सिद्धू ने अपने फेसबुक पेज पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए एक और वीडियो जारी किया है। सिद्धू ने आरोप लगाया कि किसान यूनियन के नेता लाल किले में मौजूद थे, जो उन नेताओं के द्वारा किए गए दावों के विपरीत है।
“लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, किसान बिल को लेकर कतिपय संगठनों द्वारा दर्ज किए गए विरोध के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत सरकार 11 बार किसानों से वार्ता कर चुकी है।”
जातिगत हमला दिलीप मंडल ने यही नहीं रोका। हर मुद्दे में जाति ले आने वाले दिलीप मंडल ने कहा कि आनंद रंगनाथन इसलिए गुस्से में हैं क्योंकि इससे उनकी जाति के गुमान को ठेस पहुँची है।
राहुल गाँधी ने अपने ट्वीट में लिखा कि इतने सारे तानाशाहों के नाम 'M' से ही क्यों शुरू होते हैं। इस पर लोगों ने राहुल गाँधी से ही सवाल किया कि फिर मोहनदास और मोती लाल नेहरू क्या थे?
यदि आवेदक का सोशल मीडिया अकाउंट राष्ट्र विरोधी और भड़काऊ सामग्री से लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ निगेटिव रिपोर्ट लगाकर आवेदन रद्द कराने की संस्तुति की जा सकती है।