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सुंदर राज्य, अविश्वसनीय काम… CM योगी आदित्यनाथ के मुरीद हुए पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर केविन पीटरसन, लखनऊ एयरपोर्ट की ख़बसूरती में खोए

दक्षिण अफ्रीकी मूल के विस्फोटक इंग्लिश क्रिकेटर रहे केविन पीटरसन पूरी दुनिया घूम चुके हैं। दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट से लेकर दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट पर वो जा चुके हैं, लेकिन इन दिनों वो लखनऊ एयरपोर्ट को देखकर भौचक नजर आ रहे हैं। आईपीएल 2024 के लिए लखनऊ पहुँचे केविन पीटरसन लखनऊ एयरपोर्ट के नए टर्मिनल को देखकर अचंभित रह गए। पीटरसन ने कहा कि इतना खूबसूरत एयरपोर्ट टर्मिनल उन्होंने आजतक नहीं देखा। यही नहीं, उन्होंने तो बाकायदा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक को टैग करके लखनऊ एयरपोर्ट की तारीफ की।

अपने जमाने के धाकड़ बल्लेबाज केविन पीटरसन ने लखनऊ एयरपोर्ट के नए टर्मिनल की खूबसूरती और सुविधाओं से प्रभावित होकर एक्स पर लिखा, “लखनऊ के नए एयरपोर्ट टर्मिनल में ‘स्ट्रीट ऑफ फ्लावर्स’ वाकई में वर्ल्ड क्लास है! इस खूबसूरत राज्य के लिए सभी ने मिलकर क्या कमाल का काम किया है। मुझे यकीन है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस पर बहुत गर्व होगा! भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है!”

पीटरसन के पोस्ट से यह साफ ज़ाहिर होता है कि वो उत्तर प्रदेश के विकास और खूबसूरती से काफी प्रभावित हैं। बता दें कि आईपीएल की फ्रेंचायजी लखनऊ सुपर जायंट्स का होम ग्राउंड लखनऊ में ही है। एयरपोर्ट से स्टेडियम की दूरी महज कुछ किलोमीटर की है। ऐसे में सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ का लखनऊ नियमित आना जाना होता है। लखनऊ एयरपोर्ट के पुराने दोनों टर्मिनल की क्षमता कम थी, जिसकी वजह से यूपी सरकार ने लखनऊ एयरपोर्ट का विस्तार कराया। एयरपोर्ट का नया टर्मिनल खूबसूरत तो है ही, ज्यादा क्षमता वाला भी है।

लखनऊ एयरपोर्ट का तीसरा टर्मिनल मार्च महीने से ही शुरु हुआ है, जिसकी सालाना क्षमता 80 लाख यात्रियों की है। अब आईपीएल के मैचों के दौरान लखनऊ एयरपोर्ट पर काफी चहल-पहल रहती है। बता दें कि उत्तर प्रदेश में 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट मौजूदा समय में वर्किंग हैं और तेजी से अन्य हवाई अड्डों का विस्तार भी भारत सरकार कर रही है।

‘अडानी के पोर्ट से अरब भेजे जा रहे हैं सैकड़ों गोवंश, वहाँ उन्हें काटा जाएगा’: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, जानिए क्या है सच्चाई

लोकसभा चुनावों के दौरान तमाम चेतावनियों के बावजूद कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा फर्जी खबरें फैला कर नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिशें जारी हैं। इन खबरों को फैलाने के लिए सोशल मीडिया को हथियार बनाया गया है। कई बार तो इन्ही भ्रामक खबरों को कुछ दल अपनी विरोधी पार्टी के खिलाफ प्रचार का साधन बना लेते हैं। उन्हीं तमाम आधारहीन खबरों में से इस समय गुजरात से वायरल हो रही है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर के दावा किया जा रहा है कि गुजरात के अडानी पोर्ट पर हजारों गायों से भरे ट्रक देखे गए हैं जिन्हें अरब देशों में सप्लाई किया जाएगा।

वायरल वीडियो के साथ शेयर किए जा रहे कैप्शन में आगे बढ़ कर यह भी दावा किया जा रहा है कि भाजपा सरकार बीफ के व्यापारियों से चंदा ले रही है। इस वीडियो को कल्याण सहाय मीणा नाम के एक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) यूजर ने शेयर किया है। उन्होंने लिखा, “गुजरात अडानी के पोर्ट पर हजारों गाय ट्रको में खड़ी है। अरब के देशों में जाने के लिए। जिन्हे वहाँ काटा जाएगा। कहा मर गए भक्तों ? गधों को याद दिला दूँ कि गौमांस का धंधा करने वालो से ही भाजपा ने चंदा लिया है। सब पैसे का खेल है।”

