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बुरी तरह पीटते थे, साफ़ करवाते थे शौचालय… 93 बच्चों को बस में भर कर ले जा रहे 5 मौलवी धराए, अनाथ बता कर उठाते थे फंडिंग, देवबंद के मदरसों में डालने की थी साजिश

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में शुक्रवार (26 अप्रैल, 2024) को मानव तस्करी की आशंका के चलते एक बस की तलाशी ली गई थी। तब इस बस में 93 नाबालिग बच्चे मौजूद मिले जिनकी उम्र 6 से 14 साल के बीच थी। इसी बस में 5 मौलवी भी पकड़े गए थे। सभी बच्चे बिहार के अररिया जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इन्हें पढ़ाने के नाम पर सहारनपुर जिले के एक मदरसे में ले जाया जा रहा था। ये मदरसे रजिस्टर्ड भी नहीं थे। मौलवियों पर बच्चों को यतीम बता कर बाहर से फंड लेने आरोप लगा है। बच्चों ने बताया कि उनके साथ अमानवीयता की जा रही थी। इस मामले में प्रशासन जाँच कर रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को अयोध्या के देवकाली के पास पुलिस ने एक डबल डेकर बस रोकी। बस में लगभग 100 लोग सवार थे। इसमें 93 नाबालिग बच्चे थे जो बेहद थके और परेशान लग रहे थे। बस बिहार के अररिया से आ रही थी। पुलिस से हुई शुरुआती पूछताछ में बस में सवार 5 मौलवियों ने बताया कि वो सहारनपुर जा रहे हैं। यहाँ के देवबंद इलाके में मौजूद 2 मदरसों का जिक्र किया गया जिनके नाम मदारूल उलूम रफीकिया और दारे अरकम हैं। सभी बच्चों का एडमिशन इसी मदरसे में होना था।

पुलिस ने जाँच की तो पता चला कि दोनों मदरसे रजिस्टर्ड भी नहीं थे। साथ ही बस में सवार मौलवी बच्चों के माता-पिता से पैसे लेने के बावजूद उन्हें अनाथ बता कर बाहर से भी फंडिंग करवाते थे। पुलिस ने बच्चों को लखनऊ के राजकीय बाल गृह पहुँचा दिया और उनके अभिभावकों को भी सूचित कर दिया। रविवार (28 अप्रैल, 2024) को यहाँ राज्य बाल संरक्षण आयोग की टीम पहुँची। इन्होंने बच्चों का हालचाल लिया तो उन्होंने मदरसे में होने वाली अपनी प्रताड़ना को खुल कर बताया। बरामद हुए 95 बच्चों में कई रिश्ते में भाई हैं तो कुछ अन्य एक दूसरे के बारे में जानते तक नहीं हैं।

बच्चों ने कहा कि मदरसे में उनकी बेरहमी से पिटाई की जाती थी। उनसे शौचालय साफ करवाए थे और किसी को बताने पर बुरे अंजाम की धमकी दी जाती थी। बीमार होने पर भी बच्चों के घर से पैसे आने पर ही उनको दवा दी जाती थी। कई बच्चे सहारनपुर के मदरसे में पहले भी रह चुके हैं। यहाँ रात को गेट बंद हो जाते थे। गेट खोलने के लिए कहने पर बच्चों को गेट पर तैनात गार्डों द्वारा बेरहमी से पीटा जाता था। सबसे अधिक प्रताड़ना देने वालों में बच्चों ने मास्टर शहजाद और जबर का नाम लिया।

पाँचों मौलवियों को फ़िलहाल गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे पूछताछ और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इन बच्चों के अभिभावकों से यहाँ तक लिखवा लिया गया था कि उनकी संतानों के साथ किसी अनहोनी के जिम्मेदार मौलवी नहीं होंगे। सोमवार (29 अगस्त) तक बच्चों के माता-पिता को लखनऊ बुलवाया गया है।राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी के मुताबिक उनसे बात करते हुए बच्चे फफक कर रोने लगे।

उन्होंने अपने सपने के तौर पर डॉक्टर बनना बताया। इस दौरान बच्चों ने यह भी कहा कि मदरसे में पढ़ कर उनका ये सपना नहीं पूरा हो सकता है। डॉ सुचिता का कहना है कि वो आ रहे अभिभावकों से यह लिखित तौर पर लेंगी कि दुबारा इन बच्चों का एडमिशन मदरसे में नहीं करवाया जाएगा।

‘पैसे लेकर टिकट देते हो, मैंने पहले ही कहा था भाग जाएगा’: फोन पर पार्टी को हड़काते दिखे इंदौर कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष, कहा – भुगतो खामियाजा

