की गई।

नीट-यूजी पेपर सॉल्वर गैंग के सरगना की नई कहानी

इस बीच, बिहार में लीक हुए नीट-यूजी परीक्षा ( NEET-UG Exam ) से जुड़ी नई जानकारी सामने आ रही है। बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) वैशाली के अतुल वत्स और अंशुल सिंह को तलाश रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब तक की जाँच में मिले सुरागों के आधार पर अतुल और अंशुल को ही बिहार में नीट पेपर लीक का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। इन दोनों ने ही खेमनीचक में प्रश्न-पत्र रटवाने वाले अमित आनंद और नीतीश कुमार को प्रश्न-पत्र की प्रति वाट्सएप पर भेजी थी। पहले भी इन दोनों का नाम पेपर लीक मामले में आ चुका है। साल 2020 में भी अतुल वत्स का नाम सामने आया था।

पेपर लीक कराने वाला और एग्जाम की तैयारी कराने वाले सॉल्वर गैंग का सरगना अतुल वत्स कभी खुद भी नीट की तैयारी कर रहा था, लेकिन वो फेल हो गया था। वहीं, उसकी गर्लफ्रेंड पास हो गई थी और वो एमबीबीसी की परीक्षा पास कर डॉक्टर बन गई। उसने अतुल पर रेप का आरोप भी लगाया था, जिसमें अतुल को जेल जाना पड़ा था। बाद में अतुल ने उससे शादी कर ली। अतुल मूल रूप से जहानाबाद के बंधुगंज गाँव का निवासी है और उसने पिता अरुण केसरी का भी दारगार इतिहास रहा है। अरुण केसरी कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले के समय डिप्टी डायरेक्टर था, जिसे सीबीआई ने गिरफ्तार किया था।

न्यूज 18 ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया है कि अतुल वत्स के साथी सौरभ सुमन की गर्लफ्रेंड BBA पास है। वो छात्राओं की काउंसिलिंग करके इस शातिरों से मिलाती थी। वहीं, अतुल की पत्नी एमबीबीएस है।

बता दें कि नीट-यूजी का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एनटीए ने ग्रेस मार्क के प्रावधान को खत्म कर 1500 से अधिक अभ्यर्थियों को फिर से एग्जान देने को कहा है। वहीं, कुछ छात्रों ने मामले की सीबीआई जाँच की माँग की भी याचिका दायर की है। इस बीच, पूरे देश में छात्र फिर से नीट-यूजी की परीक्षा आयोजित कराने की माँग कर रहे हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने काउंसिलिंग पर रोक नहीं लगाई है।

इस मामले में अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें अमित आनंद, सिकंदर कुनार यादवेंदु, अनुराग यादव (अभ्यर्थी) भी शामिल हैं। बिहार में गिरफ्तार 7 अपराधियों ने अबतक अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इस मामले में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की संलिप्लता भी सामने आई है।

जिसे मुस्लिम कहते हैं ‘कमाल मौलाना मस्जिद’ वहाँ खुदाई में मिली काले पत्थर पर बनी भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति, भोजशाला के ASI सर्वे में मिले हैं पाषाण चिह्न भी

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित एतिहासिक धरोहर भोजशाला में इंदौर हाईकोर्ट के आदेश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) पिछले तीन महीने से सर्वे कर रहा है। इस दौरान तकनीक से लेकर श्रमिकों की मेहनत से 25 फीट नीचे तक मिट्टी हटाकर प्राचीन अवशेषों और मूर्तियों को निकाला गया है। 20 जून 2024 यानी सर्वे के 91 दिन भी इस भोजशाला के सर्वे के दौरान काले पत्थर पर भगवान कृष्ण की डेढ़ फीट की मूर्ति मिली, साथ ही दो अन्य पुरावशेष भी मिले हैं। भोजशाला मुक्ति यज्ञ के पदाधिकारियों ने दावा किया है कि इन अवशेषों पर सनातन धर्म के प्रतीक हैं।

जानकारी के मुताबिक एएसआई ने भोजशाला के उत्तरी भाग में खोदाई की थी। इसी दौरान उन्हें भगवान श्रीकृष्ण की खड़े स्वरूप वाली प्रतिमा मिली। इसके अलावा एक पुरावशेष में सनातन धर्म को चिह्नित करने वाले प्रतीक चिह्न हैं जबकि दूसरे पुरावशेष में दाईं और बाईं तरफ यक्ष बन रखे हैं। इन्हें सारे प्रतीकों को एएसआई द्वारा चिह्नित कर लिया गया है। भोजशाला में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति से पहले ऐसे पाषाणों के अवशेष मिले हैं जिसमें सूर्य के आठों पहर के चिन्ह बने हुए थे। यह अवशेष 1×3.5 वर्ग फीट आकार का था

