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पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा मोहम्मद सकलेन गुजरात से धराया: वायरस भेज हैक किए जाते थे सेना के जवानों के फोन, फिर निकालते थे गुप्त जानकारियाँ

गुजरात के आतंकरोधी दस्ते (ATS) ने मोहम्मद सकलेन नामक एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जो भारत में रह कर पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था। वो जामनगर का रहने वाला है। उसने एक भारतीय सिम कार्ड खरीद कर उसमें व्हाट्सएप्प एक्टिवेट करवाया था। ये व्हाट्सएप्प नंबर पाकिस्तान में सक्रिय था। उसका इस्तेमाल कर के जम्मू कश्मीर में भारतीय सेना की जासूसी की जा रही थी। अक्टूबर 2023 में ही इसका भंडाफोड़ हो गया था।

उस समय कुछ आरोपित पकड़े भी गए थे। हालाँकि, मोहम्मद सकलेन अब धराया है। मोहम्मद सकलेन कई महीनों से फरार चल रहा था। साजिश के तहत भारतीय सेना के जवानों के फोन में मालवेयर वायरस भेजा जाता था। इसके बाद उनके मोबाइल फोन की एक्टिविटी पर नजर रखी जाती थी। संदिग्ध लिंक भेज कर फोन का डेटा हैक किया था, फिर भारतीय सेना की गुप्त जानकारियाँ पाकिस्तान भेजी जाती थीं। इस नंबर की जाँच की गई तो वो जामनगर के मोहम्मद सकलेन के नाम पर रजिस्टर्ड था।

जाँच के दौरान पता चला कि उसने ये सिम अपने साथी असगर को दिया था। इसमें आणंद के तारापुर के रहने वाले लाभशंकर माहेश्वरी को फिर ये सिम दिया गया था। वो पाकिस्तान में रहता था और 1999 में भारतीय वीजा पर यहाँ आया था। 2005 में उसने पत्नी समेत भारतीय नागरिकता हासिल कर ली थी। 2022 में उसने पाकिस्तानी वीजा के लिए अप्लाई किया था, लेकिन इसमें देरी हो रही थी। फिर उसने पाकिस्तान में रह रहे अपने मौसी के बेटे किशोर रामवाणी से बात की थी।

इसके बाद किशोर ने उससे कहा था कि वो पाकिस्तान दूतावास में कार्यरत एक शख्स से व्हाट्सएप्प के माध्यम से बात करे। इसके बाद पति-पत्नी का वीजा मंजूर हुआ और वो पाकिस्तान गए भी थे। फिर उसने अपनी बहन और उसकी बच्ची के लिए पाकिस्तानी वीजा के लिए अप्लाई किया और उसे स्वीकार भी करवा लिया था। इससे पहले भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले लोग धराते रहे हैं। ताज़ा कामयाबी गुजरात के जामनगर में ATS को मिली है।

जनजातीय समाज की लड़कियों से सामूहिक बलात्कार: बाल आयोग के अध्यक्ष ने पीड़िताओं और परिजनों से की मुलाकात, शिकायत – रोहिंग्या घुसपैठियों की करतूत

केंद्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो मेघालय पहुँचे हैं। रविवार (28 अप्रैल, 2024) को उन्होंने दक्षिण-पश्चिम गारो पहाड़ियों के अमपाती जिले में एक जनजातीय उत्सव के दौरान नाबालिग लड़कियों पर हमले और उनके साथ सामूहिक बलात्कार के मामलों की जाँच की। इन घटनाओं को लेकर कई शिकायतें आई थीं। ये इलाका असम और बांग्लादेश से सटा हुआ है। प्रियंक कानूनगो ने बताया कि हमलावरों के अवैध रोहिंग्या घुसपैठिया होने का संदेह है।

कई लड़कों पर भी हमला किया गया, वहीं लड़कियों को गैंगरेप का शिकार बनाया गया। प्रियंक कानूनगो ने पीड़ितों और उनके परिजनों से मुलाकात की। अब भी आधा दर्जन अपराधी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। प्रियंक कानूनगो ने भरोसा दिलाया है कि NCPCR ये सुनिश्चित करेगा कि सभी अपराधियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले, एक भी अपराधी बच कर निकलने न पाए। उन्होंने ये भी बताया कि आगे ऐसी कोई घटना न हो, इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार स्तर पर नीति बनाई जाएगी।

बता दें कि मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में मंगलवार (23 अप्रैल, 2024) को 26 वर्षीय यूट्यूबर के साथ रेप का मामला भी सामने आया था। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस मामले में 3 अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं। पीड़िता और उसके दोस्तों को पहले नशीला पदार्थ दिया गया था। 18-20 की उम्र के तीनों अपराधियों जैंतिया हिल्स से गिरफ्तार करने में पुलिस ने कामयाबी पाई। वहीं अन्य की तलाश जारी है।

वहीं गारो हिल्स रेप केस में पुलिस ने मुख्य आरोपित समेत 8 को गिरफ्तार किया है। SWGH (साउथ वेस्ट गारो हिल्स) के पुलिस चीफ (मुख्यालय) विकास कुमार यादव ने बताया कि असम पुलिस के साथ जॉइंट ऑपरेशन में शनिवार को मांकचर से मुख्य आरोपित धराया है। अगले दिन उसे पॉक्सो कोर्ट में पेश किया गया। 12-15 आरोपित इसमें शामिल थे। इनकी उम्र 25-27 के बीच बताई जा रही है। 16 अप्रैल, 2024 को 2 लड़कों और 2 लड़कियों के साथ बर्बरता हुई थी।