लोकसभा चुनाव 2024 में मध्य प्रदेश के इंदौर में बीजेपी को चुनौती देने के लिए कॉन्ग्रेस का कोई प्रत्याशी ही मैदान में नहीं है। कॉन्ग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने नामांकन वापसी के आखिरी दिन पर्चा वापस ले लिया और बीजेपी में शामिल हो गए, जिसके बाद तमाम तरह की चर्चाएँ चल रही हैं। अक्षय कांति बम के नामांकन वापस लेने और भाजपा में शामिल होने से कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं व नेताओं में खासी नाराजगी है और अब उनका गुस्सा खुलकर सामने आ रहा है। इंदौर कॉन्ग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने पार्टी पर पैसे लेकर टिकट बेचने का आरोप लगा दिया है।

इन्दौर शहर कॉन्ग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र यादव का किसी बड़े कॉन्ग्रेसी नेता से फोन पर बात करने का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें देवेंद्र यादव का गुस्सा साफ तौर पर दिख रहा है। देवेंद्र यादव फोन पर बोलते दिख रहे हैं, “मैं शुरू से बोल रहा था, ये नाम वापस ले लेगा। मैंने टिकट ताकत से माँगा था कि इससे अच्छा चुनाव लडूँगा, मगर पैसे को देखते हुए हमारे नेताओं ने उसे टिकट दिया। वह कॉल पर कहते हैं कि क्यों दिया उसको टिकट? क्या किया उसने? क्या योगदान था उसका कॉन्ग्रेस पार्टी में? कौन सा संघर्ष किया उसने।”

इसके बाद वह कहते हैं, “हम आज भी पूरी दमदारी के साथ खड़े हैं यहाँ, मगर वो निकल गया। हम बताते हैं फिर उसको। जमीनी कार्यकर्ताओं को, जो 30 सालों से पार्टी के लिए संघर्ष कर रहे थे। उनको मौका न देकर पैसे वालों को टिकट दिया गया है। पैसे लेकर टिकट दिया गया। पैसा देखकर टिकट दिया गया।” इस वीडियो में वो एक जगह बोलते दिख रहे हैं, “मैं खुद फॉर्म भरने वाला था, लेकिन पार्टी हाईकमान ने अनुमति नहीं दी। मेरा फॉर्म पूरा भरा था। अगर आज मुझे अनुमति दी होती तो आज कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता काम करता।”

चर्चा है कि देवेन्द्र यादव ने सीधे पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को फोन लगाया था और उन्हें खरी-खोटी सुनाई। वो जिस समय फोन पर बात कर रहे थे, उस समय वो इंदौर कलेक्ट्रेट के सामने ही खड़े थे। फोन पर वो कहते हैं, “आज भी यहाँ दमदारी से खड़ा हूँ, वो निकल गया। नहीं तो बताते उसको। सब पार्टी की गलती है पार्टी क्यों ऐसे लोगों को टिकट देती है क्यों पैसे देखकर टिकट देती है? अब भुगतो इसका खामियाजा।”

वरिष्ठ पत्रकार डॉ. राकेश पाठक ने ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “सुनिए इंदौर में कॉन्ग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र यादव क्या कह रहे हैं। वे अक्षय कांति बम की नाम वापसी के बाद कलेक्टर ऑफिस के सामने से किसी बड़े नेता से बात कर रहे थे।”

बता दें कि इंदौर से कॉन्ग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने नामांकन वापसी के आखिरी दिन अपना नामांकन वापस ले लिया और वो बीजेपी में शामिल हो गए। इसके साथ ही मध्य प्रदेश में खजुराओ के बाद इंदौर ऐसी दूसरी लोकसभा सीट हो गई, जहाँ बीजेपी के सामने कोई गंभीर चुनौती नहीं है। खजुराहो में समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार का पर्चा ही खारिज हो गया था।

पाकिस्तान के 2% हिन्दुओं में नई ऊर्जा का संचार करती है हिंगलाज यात्रा: गुफा में विद्यमान माँ के दर्शन को जुटे 1 लाख हिन्दू, बलूचिस्तान में स्थित है शक्तिपीठ

चढ़ाई, ढलान और ज्वालामुखी के बीच हिन्दू लोग हर साल माँ हिंगलाज के मंदिर तक यात्रा करते हैं। दक्षिण-पश्चिम पाकिस्तान में ये यात्रा हिन्दुओं के लिए एक उम्मीद है। शिखर के शीर्ष तक पहुँचने के लिए सैकड़ों सीढ़ियाँ चढ़नी होती है। इन सीढ़ियों को पत्थर के ऊपर बनाया गया है। इस दौरान वो नारियल और गुलाब के फूल अर्पित करते हुए चलते हैं। हिंगलाज माता का मंदिर एक गुफा में स्थित है। 3 दिवसीय पूजन के लिए हर साल ये हिन्दुओं के जुटान का स्थल बनता है।