बता दें कि पिछले तीन महीनों से भोजशाला में एएसआई की टीम मेहनत कर रही है। यहाँ होली से लेकर मतदान वाले दिन भी सर्वे चला है। इस सर्वेक्षण के दौरान खोदाई में मूर्तियों का और शिलालेखों का मिलना लगातार जारी है। पूरे मामले पर 4 जुलाई को इंदौर हाईकोर्ट सुनवाई करेगा। उससे पहले एएसआई सर्वे में जुटाए सबूतों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करवाए तैयार है।

मालूम हो कि इस संबंध में हिंदू पक्ष ने याचिका डाली हुई है कि भोजशाला उनकी माँ वाग्देवी का मंदिर है। वहीं मुस्लिम पक्ष इसे अपना मजहबी स्थल बताकर सर्वे के खिलाफ बोल रहे हैं। इस मामले में 11 मार्च को इंदौर हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद सर्वे की अनमुति दी थी। 22 मार्च से सर्वे शुरू हुआ, 1 अप्रैल को मुस्लिम पक्ष इसे रोकने सुप्रीम कोर्ट पहुँचा, 29 अप्रैल को एएसआई के आवेदन पर सर्वे की समयसीमा और बढ़ाई गई, अब 4 जुलाई को इंदौर हाईकोर्ट में सर्वे की अंतिम रिपोर्ट को पेश करना है।

वाग्देवी मंदिर कैसे बना कमालुद्दीन मस्जिद

गौरतलब है कि भोजशाला विवाद बहुत पुराना विवाद है। हिंदू पक्ष का मत है कि ये माता सरस्वती का मंदिर है जिसकी स्थापना राजा भोज ने सन् 1000-1055 के मध्य कराई थी। सदियों पहले मुसलमान आक्रांताओं ने इसकी पवित्रता भंग करते हुए यहाँ मौलाना कमालुद्दीन (जिस पर तमाम हिंदुओं को छल-कपट से मुस्लिम बनाने के आरोप हैं) की मजार बना दी थी जिसके बाद यहाँ मुस्लिमों का आना जाना शुरू हो गया और अब इसे नमाज के लिए प्रयोग में लाया जाता है। हालाँकि हिंदू पक्ष का कहना है कि ये उनका मंदिर ही है क्योंकि आज भी इसके खंभों पर देवी-देवताओं के चित्र और संस्कृत में श्लोक लिखे साफ दिखते हैं। इसके अलावा दीवारों पर ऐसी नक्काशी है जिसमें भगवान विष्णु के कूर्मावतार के बारे में दो श्लोक हैं।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : श्रीनगर में बोले पीएम मोदी, मिलती है शक्ति, पूरी दुनिया से योग सीखने भारत आ रहे लोग’, योगी आदित्यनाथ बोले-ऋषि परंपरा का हिस्सा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दसवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर श्रीनगर पहुँचे। यहाँ से उन्होंने पूरी दुनिया को योग पर संदेश दिया और खुद भी शेर-ए-कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में योग सत्र का नेतृत्व किया। पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू कश्मीर योग-साधना की भूमि है। इससे उत्पादकता और सहनशक्ति बढ़ती है। योग से नए अवसर पैदा हुए हैं। योग केवल विद्या नहीं बल्कि विज्ञान है। योग से एकाग्रता बढ़ती है। योग पर अब रिसर्च हो रही है। योग टूरिज्म का नया ट्रेंड बन गया है। वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी योग किया और इसे ऋषि परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, सैन्य बलों ने भी योगाभ्यास किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केन्द्र (SKICC) में योग किया।

लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा योग दिवस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे कश्मीर आने का सौभाग्य मिला है। हमें योग से जो शक्ति मिलती है, मैं श्रीनगर में उसे महसूस कर रहा हूँ। मैं देश के सभी लोगों और दुनिया के कोने-कोने में योग करने वालों को कश्मीर की धरती से योग दिवस की बधाई देता हूँ। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 10 वर्ष की ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर चुका है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज कश्मीर की धरती से मैं दुनिया भर के सभी लोगों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बधाई देता हूँ। दस साल पहले मैंने संयुक्त राष्ट्र में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था। भारत के प्रस्ताव को 177 देशों ने समर्थन दिया था, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। 2015 में दिल्ली के कर्तव्यपथ पर 35,000 लोगों ने एक साथ योग किया…”

प्रधानमंत्री मोदी ने 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर कहा कि जम्मू कश्मीर योग-साधना की भूमि है। इससे उत्पादकता और सहनशक्ति बढ़ती है। योग से नए अवसर पैदा हुए हैं। योग केवल विद्या नहीं बल्कि विज्ञान है। योग से एकाग्रता बढ़ती है। योग पर अब रिसर्च हो रही है। योग टूरिज्म का नया ट्रेंड बन गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि इस साल भारत में फ्रांस की 101 साल की महिला योगा शिक्षिका को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। वह कभी भारत नहीं आई लेकिन उन्होंने पूरा जीवन योग को लेकर जागरूकता फैलाने में लगा दिया। आज देश-दुनिया की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज और संस्थानों में योग पर रिसर्च हो रही है। योग पर रिसर्च पेपर पब्लिश हो रहे हैं।

