दिल्ली के रानी झाँसी रोड पर रविवार (दिसंबर 8, 2019) सुबह अनाज मंडी में भीषण आग लग गई। ताजा जानकारी के अनुसार आग में झुलसने से 43 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली पुलिस ने इसकी जानकारी दी है।
"मरने से पहले मेरी बेटी ने बताया कि 2 महीने से उसके साथ बार-बार सामूहिक बलात्कार हो रहा था। मेरी बेटी को छोड़ने के लिए आरोपित ने 50000 रुपए की माँग की थी, लेकिन हम केवल 17000 रुपए ही दे पाए। गुस्से में उसने मेरी बेटी को जला कर मार डाला।"
हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप और हत्या के चारों आरोपित शुक्रवार को पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। इस मामले में शादनगर के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) ने शिकायत दर्ज की है। शादनगर पुलिस स्टेशन में भी कंप्लेन दर्ज की गई है.....
"रिव्यू पिटिशन पर जो भी फ़ैसला होगा, वो चाहे हमारे हक़ में आए या न आए, हमको वो फ़ैसला भी क़बूल है। लेकिन, यह भी एक हक़ीक़त है कि क़यामत तक बाबरी मस्जिद जहाँ थी, वहीं रहेगी। चाहे वहाँ पर कुछ भी बन जाए। वो मस्जिद थी, मस्जिद है... मस्जिद ही रहेगी।"
यूपी में कॉन्ग्रेसी भी योगी सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर निकल गए। लेकिन उत्तर प्रदेश विधानसभा के बाहर कॉन्ग्रेस के झंडे लेकर पहुँचे कार्यकर्ताओं ने तब भागना शुरू कर दिया, जब यूपी पुलिस ने लाठियों से उन्हें जम कर पीटा। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हो गया।
के विजय कुमार को बहुचर्चित चन्दन तस्कर वीरप्पन को मार गिराने के लिए जाना जाता है। उन्होंने तमिलनाडु पुलिस की उस स्पेशल टास्क फ़ोर्स का नेतृत्व किया था, जिसने दशकों तक कई राज्यों की पुलिस को छकाने वाले वीरप्पन को 2004 में मार गिराया था।
23 वर्षीय पीड़िता के साथ ये घटना तब हुई, जब वह रायबरेली कोर्ट में सुनवाई के लिए जा रही थीं। पीड़िता ने मरने से कुछ देर पहले अपने भाई से कहा था- "भैया, बचा लो! मैं मरणा नहीं चाहती। जिन्होंने मेरे साथ ग़लत किया है, उन्हें मैं मौत की सज़ा पाते देखना चाहती हूँ।"
हैदराबाद एनकाउंटर को फ़र्ज़ी बताते हुए कोर्ट में पीआईएल दाखिल की गई। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि चारों आरोपितों के शवों के पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफ़ी कराई जाए। उन वीडियो फुटेज को कोर्ट में सब्मिट किया जाएगा। इसके बाद...
जब नागरिक ऐसे मामलों से उब जाते हैं तो फिर ऐसी मौतों का जश्न मनाते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में जब किसी की हत्या ही न्यायोचित थी, भले ही उस पर केस न चला हो, आम नागरिक के लिए यह एक छोटी-सी जीत है, जिस पर खुश होने का उन्हें हक है।