बलूचिस्तान स्थित हिंगोल नेशनल मार्क पाकिस्तान के इस सबसे बड़े हिन्दू त्योहार का गवाह बनता है। शुक्रवार (26 अप्रैल, 2024) को शुरू होकर ये यात्रा सोमवार को समाप्त हुई। 1 लाख से भी अधिक हिन्दुओं ने इसमें अबकी हिस्सा लिया। पाकिस्तान में तमाम अत्याचारों के बाद अब भी 44 लाख हिन्दू बचे हुए हैं। वो कुल जनसंख्या का मात्र 2.14% हैं। देश में चुनिंदा हिन्दू धर्मस्थल ही बचे हैं, जिनमें एक हिंगलाज माता मंदिर भी है। पाकिस्तान में हिन्दू लड़कियों और मंदिरों पर हमले की घटनाएँ सामने आती रहती हैं।

हिंगलाज मंदिर माँ के शक्तिपीठों में से एक हैं, यहाँ माता सती के अवशेष गिरे थे। महाराज गोपाल फ़िलहाल इस मंदिर के पुजारी का कामकाज देख रहे हैं। यात्रा सिंध प्रान्त से शुरू होती है, जो सैकड़ों किलोमीटर दूर है। हैदराबाद और कराची जैसे शहरों से बसों में भर कर लोग आते हैं। मकरान कोस्टल हाइवे के माध्यम से ये यात्रा पूरी होती है, जो दक्षिणी एवं दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान को जोड़ता है। बच्चों और सामान के साथ कई लोग पैदल इस यात्रा को पूरा करते हैं।

ये यात्रा इतनी सरल भी नहीं होती, क्योंकि इलाका रेगिस्तानी है और हवाओं के कारण चेहरे को धूल से बचाना होता है। सामान्यतः लोग रंगीन कपड़े पहन कर आते हैं। इस दौरान वो ‘जय माता दी’ और ‘जय शिव शंकर’ का उद्घोष करते रहते हैं। कई लोग संतान की चाह में भी आते हैं, उनका मानना है कि माँ के द्वार से कोई खाली हाथ नहीं जाता। यात्रा के दौरान धर्मस्थल को सजाया जाता है। बच्चों, खासकर शिशुओं को देवी-देवताओं से आशीर्वाद दिलाया जाता है।

यहाँ हिंगोल नदी में श्रद्धालु स्नान भी करते हैं। हिंगलाज माता मंदिर के जनरल सेक्रेटरी वरसिमल दीवानी इस बात से निराश हैं कि भारत-पाकिस्तान के कटु संबंधों के कारण भारत के श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के लिए नहीं आ पाते। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से माँग की कि भारत के हिन्दुओं को हिंगलाज यात्रा के लिए वीजा दिया जाए, इससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क भी बढ़ेगा। बता दें कि पाकिस्तान में 3 शक्तिपीठ हैं।

जिस आतंकी नदीम का परिवार रो रहा था गरीबी का रोना, पक्की इमारत में तब्दील हो गया उसका जर्जर घर: हैरान ग्रामीण पूछ रहे – बेटा जेल में, कहाँ से आ रहा इतना पैसा?

उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने 12 अगस्त 2022 को सहारनपुर जिले से नदीम नाम के एक आतंकी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आतंकी का कनेक्शन पाकिस्तान से संचालित अंतरराष्ट्रीय और प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से पाया गया था। नदीम भाजपा की निलंबित नेत्री नूपुर शर्मा की हत्या सहित कई अन्य आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में था। गिरफ्तारी के बाद जब हम नदीम का घर गए थे, तो देखा था कि घर बेहद जर्जर हालत में था। उसके अब्बा ने अपनी गरीबी और बीमारी का हवाला देते हुए रहम की अपील भी की थी। ऑपइंडिया ने लगभग डेढ़ साल बाद आतंकी नदीम के गाँव का दौरा किया तो अब नजारा कुछ अलग था।

डेढ़ साल पहले टूटे घर में ऑपइंडिया से बात करते नदीम का अब्बा नफीस

आतंकी नदीम अभी भी लखनऊ की जेल में बंद है। उसके भाई देहरादून और अन्य शहरों में मेहनत मजदूरी करते हैं। अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में हमने पाया कि पिछले डेढ़ वर्षों में आतंकी नदीम के घर और घर वालों में बहुत बदलाव आया है। डेढ़ साल पहले नदीम का घर टूटी-फूटी हालात में था। घर में प्लास्टर भी नहीं लगा था। तब बैठने के लिए पड़ी चारपाई भी जर्जर हालत में थी। जिस कमरे में नदीम और उसके अब्बा सोते थे वहाँ पंखा भी नहीं लगा था लेकिन अब सब कुछ बदल चुका है।