‘पहले दलालों के लिए सालों साल बुक रहते थे दिल्ली के होटल, हमने चला दिया स्वच्छता अभियान’: PM मोदी ने कर्नाटक में उठाया फयाज द्वारा नेहा की हत्या का मुद्दा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (28 अप्रैल, 2024) को कर्नाटक के बेलागावी, उत्तर कन्नड़, देवानगेरे और बल्लारी में जनसभा को संबोधित किया। बल्लारी में उन्होंने कहा कि 2014 से पहले दिल्ली के राजनीति के गलियारों में दलालों का जोर रहता था, होटलों के कमरे सालों साल के लिए दलालों के नाम पर बुक रहते थे और दलाली से ही दिल्ली में सारे काम करवा लिए जाते थे। बदलाव की बात करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि 2014 से जब से आपने उन्हें बैठाया है, इन सारे गलियारों में स्वच्छता अभियान हो गया है।

बकौल पीएम मोदी, ये सारे दलाल दिल्ली छोड़कर राज्यों में दुकानें खोज रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भाजपा ने कर्नाटक में विकास की फसल लगाई, कॉन्ग्रेस उसे तबाह करने के लिए काम कर रही है।उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस का एजेंडा है – खुद कोई काम न करो और भाजपा के काम रोक दो। पीएम मोदी ने ये भी कहा कि जो लोग पड़ोस से आतंकवाद एक्सपोर्ट करते थे, आज उनको आटा इंपोर्ट करने में लाले पड़ रहे हैं। उन्होंने समझाया कि ये जो परिवर्तन आया है, वो आपके एक वोट की ताकत से आया है।

पीएम मोदी ने जनता से कहा कि अगर आपका वोट न होता, आपका आशीर्वाद न होता और दिल्ली में मजबूत सरकार न होती तो आज भी बम धमाके होते रहते और निर्दोष लोग मरते रहते। पीएम मोदी ने संकल्प लिया कि जीवन की आखिरी साँस तक सिर्फ और सिर्फ जनता के लिए जिएँगे। उन्होंने कहा कि ये जो आपका प्यार है, आशीर्वाद है, इससे बड़ा भाग्य और क्या हो सकता है। बकौल पीएम मोदी, ये पद और प्रतिष्ठा इस प्यार के आगे कुछ नहीं है।

इससे पहले उत्तर कन्नड़ में पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने अयोध्या में प्रभु राम के लिए 500 साल तक लड़ाई लड़ी, लाखों लोग मौत के घाट उतार दिए गए। उन्होंने कहा कि देश आजाद होने के दूसरे दिन ही प्रभु राम का मंदिर बनाने का निर्णय होना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। बकौल पीएम मोदी, ऐसा काम करने के लिए 56 इंच का सीना लगता है तब जाकर 500 साल का सपना पूरा होता है, 500 का इंतजार समाप्त होता है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “कॉन्ग्रेस पार्टी और उसके सारे चट्टे-बट्टे राम मंदिर को रोकने के लिए 70 साल तक कोशिश करते रहे, इसके बाद भी राम मंदिर के ट्रस्टी कांग्रेस के सारे गुनाहों को भूलकर उनके घर गए और प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण दिया, लेकिन इन्होंने (कॉन्ग्रेस ने) राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण ठुकरा दिया। जिन्होंने रामलला का अपमान किया, जिन्होंने निमंत्रण को ठुकरा दिया, ऐसे लोगों को देश ठुकराएगा। कॉन्ग्रेस सरकार, कर्नाटका को तबाह करने में जुटी है। कॉन्ग्रेस क्राइम को कंट्रोल करने की बजाय, एंटी सोशल और एंटी नेशनल माइंडसेट को बढ़ावा दे रही है।”

उन्होंने इस दौरान कर्नाटक में कॉन्ग्रेस नेता की बेटी नेहा हिरेमठ की फ़याज़ द्वारा हत्या का मामला भी उठाया, जिसके ‘लव जिहाद’ होने के आरोप लगे थे। उन्होंने कहा कि हुबली में कुछ दिन पहले हमारी एक बेटी के साथ जो कुछ हुआ उसे देखकर पूरा देश चिंतित है, कर्नाटक में हर माँ-बाप को अपनी बेटी की चिंता सता रही है। साथ ही पूछा कि इतना बड़ा कदम उठाने की हिम्मत उस अपराधी में आई कैसे? पीएम ने कहा, “उसे पता है, वोट बैंक के भूखे लोग कुछ दिन बाद उनको बचा लेंगे, इसलिए ऐसा पाप करने की हिम्मत आती है।”

अब्बा ने अपनी ही बेटी से किया रेप, चाकू दिखा कर दे रहा था मुँह बंद रखने की धमकी: बीवी ने अपने ही शौहर के खिलाफ दर्ज करवाया केस, UP पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक नाबालिग लड़की का उसके अब्बा द्वारा ही रेप करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की अम्मी ने बुधवार (24 अप्रैल, 2024) को अपने ही शौहर के खिलाफ पुलिस में इन आरोपों के साथ शिकायत दर्ज करवाई है। 14 वर्षीया पीड़िता कक्षा 9 की छात्रा है जिसके साथ उसका अब्बा पिछले कई वर्षों से अश्लील हरकतें और दुष्कर्म करता आ रहा था। आरोपित अपनी ही बेटी को चाकू दिखा कर मुँह बंद रखने की धमकी भी दिया करता था। पुलिस ने FIR दर्ज कर के आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

