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तमिलनाडु की जेल में YouTuber की आँखों पर बाँधी पट्टी, फिर पाइपों से पीटा… इलाज के लिए खटखटाना पड़ा कोर्ट का दरवाजा, वकील ने बताया – हाथ टूटा, पूरे शरीर में जख्म

तमिलनाडु के कोयम्बटूर स्थित जेल में YouTuber सुवुक्कु शंकर की पिटाई का मामला सामने आया है। उन्हें शनिवार (4 मई, 2024) को साइबर अपराध के मामले में तमिलनाडु पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अब उनके वकील गोपालकृष्ण ने बताया है कि उनके मुवक्किल को कोयम्बटूर सेन्ट्रल जेल के कर्मचारियों ने पीटा है। बताया जा रहा है कि न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने के बाद उनके दाएँ हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। यहाँ तक कि उनके लिए सही इलाज तक की व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई।

काउंसल ने बताया कि शनिवार की रात 10 की संख्या में जेल कर्मचारियों ने YouTuber सुवुक्कु शंकर की आँखों पर पट्टी बाँध दी, उसके बाद इसके बाद उन पर हमला कर दिया गया। हथियार के रूप में प्लास्टिक की पाइपों पर कपड़ा लपेट कर उनका इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि इसके बाद उन्हें बिना उनकी इच्छा के पेनकिलर दवाएँ खाने को मजबूर किया गया। सुवुक्कु शंकर को 17 मई तक जुडिशल कस्टडी में भेजा गया है।

वकील गोपालकृष्ण ने बताया कि सोमवार को जब वो सुवुक्कु शंकर से कानूनी सहायता देने के लिए मिलने पहुँचे तो उन्हें इस घटना के बारे में पता चला। जेल में उन्हें प्रताड़ित किए जाने के संबंध में और इस घटना की जाँच कराने के लिए कोर्ट में याचिका भी दायर की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली है और हमारे पक्ष में निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्राइवेट हॉस्पिटल में YouTuber का इलाज कराए जाने की भी माँग की है।

इससे पहले सुवुक्कु शंकर जब कडलुर जेल में बंद थे जब वहाँ के सेंथिल कुमार जेल सुपरिटेंडेंट हुआ करता थे, अब वो कोयम्बटूर जेल में पदस्थापित हैं। उन्होंने बताया कि इसी कारण कोयम्बटूर में उन पर केस दर्ज कर के उन्हें टॉर्चर किया जा रहा है। पुलिस पर बदले की भावना से काम करने के आरोप लगे हैं। उन्हें थेनि से गिरफ्तार किया गया। उन पर महिला कॉन्स्टेबलों पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला दर्ज किया गया है। वो विजिलेंस डिपार्टमेंट में कार्यरत रहे हैं।

उन्हें 2 शीर्ष अधिकारियों की बातचीत लीक करने के आरोप में 2008 में भी जेल भेजा गया था। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने अदालत की अवमानना मामले में उन्हें 6 महीने की सज़ा सुनाई थी। YouTube पर उनके चैनल ‘सुवुक्कु मीडिया‘ पर 5.21 लाख सब्सक्राइबर्स हैं और उन्होंने 1700 से भी अधिक वीडियो डाल रखे हैं। इंस्टाग्राम पर उनके 1.72 लाख और फेसबुक पर 1.25 लाख फॉलोवर्स हैं। अब वकील ने कहा है कि उनकी पिटाई के बाद पूरे शरीर पर जख्म हैं, जेल में उनकी जान को खतरा है।

राजदीप सरदेसाई कॉन्ग्रेस की गोद में बैठ पाकिस्तान और 26/11 आतंकी हमले पर दे रहे थे ज्ञान, पुराने कॉन्ग्रेसी नेता ने सरेआम धो डाला

इंडिया टुडे के पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने कॉन्ग्रेस का बचाव करवाने के चक्कर में फिर से अपनी घोर फजीहत करवा ली। इस बार उनकी बेइज्जती पूर्व कॉन्ग्रेस नेता और वर्तमान में शिंदे गुट के शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने की है।

राजदीप सरदेसाई उनसे पूछ रहे थे कि शिवसेना ने विज्ञापन दिया है जिसमें लिखा है- “कॉन्ग्रेस की जीत का जश्न पाकिस्तान में मनेगा… आप क्या चाहते हैं कि आपके वोट का जश्न भारतीय मनाएँ या पाकिस्तानी।”

इसी पर सरदेसाई ने उनसे पूछा कि उनकी पार्टी इस तरह के प्रचार कर रही है जबकि एनडीए तो भविष्य और विकास की बात कर रही है। इस पर मिलिंद देवड़ा ने सरदेसाई को टोंकते हुए पूछा कि क्या राष्ट्रीय सुरक्षा भारत का मुद्दा नहीं है। ये भारत को उस विकसित भारत के मुकाम तक पहुँचाने के लिए जरूरी नहीं जिसकी बात एनडीए कर रही है।

इस बीच सरदेसाई ने आहत होकर देवड़ा से कहा शिवसेना का विज्ञापन डर फैलाने वाला है। उन्होंने पूछा, “क्या मैं अगर कॉन्ग्रेस पार्टी को वोट दे रहा हूँ तो मैं पाकिस्तान समर्थक हूँ।”

