"अगर किसी मुस्लिम की मौत कोरोना वायरस से हो जाती है, तो मरीज के परिवार को मृतक को दफनाना नहीं चाहिए। इलेक्ट्रिक शवदाह गृह में उसका अंतिम संस्कार करना चाहिए। इस तरह से मृतक के शरीर का वायरस जलकर पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।"
मध्य प्रदेश की सियासत का संदेश स्पष्ट है। भले जितनी मजबूत राजनीतिक विरासत मिले, निर्णायक जमीनी पकड़ ही है। यही कारण है कि कॉन्ग्रेस तमाम जतन के बावजूद अपनी सरकार बचाने में नाकाम रही। वरना विरासत की राजनीति तो कॉन्ग्रेस के शीर्ष परिवार के चिरागों को भी मिली हुई है।
इस बार रामनवमी मेला का आयोजन नहीं किया जाएगा। योगी सरकार ने लोगों से अपील की है कि वो भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाएँ, घर पर रहकर ही पूजा- अनुष्ठान करें। इसके साथ ही साधुओं ने भी लोगों से कहा है इस महामारी के भयंकर प्रकोप को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर घर में पूजा-अनुष्ठान करें।
16 दिसंबर 2012 को देश की राजधानी दिल्ली में निर्भया के साथ चलती बस में दरिंदगी हुई थी। चारों दरिंदों की फॉंसी टालने के लिए 19 मार्च की रात भी उनके वकीलों ने पूरी कोशिश की। आतंकी याकूब मेनन के मामले की तरह देर रात सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
राजदीप ने जनता कर्फ्यू के आह्वाहन का मजाक बनाते हुए फ़ौरन बयान दिया कि क्या जनता कर्फ्यू के दिन पुलिस उसके घर के आगे मौजूद रहेगी? दरअसल, स्पष्ट सी बात यह है कि राजदीप जैसे लोग सदियों से चली आ रही सत्ता की गुलामी के कारण स्वयं को इतना ज्यादा सुरक्षित महसूस करने लगे हैं कि कोरोना जैसी किसी महामारी का भी ये लोग उपहास बनाते नजर आते हैं।
हम हर ऐसी वारदात के बाद कैंडल मार्च करते हैं। दरिंदों को फाँसी देने की गुहार लगाते हैं। हैशटग चलाते हैं। निंदा करते हैं। न्याय प्रशासन को कोसते हैं। लेकिन एक काम जो हम करना भूल जाते हैं वो होता है ऐसी महिलाओं की सोच को सुधारना.....
कोरोनावायरस के संकट को देखते हुए फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के साथ बातचीत करके COVID-19 Economy Task Force (आर्थिक टास्क फ़ोर्स) बनाने का फैसला किया है। यह हर परिस्थिति का आँकलन करते हुए निकट भविष्य में फैसले लेगी। टास्कफोर्स सभी से सलाह लेकर फैसले लेगा।
कोरोना वायरस के चलते देश में लॉकडाउन की अटकलों को प्रधानमंत्री कार्यालय ने सिरे खारिज दिया है। पीएमओ ने कहा था कि पीएम मोदी आज रात आठ बजे अपने संबोधन में लॉकडाउन जैसी कोई घोषणा नहीं करने वाले हैं।
मध्य प्रदेश में फ्लोर टेस्ट को लेकर मचे घमासान पर सुप्रीम कोर्ट में आज बृहस्पतिवर को तीसरे दिन भी सुनवाई शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कल यानी शुक्रवार (मार्च 20, 2020) को सत्र बुलाकर फ्लोर टेस्ट किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाथ उठाकर बहुमत परिक्षण करवाने के भी निर्देश दिए।