मीडिया जिस घटना को गुजरात के एक गाँव में दलितों के बाल काटने में जाति के आधार पर भेदभाव के तौर पर प्रचारित कर रही है, असल में वह दो लोगों का आपसी विवाद है।
अमरीश पुरी ने RSS को लेकर लिखा, "मैं उनकी (RSS) हिंदुत्व की विचारधारा की ओर आकर्षित हुआ था। इसका धार्मिक कट्टरता के साथ कुछ संबंध नहीं था, यह मात्र देशभक्ति थी।"