देश के अलग-अलग हिस्सों में केंद्रीय मंत्रियों ने किया योग

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, “मुझे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में योग प्रेमियों के साथ योग करने का अवसर मिला…प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में योग दुनिया के हर कोने तक पहुँच गया है।”

10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने योग किया।

10वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर लेह के पैंगोंग त्सो में ITBP के जवानों ने योग किया।

योग भारतीय ऋषि परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा

इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई दी और पीएम मोदी के प्रयासों की तारीफ की। उन्होंने योग को भारतीय ऋषि परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और कहा कि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरत है। सीएम योगी ने कहा कि पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति और परंपरा का सम्मान हो रहा है।

सितंबर 2014 को पीएम मोदी ने UNGA में रखा था प्रस्ताव, मिला भारी समर्थन

गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस योग के अनेक लाभों के बारे में दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। यह उस प्राचीन भारतीय प्रथा को मान्यता देने का दिन है, जो मानसिक और शारीरिक कल्याण पर केंद्रित है। सितंबर 2014 में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था। प्रधानमंत्री मोदी ने योग के कल्याणकारी लाभों तथा स्वास्थ्य के प्रति इसके समग्र दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस उत्सव के लिए 21 जून को आदर्श तिथि बताया, क्योंकि यह कई संस्कृतियों में महत्व रखती है और उत्तरी गोलार्ध में ग्रीष्म संक्रांति का दिन है। इस प्रस्ताव ने गति पकड़ी और संयुक्त राष्ट्र ने दिसंबर 2014 में एक प्रस्ताव पारित कर आधिकारिक तौर पर 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित कर दिया। वहीं, रिकार्ड तोड़ 175 सदस्य देशों ने प्रस्ताव का समर्थन किया।

शराब घोटाले के आरोपित दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल को जमानत: जाँच एजेंसी ED बोली- AAP मुखिया के रूप में उन पर चल सकता है केस

दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP के मुखिया अरविन्द केजरीवाल को दिल्ली की राउज अवेन्यु कोर्ट ने शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी है। CM केजरीवाल को प्रर्वतन निदेशालय ने दिल्ली शराब घोटाला मामले में 21 मार्च, 2024 को गिरफ्तार किया था।

दिल्ली की राउज अवेन्यु कोर्ट में एक विशेष अदालत ने इस मामले सुनवाई की। CM केजरीवाल ने इस अदालत के सामने नियमित जमानत के लिए याचिका लगाई हुई थी। इस मामले की सुनवाई जज नियय बिंदु ने की। उन्होंने पहले इस पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

गुरुवार (20 जून, 2024) को इस मामले का फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत दे दी। CM केजरीवाल को कोर्ट ने ₹1 लाख के मुचलके पर जमानत दी है। उनके शुक्रवार (21 जून, 2024) को जेल से बाहर आने के कयास हैं। वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं।

इस मामले की सुनवाई के दौरान ED ने कोर्ट से माँग की कि केजरीवाल का मुचलका तब तक ना जमा किया जाए जब तक इस मामले के खिलाफ उच्च न्यायालय में चुनौती दी सके। इसके लिए ED ने 48 घंटों की माँग की थी। हालाँकि, कोर्ट ने एजेंसी की यह माँग मानने से इनकार कर दिया।

इस मामले की सुनवाई के दौरान ED ने स्पष्ट किया कि उसके पास दिल्ली शराब घोटाला के पक्के सबूत हैं। एजेंसी ने कहा कि उसके पास इस मामले में पैसे के लेनदेन तक की फोटो हैं। एजेंसी ने यह भी कहा कि CM केजरीवाल ने अपने फ़ोन का पिन बताने से भी मना किया, जो इस मामले में शंका पैदा करता है।

एजेंसी ने यह भी साफ़ कर दिया कि अगर केजरीवाल निजी तौर पर इस मामले में नहीं भी शामिल हैं तो भी उन पर मुकदमा चल सकता है क्योंकि AAP के मुखिया वही हैं और मामले में AAP को भी आरोपित बनाया गया है। वहीं केजरीवाल के पक्ष ने कहा कि उन पर लगाए आरोपों का कोई सबूत मौजूद नहीं है।

गौरतलब है कि दिल्ली शराब घोटाला मामले में CM केजरीवाल को ED ने 21 मार्च, 2024 को गिरफ्तार कर लिया था। एजेंसी ने आरोप लगाया था कि केजरीवाल ही इस पूरे मामले के सरगना हैं। एजेंसी का आरोप है कि दिल्ली में शराब नीति बदल कर निजी विक्रेताओं को फायदा पहुँचाया और उनसे बदले में लाभ प्राप्त कि।