यह मामला बिजनौर के थाना क्षेत्र शेरकोट का है। यहाँ रहने वाली एक पीड़िता ने अपने शौहर के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है। शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि वो 6 बच्चों की अम्मी है। इनमें से सबसे बड़ी बेटी 14 साल की है जो अभी 9वीं क्लास में पढ़ती है। आरोप है कि पीड़िता का शौहर अपनी ही बेटी से लम्बे समय से अश्लील हरकतें और छेड़खानी कर रहा था। जब पीड़िता इसका विरोध करती थी तो उसको चाकू दिखा कर मुँह बंद रखने की धमकी दी जाती थी। लगभग डेढ़ महीने पहले आरोपित ने अपनी ही बेटी का रेप किया था।

ये तमाम हरकतें आरोपित अपने ही घर में कर रहा था। पीड़िता ने शिकायत में आगे बताया है कि उनकी बेटी अपने अब्बा की इन हरकतों से काफी डरी-सहमी रहने लगी। एक दिन पीड़िता ने अपनी अम्मी को सारी बात बता दी। पहले कुछ दिनों तक तो पीड़िता की अम्मी चुप रहीं लेकिन आखिरकार अपने शौहर की हरकतें बदस्तूर जारी रहने पर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में पीड़िता की माँ ने अपने शौहर पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पुलिस ने इस मामले का संज्ञान ले कर पीड़िता के अब्बा पर FIR दर्ज कर ली। आरोपित पर IPC की धारा 354, 376 (2)(च) और 506 के अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 5n के तहत कार्रवाई की गई है। शुक्रवार (26 अप्रैल, 2024) को पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद आरोपित को जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जाँच और अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और काउंसिलिंग करवाया गया है।

‘खिलाफत ही समाधान’: जर्मनी में इस्लामिक कट्टरपंथियों ने की ‘इस्लामी राज’ की डिमांड, हैम्बर्ग की सड़कों पर ‘अल्लाहू अकबर’ की गूँज

जर्मनी में 1100 से ज्यादा इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ सड़कों पर उतर आई और इस्लामिक राज यानी खिलाफत की माँग की। जर्मनी के बैम्बर्ग राज्य के सेंट जॉर्ज शहर में सैकड़ों मुस्लिमों ने मुस्लिमों की ताकत की नुमाइश करते हुए रैलियाँ निकाली और जर्मनी के लिए एक ही ‘शांति पूर्ण’ समाधान को पेश किया, वो है जर्मनी में खलीफा का राज, खिलाफत यानी इस्लामिक राज।

ये मामला शनिवार (27 अप्रैल 2024) का है, जहाँ एक इस्लामिक चरमपंथी गुट मुस्लिम इंटरैक्टिव से जुड़े रहीम बोटैंग ने इस रैली का आयोजन किया। यही नहीं, इस रैली के वीडियो और तस्वीर भी मुस्लिम इंटरैक्टिव नाम के कट्टरपंथी संगठन ने एक्स पर भी शेयर किए, ताकि उनकी इस्लामिक डिमांड का मैसेज पूरी दुनिया में पहुँच सके।

वायरल हुई तस्वीरों और वीडियो में इस्लामिक भीड़ को शहर के केंद्र में व्यस्त स्टीनडैम स्ट्रीट पर प्रदर्शन करते देखा जा सकता है। कई प्रदर्शनकारियों को तख्तियां और पोस्टर पकड़े देखा जा सकता है जिन पर लिखा है: “जर्मनी: वैल्यूज पर तानाशाही”, कालीफत इस्त डाई लोसुंग (अनुवाद – “खिलाफत ही समाधान है”), और “फिलिस्तीन ने सूचना युद्ध जीत लिया है”। जर्मन मीडिया के अनुसार, पूरे कार्यक्रम के दौरान भीड़ ने “अल्लाहु अकबर” के नारे भी लगाए।

(जर्मनी में खिलाफत की माँग को लेकर हैम्बर्ग में विरोध प्रदर्शन के दौरान “खिलाफत ही समाधान है” तख्ती लिए एक व्यक्ति, छवि स्रोत – जर्मन आउटलेट बिल्ड)

जर्मन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस प्रदर्शन मार्च में जर्मनी में इस्लामी खिलाफत शुरू करने का ऐलान किया जा रहा है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति लोगों को खिलाफत के बारे में बता रहा है। वो खिलाफत को ‘सुरक्षा देने वाला सिस्टम’ बता रहा है, साथ ही कह रहा है कि जर्मनी में खिलाफत को लोग नफरत करते हैं और राक्षस कहते हैं, लेकिन वही एकमात्र समाधान है। इसके साथ ही पूरी भीड़ अल्लाहू अकबर के नारे लगाने लगती है।

रैली में शामिल इस्लामिक कट्टरपंथियों ने दावा किया कि रैली को “झूठों की बात मानने से इनकार” करने की टैगलाइन के साथ आयोजित किया गया था। उनका दावा है कि जर्मन सरकार की इस्लामोफोबिक नीतियों और इजरायल-हमास की लड़ाई के दौरान जर्मनी में मीडिया ने मुस्लिमों के खिलाफ दुष्प्रचार किया।