इस वीडियो में किसी जगह पर एक कतार में कई ट्रकें खड़ी दिख रहीं हैं। इन ट्रकों के अंदर गोवंश खड़े दिख रहे हैं। वीडियो को काफी ऊपर से ज़ूम कर के बनाया गया है। इस वीडियो को शेयर करने से अंसारी फैमिली भी नहीं चूका। अंसारी फैमिली ने भी ‘X’ हैंडल से कल्याण सहाय मीणा का है कैप्शन कॉपी कर के पेस्ट कर दिया। अंसारी फैमिली ने अपने कैप्शन में हँसी की इमोजी भी डाली है और इसे हैशटैग लगा कर ब्रेकिंग न्यूज़ घोषित कर दिया है।

इन दोनों के अलावा तमाम अन्य यूजर्स भी इस वीडियो को शेयर करने में शिद्दत से जुटे हुए हैं। उन सभी का कैप्शन लगभग एक जैसा ही है। इन तमाम लोगों के कैप्शन में गाय, अडानी और भाजपा कॉमन शब्द हैं। देव ठाकुर नंदवंशी जैसे कुछ हैंडलों ने इसे सवाल के तौर पर शेयर किया है। ऑपइंडिया ने इस वीडियो की पड़ताल की।

जानिए क्या है सच्चाई

जब ऑपइंडिया ने इस वीडियो को खँगाला की तो सच्चाई कुछ और ही निकल कर सामने आई। हमने जब इसकी पड़ताल की तो हमें फेसबुक पर एक रील मिली। इस वीडियो के नीचे अडानी पोर्ट और अरबी भाषा में एक कैप्शन लिखा हुआ था। कैप्शन का हिंदी में अर्थ ‘बीफ बाजार’ है। यही रील हर तरफ वायरल की जा रही है।

जब हमने इस वीडियो की और पड़ताल की तो पाया कि दिख रहा बंदरगाह गुजरात तो दूर भारत का ही नहीं है। यह बंदरगाह इराक में मौजूद है जिसका नाम उम्म कसर पोर्ट है। यह इराक के उम्म कसर शहर में मौजूद है। इसे इराक का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह कहा जाता है। जब हमने गूगल से इस बंदरगाह के बारे में और जानकारी जुटाई तो पाया कि इराक को यहाँ से 80% सामान सप्लाई किया जाता है। इसी दौरान यह जानकारी भी निकल कर आई कि इसी बंदरगाह से कई गाय, भैंसें और अन्य जानवर ब्राज़ील भेजे जाते हैं।

इराक का अल-कसर पोर्ट

हमने अपनी और पड़ताल के दौरान गूगल पर उम्म कसर पोर्ट की तस्वीरें खोजीं। यहाँ दिखीं तस्वीरें वायरल वीडियो में दिख रहे दृश्यों से काफी मेल खाती हैं। इसी के साथ हमने गुजरात स्थित उन 2 बंदरगाहों की पड़ताल की जो अडानी ग्रुप द्वारा संचालित हैं। हजीरा और मुंद्रा पोर्ट नाम के इन दोनों बंदरगाहों के चित्र वीडियो में दिख रहे पोर्ट से काफी अलग हैं।

अडानी समूह द्वारा संचालित दोनों पोर्ट

अंत में हम इस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं कि वायरल वीडियो में दिख रहे बंदरगाह का भारत से कोई संबंध नहीं है।

‘नवाबों-सुल्तानों के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं, राजा-महाराजाओं का अपमान करते हैं कॉन्ग्रेस के शहजादे’: राहुल गाँधी को PM मोदी का जवाब, याद दिलाया किसने मंदिरों को तोड़ा

देश के राजा-महाराजाओं पर विवादास्पद टिप्पणी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी पर हमला बोला है। पीएम मोदी ने राहुल गाँधी का नाम लिए बिना कहा कि कॉन्ग्रेस के शहजादे देश के राजा-महाराजाओं का अपमान करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केरल के वायनाड सीट से जीतने के लिए कॉन्ग्रेस ने प्रतिबंधित इस्लामी संगठन PFI की मदद ली।

कर्नाटक के बेलगाम (बेलगावी) में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “कॉन्ग्रेस के शहजादे को हमारे राजा-महाराजाओं के योगदान याद नहीं आते। ये वोट बैंक की राजनीति के लिए राजा-महाराजाओं के खिलाफ बोलने की हिम्मत करते हैं और नवाबों, बादशाहों और सुल्तानों के खिलाफ एक शब्द बोलने की ताकत नहीं है।”

