NIA के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक लदी कार रखने से पहले वाजे तत्कालीन गृहमंत्री देशमुख से मिला था।
कॉन्ग्रेस 'आंदोलन समिति' के जरिए मोदी सरकार से खार खाए सिविल सोसाइटी के सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गैर सरकारी संगठनों और बुद्धिजीवियों को अपने साथ जोड़कर उनका सरकार के खिलाफ उपयोग की योजना बना रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कुलगाम में कहा कि तालिबान हकीकत बन कर सामने आ रहा है। ऐसे में अगर वो अपनी छवि को बदलेगा तो दुनिया के लिए मिसाल बन सकता है।
साल 2019 में पेरिस की एक अदालत ने कंपनी पर लगे सभी आरोपों को खारिज किया था। कोर्ट का तर्क था कि कंपनी द्वारा किए गए आर्थिक लेन-देन के पीछे ऐसा उद्देश्य नहीं था।