नदीम का घर किनारे से

अब नदीम का घर किसी महल जैसा लगने लगा है। घर के अंदर लगभग आधे दर्जन से अधिक नए कमरे बन गए हैं। चारों तरफ से घर प्लास्टर हो गया है। कुंडा से गंगोह जाने वाली सड़क पर नदीम के घर के बाहरी हिस्से में आधे दर्जन से अधिक दुकानें खुल चुकी हैं। इन दुकानों में फल और जनसेवा केंद्र जैसे तमाम कारोबार भी चालू हो चुके हैं। जैश आतंकी नदीम के घर में जरूरत के तमाम सामान भी आ गए हैं। इसमें कई महंगे इलेक्ट्रॉनिक आइटम भी शामिल हैं। गाँव के लोगों में चर्चा है कि इन सब बदलावों में करीबन आधे करोड़ रुपए यानी 50 लाख रुपए का खर्च आया है।

घर में ही बनीं नई दुकानें

अगस्त 2022 में जब ऑपइंडिया की टीम नदीम के घर पहुँची थी तब उसके अब्बा अपने परिवार के भविष्य को लेकर कई बार चिंता जताए थे। उन्होंने कहा था कि वो बीमार हैं और घर में दवाओं के लिए भी पैसे नहीं हैं। तब गर्मी में घर की छत के बजाय अधिकतर लोग हाथ का पँखा झल रहे थे। महज डेढ़ साल के अंदर वही घर न सिर्फ बाहर बल्कि अंदर से भी चमक उठा है। घर में अच्छी क्वालिटी के फर्नीचर आदि भी आ चुके हैं। नदीम के अब्बा नफीस का अच्छी जगह से इलाज भी हो रहा है। ऑपइंडिया द्वारा इस रिपोर्ट में दिखाए गए चित्र लगभग 6 माह पहले के हैं। गाँव के स्थानीय लोगों ने हमें बताया कि इस ढाँचे को अब और भव्य कर दिया गया है।

2 साल पहले ऐसे कमरे में इस खाट पर सोता था नदीम

ऑपइंडिया ने जब गाँव कुंडाकला के स्थानीय लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि नदीम के घर का यह नवनिर्माण उसके जेल जाने के 6 महीने बाद ही शुरू हो गया था। हालाँकि कोई यह नहीं बता पाया कि कभी बेहद गरीब रहा आतंकी का परिवार एकदम से इतना पैसे वाला कैसे हो गया। नदीम के अन्य भाई मेहनत मजदूरी कर के जीवन यापन करते हैं। इसी मजदूरी के पैसे से न सिर्फ वो अपने अब्बा के इलाज बल्कि नदीम की कानूनी पैरवी का भी दावा करते हैं। इसके बावजूद नदीम के घर और शानो-शौकत पर लाखों रुपए का खर्च किस माध्यम से आया ये फ़िलहाल कोई नहीं बता पाया।

एक ग्रामीण ने कैमरे पर न आने की शर्त पर कहा कि जेल और कोर्ट कचेहरी के चक्कर में लोगों के घर तक बिक जाते हैं लेकिन नदीम का परिवार लगातार कैसे फल-फूल रहा है ये समझ के बाहर की बात है।

अपना नाम न छपने की शर्त पर गाँव के एक व्यक्ति ने हमें बताया कि गिरफ्तारी से पहले नदीम का नशीली दवाओं के कुछ तस्करों से संबंध था। उसने बताया कि यह तस्करी हरियाणा और उत्तराखंड में की जाती है। आरोप है कि नदीम ने गाँव के ही कुछ लोगों के साथ मिल कर इस अवैध कारोबार को करते हुए लाखों रुपए कमाए थे। इस पैसे से कुछ स्थानों पर प्लॉट भी खरीदे गए थे। नदीम द्वारा पहले किसी मेडिकल स्टोर पर काम करने की भी बात बताई गई। दावा है कि यह मेडिकल स्टोर गंगोह मार्किट में था। इस गिरोह के कुछ लोगों को हरियाणा पुलिस द्वारा पहले गिरफ्तार किए जाने की भी खबर है जो कुंडाकला गाँव के ही निवासी हैं।।

कहीं भाँजे की शादी में मामा गिरे, कहीं नाचते-नाचते दुल्हन की बहन की मौत, कहीं दूल्हे की ही रुक गई धड़कनें: फिर डरा रही हार्ट अटैक की घटनाएँ