आक्रमणकारी मुगलों की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “कॉन्ग्रेस को औरंगजेब के अत्याचार याद नहीं आते, जिसने हमारे सैकड़ों मंदिरों को तोड़ा, अपवित्र किया। कॉन्ग्रेस औरंगजेब की गुणगान करने वाली पार्टियों के साथ खुशी से गठबंधन करती है। ये भूल गए, जिन्होंने हमारे तीर्थों को तहस-नहस किया, लूटपाट किया, गौ हत्याएँ कीं।”

दरअसल, राहुल गाँधी ने लोकसभा चुनावों के प्रचार के दौरान देश के राजा-महाराजाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, राजाओं-महाराजाओं का राज था। जो भी वो चाहते थे, कर देते थे। किसी की जमीन चाहिए होती थी, उसे उठाकर ले जाते थे।” इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। अब उनके इस बयान पर पीएम मोदी ने हमला बोला है।

रामेश्वर ब्लास्ट की चर्चा करते हुए पीएम ने कहा, “जब बेंगलुरु के कैफे में बम धमाका हुआ, तभी कॉन्ग्रेस ने गंभीरता से नहीं लिया। यही नहीं, कॉन्ग्रेस ने वोट के लिए पीएफआई… जो आतंकवाद को पनाह देने वाला देश विरोधी संगठन है, जिस पर मोदी सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है। कॉन्ग्रेस सिर्फ एक सीट वायनाड जीतने के लिए ऐसे पीएफआई आतंकी संगठन का बचाव करने में लगी है।”

पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस की सरकार तुष्टिकरण को प्राथमिकता देती है। उनके लिए नेहा जैसी बेटियों की जिंदगी की कोई कीमत नहीं है। उनको सिर्फ अपनी वोटबैंक की चिंता है। बता दें कि कर्नाटक के कॉन्ग्रेस पार्षद निरंजन हिरेमथ की बेटी नेहा की सरेआम हत्या फयाज ने कर दी थी। तब हिरेमथ से इसे लव जिहाद बताया था, लेकिन कॉन्ग्रेस ने इसे लव स्टोरी कहा था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत जब आगे बढ़ता है… भारत जब मजबूत होता है तो हर भारतीय खुश होता है, लेकिन कॉन्ग्रेस देशहित से इतना दूर हो चुकी है… परिवार हित में इतना उलझ गई है कि उसे देशहित की उपलब्धियाँ अच्छी नहीं लगती है। उन्होंने कहा कि EVM पर सवाल उठाकर कॉन्ग्रेस ने लोकतंत्र पर सवाल उठाया है।

देवर ज़ुबैर ने बनाया हवस का शिकार, फिर शौहर साबिर बोलने लगा ‘भाभी’: रमजान में महिला की हत्या की कोशिश, वीडियो भी आया सामने

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक मुस्लिम महिला के साथ घिनौनी वारदात के बाद उसे जान से मारने की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोपित कोई और नहीं, बल्कि मुस्लिम महिला का शौहर और उसका देवर ही है। इस वारदात को इस्लामी दुनिया में पाक कहे जाने वाले महीने रमजान में अंजाम दिया गया। महिला की हत्या की कोशिश का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बताया जा रहा है।

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, ये मामला मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना पुलिस स्टेशन इलाके का है। जहाँ आरोपित देवर जुबैर खान (बदला हुआ नाम) ने रमजान के महीने में 2 अप्रैल को अपनी भाभी को अकेला देखकर उसे अपनी हवस का शिकार बना डाला। उस समय महिला का शौहर घर पर नहीं था। महिला ने अपने शौहर साबिर खान (बदला हुआ नाम) से अगले दिन देवर जुबैर की करतूत बताई, तो शौहर साबिर ने उसे अपनी बीवी मानने से ही इनकार कर दिया।

शौहर साबिर का कहना था कि अब वो जुबैर की बीवी हो चुकी है, क्योंकि जुबैर ने उसके साथ संबंध बनाए हैं। पीड़ित महिला ने जब इस बात का विरोध किया, तो दोनों भाईयों ने उसे जान से मारने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि शौहर साबिर ने महिला का गला दबाकर उसकी जान लेने की कोशिश की, और इस दौरान देवर जुबैर खान वीडियो बनाता रहा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी वायरल हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता ने बताया है कि रमजान के दौरान 2 अप्रैल को उसके देवर ने रेप किया। उस समय शौहर बाहर गया हुआ था। महिला ने कहा कि जब उसने इस वारदात के बारे में अपने शौहर से बताया तो उसने साफ कह दिया कि वो अब उसकी बीवी नहीं है, बल्कि भाभी बन गई है। यही नहीं, दोनों अगले ही दिन यानी 3 अप्रैल 2024 को उसके कमरे में आए और गले में चुन्नी डालकर उसे मारने की कोशिश की। इस दौरान देवर ने वीडियो बनाया।