इसके बाद देवड़ा ने सरदेसाई की मंशा भाँपते हुए उन्हें जवाब देना शुरू किया और समझाया कि कैसे शिवसेना का विज्ञापन सही है और कॉन्ग्रेस की मंशा गलत। मिलिंद देवड़ा ने 26/11 हमले का उल्लेख किया और याद दिलाया कि कॉन्ग्रेस नेताओं ने किस तरह से उस टाइम भारत के हित के खिलाफ काम किया था और आतंकवादी हमले के लिए हिंदुओं को दोषी ठहराया था।

उन्होंने कहा, “जब 26/11 हुआ मैं उस समय साउथ मुंबई से सांसद था। मैं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बहुत करीब काम करता था। उस समय सरकार और जाँच एजेंसियों की मंशा दुनिया को ये बताने की थी कि पाकिस्तान के पीछे संयुक्त राष्ट्र है जबकि पाकिस्तान इस बात को खुद स्वीकार कर चुका था कि 26/11 उन्होंने खुद किया है। हमने उस समय अजमल कसाब को पकड़ा था, उसके ऊपर केस चला था और उसको सजाए मौत हुई थी।”

देवड़ा ने आगे कॉन्ग्रेसियों की पोल खोलते हुए सरदेसाई से पूछा कि उस समय कॉन्ग्रेसी नेताओं ने आतंकी हमले के बाद क्या कहा था? उन्होंने एक किताब रिलीज की थी (26/11 आरएसएस की साजिश/लेखक अजीज बर्नी) ताकि पाकिस्तान से लोगों का ध्यान भटक जाए और सारा इल्जाम हिंदुओं पर लगे। देवड़ा पूछते हैं कि आखिर ये सब हिंदू-मुस्लिम पहले किसने किया था।

सरदेसाई ने इस जगह कॉन्ग्रेस के हिंदू विरोधी चेहरे को ढाँकने का प्रयास किया वो भी ये कहकर कि वो लोग सिर्फ किताब के विमोचन में शामिल हुए थे। इसके अलावा देवड़ा से ही सवाल किए कि उन्होंने इसके विरोध में क्या किया। तब, देवड़ा बोले कि उन्होंने पार्टी के आतंरिक मंचों पर इस मुद्दे को उठाया था।

इसके बाद मिलिंद देवड़ा ने बताया कि कैसे कॉन्ग्रेस के एक नेता ने दावा किया था कि आईपीएस हेमंत करकरे पर पीकिस्तानी अजमल कसाब ने गोली नहीं चलाई बल्कि आरएसएस के पुलिस अधिकारी ने गोली चलाई। इसके बाद उन्होंने कॉन्ग्रेस के उस पक्ष पर भी गौर करवाया जब उन्होंने चीन के साथ विवाद में भारत की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए थे।

बता दें कि देवड़ा के साथ बातचीत में सरदेसाई ने आखिर तक ये साबित करने का प्रयास किया कि ये विज्ञापन गलत है और शिवसेना के स्तर को गिराती है। इस पर देवड़ा ने फिर राजदीप को फटकार लगाते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा का कोई मजाक नहीं है बल्कि जरूरी मुद्दा है और चुनावों में भी महत्वपूर्ण है।

नोट- ये लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया है। इसे पूरा आप इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

‘राम मंदिर बेकार है, ऐसे नहीं बनते मंदिर’: सपा महासचिव रामगोपाल अब बने वास्तुविद, सहयोगी कॉन्ग्रेस शाहबानो मामले की तरह लाएगी ‘स्पेशल बिल’, हिंदुओं से ये कैसी दुश्मनी?

कभी राम भक्तों पर गोली चलवाने वाले सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव दुनिया में नहीं हैं, लेकिन राम मंदिर विरोध की डोर अब उनके भाई-बेटे ने थाम ली है। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जाकर अखिलेश यादव के पास अपने पिता के पापों का प्रायस्चित करने का मौका था, लेकिन उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा में शामिल न होकर वो मौका तो खो ही दिया, अब अखिलेश यादव के चाचा और उनके सबसे बड़े सलाहकार राम गोपाल यादव एक कदम आगे बढ़ गए।

राम गोपाल यादव ने तो राम मंदिर के निर्माण को ही गलत बता दिया। इसलिए नजरिए से नहीं कि वो हिंदुओं का तीर्थ है, बल्कि इस नजरिए से कि राम मंदिर का वास्तु सही नहीं है। मंदिर ऐसे नहीं बनता है। तो अब राम गोपाल यादव वास्तुविद बन कर राम मंदिर से जुड़ी आस्था को तय करेंगे। हालाँकि साथ ही वो ये भी बोल रहे हैं कि वो कोई मंदिर वंदिर नहीं जाते।

अखिलेश यादव के सबसे करीबी सलाहकार और उनके राज्यसभा सांसद चाचा रामगोपाल यादव ने राम मंदिर पर बयान देते हुए कहा है कि ‘वो मंदिर बेकार है, मंदिर ऐसे नहीं बनते। राम मंदिर का नक्शा ठीक नहीं बना है, ये वास्तु के हिसाब से ठीक नहीं बनाया गया है।’ इससे पहले, उन्होंने रामनवमी के मौके पर भी कुछ ऐसा ही बयान दिया था। राम गोपाल यादव ने कहा था, “करोड़ों लोग हजारों वर्षों से रामनवमी मनाते आ रहे हैं और इस देश में केवल एक राम मंदिर नहीं है। उन्होंने अधूरी प्राण-प्रतिष्ठा की है और शंकराचार्य इसके खिलाफ थे। बीजेपी को सजा देंगे। मैंने कभी किसी की पूजा नहीं की। मैं दिखावा नहीं करता हूँ। मैं भगवान का नाम लेता हूँ, लेकिन पाखंडी नहीं हूँ। पाखंडी लोग ये सब करते हैं। भगवान राम इन लोगों को दंड देंगे।”