इस्लामिक प्रदर्शनकारियों ने जर्मन अखबारों पर भी उतारा गुस्सा

जर्मन मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस रैली का आयोजन जॉ ऐडेड बोटैंग (25) ने किया था, जो खुद को रहीम बोटैंग करने लगा है। रहीम जर्मनी का ही नागरिक है, जिसने 8 साल पहले इस्लाम अपना लिया था और अब वो खुद को ईमाम कहता है। वो हैम्बर्ग विश्वविद्यालय में टीचिंग की पढ़ाई कर रहा है, लेकिन इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर वो बड़ा इस्लामिक इन्फ्लूएंसर बन चुका है। वो लगातार इस्लाम से जुड़ा प्रोपेगेंडा सोशल मीडिया पर फैलाता रहता है।

ये रिपोर्ट मूल रूप से अंग्रेजी भाषा में लिखी गई है। विस्तार से इस रिपोर्ट को पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

बारात में हिन्दू महिलाओं की वीडियो बनाने लगे सलमान और इसरार, रोकने पर नावेद और सद्दाम सहित कर दिया हमला: नोचा था माँ दुर्गा के पंडाल का ध्वज, किया था पेशाब

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में एक हिन्दू परिवार में शादी के दौरान मारपीट की गई है। मारपीट का आरोप नावेद, आफ़ताब, सद्दाम, नौशाद, सलमान, इल्ताफ, हारून, अफ़ज़ल, इलियास और इसरार पर लगा है। इन सभी पर शादी में शामिल हिन्दू महिलाओं की तस्वीरें खींचने और उनके वीडियो बनाने का आरोप है। जब इन्हे मना किया गया तो इन्होने पीड़ितों को पहले गंदी-गंदी गालियाँ दीं और फिर मंदिर के पास उन पर हमला कर दिया। घटना रविवार (21 अप्रैल, 2024) की है।

हमले में कई लोग घायल हुए हैं जिसमें एक नाबालिग बच्ची भी शामिल है। हिन्दुओं द्वारा शिकायत करने के एक दिन बाद हमलावरों की तरफ से भी क्रॉस FIR दर्ज करवा दी गई है। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों पर कार्रवाई हुई है। ऑपइंडिया द्वारा जुटाई गई जानकारी में सामने आया है कि हमलावरों में से कुछ लोगों पर पिछले साल माँ दुर्गा के पंडाल में लगे ध्वज को उखाड़ कर उस पर पेशाब करने का आरोप लगा था।

यह मामला सिद्धार्थनगर के थानाक्षेत्र ढेबरुआ का है। यहाँ के गाँव मुजहना में 21 अप्रैल को OBC समुदाय के पूर्णमासी विश्वकर्मा के घर से बारात निकलने वाली थी। पारम्परिक तौर पर ये सभी बाराती रात लगभग 8:30 के आसपास गाँव में बने राम जानकी मंदिर पहुँचे। बारात विदा करने कुछ महिलाएँ भी यहाँ मौजूद थीं। बताया जा रहा है कि यहाँ गाँव के नावेद, आफ़ताब, सद्दाम, नौशाद, सलमान, इल्ताफ, हारून, इलियास और इसरार ने हिन्दू महिलाओं की तस्वीरें खींचने शुरू कर दीं और उनके वीडियो बनाने लगे।

बारात में मौजूद पुरुषों ने इन सभी आरोपितों की इस हरकत का विरोध किया तो ये भड़क गए। पहले इन्होने खुद को मना करने वालों को माँ-बहन की गालियाँ दीं फिर बेरहमी से सभी को पीटना शुरू कर दिया। हमले के लिए लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया गया। अचानक हुए इस हमले से बारात में भगदड़ मच गई। पिटाई की चपेट में आ कर अर्जुन विश्वकर्मा और एक नाबालिग बच्ची घायल हो गई। शोर-शराबा सुन कर गाँव के अन्य लोग जमा होने लगे तो हमलावर वहाँ से जान से मार डालने की धमकी देते हुए भाग निकले।

विश्वकर्मा परिवार द्वारा दर्ज FIR

पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया है कि हमलावर दबंग किस्म के लोग हैं। इस हिंसा की वजह से पीड़ित का मोबाइल भी टूट गया। पूर्णमासी ने सभी हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने इस शिकायत पर नावेद, आफ़ताब, सद्दाम, नौशाद, सलमान, इल्ताफ, हारून, अफ़ज़ल, इलियास और इसरार के खिलाफ IPC की धारा 147, 323, 504, 506 और 427 के तहत FIR दर्ज कर लिया है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने गाँव पहुँच कर बारात को विदा करवाया। घायल बच्ची का इलाज चल रहा है।

मुस्लिम पक्ष ने एक दिन बाद दर्ज करवाई FIR

पूर्णमासी विश्वकर्मा द्वारा 21 अप्रैल को रात 10:30 पर मुस्लिम समुदाय के 10 हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई गई थी। अभी पुलिस जाँच ही कर रही थी कि लगभग 20 घंटे बाद 22 अप्रैल 2024 को शाम लगभग 6 बजे मुस्लिम पक्ष भी खुद को पीड़ित बताते हुए थाने पहुँच गया। यहाँ आफ़ताब आज़म खान ने लवकुश पाल, राधेश्याम और रामपाल के खिलाफ नामजद FIR दर्ज करवा दी। आफताब आजम ने इन तीनों पर अपने भाई नावेद को फोटो खींचने की बात पर पीटने का आरोप लगाया है।