बताया जा रहा है कि महिला ने खुद ही अपनी हत्या की कोशिश का वीडियो और शिकायती पत्र सोशल मीडिया पर वायरल किया था। महिला मुजफ्फरनगर के खातौली थाना इलाके की रहने वाली है। उसने खातौली थाने में ही पुलिस को अपनी शिकायत देकर पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया है। खातौली थाना के इंस्पेक्टर उमेश कुमार रोरिया ने घटना की पुष्टि की है और कहा कि पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

5-स्टार होटल मेरियट पर इस्लामी कब्जा करना चाहता था वक्फ बोर्ड, 60 साल तक कोर्ट-कचहरी के बाद हाईकोर्ट से मिला ‘घंटा’

अपने ऊल-जुलूल फरमानों के लिए कुख्यात वक्फ बोर्ड का नया कारनामा सामने आया है। वक्फ बोर्ड ने हैदराबाद के एक नामी 5 स्टार होटल को ही अपनी जागीर घोषित कर दिया। होटल का नाम मैरियट है जिसे कभी वायसराय नाम से भी जाना जाता था। इस पर कब्ज़े के लिए बोर्ड ने होटल से बाकायदा लम्बी कानूनी लड़ाई भी लड़ी। आखिरकार तेलंगाना में वक्फ बोर्ड के तमाम मंसूबे धरे के धरे ही रह गए। हाईकोर्ट ने होटल को न सिर्फ बड़ी राहत दी है बल्कि वक्फ बोर्ड को मिसकंडक्ट (प्रतिकूल प्रविष्टि) भी थमा दी है।

लॉ बीट के मुताबिक इस मामले की सुनवाई तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति अनिल कुमार जुकांति की बेंच में हुई। सुनवाई इस मुद्दे पर थी कि होटल मेरियट आखिर है किस का?

साल 1964 में अब्दुल गफूर नाम के एक व्यक्ति ने तब वायसराय नाम से चर्चित इस होटल पर अपना हक जताते हुए मुकदमा कर दिया था। मुकदमे में वक्फ अधिनियम 1954 का हवाला दिया गया था, जिसकी वजह से होटल मेरियट की सम्पत्ति विवादित घोषित हो गई थी।

लगभग 50 वर्षों तक वक्फ बोर्ड ने यह मामला कानूनी पेचीदगियों में उलझाए रखा। साल 2014 में एक बार फिर से तेलंगाना राज्य वक्फ बोर्ड होटल मेरियट के खिलाफ सक्रिय हुआ। उसने एक अख़बार में नोटिस के माध्यम से होटल मेरियट को कानूनी कार्रवाई की धमकी दी।

वक्फ बोर्ड की कानूनी कार्रवाई की धमकी पर होटल मेरियट के संचालकों ने भी अदालत में जवाब दाखिल किया। इस जवाब में वक्फ पर पुराने अदालती आदेशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था। आखिरकार यह मामला हाईकोर्ट तक पहुँच गया।

हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। आखिरकार अंतिम फैसला होटल मैरियट के पक्ष में आया। अदालत ने वक्फ बोर्ड की याचिका को शुरुआत से ही गैरकानूनी माना। होटल के खिलाफ वक्फ बोर्ड की अधिसूचना को ख़ारिज करते हुए अदालत ने फैसला सुनाया। साथ ही वक्फ बोर्ड को मिसकंडक्ट जारी करते हुए भविष्य में सभी बेदखली के कामों को रोकने का आदेश दिया।

‘मुस्लिम हूँ इसीलिए नहीं करता था नमस्ते, आदाब की थी आदत’: आमिर खान ने हिन्दू अभिवादन परंपरा को बताया ‘अद्भुत भावना’, बोले – शूटिंग के दौरान पता चला इसका महत्व

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने बताया है कि पंजाब में ‘रंग दे बसंती’ (2006) और ‘दंगल’ (2016) की शूटिंग के दौरान उन्हें ‘नमस्ते’ का महत्व पता चला। Netflix पर ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में आए आमिर खान ने कहा कि ‘दंगल’ की शूटिंग के दौरान उन्होंने पंजाब के ग्रामीणों को काफी विनम्र पाया। इसी ढाई महीने के दौरान उन्हें ‘नमस्ते’ का महत्व पता चला। उन्होंने कहा कि ये एक अद्भुत भावना है। बता दें कि भारत में हाथ जोड़ कर ‘नमस्ते’ बोल कर एक-दूसरे के अभिवादन की परंपरा रही है।

