ऑपइंडिया सिर्फ पत्रकारिता नहीं है, यह एक मुहिम है जो सनातन आस्था की प्रतिरक्षा के लिए है। यह सिर्फ रिपोर्टिंग का काम नहीं है, बल्कि वामपंथियों के कैंसरकारी नैरेटिव को काटने के लिए अपना नैरेटिव बनाने का काम है।
कॉन्ग्रेस को शाहरुख याद नहीं है। लेकिन, जामिया में गोली चलाने वाले नाबालिग का चेहरा दिखाने से उसे गुरेज नहीं। क्यों? सिर्फ इसलिए कि वह नाबालिग एक हिंदू था।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के हिंदू विरोधी दंगों के सिलसिले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
कैप्टन अमरिंदर सिंह और पाकिस्तानी रक्षा मामलों की पत्रकार अरूसा आलम के बीच काफ़ी नज़दीकी रिश्ते हैं। दोनों ही अपने इस कम मशहूर ‘अफेयर’ को लेकर सार्वजनिक रूप से बात करने से कतराते हैं।