आफ़ताब द्वारा दर्ज FIR

नावेद पूर्णमासी की शिकायत में पहले से नामजद है। पुलिस ने इस तहरीर पर IPC की धारा 323, 504 और 506 के तहत लवकुश, राधेश्याम और रामपाल को नामजद करते हुए FIR दर्ज कर ली है। ऑपइंडिया के पास इस शिकायत की कॉपी भी मौजूद है।

हमारा धर्मस्थल उनके इलाके में

ऑपइंडिया ने मुजहना के निवासी एक ग्रामीण से बात की। अपना नाम न बताने की शर्त पर ग्रामीण ने बताया कि हिन्दुओं का देवीस्थान गाँव के उस हिस्से में है जो मुस्लिम बहुल इलाके से हो कर जाता है। हिन्दू अपने सभी पर्व, त्यौहार और शादी-ब्याह आदि के मौके पर उस देवीस्थल पर मुस्लिम बस्ती के बीच से हो कर गुजरते हैं। आरोप है कि इसी दौरान उनके घरों की महिलाओं पर न सिर्फ फब्तियाँ कसी जाती हैं बल्कि छेड़खानी के भी प्रयास होते हैं।

ग्रामीण ने खुद को भी भुक्तभोगी बताते हुए कहा कि जिस मामले में FIR दर्ज हुई है ऐसी घटना पहले भी हिन्दुओं के साथ कई बार घट चुकी है, लेकिन तब डर से केस कराने की हिम्मत भी नहीं हुई थी।

दोनों पक्षों पर हुई कार्रवाई

ऑपइंडिया ने इस मामले में पुलिस का पक्ष जानने के लिए थाना प्रभारी ढेबरुआ को कॉल किया। SHO ने बताया कि शिकायत के आधार पर दोनों पक्षों के नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी की गई। इन सभी पर धारा 151 के तहत कार्रवाई की गई है। हमें बताया गया कि FIR में लगी धाराओं में 7 वर्ष से कम की सजा है। फ़िलहाल गाँव में शाँतिपूर्ण माहौल है।

माँ दुर्गा पंडाल में लगे ध्वज पर पेशाब करने के आरोप

21 अप्रैल 2024 को जिन 10 आरोपितों पर पूर्णमासी विश्वकर्मा के घर की बारात पर हमले का आरोप है इसमें से 2 लोगों पर पिछले साल माँ दुर्गा के पंडाल में लगे ध्वज पर पेशाब करने की भी शिकायत दर्ज हुई थी। तब 20 अक्टूबर 2023 को गाँव मुजहना के पुरुषोत्तम, जनार्दन, ऋषि, विशाल, रवि और अजय शर्मा के साथ राकेश पाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में इसरार और सलमान पर आरोप था कि उन्होंने गाँव में स्थपति माँ दुर्गा के पंडाल में घुस कर पहले भगवा ध्वज को नोच दिया था और बाद में उस पर पेशाब किया।

2023 में दी गई शिकायत कॉपी

यह पंडाल शारदीय नवरात्रि के अवसर पर विधि-विधान से स्थापित किया गया था। तब पुलिस को दी गई इस शिकायत में सलमान और इसरार के अलावा हमीद, रहमान और हैदर के भी नाम थे।

माँ दुर्गा की मूर्ति पर पेशाब करने के आरोपित

मुजहना गाँव मुस्लिम बहुल है। ऑपइंडिया ने एक तत्कालीन शिकायतकर्ता से से बात की। उन्होंने बताया कि तब आरोपितों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी बल्कि उन्हें महज माफ़ी मँगवा कर छोड़ दिया गया था।

₹600 करोड़ के ड्रग्स के साथ धराए 14 पाकिस्तानी तस्कर, अधिकारियों को देख बरसाने लगे थे गोलियाँ: ATS ने एजेंसियों संग मिल कर बिछाया था जाल

गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड (ATS) ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (ACB) और इंडियन कोस्ट गॉर्ड के साथ मिलकर अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा के पास से लगभग 86 किलोग्राम ड्रग्स के साथ 14 पाकिस्तानी नागरिकों को पकड़ा है। इस ड्रग्स की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लगभग 600 करोड़ रुपए है। दरअसल, इस खेप के बारे में पिछले कुछ दिनों से खुफिया इनपुट मिल रही थी।

इस ऑपरेशन को लेकर इंडियन कोस्ट गार्ड ने X पोस्ट में कहा, “गुजरात एटीएस और एनसीबी की ओर से समुद्र में रात भर किए गए ऑपरेशन में वेस्ट अरेबियन सी में पाकिस्तानी नाव को पकड़ा गया है। इसमें 14 पाकिस्तानी क्रू मेंबर सवार थे। उनके पास से 86 किलोग्राम ड्रग्स पकड़ा गया है, जिसकी कीमत लगभग 600 करोड़ रुपए है। पिछले महीने 80 किलोग्राम ड्रग्स पकड़ा गया था।”

ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तारी से बचने की कोशिश में पाकिस्तानी नागरिकों ने एटीएस अधिकारियों पर अपनी नाव चढ़ाने की कोशिश की। इतना ही नहीं, उन्होंने अधिकारियों पर फायरिंग भी की। इसके बाद भारतीय एजेंसियों के जवानों ने जवाबी कार्रवाई की जवाब में गोलियाँ चलाईं। आखिरकार नाव को कब्जे में लेकर सभी संदिग्धों को पकड़ लिया गया।