खास बात ये है कि एक दिन पहले ही गाँधी परिवार के बेहद करीबी रहे आचार्य प्रमोद कृष्णम ने खुलासा किया है कि कॉन्ग्रेस पार्टी सत्ता में आने के बाद ठीक वैसा ही काम करेगी, जैसा राजीव गाँधी की अगुवाई में कॉन्ग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी खास कानून लाकर शाहबानो केस को पलट दिया था। उसी तरह से कॉन्ग्रेस पार्टी सत्ता में आने के बाद राम मंदिर के फैसले को कानूनी तौर पर पलट देगी। इस बात का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक जनसभा में किया है।

मध्य प्रदेश के खरगोन में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (07 मई 2024) को कहा, “पाकिस्तान में आतंकी भारत के खिलाफ जिहाद की धमकी दे रहे हैं। यहाँ कॉन्ग्रेस के लोगों ने भी घोषणा कर दी है कि मोदी के खिलाफ वोट जिहाद करो। यानी मोदी के खिलाफ एक खास धर्म के लोगों को एकजुट होकर वोट करने को कहा जा रहा है। सोचिए, कॉन्ग्रेस किस स्तर पर उतर आई है।’

पीएम मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस के इरादे कितने भयानक हैं, उसकी साजिशें कितनी खतरनाक हैं। ये समझने के लिए आपको उन लोगों की बातें सुननी होगी, जो 20-20, 25-25 साल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता और नेता रहे हैं और ये लोग अब धमाधम कॉन्ग्रेस छोड़ रहे हैं. अब इनकी बातें सुनिए, एक महिला ने कहा कि मैं राम मंदिर गई, तो उसको इतना टॉर्चर किया गया कि उन्हें कांग्रेस ही छोड़नी पड़ गई। एक और व्यक्ति ने कॉन्ग्रेस की गहरी साजिश से पर्दा उठा दिया, उन्होंने कहा कि ‘कॉन्ग्रेस के शहजादे का इरादा राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने का है।”

बता दें कि सोमवार (06 मई 2024) को आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि राहुल गाँधी कई बार हिंदुत्व, हिन्दू धर्म की शक्ति बदलने की बात कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस नेता जानते हैं कि कॉन्ग्रेस सरकार बनने पर राम मंदिर का फैसला बदला जाना था। यह सब अमेरिका में रहने वाले लोगों की सलाह पर होता है। उन्होंने राहुल गाँधी से इस बात की प्रतिक्रिया लेने की बात भी कही है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा है कि यह बात यदि गलत है तो मुझ पर मुकदमा कर दिया जाए, मैं इसे सिद्ध कर दूँगा।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मीडिया से बातचीत में खुलासा करते हुए कहा, “मैं कॉन्ग्रेस में 32 वर्ष रहा हूँ। जब राम मंदिर का निर्णय आया तो राहुल गाँधी ने अपने नजदीकी लोगों की बैठक में अमेरिका के अपने एक सलाहकार के कहने पर कहा था कि सरकार बनने पर राम मंदिर का फैसला पलट दिया जाएगा। इसके लिए सुपरपावर कमीशन बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि जिस तरह तीन तलाक के मुद्दे को लेकर शाहबानो निर्णय को राजीव गाँधी सरकार ने बदला था तो फिर राम मंदिर का निर्णय क्यों नहीं बदला जा सकता।”

इंडी गठबंधन के दो सबसे बड़े चेहरों के राम मंदिर और हिंदुओं को लेकर अगर ये विचार हैं, तो समझा जा सकता है कि इंडी गठबंधन भारत के मूल निवासियों के कितने खिलाफ हैँ। भारत में रहते हुए भी भारत देश को तोड़ने की बातें की जा रही हैं। इंडी गठबंधन की शीर्ष पार्टियों के नेता कभी राम मंदिर को ही गलत बता रहे हैं, तो राहुल गाँधी राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ही बदल देना चाहते हैं। ममता बनर्जी की सरकार भी राम मंदिर को लेकर हिंदुओं से अपनी घृण दिखा चुकी है, तो तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी और इंडी गठबंधन की तीसरी सबसे बड़ी सहयोगी डीएमके के नेता और अहम मंत्री उदयनिधि स्टालिन तो सनातन को ही मिटाने की बात कर चुके हैं। हिंदुत्व, सनातन पर इसी खतरे को देखते हुए ही शायद प्रधानमंत्री को ये अपील करनी पड़ रही है कि अब ये लोगों को तय करना है कि देश को कैसे चलाना है, जिहाद से या फिर राम राज्य से

‘मुस्लिमों को पूरा आरक्षण मिलना चाहिए’: कॉन्ग्रेसी एजेंडे को लालू यादव का खुला समर्थन, MP में जनता से बोले PM मोदी – तय कीजिए ‘वोट जिहाद’ चलेगा या रामराज्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार मजहब के आधार पर आरक्षण दिए जाने के खिलाफ मुखर हैं। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में मुस्लिमों को पिछड़ों के कोटा में आरक्षण मिल रहा है। दोनों राज्यों में कॉन्ग्रेस ही ये नियम लेकर आई थी। अब बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने मुस्लिम आरक्षण का समर्थन कर दिया है। मंगलवार (7 मई, 2024) को जब 93 सीटों पर मतदान चल रहा है, इधर लालू यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए पटना में कहा , “रिजर्वेशन तो मिलना चाहिए मुस्लिमों को, पूरा”।

