केरल हाईकोर्ट ने 2011 में सरकार से मंदिर के प्रबंधन और संपत्तियों को नियंत्रण में लेने को कहा था। इस फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी गई और उसने प्रबंधन में राजपरिवार के अधिकार को मान्यता दी है।
इन संस्थाओं में आने वाले बच्चों को शुरू से ही ईसाई बनाने की प्रक्रिया में डाल दिया जाता है। वे गले में क्रॉस लटकाते हैं। परिसर में ही चर्च में प्रेयर्स करते हैं।