अब तक राम मंदिर मामले को ही सबसे बड़ा माना जा रहा था, लेकिन इस पर फ़ैसला सुना दिए जाने के बाद अब सबकी निगाहें सबरीमाला मामले पर टिक गई है। धर्म और आस्था से जुड़ा यह मामला भी CJI रंजन गोगोई की अध्यक्षता में उनके रिटायरमेंट से पहले...
राम मंदिर के हक में फैसला आने के बाद उत्तर प्रदेश के मेरठ जोन में मुस्लिम बहुल इलाकों में शांति भंग करने की कोशिश के आरोप में आईपीसी की धारा 151 के तहत 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
योगेश्वरन पिछले 9 साल से अयोध्या मामले पर काम कर रहे थे। इस मामले पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उन्हें अदालत के सभी अन्य कामों को छोड़ना पड़ा। वकील आकृति चौबे को तो ब्वॉयफ्रेंड के साथ सगाई करनी थी, लेकिन...
“अगर ओवैसी का वश चले तो ये हैदराबाद में निजामी के समय की तरह ही दूसरा फसाद खड़ा कर दे, लेकिन इसकी औकात ही नहीं है इतनी कि हिन्दुस्तान का बँटवारा कर सके।”
सर्वोच्च अदालत का ये फैसला हमारे लिए एक नया सवेरा लेकर आया है।
इस विवाद का भले ही कई पीढ़ियों पर असर पड़ा हो, लेकिन इस फैसले के बाद हमें ये संकल्प करना होगा कि अब नई पीढ़ी, नए सिरे से न्यू इंडिया के निर्माण में जुटेगी।
भगवान राम को घर- घर पहुॅंचाने में तुलसीदास कृत रामचरितमानस की भूमिका अतुलनीय है। अयोध्या में रामलला को उनकी जमीन कानूनी तौर पर वापस दिलाने में ऐसी ही भूमिका भारतीय वकालत के भीष्म पितामह कहे जाने वाले पराशरण ने निभाई है।
अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से गोगोई रामभक्तों की आँखों के तारे बन गए हैं। कोई प्रणाम करने के लिए उनका घर ढूँढ़ रहा है तो कोई उन पर ईश्वर की कृपा बने रहने की कामना कर रहा है।
जजों ने इस बात का ख्याल रखा है कि कोई भी लिबरल, अजेंडाबाज़ रवीश टाइप पत्रकार, टुटपुँजिया कॉमेडियन, पंक्चर के काम करने वाले 'हा-हा' रिएक्शन ब्रीड के लौंडे या मीम का फैक्ट चेक करने वाले गंजे आदि छूट न जाएँ क्योंकि दर्द तो बहुत हुआ होगा।
फासिस्ट फकीरा ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को 'न्याय' न बताकर 'निर्णय' करार दिया और लिखा कि INDIA को आज आधिकारिक रूप से HINDU REPUBLIC घोषित किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने बहुप्रतीक्षित फ़ैसला सुनाया दिया है। अयोध्या की पूरी विवादित ज़मीन रामलला की है। मंदिर वहीं बनेगा। मस्जिद के लिए अयोध्या में ही कहीं और 5 एकड़ ज़मीन दी जाएगी।