निपुंगे ने ये भी कहा कि जब भी कोई आत्महत्या का विवादित मामला सामने आता है तो उसमें परमबीर सिंह के शामिल होने का खुलासा होता है। चाहे वह सुशांत सिंह राजपूत, दिशा सालियान, मनसुख हिरेन या फिर इस कॉन्स्टेबल का हो।
"जिहदियीं का मनोबल काफी ऊँचा है और प्रतिदिन हिन्दू लड़कियाँ जिहादियों द्वारा ऊठाई जा रही है। यहाँ तक कि बेटियो की बारात पर भी हमले कर उसे रोका जा रहा है।"
जज कौशिक चंदा ने कहा कि वो व्यक्तिगत रूप से इस मामले में आगे की सुनवाई करने का कोई इरादा नहीं रखते, क्योंकि वो नहीं चाहते कि कोई न्यायपालिका को बदनाम करे।
बीफ खाने से इनकार करने पर वो लोग अपने मजहब में मुझे लाने के लिए जोर देने लगे और कहा कि रुपए की कोई कमी नहीं होगी, अच्छी नौकरी दी जाएगी। जमीन तक का लालच दिया गया।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में ये उनका पहला मंत्रिमंडल विस्तार हो रहा है। युवा चेहरों को मौका दिया जा सकता है और पिछड़ों की भागीदारी बढ़ेगी।