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पूरा नाम क्या है? जाति जानने के बाद प्रताड़ित करते हैं दिलीप मंडल: माखनलाल यूनिवर्सिटी के छात्र

अगर कोई अपनी व्यक्तिगत कुंठा के कारण छात्रों से सौतेला व्यवहार करे तो क्या ऐसे किसी शिक्षक को शिक्षा देने का हक़ होना चाहिए? जब शिक्षा के मंदिर में ही छात्रों से भेदभाव हो। उनके बीच के आपसी सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश हो! जातिगत राजनीति हो तो भला छात्र पढ़ने कहाँ जाएँ? क्या पार्लियामेंट में या सड़क पर?

जामिया में मजहबी नारे ‘नारा-ए-तकबीर’, ‘ला इलाहा इल्लल्लाह’ क्यों लग रहे? विरोध तो सरकार का है न?

संविधान में आस्था है तो पुलिस पर पत्थरबाज़ी कैसे कर लेते हो? वो इसलिए कि तुम्हें पता है कि वो 'उम्माह' तुम्हारी खातिर जहाँ कहीं भी है, उठ खड़ा होगा और बोलेगा। अगर ये प्रदर्शन सिर्फ नागरिकता कानून को ले कर होता, और तुम सिर्फ विद्यार्थी होते तो इस प्रकरण में न तो पत्थर आता, न ही अल्लाह!

जामिया में लगे अल्लाहु अकबर, ला इलाहा इल्लल्लाह के नारे: CAB के खिलाफ प्रदर्शन ऐसे हुआ हिंसक

तेरा मेरा रिश्ता क्या-ला इलाहा इल्लल्लाह, ये शहर जगमगाएगा- नूर-ए-इलाहा से। वैसे ही नारे जैसे कश्मीर में पाकिस्तान के समर्थन में आतंकी लगाते हैं। जामिया में प्रदर्शन के दौरान पुलिस को उकसाने के किए गए तमाम जतन। कहा- पुलिस बचकर जाने न पाए। उसे छोड़े ना।

कट्टरपंथियों के ‘आतंक’ से जलते बंगाल में CAB के ख़िलाफ़ ममता ने की 16-17 दिसंबर को विरोध-प्रदर्शन की घोषणा

पश्चिम बंगाल में एम्बुलेंस और गाड़ियों पर भी पथराव किया गया। हिंसक विरोध-प्रदर्शन में एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया। शुक्रवार को, प्रदर्शनकारियों ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा ज़िले में भी उग्र प्रदर्शन किए। उन्होंने उलुबेरिया रेलवे स्टेशन पर हिंसात्मक गतिविधियों को अंजाम दिया।

ममता के बंगाल में जुमे की नमाज के बाद कट्टरपंथियों ने योजना बनाकर की जमकर हिंसा, पत्थरबाजी, आगजनी

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक रेलवे स्टेशन परिसर में शुक्रवार शाम को हजारों लोगों द्वारा आग लगा दी गई

‘10000 मुस्लिमों ने बेलदांगा में BDO का दफ्तर घेरा, लगाई आग, पत्नी ने किसी तरह बचाई जान’

“ममता राज में सरकारी अधिकारी इस हाल में हैं। बेलडांगा (मुर्शिदाबाद) के विकासखंड अधिकारी सरकारी काम से सिलीगुड़ी गए थे, तब उनके ऑफिस को 10,000 मुस्लिमों की भीड़ ने घेर लिया और आग लगा दी। उनकी पत्नी ने किसी तरह जान बचाई। जब अधिकारियों के ये हाल हैं,तो जनता की बेबसी समझी जा सकती है।”

दिलीप मंडल पढ़ाने की जगह ‘जाति के आधार पर विभाजन’ खड़ा कर रहे हैं: माखनलाल यूनिवर्सिटी में बवाल

कुलपति ने मामले की जाँच के लिए एक कमेटी भी बना दी है, लेकिन छात्र चाहते हैं कि इन दोनों प्रोफ़ेसरों की सेवाएँ तत्काल प्रभाव से निलंबित की जाएँ। साथ ही छात्रों ने कहा कि उनके विरोध प्रदर्शन के बारे में गलत अफ़वाहें भी उड़ाई जा रहीं हैं।

CAB विरोध के बहाने पत्थरबाजी पर उतरे जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र, दो पुलिस वाले ICU में

हमलावर विशेष तौर पर ज़ी न्यूज़ के पत्रकारों पर हमले की फ़िराक में थे। ऐसे में यह भी नहीं माना जा सकता कि यह 'गुस्सा' क्षणिक, स्वःस्फूर्त था।

काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे ज्ञानवापी मस्जिद पर स्टे खत्म, 9 जनवरी से सुनवाई शुरू: रिपोर्ट्स

1991 के प्लेसेज़ ऑफ़ वर्शिप एक्ट के हिसाब से भी इस स्थल का 15 अगस्त, 1947 को मूल स्वरूप हिन्दू मंदिर ही था। इस धार्मिक स्वरूप की तस्दीक करने और ऐतिहासिक परिस्थितियों के साक्ष्य इकट्ठा करने के लिए भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) से सर्वेक्षण कराया जाना जरूरी है।

CAB पर जुमे की नमाज के बाद कई जगह पत्थरबाज़ी, आगजनी और हिंसा की खबरें

मुर्शिदाबाद बांग्लादेश से सटा एक जिला है। जहाँ आज जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन उग्र हो गया। साथ ही पश्चिम बंगाल से पुलिस बल पर पत्थरबाजी और आगजनी की खबर भी आ रही है। प्रदर्शनकारियों ने कई जगह टायर जलाकर सड़क जाम किया तो कई जगह सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुँचाया।

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