अकबर के काल में राल्फ फीच नामक एक अंग्रेज यात्री ने अपने संस्मरण एक पवित्र 'वापी' (कुएँ) का उल्लेख किया है। अकबर ने काशी विश्वनाथ मंदिर बनवाया - ये झूठ है।
ज्ञानवापी केस में हिन्दू पक्ष द्वारा काशी विश्वनाथ के आगे कान पकड़ कर महादेव से 300 साल तक उनकी पूजा न कर पाने के लिए माँगी गई माफ़ी। पूजा के लिए कोर्ट में याचिका।