‘नमस्ते’ शब्द संस्कृत ग्रंथों में भी मिलता है, ये एक प्राचीन शब्द है। आमिर खान ने कहा कि ये कहानी उनके दिल के बिलकुल करीब है। उन्होंने बताया कि ‘रंग दे बसंती’ की शूटिंग के दौरान उन्हें पंजाब में रहना काफी अच्छा लगता था, वहाँ के लोग और वहाँ की संस्कृति सब में प्यार भरा हुआ है। वहीं ‘दंगल’ की शूटिंग के दौरान उन्हें एक छोटे से गाँव में एक घर में शूटिंग करनी पड़ती थी। बता दें कि ‘दंगल’ पहलवान महावीर सिंह फोगाट के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने अपनी चारों बेटियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का रेसलर बनाया।

आमिर खान ने बताया, “आप यकीन नहीं करोगे, लेकिन जब मैं सुबह के 5 या 6 बजे वहाँ पहुँचता था, जैसे ही मेरी कार गुजरती थी तो लोग अपने-अपने घरों के बाहर हाथ जोड़ कर मेरा स्वागत करने के लिए खड़े हो जाते थे। वो ‘सत श्री अकाल’ कहते थे। वो मेरा स्वागत करने के लिए इंतज़ार करते रहते थे। उन्होंने कभी मुझे परेशान नहीं किया, न ही मेरे कार को कभी रोकने की कोशिश की। पैकअप के बाद जब मैं वापस लौटता था तो वो फिर से अपने घरों के बाहर मुझे ‘गुड नाइट’ विश करने के लिए खड़े रहते थे।”

आमिर खान का ये भी कहना है कि मुस्लिम होने के कारण उन्हें ‘नमस्ते’ के लिए हाथ जोड़ने की आदत नहीं थी। उन्होंने कहा कि वो एक मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखते हैं, ऐसे में उन्हें ‘आदाब’ वाले और सिर झुकाने वाले अभिवादन की आदत थी। बता दें कि ‘आदाब’ करने के लिए मुस्लिम हाथ को सिर तक ले जाते हैं। लेकिन, पंजाब में रहने के बाद आमिर खान को ‘नमस्ते’ का महत्व पता चला। ये पहली बार है जब आमिर खान कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो में पहुँचे।

दिल्ली कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ने अपने पद से दिया इस्तीफा: AAP से गठबंधन और कन्हैया कुमार को टिकट देने पर जताई नाराजगी, बोले- प्रभारी करते हैं मनमानी

लोकसभा चुनाव 2024 की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन कॉन्ग्रेस पार्टी की मुश्किलें कम होने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही है। अब दिल्ली कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने टिकट बँटवारों में अनदेखी और दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी से गठबंधन का आरोप लगाया है।

लवली ने रविवार (28 अप्रैल 2024) को चार पेज का अपना त्याग पत्र कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज दिया। अरविंदर सिंह लवली को अगस्त 2023 में इस पद पर नियुक्त किया गया था। उन्होंने कहा कि दिल्ली प्रदेश का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उन्होंने कॉन्ग्रेस को राजधानी में स्थापित करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रयास किए।

लवली ने कॉन्ग्रेस के दिल्ली प्रभारी दीपक बाबरिया पर भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, “प्रभारी ने मुझे पंगु बना रखा है। वह मुझे पार्टी नहीं चलाने दे रहे हैं। मेरी सलाह पर कोई नियुक्ति नहीं की जाती है। प्रदेश कॉन्ग्रेस की रजामंदी नहीं होने पर भी AAP के साथ गठबंधन किया गया।” उन्होंने आरोप दिल्ली के पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की भावनाओं की उपेक्षा का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “दिल्ली कॉन्ग्रेस इकाई उस पार्टी के साथ गठबंधन के खिलाफ थी, जो कॉन्ग्रेस पार्टी के खिलाफ झूठे, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के एकमात्र आधार पर गठित की गई थी। इसके बावजूद पार्टी ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन करने का फैसला किया।” बता दें कि गठबंधन के बाद दिल्ली की कुल सात सीटों में से तीन कॉन्ग्रेस को मिली है।

लवली कन्हैया कुमार की उम्मीदवारी से भी नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि स्थानीय उम्मीदवारों को नजरअंदाज किया गया। अपने पत्र में लवली ने आगे लिखा है, “तीन सीटों पर प्रत्याशी चुनने में भी प्रदेश इकाई की सहमति नहीं ली गई। उत्तर पूर्वी में कन्हैया कुमार और उत्तर पश्चिमी दिल्ली से उदित राज को टिकट दिया गया, जबकि स्थानीय उम्मीदवारों को दरकिनार कर दिया गया।”

