मंदिर के तोड़े जाने का एक महत्वपूर्ण प्रमाण 'मा-असीर-ए-आलमगीरी’ नाम की पुस्तक भी है। यह पुस्तक औरंगज़ेब के दरबारी लेखक सकी मुस्तईद ख़ान ने 1710 में लिखी थी।
बिहार का 11 साल का सोनू इन दिनों सोशल मीडिया में चर्चा में है। वह नालंदा जिले के नीमा कौल गाँव का रहने वाला है। वह पढ़-लिखकर आईएएस अधिकारी बनना चाहता है।