Thursday, January 28, 2021
Home राजनीति 'क़यामत तक बाबरी मस्जिद वहीं रहेगी, वो मस्जिद थी, मस्जिद है... मस्जिद ही रहेगी'...

‘क़यामत तक बाबरी मस्जिद वहीं रहेगी, वो मस्जिद थी, मस्जिद है… मस्जिद ही रहेगी’ – ओवैसी की SC को धमकी!

"मुस्लिमों के साथ कहाँ-कहाँ नाइंसाफ़ी नहीं हुई? पढ़ाई-लिखाई से लेकर नौकरियों और अधिकारों को लेकर भी नाइंसाफ़ी हुई है। मुस्लिमों की बस्तियों में स्कूल और बैंकों की जगह पुलिस स्टेशन बनाए जाते हैं। यह सब नाइंसाफ़ी है।"

हमेशा अपनी घृणास्पद टिप्पणियों के लिए विवादों में रहने वाले चंद्रागुट्टा के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष आज सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटिशन डाल रहा है, इसका मतबल यह है कि 70 बरस की नाइंसाफ़ी के बाद भी उन्हें इंसाफ़ पर यक़ीन है। लेकिन यह तो बहुत ही सभ्य वक्तव्य है… विवादित और जहरीला सुनने के लिए वीडियो को थोड़ी देर और सुनिए।

https://platform.twitter.com/widgets.js

अपने तल्ख़ अंदाज़ में ओवैसी ने कहा कि मुस्लिमों के साथ कहाँ-कहाँ नाइंसाफ़ी नहीं हुई। पढ़ाई-लिखाई से लेकर नौकरियों और अधिकारों को लेकर भी नाइंसाफ़ी हुई है। अपने क्षेत्र का हलावा देते हुए उन्होंने कहा कि वहाँ भी आधारभूत आवश्यकताओं को लेकर नाइंसाफ़ी होती है। इसके आगे उन्होंने कहा कि मुस्लिमों की बस्तियों में स्कूल और बैंक होने की जगह वहाँ पुलिस स्टेशन बनाए जाते हैं। यह सब नाइंसाफ़ी है।

ओवैसी ने कहा कि मुस्लिमों के साथ इतनी नाइंसाफियाँ होती हैं, बावजूद इसके हमें इंसाफ़ पर यक़ीन है। इसी यक़ीन को आधार बनाते हुए मुस्लिम पक्ष अयोध्या मामले पर आए फ़ैसले के ख़िलाफ़ रिव्यू पिटिशन दाखिल करने के लिए प्रेरित कर रहा है। लोगों को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा, “हमको इस मुल्क़ के दस्तूर पर भरोसा है, हमको इस मुल्क़ की अदालत पर भरोसा है। इसको ग़लत नज़र से न देखें। हमारे बुज़ुर्गों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फ़ैसला होगा उसे मानेंगे।”

सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर बात करते-करते उन्होंने रिव्यू पिटिशन के बारे में कहा… और यहीं पर उन्होंने जहर भी उगला। एक तरह से सुप्रीम कोर्ट को चुनौती भी दे डाली।

“रिव्यू पिटिशन पर जो भी फ़ैसला होगा, वो चाहे हमारे हक़ में आए या न आए, हमको वो फ़ैसला भी क़बूल है। लेकिन, यह भी एक हक़ीक़त है कि क़यामत तक बाबरी मस्जिद जहाँ थी, वहीं रहेगी। चाहे वहाँ पर कुछ भी बन जाए। वो मस्जिद थी, मस्जिद है… मस्जिद ही रहेगी।”

बता दें कि नवंबर के महीने में हैदराबाद की 16वीं अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत ने सैदाबाद पुलिस को जुलाई 2019 के दौरान करीमनगर में एक सार्वजनिक बैठक के दौरान घृणास्पद भाषण के लिए विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था।

शहर के एक वकील के करुणासागर ने 1 अगस्त को उक्त न्यायालय के समक्ष एक याचिका दायर की थी। इसमें आरोप लगाया गया कि चंद्रांगुट्टा के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने करीमनगर में एनएन गार्डन फंक्शन हॉल में 23 जुलाई को एक सार्वजनिक सभा ‘जलसा-ए-यादे फखर-ए-मिलात’ के दौरान जहरीले और नफरत फैलाने वाली भाषा का प्रयोग किया था।