विधान परिषद सदस्यों के शपथग्रहण समारोह में पहुँचे RJD (राष्ट्रीय जनता दल) सुप्रीमो ने ये बात कही। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को आरक्षण देना ज़रूरी है। इस दौरान लालू यादव के पुराने साथी रहे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से वो आमने-सामने भी हुए, लेकिन दोनों में कोई बातचीत नहीं हुई। लालू यादव ने ये भी दावा कर दिया कि बिहार में 40 की 40 सीट कॉन्ग्रेस-राजद-लेफ्ट महागठबंधन जीतेगा, वोटिंग के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं।

उधर मध्य प्रदेश के खरगोन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष की तरफ से ‘वोट जिहाद’ की अपील, संपत्ति बँटवारे का वादा और राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलटने की अटकलों को लेकर करारा प्रहार किया। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत इतिहास के एक अहम मोड़ पर खड़ा है – आपको ये तय करना है कि भारत में वोट जिहाद चलेगा या रामराज्य चलेगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आतंकी भारत के खिलाफ जिहाद की धमकी दे रहे हैं, यहाँ कॉन्ग्रेस के लोगों ने भी घोषणा कर दी है कि मोदी के खिलाफ ‘वोट जिहाद’ करो।

सलमान खुर्शीद की भतीजी के बयान का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने समझाया कि मोदी के खिलाफ एक खास मजहब के लोगों को एकजुट होकर वोट करने को कहा जा रहा है। राधिका खेड़ा द्वारा कॉन्ग्रेस से इस्तीफा दिए जाने की घटना का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एक महिला ने कहा कि वो राम मंदिर गई, तो उसको इतना टॉर्चर किया गया कि उन्हें कॉन्ग्रेस ही छोड़नी पड़ गई। उन्होंने इस दौरान मुंबई हमले को लेकर विजय वडेट्टीवार और पुँछ हमले पर चरणजीत सिंह चन्नी के बयान को लेकर भी निशाना साधा।

पीएम मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस के एक पूर्व सीएम ने कहा कि हमारी सेना आतंकी हमले करती है, पाकिस्तान निर्दोष है। कॉन्ग्रेस के एक और बड़े नेता कि बेशर्मी देखिए, उन्होंने कहा कि मुंबई आतंकी हमले में भी पाकिस्तान का हाथ नहीं था। कॉन्ग्रेस के साथी दल के एक और नेता भारत को धमकी देते हैं, कहते हैं कि पाकिस्तान ने चूड़ियाँ नहीं पहनी हुई हैं। कॉन्ग्रेस और I.N.D.I. गठबंधन को न हमारी आस्था की परवाह है और न ही देशहित की परवाह है। राष्ट्र विरोधी बात करने में तो कॉन्ग्रेस के लोगों में होड़ लगी है।”

नाम शाकिब लेकिन फेसबुक पर सागर, दलित नाबालिग लड़की से की दोस्ती… पोल खुलने पर घर में घुस कर रेप की कोशिश, पूरे परिवार को खत्म करने की दी धमकी

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से लव जिहाद का मामला सामने आया है। यहाँ शाकिब नाम के युवक ने फेसबुक पर हिन्दू नाम से ID बना कर नाबालिग दलित समुदाय की एक लड़की के साथ दोस्ती की। शाकिब की असलियत जानने के बाद नाबालिग पीड़िता उससे दूरी बनाने लगी। इससे नाराज आरोपित ने 3 मई 2024 को साथियों सहित पीड़िता के घर में घुस कर रेप करने का प्रयास किया। विरोध करने पर लड़की की पिटाई भी की गई। सोमवार (6 मई 2024) को मामले की शिकायत थाने में की गई। पुलिस ने FIR दर्ज करके मामले की जाँच शुरू कर दी है।

यह मामला सहारनपुर जिले के थानाक्षेत्र सदर बाजार का है। 6 मई को नाबालिग पीड़िता अपनी माँ और हिन्दू संगठन के सदस्यों के साथ शिकायत करने थाने पहुँची। पीड़िता ने बताया कि काफी समय पहले उसे सागर नाम की फेसबुक ID से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। कुछ ही दिनों में दोनों में बातचीत होने लगी। सागर पीड़िता को मिलने के लिए भी बुलाने लगा। एक दिन लड़की ने शाकिब की फेसबुक प्रोफ़ाइल ठीक से चेक की तो वो मुस्लिम निकला। पीड़िता को अब पता चल चुका था कि जिसे वो सागर समझ रही थी, वो असल में शाकिब था।

शाकिब की पोल खुलने के बाद पीड़िता ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। कुछ दिनों तक शाकिब ने पीड़िता का पीछा किया लेकिन उसकी दाल नहीं गली। इसके अलावे वो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से नाबालिग को कॉल करके परेशान भी करने लगा था।

एक दिन तबियत खराब होने पर नाबालिग पीड़िता दवा लेने जा रही थी। तब रास्ते में रोक कर शाकिब ने उसकी पिटाई की थी। फिर 6 मई को शाकिब पीड़िता के घर पर अपने 4 साथियों के साथ आ धमका। लड़की घर पर अकेली थी। शाकिब ने पीड़िता से रेप का प्रयास किया, प्राइवेट पार्ट के साथ छेड़छाड़ की। लड़की ने जान बचाने के लिए शोर मचाया तो शाकिब ने साथियों सहित उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी।

