कर्नल आशुतोष और मेजर अनुज सूद की दोस्ती के चर्चे हर भारतीय की जुबान पर हैं, क्योंकि दोनों साथ पढ़े और साथ-साथ ही वीरगति को प्राप्त हो गए। इतना ही नहीं दोनों की जुगलबंदी इतनी गहरी थी कि घाटी में आतंकवादियों की रूह काँपती थी।
महाभारत के संवाद-लेखन में राही मासूम रजा के साथ पंडित नरेंद्र शर्मा भी बराबर के भागीदार हैं। वामपंथियों ने जानबूझ कर 'गंगा जमुनी तहजीब' के लिए उन्हें किनारे कर दिया।