जिस दावे का श्रीलंकाई राष्ट्रपति भी खंडन कर चुके हैं, उस पर आधारित 'द वायर' के एक लेख को आधार बनाकर राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा है।
इस प्रकार के उग्र-हिंसक प्रदर्शन भी आतंक का ही एक रूप हैं जो समाज और शासन-प्रशासन पर अनुचित दबाव डालकर अपनी बात मनवाने का प्रयत्न करते हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे दबाव स्वीकार नहीं किए जा सकते, किए भी नहीं जाने चाहिए।