”आप हिंदुओं को इस्लामोफोबिया का शिकार कहते हो, मुस्लिमों के लिए नफरत फैलाने वाला बोलते हो। मेरे जैसा इंसान जिसने इंसान को इंसान समझा, धर्म के रंग से नही तोला, पर आए दिन आप लोग जो मुझपे झुंड बनाकर सोशल मीडिया पर धमकियाँ देते हो उससे मुझे मुसलमानो से डर लगने लगा है।”
तबलीग़ी जमात का एक सदस्य मोहम्मद आलम सीधे तौर पर मौलाना साद को इस सबका जिम्मेदार ठहराते हुए कहता है कि मौलाना साद ने अपने अज्ञान और जिद के कारण समुदाय को इस महामारी के मुँह में ढकेल दिया है। लियाकत अली खान नाम का दूसरा व्यक्ति सवाल करता है कि वो छिपा क्यों बैठा है, क्यों नहीं अपनी वायरस जाँच करवा रहा?
यह पहली बार नहीं है जब कॉन्ग्रेस को दूसरों के क्रिएटिव आइडिया को चुराते हुए और उन्हें ओरिजिनल आइडिया के रुप मे पेश करते हुए पकड़ा गया है। इससे पहले भी कॉन्ग्रेस पार्टी कई बार इस तरह की हरकतें कर चुकी है। 2017 में कॉन्ग्रेस ने कार्टूनिस्ट सतीश आचार्य के आर्ट वर्क को चुराया था। पार्टी ने इसमें से भी लोगो को हटा दिया था।
प्राइम टाइम देखना फिर भी जारी रखूँगा, क्योंकि मुझे गर्व है आप पर कि आप लोगों की भलाई सोचते हैं। बीच में किसी दिन थूकने वालों और वार्ड में अभद्र व्यवहार करने वालों पर भी प्राइम टाइम कीजिएगा। और हाँ! इस काम के लिए निधि कुलपति जी या नग़मा जी को मत भेज दीजिएगा। आप आएँगे तो आपका देशप्रेम सामने आएगा, और उसे दिखाने में झिझक क्यूँ?
साकिब तंजील नाम के एक युवक ने जहीर खान की फोटो पर कमेंट करते हुए लिखा, “तुम मरकज के साथ क्यों नहीं खड़े होते हो?” साद खान जैसे कई अन्य यूजर्स ने साकिब तंजील के कमेंट का समर्थन किया। वहीं असद पठान ने कहा, “अंधभक्तों की तरह तुम भी दिया जला रहे हो।”
सोचने वाली बात है कि आखिर कोई आयरिश अखबार भारत की इस छोटी सी सूचना को अपनी मुख्य हेडलाइन क्यों बनाएगा? इस समय तो भारत में कई लोग ऐसे हैं जो बड़ा-बड़ा दान कर रहे हैं, तो फिर आयरिश अखबार सिर्फ मो. साद को ही क्यों चुनता?
कैफ ने अपनी पत्नी के साथ 9 मिनट के लिए मोमबत्ती जलाते हुए साफ किया कि वे ये सब उन योद्धाओं के लिए कर रहे हैं, जो हमारी जान बचाने के लिए अपनी जान को खतरे में डाले हुए हैं। मगर, इस्लामी कट्टरपंथियों को इससे क्या? वे तो यहाँ भी कैफ को मजहब का पाठ पढ़ाने लगे, अपशब्द बोलने लगे।
सोशल मीडिया समेत ऑपइंडिया के भी कुछ सुझाव हैं कि आने वाले समय में 'नौ बजे नौ मिनट' के नाम पर कैसी दर्द भरी कहानियाँ आ सकती हैं। हमने ये सुझाव वामपंथियों की कम होती क्रिएटिविटी के कारण उन पर तरस खाकर दिए हैं।
जब 50 करोड़ हिन्दुओं को कोरोना से खत्म करने की दुआ करता मौलवी गिरफ्तार होता है, या फिर TikTok पर युवक इसे अल्लाह का कहर बताते नजर आते हैं, तो लोगों की जिज्ञासा एक बार के लिए मुस्लिम समुदाय पर सवाल खड़े जरूर कर देती है। ऑल्ट न्यूज़ जैसे फैक्ट चेकर्स के कंधे पर बंदूक रखकर दक्षिणपंथियों के दावों को खारिज करने का दावा करने वाला ध्रुव राठी यहाँ पर एक बार फिर सस्ती लोकप्रियता जुगाड़ते व्यक्ति से ज्यादा कुछ भी नजर नहीं आते।
ग्वालियर से कॉन्ग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने प्रधानमंत्री मोदी के रात नौ बजे नौ मिनट पर 'दिया जलाने' की मुहिम का समर्थन करने का एलान कर दिया। ट्विटर पर पूर्व प्रधानंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता "आओ फिर से दिया जलाएँ" के जरिए उन्होंने कहा कि यही एकता प्रदर्शित करने का समय है और...