नाबालिग पीड़िता की चीख-पुकार सेन लोगों को जमा होते देख शाकिब साथियों सहित भाग कर छिप गया। इसके बाद लड़की अपनी जान बचाने के लिए पड़ोस में रहने वाली एक महिला के घर पहुँची। यहाँ भी शाकिब पहुँच गया और फिर से पीड़िता की पिटाई की। पिटाई के बाद आरोपित ने लड़की और उसके परिवार वालों को जान से मार डालने की भी धमकी दी।

पिटाई, धमकाने और गालियाँ देने में शाकिब के चारों साथी भी शामिल बताए जा रहे हैं। पीड़िता ने आगे बताया कि आरोपित वीडियो रिकॉर्डिंग होने की बात कह कर उसे ब्लैकमेल करता था। वह लड़की के साथ उसकी माँ को भी गंदी-गंदी गालियाँ देता था।

पीड़िता बेहद गरीब परिवार से है। उसकी माँ लोगों के घर में झाड़ू-पोछा और खाना बना कर परिवार चलाती है। 6 मई की दोपहर जब वो काम से घर लौटीं तो पीड़िता नीचे बैठी थी और घर का सामान बिखरा पड़ा था। लड़की अपनी माँ को पकड़ कर रोने लगी और सारी घटना बताई।

नाबालिग पीड़िता की माँ का दावा है कि उन्हें अभी भी शाकिब की तरफ से धमकियाँ मिल रही हैं। महिला के सिर पर वार करने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित परिवार डर से न खा पा रहा है और न ही ठीक से सो पा रहा।

पीड़िता की माँ का कहना है कि सहारनपुर के हिन्दू संगठनों ने उनकी बहुत मदद की। इन सभी ने न सिर्फ पीड़ित परिवार को सुरक्षा का भरोसा दिया बल्कि खाने-पीने के सामान भी मुहैया करवाए। लड़की की माँ ने खुद को हिन्दू संगठनों का आभारी बताया।

ऑपइंडिया से बात करते हुए सहारनपुर के हिंदू योद्धा परिवार की महिला मोर्चा पदाधिकारी वर्षा पराशर ने बताया कि उन्हें पुलिस द्वारा पीड़िता की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई न करने की जानकारी हुई थी। वर्षा अपने सहयोगियों के साथ थाने पहुँचीं और आरोपित के खिलाफ केस दर्ज करवाया। सहारनपुर पुलिस FIR दर्ज करके जाँच कर रही है।

तीसरे चरण में भी बंगाल में चुनावी हिंसा जारी, कॉन्ग्रेस नेता के यहाँ फेंका गया देसी बम, फर्जी पोलिंग एजेंट बनाने के आरोप: 11 बजे तक 32.82% वोटिंग

लोकसभा चुनाव 2024 के तीसरे चरण के लिए मंगलवार (7 मई, 2024) को देश के 11 राज्यों-केन्द्रप्रशासित प्रदेशों की 93 लोकसभा सीटों पर मतदान जारी है। इस चरण में पश्चिम बंगाल की 4 लोकसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। तीसरे चरण में भी पश्चिम बंगाल से चुनावी हिंसा की खबरें आ रही हैं।

तीसरे चरण में पश्चिम बंगाल की जंगीपुर, मालदा दक्षिण, मालदा उत्तर और मुर्शिदाबाद की सीटों पर मतदान हो रहा है। इन सीटों से चुनावी हिंसा की सूचनाएँ आई हैं। भाजपा ने तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं पर चुनाव में दखलंदाजी के आरोप लगाए हैं। वहीं एक कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता के घर पर देसी बम फेंके जाने की भी सूचना है। एक जगह पर कम्युनिस्ट पार्टी ने अपना पोलिंग एजेंट बूथ पर से भगाए जाने और उसकी जगह पर फर्जी पोलिंग एजेंट लगाए जाने की शिकायत की है।

पश्चिम बंगाल की जंगीपुर सीट के एक बूथ पर एक तृणमूल कॉन्ग्रेस के बूथ अध्यक्ष ने भाजपा उम्मीदवार धनंजय घोष से बहस और हाथापाई की। धनंजय घोष ने आरोप लगाया कि तृणमूल का यह कार्यकर्ता पहले भी पंचायत चुनावों में दखलअन्दाजी करते हुए देखा गया और फिर से यही करने का प्रयास कर रहा था। धनंजय ने बताया कि उनके पहुँचने के कारण यह संभव नहीं हो सका। मामले को पुलिस-केन्द्रीय सुरक्षा बलों ने दखल देकर शांत किया है।

इसके अलावा मुर्शिदाबाद के हरिहरपाड़ा इलाके में एक कॉन्ग्रेस नेता के घर पर देसी बम फेंका गया। कॉन्ग्रेस ने अपने नेता के घर पर हुए हमले के पीछे तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं का हाथ बताया है। बताया गया है कि ऐसा वोटरों को धमकाने के लिए किया गया। इसी इलाके से सोमवार (6 मई, 2024) को 25 से अधिक देसी बम और बम बनाने का सामान पकड़ा गया था। पुलिस ने बमों को डिस्पोस कर दिया था।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से ही पोलिंग एजेंट बदलने का आरोप भी सामने आया है। मुर्शिदाबाद के कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार मोहम्मद सलीम ने आरोप लगाया कि एक बूथ पर उनके पोलिंग एजेंट को बाहर भगा दिया गया, उसने छुप कर अपनी जान बचाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके एजेंट को डराया धमकाया गया। उनकी पार्टी के एजेंट की जगह पर एक फर्जी आदमी को बिठा दिया गया। मामले को स्थानीय अधिकारियों से शांत करवा दिया है।