एक जनसभा के दौरान विवादित बयान देते हुए उन्होंने कहा था, “हम 25 करोड़ हैं और तुम (हिन्दू) 100 करोड़ हो, 15 मिनट के लिए पुलिस हटा दो, देख लेंगे किसमें कितना दम है।” इसके आगे उन्होंने कहा था, ”लोग उन्हीं को डराते हैं जो आसानी से डरते हैं। वह (RSS) क्यों हम से घृणा करते हैं। क्योंकि वह हमारा सामना 15 मिनट भी नहीं कर सकते हैं।”

यह भी पढ़ें: ’15 मिनट में 100 करोड़ हिंदू को…’ ओवैसी ने उगला था जहर, कोर्ट का पुलिस को आदेश- दर्ज करो मामला

यह भी पढ़ें: अकबरुद्दीन ओवैसी, दर्द उठा है तो अलीगढ़ के हकीम के पास जाओ, ये 2019 है

यह भी पढ़ें: ‘ओवैसी मुस्लिमों के ठेकेदार नहीं, 20 करोड़ मुस्लिमों की तरफ से 5 एकड़ जमीन कैसे मना कर दिए?’

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जिस राम मंदिर झाँकी को किसान दंगाइयों ने तोड़ डाला, उसे प्रथम पुरस्कार: 17 राज्यों ने लिया था हिस्सा

17 राज्यों की झाँकियों ने 26 जनवरी को राजपथ की परेड में हिस्सा लिया था। इनमें से उत्तर प्रदेश की ओर से आए भव्य राम मंदिर के मॉडल को...

UP पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से हटाया ‘किसान’ प्रदर्शनकारियों को, लोग कह रहे – बिजली काट मार-मार कर भगाया

नेशनल हाईवे अथॉरिटी के निवेदन पर बागपत प्रशासन ने किसान प्रदर्शकारियों को विरोध स्थल से हटाते हुए धरनास्थल को शांतिपूर्ण तरीके से खाली करवा दिया है।

दीप सिद्धू और गैंगस्टर लक्खा पर FIR दर्ज, नाम उछलते ही गायब हुए पंजाबी अभिनेता सिद्धू

26 जनवरी को दिल्ली के लाल किले में हुई हिंसा के संबंध में पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू और गैंगस्टर लक्खा सिधाना के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

‘छात्र’ हैं, ‘महिलाएँ’ हैं, ‘अल्पसंख्यक’ हैं और अब ‘किसान’ हैं: लट्ठ नहीं बजे तो कल और भी आएँगे, हिंसा का नंगा नाच यूँ ही...

हिन्दू वोट भी दे, अपना कामधाम भी करे और अब सड़क पर आकर इन दंगाइयों से लड़े भी? अगर कल सख्त कार्रवाई हुई होती तो ये आज निकलने से पहले 100 बार सोचते।

कल तक क्रांति की बातें कर रहे किसान समर्थक दीप सिद्धू के वीडियो डिलीट कर रही है कॉन्ग्रेस, जानिए वजह

एक समय किसान विरोध प्रदर्शनों को 'क्रांति' बताने वाले दीप सिद्धू को लिबरल गिरोह, कॉन्ग्रेस और किसान नेता भी अब अपनाने से इंकार कर रहे हैं।

किसानों नेताओं ने हिंसा भड़काई, धार्मिक झंडे लहराए और विश्वासघात किया: दिल्ली पुलिस

गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान आन्दोलनकारियों के लाल किले पर उपद्रव के बाद दिल्ली पुलिस आज शाम 8 बजे प्रेस वार्ता कर रही है।

प्रचलित ख़बरें

लाइव TV में दिख गया सच तो NDTV ने यूट्यूब वीडियो में की एडिटिंग, दंगाइयों के कुकर्म पर रवीश की लीपा-पोती

हर जगह 'किसानों' की थू-थू हो रही, लेकिन NDTV के रवीश कुमार अब भी हिंसक तत्वों के कुकर्मों पर लीपा-पोती करके उसे ढकने की कोशिशों में लगे हैं।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

हिंदुओं को धमकी देने वाले के अब्बा, मोदी को 420 कहने वाले मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता: ‘लोकतंत्र की हत्या’ गैंग के मुँह पर 3...