बीते कुछ दिनों से हार्ट अटैक के मामलों में अचानक वृद्धि देखी जा रही है। बीते कुछ दिनों में ऐसे कई वीडियो सामने आए जिनमें सामान्य दिख रहे लोग एकाएक गिर गए और हार्ट अटैक के कारण काल के गाल में समा गए। बीते तीन दिनों में तीन ऐसी घटनाएँ सामने आई हैं।

ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला मेरठ से सामने आया जहाँ एक युवती नाचते हुए गिर गई। इसके बाद उसकी मौत भी हो गई। बाद में पता चला कि उसे हार्ट अटैक पड़ा था। इसका एक वीडियो भी सामने आया। युवती का नाम रिम्शा था और वह अपनी बहन की शादी से पहले मेहँदी रस्म में ख़ुशी से नाच रही थी। वीडियो में दिखता है कि युवती पहले नाच रही होती है और फिर इकट्ठे गिर जाती है, उसके घरवाले उसको आवाज देते हैं। उसे बाद में अस्पताल भी ले जाया गया लेकिन उसके बचाया नहीं जा सका।

मेरठ के ही पड़ोसी जनपद बिजनौर से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया। यहाँ एक व्यक्ति की मौत उसकी शादी के रस्मों से पहले ही हो गई। मृतक युवक का नाम नीतू बताया गया। बताया गया कि उसकी शादी की रस्में चालू होती, उससे पहले ही उसे सीने में दर्द महसूस हुआ और फिर वह एकाएक गिर गया। इसके बाद घर वालों ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन असफल रहे। अस्पताल ले जाए जाने पर उसकी मौत हो गई। घरवालों ने बताया कि उसे पहले से कोई बीमारी नहीं थी।

इसी तरह का एक मामला राजस्थान से भी सामने आया। यहाँ एक व्यक्ति का नाचते हुए गिरने का वीडियो सामने आया। बताया गया कि झुंझनु जिले के नवलगढ़ तहसील में कमलेश ढाका नाम का व्यक्ति अपने भांजे की शादी में आया हुआ था। यहाँ कुछ रस्मों के पूरा होने के बाद वह डीजे की धुन पर नाच रहा था। इस बीच वह अचानक से गिर गया। कमलेश अपने सर पर मटकी रख कर नाच रहे थे जो कि गिर कर फूट गई। कमलेश ढाका को इसके बाद अस्पताल ले जाया गया जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

इसके अलावा भी बीते दिनों में कई ऐसी ही खबरें आई जहाँ युवाओं को हार्ट अटैक हुए। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में भाजपा के युवा नेता अमिय त्रिपाठी की भी हार्ट अटैक से मृत्यु हुई। उनके जानने वालों ने बताया कि वह कुछ देर पहले तक स्वस्थ थे और उनकी एकाएक ही मौत हो गई। अमिय की मौत पर हर कोई स्तब्ध रह गया।

‘PM मोदी पर लगे 6 साल का प्रतिबंध’: हाईकोर्ट ने ख़ारिज की ‘ग़लतफ़हमी भरी’ याचिका, कहा – चुनाव आयोग को नहीं दे सकते आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध लगाई गई एक याचिका को खारिज कर दिया। यह याचिका पीएम मोदी द्वारा दिए गए एक बयान के आधार पर लगाई गई थी और इसमें दावा किया गया था कि पीएम मोदी ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है।

दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस सचिन दत्ता की एकल सदस्यीय बेंच ने इस मामले में की सुनवाई की। हाई कोर्ट ने कहा कि यह याचिका एकदम गलतफहमी भरी हुई थी क्योंकि याचिकाकर्ता ने पहले ही मान लिया कि चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है। कोर्ट ने कहाकि वह चुनाव आयोग को कार्रवाई के लिए आदेश नहीं दे सकता। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता पहले ही इस मामले की चुनाव आयोग के पास शिकायत कर चुका है। चुनाव आयोग इस मामले में एक्शन लेने के लिए स्वतंत्र है।

चुनाव आयोग के वकील ने कोर्ट को बताया कि वह याचिकाकर्ता की शिकायत पर नियामानुसार आगे की कार्रवाई करेगा। चुनाव आयोग ने कहा कि यह शिकायत 21 अप्रैल की है और उसके पास रोज ऐसी कई शिकायत आ रही हैं, ऐसे में वह इस पर काम करेगा क्योंकि वह एक संवैधानिक संस्था है।

दरअसल, आनंद जोंधाले नाम के एक वकील ने दिल्ली हाई कोर्ट के सामने एक याचिका लगाई थी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुनाव लड़ने से 6 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाए क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर धर्म के नाम पर वोट माँगे हैं। याचिकाकर्ता ने इसके लिए पीलीभीत में हुई एक रैली के भाषण का उदाहरण दिया था।

