"अगर आप 2024 में भी दोबारा राहुल गाँधी को चुनने की गलती करेंगे तो आप नरेंद्र मोदी को फायदा पहुँचाएँगे। ‘खानदान की पाँचवीं पीढ़ी’ के राहुल गाँधी के पास भारतीय राजनीति में ‘कठोर परिश्रमी और खुद मुकाम बनाने वाले’ नरेंद्र मोदी के सामने कोई मौका नहीं है।"
इन वीडियो में 'लिबरल्स' की भीड़ बच्चों को कन्धों पर बिठाकर जो नारे लगवा रही है, वो स्पष्ट करता है कि इस सारे हंगामे का कारण कोई कानून नहीं बल्कि कुछ चुनिंदा लोगों का सत्ता में होना। वीडियो में बच्चा नारे लगाते हुए कहता है- 'हम ले के रहेंगे आज़ादी, तेरा बाप भी देगा आज़ादी, तेरी माँ भी देगी आज़ादी।"
एक ओर पूरे देश के मुस्लिमों में असदुद्दीन ओवैसी NRC पर लोगों को डिटेंशन कैम्प भेज दिए जाने जैसी भ्रामक बातों से डराकर उन्हें सरकार के खिलाफ उकसाते हैं, और दूसरी तरफ वही ओवैसी, आतंकवाद से निपटने की सरकार और तंत्र की रणनीतियों में अपनी कट्टरपंथी विचारधारा का नैरेटिव जोड़ देते हैं।
गैर मुस्लिमों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करने वाला मलेशिया कभी खुद को भारत का अच्छा दोस्त बताता था। लेकिन, हाल में कश्मीर से लेकर CAA तक हर मुद्दे पर मुसलमानों का हवाला दे वह अलग राग अलापने लगा था। लेकिन, पाम ऑयल के कारोबार में कटौती होते ही वह बातचीत की राह लौट आया है।
परोल पर बाहर निकलने के बाद जलीस मुंबई अपने घर आया था। लेकिन, परोल खत्म होने से ठीक पहले वह गायब हो गया। उसके बेटे ने पुलिस को बताया था कि वह नमाज पढ़ने की बात कह घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा।
भारत की कथित सेक्युलर मीडिया, वामपंथी-लिबरल गैंग इंटरनेट शटडाउन को प्रोपेगेंडा की चाशनी में इस कदर लपेट कर परोसता है कि जैसे अभिव्यक्ति की आजादी पर पहरा बिठा दिया गया हो। लेकिन, एक वैश्विक रिपोर्ट बताती है कि इंटरनेट की आजादी के मामले में भारत पाकिस्तान, चीन जैसे पड़ोसियों से ही नहीं रूस जैसे विकसित देशों से भी काफी आगे है।
BHU के कुलपति राकेश भटनागर JNU के पूर्व प्रोफ़ेसर हैं। छात्रों ने आरोप लगाया है कि वीसी हिन्दी भाषी छात्रों के साथ भेदभाव कर रहे हैं। यहाँ तक कि भर्ती प्रक्रिया में वह अपने JNU के छात्रों को वरीयता दे रहे हैं। उन पर BHU का कुलपति रहते हुए अधिकांश नियुक्तियों में JNU, वामपंथ और अँग्रेजी को वरीयता देने जैसे कई गंभीर आरोप छात्रों ने पहले भी लगाए हैं।
"कन्हैया कुमार सिर्फ मीडिया वालों के लिए लोकप्रिय है, आम जनता कन्हैया कुमार का नाम भी सुनना नही चाहती है, लोगों का खून खोल उठता है, लोग उसे देशद्रोही और गद्दार, टुकड़े टुकड़े गैंग का आदमी बुलाते हैं, और यह भी कहते हैं लोग जो देश का नहीं वह किसी का नहीं हो सकता है।"
किसी वजह से किसी स्वास्तिक में बिंदु न हों तो इसका मतलब ये कतई नहीं है कि वो हिन्दुओं का प्रतीक चिन्ह नहीं है। यह एक बड़ी विडंबना है कि जो लोग हिन्दुओं के लिए अपने मन में घृणा रखते हैं वो बताते हैं कि कौन-सा प्रतीक हिन्दुओं का है और कौन-सा नहीं।
राजदीप ने गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान को CAA के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए अपने शो में आमंत्रित किया था। इस दौरान उन्होंने रबर स्टाम्प बता गवर्नर को नीचा दिखाने की कोशिश की। जवाब में खान ने उनकी भाषा को अभद्र बताते हुए क्लास लगाई।