पद्म पुरस्कारों में 3 नाम ऐसे हैं, जो ध्यान खींच रहे- मौलाना वहीदुद्दीन खान (पद्म विभूषण), तरुण गोगोई (पद्म भूषण) और कल्बे सादिक (पद्म भूषण)।

अब पूरे देश में ‘किसान’ करेंगे विरोध प्रदर्शन, हिंसा के लिए माँगी ‘माफी’… लेकिन अगला निशाना संसद को बताया

दिल्ली में हुई हिंसा पर किसान नेता 'गलती' मान रहे लेकिन बेशर्मी से बचाव भी कर रहे और पूरे देश में विरोध प्रदर्शन की बातें कर रहे।

26 जनवरी 1990: संविधान की रोशनी में डूब गया इस्लामिक आतंकवाद, भारत को जीतना ही था

19 जनवरी 1990 की भयावह घटनाएँ बस शुरुआत थी। अंतिम प्रहार 26 जनवरी को होना था, जो उस साल जुमे के दिन थी। 10 लाख लोग जुटते। आजादी के नारे लगते। गोलियॉं चलती। तिरंगा जलता और इस्लामिक झंडा लहराता। लेकिन...
- विज्ञापन -

 

जिस राम मंदिर झाँकी को किसान दंगाइयों ने तोड़ डाला, उसे प्रथम पुरस्कार: 17 राज्यों ने लिया था हिस्सा

17 राज्यों की झाँकियों ने 26 जनवरी को राजपथ की परेड में हिस्सा लिया था। इनमें से उत्तर प्रदेश की ओर से आए भव्य राम मंदिर के मॉडल को...

UP पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से हटाया ‘किसान’ प्रदर्शनकारियों को, लोग कह रहे – बिजली काट मार-मार कर भगाया

नेशनल हाईवे अथॉरिटी के निवेदन पर बागपत प्रशासन ने किसान प्रदर्शकारियों को विरोध स्थल से हटाते हुए धरनास्थल को शांतिपूर्ण तरीके से खाली करवा दिया है।

दीप सिद्धू और गैंगस्टर लक्खा पर FIR दर्ज, नाम उछलते ही गायब हुए पंजाबी अभिनेता सिद्धू

26 जनवरी को दिल्ली के लाल किले में हुई हिंसा के संबंध में पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू और गैंगस्टर लक्खा सिधाना के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

किसान नहीं बल्कि पुलिस हुई थी हिंसक: दिग्विजय सिंह ने दिल्ली पुलिस को ही ठहराया दंगों का दोषी

कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि दिल्ली में किसान उग्र नहीं हुए थे बल्कि दिल्ली पुलिस उग्र हुई थी।

‘छात्र’ हैं, ‘महिलाएँ’ हैं, ‘अल्पसंख्यक’ हैं और अब ‘किसान’ हैं: लट्ठ नहीं बजे तो कल और भी आएँगे, हिंसा का नंगा नाच यूँ ही...

हिन्दू वोट भी दे, अपना कामधाम भी करे और अब सड़क पर आकर इन दंगाइयों से लड़े भी? अगर कल सख्त कार्रवाई हुई होती तो ये आज निकलने से पहले 100 बार सोचते।

कल तक क्रांति की बातें कर रहे किसान समर्थक दीप सिद्धू के वीडियो डिलीट कर रही है कॉन्ग्रेस, जानिए वजह

एक समय किसान विरोध प्रदर्शनों को 'क्रांति' बताने वाले दीप सिद्धू को लिबरल गिरोह, कॉन्ग्रेस और किसान नेता भी अब अपनाने से इंकार कर रहे हैं।

ट्रैक्टर रैली में हिंसा के बाद ट्विटर ने किया 550 अकाउंट्स सस्पेंड, रखी जा रही है सबपर पैनी नजर

ट्विटर की ओर से कहा गया है कि इसने उन ट्वीट्स पर लेबल लगाए हैं जो मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करते हुए पाए गए। इन अकाउंट्स पर पैनी नजर रखी जा रही है।

वीडियो: खालिस्तान जिंदाबाद कहते हुए तिरंगा जलाया, किसानों के ‘आतंक’ से परेशान बीमार बुजुर्ग धरने पर बैठे

वीडियो में बुजुर्ग आदमी सड़क पर बैठे हैं और वहाँ से उठते हुए कहते हैं, "ये बोलते है आगे जाओगे तो मारूँगा। अरे क्या गुनाह किया है? हम यहाँ से निकले नहीं? हमारे रास्ते में आ गए।"

किसानों नेताओं ने हिंसा भड़काई, धार्मिक झंडे लहराए और विश्वासघात किया: दिल्ली पुलिस

गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान आन्दोलनकारियों के लाल किले पर उपद्रव के बाद दिल्ली पुलिस आज शाम 8 बजे प्रेस वार्ता कर रही है।

घायल पुलिसकर्मियों ने बयान किया हिंसा का आँखों देखा मंजर: लाल किला, ITO, नांगलोई समेत कई जगहों पर थी तैनाती

"कई हिंसक लोग अचानक लाल किला पहुँच गए। नशे में धुत किसान या वे जो भी थे, उन्होंने हम पर अचानक तलवार, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया।"

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
387,000SubscribersSubscribe