ऐसा नहीं है कि नसबंदी पर प्रोत्साहन कोई नई बात है, बल्कि देश भर में केंद्र व राज्य सरकारें अक्सर नसबंदी के लिए प्रोत्साहन का अभियान चलाते रहती है। लेकिन, जो संजय गाँधी ने किया था वो क्रूरता थी।
आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर इसकी कमान अमित शाह के हाथ में ही क्यों? आखिर विपक्षी की बेचैनी का कारण क्या है कि वो केंद्र सरकार के इस नए पहल का स्वागत करने की बजाए इसका विरोध कर रहा है।
कार्ल रॉक ने CAA (नागरिकता संशोधन कानून) विरोधी आंदोलनों में न सिर्फ भाग लिया, बल्कि अपने यूट्यूब चैनल से भी इसे दिखाया। इसमें वो अपनी पत्नी के साथ गया था।
भारतीय ऐतिहासिक साहित्य के अंतर्गत वेद-वेदाङ्ग, उपनिषद, जैन-बौद्ध साहित्य और पुराणों के बारे में भी पूरा ज्ञान दिया जाएगा। ब्राह्मी, खरोष्ठी, पाली, प्राकृत और तिगलारी के साथ-साथ संस्कृत भाषा का इतिहास पढ़ाया जाएगा।
जहाँ एक तरफ अमेरिका तेजी से अफगानिस्तान से अपनी सेना हटा रहा है, वहीं दूसरी तरफ तालिबान ने दावा किया है कि इस मुल्क के 85% भू-भाग पर अब उसका ही राज़ है।