हिंसा और डराने-धमकाने की ख़बरों के बीच पश्चिम बंगाल में 11 बजे तक 32.82% मतदान हुआ है। देश भर में 11 बजे तक 25.4% मतदान की सूचना है। महाराष्ट्र मतदान के मामले में सबसे पीछे हैं जहाँ 11 बजे तक मात्र 18% मतदान ही रिकॉर्ड किया था सका था।

जिस शफीक ने गर्भवती बहन के पेट में घोंपे चाकू, हिंदू जीजा का सोते में गला रेता… उसे 8 साल बाद मिली आजीवन कारावास की सजा

महाराष्ट्र के ठाणे में जिला अदालत ने हिंदू युवक का गला रेतने और अपनी गर्भवती बहन की हत्या करने के मामले में शफीक शम्सुद्दीन मंसूरी नाम के आरोपित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डीएस देशमुख ने शफीक को आईपीसी की धारा 302 और अन्य प्रासंगित प्रावधानों के तहत दोषी करार दिया है। इसके अलावा उसके ऊपर 1.10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

मंसूरी के खिलाफ अभियोजन पक्ष की ओर से 12 लोगों ने गवाही दी है। इस दौरान ये भी सामने आया है कि कैसे मंसूरी, दोनों लोगों की हत्या की साजिश एक साल पहले से रच रहा था और बकरीद के ठीक बाद 15 सितंबर 2016 को उसने इस घटना को अंजाम दिया था।

अपनी बहन और जीजा को मंसूरी ने इस बेरहमी से मारा था कि उनका शव क्षत-विक्षत था। पड़ोसियों को अगले दिन जब शव की दुर्गंध आनी शुरू हुई तो फिर उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी और बाद में पूरा मामला खुला।

मौजूदा जानकारी बताती है कि शफीक अपनी कजन बहन के हिंदू लड़के से शादी करने पर नाराज था। उसने एक साल उन्हें खोजने में लगाया और जब उनके बारे में उसे पता चला तो उसने हत्या की साजिश रची। शुरू में मीडिया में पुलिस के हवाले से ये भी कहा गया था कि शफीक ने ये हत्या बकरीद पर बतौर कुर्बानी के तौर पर की।

घटना से पहले शफीक ने घर जाकर विजय को खूब दारू पिलाई और फिर देर रात चाकू लेकर उसका गला रेत दिया। आवाज सुनकर जब सूफिया उर्फ प्रिया यादव उठी तो उसने ये जानते हुए कि वो गर्भवती है उसके पेट में भी चाकू घोंपे और कहा- “तू तो हमारे लिए तब ही मर गई थी जब तूने इससे शादी की। ये बच्चा हमें नहीं चाहिए।”

इस हत्या को अंजाम देने के बाद शफीक वहाँ से निकल गया और अपना फोन भी बंद कर लिया। बाद में जब शफीक की गिरफ्तारी हुई तो ठाणे क्राइम ब्रांच के ऑफिसर ने कहा कि मंसूरी को उसके परिजनों का सपोर्ट है, वो उसे बचाने आएँगे लेकिन लड़की का शव लेने कोई आगे नहीं आया था।

बता दें कि ये कोई पहला मामला नहीं है जहाँ हिंदू से शादी करने पर गर्भवती महिला की निर्मम हत्या की गई हो। इससे पहले 4 मई को दो लोगों को सजा-ए-मौत दी गई थी और 5 जीवन को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। वो मामला 2017 का था जब एक गर्भवती मुस्लिम महिला को उसके घरवालों ने मौत के घाट उतारने के लिए जिंदा जला डाला था। घटना को अंजाम कर्नाटक के बीजापुर जिले के गुंडाकनाला गाँव में दिया गया था। महिला का नाम बानू बेगम था। उसने वाल्मिकी समाज के सायबन्ना से प्रेम हो गया था। परिवार खिलाफ था इसलिए शादी बर्दाश्त नहीं कर पाया और ये घटना को अंजाम दिया गया।

जिसके मोबाइल में लादेन की फोटो, जिहाद संबंधी प्रचार सामग्रियाँ, ISIS का कत्लेआम वाला वीडियो… उस अम्मार अब्दुल रहमान को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत

दिल्ली हाईकोर्ट ने मारे गए आतंकी ओसामा बिन लादेन की फोटो अपने मोबाइल में रखने वाले आरोपित अम्मार अब्दुल रहमान को जमानत दे दी है। अम्मार अब्दुल रहमान मरहूम कॉन्ग्रेस विधायक बीएम इदिनब्बा का पोता है। उसके मोबाइल में लादेन की फोटो के अलावा ISIS द्वारा बेरहमी से की गई हत्याओं के वीडियो, ISIS के झंडे सहित जिहाद को बढ़ावा देने संबंधी प्रचार सामग्रियाँ भी थीं।