जोंधाले ने अपने याचिका में कहा था कि कोर्ट चुनाव आयोग को पीएम मोदी के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर आदेश दे। उनको चुनावों से प्रतिबंधित कर दिया जाए और उन्हें वोट भी ना माँगने दिया जाए। जोंधाले का कहना था कि यह सब कुछ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत किया जाए।

जोंधाले का यह भी कहना था कि उसने चुनाव आयोग से भी ऐसे ही एक्शन की माँग की थी लेकिन कुछ नहीं हुआ इसलिए वह कोर्ट आया है। हालाँकि, उसे कोर्ट से इस मामले में कोई राहत नहीं मिली और उसकी याचिका खारिज कर दी गई।

10 घंटे 5 राज्य, 1800 km… कुछ ऐसे पुलिस के शिकंजे में आए अभिनेता साहिल खान: इंस्टाग्राम पर बिकनी गर्ल्स के साथ तस्वीरें, नमाज पढ़ते वीडियो

‘महादेव ऑनलाइन बेटिंग’ ऐप मामले में बॉलीवुड के अभिनेता साहिल खान की रविवार (28 अप्रैल 2024) को गिरफ्तारी हुई, लेकिन इस गिरफ्तारी से पहले उन्होंने पुलिस को खूब चकमा दिया। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर इलाके से एक्टर को पकड़ने से पहले पुलिस को 40 घंटे 5 राज्यों में घूमना पड़ा। इस बीच साहिल बार-बार अपनी लोकेशन बदलते रहे जिससे उनका पीछा करने में भी दिक्कत आई।

सामने आई जानकारी के अनुसार, महादेव बेटिंग ऐप मामले में फँसे एक्टर की जमानत याचिका 25 अप्रैल को खरिज हुई थी। इसके बाद उन्हें पुलिस से बचने का कोई उपाय नहीं मिला तो उन्होंने अपने ड्राइवर को बुलाया और मुंबई से गोवा निकल लिए और फिर वहाँ से कर्नाटक चले गए। थोड़ी देर बाद वह तेलंगाना में हैदराबाद गए और फिर छत्तीसगढ़ गए।

बताया जा रहा है कि साहिल सिर्फ थोड़ी-थोड़ी देर के लिए अपना फोन ऑन कर रहे थे। उसके अलावा उनका फोन ऑफ ही था। पुलिस के पास जो थोड़ी बहुत सूचनाएँ आ रही थीं उसी के आधार पर उन्होंने साहिल को चेज किया और देखते ही देखते 40 घंटे बीत गए और 5 राज्यों में 1800 किमी का सफर तय हो गया। सूचना में ये भी सामने आया कि साहिल खान के ड्राइवर ने गढ़चिरौली में नक्सल प्रभावित इलाकों से होकर गुजरने के लिए साफ मना कर दिया था। हालाँकि फिर भी साहिल ने उनपर दबाव बनाया और जाकर छत्तीसगढ़ के जगदलपुर के होटल में रुके।

ह्यूमन और टेक्निकल इंटेलिजेंस के आधार पर जब पुलिस को साहिल की लोकेशन का पता चला तो उन्होंने दरवाजा खटखटाया। साहिल ने गेट खोला तो वो भी हैरान थे और अपना चेहरा छिपाने के लिए मास्क लगाकर पूरे मुँह पर तौलिया लपेटने लगे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ा और बताया कि उन्हें महादेव बेटिंग केस में गिरफ्तार कर लिया गया है। मुंबई लाकर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया जिसके बाद उनकी कस्टडी 1 मई तक पुलिस को दी गई। अजीब बात यह है कि पुलिस को इतना चकमा देकर भागे साहिल खान जब मीडिया के सामने आए तो वो मुस्कुरा रहे थे। उन्होंने मीडिया से कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है जल्द ही सच सामने आएगा।

बता दें कि साहिल खान को सोशल मीडिया पर द लायन बुक नाम का एक ऐप प्रमोट करते देखा गया था जिसका कनेक्शन महादेव बेटिंग ऐप से है। उन्होंने यूएई में ऐप लॉन्च का इवेंट भी किया था और उसकी सेलीब्रेशन पार्टियों में भी नजर आए थे। इसी के कारण उनके ऊपर जाँच बढ़ाई गई।

उनके ऊपर लोटस 24/7 नाम की ऐप से जुड़े होने का भी आरोप है जो कि सट्टेबाजी का गैरकानूनी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। पुलिस को संदेह है कि इस ऐप से साहिल को अवैध मुनाफा हुआ है। अब जाँच में उसी के बारे में पता लगाया जा रहा है।

गौरतलब है कि साहिल खान ने बॉलीवुड की फिल्म एक्सक्यूज मी और स्टाइल जैसी फिल्मों में काम किया है। इन दिनों वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। उनके सोशल मीडिया पर उनके इवेंट्स की वीडियो डाली जाती हैं।