उन्होंने पार्टी हाईकमान पर सवाल उठाते हुए कहा, “पार्टी उम्मीदवारों पर अंतिम निर्णय लेना हाईकमान का विशेषाधिकार है। हालाँकि, चौंकाने वाली बात यह है कि एक बार जब हाईकमान ने उपरोक्त 2 उम्मीदवारों के संबंध में निर्णय ले लिया तो औपचारिक घोषणा से पहले पीसीसी को सूचित भी नहीं किया गया।”

नेपाल में ‘द केरल स्टोरी’: 14-15 साल की 2 हिंदू लड़कियों को भगा ले गए 6 मुस्लिम लड़के, साथ में थी 2 मुस्लिम लड़कियाँ – जिस्मफरोशी के लिए ग्रूमिंग जिहाद

भारत के पड़ोसी देश नेपाल में एक बार फिर से साम्प्रदायिक तनाव की खबर है। यहाँ के धनुहा जिले में एक साथ 2 नाबालिग हिन्दू लड़कियों के साथ ग्रूमिंग जिहाद की घटना हुई है। इससे नाराज होकर गुरुवार (25 अप्रैल 2024) को हिन्दू समाज सड़कों पर उतर आया। आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग के साथ रास्तों को जाम किया गया और विरोधस्वरूप टायरों को जला कर प्रदर्शन किया गया। नेपाली पुलिस ने हिन्दू संगठन से जुड़ी लक्ष्मी नाम की एक महिला नेता को हिरासत में लिया तो हालात और बिगड़ गए। आखिरकार पुलिस ने 27 अप्रैल 2024 (शनिवार) को लक्ष्मी को रिहा करके ग्रूमिंग जिहाद के आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।

यह मामला नेपाल के धनुहा जिले के औराही थानाक्षेत्र का है। यहाँ के एक गाँव में रहने वाले 2 हिन्दू परिवारों ने पुलिस में एक साथ शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के मुताबिक गुरुवार (16 अप्रैल 2024) की शाम लगभग 6 बजे गाँव की 2 नाबालिग हिन्दू लड़कियाँ घर में पढ़ाई कर रहीं थीं। इसी दौरान मुस्लिम समाज के कुछ लोग इन दोनों लड़कियों को बहला-फुसला कर अपने साथ भगा ले गए। आरोपितों में 2 मुस्लिम महिलाएँ भी शामिल हैं। पुलिस में दी शिकायत के अनुसार एक पीड़िता की उम्र 15 जबकि दूसरी की 14 साल है।

FIR कॉपी में नामजद आरोपित

ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पीड़ित परिजनों ने इस केस में साजिद, मोफिद, समीर, अशरफ, मस्तकीम और लियासत के साथ हकीदा और नगीना खातून को भी नामजद किया है। इन सभी पर आरोप है कि ये नेपाल की लड़कियों को कम उम्र में फँसा कर उन्हें मोटे दाम में भारत के कोलकाता, मुंबई जैसे शहरों में बेच देते हैं।

शिकायतकर्ता ने इन सभी आरोपितों को मानव तस्करी का एक संगठित गिरोह बताया है और कड़ी कार्रवाई की माँग की है। इन सभी नामजदों पर पूर्व में भी आपराधिक हरकतों को अंजाम देने का आरोप है।

ऑपइंडिया ने नेपाल में सक्रिय हिन्दू सम्राट सेना के अध्यक्ष राजेश यादव से बात की। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल की घटना को 9 दिन बीत जाने पर किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई तो नेपाल के हिन्दू संगठन आक्रोशित हो उठे। हिन्दू सम्राट सेना के नेतृत्व में 25 अप्रैल को धनुहा जिले में विरोध प्रदर्शन किया गया।

इस प्रदर्शन में न सिर्फ आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई करने बल्कि दोनों नाबालिग बच्चियों की सकुशल बरामदगी की भी माँग उठाई गई। विरोध के दौरान सड़क पर टायरों को रख कर जलाया गया, जिससे थोड़े समय के लिए मुख्य रास्ता रुक गया। इस विरोध प्रदर्शन के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

राजेश यादव का आरोप है कि नेपाल की पुलिस मुस्लिमों और वामपंथी नेताओं के दबाव में आ गई है। इसी कारण नेपाली पुलिस ने विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही लक्ष्मी नाम की एक हिन्दू महिला को हिरासत में ले लिया।

लक्ष्मी की हिरासत की खबर सुन कर नेपाल के हिन्दू संगठनों में आक्रोश फ़ैल गया। हिन्दू सम्राट सेना सहित कई अन्य संगठनों ने इस कार्रवाई पर नेपाल पुलिस की निंदा की और आंदोलन की चेतावनी दी। आखिरकार हिरासत में लिए जाने के 2 दिनों बाद 27 अप्रैल को लक्ष्मी को रिहा कर दिया गया।