अदालत में अपने फैसले में कहा है कि मोबाइल में आतंकी की फोटो या ISIS के झंडे रखने से ये नहीं माना जा सकता है कि वो प्रतिबंधित संगठन का सदस्य है। हाईकोर्ट का यह भी मानना है कि ऐसी तमाम सामग्रियाँ इंटरनेट पर उपलब्ध हैं। यह फैसला सोमवार (6 मई 2024) को सुनाया गया, जिसे 10 अप्रैल 2024 को रिजर्व कर लिया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामले की सुनवाई जस्टिस सुरेश कुमार कैत और मनोज जैन की बेंच में हुई। दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों को सुन कर अदालत ने अपना फैसला 10 अप्रैल को रिजर्व कर लिया था। 6 मई को फैसला आरोपित रहमान के हक में आया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि किसी के द्वारा अपने मोबाइल में आतंकी की फोटो डाउनलोड कर लेने का मतलब यह नहीं माना जा सकता है कि वह स्वयं उस संगठन से जुड़ा हुआ है। अदालत ने बताया कि ऐसी तस्वीरें इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध है।

बताते चलें कि राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने अगस्त 2021 में अम्मार अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया था। तब उस पर कट्टरपंथी होने का आरोप लगाया गया था। NIA ने यह केस IPC की धारा 120 बी और UAPA के तहत दर्ज किया था।

FIR में NIA ने बताया था कि भारत में खलीफा का राज कायम करने के लिए रहमान ISIS आतंकियों के सम्पर्क में था। उस पर जम्मू कश्मीर और कुछ अन्य जगहों पर आतंकियों के साथ देश विरोधी साजिश में शामिल होने का भी आरोप लगा था।

सबूत के तौर पर NIA ने रहमान के मोबाइल फोन की जाँच आख्या पेश की थी। इस आख्या में रहमान द्वारा स्क्रीन रिकॉर्डर के माध्यम से ISIS द्वारा बेरहमी से की गई हत्याओं के वीडियो, ISIS के झंडे व अन्य प्रचार सामग्री के साथ मारे जा चुके आतंकी ओसामा बिन लादेन की तस्वीरें डाउनलोड करना शामिल है।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने रहमान की जमानत का विरोध किया। अदालत ने हालाँकि NIA की दलीलों और पेश किए गए सबूतों को नाकाफी माना और अम्मार अब्दुल रहमान को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।

‘तानाशाह मोदी’ की 3 ‘तानाशाही’: कोलकाता पुलिस को डिलीट करना पड़ा ट्वीट, मुस्लिमों को कॉन्ग्रेस के खिलाफ ‘भड़काया’

सोशल मीडिया पर बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर एक वीडियो शेयर करने के आरोप में कोलकाता पुलिस ने एक्स यूजर को जो कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी, वो ट्वीट अब डिलीट कर लिया गया है। पुलिस के उस ट्वीट के बाद तमाम एक्स यूजर एक के बाद एक शेयर करके वायरल कर रहे थे और कहा जा रहा था कि कोई वीडियो शेयर न करे वरना बंगाल पुलिस कार्रवाई कर सकती है।

बंगाल पुलिस के उस ट्वीट के बाद लगातार कई वीडियो अकॉउंट्स से वीडियो शेयर हुई, जिसके बाद लकाता पुलिस ने अपना ट्वीट डिलीट किया। लेकिन इसी बीच एक दिलचस्प चीज और देखने को मिली। वो थी ममता बनर्जी जैसी पीएम मोदी की वीडियो।

फनी वीडियो देख पीएम मोदी ने की तारीफ

जिस वीडियो को देखने के बाद बंगाल पुलिस द्वारा सोशल मीडिया यूजर को कार्रवाई लेने की बात कही गई थी, उसी वीडियो में अपना चेहरा देखने के बाद पीएम मोदी ने उसे अपने अकॉउंट से शेयर किया और साथ ही उस वीडियो को मजेदार कहकर सोशल मीडिया यूजर्स की क्रिएटिविटी की हौसला अफजाही भी की।

एक ही जैसे मामले पर दो राजनेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ देखने के बाद अब एक नई बहस छिड़ गई है। ये बहस है कि आखिर असली तानाशाह कौन है? कहा जा रहा है कि ममता बनर्जी हमेशा से पीएम मोदी पर जो डिक्टेटर होने का इल्जाम लगाते हुए आई हैं वो असल में कितना फर्जी था जबकि असली तानाशाह की परिभाषा तो उनकी राज्य की पुलिस ने गढ़ी है।

सोशल मीडिया पर बहस तेज है कि एक ओर पीएम मोदी हैं जो अपने पर बनी ऐसी वीडियोज को फनी कंटेंट को फनी समझकर उसे शेयर करते हैं, दूसरी ओर ममता सरकार है जो उसे फनी समझना तो दूर उसे लॉ एंड ऑर्डर पर खतरा बताती है और जब आलोचना होती है तो चुपके से ट्वीट डिलीट कर लिया जाता है।

गाली देने पर भी रिहा है लोग- क्या ये तानाशाही है?

उधर पीएम मोदी ने अपने इंटरव्यू में उन्हें तानाशाह कहे जाने की परिभाषा पर जवाब दिया है। पीएम ने एक इंटरव्यू में कहा है कि कुछ लोग उन्हें आए दिन गाली देते हैं, उनके परिवार को उलटा बोलते हैं, लेकिन जब वो इन बातों का विरोध करते हैं या कोई जवाब देते हैं तो उन्हें डिक्टेटर कह दिया जाता है। इतना ही नहीं, इंटरव्यू में पीएम मोदी ने ये भी कहा कि एक बार तानाशाही पर 100 प्वाइंट बनाकर अच्छे से वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण किया जाए कि असल में कॉन्ग्रेस-भाजपा में से किसने तानाशाही की है।