दरअसल, खुफिया इनपुट के आधार पर भारतीय एजेंसियाँ पिछले दो दिनों से अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट तलाशी अभियान चला रही थीं। अभी एक दिन पहले ही एनसीबी ने गुजरात और राजस्थान में ‘म्याऊं म्याऊं’ कहलाने वाली प्रतिबंधित दवा मेफेड्रोन का बनाने वाली तीन प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ कर सात लोगों को गिरफ्तार किया था। साथ ही लगभग 300 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ जब्त किए।

इससे पहले नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने गुजरात एटीएस के साथ मिलकर 12 मार्च 2024 को भी एक ऑपरेशन चलाया था। इस ऑपरेशन के दौरान एक पाकिस्तानी नाव को जब्त किया था। इस नाव पर 60 पैकेट ड्रग्स जब्त किए गया थे। वहीं, 6 पाकिस्तानियों को गिरफ्तार किया गया था। इनकी कीमत लगभग 450 करोड़ रुपए थी।

उससे भी पहले 26 फरवरी 2024 को एजेंसी ने अरब सागर में पोरबंदर तट से पाँच पाकिस्तानी नागरिकों को चरस सहित 3,300 किलोग्राम नशीले पदार्थों के साथ पकड़ा था। इस अभियान में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), भारतीय नौसेना और गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते ने हिंद महासागर में तट से लगभग 60 समुद्री मील दूर अंजाम दिया था।

IIT से इंजीनियरिंग, स्विटरजरलैंड से MBA, ‘जागृति’ से युवाओं को बना रहे उद्यमी… BJP ने देवरिया में यूँ ही नहीं शशांक मणि त्रिपाठी को दिया टिकट, दशकों से जमीन पर कर रहे काम

भाजपा ने देवरिया से इस बार शशांक मणि त्रिपाठी को टिकट दिया है। देवरिया लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व 2014 में कलराज मिश्रा भी कर चुके हैं, जो फ़िलहाल राजस्थान के राज्यपाल हैं। इसके बाद 2019 में भाजपा के ही रामपति राम त्रिपाठी सांसद बने। 2014 में 2.65 लाख तो 2019 में 2.49 लाख वोटों से भाजपा विजयी हुई। इस बार भी बड़ी जीत की उम्मीद जताई जा रही है। लेकिन, जिन्हें लग रहा कि शशांक मणि त्रिपाठी को टिकट दिया जाना चौंकाने वाला फैसला है, उन्हें उनके बारे में पहले जानना चाहिए।

शशांक मणि त्रिपाठी के पिता प्रकाश मणि त्रिपाठी भले ही 1996 और 1999 में 2 बार देवरिया से भाजपा सांसद बने हों, लेकिन उनके बेटे ने अपने दम पर न सिर्फ एक अभियान खड़ा किया बल्कि खुद को पूर्वांचल में बदलाव के लिए समर्पित सा कर दिया। प्रकाश मणि त्रिपाठी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल रहे हैं, 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध लड़ा है और मिजोरम में 1976 में उग्रवाद विरोधी अभियान का भी हिस्सा रहे। उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है, वो भारतीय सेना ने ‘डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ’ रहे हैं।

शशांक मणि त्रिपाठी को करीब से जानने वाले लोग बताते हैं कि उनमें भी उनकी पिता की छाया दिखती है, खासकर अनुशासन के मामले में उन पर अपने फौजी पिता का खासा प्रभाव है। वो अपने काम के प्रचार-प्रसार में यकीन नहीं रखते। युवा कार्यकर्ताओं की जिद पर सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता भले ही चुनाव के दौरान बढ़ी हो, लेकिन उससे पहले वो सिर्फ जमीन पर काम करने में व्यस्त थे। लेकिन, भारतीय जनता पार्टी ने उनके काम को पहचाना और देवरिया से उन्हें टिकट दिया।

2009 के लोकसभा चुनाव में प्रकाश मणि त्रिपाठी बसपा उम्मीदवार गोरख प्रसाद जायसवाल से हार गए थे, ऐसे में शशांक मणि त्रिपाठी को इस हार का दाग मिटाने का भी मौका पार्टी ने दिया है। 89 वर्ष की उम्र में भी उनके पिता कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं, उनमें जोश भर रहे हैं। शशांक मणि त्रिपाठी की बात करें तो उन्हें ‘जागृति यात्रा’ के लिए जाना जाता है, जिसके तहत युवाओं को उद्यमशीलता से परिचित कराया जाता है, उन्हें भ्रमण करा कर उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया जाता है, उनका सहयोग किया जाता है।

उन्होंने देवरिया में करोड़ों रुपए की लागत से ‘जाग्रति इंटरप्राइज सेंटर’ का निर्माण कराया है, ताकि पूर्वांचल के छोटे शहरों और गाँवों के युवाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया जा सके। 300 वर्ष पुराने बरगद के वृक्ष के बगल में 6 एकड़ का ये परिसर बरपार गाँव में स्थित है। इसका उद्देश्य है – उद्यम और नवोन्मेष को बढ़ावा देना। डिजिटल लाइब्रेरी, कृषि और स्वास्थ्य को डिजिटल दुनिया से जोड़ना और पूर्वांचल में विकास के लिए नई खोजों के लिए प्रयास करना इसका उद्देश्य है, जो युवाओं को प्रशिक्षित कर के हासिल होगा।