ऑपइंडिया द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक अभी तक नेपाली पुलिस दोनों में से किसी भी पीड़िता को बरामद नहीं कर पाई है। सभी नामजद आरोपितों में से किसी की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है। एक आरोपित के अम्मी-अब्बा को हिरासत में लिए जाने की अपुष्ट सूचना है हालाँकि इस पर नेपाल पुलिस का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। राजेश यादव ने हमें बताया कि यदि जल्द से जल्द दोनों बच्चियों को बरामद कर के सभी आरोपितों पर कार्रवाई न हुई तो हिन्दू सम्राट सेना पूरे नेपाल में आंदोलन खड़ा करेगी।

15000 करोड़ रुपए के घोटाले में फरार अभिनेता साहिल खान गिरफ्तार: महादेव बेटिंग ऐप नेटवर्क का है हिस्सेदार, 26 साल छोटी लड़की से किया है निकाह

छत्तीसगढ़ के कुख्यात महादेव बेटिंग ऐप घोटाले में मुंबई पुलिस साइबर सेल की विशेष जाँच दल (SIT) ने शनिवार (27 अप्रैल 2024) को अभिनेता साहिल खान को गिरफ्तार कर लिया। इसके पहले गिरफ्तारी की आशंका के बीच साहिल खान ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दी थी। हालाँकि, यह याचिका खारिज हो गई थी। SIT ने साहिल को जगदलपुर से गिरफ्तार किया है।

छत्तीसगढ़ के रहने वाले साहिल खान पर बेटिंग साइट चलाने और उसे प्रमोट करने के आरोप हैं। मुंबई पुलिस द्वारा महादेव बेटिंग केस की जाँच में साहिल खान का नाम आया था। इसके बाद SIT ने हाल ही में साहिल खान को बुलाकर उनसे पूछताछ की थी। बताया जा रहा है कि साहिल लोटस बुक 24/7 नाम के एक सट्टेबाजी ऐप वेबसाइट में भी भागीदार है। यह महादेव सट्टेबाजी ऐप नेटवर्क का हिस्सा है।

साहिल खान पर लॉयन बुक ऐप को प्रमोट करने का आरोप लगा है। लॉयन बुक को प्रमोट करने के बाद उसने बतौर पार्टनर लोटस बुक 24/7 ऐप को भी लॉन्च किया था। साहिल खान बेटिंग ऐप को बढ़ावा देने के लिए अपने सर्किल का बखूबी इस्तेमाल करता था। वह ग्रांड पार्टियों का आयोजन करता था और सिलेब्रिटीज को बुलाता था।

अग्रिम जमानत की याचिका बॉम्बे हाई कोर्ट से खारिज होने के बाद साहिल खान मुंबई छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद से पुलिस लगातार उसका पीछा कर रही थी। साहिल खान बार बार अपना लोकेशन बदलता रहा था। पुलिस अधिकारियों ने फरार साहिल खान का लगभग 40 घंटे तक पीछा करने के बाद उसे छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से पकड़ लिया।

महादेव बेटिंग ऐप लगभग 15,000 करोड़ रुपए का घोटाला है। इसमेें छत्तीसगढ़ की पिछली कॉन्ग्रेस सरकार का भी नाम आया था। इस मामले में साहिल खान सहित 32 व्यक्तियों के खिलाफ जाँच चल रही है। इस जाँच में आरोपितों के बैंक खाते, मोबाइल फोन, लैपटॉप और सभी तकनीकी उपकरणों की जाँच शामिल है। 

मुंबई की माटुंगा पुलिस ने भारतीय दंड संहिता, जुआ अधिनियम, आईटी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 465, 467, 468, 471, 120 (बी) के तहत दर्ज एफआईआर में अभिनेता साहिल खान और डाबर कंपनी के गौरव बर्मन और मोहित बर्मन और अन्य के नाम शामिल किए हैं।

बताते चलें कि साहिल खान बॉलीवुड का एक असफल अभिनेता है। उसने Excuse Me और स्टाइल जैसी फिल्मों में काम किया है। हालाँकि, ये फिल्में कुछ कमाल नहीं दिखा पाईं और थक-हारकर उसने फिल्म इंडस्ट्री छोड़ दी। इसके बाद वह फिटनेस इंफ्लुएंसर बन गया। साहिल Divine Nutrition नाम की एक कंपनी भी चलाता है और सप्लीमेंट्स बेचता है।

