बाजार संघ के एक वरिष्ठ सदस्य ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त मध्यस्थों से मिल कर, उन्हें व्यापरियों को हो रहे वित्तीय नुकसान और इसके कारण दुकानदारों और उसके स्टॉफ को होने वाली परेशनियों से अवगत कराने की इच्छा जताई।
"आज बम बाँध कर फटने वाले ज्यादातर आतंकी आखिर और किस मजहब को मानने वाले हैं? अगर इन में से ज्यादातर मुस्लिम ही हैं तो क्यों नहीं इनकी प्रोफाइलिंग की जाए?"
कॉन्ग्रेस नेता रीना मिमरोत सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता के लिए पहले भी फर्जी खबरों के द्वारा घटिया और बेहद मूर्खतापूर्ण हरकतें करते हुए देखी गई हैं। रीना ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प जैसे दिखने वाले किसी आदमी की महिलाओं के साथ 'गंदी' तस्वीरें शेयर की थीं।
"जामिया के छात्रों के खिलाफ सभी मुकदमे वापस लिए जाएँ। NPR को दिल्ली में लागू नहीं किया जाए। शाहीन बाग विरोध को लेकर दर्ज किए गए युवाओं के खिलाफ सभी मामलों को रद्द करें।"
प्रदर्शनकारियों की माँग थी कि मंदिर में मांस फेंकने वालों की पुलिस तलाश कर उन्हें गिरफ्तार करे। लेकिन अपराधियों की पहचान करने के बजाए पुलिस ने लोगों को वहाँ से हटाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी अपनी माँग पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया और...
“मुस्लिम देशों में अल्पसंख्यक इस तरह की बदज़ुबानी नहीं कर सकते। हिंदू समाज सहिष्णु है, सबको साथ लेकर चलता है लेकिन हिंदू समाज की सहिष्णुता को उसकी कमजोरी न मानें। उन्हें हिंदुओं और पूरे समाज से माफी माँगनी चाहिए।”
शबीब मोमिन वैन की पीछे वाली सीट पर आकर बैठ जाता था। बड़े बच्चों को दूसरी तरफ देखने के लिए कहता था और 5 साल की बच्ची का प्राइवेट पार्ट छूता था। वो बच्ची को धमकी भी देता था कि अगर उसने ये बात किसी को बताई तो वो उसकी माँ और दादी माँ को मार डालेगा।
महात्मा गाँधी की सलाह को प्रधानमंत्री नेहरू ने अनदेखा किया। शेख ने भी अपनी बात रखने में बहुत वक्त लगा दिया। प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव से पहले ही POJK को वापस लेने के लिए भारत सरकार को अपनी नीतियाँ स्पष्ट कर देनी थीं। लेकिन अफसोस यह है कि...
क्या आप गुलशन कुमार को जानते हैं? मारिया के सवाल पर भट्ट ने कहा हाँ, मैं जानता हूँ। फिर मारिया ने पूछा - क्या गुलशन कुमार हर सुबह एक शिव मंदिर जाते हैं? भट्ट के जवाब से यह बात भी सही निकली। और मुखबिर के अनुसार इसी शिव मंदिर में गुलशन कुमार का 'विकेट' गिरने वाला था, मतलब...
मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अरविन्द यादव और उसके परिवार के सदस्यों की संपत्ति कुर्क करने का अस्थायी आदेश जारी हुआ। इसके तहत एक ट्रक और लगभग 14 एकड़ जमीन कुर्क किए गए। ट्रक की कीमत 11 लाख रुपए, जबकि जमीन की कीमत 11 करोड़ रुपए से ज्यादा है।