इसके तहत ‘हर घर उद्यमी’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, ताकि गाँवों और छोटे शहरों के युवा उद्यम को लेकर आकर्षित हों। 3 महीने में ही 300 गाँवों और 4500 स्थानीय लोगों से संपर्क साधा गया। पहले राउंड में 30 आइडियाज को चुना गया, जिनमें से 10 पर शोध हुआ और अंततः 3 विजेता घोषित हुए। उन्हें एक-एक लाख रुपए का इनाम दिया गया। ऐसा नहीं है कि चुनाव से पहले शशांक मणि त्रिपाठी ये सब करने लगे, उन्होंने ‘जागृति यात्रा’ वर्षों पहले शुरू की थी।

शशांक मणि त्रिपाठी ने IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग की है। स्विट्जरलैंड के लॉज़ेन स्थित IMD से उन्होंने मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी की। 1997 में उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे होने पर ‘आज़ाद भारत रेल यात्रा’ निकाली थी। 2008 में ‘जागृति’ अभियान का शुभारंभ हुआ। 15 वर्षों में उन्होंने पूरे भारत में 7000 उद्यमी नेतृत्वकर्ताओं को तैयार कर के देश-समाज के उत्थान में अपना योगदान दिया। अमेरिका से लेकर फ़्रांस तक में इस मॉडल को दोहराया गया।

हमने इस मामले में RC कुशवाहा से बात की, जिन्होंने बताया कि एक माध्यम से उन्होंने शशांक मणि त्रिपाठी से मुलाकात की थी। वो ‘नई रोशनी एंटरप्राइजेज’ के संस्थापक हैं। उन्होंने बताया कि शशांक मणि त्रिपाठी जैसे लोग उद्यमियों की जिस तरह से मदद करते हैं, अगर उनके जैसे और लोग हो जाएँ तो ये धरती बदल जाएगी। उनकी कंपनी महिलाओं के लिए सैनिटरी नैपकिंस बनाती है। उन्होंने बताया कि इस कारोबार की स्थापना और इसे आगे बढ़ाने में उन्हें शशांक मणि त्रिपाठी की खासी मदद मिली है। ये कंपनी सलेमपुर में स्थित है।

इसी तरह शिव तिवारी ‘ग्रोसरी बाबा’ चलाते हैं। उनकी कंपनी ‘शिव फूड्स एन्ड डेयरी कॉर्पोरेशन’ की स्थापना और इसे आगे बढ़ाने में भी शशांक मणि त्रिपाठी और उनकी ‘जागृति’ अभियान का योगदान है। इसी तरह सचिन वर्मा ‘संतोष मसाला’ नामक कंपनी चलाते हैं। वो भी अपने कारोबार का श्रेय शशांक मणि त्रिपाठी को ही देते हैं। देवरिया और उसके आसपास के इलाकों में ऐसे कई उद्यमी हैं। कई युवाओं को उम्मीद है कि शशांक मणि त्रिपाठी के सांसद बनने के बाद इस अभियान में और तेज़ी आएगी।

शशांक मणि त्रिपाठी बताते हैं कि वो देवरिया-कुशीनगर के 400 गाँवों का बारीकी से भ्रमण कर चुके हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण युवाओं में असीम प्रतिभा है, लेकिन हनुमत शक्ति की तरह उस ऊर्जा को जगाना है। रोजगार को वो सबसे बड़ी समस्या बताते हुए इसके समाधान की बात करते हैं। उन्होंने भोजपुरी-हिंदी कॉल सेंटर की भी स्थापना की हुई है, जिसमें सवा 200 लोग काम करते हैं। उन्होंने ‘मिडिल ऑफ डायमंड इंडिया’ और ‘भारत: उद्यमिता एवं भागीदार में राष्ट्र निर्माण’ नामक पुस्तकें भी लिख रखी हैं।

कन्हैया कुमार के नामांकन में उनकी ही पार्टी के स्थानीय नेताओं का हंगामा, अरविंदर लवली के बाद अब संदीप दीक्षित ने दिखाए तेवर: दिल्ली कॉन्ग्रेस में भगदड़

आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस में गठबंधन पुराने कॉन्ग्रेसियों को रास नहीं आ रही है। दिल्ली प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, तो संदीप दीक्षित ने भी पार्टी को तीखे तेवर दिखाए हैं। वहीं, कॉन्ग्रेस प्रत्याशी कन्हैया कुमार की उम्मीदवारी के खिलाफ कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा खड़ा कर दिया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोकल नेता को उम्मीदवार बनाने की जरूरत है, किसी बाहरी को कैंडिडेट नहीं बनाया जाना चाहिए।

कन्हैया का जोरदार विरोध

कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता कन्हैया कुमार के खिलाफ फिर खड़े हो गए हैं। दिल्ली कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में पार्टी के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली से किसी लोकल को ही कैंडिडेट बनाना चाहिए न कि किसी बाहरी को मौका देना चाहिए। ऐसा रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अरविंदर सिंह लवली के इस्तीफे के पीछे की वजह आप के साथ गठबंधन के अलावा कन्हैया कुमार भी एक फैक्टर हैं।

बता दें कि कॉन्ग्रेस इस बार आम आदमी पार्टी के साथ लोकसभा चुनाव लड़ रही है। दिल्ली में उसे तीन सीट मिली हैं। इसमें से एक सीट उत्तर पूर्वी दिल्ली की है, जहाँ से कन्हैया कुमार को टिकट मिला है, लेकिन कन्हैया की उम्मीदवारी का कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौजपुर मेट्रो स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि हमें बाहरी पसंद नहीं है। उन्हें इस सीट से कोई लोकल कैंडिडेट चाहिए।

