कुख्यात कलाकार एजाज खान जेल से रिहा हो चुके हैं। इसकी जानकारी खुद गालीबाज एजाज खान ने अपने ट्विटर अकाउंट से दी है। साथ में अपनी एक दमदार तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा है- "A lion doesn't concern himself with the opinions of a sheep"
राकेश ने बीजेपी का झंडा उतारने से मना किया तो राजाराम ने उसके साथ बदतमीजी की। फिर उसकी और उसकी पत्नी की पिटाई कर दी। साथ ही राजाराम ने अपने विकलांग बेटे को दारू पिलाकर उसके दरवाजे पर बैठा दिया है और वो गाली-गलौज कर रहा है।
गुलशनजहाँ को जब तीसरी बेटी पैदा हुई, तो बौखलाए ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। फिर 20 जुलाई को उसके शौहर ने तीन तलाक देकर उससे सारे संबंध खत्म करते हुए दूधमुँही बच्ची के साथ घर से निकाल दिया।
शाहीन को कट्टरपंथियों का डर नहीं। वे कहती हैं, "हम ऐसे देश में रहते हैं जहां सभी को एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करना चाहिए। यदि मैं दूसरे धर्म के बारे में भी सीखती हूॅं तो इसमें क्या गलत है। हर धर्म प्यार करना सीखाता है।"
जज वी चिताम्बरेश के अनुसार ब्राह्मण की विशेषताएँ 'स्वच्छ आदतें, उत्कृष्ट सोच, शानदार चरित्र, अधिकांशतः शाकाहारी होना, शास्त्रीय संगीत का पुजारी' होना है। उनके मुताबिक जब किसी व्यक्ति में यह गुण आ जाते हैं, तो वह ब्राह्मण हो जाता है।
आम्रपाली ने उन कंपनियों के साथ संदिग्ध तरीके से समझौते किए, जिनमें महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पत्नी साक्षी धोनी के बड़े स्टेक हैं। धोनी भी सात साल तक आम्रपाली के एक ब्रांड एंबेसडर थे। हालाँकि, वे हजारों असंतुष्ट खरीदारों के दबाव के बाद उससे हट गए थे।
“आपको यह समझना चाहिए कि एक विभाजन वहाँ मौजूद है। हमारे घरों में भी तो टॉयलेट-बाथरूम अटैच बन रहे हैं। अगर हमारे रिश्तेदार घर में अटैच टॉयलेट-बाथरूम होने के कारण खाने से मना कर दें तो आप क्या कहेंगे?”
"भाजपा के लोग खून के प्यासे हैं, इसलिए मुस्लिमों को उनके खिलाफ एक हो जाना चाहिए। वो लोग चाहे कुछ भी नारा लगवाएँ, तुम सिर्फ अल्लाह का नाम लो। शहादत का जज्बा आ जाएगा तो कोई मॉब लिंचिंग करने वाला या आरएसएस वाला कुछ भी नहीं कर पाएगा।"
बार एवं रेस्तरां के सामने ही जब फिरोज खान पेशाब करने लगता है तो हितेश मूलचंदानी आपत्ति जताते हैं। इस बात से अनजान कि शायद यह उनके जीवन की आखिरी आपत्ति होगी। फिरोज के दोस्त मिलकर पहले तो हितेश का अपहरण करते हैं और बाद में उनकी जली हुई लाश मिलती है।
इससे पहले शिवराज सिंह चौहान ने कहा था, "हम यहां (मध्यप्रदेश) सरकार गिराने का कारण नहीं बनेंगे। कांग्रेस नेता खुद ही सरकार के पतन के लिए जिम्मेदार होंगे। हम इसमें कुछ नहीं कर सकते।"