“बीजेपी-शिवसेना ने हमारे खिलाफ चुनाव लड़ा था, तो फिर कॉन्ग्रेस, एनसीपी और शिवसेना का गठबंधन कैसे हो सकता है। शिवसेना और भाजपा अलग हैं। हम और कॉन्ग्रेस अलग हैं, उनको उनका रास्ता तय करना है।”
राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उद्धव ने 24 नवंबर को अयोध्या जाने का ऐलान किया था। पिछले साल उन्होंने राम मंदिर के लिए 'चलो अयोध्या' आंदोलन की शुरुआत की थी। नारा दिया था- पहले मंदिर फिर सरकार।
शिवसेना हिन्दुत्व के एजेंडे से पीछे हटने को तैयार है फिर भी सोनिया दुविधा में हैं। शिवसेना को समर्थन पर कॉन्ग्रेस के भीतर भी मतभेद है। ऐसे में एनसीपी सुप्रीमो के साथ उनकी आज की बैठक निर्णायक साबित हो सकती है।
जब पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बाल ठाकरे की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दने पहुँचे तो शिवसेना कार्यकर्ताओं ने फडणवीस के सामने 'सरकार किसकी, शिवसेना की' जैसे नारे लगाए। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने फडणवीस को हारा हुआ जनरल करार दिया।
महबूबा ने पूछा कि सिविल सर्विस की परीक्षा में शीर्ष स्थान पाने के बाद जिस शाह फैसल को राज्य का रोल मॉडल बताया गया था, आज उन्हें इस तरह अपमानित क्यों किया जा रहा है? उनके साथ दुर्वव्यवहार क्यों हो रहा है?
मैंने अमित भाई (भाजपा अध्यक्ष अमित शाह) से कहा कि अगर वह मध्यस्थता करते हैं तो एक रास्ता निकाला जा सकता है, जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि चिंता मत करो, सब ठीक हो जाएगा। भाजपा और शिवसेना मिलकर सरकार बनाएँगे।"
बोर्ड ने मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन लेने से इनकार किया है। कहा है कि इस्लमिक व्यवस्था में एक बार जहाँ मस्जिद बन गई, वहाँ मस्जिद ही रहती है। साथ ही रामलला को 'ज्यूरिस्टिक पर्सन' मानने पर भी सवाल उठाए हैं।
श्रीलंका में मुस्लिम संगठनों के आरोपों के बीच बौद्ध राष्ट्र्वादी गोटाभाया की जीत अहम है। इससे पता चलता है कि द्वीपीय देश अभी ईस्टर बम ब्लास्ट को भूला नहीं है और राइट विंग की तरफ़ उनका झुकाव पहले से काफ़ी ज्यादा बढ़ा है।
शी जिनपिंग का मानना है कि इस्लामिक कट्टरता के आगोश में आते ही व्यक्ति होश खो बैठता है। चाहे वह स्त्री हो या पुरुष। ऐसे लोग पलक झपकते किसी की हत्या कर सकते हैं। शी के अनुसार विकास इस समस्या का समाधान नहीं है।
जिसकी परवरिश एक तय तरीके से हुई है, वो अचानक से उस संकाय में प्रोफेसर बना दिया जाए जो पूरे विश्व में हिन्दू धर्म और आस्था पर उठते सवालों या शंकाओं का निवारण करता है? आप मुझे एक उदाहरण दिखा दीजिए कि किसी इस्लामी संस्थान में हिन्दू प्रोफेसर शरीयत पढ़ाकर मौलवी तैयार कर रहा हो!