इस बीच, अरविंदर सिंह लवली के इस्तीफे के बाद कॉन्ग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि उन्होंने जो कुछ भी लिखा है और पत्र के जरिए अपना दर्द व्यक्त किया है, पार्टी को उस पर विचार करना चाहिए। वह पार्टी के लिए एक संपत्ति हैं, हमारे सीनियर नेतृत्व को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। हमें उन चीजों से बचना चाहिए, जो पार्टी ने राज्य में जो कुछ भी हासिल किया है, उसमें बाधा डाल सकती है। अरविंदर सिंह लवली काफी पीड़ा में है, आलाकमान को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।

इस बीच, खबर आ रही है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने लवली को मनाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कॉन्ग्रेस महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल को अरविंदर सिंह लवली से बात करने और दिल्ली कॉन्ग्रेस संकट को हल करने का रास्ता खोजने का निर्देश दिया है।

बता दें कि उत्तर पूर्वी दिल्ली से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार कन्हैया कुमार को लेकर दिल्ली कॉन्ग्रेस की बैठक में पूर्व सांसद संदीप दीक्षित में जमकर विरोध किया था। इसके बाद उत्तरी पश्चिमी दिल्ली से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार उदित राज को लेकर भी पार्टी के अंदर विरोध देखा गया था। पिछले दिनों दिल्ली कॉन्ग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया ने अपने आवास साउथ एवेन्यू पर पूर्व विधायकों और मंत्रियों की बैठक बुलाई थी, जिसमें दिल्ली कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली भी मौजूद थे। उनकी मौजूदगी में पार्टी के कई नेताओं ने उदित राज का विरोध किया था और दिल्ली कॉन्ग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया को भी खरी-खोटी सुनाई।

‘दाढ़ी-टोपी की वजह से मुझे मंच पर नहीं बैठने देते’: मौलाना बदरुद्दीन अजमल का राहुल गाँधी पर निशाना, कहा – खत्म हो गई है कॉन्ग्रेस

एक वक्त था, जब भाजपा ने देश में ‘कॉन्ग्रेस मुक्त भारत’ नारा दिया था। जनता ने 44 सीटें देकर भारत को लगभग कॉन्ग्रेस मुक्त कर भी दिया। हालाँकि, यह बात विपक्षी दलों को नहीं समझ में आ रही है। अब उत्तर पूर्व राज्यों के मुस्लिमों में अपना प्रभाव रखने वाले सांसद बदरुद्दीन अजमल ने कहा है कि कॉन्ग्रेस खत्म हो चुकी है, लेकिन राहुल गाँधी को पता नहीं चल रहा है। वे अभी भी यात्रा निकाल रहे हैं।

दैनिक भास्कर को दिए अपने विशेष साक्षात्कार में बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि NDIA ब्लॉक असम में भी है, लेकिन राहुल गाँधी या कॉन्ग्रेस ने उन्हें साथ नहीं लिया। इसके बावजूद वह 14 में सिर्फ उन्हीं तीन सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं, जहाँ कॉन्ग्रेस नहीं है। अजमल ने कहा कि उनका लक्ष्य भाजपा को केंद्र और राज्य की सत्ता से हटाना है।

अजमल ने कहा कि अफसोस की बात है कि सोनिया गाँधी पावर में नहीं हैं और राहुल गाँधी को RSS के लोगों ने घेर रखा है। गुलाम नबी आजाद जैसे सेक्युलर लोग थे। उन्हें पार्टी में रहने नहीं दिया। सलमान खुर्शीद को उन्होंने टिकट नहीं दिया। उन्होंने कहा, “उन्हें लोगों की पहचान करनी चाहिए। भले वे सत्ता में नहीं हैं, लेकिन आज भी लोग उनके पास सलाह लेने आते हैं। उन्हें खुद पता करना होगा।” 

AIUDF के प्रमुख और असम के धुबरी से चौथी बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे अजमल ने कॉन्ग्रेस के भविष्य पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा, “स्थिति ये है कि कॉन्ग्रेस बिल्कुल खत्म हो गई है। राहुल जी अब तक पदयात्रा और न्याय यात्रा कर रहे हैं। इधर, मैदान लुट रहा है और वे लोगों को यात्रा में ट्रेनिंग दे रहे हैं।”

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को लेकर अजमल ने कहा कि अगर कॉन्ग्रेस उन्हें CM बना देती तो आज असम में भाजपा नहीं होती। असम में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को अगर किसी ने बैठाया है, तो वो राहुल गाँधी ही हैं। उन्होंने कहा कि सरमा के पास पार्टी चलाने का लंबा अनुभव था और तरुण गोगोई के समय में वे करीब हर मंत्रालय का जिम्मा संभाल चुके थे।

अजमल ने कहा, “भारत के मुसलमान से ज्यादा उत्पीड़ित फिलहाल कोई नहीं है। भारतीय मुसलमान के पास न कोई लीडरशिप है और न ही उनके साथ कोई खड़ा होने वाला है। मैं 15 साल UPA में था। अभी INDIA ब्लॉक देश में बड़ी-बड़ी बात करता है, लेकिन इसने मुझे स्टेज पर नहीं बैठने दिया। उन्होंने कहा कि अगर हमने दाढ़ी-टोपी वाले को स्टेज पर बैठाया तो हिंदू भाइयों में गलत मैसेज जाएगा।”