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31 का कामिर खान, 11 साल की बच्ची: 3 महीने में 4000 मैसेज भेजे, यौन शोषण किया; निकाह करना चाहता था

कामिर खान ने स्वीकार किया है कि उसने दो बार 11 वर्षीय बच्ची का यौन शोषण किया। उसे गलत तरीके से छुआ, यौन सम्बन्ध बनाने के लिए उकसाया और अश्लील मैसेज भेजे।

दिल्ली दंगों के दौरान मुस्लिमों को भड़काने वाला संगठन ‘किसान’ प्रदर्शनकारियों को पहुँचा रहा भोजन: 25 मस्जिद काम में लगे

UAH के मुखिया नदीम खान ने कहा कि मोदी सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे लोगों को मदद पहुँचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

‘बंगाल में हम बहुसंख्यक, क्योंकि आदिवासी और दलित हिन्दू नहीं होते’: मौलाना अब्बास सिद्दीकी और ओवैसी साथ लड़ेंगे चुनाव

बड़ी मुस्लिम जनसंख्या वाले जिलों मुर्शिदाबाद (67%), मालदा (52%) और नॉर्थ दिनाजपुर में असदुद्दीन ओवैसी को बड़ा समर्थन मिल रहा है।

‘हमारी माँगटीका में चमक रही हैं स्वरा भास्कर’: यूजर्स बोले- आम्रपाली ज्वेलर्स से अब कभी कुछ नहीं खरीदेंगे

स्वरा भास्कर को ब्रांड एम्बेसडर बनाने के बाद आम्रपाली ज्वेलर्स को सोशल मीडिया में यूजर्स का कड़ा विरोध झेलना पड़ा है।

कोरोना संक्रमण पर लगातार चेताते रहे, लेकिन दिल्ली सरकार ने कदम नहीं उठाए: सुप्रीम कोर्ट से केंद्र

दिल्ली में कोरोना क्यों बना काल? सुप्रीम कोर्ट को केंद्र सरकार ने बताया है कि रोकथाम के लिए केजरीवाल सरकार ने प्रभावी कदम नहीं उठाए।

क्या घुसपैठ करने वाले रोहिंग्या मुसलमानों को RAW में बहाल करने जा रही है भारत सरकार?

एक वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि सरकार रोहिंग्या मुसलमानों को रॉ में बहाल करने जा रही है। जानिए, क्या है इस दावे की सच्चाई?

‘नॉटी, दो टके के लोग’: कंगना पर फट पड़ीं मुंबई की मेयर, ऑफिस तोड़ने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार

मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कंगना रनौत के लिए 'नॉटी' का इस्तेमाल किया है। शिवसेना सांसद संजय राउत के लिए इस शब्द का अर्थ 'हरामखोर' है।

जहाँ ममता बनर्जी ने खोदी थी वामपंथ की कब्र, वहीं उनकी सियासत को दफनाने की तैयारी में शुभेंदु अधिकारी

सिंगूर और नंदीग्राम के आंदोलन से ममता बनर्जी को सत्ता मिली। अब नंदीग्राम के शुभेंदु अधिकारी के बागी तेवरों ने उन्हें मुश्किल में डाल दिया है।

कॉन्ग्रेस का कोढ़ है धर्मांतरण, रोकने को देर से बने कानून कितने दुरुस्त?

जिस विषय में संविधान निर्माताओं को 1949 से पता था, उस पर कानून बनाने में इतनी देर आखिर क्यों? नियम बनने शुरू भी हुए हैं तो क्या ये काफी हैं, या हमें बहुत देर से और बहुत थोड़ा देकर बहलाया जा रहा है?

FIR में अर्णब पर लगाए आरोप साबित नहीं कर पाई मुंबई पुलिस: SC ने बॉम्बे हाई कोर्ट को भी लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए यह भी कहा कि आपराधिक कानून, उत्पीड़न का औजार नहीं बनना चाहिए, जमानत मानवता की अभिव्यक्ति है।

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