इसके अलावा वो अपनी पार्टनर और अपनी लाइफ स्टाइल की भी फोटोज वीडियोज डालते रहते हैं। उनके इंस्टा पर ईद पर नमाज पढ़ने की भी फोटो है और छुट्टी के समय में बिकनी पहनी लड़कियों के साथ घूमने-फिरने की भी।

लंका के जिस अशोक वाटिका में कैद थीं माता सीता, वहीं बन रहा है उनका भव्य मंदिर: सरयू से भेजा जाएगा पवित्र जल, बोला राम मंदिर ट्रस्ट – मजबूत होंगे संबंध

अयोध्या में सरयू नदी का जल श्रीलंका में बन रहे सीता माता के मंदिर के अभिषेक समारोह के लिए भेजा जाएगा। राम मंदिर ट्रस्ट और अयोध्या जिला प्रशासन ने सीता अम्मा मंदिर के निर्माण के पीछे के लोगों के अनुरोध पर पवित्र जल उपलब्ध कराने का वादा किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह समारोह 19 मई को होने वाला है। उत्तर प्रदेश राज्य सरकार ने अयोध्या में अधिकारियों को श्रीलंका में मंदिर को पवित्र सरयू जल की आपूर्ति करने की अपनी प्रतिबद्धता का सम्मान करने का निर्देश दिया है।

जानकारी के मुताबिक, अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब श्रीलंका में माता सीता का विशाल मंदिर बन रहा है। इस मंदिर में सीता अम्मा की 19 मई को प्राण प्रतिष्ठा होने है, जिसके लिए अयोध्या की पवित्र सरयू नदी का जल श्रीलंका भेजा जाएगा। पवित्र सरयू नदी का जल मँगाने के लिए श्रीलंका के प्रतिनिधिमंडल की ओर से उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को पत्र लिखा था और माँ जानकी की मूर्ति की प्रतिष्ठा के लिए जल भेजने का अनुरोध किया था। उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र मिलने के बाद सरकार ने पर्यटन विभाग को जल भेजने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

श्रीराम मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि इस पहल से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने में इसके महत्व पर जोर देते हुए इस पहल की सराहना की है। इस बारे में अयोध्या तीर्थ विकास परिषद के सीईओ संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि श्रीलंका में सीता अम्मा मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। सीता अम्मा मंदिर में माँ जानकी की प्राण प्रतिष्ठा का उद्देश्य दोनों देशों के दिलों को एकजुट करना है।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, सीता अम्मन मंदिर श्रीलंका के नुवारा एलिया इलाके में है। यहाँ नुवारा एलिया इलाके से पाँच किलोमीटर दूर सीता एलिया गाँव में ये मंदिर बनकर लगभग तैयार हो चुका है। माना जाता है कि यही जगह रामायण में अशोक वाटिका के नाम से थी, जहाँ माता सीता को अपहरण के बाद रावण ने बंदी बनाकर रखा था। सीता एलिया आज इस जगह का नाम है।

इससे पहले, 23 अप्रैल 2024 को श्रीलंका के प्रधान मंत्री दिनेश गुणवर्धने और भारतीय उच्चायुक्त गोपाल बागले ने नुवारा एलिया में सीता मंदिर (सीता एलिया) के लिए एक विशेष स्मारक कवर जारी किया था। इस खास मौके पर इस ऐतिहासिक मंदिर में एक ध्यान केंद्र की आधारशिला भी रखी गई थी।

‘एक आदमी (शाहजहाँ शेख) को बचाने के लिए क्यों आ रहे?’: ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, संदेशखाली मामले में नहीं चाहती थी CBI जाँच

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट में संदेशखाली में जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न के मामले में सीबीआई जाँच पर रोक लगाने की माँग वाली याचिका को लेकर बंगाल सरकार की खूब किरकिरी हुई है।

सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल की ममता बनर्जी सरकार की संदेशखाली सम्बन्धित CBI जाँच को लेकर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा टिप्पणी की, “आखिर राज्य एक याचिकाकर्ता बन कर एक आदमी के हितों को बचाने के लिए क्यों आ रहा है?” यह टिप्पणी जस्टिस बी आर गवई ने की।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में गर्मी को छुट्टियों के बाद सुनने का निर्णय किया है। सुप्रीम कोर्ट से बंगाल सरकार ने अपील की थी कि इसे बाद में सुना जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस याचिका के लंबित होने का फायदा किसी और मामले में नहीं उठाया जाएगा। इस बात को लेकर बंगाल सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट के सामने रजामंदी दी।