मुस्लिम समुदाय के लिए सोचते हैं पीएम मोदी

इतना ही नहीं अपने इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस को भी खूब लताड़ा। सालों से कॉन्ग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ मुस्लिम समुदाय के मन में जो नफरत भरने का प्रयास किया है उसका जवाब देते हुए पीएम मोदी ने मुस्लिमों से कहा कि अगर उन्हें लगता है कि भाजपा कुछ गलत कर रही है तो वो चले जाएँ भाजपा कार्यालय और एक दिन बैठकर देखें कि हो रहा है। पीएम मोदी ने मुस्लिमों को जोर देकर कहा-

“मैं नहीं चाहता हूँ कोई समाज बंधुआ मजदूर की तरह जिंदगी जिये। क्योंकि कोई डरा रहा है, दूसरा अगर आप बैठना-उठना शुरू करोगे, भाजपा वाले आपको डर वाले लगते हैं, अरे जाओ ना 50 लोग बैठकर भाजपा कार्यालय में एक दिन बैठे रहो निकाल देंगे क्या आपको, अब देखिये क्या चल रहा है, कौन निकाल देगा आपको, कब्जा करो न जाकर बीजेपी कार्यालय में आपको कौन रोकता है।”

असली तानाशाह कौन?

मालूम हो कि पीएम मोदी जब से सत्ता में आए हैं उन्होंने हमेशा से हर वर्ग को साथ लेकर चलने का प्रयास किया है, लेकिन विपक्ष की राजनीति अफवाहें फैलाते हुए उन्हें तानाशाह साबित करने की रही है। मोदी सरकार कोई नया कानून बनाए तो, जनहित में कोई योजना लागू करे तो या दुश्मन मुल्क को मुँहतोड़ जवाब दे तो… हर स्थिति में उन्हें तानाशाह कह दिया जाता है। लेकिन उक्त मामले अगर देखें तो साफ पता चलेगा कि आज के समय में तानाशाही वो नहीं है जो पीएम मोदी के कार्यकाल में हो रही है, बल्कि वो है जो उनसे घृणा करने वाले उनके समर्थकों के साथ कर रहे हैं।

पीएम मोदी को गाली दिए जाने के बाद भी राजनेता आजाद घूमते हैं, उनके परिवार को गलत बोलने वालों पर कार्रवाई नहीं होती, मीम शेयर करने वालों बढ़ावा मिलता है, वो हमेशा उस वर्ग की चिंता करते हैं जिनके मन में पीएम के लिए नफरत भरी जा रही है… तो क्या ये सब तानाशाही में आता है। ज्यादा वक्त नहीं बीता। याद कीजिए उद्धव ठाकरे का कार्टून शेयर करने पर कैसे एक पूर्व नेवी ऑफिसर की पिटाई हुई थी। सोनिया गाँधी के बारे में बोले जाने पर कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ताओं ने उत्पात मचाया था और ममता बनर्जी के खिलाफ कुछ बोलने पर विवाद इतना हो गया था कि बात गिरफ्तारियों तक आ गई थी और आज फिर वीडियो शेयर करने पर वही चेहरा सामने आया है।

ये सब हाल की बातें हैं जो बीतें 4-5 साल में हुईं। तानाशाही की परिभाषा और अच्छे से समझने के लिए इमरजेंसी काल जैसे उदाहरण मिल जाएँगे जब सत्ता ने सामान्य जन के अधिकारों को सिर्फ इसलिए छीना न कि कुर्सी उनसे न छिन जाए या उस पर खतरा न आ जाए।

मस्जिद के अंदर 12 साल की बच्ची से रेप, प्यास लगने पर गई थी पानी पीने: अक़दस चंदू को महाराष्ट्र पुलिस ने दबोचा

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से सटे कल्याण जिले में एक नाबालिग लड़की से रेप की खबर है। यह रेप मस्जिद के अंदर किया गया है। पीड़िता मस्जिद के अंदर पानी पीने गई थी। आरोपित का नाम अक़दस चंदू है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फल बेचने वाला अक़दस साल भर पहले भी इसी पीड़िता के साथ रेप कर चुका है, अब उसने ये हरकत दोहराई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना कल्याण के थानाक्षेत्र बाजारपेठ की है। यहाँ की रहने वाली 12 वर्षीया एक लड़की दुकान से केक खरीदने गई थी। रास्ते में उसे प्यास लगी तो पास की एक मस्जिद में पानी पीने चली गई। मस्जिद के भीतर ही अक़दस चंदू ने पीड़िता का रेप किया।

अक़दस ने रेप से पहले पीड़िता को पीछे से जकड़ कर मुँह बंद कर दिया था। बाद में वो जबरन लड़की को मस्जिद के बाथरूम में उठा कर ले गया। यहाँ पर उसने लड़की से रेप किया। जब पीड़िता चीखने-चिल्लाने लगी तो अक़दस चंदू वहाँ से भाग निकला। जैसे-तैसे पीड़िता अपने घर पहुँची और परिजनों को सारी बात बताई।

लड़की के घर वालों ने बाजारपेठ थाने में अक़दस चंदू के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि आरोपित ने 1 साल पहले भी पीड़िता से रेप किया था। पुलिस द्वारा मामले की जाँच करवाई जा रही है।

पुलिस ने अक़दस के खिलाफ IPC की विभिन्न धाराओं सहित पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया है। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाजारपेठ इलाके में ही रहने वाला अक़दस चंदू फल बेचता है। इस घटना से पीड़िता काफी डर गई थी। उसका मेडिकल परीक्षण और काउंसिलिंग करवाई जा रही है।