इससे भी ज्यादा बीबीसी ने प्रियंका की तारीफ़ों के पुल बांधे हैं। प्रियंका ने आज तक अपनी लोकप्रियता साबित नहीं की है, एक भी चुनाव नहीं जीता है, अपनी देखरेख में पार्टी को भी एक भी चुनाव नहीं जितवाया है, फिर भी बीबीसी उन्हें चमत्कारिक और लोकप्रिय बताता है।
शरद पवार ने चंद्रबाबू नायडू से बैठक के दौरान उन्हें झटका दिया। नायडू ने राहुल गाँधी, सीताराम येचुरी, अरविन्द केजरीवाल और अभिसेक सिंघवी से मुलाक़ात की है। वह सोनिया और ममता से भी मिलेंगे।उधर मायावती ने सोनिया गाँधी से मुलाक़ात रद्द कर दी है।
नीलसन के निदेशक ने यह बताया कि वह मान कर चल रहे थे कि भाजपा का वोट शेयर बढ़ने वाला है ही नहीं- इसलिए उन्होंने उन सभी लोगों के जवाबों को ख़ारिज कर दिया, जिन्होंने यह कहा कि उन्होंने पिछली बार तो भाजपा को वोट नहीं दिया था मगर इस बार दे रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव का कहना है कि भाजपा कॉन्ग्रेस के विधायकों को खरीदने नहीं जा रही है बल्कि बहुत से कॉन्ग्रेसी विधायक कमलनाथ से परेशान हो चुके हैं इसलिए वो भाजपा में आना चाहते हैं।
“मुझे यह संदेश मिला, ‘आप के whatsapp पे जितने भी नंबर एवं ग्रुप हैं एक भी छूटने नहीं चाहिए, ये वीडियो सबको भेजिए ये वलसाड के RMVM SCHOOL का टीचर है, इसको इतना शेयर करो कि ये टीचर और स्कूल दोनों बंद हो जाए।’ @PMOIndia, कृपया हमें बताइए यह क्या हो रहा है।”
ये वही राजभर हैं, जिन्होंने रैली में मंच से दी थी BJP नेताओं-कार्यकर्ताओं को माँ की गाली। ये वही हैं जो पहले अफसरों की सिफारिश न सुनने पर हंगामा करते हैं और बाद में अपने बेटों को पद दिलाने पर अड़ जाते हैं।
जो लोग रवीश की पिछले पाँच साल की पत्रकारिता टीवी और सोशल मीडिया पर देख रहे हैं, वो भी यह बात आसानी से मान लेंगे कि रवीश जी को पत्रकारिता के कॉलेजों को सिलेबस में केस स्टडी के तौर पर पढ़ाया जाना चाहिए।
शरद पवार और उनकी बेटी को लगता है कि ईवीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ की जा रही है वहीं उनके भतीजे अजित का कहना है कि यदि ईवीएम के सााथ छेड़खानी मुमकिन होती तो भाजपा 5 राज्यों में चुनाव नहीं हारती।
शहर के एलीट से लेकर गाँव का वंचित वर्ग भी मौक़ा मिलने पर मोदी सरकार के गुणगान करने से नहीं चूक रहा है। लेकिन, विपक्ष इन कोशिशों में जुटा हुआ है कि जनता के बीच भाजपा की कमियों और चूक को गिनवा कर उन्हें सत्ता से हटाया जाए ताकि देश में दोबारा से भ्रष्टाचार, घोटालों की राजनीति कायम हो सके।
10 मीडिया एजेंसियों में से 7 ने राजग को 300 से अधिक सीटें दी है, जो 272 के जादुई आँकड़े से ज्यादा है। इंडिया टुडे-एक्सिस के पोल ने जहाँ सबसे ज्यादा अधिकतम 365 सीटों का अनुमान लगाया है, न्यूज़ एक्स-नेता के एग्जिट पोल ने राजग को सबसे कम 242 सीटें दी है।