सुप्रीम कोर्ट में बंगाल सरकार ने संदेशखाली मामले में CBI जाँच को रोकने की माँग की थी। इसको लेकर एक याचिका लगाई गई थी। बंगाल सरकार ने यह याचिका कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्णय के विरुद्ध डाली थी, हाई कोर्ट ने संदेशखाली में जमीन हडपने और यौन शोषण के आरोपों की जाँच CBI को करने का आदेश दिया था।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने संदेशखाली में जमीन हड़पने और यौन शोषण के आरोपों को लेकर जाँच के निष्पक्ष हो, इसके लिए बंगाल सरकार को CBI को सहयोग देने को कहा था। इसके बाद संदेशखाली मामले की जाँच राज्य पुलिस के हाथों से CBI के पास आ गई थी।

गौरतलब है कि जनवरी 2024 में प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम संदेशखाली में स्थानीय तृणमूल कॉन्ग्रेस नेता शाहजहाँ शेख से पूछताछ करने गई थी। यह पूछताछ राशन घोटाला मामले में होनी थी। इस टीम पर शाहजहाँ के गुंडों ने हमला कर दिया था। इस हमले में कई अधिकारी घायल हो गए थे।

इसके एक माह बाद संदेशखाली की पूरी सच्चाई बाहर आनी चालू हुई थी। संदेशखाली की महिलाओं ने बताया था कि शाहजहाँ शेख और उसके आदमी महिलाओं का यौन शोषण करते थे। इसके अलावा शाहजहाँ शेख ने यहाँ के कई लोगों की जमीन हथियाई हुई थी।

वह उनकी जमीन पर मछली पालता था। लोगों को जमीन का ना उचित पैसा दिया गया था और ना ही उन्हें मजदूरी मिलती थी। अपना पैसा माँगने पर लोगों को मारने की धमकी मिलती थी। यह पूरा मामला सामने आने के बाद शाहजहाँ शेख को गिरफ्तार कर लिया गया था।

तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी को दिल्ली पुलिस का समन, कहा – मोबाइल भी लेकर आइए: कॉन्ग्रेस ने वायरल किया था अमित शाह का फर्जी वीडियो, असम से पार्टी नेता गिरफ्तार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके आधार पर कॉन्ग्रेस ने दावा किया था कि वो आरक्षण को खत्म करने की बातें कर रहे हैं। अब इस मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज करने के बाद तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को समन भेजा है। रेवंत रेड्डी, दिसंबर 2023 से न सिर्फ CM हैं, बल्कि पिछले 3 वर्षों से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। 54 वर्षीय रेवंत रेड्डी TDP 2017 में कॉन्ग्रेस में शामिल हुए थे और पार्टी ने उन्हें नेतृत्व देकर भरोसा जताया।

अब सोमवार (29 अप्रैल, 2024) को दिल्ली पुलिस ने उन्हें समन भेजा है। कहा गया है कि वो 1 मई को पेश होकर अपना बयान दर्ज कराएँ। साथ ही ये भी कहा गया है कि जाँच के लिए वो अपने फोन-लैपटॉप इत्यादि जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी साथ लेकर आएँ। ‘इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर’ की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ये FIR दर्ज की है। तेलंगाना कॉन्ग्रेस ने सबसे पहले अमित शाह के वीडियो से छेड़छाड़ कर उनका झूठा बयान प्रकाशित किया था।

इस मामले में सिर्फ रेवंत रेड्डी ही नहीं, बल्कि 5 अन्य लोगों को भी समन भेजा गया है जिनमें कुछ कॉन्ग्रेस के नेता हैं। इन सभी ने अमित शाह के डॉक्टर्ड वीडियो को शेयर किया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय और भारतीय जनता पार्टी ने भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया है कि समाज में विभिन्न समुदायों में वैमनस्य फैलाने के उद्देश्य से ये वीडियो प्रसारित किया गया, जिससे कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति के भंग होने की आशंका है।

रेवंत रेड्डी को दिल्ली पुलिस के IFSO (साइबर सेल) के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। असल में अमित शाह ने आरोप लगाया था कि कॉन्ग्रेस सत्ता में आएगी तो SC, ST और OBC का आरक्षण छीन कर मुस्लिमों को दे देगी, जबकि कॉन्ग्रेस ने वीडियो को एडिट कर कुछ और ही झूठ दुष्प्रचारित करवा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार कह चुके हैं कि वो पिछड़ों के आरक्षण की रक्षा करेंगे। वो कह चुके हैं कि आरक्षण कोई नहीं हटा सकता। इस मामले में पुलिस ने असम से रीतम सिंह नामक एक शख्स को गिरफ्तार भी किया है, जो असम में कॉन्ग्रेस का सोशल मीडिया देखता है।