विशेषकर अंग्रेज़ी पत्रकार, एनजीओ, लेखक, चिंतक, बुद्धिजीवी और विचारक टाइप लोग मोदी से खफ़ा हैं, क्योंकि इस व्यक्ति को लुटियन दिल्ली में, इंडिया हैबिटैट सेंटर, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर जैसे ठिकानों में अड्डा ज़माने वाले लोगों से कोई हमदर्दी नहीं है।
जबकि, ऐसे मौक़ों पर चुप होकर देश और सेना के साथ खड़े होने का बात कहते हुए अपने वोटर बेस को बचाने की जुगत भिड़ानी थी, महागठबंधन एक तरह से भाजपा की तैयार पिच पर खेल रही है, और अपना जनाधार सेना पर सवाल खड़े करते हुए खो रही है।
भारतीय उपमहाद्वीप में पाकिस्तान की स्थिति सबसे खराब और दयनीय है। पाकिस्तान को महज 46.25 अंक मिला है, वहीं भारत 71.25 अंकों के साथ दूसरे नंबर (वैश्विक स्तर पर 37वें स्थान) पर है।
एक शिक्षित समुदाय के बीच इस तरह का चलन शोभा नहीं देता। अगर आँकड़ों की बात करें तो पता चलता है कि पिछले एक दशक में जैन समुदाय की जनसंख्या में 50% की वृद्धि आई है। ऐसे में जैन समिति के बीच इस तरह की बेचैनी का कोई कारण नहीं बनता।
हमें यह जानकारी पतंजलि का विज्ञापन पाने वाले 'प्राइम टाइम' के प्रोड्यूसर से मिली जिन्हें हमने दस रुपया प्रति चैट स्क्रीनशॉट की दर से देने का वायदा किया।
कश्मीर में अलगाववाद को बल मिलता है पैन-इस्लामिज़म से, जो खिलाफत आंदोलन के या उससे भी पूर्व के उस विचार से प्रभावित है, जिसमें दुनिया के सभी मुस्लिमों को राष्ट्रीय सीमाओं से परे एक झंडे के नीचे खड़े होने को अपना आदर्श मानता है।
इस किताब का दावा है कि साल 2007 के गुजरात चुनाव के दौरान दूरदर्शन के संवाददाता संपादकीय सलाह के तौर पर एक 'कंसलटेंट' और तीस्ता सीतलवाड़ से आदेश लेते थे।
बीबीसी ने दो ऐसी भारत-विरोधी राय तो प्रसारित की, जिनके अनुसार भारत-पाकिस्तान तनाव 'मोदी स्टंट' है लेकिन चैनल ने डॉक्टर मोनिका की राय प्रसारित नहीं की क्योंकि उन्होंने कश्मीर और आतंकवाद के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया।
ये वीडियो देखें और जानें कि दुश्मन से घिरे, ख़ून से लथपथ और आँखों पर पट्टी बंधी होने के बावजूद भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनन्दन वर्तमान ने पाकिस्तानी सेना को कैसे ट्रोल किया। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके इस अंदाज को ख़ूब सराहा।
"जब किसी मुस्लिम आदमी के लिए बहु-विवाह की बात कही जाती है तो उसमें निष्पक्षता की शर्तों का भी पालन होना चाहिए, और अगर ऐसा नहीं होता है, तो एक से अधिक बीवियाँ हराम हैं।"