साहिल खान ने इस साल फरवरी में उसने अपनी दूसरी शादी के बारे में खुलासा किया था। उसने बताया था कि रूस में सगाई के बाद उसने 26 साल छोटी Milena से शादी की है। साहिल खान ने साल 2004 में ईरान में जन्मीं अभिनेत्री निगार खान से शादी की थी। हालाँकि, शादी के एक साल बाद ही दोनों अलग हो गए थे।

सरकारी ठेका लेने के लिए क्या हिंदुओं को मुस्लिम बनना होगा?: कॉन्ग्रेस के घोषणा पत्र पर फिर उठ रहा सवाल, मंगलसूत्र और सोना पर हो चुका है विवाद

कॉन्ग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2024 के अपने घोषणा पत्र में जिस तरह के वादे किए हैं, उसकी तह में छिपी हुई उसकी तुष्टिकरण की नीति खुल-खुलकर सामने आ रही है। कभी मुस्लिमों की तुष्टिकरण के लिए बदनाम हो चुकी कॉन्ग्रेस इस दाग को धोना भी नहीं चाहती है। पीएम मोदी ने अपने भाषणों में कॉन्ग्रेस की घोषणा पत्र का पोल खोल दिया है।

उधर कॉन्ग्रेस बार-बार ये दोहरा रही है कि वह अपने घोषणा पत्र में किसी धर्म या मजहब का जिक्र नहीं किया है, लेकिन घोषणा पत्र पर शब्दों के साथ की गई जादूगरी को ध्यान से देखा जाए तो कॉन्ग्रेस की यह बात झूठ साबित होती है। कॉन्ग्रेस ने अल्पसंख्यक शब्द की आड़ में इस पूरे खेल को अंजाम दिया है।

भाजपा नेता अमित मालवीय ने कॉन्ग्रेस के इस खेल को अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर साझा किया है। उन्होंने कॉन्ग्रेस के घोषणा पत्र के एक प्वॉइंट का स्क्रीनशॉट साझा किया है। इसमें लिखा है, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि अल्पसंख्यक शिक्षा, स्वास्थ्य, सरकारी ठेके, कौशल विकास, खेल और सांस्कृतिक विकास में बिना किसी भेदभाव के उचित साझेदारी का अवसर प्राप्त करें।”

शिक्षा-स्वास्थ्य आदि विषयों की बात तक तो ठीक है, लेकिन कॉन्ग्रेस सरकार यह कैसे सुनिश्चित करेगी की सरकारी ठेकों में मुस्लिम वर्ग को उचित भागीदारी का अवसर मिले। सार्वजनिक कार्यों का ठेका कई नियमों और दिशा-निर्देशों के तहत जारी किया जाता है। इसमें किसी तरह का धार्मिक भेदभाव की गुंजाइश नहीं होती है, लेकिन कॉन्ग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में इसका जिक्र करके तुष्टिकरण की एक नई कोशिश की है।

अमित मालवीय अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखते हैं, “कॉन्ग्रेस यह कैसे सुनिश्चित करेगी कि अल्पसंख्यकों (मुस्लिम पढ़ें) को ‘सार्वजनिक कार्य ठेका’ में उचित हिस्सा मिले? क्या तकनीकी और वित्तीय बोली के साथ अब धार्मिक कोटा भी होगा? क्या मुस्लिमों के पक्ष में योग्य बोलीदाताओं की अनदेखी की जाएगी?”

भाजपा IT सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कॉन्ग्रेस पार्टी से पूछा, “क्या सार्वजनिक ठेका हासिल करने के लिए हिंदुओं को अल्पसंख्यकों बनना होगा, भले ही वे स्वयं ऐसा करने में सक्षम हों? क्या यह ‘टेंडर घोटाला’ की नींव नहीं रख रहा है?”

उन्होंने आगे कहा, “कॉन्ग्रेस न केवल एससी/एसटी/ओबीसी की संपत्ति पर कब्जा करना चाहती है, सोना और उनके मंगलसूत्र सहित हिंदू महिलाओं की छोटी बचत को अपने कब्जे में लेना चाहती है और इसे अल्पसंख्यकों के बीच वितरित करना चाहती है, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ आजीविका कमाने के अवसरों से भी वंचित करना चाहती है।”

बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह विरासत कर, सोना और मंगलसूत्र सहित कॉन्ग्रेस के विभाजनकारी मुद्दों को जनता के सामने ला चुके हैं। इन दोनों नेताओं ने अपनी कई जनसभाओं में इन मुद्दों का जिक्र किया है। कॉन्ग्रेस के घोषणा पत्र की वास्तविक सच्चाई सामने आने के पार्टी बौखलाई हुई भी नजर आ रही है।